एचआरडीए के पीले पंजे ने की मंगलौर में अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

रूड़की हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने मंगलौर क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से हो रही अवैध प्लाटिंग को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया है। साथ ही भविष्य में निर्माण व विकास कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति न करने के लिये निर्देशित भी किया।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि मंगलौर में ईदगाह रोड पर कपूर हॉस्पिटल के पीछे रविंदर नामक व्यक्ति द्वारा करीब 15-16 बीघा के क्षेत्रफल में अनाधिकृत रूप से अवैध प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा था। इस संबंध में कई बार प्राधिकरण की ओर से अधिनियम की सुसंगत धाराओं में नोटिस जारी किया गया। साथ ही निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गये। मगर, आदेशों की अवहेलना कर रविन्द्र नामक व्यक्ति द्वारा स्थल पर विकास कार्य को नहीं रोका गया।

उपाध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को जेसीबी के माध्यम से उक्त अनाधिकृत प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया है। इस अवसर पर प्राधिकरण के अवर अभियंता सहित अन्य कार्मिक उपस्थित थे।

हरिद्वार में वोट डालने पहुंची 113 वर्षीय राम भजन माता

मतदान जागरूकता का अहम संदेश देते हुए हरिद्वार में 113 वर्षीय संन्यासिन राम भजन माता ने हरिद्वार नगर निगम चुनाव में उत्साह के साथ मत दिया।

खडखड़ी स्थित सनातन धर्म विद्यालय में बृहस्पतिवार को राम भजन माता अपने शिष्य स्वामी सत्यदेव के साथ मतदान करने व्हील चेयर में पहुंची।

राम भजन माता ने बताया की कई दशकों से वो लोक सभा, विधान सभा सहित निकाय चुनाव में मतदान करती आई है और आज भी संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग कर वे जिम्मेदार नागरिक का बोध करती है।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, मतदान कर्मियो के साथ मतदान देने आए लोगों ने राम भजन माता की इस उम्र के पड़ाव में वोट देने की जागरूकता और कर्त्तव्य बोध की भूरी भूरी प्रशंसा की।

वही उनके शिष्य स्वामी सत्यदेव ने बताया की राम भजन माता गंगा भजन आश्रम, कुंज गली, खडखडी ,हरिद्वार में निवास करती है।

स्वामी श्रद्धानंद के विचारों से प्रभावित होकर हजारों दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनायाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओल्ड गुरूकुल कांगड़ी में अमरहुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द महाराज के 99वे बलिदान दिवस पर आयोजित राष्ट्रभक्त महायज्ञ में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने देश की समता के लिए जो प्रयास और संघर्ष किया, वह स्मरण करने का दिन भी है। स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने 20वीं सदी के प्रारंभ में भारत में स्वतंत्रता और वैदिक शिक्षा का एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया था, जिसने कट्टरपंथियों की ओर अंग्रेजों की नींव हिलाने का काम किया था। स्वामी श्रद्धानन्द के विचारों से प्रभावित होकर, हजारों की संख्या में दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धानंद महाराज ने 1902 में हरिद्वार की पवित्र धरती पर गुरुकुल रूपी बीज रोपित किया था, जो आज एक विशाल वट वृक्ष बनकर पूरी दुनिया को वैदिक शिक्षा का प्रकाश एवं शिक्षा देने का काम कर रहा है। यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है बल्कि राष्ट्र निर्माण और वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार का भी एक मजबूत स्तंभ है। इस विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में जहां एक ओर गौतम, कपिल, कणाद, जैमिनी आदि ऋषियों के जीवन दर्शन का पूरा समावेश है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवाद की भावना का तत्व भी विद्यमान है। इसी विश्वविद्यालय से हजारों शिक्षार्थियों ने विश्व बंधुत्व का भाव लेकर शिक्षा धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कुटुंबकम की भावना से एक पृथ्वी-एक परिवार और एक भविष्य की अवधारणा को वैश्विक मंचों पर साकार कर रहा है। आज भारत की हर उस बात को जो दुनिया के हित में है, मानवता के हित में है, जो प्रधानमंत्री के द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है, उन्हें पूरी दुनिया अपना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में 100 से भी अधिक देशों को हमारी सरकार ने कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने का काम किया था। योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जाने, मानवता के एक सूत्र में पिरोने का कार्य प्रधानमंत्री ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में सनातन संस्कृति के उन्नयन, संरक्षण, संवर्धन के लिए लगातार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य हुए हैं। मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज़ की पढ़ाई प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। जिसमें अनेक प्रकार के शोध और अनुसंधान के कार्य होंगे। इस केंद्र में हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हुए विभिन्न विषयों पर शिक्षण और शोध के कार्य के साथ अन्य नवाचार के कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर सनातन संस्कृति के संवर्धन एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार प्रसार के माध्यम से भारत को फिर से पुनः विश्व गुरु बनाने में अवश्य सफल होंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कुलाधिपति सत्यपाल मलिक, विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रणव चौम्पियन, संजय गुप्ता, विवेक ऑबराय, योगानंद शास्त्री, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल उपस्थित थे।

गंगा कॉरिडोर को विकसित करने को जनप्रतिनिधियों के सुझावों को करेंगे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भेंट की। इस अवसर पर हरिद्वार ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को आगामी 25 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाने पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जन प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल किया जाएगा। अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं इसमें कॉरिडोर के क्षेत्र में आने वाले भवनों को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। सौंदर्यीकरण का कार्य बिना ध्वस्त किए किया जाएगा।पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा। गंगा कॉरिडोर के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश में ओपन स्पेस विकसित किया जाएगा। इससे स्नान पर्वों पर भीड़ का दबाव भी काम होगा।

सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जल्द जनता के सुपुर्द होगा हरिद्वार का 23 मार्च पार्क

आवास व शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शिव मूर्ति निकट केबल पुल के समीप बने 23 मार्च पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान एचआरडीए द्वारा निर्मित पार्क की डॉ अग्रवाल ने प्रशंसा की और कहा कि जल्द से जनता के सुपुर्द किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान एचआरडीए के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि करीब एक करोड़ 90 लाख की लागत से इस पार्क का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि पार्क में लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच, पथ प्रकाश, फाउंटेन, चलने के लिए पथ, पुष्प वाटिका लगाई गई है।

उन्होंने बताया कि 23 मार्च पार्क नाम के तहत देश के लिए प्राणों की आहूति देने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की प्रतिमा भी लगाई गई है। बताया कि करीब 15 बीघा में बने इस पार्क को लोगों के लिए निशुल्क रखा गया है।

डॉ अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान मुख्य हाइवे पर पार्क के नाम से श्राइन बोर्ड लगाने के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा पार्क को शहीदों के नाम से रखे जाने को कहा। उन्होंने कहा कि एचआरडीए द्वारा अक्सर नवाचार किया जाता है। यह पार्क भी एचआरडीए द्वारा बनाया गया है जो बहुत ही आकर्षक है, इसे जल्द ही जनता के सुपुर्द किया जाएगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष एचआरडीए आईएएस अंशुल, सचिव उत्तम सिंह चौहान, अधीक्षण अभियंता टीपी नौटियाल, पूर्व महापौर नगर निगम हरिद्वार मनोज गर्ग, ओमकार जैन आदि उपस्थित रहे।

अवैध रूप से की जा रही प्लांटिंग पर एचआरडीए का चला पीला पंजा

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत रूड़की में अनधिकृत रूप से बन रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि कई बार पूर्व में नोटिस की कार्रवाई पूर्ण करने के बावजूद अनधिकृत रूप से कॉलोनी में प्लाटिंग की जा रही थी। जिस पर आज प्राधिकरण ने संज्ञान लेकर अवैध प्लाटिंग पर जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि रूड़की में शनिदेव मंदिर के पीछे शेरपुर पर पहुंची टीम ने अवैध प्लाटिंग करने वालों को चेतावनी भी दी है। जिसमें पुनः इस तरह की अवैध कार्रवाई से बचने को कहा गया है। इस अवसर पर सहायक अभियंता व अवर अभियंता पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।

जनता मिलन कार्यक्रम में हरिद्वार के मंगलौर उदलहेड़ी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचा था किसान, सीएम ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को हरिद्वार के मंगलौर से आये किसान द्वारा खेतों में सिंचाई हेतु ट्यूबवेल के लिए बिजली का खंभा लगाने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने किसान की समस्या का तत्काल संज्ञान लिया। नतीजा आज के आज ही उसके खेत में विभाग ने बिजली का खंभा लगवा दिया।

सीएम धामी को उदलहेड़ी मंगलौर निवासी किसान संजय सिंह पुत्र बुद्ध सिंह ने भेंट कर अवगत कराया कि उदलहेड़ी मंगलौर बिजलीघर जिला हरिद्वार से उसने अपने खेत में ट्यूबवैल का सिंचाई हेतु पिछले चार महीने से कनेक्शन लिया हुआ है। उसने बताया कि पड़ोसी किसान जिसके खेत में बिजली की 11 हजार की लाईन है वो अपने खेत में बिजली हेतु खम्बा नही लगने दे रहे हैं। कहा कि बिजलीघर से जब भी कोई अधिकारी लाईनमैन को लेकर लाईन खींचने जाते हैं तो इनके विरोध के कारण वापस लौट जाते हैं जिससे पूरे सेक्टर में पानी न आने के कारण फसल सूखने की कगार पर पहुँच रही है।

संजय सिंह ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि उसके खेत में बिजली लाईन खिंचवा दी जाये जिससे दस से ज्यादा किसानों की फसल नष्ट होने से बच जाएगी।

किसान संजय सिंह की समस्या को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के निर्देशों के क्रम में ऊर्जा निगम की ओर से पुलिस व अन्य विभागों के सहयोग से मौके पर खम्बा लगवा दिया गया है।

प्राधिकरण की टीम ने किये रूड़की और भगवानपुर में स्वीकृति से भिन्न बन रहे निर्माणाधीन भवन को सील

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण ने रूड़की और भगवानपुर में स्वीकृत मानचित्र से भिन्न बन रहे निर्माणाधीन भवनों को सील किया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।

एचआरडीए के उपाध्यक्ष अंशुल ने बताया कि रूड़की में पश्चिमी अंबर तालाब रूड़की क्षेत्र में प्राधिकरण ने पाया कि अनधिकृत रूप से बन रहे भवन की जानकारी मिली। बताया कि प्राधिकरण की ओर से कई बार नोटिस की कार्रवाई अमल में लाने के बाद भी भवन का निर्माण किया जा रहा था। बताया कि प्राधिकरण की ओर से इस बार सील की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि भगवानपुर में रघुनाथ कॉलोनी, सिसोना में बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम द्वारा सील किया गया है।

चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अटल भूजल योजना के तहत राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में जल बजटिंग व कार्यक्रम के स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन की देखरेख और विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच भूजल प्रबंधन के लिए समन्वय हेतु स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा कमेटी में लघु सिचाई विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए पेयजल व स्वच्छता, शहरी विकास, शहरी विकास, पंचायती राज, सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग व स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कमेटी को कार्यक्रम की नियमित रूप से मासिक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।
सीएस रतूड़ी ने नोडल विभाग को स्थानीय निकायों के स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नामित करने तथा उनके प्रशिक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह मास्टर ट्रेनर वाटर प्लान व बजटिंग बनाने में सहायता करेंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना के तहत कैच द रैन, अमृतसरोवर, स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस के माध्यम से सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जागरूकता कार्यक्रमों और स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कार्य किए जाए। मुख्य सचिव ने जिलों में समुदायों और पंचायतों की विभिन्न गतिविधियों जैसे वाटर यूजर एसोसिएशन का गठन/मजबूती, भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार, जल बजट और ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) की तैयारी और उनके कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अटल भूजल योजना का एक मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है। इसके लिए जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करते समय जल उपलब्धता और उपयोग जैसे जल संबंधी डेटा का उपयोग किया जाएगा। ये योजनाएँ सामुदायिक भागीदारी से तैयार की जाएंगी और योजना में इस्तेमाल किए गए डेटा को पूरे समुदाय तक पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा, जल संबंधी डेटा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर), वाटर लेवल साउंडर, रेन गेज, वाटर फ्लो मीटर जैसे विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भारत सरकार राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत सतही और भूजल दोनों के लिए विभिन्न रियल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) भी स्थापित कर रही है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की अटल भूजल योजना के तहत पंचायत स्तर के वाटर यूजर एसोसिएशन में जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान अभ्यास में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 33 प्रतिशत रखी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूदा ग्राम जल और स्वच्छता समिति का विस्तार किया गया है और उनका सहयोग इस कार्यक्रम में लिया जा रहा है। अटल भूजल योजना (अटल जल) गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे 7 राज्यों के 80 जिलों की 8,562 ग्राम पंचायतों में कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न चल रही केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उत्तराखण्ड राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जिलों हरिद्वार, उधमसिंह नगर व चंपावत को भी योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना से सम्बन्धित आज की बैठक में सचिव शैलेश बगौली सहित पंचायती राज, पेयजल, शहरी विकास, सिचाई, लघु सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।