नेशनल गेम्स के उद्घाटन समारोह की तरह ही होगा समापन का भव्य व विराट आयोजन

38 वें राष्ट्रीय खेलों का समापन शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी में होने जा रहा है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ किया था। हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित होने वाले समापन समारोह को भी उसी स्तर का भव्य व विराट बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय खेलों में इस बार 35 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें से दो को छोड़कर बाकी सभी मेडल टेली के खेल थे। देहरादून राष्ट्रीय खेलों का प्रमुख आयोजन स्थल रहा। इसके बाद हल्द्वानी, हरिद्वार, रूद्रपुर जैसे शहरों में सबसे ज्यादा खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। आयोजन की खूबसूरती यह भी रही कि खटीमा, टनकपुर, अल्मोड़ा, टिहरी जैसे ठेठ पर्वतीय क्षेत्रों में भी खेल गतिविधियां संचालित की गईं।

राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय खेल एवं युवा मामले की मंत्री रक्षा निखिल खडसे, खेल मंत्री उत्तराखंड रेखा आर्या, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष व सांसद डा पीटी ऊषा इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में उत्तराखंड ने छुआ 101 का शुभ आंकड़ा

38 वें राष्ट्रीय खेलों के समापन से कुछ घंटे पूर्व ही उत्तराखंड ने पदकों का शतक लगाकर इतिहास रच दिया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। कभी इतने पदक उत्तराखंड की झोली में आकर नहीं गिरे थे। उत्तराखंड का यह प्रदर्शन चमत्कारिक है और खेलों की दुनिया में असल वसंत खिलने का आभास करा रहा है। गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में सिर्फ 24 पदक उत्तराखंड ने जीते थे और पदक तालिका में वह 25 वें स्थान पर रहा था। इस बार पदकों की संख्या और पदक तालिका में उत्तराखंड की स्थिति दोनों में ही जबरदस्त उछाल आ गया है। गुरूवार की शाम को पदक तालिका में उत्तराखंड कुल 101 पदकों के साथ सातवें नंबर पर नजर आया।

अपने घरेलू मैदान में मेजबान उत्तराखंड के खिलाड़ियोें ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले राष्ट्रीय खेलों में जहां सिर्फ तीन स्वर्ण पदक उत्तराखंड ने देखे थे, वहीं इस बार स्वर्णिम सफलता की बयार चली है। उत्तराखंड ने 24 स्वर्ण पदक झटके हैं। इसके अलावा, 35 रजत और 42 कांस्य पदकों के साथ कुल 101 पदक अपने खाते में डाल दिए हैं। पदकों के मामले में देखा जाए, तो तालिका में उत्तराखंड से सिर्फ सर्विसेज, महाराष्ट्र, हरियाणा ही आगे हैं। इस लिहाज से उत्तराखंड का चौथा नंबर है, लेकिन स्वर्ण पदकों की कुल संख्या से होने वाले आंकलन के चलते उसका सातवां नंबर बना है। स्वर्ण पदक ज्यादा होने के कारण कर्नाटक, मध्य प्रदेश व तमिलनाडू जैसे राज्य पदक तालिका में उत्तराखंड से आगे हैं।

इस प्रदर्शन से उत्तराखंड का उत्साह सातवें आसमान पर है। खिलाड़ियों की अथक मेहनत और सरकार के प्रयासों ने मिलकर ऐसा रंग जमाया, कि उत्तराखंड में खेलों का असल वसंत अब दिखाई दे रहा है। पदकों के लिहाज से उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया है। उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उसके घरेलू मैदान के अलावा सरकार की तमाम उन योजनाओं ने आगे बढ़ने में मदद की, जो उनके कल्याण से सीधे जुड़ी हैं।

खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। 101 पदक जीतकर उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया है। इससे पहले कभी उत्तराखंड पदकों के शतक तक नहीं पहुंचा था। निश्चित तौर पर यह उत्तराखंड के खेलभूमि बनने की तरफ ऊंची छलांग है। हम खेल विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं देशभर से आए खिलाड़ियों और अन्य मेहमानों के प्रति भी आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान किया है।

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत होने वाले मौली संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आईटीडीए कैल्क के ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स (ड्रोन दीदी) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली युवतियों को पुरस्कार स्वरूप ड्रोन देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन खेल के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा यह आयोजन प्रदेश के विभिन्न 11 अलग अलग स्थानों पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य भर में खेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर किया गया है। प्रदेश के विभिन्न खेल परिसरों में परमानेंट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि राष्ट्रीय खेलों का कोई भी खेल राज्य के बाहर, अन्य राज्यों में नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं राज्य भर में जारी खेलो के अवलोकन हेतु विभिन्न स्थानों पर गए, कई स्थानों पर खिलाड़ियों के साथ मिलकर संवाद एवं भोजन भी किया। अन्य राज्यों से आए खिलाड़ियों ने स्वयं से व्यवस्थाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा 37 वे राष्ट्रीय खेल के मुकाबले 38वे खेलों में उत्तराखंड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमारा राज्य वर्तमान समय पर 80 से अधिक पदकों के साथ 6वें स्थान पर आ गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों को लेकर राज्य भर में खिलाड़ियों में नया जोश है। इससे राज्य में खेल कल्चर को बढ़ावा मिलेगा। अब हमारा राज्य देवभूमि के साथ खेल भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा टिहरी में वाटर स्पोर्ट्स का आयोजन हुआ, टनकपुर में पहली बार रात्रि में राफ्टिंग की प्रतियोगिता हुई है, चकरपुर क्षेत्र में मल्लखंब का आयोजन किया गया। राज्य के हर क्षेत्र में इस तहर के आयोजनों से खेल में प्रति आम जन का भी रुझान बढ़ा है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मौली संवाद कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिससे खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है। हमने खेल के साथ पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों पर भी कार्य किया है। उन्होंने युवाओं से खेलने, पढ़ने के साथ प्रकृति का संरक्षण के लिए भी समय देने की बात कही। उन्होंने कहा नेशनल गेम्स का आयोजन में वेस्ट से इनकम और रीसायकल इकोनामी को भी बढ़ावा गया है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय खेलः जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध

38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।

डॉ टम्टा कुमाऊं और डॉ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डॉ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डॉ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां

1-प्राइमरी हेल्थ केयर, सेकेंड्री हेल्थकेयर व टर्रसियरी हेल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हेल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24Û7) रखे गए हैं।

2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24Û7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24Û7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।

3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।

4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।

5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24Û7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24Û7) टीमें तैनात की गई है।

तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा

150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।

115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।

05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।
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“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय खेलः नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से मिलेंगे खेल स्वयंसेवक

राष्ट्रीय खेलों में 1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के स्तर पर उत्तराखंड को यह स्वयंसेवक उपलब्ध कराए जाएंगे। उत्तराखंड अपने स्तर से भी करीब 2300 सामान्य स्वयंसेवकों को चयनित करने जा रहा है। विशिष्ट खेल स्वयंसेवक इनसे अलग होंगे। हालांकि सामान्य स्वयंसेवकों के साथ ही इन्हें भी व्यवहार और शिष्टाचार की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।

उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों के 38 वें संस्करण की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। तमाम तरह की व्यवस्थाओं को बनाने के लिए दो तरह के स्वयंसेवक अपना योगदान करेंगे। इसमें से सामान्य स्वयंसेवकों की भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। 30 हजार से ज्यादा लोगों ने स्वयंसेवक बनने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। इन सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है। ऑनलाइन परीक्षा भी ली गई है। इसके परिणाम के आधार पर ही स्वयंसेवक भर्ती किए जाएंगे।

राष्ट्रीय खेल सचिचालय के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या के अनुसार-सामान्य स्वयंसेवकों के अलावा विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से ये स्वयंसेवक उत्तराखंड को प्राप्त होंगे, जिनकी विभिन्न स्थानों पर तैनाती की जाएगी।

विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की ये है विशिष्टता

नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया इन विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को उपलब्ध कराता है। खेल पृष्ठभूमि वाले इन स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव होता है। सामान्य स्वयंसेवकों को जहां पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने संबंधी अन्य सामान्य व्यवस्थाओं में उपयोग किया जाता है, वहीं विशिष्ट स्वयंसेवकों को खेल से सीधे जुड़ी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाती है। स्वयंसेवकों से संबंधित कार्य देख रहे प्रतीक जोशी के अनुसार-विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को प्रतिदिन एक हजार रूपये मानदेय दिया जाएगा। सामान्य स्वयंसेवक का प्रतिदिन का मानदेय पांच सौ रूपये तय किया गया है।

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है। यह खुशी की बात है कि हर वर्ग राष्ट्रीय खेलों से किसी न किसी रूप में जुड़ने के लिए तैयार है। खेलों का यह बहुत बड़ा उत्सव है, जो कि उत्तराखंड में खेल विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

राष्ट्रीय खेलों के लिए पांडवाज बैंड ने तैयार किया मोटिवेशनल सॉंग हल्ला धूम धड़क्का

अडग अडग अगवाड़ी हिट/प्रीत बढ़ा, रीत बढ़ाश् (अडिग होकर कदम आगे बढ़ा/प्यार, सौहार्द बढ़ा/परंपरा रीत बढ़ा)। राष्ट्रीय खेलों के मोटिवेशनल सांग हल्ला धूम धड़क्का की यह शुरूआती पंक्तियां हैं। इसे उत्तराखंड के प्रख्यात पांडवाज बैंड ने तैयार किया है। अपने नाम के अनुरूप हल्ला धूम धड़ाका गीत धूम मचाने के लिए तैयार है। इसे रिलीज कर दिया गया है।

जाहिर तौर पर तीन मिनट के इस गीत का मिजाज खेलों और युवाओं को समर्पित है। चूंकि इसे राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किया गया है, इसलिए इसका फलक बड़ा है। बावजूद इसके, उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक पूरी शान से गीत में मौजूद है। खास तौर पर, जब पारंपरिक वेशभूषा में गाते और ढोल-दमाऊ बजाते पांडवाज ग्रुप के कलाकार दिखाई देते हैं। इस गीत को शिवानी भागवत, ईशान डोभाल और सुशांत भट्ट ने गाया है। विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा मानते हैं कि बहुत कम समय में पांडवाज ने एक बेहतरीन गीत तैयार किया है। राष्ट्रीय खेलों के लिए यह गीत युवाओं को प्रेरित करेगा।

वोकल फॉर लोकल के लिए पांडवाज को मौका
-पांडवाज बैंड ने उत्तराखंडी लोक संगीत के क्षेत्र में खास जगह बनाई है। लोक और आधुनिक संगीत का तालमेल इस बैंड की सबसे बड़ी खासियत है। राष्ट्रीय खेलों के प्रचार-प्रसार में पांडवाज बैंड की सरकार ने विशेष भूमिका निर्धारित की है। राष्ट्रीय खेलों की मशाल के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण के दौरान पांडवाज ग्रुप के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मोटिवेशन सांग के लिए पांडवाज को अवसर दिया गया। सरकार ने पांडवाज को अवसर देकर लोकल फॉर वोकल का उदाहरण पेश किया है।

ये हमारा परम सौभाग्य है कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में पांडवाज बैंड की भूमिका रखी गई है। यह गीत दस दिनों में तैयार किया गया है। शूटिंग देहरादून स्टेडियम और आस-पास ही की गई। इस गीत को तैयार करते वक्त हमें कलात्मक स्वतंत्रता दी गई है। इसलिए और भी अच्छा लगा। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड के लिए बहुत बड़ा अवसर है।
ईशान डोभाल, पांडवाज बैंड के संस्थापक सदस्य।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन न सिर्फ खेल प्रतिभाओं, बल्कि उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों व अन्य क्षेत्रों से जुडे़ लोगों को भी आगे आने का अवसर प्रदान करेगा। उत्तराखंडी लोक संस्कृति का भी इस आयोजन के जरिये प्रचार-प्रसार होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हमारी सरकार वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित कोच सुभाष राणा बोले, नेशनल गेम्स बहुत बड़ा अवसर

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित कोच सुभाष राणा मानते हैं कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी हमारे लिए किसी सौगात से कम नहीं है। इस आयोजन के दौरान खेलों के लिए इतना बड़ा आधारभूत ढांचा उत्तराखंड में तैयार हो जाएगा, कि खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पडे़गा। स्थिति ऐसी बदलेगी कि अन्य प्रदेशों के खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए यहां आने शुरू हो जाएंगे। राणा का यह भी कहना है कि सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों के अन्य प्रदेशों से खेलने पर भी रोक लग जाएगी। इस तरह से यह आयोजन खेल पलायन को भी रोकेगा। श्री राणा ने राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं भी दी।

द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने पर राणा का कहना है-जब आपके काम को मान्यता मिलती है, तो स्वाभाविक तौर पर उत्साह बढ़ता है और खुशी मिलती है। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड की मेजबानी को वह खेल विकास के लिए बहुत बडे़ अवसर के तौर पर देखते हैं। राणा के अनुसार-राष्ट्रीय खेल जहां भी होते हैं, वहां खेल का बड़ा आधारभूत ढांचा तैयार हो जाता है। इससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और निखरने का अवसर मिलता है। खेल का जो आधारभूत ढांचा उत्तराखंड में दस-बीस वर्षों बाद तैयार होना था, वह राष्ट्रीय खेलों की वजह से कुछ दिनों में ही तैयार मिलेगा। नई प्रतिभाओं को आगे आने में इससे बहुत लाभ मिलेगा। उत्तराखंड खेलों में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।

उत्तराखंड से खेलने के लिए कर रहे संपर्क

विभिन्न खेलों में अन्य प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे कई खिलाड़ी अब उत्तराखंड से खेलने के इच्छुक हैं। सुभाष राणा ने एक बातचीत में इस बात की पुष्टि की है। उत्तराखंड की शूटिंग फेडरेशन से जुडे़ सुभाष राणा के अनुसार-ऐसे कई खिलाड़ियों ने उनसे संपर्क किया है। कई खिलाड़ी खेलों की अन्य फेडरेशन से भी संपर्क कर रहे हैं।

खिलाड़ी/कोच बतौर ये हैं उपलब्धियां

जाने-माने शूटर रहे सुभाष राणा के खाते में चार अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में इटली और वर्ष 1998 में स्पेन में हुई विश्व शूटिंग चौंपियनशिप में भाग लिया था। एक कोच के तौर पर उनकी उपलब्धियों की चर्चा करें, तो वर्ष 2020 में टोक्यो पैरालंपिक में शामिल हुई शूटिंग टीम को उन्होंने प्रशिक्षित किया था। इस टीम ने पैरालंपिक में पांच मेडल जीते थे। भारतीय पैरा शूटिंग टीम के वह लंबे समय तक प्रशिक्षक रहे हैं।
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द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सुभाष राणा को हार्दिक बधाई। उन्होंने उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। खेल क्षेत्र में उत्तराखंड दिन प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है। अब राष्ट्रीय खेलों का आयोजन खेल विकास में एक नई इबारत लिखेगा। खेलों में उत्तराखंड और देश का नाम आगे बढ़ान वाले सभी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों से मेरी अपील है कि वे राष्टीय खेलों में अपनी भागीदारी निभाएं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम का आग्रह रंग लाया, पीटी उषा ने प्रतीकों के लॉन्चिंग कार्यक्रम में दी जानकारी

38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर समारोह की भव्यता के बीच योग और मलखंभ जैसे दो पारंपरिक खेल भी राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बन गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह को भारतीय ओलंपिक संघ ने स्वीकार कर लिया। रविवार को आयोजित भव्य शुभंकर समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी ऊषा ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर प्रतीक मौली, लोगो, जर्सी, एंथम और टैग लाइन को लॉन्च किया। राष्ट्रीय खेलों के लिए टैग लाइन संकल्प से शिखर तक घोषित की गई है।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संपूर्ण उत्तराखंड वासियों की ओर से धन्यवाद प्रकट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का सुंदर लोगो उत्तराखंड के विविध रंगों को पूरे देश के सामने प्रदर्शित करता है। यह एंथम, हमारी एकजुटता को प्रदर्शित करने के साथ खिलाड़ियों को और अधिक परिश्रम करने हेतु प्रेरित करता है। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर, मोनाल हमारे प्रदेश की विशिष्टता को प्रदर्शित करने के साथ युवा खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्यों को सामने रखकर जी-तोड़ मेहनत करने हेतु भी प्रेरित करता है। और लोगो हमारे राज्य पक्षी मोनाल से प्रेरित है जो उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विविधता के रंगों को भारत के प्रत्येक कोने तक पहुँचाएगा। राष्ट्रीय खेलों की सुंदर मशाल प्रज्वलित की है वो देश में एकता और सामूहिक प्रयास के प्रतीक के रूप में राज्य भर की यात्रा करेगी और समाज में खेल भावना और खेल संस्कृति विकसित करने में सहायता करेगी।

बतौर मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प, विकल्प रहित होना चाहिए। संकल्प से ही हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन हेतु अब पूर्ण रूप से तैयार है। इस आयोजन के लिए राज्य सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं में लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे राज्य में कई नए खेल मैदानों का निर्माण, स्टेडियम और स्विमिंग पूलों का पुनर्निर्माण, वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइकिलिंग ट्रैक, शूटिंग रेंज को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी छोटे खेल स्टेडियमों का निर्माण कर रही है। जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने हेतु प्रत्येक स्तर पर अभिनव प्रयास किए गए हैं। फिट इंडिया, खेलो इंडिया योजना के साथ मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। प्रदेश में नई खेल नीति लागू कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने, प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले देश के तमाम खिलाड़ी उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएंगे।

इस मौके पर केंद्रीय खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि देश के खिलाड़ी आज अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ी देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल विकास में केंद्र सरकार उत्तराखंड को पूरी मदद देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि ओलंपिक का आयोजन भारत में कराया जाए। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया का वीडियो संदेश भी इस मौके पर प्रसारित किया गया।

भारतीय ओलपिंक संघ की अध्यक्ष डा. पीटी ऊषा ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए उत्तराखंड को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि खेलों के विकास में उत्तराखंड में बेहतर कार्य होगाा।

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन बेहद उत्साहित करने वाला है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सुनैना कुमारी, राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, खेल निदेशक प्रशांत आर्य समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे। संचालन आरजे काव्य ने किया।

सीएम ने लॉन बाल कैंप में खेल रहे खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पवेलियन मैदान में चल रहे लॉन बाल कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की। खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद भी मैदान पर उतरते हुए लॉन बॉल में हाथ आजमाया।

मुख्यमंत्री ने कैंप में मौजूद खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को आगामी 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं और सरकार उनके हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन के साथ खेल के प्रति समर्पित रहने को कहा।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, धीरेंद्र पंवार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।