बागेश्वर समाचारः सीएम घोषणा की धनराशि को मिली वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विधानसभा क्षेत्र, बागेश्वर के हरज्यू मंदिर दफौट, नीलेश्वर मंदिर एवं चण्डिका देवी मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु इस वित्तीय वर्ष के लिए रूपये 01 करोड़, जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अंतर्गत सतपुली के निकट दंगलेश्वर महादेव मंदिर के स्तरीय विकास हेतु रूपये 88.17 लाख, विधानसभा क्षेत्र जसपुर के ग्राम हल्दूवासाहू में हीडीम्बा देवी मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु रूपये 82.67 लाख, विधानसभा क्षेत्र देहरादून के क्लेमेन्टाउन स्थित श्री रघुनाथ मंदिर गुरूद्वारा कॉलोनी, क्लेमेन्टाउन, देहरादून में सभागार एवं कक्ष बनाने हेतु रूपये 50.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र चंपावत के पौराणिक लधौनधूरा मेला स्थल का सौन्दर्यीकरण हेतु रूपये 73.30 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के प्रवेशद्धार कोटद्वार के कौड़िया, सिद्धबली मंदिर, चिल्लरखाल, पाखरौं के सौन्दर्यीकरण हेतु रूपये 48.51 लाख, जनपद पिथौरागढ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला़ में पंचकोटी देव मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु रूपये 30.00 लाख, जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अलखनाथ मंदिर, किलपारा एवं बज्येंण मंदिर, ढ़ाई ईजर के सौन्दर्यीकरण हेतु कुल रूपये 85 लाख के सापेक्ष इस वित्तीय वर्ष के लिए रूपये 26.36 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अंतर्गत सांस्कृतिक नगरी द्वाराघाट की ऐतिहासिक धरोहर श्री शुक्रेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोंद्वारा हेतु पूर्व में स्वीकृत कुल रूपये 01 करोड के क्रम में द्वितीय किश्त की अवशेष़ धनराशि रूपये 20.98 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वास्थ्य सचिव ने कुमायूं के विभिन्न जिला अस्पतालों का लिया जायजा

काशीपुर। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रदेश के जिला अस्पतालों में सभी अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी जल्द दूर की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव अपने चार दिवसीय कुमाऊं दौरे से आज वापस लौट आए हैं।

काशीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि कुमांउ मंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहत्तर बनाया जायेगा। सीमांत जनपदों में अत्याधुनिक सुविधायें जल्द मिलने लगेंगी। आने वाले समय में इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति को शहर जाने की आवश्यकता नहीं पडे़गी। इसके लिए तेजी के साथ विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है सभी जिला अस्पतालों के साथ ही अन्य सरकारी अस्पतालों में स्पेशिलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती हो ताकि मरीज को घर के पास ही बेहत्तर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, और वापसी में उधमसिंह नगर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जांची। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही जनपदों के जिला अस्पतालों के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों का दौरा किया। इस दौरान मरीजों से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य चौपाल लगाई और उनकी स्वास्थ्य संबधी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।

’उपजिला चिकित्सालय काशीपुर का औचक निरीक्षण’
वहीं वापसी में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा एल.डी.भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने ऑपरेशन थिएटर, ए.एन.सी. वार्ड, डिलीवरी रूम और ट्रामा सेंटर आदि का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में पी.पी.पी. मोड पर संचालित कार्डिक केयर यूनिट का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने हर तरह की सुविधा मरीजों को देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्डिक केयर यूनिट खुलने से इससे सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को त्वरित एवं निःशुल्क इलाज मिलेगा। इस दौरान उन्होंने कैथ लैब को भी जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

’डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा, स्वास्थ्य सचिव ने लगाई फटकार’
स्वास्थ्य सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखने पर अत्यंत रोष प्रकट करते हुए सख्त निर्देश दिए कि चिकित्सालय में दवा उपलब्ध होने की दशा में कोई भी बाहर की दवाएं न लिखें। साथ ही उन्होंने दवा के साल्ट की जगह ब्रांड लिखने पर भी नाराजगी जताते हुए पुनरावृत्ति न होने के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए।

’जल्द होगी नियमित चिकित्सक की नियुक्ति’
इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि काशीपुर चिकित्सालय में मैदान के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों से भी बहुतायत में मरीज आते हैं। चिकित्सालय में अस्थि रोग विशेषज्ञ की कमी पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय रुद्रपुर से सप्ताह में दो दिन अस्थि रोग विशेषज्ञ की वैकल्पिक व्यवस्था काशीपुर चिकित्सालय में की जाये और जल्द ही शासन स्तर से नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की जायेगी।

स्वास्थ्य सचिव ने जनपद में आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड युद्धस्तर पर बनाने के निर्देश सी.एम.ओ. को देते हुए कहा कि हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों और ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आम जन मानस को जागरूक किया जाए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सी.एम.एस. उपजिला चिकित्सालय डॉ. खेमपाल, डॉ. अमरजीत, गोपाल आर्या, अभिषेक, शुभम आदि मौजूद रहे।

चंपावत के सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर थपथपाई अधिकारियों की पीठ

देहरादून। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा डेंगू के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए आज दिनांक 08.10.23 को उप जिला चिकित्सालय टनकपुर, जिला चिकित्सालय चम्पावत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलथी चंपावत, उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू बीमारी को रोकने के लिए अस्पताल में डेंगू वार्ड, मच्छरदानी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। चिकित्सालय में पानी की निकासी, साफ़ सफाई और दवा के छिडकाव की उचित व्यवस्था करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में एमरजेंसी दंत रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब महिला वॉर्ड में अती महिलाओं एवं प्रसव से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं व भर्ती मरीजों का हाल जाना। राजेश कुमार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता करने के साथ ही अस्पताल से उन्हें दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली।

उत्तराखंड सरकार की ओर से मरीजों को निशुल्क जांच सुविधा के लिए संचालित चंदन लैब का भी निरीक्षण करते हुए पंजिका में जांच से संबंधित विवरणों और बीमारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सालयों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला चिकित्सालय में प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य सचिव ने स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी साथ ही उनसे योजनाओं का फीडबैक भी लिया। स्वास्थ्य सचिव ने वैलनेस सेंटरों में जाकर अवस्थपना सुविधाओं आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, औषधियों एवं विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कार्मियों की स्थिति का अवलोकन किया। स्वास्थ्य सचिव के साथ विभागीय अधिकारियों ने आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी बनाने के लिए आम लोगों को प्रेरित किया साथ ही टीबी मुक्त उत्तराखंड की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अब तक किये गये प्रयासों की भी जानकारी दी।
इस दौरान सीएमओ केके अग्रवाल ने स्वास्थ्य सचिव से टनकपुर उप जिला हॉस्पिटल में ब्लड बैंक और एचआईवी से ग्रसित लोगों के लिए लिंक एआरटी सेंटर की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव ने पत्रकारों से बात करते हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर की जल्द न्युक्ति करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि टनकपुर हॉस्पिटल में ट्रामा सेंटर संचालित करना उनकी प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग चम्पावत की बैठक ली। जिसमें उन्होंने जिले के सभी लोगों की आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाने को कहा। उन्होंने कहा, पहाड़ों में लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी नहीं होती की वो महंगा इलाज करवा सकते। सरकार आयुष्मान आप के द्वार योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ग्रामसभा में कैंप लगाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं मंडल डॉ0 तारा आर्यां, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डेय, सीएमओ डॉ0 केके अग्रवाल, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमन्त वर्मा, सीएमएस डॉ घनश्याम तिवारी, एसीएमओ डॉ0 इंद्रजीत पांडे, डॉ0 कुलदीप यादव, सीएमएस जिला हॉस्पिटल चंपावत पी एस खोलिया, खाद्य निरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा डीपीएम गौरव पांडे, सहित अन्य मौजूद रहे।

बाजपुर में बाढ़ की समस्या के स्थाई समाधान को मंडलायुक्त से सीएम ने वार्ता कर दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारी वर्षा के दौरान बाजपुर में लेबड़ा नदी से हुये नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों व गणमान्य व्यक्तियों से बाढ़ से हुई क्षति तथा उसके कारणों के स्थाई समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने बाजपुर की बाढ़ की समस्या के स्थाई समाधान हेतु मण्डलायुक्त दीपक रावत से दूरभाष पर वार्ता करते हुए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने मण्डलायुक्त को जनपद नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर के अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय एवं तालमेल से संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि जब तक स्थाई समाधान नहीं हो जाता तब तक के लिए अस्थाई बाढ़ सुरक्षा कार्य करा लिये जायें। ताकि अगली बरसात में क्षेत्रवासियों को इस प्रकार की समस्या से न जूझना पड़े। उन्होंने बाढ़ से निजात हेतु राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत तात्कालिक कार्य कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।

इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेश कुमार, आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी उदयराज सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी आदि उपस्थित थे।

16 अगस्त को भारी जन समर्थन के साथ भाजपा प्रत्याशी बागेश्वर मे करेगा नामांकनः भट्ट

भाजपा बागेश्वर उपचुनाव मे मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में 16 अगस्त को व्यापक जन समूह के साथ पार्टी प्रत्याशी का नामांकन करेगी।फिलहाल पार्टी ने 3 नामों का पैनल केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड के समक्ष भेज दिया है जिस पर विचार के उपरांत शीघ्र ही पार्टी उम्मीदवार के नाम पर मुहर लग जायेगी ।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता मे उन्होंने कहा कि वीरवार को राज्य चुनाव समिति ने विचार विमर्श के बाद 3 शीर्ष नामों को केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड को भेज दिया है। संभवत शीघ्र ही पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड नामों पर विचार कर उम्मीदवार की घोषणा कर देगा।
उन्होंने बताया, संगठन ने प्रत्याशी के नामांकन की तैयारी शुरू कर दी है जिसके अनुसार 16 अगस्त को अपार जनसमूह के साथ पार्टी प्रत्याशी का नामांकन किया जायेगा । इस दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
भट्ट ने कहा कि कार्यकर्ताओं की सहमति और जनभावनाओं के अनुरूप उम्मीदवार उम्मीदवार तय किया जायेगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय चंदन राम दास जीवनपर्यंत बागेश्वर क्षेत्र की भलाई के लिए काम करते रहे हैं लिहाजा स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में उनके परिवार के प्रति सद्भावना होना तय है । पार्टी वहां कार्यकर्ताओं की सहमति से ऐसे उम्मीदवार को खड़ा करेगी जो स्वर्गीय दास के अधूरे कार्यों को पूरा कर जनभावनाओं पर खरा उतरे।

उन्होंने कांग्रेस की चुनौती को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा सकारात्मक राजनीति करते हुए जीतने के लिए और कांग्रेस हारने के लिए चुनाव लड़ती है। हम पूर्व निधारित नीति के अनुसार पार्टी प्रत्याशी का चयन करते हैं और कांग्रेस अपनी पार्टी के अंदर और बाहर उम्मीदवार ढूंढती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को आज अपनी पार्टी में ही कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा है और मीडिया के माध्यम से जानकारी आ रही है कि वे उम्मीदवार दूसरी पार्टी से आयात करने वाले हैं । दोनों पार्टियों में सोच का यही फर्क हमे रिकॉर्ड मतों से जिताने वाला है और कांग्रेस की एक बार फिर से जमानत जब्त होने वाली है।
भट्ट ने सड़कों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी वीडियो को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री धामी के बेहतर प्रबंधन में मानसूनी आपदा के बावजूद आज प्रदेश की सड़के मात्र घंटे दो घंटे में खोल दी जाती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अपना जमाना याद करना चाहिए जब एक एक महीने तक सड़के बंद रहती थी। उन्होंने सलाह देते हुए कहा, सड़क बंद के साथ सड़क खुलने की वीडियो भी उन्हे डालनी चाहिए ताकि बाहर से आने वाले लोग भ्रमित न हो और राज्य की छवि प्रभावित नही हो।

सीएम ने अल्मोड़ा में धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूजियम के निर्माण हेतु 69.82 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 41.89 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

कृषि मंत्री ने की अल्मोड़ा विकास भवन में जिला की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा

प्रदेश के कृषि, कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कुमाऊं दौरे के दौरान आज अल्मोड़ा विकास भवन पहुंचकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी विनीत तोमर, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मंत्री गणेश जोशी का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। बैठक के दौरान मंत्री ने जनपद में मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मंडुआ, झंगोरा, गहत, चौलाई जैसी फसलों के उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि यहां की परिस्थितियों के अनुसार मोटे अनाज के उत्पादन की जनपद में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए अधिकारी इस ओर अधिक ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मंडुवा के लिए एमएसपी (38.46 रुपए प्रति किलो) के तहत सरकारी खरीद होने से अब यह फसल किसानों के लिए आय भी अर्जित करेगी। उन्होंने कहा कि मांडुवा खरीद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। जिसके तहत समूह की महिलाओं द्वारा मंडुवा खरीद पर 1.5 रुपए प्रति किलो का इंसेंटिव दिया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित दाम भी घर बैठे प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर महिलाओं की आजीविका बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है, इसलिए विभागीय अधिकारी इस और अधिक लगन से कार्य करें। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं का प्रचार तथा प्रसार बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने निर्देश दिए कि जिले में सेब के उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने एप्पल मिशन के अंतर्गत किसानों को सेब के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही पॉलीहाउस निर्माण में भी तेजी से लाभार्थियों का चयन कर पोलीहाउस बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए तथा जो भी विभागीय योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम आयोजित होते हैं, उनमें जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। ग्राम्य विकास की समीक्षा के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत वृक्षारोपण के जो कार्य किए जाते हैं, उन पौधों की देखरेख का भी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत फलदार पौधे का रोपण किया जाए।परियोजना निदेशक ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 216104 लक्ष्य के सापेक्ष 152992 पौधे लगाए जा चुके हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनीत तोमर, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे, डीसीबी चेयरमैन ललित लटवाल, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पीडी पुष्पेंद्र सिंह समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दैणा होया खोली का गणेशाय से की गई वैश्विक व्याघ्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत

दैणा होया खोली का गणेशाय से सीआरवीआर रामनगर में ग्लोबल टाइगर डे की शुरूआत की गई। संस्कृति विभाग के सौजन्य से उत्तराखंड की अनूठी परम्परा के साथ ही झोड़ा, छपेली कार्यक्रम की रंगारंग सांस्कृतिक झलक की मनोहर प्रस्तुति दी गई।
सीआरवीआर रामनगर में वैश्विक व्याघ्र दिवस आयोजित किया गया। ग्लोबल टाइगर्स दिवस बाघों के संरक्षण के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों की प्रजातियों की घटती आबादी के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए व बाघों के संरक्षण व संवर्धन हेतु तीन रिपोर्ट भी जारी की गई। इसके साथ ही भारत के 06 टाइगर रिजर्व को ग्लोबल कैट्स ऐक्ररेडिशन सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। पूरे भारत मे वन्य जीव संरक्षण की दिशा में असाधारण व सराहनीय कार्य करने वाले वन विभाग के कुल 11 फ्रंटलाइन वर्कर को सम्मानित किया गया जिसमें सिमलीपाल टाइगर रिजर्व के 02 कार्मिकों को मरणोपरांत उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

ग्लोबल टाइगर डे पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वनों एवं वन्यजीवों का संरक्षण देवभूमि की संस्कृति एवं दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है। यह उत्तराखंड की संस्कृति है जो हमें धरोहर के रूप में हमें पुरखों से संस्कार में मिली है। हमें इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की और अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए होम स्टे, बर्ड वॉचिंग व अन्य क्रियाकलापों पर अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
उत्तराखंड में बाघों की संख्या में इजाफा होने पर सीएम ने उत्तराखण्ड की जनता, वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि वर्ष 2018 में 442 बाघों की संख्या थी जो वर्ष 2022 तक बढ़ कर 560 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने देश भर के टाइगर रिजर्व से पहुँचे प्रमुख वन्य जीव संरक्षकों से जिम कॉर्बेट संग्रहालय कालाढूंगी में जाने का अनुरोध किया। कहा कि विश्व विख्यात जिम कॉर्बेट ने अपने जीवन का काफी समय कालाढूंगी में व्यतीत किया। कालाढूंगी में उनका पुराना घर है जिसे एक संग्रहालय का रूप दिया गया है।

हम उत्तराखंडवासी पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम अपनी सदियों पुरानी परंपरा का आज भी पालन कर रहे हैं, जो हमें सिखाती है कि हमें जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों के संग समरसता के साथ रहना चाहिये, क्योंकि ये सब भी इस धरती पर हमारे साथ ही रहते हैं। चिपको आंदोलन के नाम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए इस महिला सत्याग्रह ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया। हमने हाल ही में इस आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं और मैं आज इस मंच से उन सभी सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने उस समय हमारे पेड़ों को बचाया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हल्द्वानी में जल्द ही वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल का शिलान्यास भी किया जाएगा। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों पर कार्य करके उनके समाधान के प्रयास पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि वन्यजीव और मानव संघर्ष के प्रकरणों पर विभाग को स्वतः ही सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुमन्य सहायता दी जानी चाहिए जिससे पीड़ित पक्ष को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
केंद्रीय वन, पर्यावरणीय ,जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनि कुमार चौबे ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना मानव जीवन का कर्तव्य है। जब मनुष्य प्रकृति की रक्षा करेगा तो प्रकृति स्वयं ही प्राणियों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि आज बाघ संरक्षण के 05 दशक पूरे किए हैं जो कि उपलब्धियों से परिपूर्ण है। पूरे विश्व के 75 प्रतिशत से अधिक बाघ भारत में पाए जाते है। उन्होंने कहा बाघों के संरक्षण संवर्धन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए वन विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग से लैस किया गया है किन्तु आवश्यकता है अधिक सशक्त बनाने की। उन्होंने कहा जिस प्रकार सेना व पुलिस को उनकी वीरता के लिए पदक दिया जाता है उसी प्रकार वन विभाग को भी उनके साहसिक कार्यों के लिए वीरता पदक से राष्ट्रपति द्वारा नवाजा जाए, इस दिशा में कारगर प्रयास जारी है।
उन्होंने बाघों के महत्व के विषय मे बताया कि बाघ को स्थानीय समुदायों की आजीविका एवं सतत विकास का प्रतीक चिन्ह माना गया है। इसे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक मानते हुए वैश्विक स्तर पर सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन निवारण के मानक के रूप में देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री एवं पर्यटन रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि वन्य जीव टाइगर के संरक्षण व संवर्धन के लिये 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की गई। कहा कि बाघों के संरक्षण व संवर्धन के लिए वित्तीय सहयोग भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यवार बाघों के आंकड़े जारी किए गए। पूरे भारत वर्ष में 2018 की तुलना में 2022 में 715 बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 के आंकड़ों के आधार पर बाघों की कुल संख्या 3682 है जो कि 2018 में 2967 थी। सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में 785 फिर कर्नाटक में 563 व उत्तराखंड में 560 बाघों की संख्या रही। जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तरखण्ड कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सँख्या बड़ी है। 2018 की तुलना में 118 बाघ बड़े है राज्य में अब कुल बाघ 560 हो गए है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व में पहले 231 बाघ जो बढ़कर 260 हो गए है।
प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी व नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री द्वारा एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसकी थीम थी टाइगर, द किंग ऑफ जंगल। 18 राज्यों व 02 केंद्र शासित प्रदेशों से 6892 प्रविष्टि देशभर में की गई थी जिसमें से 20 लोगों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम तीन स्थान पर आने वालों को क्रमशः 5000 4000 व 3000 की धनराशि दी गई। प्रथम स्थान पर दिल्ली के ग्यारहवीं के युवराज द्वितीय स्थान पर दिल्ली के ही बारहवीं कक्षा के अनुराग कुमार व तृतीय स्थान पर भुवनेश्वर की 11वीं की नयनिका जीना रही।
कार्यक्रम में भारत के विभिन्न टाइगर रिजर्व से आये ईडीसी व स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टाल लगाकर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल राम सिंह, नैनीताल सरिता आर्या,यमकेश्वर रेणु बिष्ट, महानिदेशक वन सीपी गोयल, सदस्य सचिव एनटीसीए डॉ ऐस पी यादव, आईजीएफ अमित मलिक, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, समीर सिन्हा, कुमाऊँ मुख्य वन संरक्षक पी के पात्रो, आईजी नीलेश आंनद भरणे, डायरेक्ट कॉर्बेट डॉ धीरज पांडेय, राजाजी डॉ साकेत बड़ोला सहित अन्य वन अधिकारी उपस्थित थे।

बागेश्वर में सीएम की 17 घोषणाओं पर एसीएस ने अधिकारियों को शीर्ष प्राथमिकता पर करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बागेश्वर विधानसभा के लिए की गई कुल 17 घोषणाओं की प्रगति की सचिवालय में समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को सीएम घोषणाओं का क्रियान्वयन शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग टारगेट ऑरियेन्टेड कार्यशैली के साथ सरलीकरण की प्रक्रिया को अपनाते हुए सीएम की घोषणाओं पर गम्भीरता से कार्य करें।

बैठक के दौरान धर्मस्व विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बागनाथ मन्दिर में निर्माणधीन धर्मशाला एवं काल भैरव धर्मशाला के पुर्नद्धार हेतु शासन स्तर से शासनादेश एवं धनराशि निर्गत कर दी गई है तथा आगे की कार्यवाही गतिमान है। हरज्यू मन्दिर दफौट, नीलेश्वर एवं चण्डिका मन्दिर, बागेश्वर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने हेतु कार्यवाही गतिमान है। कोट भ्रामरी मंदिर के स्थल विकास के सम्बन्ध में भी कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि पालडी से जैनकरास मोटर मार्ग एवं गुरना से नैनी उडियार मोटर मार्ग के डामरीकरण के सम्बन्ध में शासनादेश जारी हो चुका है। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि बागेश्वर जिला चिकित्सालय के भवन की स्वीकृति के सम्बन्ध में कार्यवाही गतिमान है। नागरिक उडडयन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि बैजनाथ मेला डुंगरी हैलीपैड विस्तारीकरण के सम्बन्ध में जल्द ही सर्वेक्षण की कार्यवाही आरम्भ की जाएगी।

बैठक में परिवहन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि बागेश्वर को रेलवे मानचित्र में स्थान दिलाये जाने के लिए टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाईन का निर्माण कराये जाने के लिए भारत सरकार में प्रयास के सम्बन्ध में आयुक्त कुमाऊ मण्डल एवं जिलाधिकारी बागेश्वर, चम्पावत तथा अल्मोड़ा को पूर्वाेत्तर रेलवे गोरखपुर द्वारा उपलब्ध करायी गयी टनकपुर बागेश्वर नई प्रस्तावित रेल लाईन के फाइनल लोकेशन सर्वे से सम्बन्धित सूचना के सम्बन्ध में अपनी रिर्पाेट उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गए है। संस्कृति विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि कोट भ्रामरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने के सम्बन्ध में कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में सचिव अरविन्द सिंह हयांकी, हरीचंद सेमवाल, अपर सचिव विनीत कुमार, डा0 अमनदीप कौर, सी रविंशकर, जगदीश काण्डपाल तथा सम्बन्धित विभागों के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में व्यापार से जुडे लोग राज्य के ग्रोथ इंजन तथा अर्थव्यवस्था के आधारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर, उधम सिंह नगर में कुमाऊं गढ़वाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे व्यापारी उत्तराखंड के ‘ग्रोथ इंजन’ एवं अर्थव्यवस्था के आधार हैं। राज्य में उद्योगों के साथ व्यापार एवं स्वरोजगार को बढावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य का शांत वातावरण तथा दक्ष युवा शक्ति उद्योगों के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्यमी हमारे ब्रांड एम्बेसडर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और औद्योगिक इकाइयों के लिए श्रेष्ठ वातावरण बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। व्यापारियों एवं उद्यमियों की मेहनत के कारण ही आज भारत की अर्थव्यवस्था इस मुकाम पर पहुंची है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में उत्तराखंड के उद्यमियों ने उत्कृष्ट योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बुनियादी ढांचा, कृषि, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। भारत के विकास में आजादी के इस अमृत काल में उत्तराखंड को भी बढ़ चढ़ कर अपना योगदान देना है। इस विकास यात्रा में सभी व्यापारियों की भूमिका बहुत अहम है हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारण और संतुष्टि के मंत्र को आत्मसात कर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण हेतु ऊधम सिंह नगर में राज्य स्तर की उद्योग मित्र बैठक आयोजित की गई थी। राज्य के उद्यमियों द्वारा दिए गए कई बिंदुओं के त्वरित समाधान तथा अनुश्रवण के लिए एक माह के अन्दर ही ऑनलाईन पोर्टल बना दिया गया। राज्य सरकार ने राज्य के उद्यमियों को राज्य का ब्राण्ड अम्बेसडर घोषित करते हुए कहा था कि राज्य में निवेश बढ़ाने में आपकी सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य के उद्यमियों द्वारा ब्राण्ड अम्बेसेडर के रूप में कार्य करने से ही विगत वर्ष राज्य को 12,000 करोड़ से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जो पूर्व वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। राज्य सरकार इन निवेश प्रस्तावों को शीघ्र की धरातल पर कियान्वित करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश की गति को तीव्रता प्रदान करने के लिए दिसम्बर, 2023 में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भी आयोजित किया जा रहा है। इस समिट से राज्य में निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग के क्षेत्र में हो रहे नए आविष्कारों तथा तकनीकों से हमारे उद्यमियों को भी लाभ प्राप्त होगा और उनके सामने अपने व्यवसाय को अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर विस्तार देने का अवसर प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों एवं उद्यमियों की लगन, फीडबैक से हमारा राज्य ईज ऑफ डुईंग बिजनेस रैंकिंग में देश में अचीवर्स की श्रेणी में सम्मिलित होकर अन्य कई बड़े राज्यों के समकक्ष खड़ा हुआ है। राज्य में रेल रोड एवं एयर कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो गयी है। पन्तनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के सम्बन्ध में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के बैकबोन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य में व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनायें शुरू की गयी है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट के रूप में आई०सी०डी० की स्थापना की गयी है। शीघ्र ही अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का कार्य आरम्भ होने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय गति-शक्ति नेशनल मास्टर प्लान’’ के अन्तर्गत लॉजिस्टिक से संबंधित समस्त गतिविधियों पर कार्यवाही राज्य स्तर पर की जा रही है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड लॉजिस्टिक्स नीति-2023 प्रख्यापित की गयी है। जिससे आधारभूत संरचना के विकास में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने ‘विकसित उत्तराखंड’ को केंद्र में रख कर अपनी नीतियां बनाई हैं और यहीं कारण है कि आज उत्तराखंड तेजी से बिजनेस फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है।
इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर ऊषा चौधरी, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग मुकेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, अध्यक्ष केजीसीसीआई अशोक बंसल, महासचिव बांके बिहारी गोयनका, पूर्व अध्यक्ष विनीत कुमार संगल, जिलाधिकारी उदयराज सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।