प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये जाय। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय। जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, उनमें तेजी लाई जाय।

मुख्यमंत्री ने 75 दिनों के अंतर्गत चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी संवर्गों की सेवा नियमावली बनाने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। न्याय पंचायत स्तर तक एएनएम की व्यवस्था की जाय एवं उन्हें आवश्यक दवाइयों का किट भी उपलब्ध कराया जाय। मातृ मुत्यु दर एवं शिशु मृत्युदर में और कमी लाने के प्रयास किये जाय। राज्य के जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात में पिछले कुछ सालों में कमी आई है, ऐसे जनपदों में बाल लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए ऐसे क्षेत्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि सीएचसी, पीएचसी तक दवाइयों का पर्याप्त उपलब्धता हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाय। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आगामी 100 दिनों के अन्दर टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की जाय। मेडिकल कॉलेज में जल्द भर्तियां की जाय। कोविड टीकाकरण में और तेजी लाई जाय। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रा मार्गों पर 108 एम्बुलेंस सेवा की पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाय। जिन परिवारों के अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके भी जल्द कार्ड बनाये जाय। जिला अस्पतालों में सुपर स्पेशिलिस्ट-स्पेशिलिस्ट डॉक्टरर्स की नियुक्ति की जाय। सभी को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिले इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाय। डेंगू, मलेरिया तथा अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए वर्षाकाल से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ ने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की कार्य प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में जानकारी दी गई की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अभी तक 43 लाख 16 हजार गोल्डन कार्ड जारी किये जा चुके हैं। 02 लाख 55 हजार से अधिक लोगों ने अभी तक इस योजना का लाभ लिया है। अस्पतालों का भुगतान एक सप्ताह के अन्दर किया जा रहा है।

बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूणेन्द्र सिंह चैहान, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसके गुप्ता, एनएचएम निदेशक डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

एनटीपीसी द्वारा प्रदान 10 एंबुलेंसों को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया रवाना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में एनटीपीसी द्वारा प्रदान की गई 10 एम्बुलेंसों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी को निर्देश दिए कि जनहित को देखते हुए सभी एम्बुलेंस पर्वतीय जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात किया जाय ताकि आम जनमानस को बीमारी के दौरान उपचार कराने में इन एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के विरूद्ध राज्य सरकार की लड़ाई में केन्द्र सरकार के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपकमों द्वारा भी निरन्तर सहयोग किया जा रहा है। यद्यपि कोविड-19 महामारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कारगर कदम उठाये गए हैं। परिणामस्वरूप राज्य में कोविड-19 प्रभावित मरीजों की रिकवरी रेट में तेजी से सुधार आया है, लेकिन अभी भी इस संक्रमण पर पूर्ण नियंत्रण राज्य सरकार के लिए अत्यधिक सतर्कता का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस महामारी के दौर में केन्द्र सरकार के अन्तर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एन0टी0पी0सी0) द्वारा उत्तराखण्ड को 10 एम्बुलेंस तथा 10 हजार पीपीई किट उपलब्ध कराने के लिये आभार व्यक्त किया।

एम्बुलेंसों के लोकार्पण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, राधिका झा, महानिदेशक डा. अमिता उप्रेती एनटीपीसी के सीनियर मैनेजर केएस टोलिया आदि उपस्थित रहे।

एम्स ने ओपीडी मरीजों को दिए दो माह तक के लिए इंसुलिन इंजेक्शन

14 नवंबर को होने वाले विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश के एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग में कार्यक्रम हुए। टाइप-1 मधुमेह के रोगियों के लिए एक रोगी सहायता के तहत ओपीडी मरीजों को 2 माह तक के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन निःशुल्क वितरित किए गए।

बताया गया कि इंडोक्रिनोलॉजी विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों को जनवरी 2021 सत्र में एंडोक्रिनोलॉजी विषय में डीएम पाठ्यक्रम को शुरू किया जाएगा। जिसमें विश्व मधुमेह दिवस मनाने के बाबत जानकारी दी गई कि इसी दिन डाॅक्टर फे्रडरिक बैटिंग ने इंसुलिन की खोज भी की थी। तभी से 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन, मधुमेह से ग्रसित बच्चों के लिए विशेष महत्व रखता है।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों के विषय पर इस तरह के जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन समय की मांग है। बताया कि संस्थान के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में विभिन्न वयस्क और बाल चिकित्सा एंडोक्राइन (हार्मोन संबंधी) विकारों के रोगियों के समुचित उपचार की मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि टाइप-1 या जुवेनाइल डायबिटीज बच्चों और युवाओं को खासतौर से प्रभावित करता है और इस बीमारी को इंसुलिन के साथ आजीवन इलाज की आवश्यकता होती है। इंटनेशनल डायबिटिक फैडरेशन आईडीएफ के अनुमान के मुताबिक भारत में प्रत्येक वर्ष इस बीमारी से 16,000 नए मामले प्रकाश में आ रहे हैं।

कार्यक्रम के तहत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें खासतौर से मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स विभाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। क्विज प्रतियोगिता में मेडिसिन विभाग के डा. अश्विन और डा. मोहन ने प्रथम, डा. पारस गुप्ता और डा. मयंक कपूर ने द्वितीय तथा बाल रोग विभाग के डा. गोकुल पिल्लई और डा. राजकुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर आयोजित ऑनलाइन संकाय वार्ता में एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की डा. कृति जोशी व डा. कल्याणी श्रीधरन तथा मेडिसिन विभाग के डा. रविकांत ने इन-हॉस्पिटल डायबिटीज मैनेजमेंट विषय पर प्रतिभाग किया।

एम्स ऋषिकेश में स्त्री वरदानः चुप्पी तोड़ो, नारीत्व से नाता जोड़ो अभियान की नींव रखी


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की ऐतिहासिक पहल पर महिलाओं की गुप्त रोगों से जुड़ी जटिल समस्याओं को लेकर सम्मेलन हुआ। संस्थान के रिकंस्ट्रक्टिव एंड कॉस्मेटिक गाइनोकॉलोजी विभाग द्वारा स्त्री वरदान चुप्पी तोड़ो नारीत्व से नाता जोड़ो कार्यक्रम की नीव रखी। सम्मेलन में उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों से 50 से अधिक स्वयं सेविका महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने मुहिम को गांव-गांव-घर घर तक पहुंचाने व राज्य की प्रत्येक महिलाओं को उनकी समस्याओं को लेकर जागरुक करने व ग्रसित महिलाओं को उपचार के लिए प्रेरित करने की शपथ भी दिलाई।

एम्स निदेशक व सीईओ प्रो. रविकांत ने अपने संदेश में बताया कि यह सम्मेलन महिलाओं के गुप्त रोगों से जुड़ी समस्याओं के निदान की दिशा में पहला कदम है, जिसका उद्देश्य भारत की हर महिला को ऐसी समस्याओं को लेकर जागरुक करना हो व उन महिलाओं तक पहुंचकर एम्स ऋषिकेश की सुपरस्पेशलिटी सेवाओं से उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलवाना है। कार्यक्रम में रिकंस्ट्रक्टिव और कॉस्मेटिक गाइनोकॉलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत मग्गो ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी यह अपनी तरह की पहली मुहिम है, जिसे निदेशक की पहल पर उनकी अगुवाई में शुरू किया जा रहा है।

महिलाओं से आह्वान किया कि हमें इस मुहिम में उन महिलाओं से बात करनी है, जो महिलाएं या तो वह संकोच के मारे बात नहीं कर पाती अथवा समाज उन महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को नजरअंदाज कर देता है।

इस दौरान डॉ. नवनीत ने प्रतिभागी सेविकाओं को महिलाओं के यूरिनरी इनकांटिनेस उनकी यौन समस्याएं और उनके यौन अंग या शरीर बाहर आने की समस्याओं पर विस्तृत जानकारियां दी व इस तरह की बीमारियों से शरीर को होने वाले दूसरे तरह के नुकसान को लेकर जागरुक किया। उन्होंने कहा कि हम सभा को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि अगले 5 वर्ष के अंदर उत्तराखंड राज्य को यूरिनरी इनकांटीनेंस फ्री यानी यूरिनरी इनकांटीनेंस से मुक्त करना है। गौरतलब है कि एम्स का रिकंस्ट्रक्टिव और गाइनोकॉलोजी विभाग पूरे विश्व में अपनी तरह का पहला सुपरस्पेशलिटी विभाग है, जिसमें कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है।

कोविड से बचाव के लिए अनुशासित तरीके से पैदल मार्च निकालेंः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये कि त्योहरों के समय में और सजग रहने की आवश्यकता है। त्योहारों के समय भीड़ तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग एवं विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाए। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, पुलिस एवं अन्य विभागों के बेहतर तालमेल से कोविड पर नियंत्रण के प्रभाव दिख रहे हैं, लेकिन इस तरह की सतर्कता लगातार बरतनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूकता के साथ ही शालीनता से व्यवहार रखा जाय। मास्क का उपयोग न करने पर चालान करना मकसद नहीं होना चाहिए, जो लोग बिना मास्क के घर से बाहर निकल रहे हैं, उन्हें मास्क उपलब्ध कराये जाए एवं मास्क को सही तरीके से लगाने के लिए जागरूक भी किया जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए अनुशासित तरीके से पैदल मार्च कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसमें वर्दीधारी विभागों पुलिस, वन विभाग के अलावा मीडिया, समाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों, छात्र संगठनों, महिला समूहों, किसान संगठनों एवं कोविड विनर्स के माध्यम से पैदल मार्च कर लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 नवम्बर से 10वीं एवं 12वीं की कक्षाएं स्कूलों में शुरू होंगी, प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारी स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क की अनिवार्यता का अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। सार्वजनिक स्थानों, पर्यटक स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर जागरूकता के लिए वॉल पेंटिंग कराई जाय।

कोविड लक्षण होने पर कंट्रोल रूम पर करें सूचित
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि लोगों को जागरूक किया जाय कि कोविड के लक्षण पाये जाने पर शीघ्र कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाईन नम्बर पर कॉल करें। लापरवाही बिल्कुल न बरती जाय। इसके लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाय।

चालान के साथ मास्क भी बांटे जा रहे
डीजी लॉ एण्ड आर्डर अशोक कुमार ने कहा कि त्योहारों के दृष्टिगत मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। चालान के साथ ही मास्क भी वितरित किये जा रहे हैं।

मौके पर सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, दिलीप जावलकर, एस.ए.मुरूगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, अपर सचिव युगल किशोर पंत, डीजी स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी, एसएसपी एवं सीएमओ उपस्थित रहे।

द्वाराहाट विधायक महेश नेगी कोरोना संक्रमित, गुरूग्राम अस्पताल में हुए भर्ती

कुमाऊं मंडल के द्वाराहाट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक महेश नेगी को अब कोरोना हुआ है। विधायक ने इसकी पुष्टि स्वयं की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों को इसकी जानकारी दी। फेसबुक पेज पर उन्होंने समर्थकों को स्वयं के बीमार होना बताया। साथ ही विधायक ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से सड़क निर्माण के तीन कार्यों को मंजूरी देने की मांग की।

फेसबुक पोस्ट के जरिए विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारण से गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती हूं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी फोन पर बात कर मेरा हाल जाना है। बकौल नेगी, क्षेत्र के विकास कार्यों के बाबत भी सीएम से बात की।

सीएम ओएसडी ऊर्बा दत्त की पत्नी की कोरोना के चलते मौत, ओएसडी भी पाॅजीटिव

बहुत ही दुखःद! उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के ओएसडी ऊर्बा दत्त भट्ट अपने पूरे परिवार के साथ कोरोना पाॅजीटिव पाए गए है, वहीं, ओएसडी की पत्नी वर्षा भट्ट की कोरोना से जुझते हुए मौत हो गई है। ओएसडी भट्ट के साथ उनकी बेटी और साली भी पाॅजीटिव हैं। ओएसडी को दून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह वाकई उत्तराखंड के लिए दुखःद खबर हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सीएम के दो अन्य ओएसडी में भी कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

बीते मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के ओएसडी उर्बा दत्त भट्ट ने स्वयं इसकी पुष्टि की थी। उनकी पत्नी वर्षा भट्ट भी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं थी। वर्षा निमोनिया से भी पीड़ित थीं। निमोनिया की वजह से उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। बुधवार शाम को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तब उन्हें महंत इंद्रेश हॉस्पिटल ले जाया गया। वर्षा भट्ट को आईसीयू में भर्ती कराया गया। जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनके निधन की पुष्टि की है।

सरकार की दरों से अधिक वसूली करने पर निजी अस्पताल पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार की तय दरों के आधार पर प्रदेश के निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का खर्चा 20 प्रतिशत कम लेंगे। यानी निजी अस्पताल केवल 80 प्रतिशत तक खर्च वसूल कर सकेंगे। इसके विपरीत यदि कोई निजी अस्पताल तय दरों से अधिक वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ.विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलाज की दरें तय की हैं। केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पतालों की ओर से लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। 

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कोरोना इलाज की दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से जो दरें तय की गई हैं, उसके आधार पर प्रदेश में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज के लिए 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में भी 80 प्रतिशत के हिसाब से इलाज की दरें तय करने का उल्लेख किया गया है। 

राजकीय अस्पताल ऋषिकेश में एमआर के साथ दिखने पर चिकित्साधिकारी पर दर्ज होगा मुकदमा

एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में अब दवा प्रतिनिधि (एमआर) प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है। इन दवा प्रतिनिधियों के साथ यदि कोई डॉक्टर दिखाई देता है, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ आपदा एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह आदेश मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एनएस तोमर अस्पताल में महिला एमआर के कोरोना पॉजीटिव आने के बाद दिए हैं।

मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएसएस) डा. एनएस तोमर ने अस्पताल में तैनात सभी डॉक्टर्स को पत्र भेजा है। आदेश दिया है कि कोविड-19 का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसके लिए सभी को अस्पताल में सामाजिक दूरी बनाने पर ध्यान देना होगा। साथ ही इससे संबंधित सभी गाइडलाइन का पालन भी करना है। उन्होंने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी दवा प्रतिनिधि (एमआर) को अपने कक्ष में प्रवेश न करने दें और न ही अपने साथ बैठने दें। यदि इस आदेश के बावजूद कोई भी चिकित्साधिकारी एमआर के संपर्क में दिखाई दिया तो चिकित्साधिकारी पर आपदा एक्ट में दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

इस मामला के बाद दिया आदेश

ऋषिकेश। भरत विहार की एक महिला दवा प्रतिनिधि (एमआर) और उसके पिता की कोविड रिपोर्ट एक साथ पिछले 17 जुलाई को पॉजीटिव आई थी। वह 16 जुलाई को एम्स अस्पताल में गले में खरांश और बुखार होने की शिकायत लेकर पहुंची थी। हैरान करने वाली बात यह है कि उक्त महिला एमआर राजकीय चिकित्सालय में 15 जुलाई तक लगातार आ रही थी।

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 239 मामले आए सामने, अब तक कुल 4500

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों ने आज रिकॉर्ड तोड़ दिया। आज प्रदेश में अब तक के सबसे ज्यादा 239 पॉजिटिव मामले आए हैं। वहीं, संक्रमितों का आंकड़ा 4500 पार पहुंच गया है। बता दें कि आज 35 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। लेकिन अभी भी 1311 एक्टिव केस हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज सबसे ज्यादा 150 मामले हरिद्वार में सामने आए हैं। वहीं, देहरादून में 58 ( 21 प्राइवेट लैब), अल्मोड़ा और चमोली में एक -एक, नैनीताल में सात, पौड़ी में चार, ऊधमसिंह नगर में 13(एक प्राइवेट लैब) और उत्तरकाशी में पांच मामले सामने आए हैं।

बता दें कि अब तक प्रदेश में 3116 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि अब तक 52 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 69.1 फीसदी है और डबलिंग रेट 22.37 दिन है।