विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

नंदा देवी महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सवरू मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यह केवल पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है। यहां माँ नैना देवी का पावन धाम, हनुमानगढ़ी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मुक्तेश्वर में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

“ विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्यों से आस्था के प्रमुख केंद्रों को नई पहचान मिली है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में भी मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हमारी प्राचीन विरासत के मूल स्वरूप को संरक्षित रखना है। माँ नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, मातृशक्ति को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराएं देश-दुनिया तक पहुंचेंगी।

उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।

देवभूमि की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में किए गए संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति, पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

समान नागरिक संहिता से महिलाओं के अधिकार हुए मजबूत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से प्रभावी है।

35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में मिला अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं के हित सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित जनसमूह से संवाद करते हुए पूछा कि पिछले पांच वर्षों में कितने युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिस पर जनसमूह ने “35 हजार” का उत्तर दिया।

मातृशक्ति के उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, एकल महिला स्वरोजगार तथा अन्य माध्यमों से स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उचित स्थान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे केंद्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पादों को उचित मूल्य पर बेच सकें। इससे मातृशक्ति को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार और उचित मूल्य मिलने से महिलाओं की आय बढ़ेगी तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

माँ नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी माँ नंदा-सुनंदा की आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत आरती कर माँ नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति सशक्त बने, हमारी संस्कृति एवं विरासत सुरक्षित रहे और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

उन्होंने माँ नंदा-सुनंदा से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि माँ की कृपा उत्तराखंड पर सदैव बनी रहे और देवभूमि निरंतर खुशहाल एवं समृद्ध बने। उन्होंने महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं इससे जुड़े लोगों को बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण, यात्रा व्यवस्था भी जानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया।

श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजार

मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का ष्अतिथि देवो भवरूष् की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

यात्रियों ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया।

कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

ट्रांजिट कैंप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहना

ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि ष्वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि ष्वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैंष्। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।

ट्रांजिट कैंप में लंगर सेवा के साथ स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा

ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं निरूशुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सीएम ने गंगोत्री धाम के लिये 32 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत 32 श्रद्धालुओं के एक दल को हरी झंडी दिखाकर गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया।

हल्द्वानी सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना का उद्देश्य उन्हें धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना और उनके जीवन में आध्यात्मिक शांति एवं आनंद का संचार करना है।

पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना हुआ श्रद्धालुओं के इस दल में 19 महिला एवं 13 पुरुष यात्री शामिल हैं। इस दल में सम्मिलित श्रद्धालु गंगोत्री धाम सहित मार्ग के विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। इन यात्रियों के आवास, भोजन आदि की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास नियम के पर्यटक आवास केन्द्रों में की गई है।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी) एवं राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री बदरीनाथ सहित चारों धामों के बंद होने की तिथि की हुई घोषणा

उत्तराखंड में चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर शनिवार शाम 3 बजकर 35 मिनट के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि, गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर को 12 बजकर 1 मिनट पर अनकूट के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
भैया दूज के अवसर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धामी के कपाट बंद किए दिए जाएंगे। भैया दूज के पावन पर्व पर आने वाली 27 अक्टूबर को विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ छह माह तक शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
बुधवार को यमुना मंदिर में यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल एवं पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल की उपस्थिति ने यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों द्वारा दशहरे के शुभ अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया।
भैया दूज के पावन पर्व पर 27 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर सर्व सिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए छह माह तक बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में कर सकेंगे। जिसके बाद अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर ग्रीष्म काल के लिए यमुनोत्री धाम में पुनः मां यमुना के कपाट विधिवत दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकालने के इस दौरान यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल, पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, लखन उनियाल, अमित उनियाल, सच्चिदानंद उनियाल, रामस्वरूप उनियाल सहित तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

तीर्थ यात्रियों का टूटा रिकॉर्ड
बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड टूटा है। इस साल 2022 में अब तक 38 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन करने को धामों में पहुंचे हैं। 8 मई से खुले बदरीनाथ धाम में 3 अक्टूबर तक 1443174 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि, 6 मई से खुले केदारनाथ धाम में 3अक्टूबर तक 1323949 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 3 मई से खुले यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम में क्रमश 456885 और 580170 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किया है।

चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ, अग्रवाल और चन्दन राम दास ने दिखाई हरी झंडी

चारधाम यात्रा-2022 का औपचारिक श्रीगणेश उत्तराखंड के वित्त, शहरी विकास एवं आवास विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और परिवहन मंत्री चंदनराम दास ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर 30 वाहनों में 1200 श्रद्धालुओं को दोनों मंत्रियों की मौजूदगी में रवाना किया गया। इस दौरान ऋषि कुमारों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल बाजो से पंडाल गूंज उठा।
गुरुवार को प्रत्येक वर्ष चारधाम यात्रा संचालित करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के तत्वावधान में यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आगमन पर सभी चारधाम यात्रियों का स्वागत करते हुए उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की भगवान से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से प्रभावित चारधाम यात्रा इस वर्ष 2022 में अच्छी होने जा रही है और इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। बताया कि सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि चारधाम यात्रा पर लगे सभी वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस वाली गाड़ी के संज्ञान में आने पर कठोर कार्यवाही की जाए।
अग्रवाल ने सभी यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा सभी यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया जाए, सरकार के पास सभी यात्रियों का पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए। श्री अग्रवाल जी ने कहा कि चारधाम यात्री हमारे मेहमान हैं और हमारी संस्कृति ‘अतिथि देवो भवः‘ की है। अतिथियों का सत्कार हमारा फर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ किसी तरह की दिक्कतें न हो, इसका ख्याल भी पूरी तरह से किया गया है। सोशल मीडिया के जरिए भी यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों को सुविधाओं का राज्य सरकार ने विशेष ख्याल रखा है, इसमें मोबाइल टॉयलेट की समुचित व्यवस्था की गई है। साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा गया है। इसके लिए यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी निकायों ने तीन चरणों में सफाई व्यवस्था शुरू कर दी है, विशेषतौर पर रात्रिकाल में कूड़ा उठान का कार्य किया जा रहा है, जिससे अगली सुबह यात्रियों को यात्रामार्ग साफ और स्वच्छ मिले। इसके अलावा कीटनाशक दवाओं का उपयोग भी प्रतिदिन किया जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए राज्य सरकार ने पहली बार होटल, रेस्टोरेंट आदि से बिल में सर्विस चार्ज न लेने को कहा है, कहा कि सर्विस चार्ज के लिए यात्रियों को बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के औपचारिक शुभारंभ के बाद से प्रत्येक शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे। इससे ऋषिकेश में बच्चों और अभिभावकों को जाम से दो चार नहीं होना पड़ेगा।
परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि यात्रियों को हर यथा संभव सहयोग करे। जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यहां से वापस जा कर अपने प्रदेश में यात्रा के प्रति सकारात्मक सोच पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि मेडिकल की सुविधा बेहतर मिले, इसके लिए सरकार तैयार है। किराया वृद्धि पर संवेदनशील है, बीच का रास्ता निकाला जाएगा। ट्रिप कार्ड में दिक्कतें आ रही है, इसके लिए अधिकारियों को समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। हमारी सरकार परिवहन व्यवस्था को पटरी पर ला रही है। रोडवेज की इनकम बढ़ाने के लिए सरकार कार्य कर रही हैं।
यात्रा शुभारम्भ के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, पूर्व दायित्वधारी कृष्ण कुमार सिंघल, तहसीलदार अमृता शर्मा, परिवहन अधिकारी दिनेश पठोई, अरविंद पांडेय, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री, सरोज डिमरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, चेतन शर्मा, राकेश पारछा, जग मोहन सकलानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, इंद्र कुमार गोदवानी, मदन कोठारी, शिक्षाविद बंशीधर पोखरियाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, संजीव पाल, जितेंद्र सिंह नेगी, जीत सिंह पटवाल, भूपाल सिंह नेगी, रेखा गुसांई, सम्पत सिंह रावत, नरेंद्र सिंह राणा, अजय बधाणी, आशुतोष तिवारी, अनिता तिवारी पूर्व पार्षद सीमा रानी, माधवी गुप्ता, उषा जोशी, सचिन अग्रवाल, कविता साह, राजकुमारी पंत, रवि जैन, आंदोलनकारी वेद प्रकाश शर्मा, अखिलेश गुसाई, राकेश सेमवाल, मदन मोहन शर्मा, जयंत शर्मा, राजपाल ठाकुर, विनोद भट्ट, आनंदराम भट्ट, हुकुम चंद, हरिशंकर प्रजापति, संजय कौशिक, घनश्याम, जितेंद्र प्रसाद, भानु रांगड़ आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।