मुख्यमंत्री धामी ने कहा, विकसित भारत के संकल्प को नई गति देंगे आधुनिक रेलवे स्टेशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में देहरादून स्थित पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह स्टेशन दून घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है। स्टेशन परिसर में पारंपरिक ऐपण कला को स्थान देकर आधुनिकता और संस्कृति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया है, जबकि अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण, सुरक्षा, गति और तकनीकी दक्षता में निरंतर वृद्धि हुई है तथा वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक, स्वदेशी ट्रेनें आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बनकर उभरी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचाने का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेशदृकर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को मिली दो वंदे भारत ट्रेनों से प्रदेश आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को विशेष सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष उत्तराखण्ड को रेलवे अवसंरचना विकास के लिए रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का रेल बजट प्रदान किया गया है तथा प्रदेश में लगभग 39,491 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड के ष्विकल्प रहित संकल्पष् को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), जनप्रतिनिधिगण, भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 15 लाख से अधिक युवाओं को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि की वितरितः धामी

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए योजना के लाभार्थी नियोक्ताओं एवं लाभार्थी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

देशभर के विभिन्न राज्यों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रधानमंत्री द्वारा लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को प्रदान की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर राष्ट्र निर्माण के उस संकल्प का हिस्सा बनने का है जिसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रखी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के करोड़ों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का शुभारंभ किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस महत्वाकांक्षी योजना की दूसरी किस्त जारी किए जाने का गौरवपूर्ण अवसर है। इसके अंतर्गत देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिक साथियों को ₹2400 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। उत्तराखंड में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। वहीं, युवाओं को रोजगार देने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार वर्षों तक प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर प्रतिमाह ₹3 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सकता है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और अवसर मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने केवल योजनाएं घोषित नहीं की हैं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। साथ ही रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में डैडम् उद्यमियों के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर फ्लैटेड फैक्ट्रियां स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि किच्छा फार्म में एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की ळैक्च् में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा रिवर्स पलायन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नवाचार की शक्ति को पहचानते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपने परिश्रम और समर्पण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काउ, विधायक सविता कपूर, आयुक्त भविष्य निधि उत्तराखंड देहरादून सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

योग दिवस पर राज्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, सीएम ने किया आवाहन

21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के 12 साल के ऐतिहासिक विकास कार्यों का किया बखान

देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आने के बाद विगत 12 वर्षों के दौरान उत्तराखंड में सड़क, रेल से लेकर हवाई सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व ने इस रफ्तार पर डबल इंजन लगाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में चारधाम सड़क परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के चारों धामों को ऑल वेदर रोड से जोड़ना है, करीब 12,000 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिस कारण चारधामों सहित पहाड़ के बड़े हिस्से में आवाजाही सुगम हुई है। प्रधानमंत्री ने दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में एक और सौगात उत्तराखंड को दी है। 11,963 करोड़ रुपए की लागत से बने 210 किमी लंबे इस हाईवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे के अकल्पनीय समय में पूरा करना संभव हो पाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृ ऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

आम आदमी ने भरी उड़ान
बीते 12 वर्षों के भीतर राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों के लिए भी हवाई सेवाएं शुरु हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के तीन बड़े एयरपोर्ट जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ का विस्तार किया जा चुका है। साथ ही आम आदमी के सपनों का पंख देने के लिए शुरु केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत भी प्रदेश में 18 हैलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ही देहरादून एयरपोर्ट से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पुणे, कुल्लू जैसे शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा प्रारंभ हो चुकी है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी से हेली सेवा का संचालन किया जा रहा है।

पहाड़ में पहुंचने वाली है रेल
केंद्र में मोदी सरकार बनने बाद राज्य में रेल नेटवर्क में भी तेजी से विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार के विशेष प्रयास से 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सक्रिय प्रयासों से केंद्र सरकार ने टनकपुर दृ बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक रेललाइन के सर्वे पर भी सहमति प्रदान कर दी है। साथ ही प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। विगत 12 वर्षों में उत्तराखंड में हर तरह की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से से कुछ घंटों में बड़े शहरों तक पहुंच संभव है। राज्य सरकार भी प्रदेश में हर तरह के यातायात साधन विकसित करने का प्रयास कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134वें संस्करण को सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा कर, अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर दिए जा रहे संदेश, समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी कई ऐसे लोग हैं, जो अपने कार्यों से समाज में बड़े-बड़े परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने देशी एवं पारंपरिक पेयों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए आम सहित भारतीय फलों की विशेषताओं का उल्लेख भी किया।

*मुख्यमंत्री ने किया छात्राओं से संवाद*

मुख्यमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम के उपरांत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और उनके विचार जाने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं अपनी रुचि के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक परिवर्तन बड़े बदलावों का आधार बनते हैं। आपके अच्छे प्रयासों और कार्यों से अन्य लोग भी प्रेरित होकर जुड़ते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने कहा निष्ठा और समर्पण के साथ किए गए अच्छे कार्य दूसरे लोगों के लिए भी उदाहरण बनते हैं।

इस अवसर पर विधायक महंत दलीप सिंह रावत भी मौजूद थे।

नई दिल्ली पहुंचे सीएम धामी, पुस्तक अपनापन नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव के लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

यह गरिमामयी समारोह भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू तथा पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

‘अपनापन’ एक प्रेरणादायी कृति है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में प्राप्त अनुभवों का सजीव वर्णन किया गया है। पुस्तक में नेतृत्व, सेवा, सुशासन एवं राष्ट्र-निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को सरल एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर शिवराज सिंह चौहान को शुभकामनाएं दीं तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के अनेक मंत्री, विधायक, सांसद, समाजसेवी, लेखक-पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

कैबिनेट फैसले: धामी की अध्यक्षता में हुआ निर्णय, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द प्रभावी ईवी पॉलिसी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

*वर्क फ्रॉम होम*
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

*नो व्हीकल डे*
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

*एक अधिकारी, एक वाहन*
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

*ईवी पॉलिसी*
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

*सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी*
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*”मेरा भारत, मेरा योगदान”*
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

*खाद्य तेल की खपत घटाना*
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा*
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

*स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा*
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णाेद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित जीपे आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चौंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

देवभूमि का देवत्व और सांस्कृतिक मूल्य हर हाल में सुरक्षित रहेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून जनपद के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर मां भगवती की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जिस दृढ़ संकल्प के साथ राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देशभर में सनातन संस्कृति को सशक्त करने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ा और आज केदारपुरी एक नए दिव्य एवं भव्य स्वरूप में विश्व के सामने है। उन्होंने कहा कि अभी 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा प्रारंभ हुई है और अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार सहित चारधामों में दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं इस पहल का समर्थन किया और इसकी शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शीतकालीन यात्रा का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दौरे ने सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान दी है तथा स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं कुछ दिन पूर्व मात्र ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचे, जो इस परियोजना की उपयोगिता को दर्शाता है। इससे पर्यटन, व्यापार और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सिख श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगी। साथ ही यह क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है, लेकिन जिन लोगों का जन्म यहां नहीं हुआ और जिन्होंने इस भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया है, वे भी उतने ही सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि देवभूमि का देवत्व बना रहे, यहां के सांस्कृतिक मूल्य सुरक्षित रहें और हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ियों और आने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, धार्मिक स्थलों का विकास, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं तथा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

उत्तराखंडः प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बाबा केदार में अपनी गहन आस्था प्रकट की है। प्रधानमंत्री ने देर शाम सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बाबा केदार की धरती पर पूर्व में बिताए पलों की भावुक तस्वीरों को जारी किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पूर्व के केदारनाथ प्रवास की स्मृतियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तस्वीरों के माध्यम से साझा की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इन तस्वीरों को साझा करना उस आध्यात्मिक संबंध की अभिव्यक्ति है, जो भगवान शिव के इस ज्योतिर्लिंग और इस तपोभूमि से जुड़ा हुआ है। केदारनाथ धाम, जहां भक्ति, तप और श्रद्धा का संगम होता है, वहीं से प्रधानमंत्री का यह भावपूर्ण संदेश करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो प्रधानमंत्री का यह संवाद करोड़ों देशवासियों के मार्गदर्शन के साथ ही चारधाम यात्रा को आत्मिक जागरण यात्रा के रूप में भी स्थापित करता है।
बाबा केदार के धाम में गूंजता “हर हर महादेव” का उद्घोष, प्रधानमंत्री की इस श्रद्धाभिव्यक्ति के साथ और अधिक भावपूर्ण हो उठा है, और देशभर के श्रद्धालुओं में भक्ति का उत्साह नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है।
इससे पूर्व के अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने चारधाम यात्रा को भारत की सांस्कृतिक एकात्मता का आधार बताया था। उन्होंने तीर्थयात्रियों से ‘डिजिटल उपवास’ रखते हुए आत्मिक शांति का अनुभव करने और पांच संकल्प स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा, ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा अनुशासन का पालन करने का आग्रह किया।