धराली आपदा राहत कार्यों के लिये बैंक आफ बड़ौदा ने उठाया हाथ, दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, ऑफ बड़ौदा के जी.एम प्रतीक अग्निहोत्री, डीजीएम एस.पी.एस तोमर, रीजनल हेड अरविंद जोशी मौजूद रहे।

उत्तरकाशी के धराली आपदा प्रभावितों को सरकार की त्वरित राहत, सीएम धामी की दो महत्वपूर्ण घोषणाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के धराली गांव में हालिया आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यह कदम राज्य सरकार की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन के प्रति तत्परता को दर्शाता है।

आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि ग्राम धराली, तहसील भटवाड़ी, जनपद उत्तरकाशी में आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु रु. 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, आपदा में मृतकों के परिजनों को भी 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि उन्हें इस कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।

समग्र पुनरुद्धार और आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित ग्राम वासियों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार, एवं स्थायी आजीविका के सुदृढ़ीकरण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी।

यह समिति धराली गांव के भविष्य के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, जिससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। शासन स्तर पर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को त्वरित और प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

सीएम ने आपदा राहत कार्यों में पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार जताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पंजाब नेशनल बैंक से आए प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए ₹ 1 करोड़ का योगदान प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह राशि आपदा प्रभावित परिवारों के त्वरित सहायता और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा संकट की घड़ी में संस्थाओं एवं संगठनों का इस प्रकार आगे आना समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धराली क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है और प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, पंजाब नेशनल बैंक के जी.एम अनुपम, ए.जी.एम अजित कुमार उपाध्याय, चीफ मैनेजर सर्वेश मौजूद रहे।

सीएम की निगरानी में किया जा रहा धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और निर्देशन में आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

मुख्यमंत्री तीन दिन से उत्तरकाशी में ही प्रवास कर स्वयं रेस्क्यू अभियान की कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के निकटवर्ती मातली हेलीपैड में जाकर रेस्क्यू अभियान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री की खेप रवाना करवाई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए मातली हेलीपैड से सुबह सात बजे से हेलिकॉप्टर्स की आवाजाही का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए मातली हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री रेस्क्यू अभियान का जायजा लेने के लिये आज फिर से धराली क्षेत्र के भ्रमण पर रवाना हुए हैं।

आपदाग्रस्त धराली क्षेत्र में प्रभावितों को राहत पहुंचाने और लापता लोगों की खोजबीन का अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

बुनियादी सुविधाओं तथा संचार व्यवस्था की बहाली के लिए विभिन्न एजेंसियां निरंतर जुटी हुई हैं। हर्षिल बगोरी में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर करें बहालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार देर रात्रि आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी पहुंचकर जनपद में चल रहे आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम से वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने हर्षिल धराली में बादल फटने से आयी प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत अभियानों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राहत सामग्री और बचाव दल की प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। उन्होंने बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में कनेक्टिविटी को सुचारू करने के लिए जल्द से जल्द विसेट और जेनसेट को धराली हर्षिल क्षेत्र पहुंचाने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आपदा प्रबंधन की तैयारियों और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं और लगातार राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी आपदा से निपटने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना बनाने के लिए भी कहा, जिसमें पूर्वानुमान प्रणाली और संचार नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली एवं देहरादून लाए जा रहे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा लगातार आपदा की स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा आपदा की इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वाशन दिया है।’

मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर रोड कनेक्टीविटी को बहाल करने तथा धराली हर्षिल क्षेत्र में मूलभूत सुविधा विद्युत, जल, संचार सेवाओं की बहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।

पौड़ी के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी में सीएम ने नुकसान की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे पौड़ी जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल जाना एवं आपदा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावितों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी न हो। इससे पूर्व उन्होंने हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी किया।

मुख्यमंत्री ने नौठा में बुराँसी के आपदा प्रभावित और अन्य ग्रामीणों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक भी दिये। मुख्यमंत्री ने सैंजी गांव में क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरते हुए आपदा प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित गति से राहत कार्य हेतु उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को ढाँढस बंधाया और कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे, उन्होंने कहा पूरा राज्य पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों के पुनर्वास एवं विस्थापन की कार्यवाही त्वरित गति से की जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करवाए जाने के साथ सर्वप्रथम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाय। उन्होंने कहा कि राहत केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, दवाई, राशन की पर्याप्त व्यवस्था की जाय। साथ ही उन्होंने वाडिया इंस्टीट्यूट के माध्यम से सर्वे करने के भी निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात की जाए। ताकि बीमार, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा विशेष रूप से प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार समय से मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मा. मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास के लिए एक समिति बनाई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के दुकानों मकानों को क्षति पहुंची है, उनके लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएं।

जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है और तथा राहत सामग्री और धनराशि वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर गांव तक प्रशासन की टीम पहुंच रही है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

उत्तरकाशी में सीएम ने देर शाम की ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की देर शाम को स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी में समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान अन्य जनपदों के जिलाधिकारी एवं शासन के उच्च अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री ने आज हर्षिल एवं धराली क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिले। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने धराली में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तीव्र गति के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर सभी जनपदों की आपदा तैयारियों की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता पर किए जाए तथा प्रभावितों को भोजन,पेयजल,चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने अवरुद्ध सड़क मार्ग को यथाशीघ्र खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत सामग्री और बचाव दलों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए।

जहां तक सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं,वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंच बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं को तत्काल बहाल करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने इस आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय पर दी गई सहायता से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।’

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बीआरओ, सेना स्वास्थ्य,आपदा प्रबंधन,लोक निर्माण,ऊर्जा,जल संस्थान और संचार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर, धराली आपदा प्रभावितों से की मुलाकात

मौसम की तमाम चुनौतियों तथा विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज धराली में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। आज हेलीकॉप्टर की 07 सार्टी हुईं। सबसे पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री के ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही प्रभावितों का दर्द और आंसू छलक उठे। कई लोग मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार धराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को 24ग7 मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। हर एक व्यक्ति की जान कीमती है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यूकाडा के हेलीकॉप्टर निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका, रेस्क्यू टीमें पहुंची धराली
देहरादून। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बीच बुधवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टरों की कुल 07 सार्टी हुईं। इनमें से पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दूसरी सार्टी के जरिये जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा एसपी उत्तरकाशी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं अन्य सार्टी में जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के कुल 22 लोग ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। एनडीआरएफ के 28 जवान भी 02 सेटेलाइट फोन के साथ यूकाडा के हेलीकॉप्टरों के जरिये धराली पहुंच चुके हैं। वहीं यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने सेना के ले. कर्नल समेत 10 जवानों का धराली से रेस्क्यू किया है। सेना के 02 घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है, दो अन्य को सड़क मार्ग से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है। शेष अन्य का उपचार मातली तथा जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। साथ ही 03 अन्य नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।

मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास-सुधांशु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ राहत और बचाव कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के साथ ही मौके पर भेजे जा रहे मानव संसाधन तथा उपकरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। मार्ग खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से हवाई रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है, मौसम साफ होते ही हेली सेवाओं द्वारा बचाव दलों के साथ ही मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी को एयर ड्रॉप किया जाएगा। बुधवार शाम को भी आरके सुधांशु राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। सचिव शैलेश बगौली राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आज सुबह से ही उपस्थित हैं और राहत और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव चंद्रेश यादव, सचिन कुर्वे, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

02 लोगों के शव बरामद, 15 के लापता होने की सूचना
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि धराली आपदा में लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सड़कों को खोलने के लिए लगातार मौके पर टीमें कार्य कर रही हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य संचालित करने के साथ ही बचाव दलों तथा उपकरणों को आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धराली में वहां पर मौजूद बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य मंगलवार को ही प्रारंभ कर दिए गए थे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बनी रेस्क्यू अभियान की रणनीति
देहरादून। प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण प्रातः साढ़े आठ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन को लेकर रणनीति बनाई। सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया। खराब मौसम के बीच हेली सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाए, किन हेलीपैडो का उपयोग किया जाए, मार्ग बाधित होने के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच उपकरणों को किस प्रकार ग्राउंड जीरो पर भेजा जाए, विभिन्न स्थानों पर फंसी रेस्क्यू टीमों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस पर मंथन किया गया। मौसम विभाग से आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

चिनूक पहुंचा जौलीग्रांट, बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार के स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वे लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू अभियान की अपडेट ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित गति से वायु सहायता उपलब्ध कराई गई है। 02 चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं। इसमें एनडीआरएफ के 50 जवानों तथा उनके उपकरणों को ग्राउंड जीरो के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। एक एमआई 17 खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस सरसावा बेस लौटना पड़ा। मौसम साफ होते ही एमआई 17 के पुनः लैंडिंग के प्रयास किए जाएंगे। वहीं 115 स्पेशल फोर्सेज के साथ सेना के 05 एएन-32 हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।

युद्धस्तर पर कार्य कर रहे राहत और बचाव दल
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में डटे हैं। मार्ग बंद होने के कारण विभिन्न बचाव दल विभिन्न स्थानों में फंसे हैं। बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग खुलते ही सभी दल ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ करेंगे। भटवाड़ी में बंद सड़क को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। हर्षिल तथा पापड़गाड़ में मार्ग बंद है। उत्तरकाशी तक सड़क खोल दी गई है। गंगनानी तथा लिंचा ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैली ब्रिज बनाकर यहां यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव संसाधनों का विवरण निम्नानुसार है
वर्तमान में राजपुताना रायफल्स के 150 जवान तथा घातक बटालियन के 12 जवान ग्राउंड जीरो में मौजूद हैं तथा राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
आईटीबीपी के 100 कार्मिक जिनमें अधिकारी, डाक्टर व जवान शामिल हैं, मौके पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहे हैं।
एसडीआरएफ के 06 जवान भी मंगलवार से ही धराली में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और उनके द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
सेना के 40 जवान नेलांग से पैदल रवाना की गई है। वहीं 50 जवानों की मेडिकल टीम टेकला तक पहुंच गई है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान घटनास्थल के लिए रवाना किए गए हैं।
एसडीआरएफ के 10 जवान सेटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी पहुंच गए हैं। 07 जवान लाटा पहुंच गए हैं। 07 जवान सेटेलाइट फोन के साथ गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली में ढालवाला तथा बटालियन से 20 जवानों को भेजा गया है। 08 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में रिजर्व में रखा गया है। डॉक स्क्वायड की 06 टीमें उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ के 79 जवान पापड़गाड़ में फंसे हैं, हालांकि 15 को यहां से आगे भेजने में सफलता मिली है। 07 जवान गौचर से उत्तरकाशी रवाना किए गए हैं। 50 तथा 24 सदस्यीय 02 टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाई में हैं। 15 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्टैंडबाई में रखा गया है।

फायर सर्विस यूनिट गंगोत्री के 04 जवान घटनास्थल पर मौजूद हैं। उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अन्य जनपदों से भेजी गई 03 टीमों को एलर्ट मोड पर रखा गया है। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हैं।

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 05 विशेषज्ञों की टीम भी रवाना कर दी गई है। 10 डॉक्टरों की टीम को पोस्टमार्टम के लिए स्टैंडबाई में रखा गया है। मनोचिकित्सकों की टीम भी बनाई गई है, जिसे घटनास्थल के लिए रवाना किया जा रहा है। 25 एम्बुलेंस तैयार हैं। 10 को स्टैंडबाई में रखा गया है। सीएचसी भटवाडी, चिन्यालीसौंड़, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, जिला चिकित्सालय देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज तथा एम्स ऋषिकेश में 65 आईसीयू बैड तथा 270 जनरल बैड आरक्षित किए गए हैं।

शाम को करीब पांच बजे चार सदस्यीय एक मेडिकल टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व एक सीनियर डाक्टर हैं, जो स्थानीय निवासी हैं।

धराली आपदा में राहत कार्यों के लिये वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार

उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से स्थिति की वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की और उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है तथा प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेश सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक सहायता पहुँचाने हेतु कटिबद्ध है।

9 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खाते में पीएम ने डाली 20 हजार 500 करोड़ रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत देश के 09 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 20 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत उत्तराखण्ड के 08 लाख 28 हजार 787 लाभार्थी किसान परिवारों को 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ीकैंट, देहरादून से इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने तथा उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। योजना की 20वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही उत्तराखंड के किसानों को करीब 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है। ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान भी किया गया है। गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान करने के साथ ही गन्ने के मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ‘स्टेट मिलेट मिशन’ और ‘ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया गया है। इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी प्रदेश अग्रणी बनकर उभरा है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई। उत्तराखण्ड देश का सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने वाला राज्य बना। राज्य में प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू करने के बाद लगभग 24 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानूनों को लागू किया गया है। प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2023-24 में “मिलेट सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश“ का पुरस्कार हैदराबाद में आयोजित इंटरनेशनल न्यूट्री-सीरियल कन्वेंशन में प्रदान किया गया। मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना तथा जैविक कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को भारत सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल के ग्राम सुनकिया के कृषक हर्ष सिंह डंगवाल को “जैविक इंडिया अवार्ड” मिला, जबकि उत्तरकाशी को लाल धान के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” में द्वितीय स्थान और हरिद्वार व टिहरी जनपद को पीएम फसल बीमा योजना में क्रमशः प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, पूर्व सांसद बलराज पासी, सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान एवं प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।