मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यही है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।

पर्यटन मंत्री कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी।

विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।

बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक अद्वितीय एवं सुव्यवस्थित आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें एक ही मंच पर 10 पृथक-पृथक गतिविधियों का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। विविध रोमांचक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह का संचार किया, बल्कि प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का भी परिचय दिया। यह आयोजन नवाचार, सुव्यवस्था और बहुआयामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नीलकंठ में पार्किंग बनने से 500 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी: राजेश कुमार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल नीलकंठ महादेव मंदिर में बहुप्रतीक्षित बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। आज राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में नीलकंठ में बन रही बहुमंजिला पार्किंग की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में धीरेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव आवास, डीपी सिंह, अपर आयुक्त हुडा, बीरेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल, सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती वाहन संख्या और तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस परियोजना को स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित पार्किंग में 300 से अधिक चारपहिया तथा 200 से अधिक दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि तीर्थ सीजन के दौरान अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। प्रस्ताव के अनुसार पार्किंग भवन में भूतल (स्टिल्ट) सहित कुल चार स्तर होंगे, जिनमें तीन फ्लोर ऊपर निर्मित किए जाएंगे। संपूर्ण ढांचा आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि भारी भीड़ के समय भी वाहनों का सुचारु संचालन संभव हो सके। लंबे समय से अव्यवस्थित पार्किंग नीलकंठ क्षेत्र की बड़ी समस्या रही है, जिससे स्थानीय व्यापार और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता था।

*02 बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी किया जाएगा स्थापित*
विशेष रूप से इस बहुमंजिला पार्किंग परिसर में दो बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों के लिए आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। साथ ही अधिकारियों एवं राजकीय कार्मिकों के लिए प्रतीक्षालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इस निर्माण कार्य हेतु गठित आयोजन का नियोजन विभाग की डीपीसी के माध्यम से परीक्षण किया जा चुका है। प्रशासनोपरांत स्वीकृत लागत पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के लिए 29 जनवरी 2026 को विभागीय व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसके क्रम में 23 फरवरी 2026 को सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में परियोजना से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन और मिशन के अनुरूप राज्य के धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्यवाही की जा रही है। नीलकंठ में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि तीर्थ पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं। अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक अनुभव प्राप्त हो तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि तीर्थ पर्यटन को नई दिशा देने में भी सहायक सिद्ध होगी। अब सभी की निगाहें अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके उपरांत निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उग्र भीड़ ने रिसॉर्ट में की तोड़फोड़, आरोपियों को भी पीटा

गंगा भोगपुर स्थित रिजार्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी के मामले का आखिरी कार खुलासा हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने उसकी हत्‍या का खुलासा किया। उग्र भीड़ ने पुलिस कस्‍टडी में आरोपितों से मारपीट की। साथ ही रिजार्ट पर गुस्‍सा भी उतरा।

थाना लक्ष्मण झूला से पुलिस की टीम तीनों आरोपितों को पौड़ी न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी। इस बीच कोडिया गंगा भोगपुर में पहले से जमा गुस्साए लोगों ने पुलिस की अभिरक्षा में तीनों आरोपितों के साथ जमकर मारपीट की।

मौके पर पहले से भारी भीड़ जमा थी। गुस्साए लोग ने संबंधित रिजार्ट पर अपना गुस्सा निकाला। भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। समीप से ही थोड़ी देर बाद जब पुलिस का वाहन आरोपितों को लेकर निकला तो वाहन पर भी पथराव किया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। भीड़ के आगे मुट्ठी भर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। तीनों को जमकर पीटा गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने दोस्‍तों को बता दी थी। इसको लेकर रिजार्ट मालिक और अंकिता में विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गए थे।

इस अंकिता हत्‍या मामला में लक्ष्मण झूला पुलिस ने रिजार्ट के मालिक को पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी आर्य नगर हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अरेस्‍ट कर लिया है।

रात्रि चौपाल में सीएम ने वर्चुअल माध्यम से सुनी आम जन की समस्या

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। चैपाल में आई 21 समस्याओं से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता की समस्याओं को दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी-मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दुरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर चैपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। कोई भी समस्या समाधान हेतु 01 माह से उपर का समय नही लगना चाहिए। राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए गये हैं।

रात्रि चैपाल में ब्लॉक प्रमुख रूची कैन्तुरा की दुग्गड्डा में आ रही मोबाईल कनेक्टीविटी प्राब्लम की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अन्दर सर्वे कराकर उक्त समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिये। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया, मुख्यमंत्री तीरथ द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों हेतु कई योजनायें चला रही है। बीज एवं कृषि यन्त्रों में सब्सीडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये किये जाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य हेतु सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

राजाजी की चीला रेंज में शावक गुलदार की मौत

राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक गुलदार के शावक के मृत मिलने से हड़कम्प मच गया। घटना राजाजी पार्क की चीला रेंज में वन कर्मियों को पावर हाउस के पीछे शव बरामद हुआ।

मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने बताया कि मृतक गुलदार के शावक की उम्र तकरीबन 25 माह तक ही है। बताया कि यह शावक कुछ दिन पूर्व ही अपनी मां से अलग हुआ था। संभवतया मृतक शावक और बाघ के बीच संघर्ष हुआ है, मृतक शावक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले है। पशु चिकित्सक व वार्डन के अनुसार शावक गुलदार और बाघ के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। मृतक शावक के शरीर में कई जगह बाघ के दांत के निशान पाए गए। बताया कि शावक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि होगी।

भैंस के आगे बीन बजाकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने रखी अपनी मांग

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माणसाला के सिडकुल स्थानांतरण और इस संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को 2 माह से अधिक समय से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में आज भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम का आयोजन सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा किया गया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रबंधक वर्ग द्वारा कर्मचारियों को बिना विश्वास में लिए फैक्ट्री का सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरित करना व उनको वेतन रजिस्टर पर लगातार हाजिरी लगवाने के बाद भी उनके खाते में 2 माह से अधिक समय से वेतन ना देना कर्मचारियों व उनके परिवार को जीवित ही मार देने के समान है। जिसका की सभी जनप्रतिनिधि व क्षेत्र वासी विरोध करते हैं और सभी यह चाहते हैं की प्रबंधक वर्ग व कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में यथाशीघ्र वार्ता हो, जिससे इस समस्या का यथोचित समाधान निकले।

नगर पंचायत स्वर्ग आश्रम के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगे उचित है। प्रबंधक वर्ग को चाहिए कि वह शीघ्र ही अपने कार्मिकों की समस्या का समाधान करें जिसके लिए आज प्रबंधकों को नींद से जगाने हेतु भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम भी किया गया है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, सभासद नवीन राणा, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश सचिव बृजेश चतुर्वेदी, मुरलीधर शर्मा, सुरेंद्र थापा, कर्मचारी अध्यक्ष हेमंत सिंह, बेचन गुप्ता, विजेंद्र, मानव राय, राजेश पासवान, चंद्रमोहन कंडवाल, अरुण चैबे, राधेश्याम, प्यारेलाल बड़थ्वाल, भोला यादव, रामप्रवेश जयकुमार आदि उपस्थित थे।

स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के खिलाफ दो दिवसीय धरना शुरू

नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के अध्यक्ष और सभासदों ट्रस्ट के खिलाफ दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। सभासदों का आरोप है कि वर्ष 2018 में ट्रस्ट के साथ हुए समझौते पर स्थानीय पदाधिकारी अमल करने को तैयार नहीं है।

दरअसल वर्ष 2018 में स्वर्गाश्रम जो नगर पंचायत और स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के बीच कुछ बिंदुओं पर आपस में समझौता हुआ था। लेकिन 3 साल बीतने के बाद भी इन बिंदुओं पर स्वर्गाश्रम ट्रस्ट की ओर से कोई अमल नहीं किया गया है। इससे नाराज होकर नगर पंचायत के अध्यक्ष माधव अग्रवाल और सभासद जितेंद्र धाकड़ और सभासद नवीन राणा ने स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।

इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने कहा कि समझौते की बावत कई बार ट्रस्ट के पदाधिकारियों से वार्ता करने की कोशिश की गई, मगर ट्रस्ट के पदाधिकारी अपने अड़ियल रूख के चलते बात तक करने को तैयार नहीं है। ऐसे में मजबूर होकर पंचायत बोर्ड के सदस्यों ने ट्रस्ट के खिलाफ आंदोलन का रास्ता चुना है।

पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने बताया कि समझौते के तहत निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी थी जो इस प्रकार हैं।

नगर पंचायत और स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के मध्य चल रहे कूड़ा निस्तारण स्थल का विवाद समाप्त किया जाता है। पंचायत भवन कार्यालय के चारों ओर बाउंड्री वाल के अंदर की भूमि जो पूर्व में स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के द्वारा ग्राम सभा को दी गई थी तब से निरंतर उक्त भूमि पर ग्राम सभा तत्पश्चात नगर पंचायत की देखरेख में है। उक्त भूमि नगर पंचायत को हस्तांतरित की जाएगी। प्याऊ के सामने सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। स्वर्गाश्रम गद्दी के समीप पार्किंग का गेट स्वर्गाश्रम शीघ्र हटा लेगा एवं पार्किंग निरूशुल्क की जाएगी। राजकीय इंटर कॉलेज की ओर हेरिटेज पथ का मुंह चैड़ा किया जाएगा। पाठ के मुख्य मार्ग पर स्थित खोला जाएगा। मेन रोड से गांव की ओर जाने वाले रास्ते का मौका मुआयना कर चैड़ा किया जाएगा। प्राचीन गद्दी के बराबर में पीछे की ओर स्थित यात्री विश्राम गृह को शीघ्र यात्रियों की सुविधा प्रारंभ किया जाएगा।

प्रबंधक जयेश झा का कहना है कि हमने यहां की आज के प्रदर्शन की जानकारी हम अपने ट्रस्ट के ट्रस्टीयों को अवगत करायेंगे।

प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष माधव अग्रवाल, जितेंद्र धाकड़, सरोज देवी, नवीन राणा, पिंकी शर्मा, रामचंद्र जोशी, कोमल शर्मा, धर्म प्रसाद नौटियाल, विष्णु गुप्ता, गोपाल शर्मा, ऋषभ अग्रवाल, अनिल नेगी, विजय गुप्ता, मुरली शर्मा, विजेंद्र नेगी ने प्रमुख रूप से भाग लिया।

एसएसपी पौड़ी ने किया कोटद्वार के टाइल्स व्यापारी के घर हुई लूट का खुलासा

कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में बीते 25 दिसंबर को चर्चित टाइल्स व्यापारी के घर लाखों रूपए व ज्वैलरी की डकैती व लूट का खुलासा कर दिया। पुलिस की कार्यशैली से खुश होकर डीजीपी अशोक कुमार ने टीम को 20 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

बतादें कि बीती 25 दिसंबर को शातिरों द्वारा सुबह सात बजे देवी रोड स्थित खुशी होटल के पीछे टाइल्स व्यवसाय प्रमोद प्रजापति के घर को निशाना बनाया गया था। पुलिस ने आरोपियों से दो लाख साठ हजार रूपए की नकदी के साथ सोने के सभी जेबरात लगभग चार लाख रुपये कीमत के और यूनियन बैंक की चैक बुक बरामद की हैं। पुलिस का कहना है इसमें लगभग साठ प्रतिशत लूट का सारा सामान बरामद कर लिया गया है।

एसएसपी पौड़ी पी रेणुका देवी ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस की सात तेज तर्रार टीमें लगाई गई थी। जिसमें पुलिस ने 9 दिनों के लगातार अथक प्रयास से सोमवार को अभियोग में संलिप्त अभियुक्त राजकुमार छोटा पुत्र जयवीर व उसके चार साथियों को चरथावल क्षेत्र मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश से डकैती के माल सहित गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्त राजकुमार द्वारा बताया गया कि प्रवीण प्रजापति प्रमोद कुमार का करीबी रिश्तेदार है उसने ही हमें बताया कि वह काफी धनवान व्यक्ति है और अन्य जानकारियां भी दीं। प्रवीण प्रजापति द्वारा दी गई जानकारी के बाद 25 दिसंबर की सुबह कपिल कुमार उर्फ रावण, संदीप कुमार उर्फ पिंटू, संजीव कुमार उर्फ सोनू, धीरज, अंकित पुंडीर, प्रवीण प्रजापति ने मिलकर प्रमोद कुमार के घर में डकैती डालने रणनीति बनाई फिर हमने प्रमोद कुमार के घर में डकैती की घटना को अंजाम दिया। अभियुक्तगणों द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश व अन्यत्र भी लूट व डकैती की घटना को अंजाम दिये जाने की जानकारी प्रकाश में आई है। मुख्य अभियुक्तगण प्रवीण प्रजापति पुत्र चंद्रपाल व अंकित पुंडीर पुत्र प्रदीप की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभियुक्तो के अन्य अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए पुलिस महानिदेशक ने 20 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

अपने पांच दोस्तों के साथ गंगा स्नान कर रहा युवक डूबा, पांच को पुलिस ने बचाया

लक्ष्मणझूला घाट में गंगा नदी में रविवार को छह लोग नहा रहे थे। तभी अचानक गंगा की जलधारा का स्तर बढ़ने लगा और सभी उसकी चपेट में आ गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। पुलिस कांस्टेबल जल पुलिस उदित राठी, होमगार्ड बलवंत और स्थानीय बोट चालकों की सहायता से गंगा में रेस्क्यू अभियान चला।

रेस्क्यू अभियान की बदौलत 20 वर्षीय नवनीत पुत्र राकेश कुमार, 20 वर्षीय रितेश पुत्र राकेश कुमार दोनों निवासी खरखडी थाना बिलासपुर जिला गुडगांव हरियाणा, 25 वर्षीय आकाश पुत्र सोमवीर निवासी बासलाम्बी थाना बिलासपुर गुडगांव हरियाणा, 17 वर्षीय तुसाल पुत्र मुकेश निवासी बासलाम्बी थाना बिलासपुर गुडगांव हरियाणा, 22 वर्षीय रौनक पुत्र धर्मेन्द्र निवासी ग्राम लुलाअहिर जिला रेवाडी हरियाणा को सकुशल बचाया गया।

मगर, 21 वर्षीय कपिल पुत्र बुद्धराम निवासी खरखडी थाना बिलासपुर जिला गुडगांव हरियाणा गंगा के तेज बहाव में डूब गया, काफी खोजबीन की गई। मगर, उसका कुछ पता नहीं चल सका है।

पथरीली जमीन पर उगायी “मेहनत” की फसल

पौड़ी। हिम्मत ए मर्दा तो मदद ए खुदा। इसी सूत्र वाक्य पर चलते हुए मंजखोली गांव के युवक अशोक नौटियाल ने लगभग बंजर हो चुकी जमीन को हरा-भरा बनाने का निर्णय लिया और अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर मिसाल कायम की। मंजखोली गांव में पानी की कमी को देखते हुए यहां की पथरीली जमीन पर खेती करने का हौसला आज से पहले किसी ने नहीं दिखाया। आज इस पथरीले खेत में लहलहाती सब्जीयों की फसल देखकर कोई भी उनके परिश्रम को सलाम कर सकता है।

उत्तराखंड के बीरान और खाली होते गांवों को बचाने के लिए सरकार भले अब जाकर रिर्वस पलायन की बात कर रही हो, लेकिन आज से लगभग 20 बीस साल पहले यह युवक शहर में प्राइवेट नौकरी छोड़ अपने गांव वापस आ गया। पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौं ब्लाक के मंजखोली गांव के इस युवक का नाम है अशोक नौटियाल। गांव से लगातार होते पलायन ने इस युवक को अंदर ही अंदर झकझोर दिया। जिसके बाद गांव पहुंचे इस युवक ने कुछ करने की ठानी। सबसे पहले गांव की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए अपने स्तर से तमाम प्रयास किए। गांव वालों का भी भरपूर समर्थन मिला, जिसके बाद अशोक नौटियाल ग्राम प्रधान चुन लिए गए। इनके नेतृत्व में मंजखोली र्ग्राम सभा को आर्दश ग्राम का भी पुरस्कार मिला। गांव में बिजली, पानी, सड़क की समस्या को दूर करने के लिए इन्हें ग्रामीणों का सहयोग मिला। गांव में सड़क, बिजली, पानी तो पहुंचा लेकिन गांव बड़ी संख्या में खाली हो गया। गांव में गिनती के लोग बचे।

खाली और वीरान होता गांव भी इस अशोक नौटियाल के इरादों को नहीं डिगा सका। अशोक नौटियाल ने गांव के बंजर खेतों को आबाद करने के बेड़ा उठाया। इसके लिए इन्होंने सीजनल सब्जियों का सहारा लिया। जिसमें आलू, टमाटर, सोयाबीन, मटर, ब्याज, मूली के साथ अन्य सब्जियों का उत्पादन किया। देखते ही देखते इनकी मेहनत रंग लाई। और बंजर खेत भी लहलाने लगे। आस-पास के गांव के साथ ही कुछ किलोमीटर दूर मासौं, पाबौं, सीकू खाल, पौड़ी बाजार तक सब्जियां पहुंचाई। जिसको लोगों ने हाथों हाथ लिया। वर्तमान में लहरा रही सब्जियां उनके पुरुषार्थ की मौन गवाही दे रहे हैं।

आम और केले का बाग किया तैयार

अशोक नौटियाल ने मंजखोली गांव के सीम इलाके में 20 साल की कठिन मेहनत से आम का बाग भी तैयार किया हुआ है। आज आम के पेड़ों पर फल लगे हुए हैं। वहीं केले का बाग भी केलों से लहलहा रहा है।

रासायनिक खाद का नहीं करते इस्तेमाल

अशोक नौटियाल का कहना है कि वह रासायनिक खाद व पेस्टीसाइड्स के विकल्प के रूप में गाय के गोबर व वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल करते हैं। वह परंपरागत तरीकों के मुताबिक ही खेती करने के पक्षधर हैं।

स्थानीय लोगों को ही मिलेगा रोजगार

अशोक नौटियाल कहते हैं कि सरकार का सहयोग मिले तो इस कार्य को बड़े स्तर पर किया जा सकता है। जिससे अकुशल बेरोजगार युवाओं के पलायन पर रोक लग सकती है। यदि समूचे मंजखोली क्षेत्र में बंजर पड़े खेतों को सरसब्ज किया जाए तो हजारों की संख्या में स्थाई व सीजनल रोजगार सृजित होना तय है।

जंगली जानवरों से बचाव है सबसे बड़ी चुनौती

अशोक कहते हैं कि उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती फसलों को हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर व बारहसिंगा जैसे जानवरों से बचाने की है। फिलहाल रात दिन खेतों की सुरक्षा के लिए अपने स्तर से प्रयास करते हैं।

मुर्गी, मछली व बकरी पालन से बनाई पहचान

अशोक नौटियाल ने मुर्गी, मछली व बकरी पालन से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उच्च शिक्षा पाकर रोजगार के लिये भटक रहे युवाओं के लिये अशोक नौटियाल प्रेरणा स्रोत हैं। अशोक ने कठिन परिश्रम और जज्बे से यह साबित कर दिया कि रोजगार सिर्फ शहर जाकर ही नहीं प्राप्त किया जा सकता, बल्कि अपने गाँव में भी मत्स्य-पालन कर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। बेकार पड़ी बंजर भूमि को पोखरे के रूप में आबाद कर इस नौजवान ने मत्स्य-पालन को अपना कैरियर का हिस्सा बनाया। वे पिछले करीब दस साल से मछलीपालन कर रहे हैं। उनके तलाब में एक से लेकर दो किलो तक की मछलियां हैं। जिन्हें व स्थानीय बाजार से लेकर आसपास के गांव के लोगों में बेचते हैं। इसके साथ ही अशोक ने देशी मुर्गीयां भी पाली हुई हैं। जिनके अंडे की स्थानीय बाजार में बहुत डिंमाड है। स्थानीय नश्ल के बकरों के अलावा अशोक ने देशी नश्ल के बकरे भी पाले हुए हैं। आज अशोक नौटियाल अपने संघर्ष के बदौलत अन्य युवाओं के लिये वे प्रेरणास्नेत बन गए हैं।