केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य को एंबुलेंस देने पर सीएम ने जताया आभार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का राजमार्ग घटना प्रबन्धन हेतु उत्तराखण्ड राज्य को एम्बुलेंस उपलब्ध कराए जाने पर आभार व्यक्त किया है।

बुनियादी चिकित्सा उपकरणों से लैस यह 02 एम्बुलेंस राजमार्गों में होने वाली दुर्घटनाओं में एक त्वरित बचाव उपकरण के साथ ही मोबाईल डिस्पेंसरी के रूप में इस्तेमाल की जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस राजमार्गों में होने वाली दुर्घटनाओं में जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को भी कम किया जा सकेगा।

ज्ञातव्य हो कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा बुधवार को उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों हेतु एम्बुलेंसों को हरी झण्डी देकर रवाना किया गया।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने की 17 प्रान्तीय मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। चारधाम परियोजना के अंतर्गत सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत ऋषिकेश बाई पास के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत भारत सरकार द्वारा वहन की जाए। केन्द्रीय सड़क निधि के तहत लगभग 454 करोड रूपए लागत की 19 अतिरिक्त योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर 17 प्रान्तीय मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने व हरिद्वार रिंग रोड की स्वीकृति देने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में हरिद्वार में महाकुम्भ मेले का आयोजन किया जाना है। इसमें सम्भावित यातायात दबाव से निपटने के लिए हरिद्वार शहर में रिंग रोड़ का निर्माण कराया जाना बहुत जरूरी है। रिंग रोड की अनुमानित लम्बाई 47 किमी व लागत 1566 करोड़ रूपए आंकलित की गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इसकी डीपीआर का मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन के समक्ष प्रस्तुत करते हुए रिंग रोड़ का संरेखण कर लिया गया है। अब इसके निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार से की जानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त हरिद्वार में यातायात के दबाव को कम करने के लिए गंगा नदी पर जगजीतपुर (कनखल) के निकट 2.5 किमी स्पान के चार लेन सेतु का निर्माण भी आवश्यक है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन में बदलने का कार्य एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। आगामी महाकुम्भ 2021 के आरम्भ होने से पहले इस प्रखण्ड में फोर लेनिंग का कार्य पूर्ण किया जाना अति आवश्यक है। केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में स्वीकृत कार्यों के अतिरिक्त राज्य की भौगोलिक आवश्यकताओं को देखते हुए 19 अन्य योजनाओं की स्वीकृति जरूरी है। लगभग 454 करोड़ लागत की इन योजनाओं के प्रस्ताव केन्द्र को भेजे जा चुके हैं। 17 प्रान्तीय मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए भी अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा चार धाम परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश में लगभग 17 किमी का बाईपास सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत किया गया है। इस बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत लगभग 250 करोड़ रूपए है। जिस तरह से चारधाम महामार्ग परियोजना में भूमि अधिग्रहण की लागत भारत सरकार द्वारा वहन की जा रही है, उसी तर्ज पर इस 17 किमी ऋषिकेश बाईपास की भूमि अधिग्रहण की लागत भी भारत सरकार करे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराण्ड में केन्द्र सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी से सभी प्रस्तावों पर जल्द स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय उत्तराखण्ड की हर सम्भव मदद के लिए तत्पर है।

पूर्व की सरकार घोषणा करती थी, हम काम करने वालेः मोदी

राजस्थान के उदयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी बोले भारत सरकार सदैव बाढ़ पीड़ितों के साथ है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार सिर्फ घोषणाएं करती थी, अमल नहीं, लेकिन मेरी सरकार काम करने में विश्वास करती हैं। पीएम ने यहां 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदयपुर पहुंचकर हाइवे प्रॉजेक्ट्स का जायजा लिया। उनके साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी नजर आए। प्रधानमंत्री राजस्थान ने 15,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कुल करीब कुल 873 किमी लंबाई की 11 पूरी हो चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं राजसमंद, भिलवाड़ा, पाली, नागौर, बारमेर, सिकर, चुरू, जोधपुर और जैसलमेर में हैं। इन 11 परियोजनाओं में कोटा में चम्बल नदी पर बना छह लेन वाला केबल स्टेड ब्रिज भी शामिल है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कुल करीब 556 किमी की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमिपूजन भी करेंगे।

अगले साल के अंत तक पूरी हो जाएगी चार धाम सड़क परियोजना

केंद्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड में ‘चार धाम’ सड़क संपर्क परियोजना को सरकार 2018 के अंत तक पूरा कर लेगी। 12 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े 10 प्रस्तावों को पर्यावरण मंजूरी भी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना पर काम तेज कर दिया है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। इस परियोजनाओं से जुड़े अन्य अटके प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी प्राप्त हो जाएगी। क्योंकि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठकें जारी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह लोगों को सबसे बड़ा उपहार होगा। क्योंकि आस्था से जुड़ी चार धाम यात्रा लोगों के एजेंडे में शीर्ष पर रहती है। विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग चार धाम यात्रा के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि 900 किमी के नए अलाइनमेंट पर राजमार्गो का निर्माण किया जा रहा है और सुरंगों का निर्माण भी तेज गति से हो रहा है। यह मार्ग सभी मौसम में खुले रहेंगे।
मालूम हो कि इसी महीने की शुरुआत में गडकरी ने आधारभूत ढांचे पर एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरियों के अभाव में लटके चार धाम यात्रा के 18 प्रस्तावों में तेजी लाने का अनुरोध किया था। चार धाम परियोजना की आधारशिला पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।