केदारनाथ में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होगी दूर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में केदारनाथ धाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनपद रुद्रप्रयाग में संचालित केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों, यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके त्वरित समाधान को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सुचारु, पेयजल-विद्युत की स्थिति सामान्य
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि वर्तमान में केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। जनपद में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं है। संबंधित विभागों द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार प्रभावी बनाए रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों की सुविधा से जुड़ी छोटी से छोटी समस्या का भी तत्काल संज्ञान लेकर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं, हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुछ कमी महसूस की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की अतिरिक्त तैनाती का अनुरोध किया गया। डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रियों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।

प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उनके संचालन और यात्रा मार्ग पर पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, आवश्यक चिकित्सा सुविधा तथा संचालन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि यात्रा व्यवस्था के साथ-साथ पशु कल्याण के मानकों का भी पालन हो।

सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य
डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, यातायात, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा राज्य की महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल है और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर उसका समाधान किया जाए। साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।

प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता को भी पूरा किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी हो। घोड़ा-खच्चरों के साथ मानवीय व्यवहार और निर्धारित मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। छोटी से छोटी समस्या का तत्काल समाधान कर श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स देहरादून में सीएम धामी ने एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर सीएम धामी को दी बधाई

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उत्तराखंड कोे ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित किये जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रदेशवासियों शुभकामनाएं दी हैं। ज्ञातव्य है कि उत्तराखंड को यह उपलब्धि 08 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गये बधाई पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक प्रतिबद्धता तथा प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर देश के समक्ष एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहाँ समग्र शिक्षा बाल्यावस्था की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर बालवाटिका, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करते हुए सभी के लिए शिक्षा की पहुँच, समानता और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है। वहीं उल्लास उन वयस्क शिक्षार्थियों को सशक्त बनाता है, जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। यह उन्हें आधारभूत साक्षरता, जीवन कौशल और डिजिटल दक्षता भी प्रदान करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की यह उपलब्धि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा वे समावेशी और समानतापूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने प्रयासों को और अधिक गति देंगे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सतत शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से नव-साक्षरों के समग्र सशक्तीकरण तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में उत्तराखंड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड का ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं जनभागीदारी का परिणाम है। राज्य सरकार का लक्ष्य साक्षरता तक सीमित न रहकर प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

पदक विजेताओं को सम्मानित कर बोले सीएम, राज्य के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं, प्रशिक्षकों एवं उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय हैं।

सम्मानित होने वालों में पैरा एथलीट शुभम जुयाल (रजत पदक विजेता, रुड़की), जूडो खिलाड़ी उन्नति शर्मा (कांस्य पदक विजेता, देहरादून), शुभम जुयाल के प्रशिक्षक राकेश सिंह रावत (पौड़ी), उन्नति शर्मा के प्रशिक्षक सतीश चन्द्र शर्मा तथा पुनेश कुमार सिंह (देहरादून), भारतीय बॉक्सिंग टीम के प्रशिक्षक खीमानन्द बेलवाल (हल्द्वानी) शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और वर्षों की सतत साधना होती है, इसलिए प्रशिक्षकों का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना है। इसी दृष्टि से राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिला और ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए खेल नीति को और अधिक प्रभावी बनाया है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार राशि, सरकारी सेवाओं में अवसर, छात्रवृत्ति तथा विशेष प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। महिला खिलाड़ियों, दिव्यांग खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति में अपार संभावनाएँ हैं और सरकार खेलों को रोजगार, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। खेल विश्वविद्यालय, खेल अकादमियों के सुदृढ़ीकरण, प्रशिक्षकों के क्षमता विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ी और उनके प्रशिक्षक आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे तथा उत्तराखंड के अनेक युवा खेलों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा व खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

किताब-कॉपी और कौशल से सशक्त होगा अल्पसंख्यक समाज, शिक्षा को बनाया विकास का आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह प्राधिकरण हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उत्तराखण्ड को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा। उन्होंने धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, शिक्षण संस्थाओं और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मगुरु, शिक्षाविद एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल को लेकर राज्यभर में होंगे जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों, विकास योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक प्रदेश में अचीवमेंट एग्जीबिशन का आयोजन किया जाए। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएं। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि आमजन तक सही एवं व्यापक जानकारी पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यपरक, जनोपयोगी एवं सहज रूप में तैयार किया जाए तथा इसे विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों एवं क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनहित एवं विकास के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय, व्यापक जनसहभागिता एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।

नीट की पुनः परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक, 21 जून को होनी है परीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नीट परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ आयोजित कराए जाने हेतु अत्यधिक सुरक्षा एवं निगरानी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र शासनादेश जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों बारिश की सम्भावना को देखते हुए सड़कें बंद होने पर बैकअप प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने 14 जून, 2026 को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक जांचें, संदिग्ध का वैरीफिकेशन, परीक्षार्थियों की चौकिंग आदि के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 21 जून, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी जनपद स्तर पर आयोजन स्थलों के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही आयोजन स्थलों के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी आवश्यक रूप से उपलब्ध करायी जाए।

इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जी.एस. मार्ताेलिया, प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन एवं धीराज सिंह गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के 12 साल के ऐतिहासिक विकास कार्यों का किया बखान

देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आने के बाद विगत 12 वर्षों के दौरान उत्तराखंड में सड़क, रेल से लेकर हवाई सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व ने इस रफ्तार पर डबल इंजन लगाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में चारधाम सड़क परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के चारों धामों को ऑल वेदर रोड से जोड़ना है, करीब 12,000 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिस कारण चारधामों सहित पहाड़ के बड़े हिस्से में आवाजाही सुगम हुई है। प्रधानमंत्री ने दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में एक और सौगात उत्तराखंड को दी है। 11,963 करोड़ रुपए की लागत से बने 210 किमी लंबे इस हाईवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे के अकल्पनीय समय में पूरा करना संभव हो पाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृ ऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

आम आदमी ने भरी उड़ान
बीते 12 वर्षों के भीतर राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों के लिए भी हवाई सेवाएं शुरु हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के तीन बड़े एयरपोर्ट जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ का विस्तार किया जा चुका है। साथ ही आम आदमी के सपनों का पंख देने के लिए शुरु केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत भी प्रदेश में 18 हैलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ही देहरादून एयरपोर्ट से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पुणे, कुल्लू जैसे शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा प्रारंभ हो चुकी है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी से हेली सेवा का संचालन किया जा रहा है।

पहाड़ में पहुंचने वाली है रेल
केंद्र में मोदी सरकार बनने बाद राज्य में रेल नेटवर्क में भी तेजी से विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार के विशेष प्रयास से 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सक्रिय प्रयासों से केंद्र सरकार ने टनकपुर दृ बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक रेललाइन के सर्वे पर भी सहमति प्रदान कर दी है। साथ ही प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। विगत 12 वर्षों में उत्तराखंड में हर तरह की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से से कुछ घंटों में बड़े शहरों तक पहुंच संभव है। राज्य सरकार भी प्रदेश में हर तरह के यातायात साधन विकसित करने का प्रयास कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड