पेयजल विभाग को गोबर धन योजना के सफल संचालन को प्रभावी कार्ययोजना के अध्ययन के निर्देश

राज्य में ग्रामीण रोजगार एवं किसानों की आय को बढ़ावा देने के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम गोबर धन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेयजल, पशुपालन, उरेडा, डेयरी, कृषि विभाग को जिम्मेदारी तय करते हुए कार्य योजना पर समन्वयित प्रयासों से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सीएस राधा रतूडी ने पेयजल विभाग को गोबर धन योजना के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अध्ययन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डेयरी विकास विभाग के तहत प्रस्तावित बायोगैस योजनाओं के समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने बायोगैस संयत्रों हेतु गोबर, अन्न आदि स्थानीय किसानों से खरीदने के निर्देश दिए हैं। डेयरी विकास के तहत गढ़वाल दुग्ध संघ (श्रीनगर) द्वारा 400 किलो बायोगैस प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो गैस संयंत्र संयुक्त उद्यम मॉडल पर स्थापित किया जा रहा है। संयुक्त उद्यम हेतु प्राइवेट उद्यमी का चयन किया जा चुका है। गोबर का उपार्जन तथा प्लांट का संचालन प्राइवेट पार्टनर द्वारा किया जाएगा। यहां पर 400 किग्रा बायोगैस प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायोगैस संयंत्र, 1000 किग्रा प्रतिदिन क्षमता की बायो पेंट इकाई एवं 3000 किग्रा प्रतिदिन उत्पादन क्षमता की जैविक खाद इकाई स्थापित की जा रही है। संयंत्र के संचालन हेतु प्रतिदिन 4 हजार किग्रा० गोबर तथा लगभग 3 हजार किग्रा० बायोमास की आवश्यकता होगी।श्रीनगर से 25 किलोमीटर के दायरे में लगभग 29 दुग्ध समितियां एवं 2 गौशालायें स्थित हैं जिसके अंतर्गत लगभग 150 सदस्य एवं 400 पशु आच्छादित करते हुए बायोगैस संयंत्र हेतु लगभग 4000 किग्रा० गोबर क्रय किया जायेगा। बायोगैस सयंत्र हेतु आवश्यक अतिरिक्त कच्चे माल की उपलब्धता बायोमास के द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। प्लांट संचालन के उपरान्त उत्पादित बायोगैस का उपयोग दुग्ध प्रसंस्करण तथा बेकरी उत्पाद हेतु किया जायेगा। बायोगैस के अतिरिक्त लगभग 3 मीट्रिक टन जैविक खाद एवं आवश्यकता अनुसार बायो पेंट का उत्पादन किया जायेगा। बायोगैस संयंत्र पर गोबर पहुंचाने पर किसानों से रू० 02.00 प्रति किग्रा की दर से गोबर क्रय किया जायेगा तथा गांव / समिति स्तर परं एग्रीगेशन पॉइंट में गोबर क्रय की दर रू० 01.00 प्रति किग्रा होगी।

इसके साथ ही आँचल पशु आहार निर्माणशाला रुद्रपुर के तहत 1000 किलों बायो सीएनजी प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो गैस संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस प्लांट की स्थापना एवं संचालन का कार्य ठव्ज् मॉडल में प्रस्तावित किया जा रहा है। गोबर गैस संयंत्र की स्थापना प्राइवेट पार्टनर द्वारा की जायेगी तथा निर्धारित अवधि में संचालन के उपरान्त यू०सी०डी०एफ०. को हस्तांतरित किया जायेगा। पशु आहार निर्माणशाला में डेयरी विकास विभाग के नाम से कुल 04.85 हेक्टेयर भूमि आवंटित है जिसमें से वर्तमान में 01.60 हेक्टेयर भूमि अनुपयोगी है। प्लांट की स्थापना हेतु लगभग 1.5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी जिसके लिये उक्त अनुपयोगी भूमि का उपयोग किया जायेगा। संबंधित भूमि पर 1000 किग्रा० बायो सी०एन०जी० प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो सी०एन०जी० संयंत्र, 5000 किग्रा० प्रतिदिन क्षमता की पेन्ट इकाई एवं 30000 किग्रा० प्रति दिन क्षमता की एक जैविक खाद (च्त्व्ड) इकाई स्थापित की जायेगी।इस संयंत्र के संचालन हेतु प्रतिदिन 25 हजार किग्रा गोबर तथा लगभग 15 हजार किग्रा बायोमास की आवश्यकता होगी। बायो सी०एन०जी० संयंत्र रुद्रपुर से 30 किलोमीटर के दायरे में लगभग 3225 पशु आच्छादित करते हुए लगभग 32000 किग्रा०/दिन गोबर क्रय किया जायेगा। बायो सी०एन०जी० के अतिरिक्त लगभग 24 मीट्रिक टन च्त्व्ड एवं आवश्यकता अनुसार बायो पेट का उत्पादन किया जायेगा। गोबर की उपलब्धता हेतु दुग्ध मार्गाे पर स्थित दुग्ध समितियों अथवा अन्य दुग्ध उत्पादकों से गीबर क्रय किया जायेगा। बायो सी०एन०जी० सयंत्र पर गोबर पहुंचाने पर किसानों से रू0 2 प्रति किग्रा की दर से गोबर क्रय किया जायेगा तथा गांव/समिति स्तर पर एग्रीगेशन पॉइंट में गोबर क्रय की दर रू० 01.00 प्रति किग्रा होगी। बायो सी०एन०जी० सयंत्र हेतु अतिरिक्त कच्चे माल की आवश्यकता बायोमास के द्वारा पूर्ति की जायेगी।

बैठक मे भविष्य में बायोगैस योजनाओं के विषय में जानकारी दी गई कि व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र योजनान्तर्गत चयनित लाभार्थियों को 02 घन मी क्षमता के व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र स्थापित कराये जायेगे। कच्चे माल के रूप में लगभग 40 से 50 किग्रा० गोबर की प्रतिदिन आवश्यकता होगी जो 4 से 5 पशुओं से प्राप्त हो सकेगा। प्लांट से उत्पन्न होने वाली बायोगैस को लाभार्थी घरेलू एल०पी०जी० के विकल्प के रूप में उपयोग करेंगे। प्रस्तावित प्लांट हेतु लगभग रू0 50 हजार की आवश्यकता आंकलित की गयी जिसमे लगभग रु० 17 हजार एन०डी०डी०बी से अनुदान के रूप में प्राप्त होगा तथा अवशेष धनराशि बौद्ध राज्य सहायता एवं सम्बन्धित लाभार्थियों द्वारा वहन की जायेगी।सार्वजनिक एवं संयुक्त बायोगैस संयंत्र योजना के तहत क्लस्टर आधारित 25 एवं 40-50 घन मी ० श्रमता के सार्वजनिक बायोगैस संयंत्र स्थापित कराये जायेंगे जिसमे क्रमशः 10-15 एवं 20-25 परिवारों का समूह मिलकर कार्य करेगें। कच्चे माल के रूप में क्रमशः लगभग 600 किग्रा० एवं 1200 किग्रा० गोबर की प्रतिदिन आवश्यकता होगी जो 60-120 पशुओं से प्राप्त हो सकेगा।

उत्पन्न बायो गैस का संबंधित लाभार्थियों द्वारा घरेलू एल०पी०जी० के विकल्प के रूप में उपयोग करेंगे। 25 घन मी० क्षमता के प्रस्तावित प्लांट एवं पाइप लाइन इत्यादि की स्थापना हेतु लगभग 3.50 लाख रुपये एवं 40-50 घन मी० क्षमता के प्रस्तावित प्लांट हेतु लगभग रू0 7.00 लाख की आवश्यकता आंकलित की गयी जिसमें क्रमशः रू0 70400 एवं रू0 2.0 लाख एन०डी०डी०बी से अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे तथा अवशेष धनराशि ब्ैत्/ राज्य सहायता एवं संबंधित लाभार्थियों द्वारा वहन की जायेगी।

बैठक में सचिव डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित पेयजल, पशुपालन, डेयरी, उरेडा एवं कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस ने दी कई बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्वांतिक व वित्तीय स्वीकृति

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में नैनीताल के हल्द्वानी के गोलापार स्थित इन्दिरा गांधी स्पोर्टस कॉम्पलैक्स स्टेडियम के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों तथा टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बालगंगा नदी के दायें तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्धान्तिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण गोला नदी में आयी बाढ़ के पानी के साथ आए मलबें/आरबीएम एवं पत्थरों के स्टेडियम के समीप जमा होने तथा नदी के बहाव स्टेडियम की ओर होने के फलस्वरूप स्टेडियम की तलहटी में कटाव हो जाने के कारण स्टेडियम की काफी भूमि कटकर नदी में बह गयी। भविष्य में स्टेडियम के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। अतः स्टेडियम की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा के कार्यों का समयबद्धता से एवं गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है। 3682.97 लाख रूपये की लागत की योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। योजना की कार्यदायी संस्था आपदा प्रबन्धन विभाग तथा सिंचाई विभाग है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी कहा कि अतिवृष्टि एवं बादल फटने के कारण टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बाल गंगा नदी के दायें तट पर मलबा एवं भारी मात्रा में पानी आने के कारण इस क्षेत्र की दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों को काफी नुकसान हुआ है तथा भविष्य में भी नुकसान होने की सम्भावना बनी हुई है। अतः दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों को समयबद्धता से किया जाना चाहिए। 1706.37 लाख रूपयें की इस योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता को गम्भीरता से लेने की सख्त हिदायत दी है।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित सभी सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी को एक सप्ताह में एक्शन प्लान तय करने के निर्देश

सीएस राधा रतूड़ी ने 12 जनवरी 2025 को देहरादून में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान विभिन्न सत्रों की जिम्मेदारी सम्बन्धित सचिवों को देते हुए एक सप्ताह में कार्ययोजना तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले सत्रों में राज्य में विभिन्न क्षेत्रों जैसे मैन्युफेक्चरिंग, पावर जनरेशन, स्टार्ट-अप आदि में निवेश के सम्भावनाओं पर चर्चा करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेषकर पर्यटन, कृषि, बागवानी, ग्राम्य विकास, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेण्ट, हेल्थ केयर, आयुष, योगा आदि पर विचार मंथन करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ ही अतिथि प्रवासियों को भी वक्ताओं के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प, उत्पादों के बेहतरीन प्रदर्शन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सम्मेलन के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रत्येक सत्र हेतु सम्बन्धित विभाग के सचिव को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर एवं आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार हेतु सम्पर्क अधिकारियों, परिवहन, प्रोटोकॉल, रहने, ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था हेतु निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पीएम के नौ आग्रह के अनुपालन में की जा रही कार्यवाही पर मुख्य सचिव स्वंय लेगी नियमित अपडेट

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये संबोधन में उत्तराखण्ड राज्य के निवासियों एवं उत्तराखण्ड में बाहर से आने वाले पर्यटकों से किये गए आग्रहो के अनुपालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिवो, सचिवो, प्रभारी सचिवो सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री के आग्रह के अनुपालन हेतु गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी जैसी स्थानीय बोलियों के संरक्षण के संबंध में उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु किये गए आग्रह के सम्बन्ध में वन एवं पर्यावरण विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि देव भूमि के लोग प्रकृति और पर्यावरण के कितने बड़े प्रेमी होते हैं। यह पूरा देश जानता है। उत्तराखण्ड तो गौरा देवी की भूमि है और यहां हर महिला मां नंदा का रूप है। बहुत आवश्यक है कि हम प्रकृति की रक्षा करें। इसलिए मेरा दूसरा आग्रह है-एक पेड़ मां के नाम, हर किसी ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाना है। आजकल आप देख रहें हैं देश भर में ये अभियान तेज गति से चल रहा है। उत्तराखण्ड भी इस दिशा में जितनी तेजी से काम करेगा, उतना ही हम क्लाईमेट चेंज की चुनौती से लड़ पाएंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा नदियों के संरक्षण हेतु किए गए आग्रह के अनुपालन हेतु जलागम विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा आग्रह किया गया था कि उत्तराखण्ड में तो नौलो धारों की पूजा की परंपरा है। आप सभी नदी-नौलों का संरक्षण करें, पानी की स्वच्छता को बढ़ाने वाले अभियानों को गति दे, यह मेरा आपसे तीसरा आग्रह है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से अपने गांवो से जुड़ने के आग्रह के अनुपालन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि मेरा चौथा आग्रह है अपनी जड़ों से जुड़े रहें, अपने गांव लगातार जाएं और रिटायरमेंट के बाद तो जरूर अपने गांवों में जाएं। वहां से संबंध मजबूत रखें।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से अपने गांवो में परंपरागत घरों के संरक्षण हेतु किए गए आग्रह के अनुपालन हेतु पर्यटन विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि उत्तराखण्ड के लोगों से मेरा पांचवा आग्रह है अपने गांव के पुराने घरों, जिन्हें आप विवरी वाले घर कहते हैं, उन्हें भी बचाएं। इन घरों को भूले नहीं। इन्हें होमस्टे बनाकर, अपनी आय बढ़ाने का साधन बना सकते हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से किए गए चार आग्रह के अनुपालन हेतु पर्यटन विभाग को समस्त संबंधित विभागों से यथावश्यक समन्वय करते हुए जन जाग्रति लाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ रही है और देश के कोने-कोने से आते हैं. विदेशों से आते हैं। पहला आग्रह है जब भी आप हिमालय की गोद में पहाड़ों पर घूमने जाएं। स्वच्छता को सर्वाेपरि रखें। इस प्रण के साथ जाएं कि आप सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दूसरा आग्रह है- वोकल फॉर लोकल के मंत्रों को वहां भी याद रखें। आपकी यात्रा का जो खर्च होता है, उसमें से कम से कम 5ः स्थानीय लोगों के द्वारा उत्पादित किए गए प्रोडक्ट खरीदनें में खर्च करें। तीसरा आग्रह है- पहाड़ पर जाएं तो वहां के ट्रैफिक नियमों का जरूर ध्यान रखें। सावधान रहें. हर किसी का जीवन अमूल्य है।

मेरा चौथा आग्रह है- धार्मिक स्थलों के रीति-रिवाजों वहां के नियम कायदों के बारे में यात्रा से पहले जरूर पता कर लें। वहां की मर्यादा का जरूर ध्यान रखें। इसमें आपको उत्तराखण्ड के लोगों से बहुत मदद मिल सकती है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के समग्र विकास हेतु किये गये उक्त सभी आग्रहों के अनुपालन हेतु सभी विभागों द्वारा सम्बन्धित बिन्दुओं पर यथावश्यक कार्यवाही की जानी है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड राज्य में बाहर से आने वाले पर्यटकों से किये गये आग्रहों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु यथोचित कार्यवाही तथा समय-समय पर उक्त के संबंध में की जा रही कार्यवाही से मुख्य सचिव को अवगत कराया जाएगा ।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए उक्त नौ आग्रह उत्तराखण्ड राज्य के सर्वांगीण विकास सहित देश के विकास में सहायक है।

गुणवत्ताहीन निर्माणधीन आईटीआई भवनों के मामले में यूपी राजकीय निर्माण निगम को नोटिस

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) को आधी-अधूरी एवं गुणवत्ताहीन निर्माणधीन आईटीआई भवनों के मामले में तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने यूपीआरएनएन को आधी-अधूरी एवं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के कारण भुगतान वापसी हेतु नोटिस जारी करने तथा नोटिस का अनुपालन नही होने की दशा में उनके विरूद्ध प्राथिमिकी रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम को आईटीआई सुरक्षा निर्माण सहित सभी निर्माण कार्याे में दीर्घ अवधि के विजन तथा हॉलिस्टिक अप्रोच के साथ कार्य करने की कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने आईटीआई के सुरक्षा निर्माण कार्याे के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम तथा बाउण्ड्री वॉल पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आईटीआई नारसन (हरिद्वार) में सुरक्षा निर्माण कार्याे के सम्बन्ध में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 187.30 लाख रूपये के प्रोजेक्ट लागत पर अनुमोदन देते हुए उत्तराखण्ड पेयजल निगम को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। आईटीआई में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्य सचिव रतूड़ी ने इस प्रोजेक्ट की 10 दिन के भीतर सिंचाई विभाग से टेक्नीकल परीक्षण करवाने के बाद निर्माण कार्य आरम्भ करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले मानसून से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने तथा आईटीआई कैम्पस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर सचिव सी रविशंकर सहित पेयजल निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एंड आरोग्य एक्सपोः विदेशी अतिथियों की सभी आवश्यकताओं के लिये अधिकारियों को मिले निर्देश

देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो की तैयारियों को अन्तिम रूप देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न कार्यों के लिए तत्काल नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य योगदान देने वाले सभी विभागों आयुष, पर्यटन, हॉर्टीकल्चर, उद्योग, कौशल विकास, स्वास्थ्य व संस्कृति विभाग के साथ ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने इस आयोजन में दुनियाभर से आने वाले विदेशी अतिथियों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ ही प्रोटोकॉल व सम्पर्क अधिकारियों की सूची को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोजन स्थलों पर फूड एवं फायर सेफ्टी सहित सभी सुरक्षा सम्बन्धित व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने नगर निगम को शहर व आयोजन स्थलों पर स्वच्छता पर विशेष रूप से कार्य करने तथा अन्य सम्बन्धित विभागों को पार्किंग, बिजली व जल की अबाध आपूर्ति आदि हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो के आयोजन के दौरान स्टेट ब्रांडिंग के साथ ही उत्तराखण्ड की संस्कृति, स्थानीय भोजन आदि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस के दौरान उत्तराखण्ड आधारित आयुष एमएसएमई तथा उद्यमों के प्रदर्शन व प्रचार-प्रसार पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो हेतु वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस द्वारा देश और दुनियाभर के आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों, विद्वानों, को निमंत्रण भेज दिए गए हैं। आयोजन के दौरान 400 से अधिक सत्रों के फॉर्मेट को अन्तिम रूप दे दिया गया है। 100 वक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव के सख्त निर्देशों के बाद सघन अभियान चलाकर ईएसआई के सम्बन्ध में 15000 से अधिक ईकाईयों को नोटिस जारी

राज्य में संविदा व अन्य सामान्य श्रमिकों को ईएसआई कवरेज दिए जाने की कार्यवाही की धीमी प्रक्रिया पर सख्ती करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सचिव शहरी विकास से नगर निगमों एवं नगर निकायों में दैनिक/संविदा कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज दिए जाने के सम्बन्ध में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने सम्बन्धित सचिव को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी नगर पालिकाओं एवं निकायों की तत्काल समीक्षा की जाए तथा उनमें कार्यरत दैनिक/संविदा कर्मचारियों, श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से अनिवार्यतः आच्छादित करने के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही की जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के सख्त निर्देशों के बाद अब तक श्रम विभाग द्वारा सघन अभियान चलाकर ईएसआई के सम्बन्ध में औचक जांच की गई तथा 15000 से अधिक ईकाईयों को नोटिस जारी किये गए, जिसमें से 10000 यूनिट द्वारा ईएसआई कवरेज के सम्बन्ध में कार्यवाही पूरी कर ली गई हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज की बैठक में एक बार ईएसआई कवरेज की जांच के सम्बन्ध में पुनः सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में संविदा एवं श्रमिकों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा चिकित्सा सहायता, दुर्घटना कवर व अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने तथा कार्यस्थल पर उत्पन्न जोखिमों से कर्मियों को बचाने के साथ ही कर्मियों को बीमा योजना के लाभों व उनके अधिकारों के लाभों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस पर शीर्ष प्राथमिकता एवं गम्भीरता से कार्य करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ग्रामीण विकास, युवा कल्याण, आपदा प्रबन्धन, वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के साथ ही विभिन्न एनजीओं में कार्यरत संविदा व सामान्य श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से आच्छादित करने के कार्यवाही हेतु जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा योजना नियोक्ता तथा कर्मचारियों के अंशदान द्वारा वित्त पोषित है। नियोक्ता अंशदान 3.25 प्रतिशत है व कर्मचारियों के अंशदान 0.75 प्रतिशत है। इस प्रकार देय मजदूरी का कुल 4 प्रतिशत है। राज्य सरकार को योजना संचालन के 100 प्रतिशत में से वास्तविक व्यय की 87.5 प्रतिशत धनराशि की प्रतिपूर्ति निगम द्वारा की जाती है।

प्रदेश में बीमाधारकों की संख्या 7,34,343 है व उनके आश्रितों की संख्या लगभग तीस लाख है। योजना राज्य में 13 जनपद, 45 औषधालयों एवं 65 अनुबन्धित चिकित्सा संस्थानों में संचालित है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा योजना एक अनूठी सामाजिक बीमा योजना है जो संगठित क्षेत्र के योजना में व्याप्त कामगारों एवं उनके आश्रितजनों को बीमारी, प्रसूति, रोजगार चोट के कारण हुई मृत्यु व अपंगता तथा व्यवसाय जनित रोग में सुरक्षा प्रदान करती हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत, राज्य में स्थापित संगठित क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक अवस्थापनाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादि में 10 या उससे अधिक कार्यरत ₹21,000 एवं दिव्यांगजन हेतु ₹25,000 की सीमा तक वेतन पाने वाले कामगारों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार द्वारा बीमित किया जाता है।

सचिवालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा योजना एवं श्रम चिकित्सा सेवाओं के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित वित्त, श्रम, ईएसआई, उपनल, चिकित्सा सेवा विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखण्ड परिवहन निगम की पुराने मॉडल की डीजल बसों पर दिल्ली पर लगे प्रतिबन्ध से आमजन की असुविधा के तत्काल समाधान को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने, विशेषकर वीकेंड पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए यूपी से भी समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव परिवहन को 175 बसों के खरीद के प्रस्ताव के निर्णय पर उचित स्तर पर आज ही वार्ता हेतु निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने निर्देश दिए हैं कि जिन 100 सीएनजी बसों की खरीद की टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं तथा 30 बसें प्राप्त हो चुकी हैं, उनका संचालन शीघ्र शुरू किया जाए।

आमजन को फौरी राहत देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग को यूटीसी की बसों का संचालन गाजियाबाद में मोहन नगर के साथ ही कौशाम्बी तक करने के लिए उत्तर प्रदेश से बात करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरा करने वाली बसें सीधा दिल्ली में प्रवेश करेगी। सामान्य बसें दिल्ली सीमा मोहन नगर व कौशाम्बी तक जा सकेगी।

बैठक में उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदूषण के कारण पुराने मॉडल की डीजल बसों पर लगी रोक से पहले रोडवेज की दिल्ली रूट पर 504 सेवाएं प्रतिदिन संचालित होती थी, लेकिन अभी प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरे करने वाली 310 बसें संचालित हो रही हैं। 194 बसें प्रतिबन्धित की गई हैं। प्रतिबन्ध से पूर्व रोडवेज की बसों का लोड फैक्टर लगभग 40 प्रतिशत था जो अभी बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से लोड फैक्टर 90 से 100 प्रतिशत हो गया है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की विशेष असुविधा नही हो रही हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में भ्रामक सूचनाओं को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित बैठक सहित सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में सचिव स्तर के अधिकारियों की गैर मौजूदगी तथा बैठकों को गम्भीरता से ना लेने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बैठकों में सचिवों की अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देश जारी किए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने भविष्य में सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों के अनुपस्थिति पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अपर सचिव या अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर मुख्य सचिव ने आज सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित तकनीकी समीक्षा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहे सभी सचिवों को अपने कार्यालय में तलब कर कड़ी फटकार लगाई तथा भविष्य हेतु अपेक्षित बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किए।

सभी विभागों को सशक्त उत्तराखण्ड @25 के लक्ष्यों को शीर्ष प्राथमिकता व अत्यन्त गम्भीरता से पूरा करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि सशक्त उत्तराखण्ड @25 के तहत राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए प्रत्येक विभाग को दिए गए लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने विभागवार बनाई गई कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धरातल पर कार्य करने के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागाध्यक्ष अवशेष समय में विकास के सभी लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्ययोजनाओं को पूरे मनोयोग के साथ धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से अभद्रता पर एकजुट हुआ आईएएस एसोसिएशन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से सचिवालय में उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन सहित सभी सदस्यों ने मुलाकात कर 6 नवंबर 2024 को शासन में तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के साथ हुई घटना से अवगत कराया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सचिव गृह को उक्त घटना के विषय में आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल परीक्षण कर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग को भी उक्त घटना के विषय में पुलिस विभाग को तहरीर देने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा एवं पास जारी करने की व्यवस्था का तत्काल परीक्षण करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।