मुख्य सचिव ने प्रदेश में अतिवृष्टि की जानकारी जुटाई

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनपदों में हुई वर्षा की विस्तृत जानकारी लेते हुए सम्बन्धित जिलाधिकारियों से क्षेत्रवार हालात के बारे में जानकारी प्राप्त की।

संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से हों आवश्यक प्रबन्धः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा और भूस्खलन की सम्भावनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।

मूलभूत सेवाएं तत्काल की जाए सुचारू

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, पेयजल और विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सेवाओं के बाधित होने की स्थिति में इन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय बनाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री समय पर पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य और जिला स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जनसामान्य को समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इस संदर्भ में उन्होंने अधिकारियों को ’सचेत एप’ के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग मौसम से जुड़ी अद्यतन जानकारी समय रहते प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना साकार कर रही पौड़ी की मातृशक्ति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का संकल्प अब धरातल पर खिलता नज़र आ रहा है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक की महिलाएं लिलियम फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही हैं। इन फूलों की खुशबू अब न केवल खेतों में, बल्कि महिलाओं के जीवन में भी उम्मीद और समृद्धि की महक भर रही है।

उद्यान विभाग, ग्रामोत्थान परियोजना एवं एनएचएलएम के संयुक्त प्रयासों से कोट ब्लॉक में 22 पॉली हाउस बनाए गए हैं। पहले चरण में आठ पॉली हाउसों में महिला समूहों ने हॉलैंड से आयातित ओरिएंटल और डांसिंग स्टार वैरायटी के बल्ब लगाए हैं।

महिलाओं को जिला योजना से 50 प्रतिशत अनुदान, उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर सहयोग और बाज़ार उपलब्ध कराने की गारंटी सरकार द्वारा दी जा रही है। ए-ग्रेड लिलियम की कीमत 80 रुपये, बी-ग्रेड 70 रुपये और सी-ग्रेड 60 रुपये तक तय की गई है। इससे यहां की महिलाएं प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक की आय का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्तराखण्ड की मातृशक्ति हमारे राज्य का वास्तविक बल है। कोट ब्लॉक की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प और परिश्रम से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। यह सिर्फ फूलों की खेती नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल है। हमारी सरकार हर बेटी और हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के सपने को साकार करने में हमारी मातृशक्ति सबसे बड़ी सहभागी बनेगी।
यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण, नवाचार आधारित खेती और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की परिकल्पना को नई दिशा दे रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विज़न

हमारा संकल्प है कि उत्तराखण्ड की हर बेटी और हर महिला अपने सपनों को पंख दे सके। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का मार्ग हमारी मातृशक्ति के साहस और मेहनत से ही प्रकाशित होगा। आज पौड़ी की धरती से जो खुशबू उठ रही है, वही कल पूरे उत्तराखण्ड की पहचान बनेगी।

सीएम ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील को खोलने के लिए चल रहे कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद के स्यानाचट्टी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित लोगों से मिले तथा उनकी समस्याएं सुनकर हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया।

स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में गडगाड गदेरे से मलबा आने से यमुना का प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण अस्थाई झील निर्मित हुई थी। मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण किया और नदी मार्ग में जमा हुई गाद को हटाने और झील के मुहाने को चौड़ा करके त्वरित जल निकासी बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को जल भराव और मलबा आने से स्थानीय लोगों का हुए नुकसान का तत्काल आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवाजाही बाधित होने के कारण आलू की फसल की उचित मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुपड़ा कुंशाला पुल का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द कार्यदायी संस्था नामित कर निर्माण कार्य शुरू करने और आवाजाही बहाल होने तक वैकल्पिक पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगह जगह भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने से बाधित हुई आवाजाही को बहाल किया जाए और यमुनोत्री मार्ग को सुचारू कर यात्रा के लिए जल्द खोला जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है तथा प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का आंकलन कर जल्द से जल्द हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस दौरान पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाध्यक्ष बीजेपी नागेंद्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान,गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट , जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह नेगी एवं जनक सिंह पंवार उपस्थित रहे।

प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को वृहद स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाए। आवश्यकता अनुसार इसमें नए पदों का सृजन भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन इस पर शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्यशालाओं का आयोजन करें तथा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई राज्य में न हो पाए। ड्रग्स की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है। इस दिशा में प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

सीएस निर्देश, प्रदेश में पर्यावरण विभाग होगा कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कार्बन क्रेडिट के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट आय के नए स्रोत के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी विभागों द्वारा कार्बन क्रेडिट की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पर्यावरण विभाग कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य, जिसका अधिकतम भूभाग वन से आच्छादित है, के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के भी नए अवसर पैदा करता है। उत्तराखण्ड के किसान और स्थानीय समुदाय कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन, कृषि और सहकारिता विभाग विभाग में कार्बन क्रेडिट की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग को अपने अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इसमें शामिल कर कार्बन क्रेडिट्स की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को कार्बन क्रेडिट और ग्रीन क्रेडिट की दिशा में शीघ्र तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कृषि विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग को भी कार्बन क्रेडिट पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय समुदायों की सहभागिता से जैव विविधता की रक्षा होगी एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के नए अवसर के साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों का हाल जान, मदद का हर संभव दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्याे की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

सीएम धामी ने थराली में तोड़ा प्रोटोकॉल, काफिला रूकवाकर सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे।

विदित है कि मुख्यमंत्री इसी तरह धराली आपदा के समय लगातार तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे और हर राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग की।

मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम के निर्देश पर थराली में आपदा राहत कार्य तेज गति से चल रहा

बीती रात तहसील थराली के अन्तर्गत टुनरी गदेरे में पानी बढ़ने के कारण तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कुछ घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया और कुछ वाहन भी मलबे में दबे है। रा.उ.नि. थराली द्वारा बताया गया कि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान में मलबा आने के कारण एक लड़की मलबे में दब गयी थी जिसके शव को डीडीआरएफ थराली के जवानों के द्वारा रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति लापता है जिसकी खोजबीन प्रशासन द्वारा की जा रही है।

जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं।शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग, डीडीआरएफ के 07 जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 12 जवान, एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है ।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 04 चिकित्साधिकारी, 06 स्टॉफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधि सहित एलर्ट मोड पर है, इसके अतिरिक्त दो 108 एम्बुलेंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग में तैनात कर दी गयी है। अतिरिक्त 02 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से भी तैनाती की गयी है।उन्होंने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है।साथ ही लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गयी है।

जिलाधिकारी ने बताया मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं आपदा स्थल पर भेज दी गयीं हैं।भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

अंबाला में उत्तराखंड के युवकी की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा सीएम से की वार्ता

अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया।

इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।