खेल महाकुंभ चैपियनशिप का शुभारंभ कर बोले सीएम, राज्य को खेलभूमि बनाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने पूर्ण अनुशासन, निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों द्वारा योगासन एवं उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल महाकुम्भ प्रदेश की प्रतिभाओं को गांव की मिट्टी से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उचित मंच और संसाधनों के अभाव में प्रदेश की कोई भी प्रतिभाशाली खेल प्रतिभा पीछे न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खेल अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास जगाते हैं, संघर्ष करना सिखाते हैं और गिरकर फिर उठने का साहस देते हैं। खेल स्वस्थ शरीर के साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार खेलों को उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत प्रदेश के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज खेल महाकुम्भ अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष 2 लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने खेल महाकुम्भ में प्रतिभाग किया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष और अधिक संख्या में बच्चे एवं युवा इसमें प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष खेल महाकुम्भ को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय एवं राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों के परिश्रम, प्रतिभा और उनके सपनों का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खेल महाकुम्भ के मंच से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश के गांवों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से भारत वैश्विक खेल मंच पर निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य की नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। साथ ही 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों एवं क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, खेल किट, शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, ताकि छोटी उम्र से ही उनकी खेल प्रतिभा को सही दिशा और प्रोत्साहन मिल सके।

उन्होंने कहा कि 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में बीमा संबंधी व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत एवं आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। हाल ही में हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया गया है। इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से विभिन्न खेल विधाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद की अपनी विशिष्ट खेल पहचान विकसित हो और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और निष्ठा के साथ मैदान में उतरें तथा अपने खेल के जुनून को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर उत्तराखंड को देश में ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने का हमारा ‘विकल्प रहित संकल्प’ अवश्य सिद्ध होगा।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को पूर्ण समर्पण एवं खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआती सीढ़ी हैं। यहां से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के बल पर विभिन्न स्तरों से आगे बढ़ते हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विकास के साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

खेल महाकुम्भ-2026 के अंतर्गत 01 से 10 सितम्बर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं, 11 से 20 सितम्बर तक विधायक चौम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितम्बर तक सांसद चौम्पियनशिप ट्रॉफी तथा 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन एवं दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, दायित्वधारी, अधिकारी, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

ओलंपिक-2036 के लिए प्रतिभाओं के वैज्ञानिक आधार पर चयन और प्रशिक्षण पर जोर

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रदेश की क्षमता और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप खेलों की पहचान करते हुए खिलाड़ियों को अभी से व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड के पोटेंशियल के आधार पर खेलों का चयन किया जाए। ऐसे खेलों को प्राथमिकता दी जाए, जिनमें प्रदेश के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों को प्राथमिकताओं में और आगे लाने की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग द्वारा स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में कार्य किया जाए।

मुख्य सचिव ने प्रतिभाओं की पहचान के लिए टैलेंट हंट जैसे कार्यक्रम व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चयनित खेलों में प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उनके लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ियों के चयन के लिए एक रोबस्ट और वैज्ञानिक प्रणाली विकसित की जाए, ताकि प्रतिभा का चयन पारदर्शी एवं वैज्ञानिक मानकों के आधार पर सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में 100 से 150 प्रतिभावान बच्चों को चिह्नित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। इन बच्चों के लिए प्रो-एक्टिव होकर प्रशिक्षण, कोचिंग, फिटनेस और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने स्कूल स्तर से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल एजुकेशन सिस्टम में खेलों को और प्रभावी ढंग से शामिल करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्कूलों में कार्यरत पीटीआई के सेंसिटाइजेशन और ग्रूमिंग पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि वे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने में प्रभावी भूमिका निभा सकें तथा स्कूलों में सकारात्मक खेल वातावरण विकसित हो। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों की क्षमता निर्माण भी महत्वपूर्ण है।

मुख्य सचिव ने वर्तमान के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अच्छे प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाकर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कोच के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि इससे प्रदेश में आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण कोचों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बच्चों के चिन्हीकरण, कोच की उपलब्धता और प्रशिक्षण शुरू किए जाने की टाइमलाइन अभी से निर्धारित की जाए। प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट लक्ष्य एवं समयसीमा तय करते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि ओलंपिक-2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए सक्षम बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड में उपलब्ध खेल प्रतिभा को उचित मंच, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकती है।

स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स देहरादून में सीएम धामी ने एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

खेलों से होते हैं अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वें इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चौंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों एवं कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री के खिलाड़ियों के प्रति विश्वास, प्रोत्साहन और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उन्हें सच्चा विजेता बनाता है।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, अध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग मौजूद थे।

सीएम ने उत्तराखंड के एथलीट कलम सिंह विश्व को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विकासखंड देवाल, ग्राम सभा मुंदोली निवासी, भूतपूर्व सैनिक एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट कलम सिंह बिष्ट ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओमान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्यंत कठिन 120 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम सिंह बिष्ट की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। रेगिस्तानी और पथरीले मार्गों पर आयोजित इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया भर के हजारों एथलीट्स के बीच प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिष्ट पूर्व में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चौथी गढ़वाल राइफल में सेवाएं दे चुके हैं और उनका सैन्य अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समर्पण आज भी उनके व्यक्तित्व में परिलक्षित होता है। देश सेवा के बाद खेल के माध्यम से भी उन्होंने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को कलम सिंह बिष्ट के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलम सिंह बिष्ट के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। भेंट के दौरान अन्य भूतपूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आगे भी निरंतर आयोजित होती रहेगी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासकीय कार्यों की व्यस्तता के बीच कार्मिको द्वारा खेल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन लाने के साथ-साथ तनाव को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि निरोगी रहना मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और खेल इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता भविष्य में भी अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी और कर्मचारियों-अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।

इन विचारों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रतियोगिता में राज्य के 42 विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। राज्य परिवर्तन की ओर अग्रसर है और नवाचारों, ऐतिहासिक निर्णयों तथा जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिससे राज्य में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहित कर राज्य को ‘खेल भूमि’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र बसेड़ा, जे.पी. मैखुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक विजेता पवन बर्त्वाल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने शिष्टाचार भेंट की। पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने पवन बर्त्वाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन बर्त्वाल ने अपने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतियोगिता 15 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित हुई थी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया। वर्तमान में पवन भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत हैं और सेना में रहते हुए भी खेल के प्रति उनके समर्पण और प्रतिबद्धता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।

इस अवसर पर पवन बर्त्वाल के प्रशिक्षक ललित मोहन कुंवर, सुरेश चंद शर्मा और हरि कृष्ण बेलवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोच और सहयोगी टीम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

सीएम की मौजूदगी में सांसद खेल महोत्सव का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में ‘‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित हो रहा ’’सांसद खेल महोत्सव’’, खेल प्रतिभाओं को गाँव से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का बड़ा अभियान है। उत्तराखंड में खेल महोत्सव तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ’’फिट इंडिया-स्पोर्ट्स इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’’ के संदेश को गाँव-गाँव तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया। आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित किया जा रहा है। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया गया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए अनेक कार्यक्रमों सांसद खेल प्रतियोगिता, फिट इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। आज भारत वैश्विक स्तर पर खेलों में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए वे अपनी सांसद निधि से धनराशि देंगे। विद्यालय में मेस में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी उन्होंने अपनी सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए लिगेसी प्लान पर तेज़ कार्यवाही के निर्देश

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य सरकार खेलों को लेकर नई दृष्टि और रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के खिलाड़ियों को निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खेलों के दौरान निर्मित और उन्नत किए गए खेल ढांचे का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने और उस पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल केवल एक आयोजन नहीं थे, बल्कि यह उत्तराखंड की खेल यात्रा में ऐतिहासिक मोड़ सिद्ध हुए हैं। पहली बार राज्य ने 100 से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया और अपने प्रदर्शन से पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि “खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों की मेहनत ने मिलकर यह असाधारण उपलब्धि संभव बनाई है।”

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए तैयार की गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अब राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग होंगी। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और हल्द्वानी के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की योजना भी लिगेसी प्लान का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल ढांचे को निष्क्रिय नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि इसका अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि राज्य के युवा प्रतिभाओं को अपने घर के पास ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में लागू नई खेल नीति के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। इसमें खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुसार आकर्षक प्रोत्साहन राशि, सरकारी नौकरी, छात्रवृत्तियां और सम्मान देने का प्रावधान किया गया है। ओलंपिक स्तर के पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तक की राशि देने की घोषणा से खिलाड़ियों में नया उत्साह आया है।

खेल विश्वविद्यालय का निर्माण – दूरदृष्टि से लिया गया फैसला

हल्द्वानी में बनने वाला खेल विश्वविद्यालय राज्य की खेल संस्कृति को संस्थागत रूप देगा। यह न केवल प्रशिक्षण और रिसर्च का केंद्र बनेगा, बल्कि कोचिंग, खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, मैनेजमेंट आदि में भी युवाओं को अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
“उत्तराखंड को आज खेल भूमि के रूप में देखा जा रहा है, यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने एक नई चेतना जागृत की है। सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। मैदानों से लेकर पहाड़ों तक हर जगह खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया और उज्जवल भविष्य आकार ले रहा है।”