एसीएस ने मुख्यमंत्री घोषणा में विधायकों के प्रस्ताव शामिल करने के दिये निर्देश

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगणों से प्राप्त व्यापक महत्व/जनहित के 10-10 प्रस्तावों/कार्यों की समीक्षा राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड शासन द्वारा सचिवालय में की गयी। बैठक में सचिव, मुख्यमंत्री डा सुरेन्द्र नारायण पाण्डे द्वारा अवगत कराया गया कि विधायकगणों से प्राप्त कार्यों में लगभग 120 कार्यों के सम्बन्ध में घोषणाएं की जा चुकी हैं। शेष कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित किए जाने हेतु शासन स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों पर समयबद्ध रूप से प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विशेष कार्याधिकारी आरसी शर्मा, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, अनुसचिव चिरंजी लाल आदि उपस्थित रहे।

शाह की बैठक में आये बिन्दुओं पर कार्यवाही शुरु

7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री एवं सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की उपस्थिति में गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों के संबंध में समीक्षा बैठक आहूत की गयी, जिसके क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के गृह विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों के संबंध में यथाशीघ्र कार्यवाही पूर्ण किये जाने के कड़े निर्देश दिये गये, जिसके क्रम में आज अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में गृह विभाग के अधिकारियों के साथ लंबित प्रकरणों के संबंध में विचार-विमर्श किये जाने हेतु समीक्षा बैठक आहूत की गयी, जिसके क्रम में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा निम्नवत निर्देश दिये गये हैंः-

1. गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा पुलिस अधिकारियों/कार्मिकों को गुणात्मक प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिये जाने के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा इस संबंध में पुलिस मुख्यालय देहरादून से सुस्पष्ट प्रस्ताव अविलम्ब प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
2. एसआईएसएफ तथा पर्यटन पुलिस के गठन के संबंध में समयबद्ध रूप से पुलिस मुख्यालय, देहरादून से सुस्पष्ट प्रस्ताव प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
3. गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रख्यापित “मॉडल जेल मैनुअल“ एवं “मॉडल जेल एक्ट 2023“ को उत्तराखण्ड राज्य की परिस्थिति के अनुरूप कतिपय संशोधन के साथ राज्य में लागू किये जाने तथा “मॉडल फायर बिल“ के संबंध में सुस्पष्ट प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय, देहरादून से समयबद्ध रूप से प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
4. गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी पर कड़ी रोकथाम लगाये जाने संबंधी निर्देशों के आलोक में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा राज्य में नशीले पदार्थों के विरुद्ध टास्क फोर्स के समयबद्ध गठन के निर्देश दिये गये हैं, साथ ही साथ एनकॉर्ड की जनपद स्तरीय मासिक बैठकों को नियमित रूप से किये जाने के निर्देश दिये गये तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नशीले पदार्थों से संबंधित संवेदनशील प्रकरणों, जिनका अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय गठजोड़ परिलक्षित होता हो ऐसे प्रकरणों में एनआईए एवं एनसीबी का सहयोग प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
5. राज्यान्तर्गत संचालित होटलों में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों से सी-फॉर्म भराये जाने संबंधी बाध्यता का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही राज्य सरकार द्वारा विदेशी पंजीकरण नियम के नियमों में यथाआवश्यक संशोधन हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये हैं।
6. वाहन स्क्रैप पॉलिसी में विहित निर्देशानुसार सुस्पष्ट प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को यथाशीघ्र प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

कनिष्ठ सहायकों को धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग के अन्तर्गत कनिष्ठ सहायक के पद पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके परिश्रम और ईश्वर की कृपा से सेवा के क्षेत्र में कार्य करने का जो अवसर मिल रहा है, अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। कार्य क्षेत्र में नये जीवन की शुरुआत आत्म अनुशासन और नियमित दिनचर्या के साथ करें। जन सेवा करने का जो अवसर मिला है, इसमें अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग करें।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत विगत 2 वर्षों में 1 सम्भागीय निरीक्षक और 59 परिवहन आरक्षियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गई। कनिष्ठ सहायक के 39 और सहायक लेखाकार के 17 पदों पर चयन प्रक्रिया गतिमान है। परिवहन विभाग के अंतर्गत सीधी भर्ती के विभिन्न पदों के लिए 147 पदों का अधियाचन आयोग के लिए भेजा गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सचिव ने महाअभियान चलाने के दिये निर्देश

सचिवालय में सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार द्वारा डेंगू नियंत्रण हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस वर्चुवल बैठक में जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा आशुतोष सयाना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ संजय जैन, निदेशक राज्य संचरण परिषद डॉ अजय नगरकर, कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम डॉ पंकज सिंह सहित जनपद देहरादून के नगर स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
अन्य जनपदों के मुकाबले देहरादून जनपद में डेंगू के ज्यादा मामले देखने में सामने आ रहे हैं। सचिव स्वास्थ्य ने इसको लेकर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका से पूरा फीडबैक लिया। डेंगू के हॉट स्पाट बन रहे इलाको को लेकर भी बैठक में बात हुई। समीक्षा बैठक में तय किया गया कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से अगले चार दिन देहरादून जनपद में डेंगू को लेकर महाअभियान चलाया जायेगा।

चिकित्साअधिकारी व आशायें चलायेंगी घर-घर जनजागरूकता अभियान
जनपद में चिकित्साअधिकारी और आशायें को घर-घर जन जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। चिकित्साअधिकारी, आशा कार्यकर्ता और अन्य विभागों की टीम घर-घर जागकर लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक करेंगी साथ ही अगर कहीं डेंगू का लार्वा है तो उसको नष्ट करने का काम भी करेंगी। इसके साथ ही आम जनमानस को डेंगू को लेकर कोई जानकारी लेना चाहे तो चिकित्साअधिकारी उसको देने का काम करेंगे।

डेंगू नियत्रंण को सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी
स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू महामारी रोकने को सभी विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश जारी किये हैं। स्वास्थ्य, नगर निगम, शिक्षा, लोकनिर्माण, पेयजल सहित सभी विभागों को मिलकर कार्य करने को कहा गया है। जिन स्थानों पर चेतावनी के पश्चात् भी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पैदा होने की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे संस्थानों व लोगों पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया जाये ताकि जनहित में डेंगू रोग के खतरे से लोगों को बचाया जा सके व महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

आवासीय समितियों से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य सचिव ने जनपद की सभी स्वंय सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, आवासीय समितियों से आग्रह किया है कि वह आगे बढ़कर डेंगू मुक्ति अभियान का हिस्सा बनें। सभी समितियां अपने-अपने इलाकों में आम जनमानस को जागरूक करने के साथ ही यदि कहीं डेंगू का लार्वा है तो उसे खत्म करने का प्रयास करें या फिर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचित करें। सामूहिक प्रयासों से डेंगू के खतरे से लोगों को बचाया जा सकता है और इसे रोका जा सकता है।

माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने नगर निगम को निर्देशित किया कि डेंगू रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम/नगर निकाय माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग करें। ताकि प्रत्येक क्षेत्र में फॉगिंग एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा सके। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के हॉट स्पॉट चिन्हित कर निरन्तर स्वच्छता अभियान एवं डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण समबन्धित कार्यवाही की जाये जिससे डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

विधायकों के 10-10 प्रस्तावों पर एसीएस ने त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों को विधायकगणो द्वारा उपलब्ध कराये गए विकास के 10-10 प्रस्तावो पर त्वरित एवं समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा है कि मुख्यमन्त्री द्वारा विगत वर्ष 16 सितम्बर, 2022 को समस्त विधायकगणो से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जनहित से जुड़ी 10-10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया था। इस सम्बन्ध में विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में से मुख्यमन्त्री द्वारा विगत में संलग्न सूची के अनुसार 110 घोषणाएं किया जाना संज्ञानित है।
अपर मुख्य सचिव रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। एसीएस ने विधायक गणों के 10-10 प्रस्तावों में से की गयी घोषणाओं या भविष्य में की जाने वाली घोषणाओं में तत्काल शासनादेश निर्गत करते हुए घोषणाओं को मूर्त रूप दिये जाने की समयबद्ध कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घोषणाओं के 10-10 प्रस्तावों में से जो योजनाएं विभागीय स्तर पर पूर्व से घोषित है अथवा संचालित हैं, उनका चिन्हीकरण करते हुए संलग्न सूची का भाग बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्राप्त प्रस्तावों में यदि किसी जिलाधिकारी द्वारा कोई प्रस्ताव अपरिहार्य कारणों से उपयुक्त न होने सम्बन्धी आख्या दी गयी है, तो सम्बन्धित विधायकगण से चर्चा उपरान्त नए प्रस्ताव जिलाधिकारी से प्राप्त कर लिए जाएं। इसके साथ ही विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में से ऐसे प्रस्ताव जिनमें व्यय न्यून है, या व्यय नहीं होना है, ऐसे प्रस्तावों को चिन्हित करते हुए तत्काल घोषणा का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रस्तावों में त्वरित एवं समयबद्ध कार्यवाही हेतु सम्बन्धित विभाग एवं विशेष कार्याधिकारी से साप्ताहिक प्रगति आख्या प्राप्त कर अनुश्रवण कर लिया जाए। इसके साथ ही एसीएस ने जानकारी दी कि माननीय विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में त्वरित व समयबद्ध कार्यवाही किये जाने की दृष्टि से विशेष कार्याधिकारी की तैनाती की जा चुकी है।

समयसीमा के तहत तेजी से निर्माण कार्य करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् प्रदेश में किये जा रहे कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के लिए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय पर पूर्ण हो सकें इसके लिए लगातार साप्ताहिक एवं पाक्षिक समीक्षा की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भी इसमें शामिल किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी जिलाधिकारियों को उनके क्षेत्र के अंतर्गत सड़कों एवं पुलों की सूची प्रेषित कर क्षेत्र का दौरा कर कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान निकाले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में समस्या आ रही है, संबंधित विभागों एवं उनके (मुख्य सचिव) स्तर पर भी बैठक आयोजित करा समस्याओं को निस्तारित किया जाए।
मुख्य सचिव ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण किए जाने एवं सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि आवश्यक निर्माण सामग्री को भी समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार मैन पावर और मशीनरी बढ़ाई जाए। साथ ही निर्धारित समय पर कार्य पूरे हों इसके लिए दिन-रात तीन शिफ्टों में कार्य किया जाए। उन्होंने अच्छा कार्य कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को सम्मानित किए जाने और खराब प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव राधिका झा एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्मिकों को पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण और अनावश्यक आपत्तियां ना लगाने की हिदायत

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के कार्मिकों को पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण तथा अनावश्यक आपत्तियां ना लगाने की कड़ी हिदायत दी है। एसीएसी रतूड़ी ने कार्मिकों से स्पष्ट कहा कि राज्य में ई ऑफिस व्यवस्था को सरकारी कामों के सरलीकरण व जन-समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए ही लागू किया गया है। अधिकारी-कार्मिक जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण के लिए नियमों के तहत सरल रास्ता निकालने का प्रयास करें न कि अनावश्यक आप्पतियां लगाये। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को दी जानी वाली आर्थिक सहायता डीबीटी की तरह सीधे एवं जल्द से जल्द लाभार्थियों को मिले इसके लिए आवेदन का एक स्टेडंर्ड फोर्मट जल्द तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के कार्मिकों की बैठक लेते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय पूरे प्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय है। यह सभी कार्यालयों के लिए पथप्रर्दशक है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप कार्मिक ऑनरशिप की भावना से कार्य करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी व कार्मिकों की कार्यशैली पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न नही लगना चाहिए। यहां पर कार्यरत अधिकारियों एवं कार्मिकों से सर्वाेच्च निष्ठा की अपेक्षा की जाती है। कार्मिकों को संवेदनशीलता के साथ जनसामान्य से भी अच्छा व्यवहार बनाये रखना चाहिए व पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।
एसीएस राधा रतूड़ी ने सीएम कार्यालय के सभी अधिकारियों व कार्मिकों को उनके नाम से किए जा सकने वाले साइबर फ्रोर्ड से भी सर्तक रहने तथा किसी भी प्रकार के साइबर फ्रोर्ड की शिकायत एसएसपी (एसटीएफ) को करने की सलाह दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में रिकॉर्ड कीपिंग की बेहतर व्यवस्था करने, पत्रावलियों के कुशल रखरखाव करने, वीडिंग के माध्यम से पुराने अनावश्यक सामान को हटाने, कार्यालयों में स्वच्छता रखने, आधुनिकतम कम्पयूटर हार्डवेयर व अन्य सामानों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के समस्त छः अनुभागों के मध्य बेहतर कार्य आवंटन पर बल दिया।
बैठक में सचिव एस एन श्री पाण्डेय, अपर सचिव जगदीश काण्डपाल, ललित मोहन रयाल, मुकेश थपलियाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी छः अनुभागों के अनुभाग अधिकारी, समस्त समीक्षा अधिकारी, समस्त सहायक समीक्षा अधिकारी व अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएस ने अवैध खनन को रोकने को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में अवैध खनन की रोकथाम के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से अवैध खनन को रोक जाने के लिए उनके स्तर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध खनन को पूर्णतः रोके जाने हेतु हर संभव प्रयास किए जाएं। इसके लिए साप्ताहिक अथवा मासिक रूप से वीडियोग्राफी करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व के प्रकरणों में लगाए गए जुर्माने वसूलने के लिए अभियान चलाया जाए, साथ ही इसकी मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भी प्रेषित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध खनन के लिए गठित जनपद स्तरीय एवं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार अवैध खनन पर कार्रवाई की जाए। साथ ही की गई कार्रवाई को डाटा लेक पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने खनन विभाग को डाटा लेक पर इसके लिए फॉर्मेट शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने खनन विभाग को अवैध खनन रोकने हेतु सभी आवश्यक प्रशिक्षण शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि पुलों के आसपास खनन को रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व भूमि पर नए लॉट्स चिन्हित किए जाने के भी निर्देश दिए, कहा कि इससे वैध तरीके से खनन किए जाने पर अवैध तरीके से खनन की कम संभावनाएं होती हैं।
इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अन्य उच्चाधिकारियों सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

युवा महोत्सव में अधिक से अधिक युवाओं को प्रतिभाग कराना प्राथमिकता

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सचिवालय में राज्य में युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचाने हेतु आयोजित किए जा रहे युवा महोत्सव-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। कौशल विकास विभाग अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में युवा महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से राज्य सरकार के सभी विभाग अपनी कौशल विकास और रोजगारपरक योजनाओं को युवाओं के समक्ष रखेंगे। इस महोत्सव के दौरान सभी विभाग युवाओं के लिए अपने स्टॉल लगाएंगे, युवाओं के लिए काउंसलिंग सेशन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को युवा महोत्सव गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों मंडलों में आयोजित किए जाने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने हेतु प्रत्येक जनपद में इसका लाइव टेलीकास्ट किए जाने के भी निर्देश दिये। इसके लिए शिक्षा विभाग की प्रदेशभर संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को भी उपयोग में लाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित एवं पूर्ण जानकारी मिल सके इसके लिये विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी जाने वाली प्रदर्शनियों को भी अधिक से अधिक समय तक लगाए जाने के निर्देश भी दिये, ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को विभिन्न प्रकार की काउंसलिंग, व्याख्यान और जानकारियों को छात्र छात्राओं तक पहुँचाने हेतु नियमित रूप से उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिये गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं को आगे भी राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी मिलती रहे इसके लिए मोबाइल ऐप भी तैयार किया जाए। सभी विभागों द्वारा संचालित ऐसी योजनाओं की जानकारी इस ऐप में उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की पूर्ण जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में आयोजित युवा महोत्सव में क़रीब 10 हजार युवाओं ने प्रतिभाग किया। सेक्टोरियल पंडालों में सभी विभागों द्वारा अपने अपने क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, विजय कुमार यादव, वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव अहमद इकबाल एवं योगेन्द्र यादव एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिये अधिक से अधिक श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात्रि शिफ्ट में भी कार्य किए जाएँ। निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने अल्टरनेटिव ट्रेक रूट के शीघ्र निर्माण के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को मिलकर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लिंचोली का भी मास्टर प्लान शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समय पर पूर्ण हो सके इसके लिए साप्ताहिक समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने केदारनाथ के साथ ही बद्रीनाथ में बन रहे अस्पतालों के उपकरण आदि खरीदने के लिये भी शीघ्र प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बताया गया कि संगम घाट का कार्य 18 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, एलिवेटेड ब्रिज का कार्य 31 दिसम्बर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया गया कि सिविक एमेनिटी बिल्डिंग 30 नवम्बर तक पूर्ण कर ली जाएगी।
इस अवसर पर ओएसडी भास्कर खुल्बे, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे एवं डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।