सीएम ने देवाधिदेव महादेव की पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर देवाधिदेव महादेव की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना करेंगे। कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री सायं गुप्तकाशी पहुंचे, गुप्तकाशी पहुंचने पर क्षेत्रीय विधायक के साथ ही स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ आम जनता एवं श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से भेंट कर यात्रा व्यवस्थाओं की भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा के लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक रूप से सभी आवश्यक व्यवस्थायें की जा रही हैं। सभी श्रद्धालुओं को सुगमता के साथ देवदर्शन की सुविधा मिले इसकी भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने भगवान केदारनाथ से सभी की मनोकामना पूर्ण करने की भी प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवों की कृपा से इस बार की चार धाम यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा कई अधिक श्रद्धालु प्रदेश में आकर चारों धामों के दर्शन कर पुण्य के भागी बनेंगे।

इस अवसर पर विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, भाजपा की जिला अध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र नेगी, उप जिलाधिकारी उखीमठ जितेंद्र वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिडिल्याल तहसीलदार उखीमठ दीवान सिंह राणा सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सीएम ने केदारनाथ धाम के सेवादार सदस्यों के दल के वाहनों को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम के सेवादार सदस्यों के दल के वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इन सेवादारों द्वारा श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 21 से 25 अप्रैल तक श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के नाम पर भंडारे का आयोजन किया जायेगा। बाबा केदार की डोली के गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचने तक यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 24 और 25 अप्रैल को हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। चारधाम यात्रा की नियमित समीक्षा की जा रही है। चारधाम यात्रा के प्रति लोगों में काफी उत्साह हैं। अभी तक 16 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। स्वयं सेवी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा की देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
इस अवसर पर कर्नल अजय कोठियाल (से.नि) भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के लिए नासूर हैं गड़बड़ियां, नहीं बख्शे जायेंगे भर्ती घोटाले के दोषी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी से योग्य छात्रों के भविष्य प्रभावित हुआ है। इसलिए केदारबाबा की सौगंध खाता हूं कि भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करूंगा। इसमें अब तक हुई जांच में जिसका भी नाम आया उसे जेल भेजा गया है। अंतिम आरोपित के पकड़े जाने तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की कुल 46680.95 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद में प्रवास कार्यक्रम के तहत रुद्रप्रयाग पहुंचे हैं। इस मौके पर उन्होंने भर्तियों में नकल प्रकरण को लेकर यह बातें कहीं।

घपले व घोटाले हुए, पर जांच नहीं हुई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में समूह ग की परीक्षाओं के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया। तब से अब तक घपले व घोटाले हुए हैं, लेकिन जांच कभी भी नहीं हुई।

मैंने बाबा केदार की खाई है सौगंध
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी आने पर मैंने बाबा केदार की सौगंध खाई है कि कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर करवाई करूंगा। उत्तराखंड के लिए यह गड़बड़ियां नासूर हैं।

हमने उठाया हैं सख्त कदम
हमारे पास होनहार युवा हैं जिनके पास योग्यता है। होनहार छात्र अपनी शिक्षा के बल पर आगे बढ़ना चाहता है। इन होनहार छात्रों का रास्ता रोकने का कार्य नकल माफिया ने किया है। इसलिए हमने सख्त कदम उठाया है।

केदारनाथ धाम पहुंच सीएम ने ली पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ मंदिर परिसर में पहुंच केदारनाथ धाम में हो रहे निर्माण कार्यों एवं आगमी यात्रा संबंधित तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम में पूर्ण हो चुके सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन मंदाकिनी आस्था पथ को अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। केदारनाथ परिसर के आस-पास हो रहे पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी के निर्माण में अहम योगदान दे रहे श्रमिकों का हालचाल जाना एवं उनकी हर समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों से वार्ता कर निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को जाना एवं उनके अहम योगदान के लिये धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर के आसपास मुख्य मार्ग में अस्त-व्यस्त पड़े मलबे, निर्माणाधीन सामग्री को हटाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्फ पिघलने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही बरसात के दौरान यात्रियों की सुविधा अनुसार ड्रेनेज सिस्टम को विकसित किया जाएगा। जावलकर ने बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम के निर्माण हेतु करीब 700 श्रमिक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया केदारघाटी में ब्रह्म कमल वाटर पार्क का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ ट्रैक की जानकारी लेते हुए यात्रियों की सुविधा अनुसार विभिन्न जगहों पर ठहरने, पानी एवं बरसात के दौरान रैन सेटर के निर्माण कार्यों में गति लाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार के साथ रेलिंग के निर्माण कराए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने वासुकी ताल ट्रैक को विकसित किए जाने से संबंधित जानकारी लेते हुए इसमें शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों अनुसार किए जाने की बात कही।

इस दौरान विधायक शैला रानी रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ धाम पहुंचे मुख्य सचिव, निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

श्री केदारनाथ धाम में चल रहे निर्माण कार्यों का मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया गया। इसके साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर धाम में चल रहे निर्माण कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं को दिए।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के दृष्टिगत धाम में चल रहे कार्यों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी सहित उपस्थित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी मनुज गोयल को निर्देश देते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, विद्युत व्यवस्था को सुचारू रखे जाने तथा कार्य कर रहे मजदूरों को स्वास्थ्य सुविधा सहित रहने व खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्री केदारनाथ धाम के अंतर्गत समस्त यात्रा मार्ग में नेटवर्क की उचित व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

वहीं लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि धाम में चल रहे कार्यों के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में जेई की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। यदि किसी जेई को पूर्व में तैनाती के निर्देश दिए गए हैं और उनके द्वारा अपनी तैनाती नहीं दी गई है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव द्वारा यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया।

इस अवसर पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, मुख्य अभियंता लोनिवि अहमद, जिलाधिकारी मनुज गोयल, संयुक्त सचिव श्री केदारनाथ उत्थान ट्रस्ट, अधीक्षण अभियंता लोनिवि राजेश चंद्र शर्मा, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रवीण कर्णवाल, अधिशासी अभियंता विद्युत डीएस चौधरी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार सहित आदि मौजूद थे।

धामी सरकार को मिली कामयाबी, हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या से रोक हटाई

हाइकोर्ट नैनीताल ने बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने के मामले को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। हाइकोर्ट ने चारों धाम में श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटा दी है। अब तीर्थ यात्री बेरोकटोक चारधाम यात्रा के लिए जा सकेंगे। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि शासन को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाना होगा। कोर्ट के इस आदेश से सरकार सहित दूसरे प्रदेशों से आने वाले तीर्थ यात्रियों, चारधाम यात्रा रूट पर होटलों, दुकानदारों आदि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिली है।
मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने उत्तराखंड सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए तीर्थ यात्रियों की सख्यां को निर्धारित किया गया था। साथ ही, तीर्थ यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की भी सख्त हिदायत दी गई थी।
माधिवक्ता द्वारा कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी। लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे है। इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए।कहा कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है।
इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे है उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे है, वे भी नहीं आ पा रहे हैं। जिसके कारण वहां के स्थानीय लोगो पर रोजी-रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है। सरकार द्वारा कोर्ट ने पूर्व दिए गए दिशा-निर्देशों का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा। चारधाम यात्रा में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करा दिया गया है।
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटाई जाए या फिर श्रद्धालुओं की संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन किया जाए ताकि दूसरे प्रदेशों से भी लोग दर्शन को आ सकें। कहा कि कोरोना महामारी पर कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन भी किया जा रहा है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रोक हटा दी गई है।

बाबा के बुलावे पर सीएम केदारनाथ पहुंचे, तीर्थ पुरोहितों ने किया जोरदार स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रातः 9 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केदारनाथ धाम पहुंचे। हेली पेड पर देवस्थानम बोर्ड, जिला प्रशासन सहित तीर्थ पुरोहितों ने उनकी अगवानी की तथा स्वागत किया गया।
हेलीपैड से मुख्यमंत्री श्री केदारनाथ मंदिर दर्शन को पहुंचे जहां उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाबा केदारनाथ भगवान के दर्शन किये। उनकी ओर से मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने रुद्राभिषेक का पाठ किया। देश एवं प्रदेश के खुशहाली की मंगलकामना की। देवस्थानम बोर्ड द्वारा उन्हें श्री केदारनाथ भगवान का प्रसाद एवं रुद्राक्ष माला भेंट की।
मुख्यमंत्री आदि गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल गये और वहां समाधि स्थल पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। आदि गुरु शंकराचार्य जी की मूर्ति को हेलीकॉप्टर से कुछ दिनों पूर्व श्री केदारनाथ धाम पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने संपूर्ण केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का मौके पर अवलोकन भी किया। उन्होंने पुनर्निर्माण में लगे अधिकारियों, इंजीनियरों, मजदूरों के साथ ही श्रद्धालुओं से भी बातचीत की।
इस अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य एवं वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, उपजिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, देवस्थानम बोर्ड के मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला, प्रदीप सेमवाल भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री 7 को ऋषिकेश एम्स में ऑक्सीजन प्लांट का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऋषिकेश का दौरा तकरीबन तय हो गया है, लेकिन वह बाबा केदार के दर्शन करने जाएंगे या नहीं, अभी यह तय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्रीय नेताओं के उत्तराखंड आने से हमें ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तराखंड आ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आएंगे। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री का सात अक्तूबर को ऋषिकेश आने का कार्यक्रम तय हो चुका है। वह ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ करेंगे और वर्चुअल माध्यम से देश भर के ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा अभी उनका कोई कार्यक्रम नहीं है। हालांकि सरकार के स्तर पर केदारनाथ में तैयारियां हो रही हैं, लेकिन अभी पीएम का बाबा केदार के दर्शन का कोई कार्यक्रम नहीं है।

एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन आठ अक्तूबर को होगा
जौलीग्रांट स्थित देहरादून हवाई अड्डे पर बने नए टर्मिनल का उद्घाटन आठ अक्तूबर को होगा। पहले यह माना जा रहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी सात अक्तूबर को इस टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे। लेकिन अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे।

उत्तराखंड के हित में जो जरूरी होगा, वह कानून बनाएंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हित में जो भी जरूरी होगा, सरकार वह कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि भू कानून को लेकर कमेटी का गठन कर दिया है। जनसंख्या कानून पर विस्तार से चर्चा हो रही है। जनसांख्यिकीय असंतुलन के मुद्दे पर जांच को लेकर उन्होंने फिर दोहराया कि उत्तराखंडियत को बचाने के लिए यह जरूरी है।

प्रधानमंत्री दो अक्तूबर को करेंगे भट्टा-क्यारकुली गांव के लोगों से संवाद 
प्रधानमंत्री हर घर जल, जल जीवन मिशन के तहत प्रधानमंत्री गांधी जयंती पर मसूरी के भट्टा-क्यारकुली गांव की ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति से संवाद करेंगे। वर्चुअल संवाद दो अक्तूबर को सुबह 10 से  दोपहर 12 बजे तक चलेगा। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष कौशल्या रावत ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर गांव के लोगों में काफी उत्साह है। गांव में अधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं। 

महात्मा गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों से सीधा संवाद करेंगे। इसमें मसूरी का क्यारकुली गांव का भी चयन किया गया है। देशभर के गांवों के साथ क्यारकुली गांव के लोगों से भी प्रधानमंत्री वर्चुअल ग्रामीणों से जल जीवन मिशन पर वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी गांव पहुंच रहे हैं और कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं।

गुरुवार को नमामि गंगे, जल संस्थान, भारत सरकार के अधिकारी, एनआईसी की टीम गांव पहुंची और तैयारी को अंतिम रूप दिया। कार्यक्रम के लिए गांव के पंचायती चौक पर वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष कौशल्या रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री से संवाद  हमारे लिए गर्व की बात है। गांव के लोगों में कार्यक्रम को लेकर बड़ा उत्साह है। गांव में लगे टेंट में एलसीडी आदि उपकरण लग चुके हैं। गुरुवार को जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता नमित रमोला, ईई जल संस्थान केसी पैन्यूली, एई टीएस रावत, अभय भंडारी, राकेश रावत आदि ने तैयारियों का जायजा लिया।

सीडीओ नितिका खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के संवाद के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत गांव में हुए कार्यों पर बात करेंगे। क्यारकुली गांव का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय से हुआ है। 

बदरी-केदार धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का खुल्बे ने लिया जायजा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुल्बे आज अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 8.45 बजे श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। हेलीपैड पर पहुंचने पर केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड, जिला पुलिस-प्रशासन ने उनकी अगवानी एवं स्वागत किया। उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव मंगलेश घिल्डियाल भी श्री केदारनाथ पहुंचे।
हेलीपैड से वह मंदिर हेतु रवाना हुए उनकी ओर से केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ जी का रूद्राभिषेक पाठ किया तथा देश के खुशहाली की कामना की।
इसके बाद उन्होंने केदारनाथ धाम में निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया तथा पुनर्निर्माण कार्यों हेतु प्रदेश सरकार की सराहना भी की। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल, केदार सभा से उमेश‌पोस्ती, देवस्थानम बोर्ड के मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, अरविंद शुक्ला, प्रदीप सेमवाल आदि मौजूद रहे।
इसके पश्चात करीब सवा 11 बजे श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गये। जोशीमठ से वह सड़क मार्ग से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। श्री बदरीनाथ धाम पहुंच कर भाष्कर खुल्बे ने जिला प्रशासन एवं यात्रा मजिस्ट्रेट उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी से मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा की जानकारी ली और देश के सीमांत पर्यटन ग्राम माणा का भी भ्रमण किया। भगवान बदरीविशाल क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण जी महाराज मंदिर, श्री गणेश गुफा, श्री ब्यास गुफा मंदिर, श्री सरस्वती नदी भीम पुल पहुंचकर दर्शन किये।

सीएम का आग्रह-केदारपुरी में फेज-टू के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करे पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने तथा वासुकी ताल क्षेत्र के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को भी नये लोकेशन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये।
प्रधानमंत्री ने स्थानीय जन भावनाओं के अनुरूप ईशानेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण, आस्था चौक पर “ऊँ“ कार की प्रतिमा स्थापित करने, शंकराचार्य समाधि एवं शिव उद्यान के डिजाइन में जन भावनाओं के अनुरूप संशोधन करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरी में फेज-टू के 113.92 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने हेतु प्रधानमंत्री से समय देने का आग्रह किया। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री द्वारा शीघ्र समय निर्धारण हेतु आश्वासन दिया गया।

प्रधानमंत्री के विजन एवं मार्गदर्शन में हो रहा है केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ में 2013 में आयी आपदा के बाद प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी, एक नयी सुरक्षित एवं सुविधा युक्त धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में निर्मित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि स्थानीय स्थापत्य कला, नवीन तकनीकी के इस्तेमाल, ठोस अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था के साथ केदारनाथ धाम सुनियोजित आधुनिक संसाधनों से युक्त इको फ्रेंडली टाउन के रूप में विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि बद्रीनाथ को स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिये प्रथम चरण के 245 करोड़ की योजना के कार्यों को शुरू करने के लिये 22 राजकीय भवनों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय राज्य की कैबिनेट द्वारा लिया जा चुका है। इससे कार्यों में अब तेजी आ सकेगी।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं जिसमें टेम्पल प्लाजा, एराइवल प्लाजा, मन्दाकिनी एवं सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवार निर्माण, 05 घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी रिवर फ्रंट के कार्य 5 गेस्ट हाउसों का निर्माण, 3 ध्यान गुफाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। आदि शंकराचार्य की गुफा का निर्माण कार्य गतिमान है जबकि, द्वितीय चरण में 113.92 करोड़ के 13 कार्यों पर भी कार्यवाही गतिमान है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव युगल किशोर पंत उपस्थित थे।