सीएम धामी ने आपदा में सहयोग वाले कर्मियों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित ’’प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह’’ में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में योगदान देने पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी के कर्मियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सम्मान ऐसे कर्मियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में अपनी जान की परवाह किए बिना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम उत्तराखंड की बात करते हैं, तो केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता की ही नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक कठिनाइयों और प्रत्येक वर्ष होने वाली आपदाओं की चुनौती भी स्वतः ही सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे हमारे राज्य में भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ आना आम बात हैं। देवभूमि में रहते हुए हम ये जानते हैं कि प्रकृति का सौंदर्य जितना मनोहारी है, उतनी ही यहां चुनौतियाँ भी अप्रत्याशित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सबने 2013 की केदारनाथ आपदा की त्रासदी को देखा है, जब जय प्रलय में हजारों लोगों की जानें चले गईं थी। इसी प्रकार 2021 में चमोली की ऋषिगंगा और धौलीगंगा घाटी में आई आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 2023 में जोशीमठ का धंसाव भी एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने आया। इस वर्ष भी उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की अनेक घटनाओं का हमने सामना करना पड़ा। इन आपदाओं में कई लोगों की मृत्यु हुई, कई लोग लापता हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मानव जीवन की रक्षा करने की थी, यही समय था जब एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस- प्रशासन के लोगों ने आपदा में घायल और मलबे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर लगातार काम किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा के समय हमारे राहत कर्मियों ने न केवल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि पुनर्वास और राहत शिविरों का भी संचालन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिल्क्यारा टनल में फंसे मजूदरों के लिए चलाए गए अभियान को नहीं भूल सकते। तब दिन-रात चलने वाले बचाव अभियान पर पूरे देश की निगाह थी। परंतु बाबा बोखनाग के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने हमारे अभियान को सफल बनाया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो जब भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो बचाव और राहत कर्मियों के जज्बे को देखकर उन्हें विश्वास हो जाता है कि हम प्रत्येक चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों में सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देहरादून आकर आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द बाँटा, उनकी समस्याएँ सुनीं और समीक्षा बैठक कर त्वरित निर्णय भी लिए। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के लिए 1200 करोड़ रुपये की विशेष राहत राशि की घोषणा भी की, जिससे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में हमें बड़ी सहायता मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा केवल इमारतें या सड़कें ही नहीं तोड़ती, आपदा लोगों के आत्मविश्वास और भविष्य को भी चोट पहुंचाती है। इसलिए राज्य सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि आपदा पीड़ितों को केवल मुआवज़ा ही न दिया जाए, बल्कि उनके पुनर्वास और उनकी आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एसडीआरएफ जवानों को ड्रोन, सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक रेस्क्यू गियर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, आपदा मित्र योजना के अंतर्गत गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क और पुल निर्माण में डिजास्टर रेज़िलिएंट तकनीक का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को स्कूल-कॉलेजों में शामिल करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी आपदा के खतरों से और बेहतर तरीके से निपट सके। समारोह में नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री धामी का विशेष तौर पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, कृष्ण गिरी महाराज, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, कार्यक्रम की संयोजक हनी पाठक मौजूद थे।

सीएम ने किया पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 15,600 नए आवासों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत की गई। इसके साथ ही फेरी व्यवसायियों के पंजीकरण का वृहत अभियान एवं अंगीकार 2.0 को भी लॉन्च किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बी.एल.सी. घटक से नव निर्मित 15 हजार 6 सौ आवासों का लोकार्पण भी किया गया।

सीएम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निकायों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर नगर निगम को प्रथम, पिथौरागढ़ नगर निगम को द्वितीय तथा कोटद्वार नगर निगम को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इसके साथ ही मसूरी नगर पालिका परिषद को प्रथम, डोईवाला नगर पालिका परिषद को द्वितीय तथा भीमताल को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने लालकुआं नगर पंचायत को प्रथम, गुलरभोज नगर पंचायत को द्वितीय तथा भिकियासैंण नगर पंचायत को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। उन्होंने छावनी परिषद लैंसडौन को प्रथम, रानीखेत को द्वितीय तथा रुड़की छावनी परिषद को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । शहरी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 244 नए वाहनों को राज्य को समर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन योजनाओं से शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की दिशा में ठोस सुधार होंगे और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के नगर निकायों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने, फेरी व्यवसायियों को संगठित कर उन्हें आजीविका से जोड़ने तथा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन पहलों से उत्तराखण्ड के नगर निकाय देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे और स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ये सभी नवीन पहलें न केवल राज्य के नगरीय क्षेत्रों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। आज राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है।

युवाओं के प्रकरण पर बोले सीएम
सीएम धामी, “युवाओं के हित में मैं सर झुका भी सकता हूं और खुद को मिटा भी सकता हूं”

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि हाल ही में एक नकल का मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए ैप्ज् का गठन किया। परंतु विपक्ष इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों की परेशानियों को देखकर और अराजक तत्वों के षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सीबीआई जांच कराने के साथ ही उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या सीबीआई जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और स्वयं को मिटा भी सकता हूं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राजयसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित विभिन्न नगर निकायों के मेयर, सचिव नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में पेपरलीक मामले की जांच होगी

नकल प्रकरण की जांच के लिए न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में आयोग गठित पूर्व में प्रस्तावित न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा ने निजी कारणों से असमर्थता जताई थी
राज्य सरकार ने स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में कथित नकल के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी (उच्च न्यायालय, नैनीताल) की अध्यक्षता में एक एकल सदस्यीय जांच आयोग के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय जनहित एवं लोक महत्व को ध्यान में रखते हुए सम्यक विचारोपरांत लिया गया है।

ज्ञात हो कि 21 सितम्बर 2025 को आयोजित परीक्षा के दौरान नकल की शिकायतें सामने आई थीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

सरकार ने प्रारंभ में यह जिम्मेदारी न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा (सेवानिवृत्त) को सौंपने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने समयाभाव और निजी कारणों से असमर्थता जताई। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया।

जारी आदेश के अनुसार, आयोग को अन्य अधिकारियों व विशेषज्ञों का सहयोग लेने की स्वतंत्रता होगी। आयोग का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण राज्य रहेगा तथा वह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं और तथ्यों का परीक्षण करेगा।

इसके अतिरिक्त आयोग, 24 सितम्बर 2025 को गठित विशेष जांच दल (ैप्ज्) की आख्या का संज्ञान लेकर आवश्यकतानुसार उसे विधिसम्मत मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। सरकार ने अपेक्षा की है कि आयोग शीघ्रातिशीघ्र अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।

पेपरलीक मामले में गठित एसआईटी को सूचना देने में न करें संकोच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अंतर्गत आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में कथित नकल संबंधी आरोपों पर शासन, प्रशासन सख्ती से कार्यवाही कर रहा है, एवं नकल संबंधी आरोपों की गंभीरता से जांच हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 24.09.2025 को मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

‎विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) ने अपनी जांच आगे बढ़ा दी है। जिसके संबंध में एस.आई.टी द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के लिए दिनांक 27 सितंबर 2025 को हरिद्वार जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर 12ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक एवं 29 सितंबर 2025 को टिहरी गढ़वाल जिले के कलेक्टर सभागार में दोपहर 12ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक विशेष जन संवाद बैठक का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।

‎इन संवाद बैठकों में इच्छुक प्रतियोगी अभ्यर्थी एवं उनके अभिभावक प्रतिभाग कर स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 से संबंधित अपनी शंकाओ एवं प्रश्नों सहित, यदि उनके पास कोई सूचना हो, तो उसे एस०आई०टी० के समक्ष साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जन संवाद बैठकों में परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अनेक अभ्यर्थी एवं उनके अभिभावक, कोचिंग संस्थान व जनसरोकार से सम्बन्धित कोई भी व्यक्ति उपरोक्त प्रकरण से संबंधित प्रश्नों, शंकाओं एवं सूचनाओं के संबंध में स्पष्टता चाहने के साथ ही एसआईटी से प्रत्यक्ष रूप से संवाद भी कर सकता है।

दिव्यांग समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं से होः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।

उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

सीएस बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में कराए जा रहे और कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।

मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग नहर बंदी के समय कराए जाने वाले कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करा लें। उन्होंने नहर बंदी का समय बढ़ाए जाने हेतु यूपी से लगातार संवाद किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण के लिए शीघ्र कार्यवाही कराये जाने हेतु डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य से भी अनुरोध किया, साथ ही जीआरपी थानों में मानक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस एवं रेलवे विभाग को संयुक्त रूप से यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस का सर्विलांस सिस्टम एवं अस्थायी थानों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ के दौरान घाटों को लगातार साफ रखना चुनौतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य घाटों में लगातार सफाई के लिए प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक सड़कों का कार्य नगर निगम के माध्यम से करवाया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा घाटों के सौन्दर्यीकरण में ग्रीन ओपन स्पेस का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी को थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, एडीजी डॉ. वी मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, मेला अधिकारी सोनिका, सचिव सी. रविशंकर एवं युगल किशोर पंत सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने कहा, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा प्रकरण की जांच एसआईटी करेगी

बीते रविवार को सम्पन्न उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एसआईटी करेगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की जाएगी।

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वाेपरी है। इसी क्रम में गत रविवार को सम्पन्न परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा कराई जाएगी। उक्त एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से हो इसके लिए यह भी एसआईटी जांच की निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज के द्वारा की जाएगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है।

उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है। साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि छात्रों और आमजन का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।

उत्तराखंडः राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में की पुष्टि

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।

सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
• राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
• समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
• आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी “बिमारू” श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखण्ड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
• सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

राजभवन परिसर पर हुआ महाराजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित महान राजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजभवन स्थित ‘‘भगीरथ उद्यान’’ में लगभग 10 फीट ऊंची प्रतिमा को 8 फीट ऊँचे ग्रेनाइट चबूतरे पर स्थापित किया गया है। इसे हरिद्वार के प्रख्यात कलाकार श्री शिवम चौरसिया ने फाइबर और रेजिन से निर्मित किया है। उद्यान में प्रतिमा के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का भी रोपण किया गया है, जो इसे हरियाली और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हैं।

इस अवसर राज्यपाल ने कहा यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा-स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यहाँ नक्षत्र, प्रकृति, मंदिर और पर्वत मिलकर उस दिव्य संकल्प का संदेश देते हैं कि जब ध्येय लोक कल्याण हो, तो देवत्व और प्रकृति दोनों मार्ग प्रशस्त कर देते हैं। उन्होंने इस उद्यान को तैयार करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रतिमा राजभवन आने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथियों को कर्तव्यनिष्ठा, लोक कल्याण और भारतीय संस्कृति का संदेश देती रहेगी। उन्होंने कहा यह प्रतिमा हमें सदा स्मरण दिलाएगी कि ‘भगीरथ प्रयत्न’ ही महान लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग है।

उद्घाटन से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राजभवन स्थित राजप्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल कुमार किशोर, अपर सचिव रीना जोशी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, अपर सचिव लो.नि.वि. विनीत कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंडया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लो.नि.वि. विजय धस्माना, उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

नकल विरोधी कानून आने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।
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सीएम ने प्रदान की 72.62 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के ग्राम तुनाल्का में न्यायिक विभाग के टाईप-2 के 06 आवास एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 2.49 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की 25 योजनाओं हेतु 69.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र हेतु 01 करोड़ अनुदान धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।