15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की सभी गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम को 15 अगस्त से एक सप्ताह पूर्व जनपदों में स्वच्छता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हर घर तिरंगा अभियान में प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर अमृत सरोवर पर झण्डारोहण तथा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

अत्यधिक वर्षा के कारण नालियों व नालों में जलभराव की समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व स्वच्छता अभियान के साथ ही नालियों के सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में तिरंगा यात्रा के तहत भव्य जुलूस के आयोजन तथा इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूलों, कॉलेजों, संगठनों व निवासियों को अपने झंडों के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने तिरंगा श्रद्धाजंलि के तहत स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तिरंगा कैनवास के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा ताकि लोग स्थानीय भाषा में हर घर तिरंगा या जय हिंद लिख सके। मुख्य सचिव ने 12 अगस्त को स्कूल, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों व अन्य ऐसे स्थलों जहां पर युवाओं की संख्या अधिक है, युवाओं को विकसित भारत के तहत नशे से मुक्ति की शपथ दिलवाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव एच सी सेमवाल, निदेशक संस्कृत बीना भटट, अपर सचिव सविन बंसल सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयर टैंगिग, पशु मालिकों की ट्रैकिंग होगी

राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को गोद लेने वाले लोगो को एक निश्चित मानदेय देने के योजना को जल्द आरम्भ करने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में तत्काल गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कों पर एक भी निराश्रित पशु न दिखे इसके लिए प्रशासन व आमजन को मिलजुल कर पूरी संवेदनशीलता व मानवीयता से कार्य करना होगा।
सीएस रतूड़ी ने राज्यभर में गोदसदनों के निर्माण के लिए मिसिंग लिंक के माध्यम से जारी 10 करोड़ की धनराशि को उपयोग करने के लिए पंचायती राज्य विभाग को जल्द से जल्द इस सम्बन्ध में वित्तीय मद खोलने का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोसदनों व सड़कों में निराश्रित गोवंशीय पशुओं की व्यवस्था व स्थिति की मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने लोगों व ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों द्वारा पाले जाने वाले गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयरटैंगिग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आवारा व निराश्रित गोवंशीय के मालिकों की टै्रकिंग की जा सके। उन्होंने इस सम्बन्ध में जन जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम ने राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के लिए गौ सदनों के निर्माण हेतु सीएसआर के माध्यम से भी धन जुटाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य में गोसदनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड ने जानकारी दी कि वर्तमान में में राज्य में कुल पंजीकृत 60 गोसदन हैं। पंजीकृत गौ सदनों में शरणागत गोवंशीय पशुओं की संख्या लगभग 14000 है। वर्तमान में निराश्रित पशुओं की संख्या 20687 है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में सर्वाधिक 5525 निराश्रित गौवंशीय पशु हैं। ऊधमसिंह नगर में 4955, देहरादून में 2050, नैनीताल में 2155 व टिहरी में 2259 निराश्रित पशु हैं। राज्य में सभी जनपदों में 54 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशीय पशुओं को शरण दिए जाने हेतु गोसदनों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इस काय्र को तीव्रता से कराये जाने हेतु 25 स्थानों पर मिसिंग लिंक के माध्यम से 10 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है। गोसदनों के निर्माण में जनपद टिहरी में सबसे बेहतरीन कार्य किए गए हैं।

बैठक में सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव सी रविशंकर, नितिन सिंह भदौरिया सहित पशुपालन व पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिति की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सचिवालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि ई-ऑफिस पोर्टल पर फाइलों की समीक्षा, प्रसंस्करण एवं संचरण को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए फाइलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
सीएस रतूड़ी ने कहा है कि पत्रावलियां के लंबित रहने की प्रथा किसी भी विभाग/संस्था के कुशल संचालन को प्रभावित करती है एवं जनहित से संबंधित कार्यां में विलम्ब होता है। मुख्य सचिव ने प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समय-सीमा पर फाइलों के निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिती की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक रूप से देरी न हों। फाइलों के निस्तारण में अनुचित देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जायेगी जिसमें अनुशासनात्मक उपाय भी शामिल हो सकते हैं।

उत्तराखण्ड सचिवालय प्रशासन द्वारा फाइलों के निस्तारण की स्थिति पर मुख्य सचिव के समक्ष साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण को सुविधाजनक बनाने के लिए पूर्व की भांति सभी संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-ऑफिस पोर्टल के कुशल उपयोग के प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण एवं ई-ऑफिस को यूजर फ्रेण्डली बनाने हेतु तकनीकी रूप से ई-ऑफिस पोर्टल में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सुझावों पर यथोचित सुधार करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सीएस ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट की तलब

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को मलिन बस्तियों का चिन्हीकरण कर 15 दिन में रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ सीएस ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी तलब की है। मुख्य सचिव ने निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में शहरी विकास की राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को ‘‘स्लम फ्री उत्तराखण्ड’’ विजन के साथ कार्य करने की नसीहत दी है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी 15 दिनों से पहले जनपदों में अवस्थित मलिन बस्तियों के श्रेणीवार चिन्हांकन कर उनकी सूची शासन को प्राथमिकता के आधार पर भेज दी जाए। इसके बाद राज्य में अवस्थित मलिन बस्तियों में निवासरत परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण, पुनरूद्धार पुनर्वास की कार्ययोजना पर कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव ने मलिन बस्तियों के सुधार हेतु विभिन्न राज्यों के मॉडल पर किए गए अध्ययन की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट भी तलब की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से जनपद टिहरी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी उधमसिंहनगर और चम्पावत के जिलाधिकारियों से और समय न लेते हुए यथाशीघ्र मलिन बस्तियों की वांछित सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करते हुए प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य में प्रचलित अन्य उपयोगी एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए मलिन बस्तियों के निवासियों का पुनर्वासन एवं पुनर्व्यस्थापन किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊ व सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएस बोलीं, वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम पर हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने हाउस ऑफ हिमालयाज को उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्राण्ड के रूप में स्थापित करते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत अधिकाधिक महिला स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड के सभी उत्पादों को एक ही नाम व ब्राण्ड मिलने से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।

सीएस ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से राज्य के सभी स्थानीय ब्राण्ड्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। हाउस ऑफ हिमालयाज को वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर तक पहुचाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज राज्य का अम्ब्रेला ब्राण्ड होने के साथ ही प्रदेशभर की स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और उनके उत्पादों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत प्रथम चरण में 21 उत्पादों को रखा गया है। भविष्य में अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हाउस ऑफ हिमालयाज की बोर्ड ऑफ गर्वनेस की बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

आईआईएम रोहतक ने प्रस्तुत की चारधाम यात्रा पर स्टडी रिपोर्ट

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम की धारण क्षमता ¼Carrying Capacity½ पर आईआईएम ¼IIM½ रोहतक की रिपोर्ट की समीक्षा कर सुगम सुरक्षित यात्रा का एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा सचिवालय में आईआईएम रोहतक के निदेशक व उनकी टीम द्वारा चारधाम यात्रा की Carrying Capacity तथा SOPs को सुधारने तथा श्रद्धालुओं हेतु यात्रा को अधिकाधिक सुखद, सुगम व सुरक्षित बनाने हेतु तैयार की गई अध्ययन रिपोर्ट पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि सुगम व सुरक्षित चारधाम यात्रा हेतु बनने वाले एक्शन प्लान के लिए चारों धामों की carrying Capacity के सटीक आकलन का प्रयास किया जाए। एक्शन प्लान में श्रद्धालुओं हेतु चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था, यात्रा के प्रभावी प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग तथा स्थानीय इकोलॉजी को संरक्षित करते हुए स्थानीय आर्थिकी को मजबूत करने जैसे मुद्दों का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एक्शन प्लान में सड़कों की स्थिति में सुधार, ट्रैफिक जाम, कपाट खुलने के बाद धामों में प्रथम 40 दिनों में ओवरक्राउडिंग की समस्या के समाधान, श्रद्धालुओं की फीडबैक की व्यवस्था को प्रमुखता से रखने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को सरल बनाने के लिए Radio Frequency Identification (RFID) card based registration system तथा AADHAR based registration पर चर्चा की गई। इसके साथ ही चारधाम यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा की दृष्टिगत एक SMS Weather Update System लागू करने, यात्रारुट पर पीपीपी मॉडल या CSR के तहत मेडिकल सुविधा प्रदान करने, धामों में भीड़ नियंत्रण हेतु Batch Wise दर्शन व्यवस्था को लागू करने और पार्किंग कैपेसिटी की समीक्षा करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, सचिव पर्यटन, कमिश्नर गढ़वाल सहित अन्य अधिकारी तथा आईआईएम रोहतक के निदेशक व उनकी टीम मौजूद रहे।

सीएस ने दी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई, की अपील

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने देहरादून के भागीरथ पुरम में एमडीडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पौधरोपण किया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अमलतास के पौधे का वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेशवासियों से विशेषकर युवाओं से वृक्षारोपण की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान सीएस रतूड़ी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का यह लोकपर्व विश्व एवं मानव जगत को पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली से खुशहाली का संदेश देता है।

मुख्य सचिव ने सभी लोगों से हरेला पर्व के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण करने तथा वृक्षारोपण की फोटो व जानकारी merilife.org पर अपलोड करने का अनुरोध किया है।

इस अवसर पर एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिवालय में नागरिक सेना संपर्क कांफ्रेस का हुआ आयोजन


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, सब एरिया कमाण्डर तथा जिलाधिकारी पिथौरागढ़, नैनीताल, पौड़ी व चंपावत वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत गांव गुंजी में पर्यटन विभाग द्वारा शिवधाम का निर्माण किया जाएगा।

परीक्षा में नकल करते पाए जाने पर कोई सख्त कार्यवाहीः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि 14 जुलाई 2024 को प्रस्तावित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 के सफल एवं शुचितापूर्ण आयोजन हेतु इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि 14 जुलाई 2024 को प्रस्तावित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 में तैनात समस्त अधिकारियों एवं जिले के सभी परीक्षा केन्द्रों के केन्द्र पर्यवेक्षकों की परीक्षा से 02 दिन पूर्व ब्रीफिंग समस्त जिलाधिकारियों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों की अध्यक्षता में आहूत की जाये जिसमें सभी केन्द्र व्यवस्थापक अनिवार्य रूप से भाग लें। बैठक में केन्द्र पर्यवेक्षकों/व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने हेतु वांछित उपाय सख्ती से बरतने के निर्देश जारी किये जायें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परीक्षा प्रक्रिया के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु केन्द्र पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया जाये कि वह सभी कक्ष निरीक्षकों, सचल दल एवं तैनात अन्य समस्त कार्मिकों को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु सचेत करेंगे। परीक्षा के दौरान परीक्षा से सम्बद्ध किसी भी स्तर पर शिथिलता परिलक्षित होने पर इसे अत्यन्त गम्भीरता से लिया जायेगा तदनुरूप कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं की जानकारी सभी उपलब्ध माध्यमों से जिले भर में प्रसारित की जाये, ताकि अवांछित तत्वों में प्रशासन की मुस्तैदी का प्रभाव बना रहे। जनपदों के सभी परीक्षा केन्द्रों का संवेदनशीलता के आधार पर वर्गीकरण करते हुये परीक्षा तिथि को इनमें सैक्टर मजिस्ट्रेट तथा फ्लाइंग स्क्वाड अतिरिक्त पुलिस बल/अभिसूचना कार्मिक तैनात किये जायें। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि दूरस्थ एवं संवेदनशील केन्द्रों में पृथक से डेडिकेटेड सैक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा सतत निगरानी की जायेगी। केन्द्रों में संबंधित सैक्टर मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्रों, परीक्षा सामग्री का प्रति पाली पृथक-पृथक संकलित करते हुए पृथक से जमा करेंगे। परीक्षा तिथि के पूर्व से ही स्थानीय अभिसूचना इकाईयाँ/एजेंसीज सक्रिय बनी रहें। संज्ञान में आया है कि जनपदों में परीक्षाओं के संचालन में तैनात कतिपय सैक्टर मजिस्ट्रेट केवल गोपनीय सामग्री को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने व वापस संबंधित डाकघर तक लाने में ही व्यस्त रहते हैं। अतः परीक्षा केन्द्रों पर व्यापक पर्यवेक्षण की आवश्यकता के दृष्टिगत अन्य जनपदीय अधिकारियों को भी उक्त कार्य हेतु तैनात किया जाये तथा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी परीक्षा अवधि में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का आवश्यक रूप से भ्रमण एवं निगरानी करना सुनिश्चित करें। वर्षाकालीन मौसम के दृष्टिगत आवागमन सुचारू बनाए रखने हेतु अवरूद्ध मार्गों को तत्परता से खोलने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।

पर्यटन विकास के सभी प्रोजेक्ट में स्थानीय आमजन की ओनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने टिहरी झील तथा इसके कैचमेंट एरिया के सम्पूर्ण विकास हेतु एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) की गाइडलाइन्स के अनुसार तैयार डीपीआर पर कार्य करने के साथ ही इस तरह के प्रोजेक्ट में सभी स्टेकहोल्डर्स विशेषकर स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने निर्देश दिए कि राज्य में संचालित पर्यटन विकास से सम्बन्धित सभी प्रोजेक्ट में स्थानीय आमजन की ऑनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट में हितधारकों एवं स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श करने व सुझाव लेने की संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि पर्यटन विकास के सभी प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। विशेषरूप से पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन विकास की गतिविधियों में सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग पर भी ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन हेतु पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रीमती राधा रतूड़ी ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होम स्टे हेतु भी कूड़ा प्रबन्धन की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने टूरिज्म एवं इकोलॉजी में संतुलन रखने की नीति का पालन करते हुए सभी टूरिज्म प्रोजेक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास से सम्बन्धित सभी प्रोजेक्ट का इस आधार पर मूल्यांकन किया जाए कि इससे कितने स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास एवं कल्याण से सम्बन्धित लाभ पहुंचा है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सचिवालय में टिहरी झील विकास परियोजना पर सतत्, समावेशी तथा जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास से सम्बन्धित द्वितीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) बैठक के दौरान निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय समुदायों को विकास का भागीदार बनाते हुए टिहरी को एक ब्राण्ड पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सीएस ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट के तहत टिहरी शहर के ऐतिहासिक महत्व को पुनः स्थापित करने, पर्यटन की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, क्षेत्र में सत्त एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने, पलायन रोकने, स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को कम से कम 3 तीन दिन तक यहां रहने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि 1294 करोड़ रूपये लागत के एडीबी सहायता प्राप्त टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लगभग 103 गांवों की लगभग 96875 आबादी को लाभ पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के तहत डोबरा चांटी, तिवार गांव, कोटी कॉलोनी, न्यू टिहरी, मदन नेगी तथा झील कलस्टर में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं को विकास किया जाएगा।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।