बजट जारी कर अधूरी योजनाओं को पूर्ण करने को सीएस ने सभी विभागों से तत्काल मांगे प्रस्ताव

अनुमोदित प्रस्तावों पर शासनादेश जारी करने में विलम्ब पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस सम्बन्ध में तत्परता से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएस रतूड़ी ने मिसिंग लिंक फण्ड के तहत जिन विभागों में प्रस्ताव डीपीआर, टीएसी या डीएफसी स्तर पर लम्बित हैं, उनकी प्रक्रिया को त्वरित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में मिसिंग लिंक से पोषित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मिसिंग लिंक द्वारा फंडिंग किए जाने पर सहमति बनी। मुख्य सचिव ने सचिव वित्त को सभी विभागों से तत्काल प्रस्ताव लेने के निर्देश दिए, ताकि बजट जारी कर अधूरी योजनाओं को पूरा किया जा सके ।

मिसिंग लिंक फंडिंग पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि मिसिंग लिंक फंडिंग अपूर्ण योजनाओं को पूरा करने का स्वर्णिम अवसर है। इस सम्बन्ध में सभी विभाग अपने स्तर पर ऐसी आधी-अधूरी योजनाओं का गंभीरता से आंकलन करे, फील्ड ऑफिसर्स से भी जानकारी ली जाए। सभी विभागों को योजनाओं की ऑनरशिप लेते हुए कार्य करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव ने योजनाओं की स्वीकृति व क्रियान्वयन में प्रक्रियाओं की स्पष्टता व सरलीकरण के निर्देश भी दिए है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पूर्व में स्वीकृत प्रस्तावों की प्रगति भी पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर नियमित अपलोड की जाए। पीएम गतिशक्ति में इन प्रोजेक्ट्स की निरन्तर मॉनिटरिंग की जाती है।

अधिकारियों विशेषरूप से सचिवों की अनुपस्थिति में पत्रावली सम्बन्धित शासकीय कार्यों में विलम्ब न हो इस पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी इस सम्बन्ध में समाधान हेतु किसी भी समय तत्काल मुख्य सचिव से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को शासकीय कार्यों में तत्परता से कार्य करने की संस्कृति विकसित करने की नसीहत दी।

मिसिंग लिंक के तहत ऐसे प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाती है जिन्हें जनपदों में किसी भी योजना के तहत फंडिंग नही हो पाती, ऐसे प्रोजेक्ट्स को मुख्य सचिव कोष से फंडिंग की जाती है।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डा बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित वित्त, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, उद्यान विभाग, ऊर्जा के अपर सचिव तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चंपावत मौजूद रहे।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की

जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी
जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रत्येक सप्ताह अनिवार्यतः समीक्षा के कड़े निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जेजेएम के तहत योजनाओं की भौतकीय प्रगति, वित्तीय समापन, एक्शन टेकन रिपोर्ट, गांवों की हर घर जल प्रमाणीकरण की रिपोर्ट तलब की है। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को फील्ड कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग व निरीक्षण हेतु प्रशासनिक मशीनरी के साथ टेक्नीकल टीम को सक्रिय करने करने निर्देश दिए हैं। जेजेएम के तहत कार्यों की गुणवत्ता के मुद्दे का गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी आज सचिवालय में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले जनपदों की रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित जिलाधिकारियों को योजना की नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर एटीआर, हर घर जल प्रमाणीकरण, वित्तीय समापन की रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने की नसीहत देते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने सीडीओ, बीडीओ तथा फील्ड अधिकारियों के माध्यम से योजना का नियमित निरीक्षण करवाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जल संस्थान या जल मिशन द्वारा किसी भी स्थिति में जिलाधिकारी के अनुमति के बिना रोड कटिंग के कार्यों को नहीं किया जाएगा।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव नितिन भदौरिया सहित पेयजल, सिंचाई, वित्त विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने शहरों के सीवर सिस्टम मैप पर रिपोर्ट की तलब

सचिवालय में केन्द्रपोषित योजना अमृत 2.0 के तहत गठित हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शहरों में सीवर लाइन के पूरी तरह से संचालन आरम्भ होने के सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की है। इस सम्बन्ध में सीएस राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित सचिव द्वारा तत्काल इस विषय में समीक्षा करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेषरूप से देहरादून का सीवर सिस्टम मैप तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
देहरादून जैसे शहरों में सरकारी आवासीय कॉलोनियों में सीवर सिस्टम की स्थिति एवं एसटीपी से कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने जल संस्थान को तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

अमृत 2.0 जैसी सभी केन्द्रपोषित योजनाओं का पूरा लाभ राज्य को मिले इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने समयबद्धता से योजनाओं के डीपीआर बनाने तथा डीपीआर तैयारी के दौरान स्पष्ट मापदण्डों का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में विलम्ब पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव रतूड़ी ने आज अमृत 2.0 के तहत गठित हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी बैठक में अमृत 2.0 (ट्रान्च-2) हेतु 356.52 करोड़ रूपये के स्टेट वॉटर एक्शन प्लान, अमृत 2.0 (ट्रान्च-2) के स्टेट वॉटर एक्शन प्लान में अनुमोदित 08 योजनाओं के पुनरीक्षित आगणनों पर अनुमोदन, अमृत 2.0 के घटक ‘ अमृत सरोवर’ के तहत एसएलटीसी में अनुमोदित नगर पंचायत दिनेशपुर की 02 योजनाओं पर अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव नितेश झा सहित वित्त, सिंचाई, पेयजल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की 12वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई संपन्न

कोरोना काल में बड़ी संख्या में स्थापित ऑक्सीजन प्लान्ट के सदुपयोग तथा राज्य में सुरक्षित चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को आदि कैलाश, केदारनाथ सहित सभी हाई एल्टीट्यूड वाले धामों, पर्यटक स्थलों, होटलों व धर्मशालाओं पर पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य में मातृ मृत्यु दर को कम करने की पहल के रूप में मुख्य सचिव ने हरिद्वार में एक पायलट प्रोजेक्ट तत्काल आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए मेटरनल डेथ ऑडिट को अनिवार्य करने तथा स्वास्थ्य विभाग तथा एनएचएम के मध्य प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं। राज्य को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को समय से पूरा करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने टीबी बाहुल्य वाले क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर वहां पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में उत्तराखण्ड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की 12वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यधिक भवनों व इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की अपेक्षा मेडिकल सेवाओं व मानव संसाधन के सुधार पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने राज्य में ग्रासरूट लेवल पर हेल्थ लिटरेसी बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

आज की बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखण्ड के अन्तर्गत कार्यरत कार्मिकों के मानदेय के रेशनलाईजेशन के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया। इसके साथ ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सल्ट व चौखुटिया में सेन्ट्रल आक्सीजन पाईप लाइन एवं मैनीफोल्ड, आक्सीजन प्लांट के विभिन्न कार्यों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहसपुर एवं डोईवाला में आक्सीजन प्लांट व शेड कार्यों की विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की।

बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव स्वाति भदौरिया सहित स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, वित्त, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

नई दिल्ली में छह नवंबर को होगा उत्तराखण्ड निवास का शुभारम्भ

उत्तराखण्ड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज नई दिल्ली स्थित नवनिर्मित उत्तराखण्ड निवास का दौरा किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का विशेष रूप से भव्य आयोजन किया जाना है, जिसकी शुरूआत नई दिल्ली में उत्तराखण्ड निवास के शुभारम्भ, दिल्ली में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उत्तराखण्ड मूल के अधिकारियों, कार्मिकों व प्रवासियों की भागीदारी से आयोजित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड निवास के शुभारम्भ तैयारी के बारे में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से जानकारी ली और उन्होंने कार्यक्रम के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

इस दौरान सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, परियोजना प्रबंधक राकेश चन्द तिवारी, योगेश कुमार, सहायक अभियन्ता प्रमोद कुमार कोठियाल, उत्तराखण्ड सदन के विशेष कार्याधिकारी रंजन मिश्रा सहित कार्यदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय अनुमोदन व अनुश्रवण समिति की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शहरी विकास विभाग की 21वीं राज्य स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत सफाई कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, भवन व अन्य निर्माण श्रमिकों, पीएम-स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा के लाभार्थियों को प्राथमिकता देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उक्त विशेष फोकस ग्रुप लाभार्थियों के साथ ही अन्य सभी लाभार्थियों के चयन हेतु डिमाण्ड सर्वे को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत नए शहरों को शामिल करते हुए सूची को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो शहर पीएमएवाई-यू के तहत शामिल नही किये जा सके थे, उन्हें पीएमएवाई-यू 2.0 की सूची में रखा जाए। सीएस रतूड़ी ने पीएमएवाई-यू 2.0 के अनुरूप आवास नीति पर जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में शहरी विकास विभाग की 21वीं राज्य स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने वर्ष 2015 से 2022 तथा 31 दिसम्बर 2024 तक विस्तारित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा की तथा वर्ष 2024 से 2029 तक क्रियान्वित होने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत किये जाने वाले विभिन्न कार्यों को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएलएसएमसी के विभिन्न एजेंण्डा बिन्दुओं पर भी सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अनुरूप कैपिसिटी बिल्डिंग प्लान हेतु एटीआई नैनीताल में प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों के साथ नदियों के नियमित चैनलाइजेशन के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को एसडीआरएफ (राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि) के तहत होने वाले विभिन्न सुरक्षात्मक एवं पुर्ननिर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्धता को प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी है। सीएस रतूड़ी ने बाढ़ सुरक्षात्मक कार्याे के साथ ही नदियों के नियमित चौनलाइजेशन करने के निर्देश दिए हैं। जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में आबादी की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता पर रखने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कटाव स्थलों पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण हेतु भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के सुरक्षात्मक कार्यों, रूद्रप्रयाग में ऊखीमठ के बेडुला तिमली तोक व सरूणा गांवों की मधुगंगा नदी से कटाव सुरक्षा योजना, ऊखीमठ के पैज गांव की आवासीय बस्ती के समीप वैज-करोखी मोटर मार्ग पर भू-धंसाव एवं भू-स्खलन की रोकथाम हेतु सुरक्षा योजना, रा0 ई0 कालेज वैडा के समीप हो रहे भूस्खलन एवं आकाश कामिनी नदी से कटाव सुरक्षा योजना, सीतापुर बाजार की पातीगाड एवं मन्दाकिनी नदी के दांये तट से कटाव सुरक्षा योजना, सोनप्रयाग में सोन नदी के बाएं तट पर बिजली घर पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों, सोनप्रयाग में सोन व मन्दाकिनी नदी के संगम में डाउन स्ट्रीम में निर्मित योजनाओं के सुरक्षात्मक कार्यों, ऊखीमठ की मंगोली आवासीय बस्ती की कुपडा गदेरे से कटाव सुरक्षा योजना, उत्तरकाशी के बड़कोट के बनास गांव में आबादी के बचाव हेतु सुरक्षात्मक कार्यों, उधमसिंहनगर के सितारगंज में निर्मल नगर को बैगुल नदी की बाढ़ से बचाने हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना जैसे विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

सचिवालय में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों पर अनुमोदन हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में सचिव शैलेश बगौली, डा0 आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन सहित लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग एवं उधमसिंहनगर मौजूद रहे।

उत्तराखंडः कम आय वर्ग की गर्भवती महिलाओं की पीएमएमवीवाई की कवरेज करने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूडी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदेशभर में 4 अक्टूबर से अगले 15 दिन तक अभियान चलाकर असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत गर्भवती महिलाओं, निर्माण स्थलों में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों व घरेलू नौकरों के रूप में कार्यरत तथा शहरी मलिन बस्तियों में निवासरत गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं।
सीएस रतूडी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत विशेष रूप से कम आय वर्ग की सभी गर्भवती महिलाओं की पीएमएमवीवाई की शत् प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सचिव शहरी विकास को शहरी निकायों में कार्यरत कार्मिकों विशेषकर कम आय वर्ग वाले कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में तत्काल समीक्षा बैठक कर इस सम्बन्ध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को एएनएम द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं के तीन एएनसी अनिवार्यतः करने तथा गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु का अनिवार्य रूप से डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में विशेषरूप से मलिन बस्तियों एवं निर्माण स्थलों के निकट आंगनबाडियों की मैपिंग के निर्देश दिए हैं, ताकि पांच वर्ष की आयु से छोटे बच्चों में कुपोषण व कम वजन की समस्या का समाधान एवं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं व विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन के तहत मिलेट्स को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत महिला एवं बाल विकास एवं श्रम विभाग से सम्बन्धित अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले इंडिकेटर्स की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त इंडिकेटर्स में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग से सम्बन्धित योजनाओं के युक्तिकरण के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में मातृ मृत्यु दर, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों में एनिमिया तथा बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने हेतु सभी विभागों को समन्वित रणनीति से कार्य करने की हिदायत दी है।

आज की बैठक में अपर सचिव प्रशांत आर्य तथा महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

एफएसएसएआई ने किया सुद्धोवाला जिला कारागार को ईट राईट कैंपस घोषित

सुरक्षित स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर भोजन उपलब्ध कराने एवं स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा राज्य सचिवालय परिसर एवं जिला कारागार परिसर को ईट राईट कैम्पस का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है।

आज राज्य सचिवालय स्थित सभागार में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में इस सम्बन्ध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर मुख्य सचिव द्वारा भारत सरकार की ओर से निर्गत ईट राईट कैम्पस प्रमाण पत्र को सचिवालय प्रशासन के सचिव श्री दीपेन्द्र चौधरी एवं उपमहानिरीक्षक जेल को विधिवत प्रदान किया गया। इस महत्वपूर्ण एवं कारगर पहल के लिए मुख्य सचिव ने सचिवालय प्रशासन की सराहना की और कार्यक्रम में मौजूद महानिरीक्षक जेल की ओर से ईट राईट कैम्पस प्रमाणीकरण हेतु किये गये प्रयासों की प्रशंसा की।

सीएस ने इस उपलब्धि के लिए सचिवालय परिसर में कार्यशील विभिन्न खान-पान सेवाओं यथा इंदिरा अम्मा भोजनालय, जी.एम.वी.एन कैंटीन के फूड सुपरवाइजर को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ के मानक अनुसार अपनी सेवाएं बनाये रखने की कसौटी पर प्रतिदिन खरा उतरना चाहिए।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड के तत्वाधान में सचिवालय प्रशासन द्वारा की गई इस पहल को अनिवार्य बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सचिवालय एक अनुकरणीय स्थल है और यहां पर राज्य के विभिन्न स्थानों से जनमानस का आवागमन बना रहता है जिसे देखते हुए इस परिसर को ईट राईट कैम्पस के रूप में घोषित किया जाना राज्य सरकार के अन्य संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत होगा।

इसी प्रकार राज्य में स्थित जेलों के भोजनालय तथा कैंटीन द्वारा खाद्य सुरक्षा के मानकों अनुसार कैदियों को खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी सरकार के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता का विषय है। इस दिशा में जिला कारागार, सुद्धोवाला को निर्गत ईट राईट कैम्पस का प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण कदम है।

ज्ञातव्य है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी कार्य स्थल, जहां पर कार्य करने वाले अधिकांश लोग, कम से कम एक बार का जलपान अथवा भोजन नियमित रूप से ग्रहण करते हैं, को सुरक्षित एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ईट राईट कैम्पस पहल आरम्भ की गई है।

इस क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड के तत्वाधान में विगत दिनों राज्य सचिवालय तथा जिला कारागार परिसर, सुद्धोवाला, देहरादून में संचालित समस्त कैंटीन, भोजनालय एवं अन्य खान-पान सेवाओं का फूड सेफ्टी ऑडिट किया गया तथा यहां पर काम करने वाले फूड हैंडलर्स को फूड सेफ्टी आधारित फास्टैक प्रदान किया गया।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षण हेतु एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, ऑडिट कार्यों के लिए यू.आर.एस सर्टिफिकेशन तथा इस पहल के संचालन के लि एद रेड कार्पेट वेंचर जैसी अनुभवी संस्थाओं को अधिकृत किया गया था। इस संपूर्ण प्रक्रिया में राज्य सचिवालय तथा जेल प्रशासन को किसी प्रकार का वित्तीय भार वहन नही करना पड़ा तथा समस्त व्यय सी.एस.आर के तहत अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था हर्बलाइफ इंडिया द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सचिव, सचिवालय प्रशासन, दीपेन्द्र चौधरी, आईजी विमला गुंजयाल, अपर सचिव अनुराधा पाल, उप-महानिरीक्षक जेल, श्री दधिराम मौर्य, अपर आयुक्त, एफ.डी.ए, ताजबर सिंह, गणेश कण्डवाल,उपायुक्त/नोडल ऑफिसर ईट राईट इण्डिया, सचिवालय परिसर में स्थित इंदिरा अम्मा भोजनालय, जी.एम.वी.एन कैंटीन, मिलेट बेकरी तथा आंचल डेरी के फूड सुपरवाइजर एवं भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर, फूड ऑडिटर आदि मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में हुई बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी अक्टूबर में नियोजन विभाग व सेतु आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त करते हुए उनकी रोजगार की चुनौतियों के समाधान के साथ समावेशी व सतत् विकास की रणनीतियों पर मंथन के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली इस कॉन्फ्रेस से नीति आयोग, अर्न्तराष्ट्रीय श्रम संगठन, इंस्टीटयूट ऑफ हूयमन डेवलपमेंट, इन्टप्रयोन्रशिप डेवलपमेंट इंस्टीटयूट ऑफ इण्डिया, यूएनडीपी व यूनीसेफ को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उक्त कॉन्फ्रेंस में युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर तथा विदेश की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं हेतु कौशल विकास के कोर्स संचालित करने पर एक विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कौशल विकास के साथ विदेशी भाषाओं के कोर्स संचालित करने की रणनीति पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को प्रभावी समन्वय के साथ एकीकृत होकर कौशल विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से वन विभाग को कौशल विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य में ट्रेकिंग हेतु आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कौशल विकास व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु सरकारी विभागों व संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र व गैर सरकारी संगठनों के मध्य सुदृढ़ सहभागिता को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।