दक्ष मंदिर में पूजा अर्चना के बाद स्वामी अवधेशानंद गिरी का आशीर्वाद लेने पहुंचे सीएम

अपने हरिद्वार भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्वार पहुंचकर महन्त रविन्द्र पुरी एवं दक्षिण काली पीठ के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द ब्रह्मचारी से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात् हरिद्वार स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट की।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने कनखल स्थित दक्ष मंदिर में पूजा अर्चना की तथा कनखल में हरिहर आश्रम पहुंचकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज तथा जगतगुरु आश्रम में जगतगुरू शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद से भी आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके उपरांत शान्तिकुंज पहुंचकर डॉ. प्रणव पण्डया से भेंटवार्ता कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी उपस्थित थे।

सीएम ने मां गंगा की पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरकी पैड़ी हरिद्वार में मां गंगा की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर संत महात्माओं को सम्मानित कर उनका भी आर्शीवाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गंगा हमारी जीवन दायिनी है, हमारी आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास का भी प्रतीक है। गंगा हमारे जीवन का आधार भी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सबके सामुहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास में सफल होंगे। समाज के अन्तिम पक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिये हम सतत प्रयत्नशील रहेंगे।

मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के पश्चात् मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहली बार हरिद्वार पधारे। हरकी पैड़ी पर गंगा पूजा से पूर्व मुख्यमंत्री का भानियावाला, छिद्दरवाला, रायवाला, हरिपुरकला, भोपतवाला में बड़ी संख्या में आम जनता एवं पार्टी कार्यकर्ताओ द्वारा भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे जन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिये निरन्तर प्रयासरत रहेंगे। छिद्दरवाला में मुख्यमंत्री का स्वागत क्षेत्रीय जनता एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा भी किया गया।

हर की पैड़ी में गंगा पूजन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्य, स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक प्रणव सिंह चैम्पियन, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, स्वामी चिदानंद मुनि, गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा के साथ सभी अखाड़ों के संत महात्मा उपस्थित थे।

राजकीय मेला चिकित्सालय तथा दूधाधारी बाबा बर्फानी (कोविड चिकित्सालयों) का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय मेला चिकित्सालय तथा दूधाधारी बाबा बर्फानी कोविड हॉस्पिटलों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने करीब 970.74 लाख रूपये लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण भी किया।

कोविड अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीपीई किट पहनकर कोविड मरीजों से मिले तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने पूरे मेडिकल स्टाफ के कार्य करने की शैली की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कोविड की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महामारी के खिलाफ लड़ाई में जनमानस के बचाव के लिए संकल्पित है। उन्होंने अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कोविड के खिलाफ लड़ाई को मिलकर जीतना होगा। सभी को गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा और टीकाकरण पर भी फोकस करना होगा।

कोविड अस्पतालों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 970.74 लाख रूपये लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इसमें ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड हरिद्वार द्वारा ई0वी0एम0 और वी0वी0पैट गोदाम का निर्माण (लागत रूपये 394.56 लाख), जिला योजना के अंतर्गत विकासखण्ड रूड़की में कार्यालय भवन का निर्माण कार्य (लागत रूपये 90.14 लाख), ग्रामीण सड़के एवं ड्रेनेज विभाग के अन्तर्गत ग्राम नागल से अबुलहसनपुर तक सड़क निर्माण कार्य (रूपये 328.63 लाख), रमसा योजना के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज सिकन्दरपुर भैंसवाल में 03 कक्षा कक्ष, 01 बालक एवं 02 बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रूपये 69.39 लाख), रमसा योजना के अंतर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज शहीद एम0एस0 गैण्डीखाता में 02 कक्षा कक्ष, बालक शौचालय एवं 02 बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रूपये 50.76 लाख) तथा रमसा योजना के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज सलेमपुर में 02 कक्षा कक्ष का निर्माण (लागत रूपये 37.26 लाख) योजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आई0टी0सी0 की ग्रीन टैम्पिल योजना का भी शुभारम्भ किया।

लोकार्पण समारोह के पश्चात तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन के सभागार में एक समीक्षा बैठक ली, जिसमें जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने मुख्यमंत्री को हरिद्वार जनपद में कोविड-19 तथा आपदा के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं। के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 तथा आपदा के क्षेत्र में हरिद्वार जनपद द्वारा किये जा रहे कार्यों पर सन्तोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिक से अधिक टेस्टिंग करने, वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में अगर कहीं कोई भ्रम की स्थिति है तो, जागरूकता अभियान चलाकर, उसे दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर की बात कही जा रही है, जिसके लिये हमारी पूरी तैयारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू के बचाव के लिये सभी उपाय अभी से करने प्रारम्भ कर दें ताकि डेंगू को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कहीं कोई कमी नहीं है।

तीरथ सिंह रावत ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ आदि आपदाओं के लिये अभी से तैयारी करना प्रारम्भ कर दें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, विधायक खटीमा पुष्कर धामी, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, रानीपुर विधायक आदेश चैहान, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, विधायक झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा जयपाल सिंह चैहान, अमीलाल वाल्मीकि, अम्बरीश गर्ग, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर, एसएसपी हरिद्वार सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सीडीओ हरिद्वार सौरभ गहरवाल, सीएमओ हरिद्वार एसके झा आदि उपस्थित रहे।

हरिद्वार कोविड पोर्टल और प्री-पेड एंबुलेंस सर्विस को सीएम ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार पहुंचकर उत्तराखंड सरकार एवं पतंजलि योगपीठ के संयुक्त प्रयासों से संचालित हो रहे हैं 140 क्षमता के कोविड अस्पताल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अस्पताल में 140 ऑक्सीजन बेड, 10 इमरजेंसी बेड, 4 वेंटीलेटर की व्यवस्था है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कोविड पोर्टल और प्री-पेड एंबुलेंस सर्विस को भी हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। पतंजलि योगपीठ के सहयोग से संचालित होने वाले अस्पताल में स्टाफ, सफाई, ठहरने भोजन, दवाओं इत्यादि की व्यवस्था भी पतंजलि योगपीठ द्वारा की जाएगी।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में संचालित होने वाले इस कोविड अस्पताल का लाभ आस पास के जिलों के लोग भी ले सकेंगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में हम सबको कोविड-19 गाइडलाइन का अक्षररूश पालन करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोरोना से लडने के लिए कारगर कदम उठा रही है। प्रदेश में 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए निशुल्क कोरोना वैक्सीन की व्यवस्था की गई है, उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में 400 करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा।’

’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। आईडीपीएल ऋषिकेश में एवं सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 500- 500 बैड के 2 अस्थाई अस्पताल अगले कुछ दिनों में तैयार हो जाएंगे जिसके लिए हमने डीआरडीओ के लिए 40 करोड़ जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही हल्द्वानी सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में अगले कुछ दिनों में ऑक्सीजन टैंक स्थापित किया जा रहा है।हिमालयन इंस्टीट्यूट जॉली ग्रांट में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने हेतु भारत सरकार से आग्रह किया गया है, जिसका सकारात्मक जवाब मिला है उम्मीद है कि जल्द ये स्थापित हो जाएँगे।’

इस दौरान पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव ने कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चैहान, हरिद्वार मेयर अनीता शर्मा एवं पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण मौजूद रहे।

महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न


कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने वर्चुअली प्रेसवार्ता कर दी शाही स्नान को लेकर अपडेट

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपंन हो गया है। सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार।

सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा। सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे। वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में हो रहे कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं। लेकिन हमारी सरकार ने उस चुनौती का स्वीकार किया है और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपंन कराया जा रहा है। कहा कि मेले में संत समाज की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके स्वागत में कोई कमी नहीं है। किसी श्रद्धालू को भी कहीं परेशानी का सामना ना करना पड़े इसका अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय निर्धारित है। और श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में टीका उत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। और टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कहा कि टीकाकरण को लेकर अन्य प्रांतों की अपेक्षा हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने हृदय से आभार जताया।

हरिद्वारः नेपाल के राजा ने की हरिद्वार महाकुंभ में शिरकत

हरिद्वार महाकुंभ में नेपाल के राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह के आगमन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने राजा साहब को संदेश में कहा कि “देवभूमि उत्तराखंड और हरिद्वार कुंभ में आपका स्वागत है। आप साधु-संतों के सान्निध्य में गंगा स्नान कर कुंभ का पुण्य लाभ अर्जित करें।“

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने हरिद्वार जाकर राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह को मुख्यमंत्री की ओर से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राजा साहब ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाली समुदाय के लोगों को संदेश भी दिया।

सीएम ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्प अर्पित कर किया जवानों को नमन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों को नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कालेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से और बारह हजार वर्गफीट में नवनिर्मित भवन एच ब्लॉक (स्मार्ट क्लास रूम) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि संत पूरे समाज को दिशा देने का काम करते हैं। महाकुंभ में अखाड़ा परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आगामी स्नान पर्वों पर भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड से प्रभावित होने के दौरान भी मैं कुंभ के कार्यों की समीक्षा वर्चुअल रूप से लेता रहा। कोविड संक्रमण से स्वस्थ होते ही 06 अप्रैल को गंगा सभा और अखाड़ा परिषद की ओर सै आयोजित गंगा पूजन करके महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ों और साधु संतों की मांग पर आगामी कुंभ के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि साधु संतों के लिए कुंभ से बड़ा कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को शाही स्नान के दिन गंगा तट पर आने और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के लिए साधुवाद दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने धन्यवाद ज्ञापित कर उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद दिया।

महंत रविंद्र पुरी महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महंत लखन गिरि, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आनंद पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ, रूद्राक्ष की माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। संतों ने उनके सुखमय जीवन एवं दीर्घायु की कामना की।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, कालेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, मुख्य छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरस्वती पाठक आदि मौजूद थे।

पुलिस सर्विलांस के कंट्रोल सेंटर को अल्प समय में बनाना सराहनीयः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) में आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के आदर्श बैरक, कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत निर्मित पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का लोकार्पण किया।

मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को अल्प समय में ही जो आधुनिक रूप दिया है, वह सराहनीय है। इसके लिये उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कण्ट्रोल रूम समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसका डिजीटलीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किया गया है। पुलिस स्मार्ट, आधुनिक तथा संवेदनशील होनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के 70 बेड वाले आदर्श बैरक में दी गयी सुविधाओं और व्यवस्थाओं, साफ-सफाई आदि की प्रशंसा करते हुये कहा कि अच्छा वातावरण व अच्छी सुविधायें मिलने से जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण पर कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुये महाकुम्भ को सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे प्रयास करने हैं कि उत्तराखण्ड की पुलिस का नाम देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में गर्व के साथ लिया जायेगा, क्योंकि महाकुम्भ में पूरे विश्व से श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कोविड के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट बनाया है। यह कण्ट्रोल रूम इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम महाकुम्भ में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि स्थानीय लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने देवभूमि रक्षक पत्रिका, दो प्रमुख गीतों-’’ये व्योम कुम्भ, धर्म ध्वजा का एवं गायक कैलाश खेर द्वारा गाया गया ’’ये धर्म कुम्भ, ये कर्म कुम्भ …. ये मानवता का कुम्भ तथा कौन सा स्नान घाट आपके नजदीक है आदि की जानकारी देने वाले एप का विमोचन किया। मेलाधिकारी दीपक रावत ने इस एप के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सहित मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कुंभ में अखाड़ों, महामंडलेश्वर, संत समाज के लिए अगले कुंभ में अभी से होगी भूमि चिन्हित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। उन्होंने साधु संतो का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ उपासना का केंद्र एवं भावना का विषय है। हरिद्वार कुंभ दिव्य, भव्य और सुंदर हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए गए हैं। कुंभ में आने वाले संत समाज, अखाड़ों एवं श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के लिए स्नान पर्वों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ में कोविड गाइडलाइन का भी पूरा पालन हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।