सीएम ने 147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई। अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।

प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (छै।च्) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115 लाभार्थी शामिल हैं।

बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विक्रम यादव। संयुक्त सचिव धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने 9 लाख 87 हजार 17 पेंशन लाभार्थियों के खाते में डाली 146 करोड़ 32 लाख की पेंशन राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत 9लाख 87हजार 17 विभिन्न पेंशन लाभार्थियों को कुल ₹ 146 करोड़ 32 लाख 50 हज़ार की पेंशन राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। यह भुगतान जुलाई माह 2026 की पेंशन का किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरण किया जा रहा है, जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधे लाभ मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग, सरकार के परिवार का हिस्सा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पेंशन के लिए किसी बुजुर्ग माता-पिता, विधवा बहन या दिव्यांग भाई को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हमारा संकल्प प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मानपूर्वक, समय पर और बिना किसी परेशानी के उसका अधिकार पहुँचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य का विकास समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास से ही संभव है।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा माह जुलाई-2026 की पेंशन किश्त का भुगतान किया गया है। इस माह विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को पेंशन धनराशि का भुगतान किया गया। उक्त लाभार्थियों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामजिक सहायता कार्यक्रम (छै।च्) के 2.15 लाख पेंशनर भी सम्मिलित हैं जिन्हें वर्तमान में ैछ। स्पर्श नामक नवीन प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत कुल 9,87,017 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया। इसके लिए कुल 146.32 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के कुल 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई। वहीं विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 35.54 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई।

दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 1,500 रुपये की दर से 13.36 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 99.408 लाख रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 700 रुपये की दर से 51.68 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 26.35 लाख रुपये तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 1.524 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।

इस अवसर पर सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक संजय कुमार, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, संयुक्त निदेशक जी.आर नौटियाल, गोवर्धन सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने वन क्लिक से 9.80 लाख लाभार्थियों को ₹145.42 करोड़ की पेंशन राशि की जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं ऐसी हों जो समय के साथ निरंतर प्रभावी बनी रहें तथा अन्य राज्यों के लिए भी बेस्ट प्रैक्टिस का उदाहरण बनें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) तथा बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर माह तक पूर्ण किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शीघ्र बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का इंटीग्रेशन किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों में वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पात्र नागरिक स्वतः वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाएं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक प्रक्रिया से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की माह जून-2026 की देय पेंशन राशि का डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 9,80,950 लाभार्थियों को लगभग ₹145 करोड़ 42 लाख की पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इसमें केंद्र सरकार का अंश लगभग ₹7 करोड़ 2 लाख तथा राज्य सरकार का अंश लगभग ₹138 करोड़ 40 लाख रहा।

माह जून-2026 में वितरित इस राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6,11,245 लाभार्थियों को ₹91.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2,35,850 लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को ₹13.32 करोड़, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़, परित्यक्ता पेंशन के 8,258 लाभार्थियों को ₹99.10 लाख, भरण-पोषण अनुदान के 7,297 लाभार्थियों को ₹51.08 लाख, तीलू रौतेली पेंशन के 2,179 लाभार्थियों को ₹26.15 लाख तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को ₹1.52 लाख की सहायता प्रदान की गई।

बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई। यह योजना अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति छात्र ₹3.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है तथा आवश्यकता होने पर राज्य सरकार अतिरिक्त टॉप-अप राशि देकर आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, हमारी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है। उत्तराखण्ड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।

बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक प्रणाली से 9.47 लाख से अधिक लाभार्थियों को किया पेंशन भुगतान

मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्रता परीक्षण, सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुँचता रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह जनवरी 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भुगतान किया। यह पहल राज्य सरकार की तकनीक आधारित, पारदर्शी और संवेदनशील शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करती है तथा सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वृद्ध, दिव्यांग, विधवा, किसान, निराश्रित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हो, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) एवं वन-क्लिक भुगतान प्रणाली से न केवल भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है, बल्कि लाभार्थियों को बिना किसी कार्यालयी प्रक्रिया के सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि प्राप्त हो रही है। इससे शासन और आम नागरिक के बीच विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जनवरी 2026 माह में राज्य के 9,47,345 पात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ प्रदान किया गया। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन एवं सहायता योजनाओं के माध्यम से कुल ₹ 1 अरब 41 करोड़ 66 लाख 51 हजार की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसमें नियमित पेंशन के साथ-साथ एरियर भुगतान भी सम्मिलित है।

इस अवधि में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई, वहीं विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के माध्यम से भी हजारों पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का संबल मिला। यह व्यापक कवरेज राज्य सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम यह है कि 01 दिसम्बर 2025 से 03 फरवरी 2026 की अवधि में 15,784 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मृतक लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन करते हुए 1,523 अपात्र नामों को पोर्टल से हटाया गया, जिससे योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र व्यक्तियों तक ही सीमित रह सके।

राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई डिजिटल पेंशन पोर्टल प्रणाली, स्वतः आयु-पात्रता पहचान और नियमित मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 की अवधि में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही 428 पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पात्रता निर्धारण और स्वीकृति प्रक्रिया अब अधिक सरल, त्वरित और मानवीय हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि,
“राज्य सरकार का संकल्प है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। पेंशन योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का आधार हैं। हमारी सरकार गरीबों, वृद्धों, महिलाओं, दिव्यांगों और किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”

इस अवसर पर अपर सचिव संदीप तिवारी सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे |

सीएम धामी ने किया ‘वन क्लिक’ से 13982.92 लाख की पेंशन किश्त का भुगतान, 9.38 लाख लाभार्थी हुए लाभान्वित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग द्वारा “पेंशन किश्त का वितरण” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने राज्यभर के पेंशन लाभार्थियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत दी जाने वाली सभी पेंशन राशि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचना सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा, किसान या कमजोर वर्ग को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने आज कार्यक्रम में वन क्लिक के माध्यम से माह नवंबर 2025 की 13982.92 लाख रुपये की पेंशन किस्त का भुगतान करते हुए 9,38,999 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया। उन्होंने विभाग को पेंशन योजनाओं की पूरी प्रणाली को और अधिक सरल, तेज़, समयबद्ध और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ समाज के सबसे कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के लिए जीवनरेखा हैं। इसलिए इन योजनाओं की पारदर्शिता, सत्यापन और क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं का आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) नियमित रूप से किया जाए, ताकि किसी भी अयोग्य व्यक्ति को लाभ न मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की सहायता उसी तक पहुँचे जो वास्तव में उसका पात्र है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि समान प्रकृति वाली सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को इंटीग्रेशन के माध्यम से एकीकृत किया जाए, जिससे डुप्लीकेसी समाप्त हो और योजनाओं का लाभ तेज़ी से सही व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों को पूर्ण प्राथमिकता देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के स्मृति-चिह्न, उपहार या सम्मान सामग्री में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने बुके की जगह “बुक” देने की नई परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे समय, धन और संसाधन बचत वाला नवाचार बताया। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यक्रमों को अधिक सादगीपूर्ण बनाने की बात कहते हुए कहा कि यह न सिर्फ एक अच्छी प्रशासनिक परंपरा है बल्कि सुशासन व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम भी है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान पेंशन, परित्यक्ता पेंशन, भरण-पोषण अनुदान, तीर्थ पुरोहित पेंशन तथा बौना पेंशन—इन आठों योजनाओं के अंतर्गत 9.38 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन डीबीटी प्रणाली से सीधे खाते में भेजी जा रही है। डिजिटल लेन-देन की यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे लाभार्थियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलती है।

विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रतिवर्ष 13982.92 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है, जो सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया की सोच के अनुरूप उत्तराखंड की पेंशन प्रणाली अब एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित हो रही है, जहाँ पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर सेवा—तीनों सुनिश्चित हो रहे हैं।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान पेंशन भुगतान व्यवस्था राज्य में सुशासन की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है और सरकार के निर्देशों के अनुरूप इसे और अधिक मजबूत और जन-केंद्रित बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि जनसेवा ही शासन का वास्तविक उद्देश्य है, तथा पेंशन योजनाओं को बेहतर बनाना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रहेगी।

कार्यक्रम में सचिव श्रीधर बाबू अदाकी, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे |

उत्तराखंडः अब दिव्यांग पेंशन योजना हुई सरलीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन में समाज कल्याण विभागान्तर्गत संचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना की भांति दिव्यांग पेंशन योजना को भी सरलीकृत किया गया है, प्रदेश में दिव्यांग पेंशन धारकों के हित में मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी कि वृद्धावस्था पेंशन योजना की तरह ही दिव्यांग पेंशन योजना को सरलीकृत करते हुए ऐसे समस्त दिव्यांग भी पेंशन हेतु पात्र होंगे जिनके पुत्र/पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु के होंगे, का क्रियानयन सुनिश्चित किया जाय।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव समाज कल्याण डॉ0 श्रीधर बाबू अद्दांकी द्वारा निदेशक समाज कल्याण को संबोधित पत्र में निर्देश दिये गये है कि राज्य में दिव्यांग पेंशन योजनान्तर्गत ऐसे लाभार्थी, जो निर्धारित मासिक आय सीमा रू0 4000/- की पात्रता पूर्ण करते हो, के पुत्र / पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु के होने पर भी पेंशन हेतु पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त बी०पी०एल० श्रेणी के लाभार्थी, जिनके पुत्र/पौत्र 20 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं, भी पेंशन हेतु पात्र होंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किये जाने की भी अपेक्षा की है।

पेंशन का भुगतान 3 माह की जगह अब प्रत्येक माह होगा-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत दी जाने वाली वृद्धावस्था, विधवा, एवं दिव्यांग पेंशन का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 8 लाख 36 हजार 603 लाभार्थियों को 125 करोड़ रुपए की धनराशि बतौर पेंशन, वन-क्लिक व्यवस्था से भेजी।
वन क्लिक माध्यम से माह फरवरी-2024 की पेंशन में वृद्धावस्था पेंशन के 5 लाख 33 हजार 180 लाभार्थियों को कुल 79.97 करोड़, विधवा पेंशन के 2 लाख 12 हजार 30 लाभार्थियों को 31.80 करोड़ और दिव्यांग पेंशन के 91 हजार 393 लाभार्थियों को 13.70 करोड़ की धनराशि भेजी गई है। इस प्रकार 8 लाख 36 हजार 603 लाभार्थियों को 125 करोड़ रुपए की धनराशि बतौर पेंशन भेजी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डीबीटी के माध्यम से दी जाने वाली वृद्धावस्था, विधवा, तथा दिव्यांग पेंशन से लाभार्थियों को राहत मिलगी। उन्होंने कहा पेंशन एक साथ एक क्लिक में सीधे लाभार्थियों के खातों में जा रही है। राज्य सरकार ने पेंशन योजनाओं को सरल बनाने का कार्य किया है। साथ ही पूर्व में मिलने वाली धनराशि को 1200 से बढ़ाकर 1500 किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने दोनों बुजुर्ग दंपतियों को पेंशन देने का कार्य भी किया है। जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में पेंशन का भुगतान 3-3 माह के अंतराल पर होता था। किन्तु अब प्रत्येक माह पेंशन सीधे लाभार्थियों के खाते में आएगी और इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण हो सकेगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार विकलांग जनों को पेंशन देने के साथ ही उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने, रोजगार देने एवं उनकी उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त में 5 लाख तक का इलाज मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल एवं जल से आच्छादित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास देने का कार्य जारी है। केंद्र एवं राज्य सरकार का संकल्प महिलाओं को लखपति बनाने का है। जिसके लिए लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। किसान सम्मान निधि सीधे किसानों के खातों में आ रही है। सरकार हर वर्ग का विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल 2023 से ही पेंशन योजना के समस्त आवेदन ऑनलाईन किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे पेंशन स्वीकृति में पारदर्शिता आई है एवं लाभार्थियों को भी अपने आवेदन की स्थिति जानने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सभी पात्र लाभार्थियों को ससमय लाभान्वित करने हेतु तत्पर है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर पेंशन वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हर क्षण, हर पल राज्य के विकास एवं राज्य वासियों को समर्पित है। राज्य सरकार राज्य के विकास एवं जनहित के निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बना रहे हैं।
इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, प्रभारी निदेशक जीआर नौटियाल, उप निर्देशक वासुदेव आर्य, मुख्य वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिंह सहायक निदेशक हेमलता पांडे, वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों एवं ब्लॉकों के पेंशन लाभार्थी व अन्य लोग भी जुड़े थे।

युवाओं से बोले सीएम, अपनी सेवाओं के माध्यम से अंत्योदय के सिद्धांत को पूर्ण करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से समाज कल्याण विभाग में चयनित 35 सहायक समाज कल्याण अधिकारियों तथा 3 छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर सरकारी रिक्त पड़े पदों पर भर्तियां करवाई जा रही है। जिसके फल स्वरूप नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम भी निरंतर चल रहे हैं। विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत, परिश्रम करने वाले आज सभी मेहनती युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों से जीवन में हमेशा अनुशासन रखे जाने की बात कही। उन्होंने कहा स्वयं में अनुशासन रखकर हम आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करवा सकते हैं। अपनी सेवाओं के दौरान अच्छे काम करके दिखाना है ताकि हम अपनी सेवाओं से अंत्योदय के सिद्धांत को पूर्ण कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कड़ा नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने का काम किया है। नकल के अपराध में शामिल लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। अब राज्य में पूर्ण पारदर्शिता से परीक्षाएं हो रही हैं। योग्यता प्रतिभावान क्षमतावान अभ्यर्थी ही परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
इस दौरान सचिव बृजेश कुमार संत, प्रभारी निदेशक जीआर नौटियाल, उप निदेशक वासुदेव आर्य, मुख्य वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिंह सहायक निदेशक हेमलता पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ऋषिकेश विधानसभा में आसराहीन बुजुर्गों को जल्द मिलेगी छत

रायवाला और आसपास के क्षेत्रों के आसराहीन बुजुर्गों को जल्द छत मिलेगी। गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने रायवाला क्षेत्र में 5 करोड़ की लागत से बनने वाले वृद्ध आश्रम का शिलान्यास किया है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से स्वीकृत वृद्ध आश्रम का शिलान्यास करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि दुर्भाग्यवश जिन वृद्धजनों को परिवार ने त्याग दिया और जो आसराहीन हैं, उन सभी लोगों के लिए यह आश्रम वरदान साबित होगा। कहा कि वृद्ध आश्रम भवन का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग करेगा।
मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिंह, आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता तेजपाल सिंह, अवर अभियंता राजेश थपलियाल, बृजपाल सिंह, प्रधान रोहित नौटियाल, सागर गिरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, अंजना चौहान आशीष जोशी, बबीता रावत, सतपाल सैनी, सपना गुसाईं, ऋषिराम शर्मा, गोपाल रावत, बबीता, कमल कुमार, लक्ष्मी गुरुंग, तुलसी पांडे, अजय पांडे, महेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।

समाज कल्याण विभाग के कार्यालयों, स्कूल, हॉस्टलों की दीवारों पर बनेगी कुमांऊ की ऐंपण पेंटिंग

कुमांऊ की प्रसिद्ध ऐंपण कला को अब समाज कल्याण विभाग नशे के खिलाफ ढाल बनाएगा। इस कला के जरिए नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग अपने कार्यालयों, स्कूल और हॉस्टलों की दीवारों पर ऐंपण पेंटिंग बनाने जा रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार ने समाज कल्याण विभाग को नशा मुक्ति कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत की है।

सर्वप्रथम इसकी शुरूआत देहरादून से की जाएगी, यहां सर्वे चौक स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय में ऐपण पेंटिंग कराने की योजना है। इसके बाद कंडोली स्थित विभाग के सरकारी हॉस्टल व भगत सिंह कॉलोनी स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में होगी।

क्या है ऐपण लोक कला
ऐपण उत्तराखंड के कुमांऊ मंडल की प्रसिद्ध लोककला चित्रकला है, जो विश्व प्रसिद्ध है। कुमाऊं में दीपावली, देवी पूजन, लक्ष्मी पूजन, यज्ञ, हवन, जनेऊ संस्कार, छठ कर्म, शिवपूजन, विवाह, व्रत-त्योहार में घर की चौखट व दीवारों पर ऐपण लोक कला बनाने की परंपरा है। इसमें घर के आंगन से मंदिरों तक के मार्ग में ऐपण कला बनाई जाती है। इसमें सबसे पहले गेरू से पुताई करते हैं। इसके बाद उसके ऊपर बिस्वार (चावल के आटे का घोल बनाकर) से चित्र बनाए जाते हैं। इन चित्रों को शुभ माना जाता है।