राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए संकल्पबद्धः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूपतवाला हरिद्वार में नकलंक धाम के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया एवं श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह धाम सेवा के धाम से जाना जाएगा। उन्होंने प्रदेश वासियों एवं कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न राज्यों से आये लोगों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामनवमी के मौके पर श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो रहा है, यह शुभ संयोग और सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कथा सुनने का अवसर सौभाग्यशाली लोगों को ही मिलता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। मई में उत्तराखण्ड में चार धाम यात्रा शुरू होगी। चारधाम यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। राज्य सरकार सुरक्षित चार धाम यात्रा को लेकर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि चार धाम यात्रा में आने वाले हर एक यात्री को बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके, इसके लिए उच्च स्तरीय बैठक की जा चुकी है। देवभूमि उत्तराखंड “अतिथि देवो भवः”के ध्येय वाक्य को अपनाकर सुरक्षित चार धाम यात्रा के लिए तैयार है, इसके लिए सभी व्यवस्था कर दी गई है।

कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इस दौरान पूर्व केबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, नकलंक धाम के संस्थापक स्वामी राजेंद्र दास, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे, एसएसपी डॉ योगेंद्र रावत, संतगण एवं श्रद्धालु मौजूद थे।

दो समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने पर पुलिस ने लाठियां फटकार भीड़ खदेड़ी

आज कार और स्कूटी की मामूली टक्कर होने से हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई। मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई और मौके पर जमा भीड़ को लाठियां फटकार कर खदेड़ा।

जानकारी के मुताबिक, ज्वालापुर में मोहल्ला चौहनान में आज दोपहर मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना आरिफ स्कूटी पर सवार होकर मुख्य सड़क की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला चौहनान में रहने वाला युवक वासु चौहान अपनी कार निकाल रहा था। तभी कार-स्कूटी की हल्की सी टक्कर हो गई। मौलाना आरिफ ने इसका विरोध किया तो युवक से उनकी कहासुनी हो गई। इधर, एक राहगीर ने मौलाना के साथ कहासुनी कर रहे युवक को समझाना बुझाना चाहा।
आरोप है कि युवक ने राहगीर के थप्पड़ जड़ दिए। उस वक्त मौलाना आरिफ एवं राहगीर चले गए। मौलाना के साथ हुए विवाद की सूचना मिलने पर आस पास के मोहल्लों के लोग एकत्र होकर मुख्य सड़क पर उतर आए। इधर, दूसरे पक्ष के लोग भी एकत्र हो गए। दो समुदाय के उलझने की सूचना मिलने पर कोतवाली ज्वालापुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई।

मामला शांत न होने पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए लाठियां फटकार कर उन्हें दूर खदेड़ दिया। जानकारी मिलने पर आला अफसर भी सक्रिय हो गए। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच सुलह के प्रयास कराते हुए युवक ने मौलाना से मोबाइल फोन पर खेद प्रकट किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
नगर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। युवक के खेद प्रकट करने पर विवाद खत्म हो गया है।

रेल की चपेट में आकर 35 वर्षीय युवक की मौत


रायवाला थाना अंतर्गत हरिपुरकलां में एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया। जिसे पुलिस ने निजी वाहन से हरिद्वार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक बुधवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक हरिपुरकलां में ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत हरिद्वार स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया । जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया मृतक की पहचान महेश शाह 35 पुत्र भगवान सिंह निवासी वार्ड न. 5 नजदीक लक्ष्मी विहार कॉलोनी, बहादराबाद, हरिद्वार के रूप में हुई है। मामले की सूचना परिजनों को दे दी है। साथ ही शव का पीएम कराया जा रहा है। उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जायेगा। मामले की जांच की जा रही है।

मदन कौशिक के नामांकन में पहुंचे सीएम धामी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, भाजपा विधायक सुरेश राठौर और भाजपा विधायक आदेश चौहान मौजूद रहे।

पिछली बार से भी अधिक सीटें आने वाली हैं-मुख्यमंत्री धामी
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम अपनी जीत के प्रति पूर्ण आश्वस्त हैं। हरिद्वार में हमारी पिछली बार से भी अधिक सीटें आने वाली हैं। नामांकन से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हर की पैड़ी पर पूजन भी किया। आगामी विधानसभा चुनावों के तहत उत्तराखंड में 28 जनवरी तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। वहीं नई टिहरी में धनौल्टी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह पंवार और प्रतापनगर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह पंवार उर्फ गुड्डू भाई ने नामांकन पत्र जमा किया। रुद्रप्रयाग में भाजपा प्रत्याशी भरत सिंह चौधरी ने भी मंगलवार को नामांकन भरा। यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी केदार सिंह रावत ने भी नामांकन कराया।

मकर संक्रांति पर्व पर हरकीपौड़ी हुई सील

मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुवार रात से हर की पौड़ी को सील कर दिया गया। जिस कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को हर की पौड़ी में न जा सके। रात को हर की पौड़ी जाने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेडिंग लगा दी गई थी। हर की पौड़ी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हर की की पौड़ी व साथ लगते घाटों पर स्थानीय लोग भी स्नान नहीं कर सकेंगे।
गुरुवार को जिले की सीमाओं में चिड़ियापुर, लाहड़पुर, नारसन, गोकलपुर व वीरपुर के रास्ते हरिद्वार स्नान को आ रहे श्रद्धालुओं को वापिस भेज दिया गया। सीमा पर पुलिस बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों में सवार यात्रियों को आने का कारण पूछ रहे थे। जिन लोगों ने स्नान की बात कही उन्हें सीमा से ही लौटा दिया गया। हालांकि मकर संक्रांति की पूर्व संध्या में हर की पौड़ी पर गंगा आरती में हजारों लोग शामिल हुए।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन
जगजीतपुर फूटबॉल ग्राउंड के निकट स्थित श्री बालाजी धाम, श्री सिद्धबलि हनुमान मंदिर एवं श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महंत दिगंबर आलोक गिरी के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। महंत आलोक गिरी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है। मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्याेदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है।

सीएम ने किया कैलाशानन्द महाराज के प्रथम सन्यास दीक्षा समारोह में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जगद्गुरू आश्रम कनखल में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द महाराज के प्रथम सन्यास दीक्षा समारोह में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द महाराज के दीक्षा समारोह की वजह से आज मुझे सभी पूज्य सन्तों का एक साथ आशीर्वाद मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिये पूज्य सन्तों का आशीर्वाद बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिनु हरि कृपा मिलहि न सन्ता….। सत्संग का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि सत्संग का मनुष्य के जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है, जिस तरह का सत्संग होगा, उसी तरह का मनुष्य का आचार-व्यवहार होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि संस्कृति की बात हो या अन्य, हर क्षेत्र में पताका फहराने का काम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है।
समारोह को जगद्गुरू शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज, स्वामी महामण्डलेश्वर कैलाशानन्द महाराज, स्वामी हरिचेतनानन्द, स्वामी चिदानन्द मुनि, आचार्य बाल कृष्ण, युग पुरूष परमानन्द महाराज, महन्त प्रेम गिरि महाराज, पूज्य हरिगिरि महाराज, महन्त विज्ञानानन्द महाराज, पदम, सतपाल ब्रह्मचारी महाराज, देवानन्द सरस्वती महाराज, तन्मय वशिष्ठ, महामंत्री श्रीगंगा सभा, राजीव शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष आदि ने सम्बोधित किया।
मंच का संचालन आखाड़ा परिषद व मंसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रविन्द्रपुरी जी महाराज ने किया।
जगद्गुरू आश्रम कनखल पहुंचने पर मुख्यमंत्री का शाल ओढ़ाकर, विशाल माला, पुष्पगुच्छ तथा प्रतीक चिह्न भेंटकर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, ललितानन्द महाराज, कमलदास महाराज, महेश पुरी महाराज, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, महामंत्री विकास तिवारी, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
जगद्गुरू आश्रम कनखल के पश्चात मुख्यमंत्री ने जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज से हरिहर आश्रम पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी बबीता फोगाट भी उपस्थित रहीं।

शिवराज और धामी ने मिल पुराने दिनों को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधा भेंट किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे का रोपण भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डया, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे।

पतंजलि के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति, छात्रों को दी उपाधि

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रथम दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, संकाय अध्यक्षा डॉ. साध्वी देवप्रिया उपस्थित थे।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि आधुनिक विज्ञान के साथ हमारी परंपरा की प्रासंगिक ज्ञान-राशि को जोड़ते हुए भारत को नॉलेज सुपर पावर बनाने का जो लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने निर्धारित किया है उस मार्ग पर पतंजलि विश्वविद्यालय अग्रसर है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार की पावन धरती पर रहने का और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना बड़े सौभाग्य की बात है। पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव जी ने योग की लोकप्रियता को बढ़ाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारत सरकार के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2015 में प्रतिवर्ष 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। ऐसे प्रयासों के परिणामस्वरूप सन 2016 में ‘योग’ को यूनेस्को द्वारा‘विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की सूची में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति ने क्यूबा का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को विश्व के हर क्षेत्र और विचारधारा के लोगों ने अपनाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं उनसे भारतीय ज्ञान-विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद तथा योग को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में विश्व-पटल पर गौरवशाली स्थान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि पतंजलि समूह के संस्थानों में भारतीयता पर आधारित उद्यमों और उद्यम पर आधारित भारतीयता का विकास हो रहा है।
राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आलस्य और प्रमाद को त्याग कर आप सब योग-परंपरा में उल्लिखित ‘अन्नमय कोष’, ‘मनोमय कोश’ और‘प्राणमय कोश’ की शुचिता हेतु सचेत रहेंगे। और ‘विज्ञानमय कोश’ और ‘आनंदमय कोश’ तक की आंतरिक यात्रा पूरी करने की महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ेंगे। करुणा और सेवा के आदर्शों को आप अपने आचरण में ढाल कर समाज सेवा करते रहेंगे। करुणा और सेवा के अद्भुत उदाहरण हमारे देशवासियों ने कोरोना का सामना करने के दौरान प्रस्तुत किए हैं। आज हम गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि हमारा देश विश्व के उन थोड़े से देशों में से है जिन्होंने न सिर्फ कोरोना के मरीजों की प्रभावी देखभाल की है अपितु इस बीमारी से बचाव हेतु वैक्सीन का भी उत्पादन किया है। हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। सृष्टि के साथ सामंजस्यपूर्ण जुड़ाव ही आयुर्वेद एवं योग-शास्त्र का लक्ष्य है। इस सामंजस्य के लिए यह भी आवश्यक है कि हम सभी प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को अपनाएं तथा प्राकृतिक नियमों का उल्लंघन न करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब हम आज़ादी का अमृत महोत्सव बना रहे हैं, तब हमें अपने ऐसे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को और भी अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए जो हमारी संस्कृति को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य है कि पतंजलि विश्वविद्यालय में छात्रों की अपेक्षा बेटियों की संख्या अधिक है। यह प्रसन्नता की बात है कि परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा का विस्तार करने में हमारी बेटियां अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी छात्राओं में से आधुनिक युग की गार्गी,मैत्रेयी, अपाला, रोमशा और लोपामुद्रा निकलेंगी जो भारतीय मनीषा और समाज की श्रेष्ठता को विश्व पटल पर स्थापित करेंगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने कहा कि आज हम सभी देवभूमि वासियों के लिये सौभाग्य और प्रसन्नता का क्षण है। महामहिम राष्ट्रपति जी की उपस्थिति से आज यह विद्या और ज्ञान का मन्दिर पंतजलि विश्वविद्यालय तथा हमारा पूरा उत्तराखण्ड परिवार गरिमामय हो गया है। देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती, यहां के सुन्दर पर्वत, नदियां और सभी लोग महामहिम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग एवं आयुर्वेद को दुनियाभर में एक नई पहचान दी है। वे बधाई के पात्र है। स्वामी रामदेव जी ने आयुर्वेद व योग का महत्व पूरी दुनिया को बताया। वे योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से हेल्थ सेक्टर में क्रांति लाए हैं। भविष्य में विश्व के 7 बिलियन लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने इसे जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया है। आज बच्चे, बुजुर्गाे सहित सभी लोगों में योग लोकप्रिय हो चुका है। प्राणायाम और योगासनों की शक्तियों को पूरा विश्व पहचान चुका है। राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद तथा योग ने भारत को कोविड काल की चुनौतियों के लिये भी तैयार किया। जहां पूरा विश्व कोविड के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा। योग एवं आयुर्वेद के कारण भारत ने इस चुनौती का सामना बेहतर ढंग से किया। राज्यपाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज इस दीक्षांत समारोह में डिग्रीयां लेने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। आप अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव कल्याण के लिये करेंगे। आशा है कि हमारे यह स्वास्थ्य योद्धा आने वाली चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ शिक्षा की समाप्ति नही है। शिक्षा तो जीवनभर निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। आज पूरा विश्व असीमित संभावनाओं और अवसरो से युक्त है। युवा पीढ़ी से अपेक्षाएं है कि आउट ऑफ द बाक्स थिकिंग और अपनी नई कल्पनाओं के साथ प्रत्येक क्षेत्र में असीमित परिणाम देंगे। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि आज बड़ी संख्या में युवा संस्कृत भाषा, योग, आयुर्वेद, नैचुरोपेथी तथा प्राचीन भारतीय विधाओं को पढ़ना और सीखना चाहते हैं। ऐसे युवा यदि इन्फोर्ममेशन टेक्नॉलॉजीए डिजिटिजेशन, सोशल मीडिया एवं मास मीडिया में भी विशेषज्ञता प्राप्त कर लेते हैं तो यह हमारी प्राचीन विधाओं को नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगा। युवाओं के द्वारा सोशल मीडिया तथा मास मीडिया का सदुपयोग इन समृद्ध विधाओ के प्रचार प्रसार किया जा सकता है। मेरा मानना है कि योग और आयुर्वेद के विद्यार्थी हमारी सभ्यता, संस्कृति के ब्राण्ड अम्बेसडर भी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी सरल, सहज एव शाश्वत तथा सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। हमे जन-जन तक इस बात को पहुंचाना है। योग और आयुर्वेद को विश्व की एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करना है। यह महान उत्तरदायित्व भी आपके ऊपर ही है। राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समक्ष सतत विकास के साथ ही संतुलित विकास की भी चुनौती है। विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि यदि आपकी शिक्षा, प्रतिभा और विजन का लाभ हमारे देश के पिछडे़ क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों, समाज के वंचित और निर्धन तबकों को मिले तो यह आपके जीवन को एक नया अर्थ देगा। विशेषकर उत्तराखण्ड के संदर्भ में यहां की शिक्षित युवाओं को स्थानीय उत्पादों, शिल्पों, संस्कृति और सोच विचार पर आधारित उद्यमों के लिये कार्य करना चाहिये। निश्चित ही आप राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का नया अध्याय लिखेंगे। राज्यपाल ने कहा कि आशा है कि भविष्य में आप अपने सेवा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, मानवीयता, विश्व कल्याण और सेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे। आप सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की सोच के साथ कार्य करेंगे। आप प्रोफेशनल एथिक्स के साथ ही अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट से उत्कृष्ट प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का देवभूमि और गंगा नगरी में आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि हमारे महामहिम राष्ट्रपति जी का जीवन एक प्रेरणा पुंज के समान है। ये हमें बताता है कि व्यक्ति में यदि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, साहस और इच्छाशक्ति हो तो वो बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जहां एकत्रित हुए हैं ये वो स्थान है जिसने दुनिया भर योग के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम और एक नया विस्तार दिया है। जिस प्रकार महर्षि दधीचि के तप का उपयोग कर वज्र का निर्माण हुआ उसी प्रकार स्वामी रामदेव अपने संघर्ष और तप से योग, प्रणायाम, अध्यात्म और स्वदेशी चिंतन की पताका को पूरे विश्व में फहरा रहे हैं। साथ ही इस अवसर पर मैं आभार प्रकट करना चाहुंगा आचार्य बालकृष्ण का भी जो कि अपने प्रबंधन कौशल तथा आयुर्वेद के ज्ञान से इस भारतीय चिकित्सा पद्धति और योग क्रांति को पूरे विश्व में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग भारतीय संस्कृति के ध्वजारोहक के रूप दुनिया भर में इस सत्य को पुर्नःस्थापित कर चुका है कि भारतीय परम्पराएं, भारतीय दर्शन और हमारे ऋषि मुनियों द्वारा अपनाई और तय की गई जीवन पद्धति कितनी वैज्ञानिक और हितकारी थी। योग केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और भावनात्मक विकारों को भी दूर करता है। यूं तो योग सदियों से विश्व में अपना डंका बजा रहा है लेकिन जो ख्याति प्रधानमंत्री के प्रयासों से इसने हासिल की है वो अभूतपूर्व है। ये आदरणीय मोदी की ही पहल थी कि 21 जून 2015 को दुनिया में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यशश्वी प्रधानमंत्री का कथन है कि हमें खुद भी योग का संकल्प लेना है और दूसरों को भी इस संकल्प से जोड़ना है। “योग से सहयोग“ तक का मंत्र हमें भविष्य का नया मार्ग दिखाएगा और मानवता को सशक्त करेगा। उत्तराखंड में हम लगातार उनके इस मंत्र पर चलने और इसे सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पथ प्रदर्शक दीनदयाल उपाध्याय जी ने जो ’अंत्योदय’ का जो मन्त्र हमें दिया है लगातार उसको अपना कर हम अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दिशा में हमें सफलता भी मिली है और हमारी ये यात्रा निरंतर जारी है। उत्तराखंड उन सपनों को साकार करने की राह पर आगे बढ़ रहा है जो सपने इसके निर्माण के दौरान देखे गए थे। एक सैनिक पुत्र होने के नाते, मैं उत्तराखंड के सैनिक परिवारों की अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए भी प्रयत्नशील हूँ। हम निरंतर उन कामों को कर रहे हैं जिनका सीधा सरोकार जनता से है, उनकी भलाई से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि वर्ष 2025 में जब हम राज्य स्थापना के 25 वर्ष का जश्न मना रहे होंगे तब तक हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में नंबर वन बना लेंगे। प्रधानमंत्री ने भी कहा है और मैं भी उनके ही कथन को दोहरा रहा हूं कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इस दशक में हम आप सभी के सहयोग से नई बुलंदियों को छुएंगे। प्रदेश की जनता ने हमेशा हम पर विश्वास जताया है और मुझे पूरी आशा है कि उनका ये विश्वास हम पर आगे भी यूं बना रहेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, मेयर रूड़की गौरव गोयल, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

केजरीवाल के हरिद्वार दौरे से गर्मायी राजनीति, ऑटो चालको को लुभा गये दिल्ली सीएम

आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले बीस साल में भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से शासन किया। उत्तराखंड में दोनों दलों में सहमति बनी है कि राज करो और लूटो। लेकिन अब यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि एक बार आम आदमी पार्टी को मौका देकर देखो। सबको भूल जाओगे। 
धर्मनगरी में रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रोड शो किया। दोपहर में करीब ढाई बजे पुराना रानीपुर मोड़ (परशुराम चौक) से शुरू हुआ रोड शो गोविंदपुरी, चंद्राचार्य चौक, प्रेमनगर आश्रम, खन्नानगर होते हुए शंकर आश्रम तिराहे पर तीन बजकर बीस मिनट पर संपन्न हुआ। 
रोड शो के समापन पर जनता को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा भाजपा व कांग्रेस दोनों में आपसी सहमति है कि एक बार तुम राज करो, एक बार हम राज करेंगे। दोनों में सहमति है तुम लुटो, हम लूटेंगे। जब तुम्हारी बारी आए तो हमको बचा लेना। जब हमारी बारी आएगी तो तुमको बचा लेंगे। अब यह खेल खत्म करना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को एक बार मौका दिया था बस एक बार। पार्टी ने पिछले सात साल में ऐसा जबरदस्त काम किया है कि सभी पार्टियां हवा हो गई। अब दिल्ली के अंदर कोई भी व्यक्ति किसी अन्य पार्टी की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज अकेली आप है जो कहती है कि हम स्कूल बनाएंगे। कोई और पार्टी कहती है कि वह स्कूल बनवाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको कह रहा हूं कि मैंने दिल्ली में स्कूल बनवाए। हमको वोट दो। हम तुम्हारे बच्चों के लिए स्कूल बनवाएंगे।
हम तुम्हारे बच्चों को नौकरी देंगे। दिल्ली में करके दिखाया है। हवा में बात नहीं कर रहे हैं। अब देवभूमि में भी करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह का प्यार मिला। उसे देखकर मुझे पूरी उम्मीद है कि देवभूमि की जनता बदलाव चाहती है। केजरीवाल ने कहा कि हमने दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर कर दी हैं। मोहल्ला क्लीनिक बनवा दिए। देवभूमि में एक मौका दो। यहां भी शानदार अस्पताल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार आप सब लोग मिलकर कर्नल अजय कोठियाल को देवभूमि का सीएम बना दो। कर्नल कोठियाल ने केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य किया था। अब हम सबको मिलकर देवभूमि का नवनिर्माण करना है। 

भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग तेज

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने हमेशा ही देश विरोधी तत्वों के सुर में सुर मिलाने और तुष्टीकरण की राजनीति की है और अब चुनाव से ठीक पहले वह उत्तराखंड में जिस तरह घोषणाएं कर रहे हैं उसका उनको कोई लाभ नहीं होने वाला है, क्योंकि वह विश्वास खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज आध्यात्मिक तीर्थ की बात करने वाले केजरीवाल हमेशा राम मंदिर के विरोधियों के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अचानक उनका सनातन में आस्था और भक्ति में विश्वास का जाग्रित होना चुनावी महत्वाकांक्षा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सैन्य बहुल उतराखंड के लोग उनके सर्जिकलस्ट्राइक में सुबूत मांगने और देश द्रोहियो की पैरोकारी करने से भी व्यथित हैं।
कोरोना काल में भी वह उत्तराखंड के कोटे के ऑक्सीजन सिलेण्ड़र और जरुरी दवाओ के कोटे को भी कालाबाजारी के लिए डंप कर चुके हैं और अदालत को भी गुमराह कर चुके हैं। केजरीवाल के अस्पतालों को लेकर झूठे दावो की पोल कोरोना के समय खुल चुकी हैं। पराली को लेकर घोटाला भी सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि पहले केजरीवाल को दिल्ली की स्तिथी को व्यवस्थित करना चाहिए, क्योंकि दिल्ली बरसात में पानी का कटोरा बन जाता है और अब प्रदूषण के चलते वहां पर सांस लेना मुश्किल हो गया है। झूठी और झान्सा देने की राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती, क्योंकि केजरीवाल जनता का विश्वास खो चुके हैं। अस्तित्व की तलाश में वह अब लगातार घोषणाएं कर रहे हैं जिनका कोई अर्थ नहीं है और न ही लोगो को उन पर विश्वास है।