राज्य की प्रगति से केंद्र संतुष्ट, उत्तराखंड से ही सबसे ज्यादा उम्मीद

केंद्र सरकार के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान में उत्तराखंड के कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आयुर्वेद के जरिये हर एक नागरिक के उत्तम स्वास्थ्य के संकल्प वाले इस अभियान में राज्य की प्रगति से केंद्र सरकार संतुष्ट है। आयुर्वेद के मामले में प्रदेश की विशिष्ट स्थिति की वजह से केंद्र सरकार सबसे ज्यादा उम्मीद उत्तराखंड से ही लगाए हुए हैं।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 की रोशनी में उत्तराखंड में प्रकृति परीक्षण अभियान के और तेज होने की उम्मीद की जा रही है। दरअसल, केंद्रीय आयुष मंत्रालय इन दिनों पूरे देश में प्रकृति परीक्षण अभियान चला रहा है। इसमें किसी भी व्यक्ति की प्रकृति को आयुर्वेद के नजरिये से परखा जा रहा है। यानी किसी व्यक्ति में वात, पित्त और कफ या आयुर्वेद के त्रिदोष सिद्धांत के आधार पर स्वास्थ्य की क्या स्थिति है, इसका आंकलन किया जा रहा है। यह अभियान 29 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में किया। यह अभियान 25 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत पूरे देश में एक करोड़ लोगों के प्रकृति के परीक्षण का संकल्प प्रकट किया गया है।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो में भाग लेने के लिए आए केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव के अनुसार-उत्तराखंड देवभूमि है और आयुर्वेद के लिहाज से सबसे समृद्ध है। प्रकृति परीक्षण अभियान के जरिये देवभूमि के लोगों के आरोग्य के लिए कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कुटेचा के अनुसार-प्रकृति परीक्षण अभियान के पूरे देश में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उत्तराखंड भी इस अभियान में देश के साथ अच्छे से कदमताल कर रहा है।

उत्तराखंड की आयुर्वेद के मामले में विशिष्ट स्थिति है। इसलिए हमें उत्तराखंड से खास उम्मीद है। अभी तक हमने जो पाया है, उसके अनुसार, उत्तराखंड की प्रगति बहुत अच्छी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आयुष के जरिए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। इस अभियान के शुरू होने से पहले ही उन्होंने लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कई अच्छे कदम उठाए हैं।
डा आशुतोष गुप्ता, सचिव, देश का प्रकृति परीक्षण अभियान।

मै हमेशा यह कहता हूं कि उत्तराखंड आयुर्वेद की प्रारंभ से ही प्रज्ञा भूमि रही है। आयुर्वेद केवल उपचार की चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे बढ़कर जीवन जीने की विशिष्ट कला है। प्रकृति परीक्षण अभियान और केंद्र की आयुष संबंधी सभी योजनाओं के मार्फत लोगों का उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
(पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री)

मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री से फोन पर वार्ता कर दी घटना की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री डॉ.एस. जयशंकर से म्यांमार में फंसे उत्तराखण्ड के लोगों की सुरक्षित वापसी का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने फोन पर विदेश मंत्री से वार्ता की तथा उन्हे स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि म्यांमार के कॉल सेंटरों द्वारा उत्तराखंड के 15 से अधिक पुरुषों और नौ महिलाओं को अगवा कर उन्हें म्यांमार में कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से पीड़ितों के परिजन परेशानी और मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस घटना से उत्तराखंड के लोगों में भी भय बना हुआ है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने 31 जुलाई, 2024 के टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित समाचार का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड के नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विदेश मंत्री से सहायता की अपेक्षा की है।

पीएम की तीसरी बार मोदी ने ली शपथ, धामी ने दी बधाई


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री का तीसरा कार्यकाल विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में मज़बूती से आगे बढ़ने वाला स्वर्णिम काल होगा। निश्चित रूप से मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन कर उभरेगा और देशवासियों की आशाओं व आकांक्षाओं को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विकास का नया अध्याय लिखने को तैयार है।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने जारी की गाइडलाइन, जानिए आप भी….

चीन में छोटे बच्चों में सांस से संबंधित बीमारी माइक्रो प्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सभी देशों को अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने भी देश के सभी राज्यों को निगरानी बढ़ाने के दिशानिर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं। गाइडलाईन में साफ निर्देश किया गया है कि बच्चों में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के लक्षणों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि चीन में बच्चों में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्य में सर्विलांस बढ़ाने के दिशानिर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक इस तरह का कोई मामला नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जिलों को भी अस्पतालों में विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए गये हैं। इसको लेकर विस्तृत गाईडलाइन जारी कर दी गई है। राज्य के सभी जिला अधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने जनपद में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू रोगियों के उपचार के लिए आईसोलेशन बेड/वार्ड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर की प्रयाप्त मात्रा में व्यवस्था की जाये।

एक नजर स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड द्वारा जारी की गई गाईडलाइन पर

सीजनल इन्फ्लुएंजा, मायकोप्लाज्मा निमोनिया, SARS-CoV-2 आदि श्वसन तंत्र सम्बंधित रोगों से बचाव एवं नियंत्रण विषयक।

वर्तमान में चीन देश में सीजनल इन्फ्लुएंजा, मायकोप्लाज्मा निमोनिया, SARS- CoV-2 आदि श्वसन तंत्र सम्बंधित रोगियों (विशेषकर बच्चों में) की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। आगामी माहों में शीत ऋतु के आगमन के साथ ही विभिन्न श्वसन तंत्र सम्बंधित रोगों यथा कोविड-19, सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1, H3N2) एवं Influenza like Illness (ILI) व Severe Acute Respiratory Illness (SARI) के प्रसारण की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी कम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा DO No. T- 18015/80/2023-IDSP (Pt.1) दिनांक 25.11.2013 प्रेषित किया गया है। अतः उपरोक्तानुसार इन्फ्लुएंजा / निमोनिया रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का जनपद स्तर पर अनुपालन करना सुनिश्चित करें।

1 :- भारत सरकार द्वारा प्रदत दिशा निर्देश “Operational guidelines for revised surveillance strategy in context of COVID-19” (संलग्न) का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

2 :- सभी चिकित्सालयों में इन्फ्लुएंजा / निमोनिया रोगियो के उपचार हेतु पर्याप्त आईसोलेशन बेड/वार्ड, आक्सीजन बेड, आई०सी०यू० बेड, वेंटिलेटर, आक्सीजन सिलेण्डर इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित रखें।

3 :- समस्त चिकित्सालयों (मेडिकल कॉलेज/जिला/बेस/संयुक्त/ सी०एच०सी०/पी०एच०सी० स्तर तक) में आवश्यक औषधियों (Oseltamivir Cap./Syp., /antibiotics etc), सामग्री (PPE, N-95 Mask, VTM etc) की उपलब्धता एवं चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाये।

4 :- चिकित्सालय एवं समुदाय स्तर पर Influenza like Illness (ILI)/Severe Acute Respiratory Illness (SARI) के लक्षणों वाले रोगियों की सघन निगरानी की जाये। उक्त सभी रोगियों का विवरण अनिवार्य रूप से आई०डी०एस०पी० के अंतर्गत Integrated Health Information Platform (IHIP) पोर्टल में प्रविष्ट किया जाये।

5 :- SARI के लक्षणों से ग्रसित रोगियों के Nasal & Throat Swab samples जांच हेतु निकटवर्ती मेडिकल कॉलेज जांच केन्द्रों में संदर्भित किये जायें।

6 :- समुदाय स्तर पर यदि किसी जगह ILI/SARI केस की क्लस्टरिंग मिलती है तो वहां पर जांच सुविधा की उपलब्धता एवं त्वरित नियन्त्रण एवं रोकथाम कार्यवाही की जाये।

7 :-आई०डी०एस०पी० कार्यकम के अर्न्तगत गठित रैपिड रेस्पान्स टीम को इन्फ्लुएंजा / निमोनिया रोग से होने वाली किसी भी असामान्य स्थिति की निरन्तर मॉनिटरिंग तथा नियन्त्रण हेतु त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देश दिये जायें।

8 :- इन्फ्लुएंजा / निमोनिया सम्बंधित रोगों के संचरण से बचाव हेतु आम जनमानस में जागरूकता हेतु विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये

1 :- बच्चों एवं बुर्जुगों तथा किसी अन्य गम्भीर रोग से ग्रसित लोगों में विशेष सावधानी बरती जाये।

2 :- छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को ढकने के लिए रुमाल / टिश्यू का इस्तेमाल करना।

3 :- साबुन पानी से हाथों को स्वच्छ रखना।

4 :- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करना।

5 :- ILI/SARI के लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना तथा चिकित्सकीय परामर्श पर ही औषधि का सेवन करना।

विघ्नसंतोषियों के गजब हाल, पनौती नहीं पापा हैं मोदी! भारत की अर्थव्यवस्था आज 4 ट्रिलियन के पार पहुँची और तुम टीम भारत की हार पर बस करते रहना पनौती-पनौती

लगता है विघ्नसंतोषियों के पास कोई काम ही नहीं है। अहमदाबाद में टीम भारत विश्व कप फाइनल क्या हारी, विघ्नसंतोषियों को तो मानो मौका ही मिल गया। टीम भारत की हार के बाद सोशल मीडिया पर ‘पनौती-पनौती’ के नाम से मुहिम छेड़ दी है। अरे भइया विघ्नसंतोषियों पहले ये तो जान लो जिसे तुम पनौती-पनौती कहकर कीचड़ उछाल रहे वो पनौती नहीं तुम्हारे ‘पापा’ हैं। मोदी जी को जो मैच खेलना है वो तो बहुत बेहतर तरीक़े से खेल रहे हैं। आज जो मैच खिलाड़ियों को खेलना था वो बस बेहतर नहीं कर पाये।

दरअसल, विघ्नसंतोषियों ने शायद आज यह खबर ही नहीं पढ़ी की भारत आज 4 ट्रिलियन की इकॉनमी बन गया है। अगर पढ़ी होती या इतने महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी होती तो शायद ये सब ऊट पटांग बातें न करते। शर्मनाक तो ये की अपने देश के प्रधानमंत्री और अपने देश की टीम के हार में भी विघ्नसंतोषि खुशियां मना रहे हैं।

विघ्नसंतोषियों की जानकारी के लिए बता दें कि ‘भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई। पहली बार भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है और इसके साथ ही यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश बनने के बेहद करीब पहुंच चुका है।
वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी में 7.8 फीसदी की ग्रोथ हुई थी। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भरोसा जताया था। शक्तिकांत दास ने 31 अक्‍टूबर को अपने एक बयान में कहा था कि आर्थिक गतिविधयों को देखते हुए कुछ शुरुआती आंकड़ें सामने आए हैं, जिससे उम्‍मीद है कि नंवबर के अंत में दूसरी तिमाही के दौरान आने वाले GDP के आंकड़े चौंकाने वाले होंगे और आज मोदी जी की अगवाई में देश की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन हो गयी है, पर विघ्नसंतोषियों के पेट में मरोड़ उठ रही है और उनसे ये हजम नहीं हो रहा।

अबू धाबी में हिंदू धर्म को स्थापित करने का कार्य, सभी भारतीयों के लिए गौरव का पलः धामी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूएई दौरे के दौरान बुधवार को अबू धाबी में निर्माणाधीन बीपीएस हिन्दू मन्दिर में ईंट रखकर कारसेवा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबू धाबी में यह अदभुत हिन्दू मन्दिर बन रहा है। यहां पर हिन्दू धर्म को स्थापित करने और मंदिर का निर्माण का जो कार्य चल रहा है, यह हम सबके लिए गौरव के क्षण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से इस मंदिर का कार्य हो रहा है। उनके नेतृत्व में भारत को विश्व के अन्दर मान-सम्मान और अलग पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने इस भव्य हिन्दू मन्दिर के निर्माण के लिए लगे सभी संयोजनकर्ताओं और निर्माणकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हिन्दू मन्दिर सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों, सद्भाव और हिन्दू परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य भी करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

चंद्रयान-3 की सफलता पर देशभर में मना उत्सव, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने चांद पर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कर दी है।

इसरो ने अपने सीधे प्रसारण में इसकी जानकारी दी है। इसरो के इस मिशन को सफल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो को बधाई देते हुए खुशी जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने अपने एक संबोधन में कहा कि इस मिशन के बाद हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। इसरो मुख्यालय में विक्रम लैंडर के लैंड होते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। देशभर में जश्न का माहौल है। जगह जगह पटाखे फूट रहे हैं। लोग हमारे वैज्ञानिकों की कामयाबी पर जश्न मना रहे हैं।

भारत और नेपाल का रहन-सहन, रीति रिवाज लगभग एक जैसाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्होंने भारत-नेपाल से जुड़े विभिन्न सम सामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल में पम्पा भूसाल, रामेश्वर राय यादव, सत्या पहाड़ी, सुरेश कुमार राय, चक्रपाणि खनल ‘बलदेव’ शामिल थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों में रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाजों में काफी समानताएं हैं। उत्तराखण्ड का बड़ा क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ। भारत और नेपाल की चुनौतियां भी लगभग एक जैसी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से कहा कि नेपाल के विकास के लिए जो भी सहयोग की आवश्यकता होगी, हर संभव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कार्य किये जा रहे हैं, इसके तहत पहले चरण में 16 मंदिरों को इससे जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भी काफी क्षेत्र मानसखण्ड में आता है। नेपाल में भी मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य हों, तो पर्यटन एवं तीर्थाटन के लिए उत्तराखण्ड आने वाले लोगों का रूझान नेपाल की ओर भी बढ़ेगा। जिससे लोगों को आजीविका बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जन सुविधाओं के दृष्टिगत अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत पर्वतीय जनपदों में बहुत कम रेट पर साइलेज उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के गढ़वाल एवं कुमायूं मण्डल में एक-एक इंक्यूबेटर सेंटर बनाया गया है। जिनके माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। इस तरह के मॉडल पर नेपाल में कार्य किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, इसके माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ी हैं। अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से अधिकांश जन सुविधायें ऑनलाइन की गई हैं। इस तरह की योजनाओं को नेपाल में आगे बढ़ाने के लिए राज्य से उनको जो भी सहयोग की अपेक्षा होगी, वह सहयोग दिया जायेगा।
पम्पा भूसाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को एक युवा और उर्जावान नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि मानसखण्ड के तहत जिस योजना से उत्तराखण्ड सरकार कार्य कर रही है, नेपाल के पर्यटन मंत्री को वे इसकी जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड में बेहतर तरीके से हो रहा है और वे नेपाल के हित में भी होंगी, इन योजनाओं के अध्ययन के लिए समय-समय पर नेपाल से डेलिगेशन भेजने के लिए भी नेपाल सरकार से वार्ता की जायेगी।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम की अपील, नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए लें शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सभी प्रदेश वासियों से शपथ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशा हमारे युवाओं का भविष्य बरबाद कर रहा है। समाज के साथ युवाओं के बेहतर भविष्य के लिये सभी को नशा मुक्ति की दिशा में पहल करनी होगी।

ज्ञातव्य है कि “नशामुक्त भारत“ के लक्ष्य की पूर्ति हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार के नियंत्रणाधीन नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो द्वारा मादक पदार्थों के विरूद्ध एंटी ड्रग ई-प्लेज अभियान शुरू किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य से मात्र 0.47 प्रतिशत व्यक्तियों द्वारा ही ई-शपथ ली गयी है, जो कि अत्यन्त ही न्यून है तथा इसमें सुधार किये जाने की आवश्यकता है।

उक्त के दृष्टिगत मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु द्वारा समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि दिनांक 26 जून को “विश्व ड्रग्स दिवस के अवसर पर जनता को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के उद्देश्य से तथा मादक पदार्थों से दूर रहने हेतु प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त शासकीय विभागों में कार्यरत कार्मिक https://pledge.mygov.in लिंक के माध्यम से अपने परिवारजनों सहित ई-प्लेज लिया जाना सुनिश्चित करते हुये अन्य लोगों को भी ई-प्लेज हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

उत्तराखंड श्री अन्न महोत्सव का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया समापन

अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के उपलक्ष में कृषि विभाग उत्तराखण्ड द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड श्री अन्न महोत्सव 2023 के समापन समारोह में मुख्य अथिति के तोर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पतंजलि के एमडी आचार्य बाल कृष्ण और कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महोत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों ने मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों का पहाड़ी टोपी, शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित श्री अन्न महोत्सव की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में और कृषि मंत्री जोशी की सूझबूझ के परिणामस्वरूप ये विशाल श्री अन्न महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस अच्छे आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री गणेश जोशी को और राज्य के कृषि मंत्रालय को अपनी ओर से बधाई दी। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा मिलेट्स को भोजन की थाली में सम्मान जनक स्थान मिले और दुनिया के भोजन की थाली में भी सम्मान जनक स्थान मिले, इसलिए मिलेट्स पर काम करना जरूरी था। इसी दृष्टिकोण के आधार पर भारत सरकार ने इस मिलेट्स को पोषक अनाज के रूप में अधिसूचित किया। साल भर अभियान चलाया, पोषकता के लिए और बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ में भी नरेंद्र मोदी जी ने ज्वार-बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, मंडुआ इसकी जो वैज्ञानिक प्रमाण हैं, जो इसमें पोषक तत्वों की भरमार है, उसको तथ्यात्मिक रूप से वैश्विक मंच के ऊपर रखा। उन्होंने 72 देशों ने जो वहां उपस्थिति थे, प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव का समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र संघ ने तय किया, 2023 सारी दुनिया में मिलेट ईयर के रूप में मनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा उत्तराखंड सरकार द्वारा इस आयोजन से मिलेट्स की महत्ता का भी ज्ञान बढ़ेगा। मिलेट्स के जो उत्पाद है, लोग उनसे भी परिचित होंगे। इसकी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा श्री अन्न की मांग बढ़ेगी तो किसानों को उत्पादन करना पड़ेगा, किसान उत्पादन करेंगे, तो किसान को फायदा होगा अच्छा मुनाफा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा जब भारत श्री अन्न (मिलेट) की अगुवाई कर रहा है, तो सबसे पहले उत्पादन भी हमारे यहां बढ़ेगा। उत्पादकता भी हमारे यहां बढ़ेगी और प्रोसेसिंग भी हमारे यहां बढ़ेगी। और जब प्रोसेसिंग हमारे यहां होगी, तो हमारे ही उत्पाद का सारी दुनिया में निर्यात भी बढ़ेगा और हमारी अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

पंतजली के एमडी आचार्य बाल कृष्ण ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। हमें पूर्ण विश्वास है यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां भीं प्राप्त होंगी तथा किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा श्री अन्न उत्तराखंड की परंपरागत खेती में है। श्री अन्न स्वास्थ्य की दृष्टि से इतना लाभदायक है कि जो कभी गरीबों का खाद्यान्न हुआ करता था, आज अमीरों की थाली में शामिल हो गया है। जोशी ने कहा श्री अन्न के प्रोत्साहन और उसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 73 करोड़ रूपए की बजट में प्रावधान किया गया है। कृषि मंत्री ने मडुंवा, झिंगौरा जैसी फसलों को पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ावा देकर कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भी विभाग के संकल्प को दोहराया।उन्होंने नया नारा देते हुए कहा कि कौंदा-झिंगौरा खाऐंगे, आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाऐंगे।

इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सचिव कृषि बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, निदेशक कृषि गौरीशंकर, अपर निदेशक केसी पाठक, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, जैविक उत्पाद परिषद के एमडी विनय कुमार सहित कई अन्य अधिकारी एवं प्रदेश के सभी जनपदों से आये हुए कृषक भाई-बहन उपस्थित रहे।