भागीरथी इको सेंसेटिव जोन की मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन कायम रखते हुए भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत तय पर्यावरणीय मानकों के अनुसार निर्माण कार्य किए जांय और मानकों की अवहेलना के मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।

उत्तरकाशी जिले की भागीरथी घाटी में उत्तरकाशी ने लेकर गंगोत्री तक के लगभग 100 कि.मी. लंबाई में व लगभग चार हजार वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में भागीरथी इको सेंसेटिव जोन घोषित है। जिसके दायरे में 88 गांव पड़ते हैं। भागीरथी इको सेंसेटिव जोन की मॉनिटरिंग कमेटी की आज बैठक आयोजित कर इन क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकास योजनाओं व अन्य गतिविधियों की अनुमति देने तथा जोन के लिए अधिसूचित मानकों के अनुपालन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के भीतर सड़कों के निर्माण में तय पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए डीपीआर में स्पष्ट प्राविधान किए जांय और जीएसआई जैसे किसी प्रतिष्ठित संगठन से भी स्िलीय जांच कराई जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि जोन से संबंधित प्रकरणों का तत्परता से अनुश्रवण करने के लिए मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक अब हर तीसरे महीन आयोजित होगी और इससे संबंधित कार्रवाई करने के लिए किसी विभाग को नामित करने या जिला विकास प्राधिकरण को यह जिम्मा सौंपे जाने पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों व विकास के साथ ही चारधाम यात्रा पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्य किए जाने जरूरी हैं, लिहाजा तय नियमों व मानकों का अनुपालन कर पर्यावरण के साथ बेहतर संतुलन कायम रखते हुए कार्रवाई की जाय। नियमों व मानकों का उल्लंघन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस बारे में समिति के सभी गैर सरकारी सदस्यों को भी अवगत कराया जाय और इन सदस्यों को प्रस्तावित परियोजना स्थलों का निरीक्षण भी करवाया जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि मॉनिटरिंग समिति का मुख्य कार्य जोन के लिए तय नियमों और मानकों के अनुपालन पर नजर रखना है। लिहाजा संबंधित विभाग संबंधित अनुमतियां जारी करने के साथ ही नियमों का अनुपालन भी सुनिश्चित कराएं।

बैठक में जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने भागीरथी इको सेंसेटिव जोन की अधिसूचना, इसके अनुपालन एवं वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जोन के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों एवं अन्य गतिविधियों को समिति के विचारार्थ एवं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि भागीरथी इको सेंसेटिव जोन के दायरे में सदियों पूर्व से स्थित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तीर्थाटन व पर्यटन इस क्षेत्र की आजीविका का मुख्य जरिया है और हर साल लाखों की संख्या में तीर्थयात्री व पर्यटक इस क्षेत्र में आते हैं। लिहाजा पर्यावरण से संबंधित मानकों व अन्य सभी तय नियमों का अनुपालन करते हुए इस क्षेत्र में अपेक्षित अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने के साथ होम-स्टे, होटल आदि से जुड़े कार्यों को अनुमति दिया जाना जरूरी है। जिलाधिकारी ने जोन के अंतर्गत अधिसूचित कार्यों की अनुमति तथा नियामक कार्रवाईयों के लिए जिला विकास प्राधिकरण को जिम्मेदारी दिए जाने का प्रस्ताव भी रखा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस क्षेत्र में अनेक उपाय किए जा रहे हैं। गंगोत्री धाम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीक का एक प्लांट स्थापित किया गया है। बैठक में इस प्लांट को शीघ्र संचालित करने पर सहमति व्यक्त की गई।

बैठक में भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित नौ सड़कों की अनुमति का प्रस्ताव रखा गया। इन प्रस्तावों को पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन करने पर शर्त पर अनुमोदन देने की सहमति व्यक्त करते हुए कहा गया कि सड़कों के डीपीआर में इसके लिए जरूरी प्राविधान आवश्यक रूप से शामिल किए जांएगे और जीएसआई जैसेस संगठन से भी इनका परीक्षण कराया जाएगा। जोन क्षेत्र में प्रस्तावित पॉंच लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर विचार-विमर्श के बाद दो मेगावाट क्षमता वाली दो नई परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई करने और तीन निर्माणाधीन परियोजनाओं पर फिर से विचार करने की सहमति जाहिर की गई। बैठक में डाक विभाग की गंगोत्री धाम से गंगा जल भरने विषयक प्रस्ताव के साथ ही सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्रस्तावित दो होटल इकाईयों और जेड.एल.आर. एक्ट की धारा 143 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन के मामले भी विचार हेतु प्रस्तुत किए गए।

हाईब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में गैर सरकारी सदस्य हेम पाण्डे, मल्लिका भनोट, शांति परमार सहित विभिन्न विभागों व संगठनों के राज्य मुख्यालय देहरादून तथा उत्तरकाशी स्थित अधिकारियों ने भी भाग लिया।

समस्याओं के समाधान के लिए दिव्यांग फरियादियों के पास स्वयं पहुंचती हैं मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव कार्यालय में उनसे मिलने आए दिव्यांग फरियादियों की सुविधा हेतु भूतल पर विशेष व्यवस्था की है। अब दिव्यांगजनो को अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्य सचिव से मिलने मुख्य सचिव कार्यालय के प्रथम तल पर जाने की आवश्यकता नहीं है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी स्वयं दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिदिन फरियादियों के पास पहुंचकर उनकी समस्याओं का संज्ञान लेती है।

उल्लेखनीय है कि दिव्यांगजनों के साथ ही आमजन की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्य सचिव कार्यालय में प्रत्येक कार्यालय दिवस पर व्यवस्था की गई है। आमजन मुख्य सचिव से उनके कार्यालय में मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकते हैं। मुख्य सचिव कार्यालय के भूतल स्थित पर्यावरण प्रकोष्ठ में दिव्यांगजनों की सुविधा के दृष्टिगत विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

सीएस ने उर्जा सहित अन्य विभागों को दिए निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग के निर्देश


सीएस राधा रतूड़ी ने ऊर्जा एवं सम्बन्धित विभागों को निवेश प्रस्तावों की ग्राउण्डिंग के साथ ही राज्य में लगने वाले नए उद्यमों हेतु पर्याप्त मात्रा में विद्युत आपूर्ति तथा जलापूर्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में लग रहे बायोफ्यूल उद्यमों से कच्चे माल के रूप में पिरूल के उपयोग के प्रस्ताव पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता व लक्ष्य आधारित कार्यशैली अपनाते हुए सभी निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में गत वर्ष आयोजित हुए उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में किये गए निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की समीक्षा की। आज की बैठक में उन्होंने मुख्यतः आवास, पर्यटन तथा ऊर्जा विभाग के तहत किए गए एमओयू की समीक्षा की।

बैठक में जानकारी दी गई कि आवास विभाग के तहत कुल किए गए 125 एमओयू में से 74 पर कार्य आरम्भ हो चुका है, इससे कुल 7429.85 करोड़ रूपये का निवेश आया है तथा 12318 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। पर्यटन विभाग के तहत कुल 505 एमओयू में से 140 पर कार्य आरम्भ हो चुका है, जिससे 3816.22 करोड़ रूपये का निवेश आया है तथा 5047 रोजगार सृजित हुए हैं। ऊर्जा विभाग के तहत कुल 193 यूनिट की ग्राउंडिंग हो चुकी है जिससे 28288 करोड़ का निवेश आया है तथा निर्माण कार्यों के दौरान 18119 रोजगार तथा संचालन के दौरान 4026 रोजगार सृजित हुए हैं। एरोमेटिक प्लान्टस के क्षेत्र में अभी तक कुल 32 यूनिट की ग्राउंडिंग हुई है जिससे 133.4 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है तथा 1052 रोजगार सृजित हुए हैं।

बैठक में सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस ने दी अधिकारियों को मलिन बस्तिवासियों के साथ मानवीयता व संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को नगर निकायों में अवस्थित मलिन बस्तियों के चिन्हीकरण के बाद सूचीबद्ध रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके विकास, पुनरूद्वार व पुनर्वासन की कार्ययोजना पर जल्द से जल्द कार्य आरम्भ किया जा सके। सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को राज्य में मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण, पुनरूद्वार, पुनर्वासन तथा पुनर्व्यस्थापन के लिए अत्यन्त संवेदनशीलता एवं मानवीयता के साथ प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में शहरी विकास विभाग तथा आवास विभाग की एक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शहरी विकास विभाग को सफाई कर्मियों के लिए पर्याप्त आवास एवं बीमा की व्यवस्था हेतु कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने मलिन बस्तियों हेतु प्राधिकरण के माध्यम से कॉर्पस फण्ड के निर्माण के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि शासन की अधिसूचना संख्या 2154 दिनांक 21 दिसम्बर 2016 की विभिन्न श्रेणियों के तहत जनपद बागेश्वर में श्रेणी एक की 04 मलिन बस्तियां तथा श्रेणी दो की 02 मलिन बस्तियां, हरिद्वार में श्रेणी एक की 57 मलिन बस्तियां, श्रेणी दो की 02, श्रेणी तीन की 24, नैनीताल में श्रेणी एक की 37, श्रेणी दो की 01, श्रेणी तीन की 23, अल्मोड़ा में श्रेणी एक की 04, देहरादून में कुल 128 मलिन बस्तियों चिहिन्त की गई हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु सहित अन्य अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने की बात कही

राफ्टिंग व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव ने खारास्रोत पार्किंग तृतीय एवं गंगा नदी में पुट इन पॉइंट ब्रह्मपुरी का निरीक्षण कर व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही राफ्टिंग की सराहना की। इस दौरान उन्होंने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने, राफ्टिंग की ड्रोन फुटेज लेने तथा रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियमावली का उल्लंघन करने वालों के दंडात्मक/चालान कार्यवाही जिला प्रशासन स्तर से किए जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही की बात कही। जिलाधिकारी ने बताया कि राफ्टर्स के लिए बनाए गए अस्थाई पार्किंग स्थल खारास्रोत में द्वितीय चरण के कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें सीसी कार्यों के साथ ही अन्य कार्य किए जाने हैं।

अपर मुख्य कार्याधिकारी (साहसिक विंग) यूटीडीबी कर्नल अश्विनी पुण्डीर ने बताया कि गंगा नदी में 263 फर्म पंजीकृत हैं तथा 576 राफ्ट्स हैं। जबकि अलकनंदा नदी में 29 फर्म पंजीकृत हैं तथा 65 राफ्ट्स हैं। उन्होंने बताया कि टिकट काउंटर के समीप सुलभ शौचालयों/चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। सड़क मार्ग से नदी में जाने वाले समस्त पैदल मार्गों का मरम्मतीकरण का कार्य किया गया है। पुट इन एवं पुल आउट पॉइंट्स यथा नीम बीच, ब्रहमपुरी, शिवपुरी, मैरीन ड्राइव में स्थाई निर्माण कार्य हेतु वन भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही अन्तिम चरण में गतिमान है। राष्ट्रीय जल कीड़ा संस्थान गोवा के सहयोग से लगभग 400 गाइडों को लाईफ सेविंग का प्रशिक्षण साहसिक खेल अकादमी कोटी कालोनी टिहरी में दिया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भद्रकाली में केदारनाथ/बद्रीनाथ एवं गंगोत्री/यमुनोत्री धाम यात्री पंजीकरण जांच केंद्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि चारधाम यात्रा का ट्राय जंक्शन पॉइंट भद्रकाली में यात्रियों के पंजीकरण की जांच करके ही गाड़ियों को आगे भेजा जा रहा है। जनपद में यातायात व्यवस्था सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। मुख्य सचिव ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निरंतर व्यवस्थाएं बनाए रखने को कहा।

इस मौके पर डीएफओ जीवन डगाड़े, एडीएम के.के. मिश्रा, एएसपी टिहरी जे.आर. जोशी, एएसपी पौड़ी, एआरटीओ सतेंद्र राज, एसडीएम देवेंद्र नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

एक जुलाई से लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनों के लिए उत्तराखंड तैयार

1 जुलाई 2024 से देशभर में लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों के लिए उत्तराखंड की तैयारी पूरी हो चुकी है| मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज गृह सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में सभी राज्यों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकारी दी कि 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले 3 नए आपराधिक कानूनों भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय सुरक्षा अधिनियम 2023 हेतु उत्तराखंड राज्य ने पूरी तैयारी कर ली है|

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि नये आपराधिक कानूनों के पास होने के बाद हमारे द्वारा CDTI और BPR&D से समन्वय स्थापित कर PTC/ ATC तथा अन्य प्रशिक्षण केन्द्रों से 50 अधिकारियों को गाजियाबाद और जयपुर से मास्टर ट्रेनर का कोर्स कराया गया है । इसके अतिरिक्त 18 P.O.’s को भी मास्टर ट्रेनर के रूप में ट्रेनिंग हेतु Rope in किया गया है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस हस्तपुस्तिका तैयार की गई है, जिसके आधार पर सारे कोर्स का संचालन किया जा रहा है इसमें वृहद कानूनों को सरल तरीके से पढ़ने की विधि तैयार की गई है। जिसकी एक प्रति समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को वितरित की जा रही है। (कुल 25000 हस्त पुस्तिका वितरित की जा रही है। Online प्रशिक्षण हेतु 03 module तैयार किये जा रहे है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि अल्प अवधि को देखते हुए ट्रेनिंग को जिला स्तर पर Decentralize किया गया है। सभी मास्टर ट्रेनर्स और अभियोजन अधिकारियों की joint team द्वारा Offline Mode में Civil Police के विवेचना से सम्बंधित Officers (G.Os, Insp., SI, ASI, HM/ MM) को ट्रेनिंग करवाई जा रही है। ऐसे कर्मचारी जिनका पुलिस विवेचना में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता है, उन्हें ऑनलाइन मोड में प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसके लिए Online Module तैयार किया जा रहा है। Online Module, AI (Artificial Intelligence) based हैं, जिन्हें इस माह के अंत तक भारत सरकार द्वारा बनाये गये iGOT Karmayogi Portal पर HOST किया जायेगा। जिसके बाद सभी कर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए एक माह का समय दिया जायेगा। Constables तथा Head Constables को चारधाम यात्रा के दृष्टिगत लगभग 20 दिवस का समय दिया जाएगा, जिसमें वह पोर्टल पर उपलब्ध 18 lectures के मॉड्यूल का अध्ययन कर टेस्ट देने के उपरांत प्रशिक्षित हो जायेंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि RTC’s में संचालित नागरिक पुलिस/PAC के लगभग 1000 रिक्रूट आरक्षियों को 03 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त लगभग 500 मुख्य आरक्षियों को पदोन्नति हेतु भी नये आपराधिक कानूनों का प्रशिक्षण दिया गया है। समस्त आईपीएस अधिकारियों तथा जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा दिनांक 19 मार्च 2024 से 02 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो BPR&D से प्राप्त हुए Syllabus पर आधारित है। नये आपराधिक कानूनों के प्रशिक्षण के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में ट्रेनिंग करवाई जानी है। ऑफलाइन ट्रेनिंग 04 चरण में पूर्ण होनी थी, जिसमें अभी तक 03 चरण पूर्ण हो चुके हैं। कुछ छोटे जनपदों जैसे बागेश्वर, उत्तरकाशी तथा रुद्रप्रयाग में यह ट्रेनिंग समाप्त भी हो चुकी है। 75% ऑफलाइन मोड का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अगले 01 हफ्तों में ऑफलाइन प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया जायेगा। iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर समस्त पुलिस कर्मियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अगले माह 20th June, 2024 तक समस्त प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया जायेगा। इसके साथ ही CCTNS Software सम्बन्धी अपडेट का प्रशिक्षण भी 31 मई तक पूर्ण कर लिया जायेगा |

विदित है कि नये आपराधिक कानूनों में काफी बदलाव किए गए हैं, जैसे भारतीय न्याय संहिता में 190 छोटे-बड़े बदलाव किये गये हैं, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 360 छोटे-बड़े बदलाव किए गये हैं तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 45 छोटे-बड़े बदलाव किये गये हैं। नये कानूनों को समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारी तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण का रोडमैप तैयार कर पुलिस महानिदेशक के अनुमोदन के बाद कार्यवाही प्रचलित है। लगभग 25000 पुलिस बल का ऑनलाइन तथा ऑफलाइन मोड में प्रशिक्षण प्रस्तावित है।

बैठक में सचिव गृह दिलीप जावलकर सहित गृह विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे|

चारधाम यात्राः स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी

सीएस राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य विभाग, विश फाउण्डेशन तथा हंस फाउण्डेशन ने ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत की है। ई-स्वास्थ्य धाम एप पर सभी श्रद्धालुओं को अपना स्वास्थय डाटा अपलोड करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। इन स्क्रीनिंग पॉइन्ट्स पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ ही हंस एवं विश फाउण्डेशन के चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी।

सचिवालय में स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग की बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रजिस्ट्रेशन के दौरान देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मीडिया की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा अपनी बिल्कुल सही मेडिकल हिस्ट्री रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध करवाई जाती है तो इससे प्रशासन को किसी भी आपातकाल के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता पहुंचाने में आसानी होगी। यात्रियों की मेडिकल हिस्ट्री की उपलब्धता से प्रशासन को भी अपने चिकित्सा संसाधनों के बेहतरीन प्रबन्धन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम चारधाम यात्रा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव डा. अमनदीप कौर सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश की राजधानी में मिलेगा बाजार

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग/पैकेजिंग/ ब्रान्डिग हेतु सबसे बड़े अम्ब्रेला ब्रान्ड के रूप में उभर रहे हाउस ऑफ हिमालय के स्टोर जल्द ही नई दिल्ली के कनॉट प्लेस व अन्य मुख्य स्थानों में खोले जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में सहमति दे दी है। हाउस ऑफ हिमालया के कार्याे को गति देने हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालया से सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक का निर्णय लिया है। हाउस ऑफ हिमालया के तहत मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सीएस ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों से अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालया की प्रथम बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। सीएस ने बैठक के एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं/पहल के माध्यम से प्रचलित उनके सभी ब्राण्ड्स को अम्ब्रेला ब्राण्ड के तहत लाए जाने, स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता, माननीकृत पैकंजिंग, ब्राण्डिंग एवं विपणन करने में हाउस ऑफ हिमालया ग्लोबल प्लेटफॉर्म साबित होगा। महिला स्वयं सहायता समूहों माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद से राज्य में महिला सशक्तीकरण का एक नया अध्याय आरम्भ होगा। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य स्तर पर हाउस ऑफ हिमालया के रूप में कम्पनी के गठन से स्थानीय हितधारकों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों व स्थानीय उत्पादकों की आजीविका संवर्द्धन कर उन्हें उनकी फसलों व उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, निकिता खण्डेलवाल एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चैनलाइजेशन की मिली सहमति

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चौनलाइजेशन की सहमति देते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

मानसून में चन्द्रभागा नदी में मलबा जमा होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की संभावनाओं के समाधान के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रेल विकास निगम लिमिटेड को चन्द्रभागा नदी के मार्ग के चौनलाइजेशन की सैद्धान्तिक सहमति देते हुए इस पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चन्द्रभागा पर बने ब्रिज की सुरक्षा के दृष्टिगत आरवीएनएल, सिंचाई, लोक निर्माण तथा वन विभाग की सयुंक्त टीमों द्वारा सर्वेक्षण के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया हैं कि नदी के मार्गां के चौनालाइजेशन के साथ -साथ इस पर बने पुल के फाउडेंशन की सुरक्षा अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए। सीएस ने ब्रिज का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे आईआईटी रूड़की से सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में चन्द्रभागा नदी के चौनलाइजेशन से सम्बन्धित बैठक में आरवीएनएल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि चन्द्रभागा नदी में वर्षों से निरन्तर सिल्ट (गाद, मलबा) आदि जमा हो रहा है, जिससे नदी के किनारे की ढलानों तथा एकमात्र अप्रोच रोड को भी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही नदी में मलबा जमा होने से एनएच रोड ब्रिज को भी क्षति हो सकती है तथा चंद्रभागा नदी के बाएं किनारे पर बसे गांव ढालवाला कॉलोनी में बाढ़ की संभावना बन जाती है।

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने तत्काल आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चौनलाइजेशन की सहमति देने के साथ ही इसके स्थायी समाधान के भी निर्देश दिए हैं। स्थायी समाधान के तहत चन्द्रभागा नदी पर ळंइपवद ूंससे का प्रयोग करते हुए रिवर ट्रैनिंग कार्य करने जिसमें लॉन्च करते हुए चन्द्रभागा नदी के बाएं तट पर बनी सड़क व आवासों को सुरक्षित किया जाएगा।

बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने वनाग्नि, चारधाम यात्रा, पेयजल व विद्युत आपूर्ति को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन से प्रदेश में वनाग्नि, पेयजल समस्या, आगामी चारधाम यात्रा, विद्युत आपूर्ति आदि महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य शासन के आलाधिकारियों व सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वनाग्नि को लेकर कहा कि हमारे सामने वनाग्नि बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। उन्होंने मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी को निर्देशित किया कि इस मामले में ऊपर से नीचे तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर तैनात सभी अधिकारियों को प्रभागों की जिम्मेदारी बांटी जाए और इन सभी से नियमित रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकने के कार्य में जिलाधिकारी भी वन विभाग का पूर्ण सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि जो फायर वॉचर्स फील्ड में कार्यरत हैं उनकी भी सुरक्षा के उपाय किये जायें और इसके लिए उनके हेतु बीमा आदि विकल्पों पर विचार किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि डीएफओ और उनसे उच्च स्तर के अधिकारी मौके पर जरूर जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बैठकर आग पर काबू नहीं पाया जा सकता। इसके लिए जो भी कड़ी कार्रवाई की जानी है वह की जाए। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लें।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वनाग्नि के मामले में एक सप्ताह में सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे। नवनियुक्त हॉफ के द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अब तक वनाग्नि के प्रकरणों में कुल 350 केस दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें 60 नामजद मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि जहां कहीं से भी घटना की सूचना मिल रही है वहां तत्काल टीमें भेजकर एक से छह घंटों में आग पर काबू पा लिया जा रहा है।
मुख्य सचिव द्वारा इस दौरान मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि पिरूल को लेकर एनटीपीसी के साथ राज्य सरकार का करार हो चुका है और एनटीपीसी ने राज्य से पिरूल लेना शुरू भी कर दिया है। ऐसे में आगामी समय में यह भी आग लगने से बचाव में कारगर साबित होगा।

चारधाम यात्रा, चुनौती भी है और परीक्षा भी, अच्छा संदेश लेकर जाएं श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा हमारे लिए चुनौती भी और परीक्षा की घड़ी भी। उन्होंने डीजीपी को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मंदिर परिसरों में तैनात सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करें और उनकी मदद के लिए तत्काल आगे आएं। उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु यहां से जाए वह अपने साथ एक अच्छा सन्देश लेकर जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के शुरुआती 15 दिन हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हैं और इस हेतु आवश्यक निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इन 15 दिनों में वीआईपी का मूवमेंट कम से कम हो। उन्होंने कहा कि चारधाम की हर तरह की सूचना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्य सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा यात्रा रूट पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की रोटेशन में तैनाती के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें हेली सेवाओं को लेकर आती है, इस पर बहुत ज्यादा सख्ती करने की जरूरत है। डीजीपी श्री अभिनव कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि डीआईजी लॉ एंड आर्डर को ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से भी जिम्मेदारी दी गयी है। लक्ष्मण झूला, मुनि की रेती, शिवपुरी वाले मार्ग पर लगने वाले जाम के मद्देनजर देहरादून के एसपी देहात को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एडिशनल एसपी कोटद्वार व सीओ नरेन्द्र नगर उनका सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग और अधिकारी ओनरशिप लेकर एक पॉजिटिव भाव के साथ कार्य करें।

पेयजल के लिहाज से अभी चुनौती आना शेष, इसलिए अभी से तैयारियों को पुख्ता बनाएं
बैठक में मुख्यमंत्री को सचिव पेयजल श्री अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में कुल 317 गांव व शहरी क्षेत्रों में 148 मोहल्ले चिन्हित किये गए हैं जहां पेयजल की समस्या है और इन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति हेतु तमाम विकल्पों के जरिये पेयजल पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैब। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, डीडीहाट, कोटद्वार, चम्पावत से प्राप्त हो रही हैं। साथ ही 1 अप्रैल से 30 जून तक समस्त जिलों में कमर्शियल कंस्ट्रक्शन के लिए कनेक्शन देने पर रोक लगाने के साथ ही समस्त डीएम को निर्देशित किया है कि वे वर्कशॉप्स में वाहनों को ड्राई वाश किया जाए यह सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को हर जिले में 10-10 छोटे नाले धारे चिन्हित कर इन्हें पुनर्जीवित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसी तरह राज्य स्तर पर 10 छोटी नदियों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्हें पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 1 से 7 जून तक भारत सरकार जल संरक्षण अभियान शुरू करने जा रही है, जिसकी राज्य स्तर पर भी तैयारियां गतिमान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हमारे लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि समस्त सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग व सौर ऊर्जा के इंतजाम किये जायें। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिहाज से अभी चुनौती आना शेष है, इसलिए अभी से तैयारियों को पुख्ता बनाएं।

चारधाम यात्रा मार्गों पर सड़कें हों चकाचक
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मई को चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पहले समस्त सड़कें चकाचक हो जानी चाहिए। लोनिवि सचिव पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि अपर सचिव व अन्य अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से फील्ड विजिट की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मई तक सभी सड़कों की स्थिति ठीक होनी चाहिए यह सुनिश्चित किया जाए।

विद्युत आपूर्ति के लिहाज से लघु व दीर्घकालिक योजनाओं पर करें काम
सचिव ऊर्जा मीनाक्षी सुंदरम द्वारा अवगत कराया गया कि चारधामों में 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए दो अधिकारियों की ड्यूटी चारधाम के लिए लगाई गई है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम में 23 केवी के सब स्टेशन का निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी ज्यादा विद्युत की आवश्यकता होगी, इसके लिए हमें लघु और दीर्घकालिक दोनों योजनाओं पर काम करना है।