सरकारी निर्माण एजेंसियों को बिल्डिंग कोड्स के नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन के कड़े निर्देश

राज्य में ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर रोकथाम को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आपदा प्रबन्धन विभाग को फायर वाचर्स को प्रशिक्षित कर वनाग्नि संभावना से पहले ही तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए अभी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने विभिन्न योजनाओं के तहत चीड़ के पत्तों (पिरूल) के निस्तारण को अभी से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि पिरूल के कारण संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर पूर्णतः नियंत्रण हो सके। उन्होंने वनाग्नि की संभावित घटनाओं के दृष्टिगत आपदा मित्रों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने तथा आपदा प्रबन्धन विभाग, रेखीय विभागों तथा सम्बन्धित एजेंसियों की वनाग्नि नियंत्रण पर राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबन्ध विभाग द्वारा राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास के तहत 11 फरवरी को टेबल टॉप एक्सरसाइज एवं 13 फरवरी को मॉक अभ्यास को आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही राधा रतूड़ी ने राज्य में भूकम्परोधी पहल से सम्बन्धित सभी सरकारी निर्माण एजेंसियों को निर्माण संहिता (बिल्डिंग कोड्स) को मजबूत करने तथा उनका सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। सीएस ने बिल्डिंग कोड्स की निरन्तर समीक्षा तथा अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माणधीन भवनों में भूकम्प प्रतिरोधक और जलवायु अनूकल डिजाइन मानकों सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को इस सम्बन्ध में नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन से अनुपालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती रतूड़ी ने ईईडब्लयूएस ( भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली) के प्रभावी ढंग से लागू करने के भी निर्देश दिए हैं।

आज सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आपदा प्रबन्धन विभाग, राज्य एवं केन्द्रीय एजेंसियों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ राज्य में वनाग्नि तथा भूकम्प से सम्बन्धित मोक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की।

सीएस राधा रतूड़ी ने वनाग्नि को लेकर आयोजित किए जाने वाले मॉक ड्रिल के दौरान राज्य एवं जिला स्तरीय आईआरएस तंत्र के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स के मध्य प्रभावी समन्वय एवं सामंजस्य, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित एवं क्रियान्वयन में समावेशित करने तथा मॉक अभ्यास के धरातलीय अनुभवों के आधार पर भविष्य के लिए समन्वित व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने की हिदायत दी है। मॉक अभ्यास के लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी तथा पौड़ी में 17 स्थानों को चयनित किया गया है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सामुदायिक सहभागिता के तहत आपदा मित्रों, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, भारत स्काउट एण्ड गाइड, रेड क्रास, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस कैडेट्स, स्थानीय निवासी, पीआरडी जवान, फायर वाचर्स, पंचायत प्रतिनिधियों, नेहरू युवा केन्द्र, विद्यार्थियों, आशा वर्कर्स, एनजीओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पाण्डेय सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव तथा वर्चुअल माध्यम से समस्त जिलाधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में जल्द ही 238 मिलियन डॉलर की परियोजना हेतु किये जायेेगें ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में आहूत यू0यू0एस0डी0ए0 की हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में मुख्य सचिव द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0, शहरी विकास विभाग, अतंर्गत विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन एवं प्रदत्त निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी द्वारा नवीन ऋण हेतु किये जाने वाले समझौते के सम्बन्ध में वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, आवास एवं नगरीय मंत्रालय (महुआ), भारत सरकार तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थय एवं पर्यावरण अभियान्त्रिकी संस्थान, भारत सरकार से वर्चुअल वार्तालाप किया गया । उक्त ऋण हेतु यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा कुल 238 मिलियन डॉलर स्वीकृत किये जा चुके हैं।

राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव महोदया, उत्तराखण्ड शासन द्वारा यू0यू0एस0डी.ए0 परियोजनाओं के सापेक्षतः हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता की गई थी। जिसमें उनके द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0 को ऋण समझौते पर केन्द्रीय स्तर पर अपेक्षित समस्त औपचारिकताएं पूर्ण किये जाने हेतु तथा ऋण समझौते को यथाशीघ्र हस्ताक्षरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था।

इसी क्रम में यू0यू0एस0डी0ए0 द्वारा मंगलवार को केन्द्र सरकार के अहम मंत्रालयों वित्त मंत्रालय, आवास एवं नगरीय मंत्रालय, तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्थान (सी0पी0एच0ई0ई0ओ0), के उच्चाधिकारियों से वर्चुअल वार्तालाप किया। जिसके क्रम में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण धनराशि कुल 238 मिलियन डॉलर हेतु आगामी माह में ऋण समझौते को मूर्त रूप दिया जायेगा तथा अभिलेखों पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। उक्त परियोजना हेतु 80 व 20 के अनुपात में यूरोपियन निवेश बैंक व राज्य सरकार द्वारा क्रमशः 191 मिलियन डॉलर तथा 47 मिलियन डॉलर दिये जायेंगे। परियोजना के माध्यम से रूद्रपुर, सिंतारगंज, पिथौरागढ़ तथा काशीपुर नगरों में पेयजल तथा सीवरेज प्रणाली के कार्य किये जाने प्रस्तावित हैं।

वर्चुअल बैठक के दौरान भारत सरकार की ओर से अर्पणा भाटिया, मुख्य सलाहकार, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, रजनी तनेजा, निदेशक, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, डॉ0 रमाकान्त, विशेषज्ञ सलाहकार, महुआ, पंकज गंगवार, अनु सचिव, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, जी0 हरेन्द्र नारायण, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, बी0 के0 चौरसिया, विशेषज्ञ सलाहकार सी0पी0एच0ई0ई0ओ0, महुआ उपस्थित रहे।
उत्तराखण्ड की ओर से गौरव कुमार, अपर निदेशक, शहरी विकास विभाग, विनय मिश्रा, अपर कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0, संजय तिवारी, उप कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0 उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः यौन उत्पीड़न शिकायतों को लेकर 1549 सरकारी एवं 13 गैर सरकारी आईसीसी का गठन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायतों के सम्बन्ध में आन्तरिक परिवाद समितियों गठन के मामले में सभी विभागों की स्थिति स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट तलब की है। अभी तक की जानकारी के अनुसार 1549 सरकारी एवं 13 गैर सरकारी आईसीसी का गठन किया गया है। उन्होंने शेष विभागों को तत्काल इस मामले के कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस रतूड़ी ने महिला सशक्तीकरण विभाग को गर्भवती महिलाओं को कॉल सेन्टर के माध्यम से प्रसव से पूर्व तीन अनिवार्य एएनसी की जांच की पुष्टि के लिए अनिवार्यत दूरभाष से सम्पर्क कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए संचालित की जा रही गौरा नन्दा देवी सहित सभी योजनाओं की पुष्टि के लिए लाभार्थियों से दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं कि क्या वास्तव में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके लिए संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। मुख्य सचिव ने शासकीय बाल देखरेख गृहों, सम्प्रेक्षण गृहों, गैर शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं, खुला आश्रय गृह में रहने वाले बच्चों के स्थायी डिजिटल प्रोफाइल बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि इन संस्थाओं से जाने के बाद शिक्षा और रोजगार में आत्मनिर्भर होने तक उनकी स्थिति पर निरन्तर निगरानी रखी जा सके। मुख्य सचिव ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को स्टेट रिसोर्स सेन्टर स्थापित करने के लिए एक सप्ताह की डेडलाइन दी है। मुख्य सचिव ने राज्य में ड्रॉप आउट किशोरियों की जानकारी तथा उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के डेटा को ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्यभर में स्थापित 14 वन स्टॉप सेन्टर में अभी तक कितनी गर्भवती महिलाओं को प्रतीक्षालाय की सुविधा दी गई है, इसकी रिपोर्ट भी जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में 13 किशोर न्याय बोर्ड एवं 13 बाल देखरेख संस्थाओं के स्थान पर ऑनलाइन सुनवाई हेतु वीडियों कान्फ्रेसिंग सुविधा स्थापना के लिए महिला विकास एवं बाल विकास विभाग की प्रंशसा की। बैठक में मुख्य सचिव ने मिशन, वात्सल्य, मिशन शक्ति तथा मिशन आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्धता एवं गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव चन्द्रेश यादव सहित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास व शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्य सचिव ने बालिकाओं के सवालों के दिए जवाब

बालिका निकेतन, जिला शरणालय तथा शिशुसदन की बालिकाओं ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मुलाकात की।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम, जिला शरणालय एवं प्रवेशालय तथा शिशुसदन की लगभग 30 बालिकाओं ने उत्तराखण्ड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से उनके कार्यालय में मुलाकात की तथा अनौपचारिक संवाद किया। सीएस राधा रतूड़ी ने इस अवसर पर मौजूद प्रत्येक बालिका से उनकी शिक्षा, व्यक्तिगत जीवन तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत बातचीत की, बालिकाओं के सवालों के जवाब दिए तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के पूछने पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा पूजा ने बताया कि वह भविष्य में वकील बनना चाहती है। सीएस रतूड़ी ने पूजा को स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा बालिका निकेतन के अधिकारियों को पूजा के लिए कानून के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु हेतु जरूरी मार्गदर्शन, काउन्सलिंग एवं उचित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह बालिका निकेतन में ही रहने वाली 7वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा ने मुख्य सचिव को बताया कि वह भविष्य में आर्मी ऑफिसर बनना चाहती है। मुख्य सचिव रतूड़ी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रिया के लिए सैनिक कल्याण विभाग की मदद से फिजिकल ट्रैनिग व कोचिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सीएस ने पूजा को फिलिकल फिटनेस के साथ ही पढ़ाई में भी कठिन परिश्रम करने की सलाह दी।

मुख्य सचिव के पूछने पर खुशबू रावत ने बताया कि वह योगा में स्नातक कर रही है तथा इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती है। भावना रावत ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के बात कही। खुशबू और भावना रावत अल्मोड़ा से हैं तथा बालिका निकेतन की सहायता से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने गांव वापस जाना चाहती हैं। इसी प्रकार राजकीय बालिका निकेतन से रौनक, रिया, साक्षी भट्ट, खुशी, रोशनी, शिफा, संगीता एवं नर्गिस, जिला शरणालय से शिवानी, विमला, नैना, रूचि तथा शिशु सदन से रमा, लक्षमी और राधा ने भी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने बालिका निकेतन एवं शरणालय में रहने वाली सभी बालिकाओं के लिए उचित शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं करियर काउन्सलिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बालिकाओं से कहा कि उनके उज्ज्वल भविष्य, बेहतरीन करियर और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अच्छी शिक्षा एवं कौशल विकास पर ध्यान देना जरूरी है। बेहतर शिक्षा महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का साधन है। राज्य सरकार ने भी महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। मुख्य सचिव ने बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर महिला कल्याण, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बालिका निकेतन, शरणालय एवं शिशु सदन के अधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवसः सचिवालय परिसर में अधिकारियों ने ली मताधिकार की शपथ

आगामी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय परिसर में लोकतांत्रिक मतदाता सहभागिता को प्रोत्साहित किये जाने के उद्देश्य से मतदाता शपथ कार्यक्रम के तहत सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को मताधिकार के प्रयोग की शपथ दिलाई।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय के समस्त कार्मिकों को लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए, देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार के प्रयोग की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय सहित सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

सभी कार्मिक ऑनलाइन प्रशिक्षण को कराएंगे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य सरकार के सभी कार्मिक को मिशन कर्म योगी के तहत क्षमता विकास के ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु अनिवार्यतः iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले में शत प्रतिशत लक्ष्य को समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास को सभी विभागों में कार्य स्थल पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले यौन शोषण से संबंधित कानून की जानकारी एवं प्रशिक्षण के कार्यक्रम तत्काल संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को उनके विभाग के तहत संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों हेतु भी जानकारी एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की हिदायत दी है ताकि अधिक से अधिक नागरिक जनकल्याणकारी योजनाओं का आसानी से लाभ उठा सके।

उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार की क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की सदस्य डॉ अलका मित्तल के साथ राज्य सरकार के सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान क्षमता निर्माण आयोग से अनुरोध किया है कि सरकारी कार्मिकों की भांति ही नव निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाए ताकि उन्हे भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि नागरिकों हेतु विकसित भारत सहित सभी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं जागरूकता से सम्बन्धित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

बैठक में क्षमता निर्माण आयोग की सदस्य डा0 अल्का मित्तल ने बताया कि कर्मयोगी मिशन के तहत भारत सरकार का मुख्य फोकस सभी सरकारी कार्मिकों के क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण पर हैं। अभी तक 100 केन्द्रीय संगठनों के लिए क्षमता निर्माण योजनाएं बन चुके हैं। सिविल सर्विस प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय मानक निर्धारित करते हुए 166 संस्थानों को मान्यता दी गई है। 10 लाख सिविल सेवकों के लिए बड़े स्तर पर जनसेवा कार्यक्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 75 लाख अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। 14 राज्यों एवं संघ शाषित प्रदेशों के साथ मिशन कर्मयोगी को लागू करने के लिए एमओयू किए गए हैं।

बैठक में क्षमता निर्माण आयोग के सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ ही प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव बी के सन्त, चंद्रेश यादव, डा0 नीरज खैरवाल सहित सभी विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

मुख्य सचिव रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक हुई

राज्य में ईकोलॉजी एवं ईकोनॉमी के संतुलन के लिए निर्धारित किए गए फ्रेमवर्क ‘‘नौ सूत्र प्रगति प्रकृति संतुलन मिशन’’ पर गम्भीरता से कार्य करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सचिव समिति की बैठक में सभी सचिवों से इस सम्बन्ध में सुझाव मांगे हैं।

नियोजित बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष बल देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव कृषि को राज्य में बदलती जलवायु के अनुकूल खेती के तहत जैविक कृषि, मृदा संरक्षण व कुशल सिंचाई प्रबन्धन से सम्बन्धित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव पर्यटन को राज्य में ईको-सर्टिफिकेशन, वेस्ट मेनेजमेंट तथा ईको टूरिज्म नीतियों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सचिव उद्योग को उद्योग क्षेत्र में ग्रीन टेक्नॉलजी के उपयोग से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं सस्टेनिबिटी को कायम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव ऊर्जा को ईकोलॉजिकल सेफगार्ड वाले छोटे जल विद्युत प्रोजेक्ट तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सचिव आवास एवं लोक निर्माण विभाग को सत्तशील निर्माण तरीकों को इस्तेमाल करते हुए जलवायु अनुकूल आवासों और सड़कों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड राज्य के पर्यावरण तथा आर्थिकी में संतुलन के विजन को पूरा करने के लिए विश्वभर तथा अन्य राज्यों में अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करने तथा राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अन्य देशों एवं राज्यों में विशेषरूप से कृषि, पर्यटन, मैन्यूफैक्चरिंग, ऊर्जा तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों के अध्ययन के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को इस दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए नौ सू़त्र फ्रेमवर्क पर एक विस्तृत एक्शन प्लान बनाते हुए गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागो के सचिव मौजूद रहे।

किसी भी धोखाधड़ी को न करने को लेकर कॉमन सर्विस सेंटरों को निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि आयुष्मान कार्ड राज्य के एनएफएसए/एसएफएसए राशन कार्ड धारक लाभार्थी को जारी किया जाता है। सीएस ने स्पष्ट किया कि कार्ड निर्माण के दौरान आधार का उपयोग केवल केवाईसी के लिए किया जाता है। राज्य के पास संग्रहित डेटाबेस में मौजूद आधार के विवरण तक किसी भी प्रकार की पहुंच नहीं है। फर्जी कार्डों की जांच के लिए एनएचए की मदद से पहले से जारी आयुष्मान कार्डों का विश्लेषण और सत्यापन किया जाता है। भर्ती के दौरान आधार पर अंकित पते की प्रामाणिकता की जांच करने और मूल आधार कार्ड और राशन कार्ड मांगने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की जा रही है। पिछले 1-2 वर्षों के दौरान बने राशन कार्डों, विशेष रूप से राशन कार्ड में केवल एक सदस्य होने के सत्यापन के लिए खाद्य विभाग को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि अन्य राज्यों से आने वाले लाभार्थियों के मामले में अधिक सतर्क रहने और मूल आधार कार्ड और राशन कार्ड मांगने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए जा रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटरों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किसी भी धोखाधड़ी गतिविधि में शामिल न हों अथवा सख्त कार्रवाई का सामना करें। एसएचए ऐसी किसी भी धोखाधड़ी गतिविधि का पता लगाने के लिए अधिक सतर्क रहेगा।

सचिवालय में अपनी समस्या लेकर आने वाले दिव्यांगों के लिये अच्छी खबर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से अपनी समस्याओं की गुहार लेकर प्रतिदिन मिलने वाले फरियादियों विशेषकर दिव्यांगजनों की सुविधा के दृष्टिगत सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय तक पहुंचने के लिए सीएस राधा रतूड़ी के निर्देश पर भूतल से लिफ्ट की व्यवस्था कर दी गई है।

ज्ञात्व्य है कि अब तक मुख्य सचिव राधा रतूड़ी दिव्यांगजन फरियादियों की समस्याओं को जानने के लिए सचिवालय परिसर में स्वयं उनके पास पहुंचती थी।

अब मुख्य सचिव कार्यालय तक लिफ्ट की व्यवस्था होने से प्रतिदिन राज्य के दूर दराज क्षेत्रों से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्य सचिव से मिलने वाले दिव्यांग फरीयादियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। दिव्यांगजन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे मुख्य सचिव से उनके कार्यालय में मुलाकात कर पाएंगे।

राज्य अतिथि गृहों में जलापूर्ति योजनाओं में वॉटर रिसाइकलिंग अनिवार्यः सीएस

प्रदेश में राज्य अतिथि गृहों के पूरी तरह से सदुपयोग तथा व्यवसायिक उपयोगिता को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी नेे राज्य में निर्मित होने वाले सभी नए राज्य अतिथि गृहों को अति विशिष्ट अतिथियों के अतिरिक्त रिक्त होने की दशा में भुगतान के आधार पर पर्यटकों को भी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने सरकारी कार्यदायी निर्माण एजेंसियों को वर्तमान एवं भविष्य में निर्मित होने वाले सभी सरकारी भवनों को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में निर्मित करने के निर्देश दिए हैं जिसमें अनिवार्यतः सोलर पैनल, रैन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर रिसाइकिलिंग की व्यवस्था होगी।

राधा रतूड़ी ने जलापूर्ति योजनाओं में वॉटर रिसाइकलिंग को अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं को विदेशी भाषाओं का विकल्प देने तथा उन्हें विदेशी भाषाएं सिखाने हेतु व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को सभी नए निर्मित होने वाले सरकारी भवनों में बेसमेंट पार्किंग के अनिवार्यतः निर्माण हेतु निर्देश जारी करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में एमपीएससी रायपुर देहरादून में एथलेटिक पवेलियन शेड तथा सीट के कार्यों, देहरादून में क्लेमन्टाऊन जलापूर्ति योजना कार्य, राज्य में अनुसूचित जाति के छात्रों हेतु माध्यमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से आदर्श आवासीय विद्यालय मक्खनपुर हरिद्वार का निर्माण कार्य, पिथौरागढ़ में नवीन राज्य अतिथि गृह निर्माण कार्य, चम्पावत के टनकपुर में नवीन राज्य अतिथि गृह का निर्माण कार्य, टनकपुर बस टर्मिनल का निर्माण कार्य (पुनरीक्षित), मोहकमपुर देहरादून में न्यायिक कार्मिकों के लिए 32 आवासों के भवन निर्माण कार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के परिसर में नवीन नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य पर अनुमोदन दिया।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।