युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत: सुबोध उनियाल

देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आज भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।

*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल*

समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।

*सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’*

अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

*इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर* प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए* देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।

*वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने* सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।

सीएम ने स्पीकर के साथ भराड़ीसैंण में रोपा पौधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपण किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ और प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा ने भी इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

सीएम ने कैंपा योजना से खरीदे गए 23 बोलेरो कैम्पर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में वन एवं वन्य जीव सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कैंपा योजना से खरीदे गए 23 बोलेरो कैम्पर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों से संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाकर वन अपराधों पर नियंत्रण को अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी। वनाग्नि प्रबंधन और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण एवं तेजी से रेस्क्यू कार्य के लिए भी इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियानों की निगरानी के साथ ही भू-स्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में वन एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के त्वरित व प्रभावी संचालन में भी ये वाहन काफी उपयोगी सिद्ध होंगे ।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में लगातार कैंपा योजना के बजट में वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में रुपए 237 करोड़, 2024-25 में रु. 302 करोड़ की धनराशि का व्यय हुआ है। वर्ष 2025-26 में कैम्पा के तहत प्रस्तावित रुपए 439.50 करोड़ की लागत की वार्षिक योजना स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजी गई है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रवासी सम्मेलन में बोेले मंत्री सुबोध, कोदा झिंगोरा उगाएंगे, उत्तराखंड को आगे बढ़ाएंगे

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन के चतुर्थ सत्र में कृषि व ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान एक नारा खूब लगता था-कोदा, झिंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे। अब बदली हुई स्थिति में नारा बदल गया है। नया नारा है-कोदा झिंगोरा उगाएंगे, उत्तराखंड को आगे बढ़ाएंगे।

चतुर्थ सत्र में अपने संबोधन में जोशी ने कहा कि जहां तक जैविक खेती का सवाल है, आज करीब 40 फीसदी तक हमारी खेती जैविक है। इस साल हम इसे 50 फीसदी तक ले जाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पिछले चार वर्षों से हमें जैविक खेती में प्रथम पुरस्कार मिल रहा है। प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होेंने मिलेट्स को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स के लिए उत्तराखंड में बेहद उपयोगी स्थिति मौजूद है। उन्होंने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। 2027 तक हम अपना उत्पादन दुगना करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से बात की।

सचिव दीपेद्र कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में छह एरोमा वैली प्लांट डेवलप किए जा रहे हैं। एरोमा पार्क काशीपुर में 40 एकड़ भूमि पर इत्र से संबंधित प्रोसेस यूनिट को एक जगह पर लाने का निर्णय महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि एरोमा वैली पालिसी प्रारूप तैयार है, जिसे दो-तीन महीने में अनुमोदन प्राप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि कीवी के उत्पादन को मिशन मोड में लेकर कार्य किया जाएगा।

काश्तकारों ने बताई सफलता की कहानी

काश्तकार बलबीर सिंह कांबोज ने बताया कि वह 18 एकड़ भूमि पर फूलों की खेती करते हैं। यहां की जलवायु अच्छी है। इस व्यवसाय के लिए सारी स्थितियां अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के फूलों को सीमित करना चाहिए। प्राइवेट कंपनी चला रहे चंद्रमणि कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी ने 18 राज्यों में 40 हाइड्रोपोनिक फार्म बनाए हैं। युगांडा में भी काम कर रहे है।

मधुमक्खी पालन व्यवसाय कर रहे अतर सिंह कैंत्यूरा ने कहा कि हमारे जंगल मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त हैं। उत्तराखंड में बहुत पहले से इस संबंध में काम किया जा रहा है। जौजीकोट में देश का पहला मधुमक्खी बॉक्स बना था।

नैनीताल की आरोही संस्था के पंकज तिवारी ने कहा कि विकास में संतुलन जरूरी है। उन्होंने मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती उत्तराखंड के लिए अच्छी है, क्योंकि पहाड़ काफी असिंचित खेती है। मृदा का स्वास्थ्य वैसा ही रखना है, जैसे हम अपने स्वास्थ्य को रखते हैं।

एक प्राइवेट कंपनी संचालित कर रहे मनमोहन भारद्वाज ने कहा कि कलस्टर में काम किया जाना ज्यादा लाभदायी है। उन्होंने बताया कि उनके स्तर पर 200 बीघा जमीन पर काम किया गया है। चतुर्थ सत्र में मेहमानों का स्वागत ग्राम्य विकास आयुक्त अनुराधा पॉल ने किया। सत्र का संचालन आर्गनिक बोर्ड के एमडी विनय कुमार ने किया। इस मौके पर प्रवासी उत्तराखंडियों और मेहमानों का सम्मान भी किया गया।

राज्य में वन सेक्टर में होने वाला पूंजी निवेश देश और दुनिया के लिए भी उपयोगी साबित होगाः सुबोध उनियाल


उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण और विपुल वन संपदा वाले उत्तराखंड राज्य में इकोनॉमी और इकोलॉजी का बेहतर समन्वय व संतुलन कायम रखते हुए वन एवं इससे जुड़े सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। समिट के दौरान इस सिलसिले में आयोजित विशेष सत्र में कहा गया कि वन एवं इससे जुड़े सेक्टर्स राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रमुख जरिया बनने की पूरी सामर्थ्य रखते हैं। जलवायु परिवर्तन व कार्बन उत्सर्जन की वैश्विक चुनौतियों को नियंत्रित करने में भी यह सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। लिहाजा राज्य में वन सेक्टर में होने वाला पूंजी निवेश देश और दुनिया के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के वन एवं इसस जुड़े सेक्टर्स पर निवेश की संभावनाओं पर परिचर्चा के लिए आयोजित सत्र की अध्यक्षता करते हुए राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड का 71 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। यहां पर 11230 वन पंचायतें हैं जिनसे 20 लाख लोग जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वनों के संरक्षण व संवर्द्धन तथा इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय जन-समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर वनों से स्थानीय लोगों के परंपरागत लगाव व जुड़ाव को कायम रखने पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। वन सेक्टर्स से संबंधित निवेश में भी पारिस्थितिक संतुलन और स्थानीय लोगों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन्डस्ट्रियल फ्रेंडली वातावरण के साथ ही इकोनॉमी और इकोलॉजी में समन्वय बनाते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। वन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ईको-टूरिज्म, जड़ी-बूटियों तथा संगंध पौधों के उत्पादन व संग्रहण के साथ ही प्रसंस्करण जैसे वनाधारित परियोजनाओं की व्यापक संभावनाएं हैं। जिसके लिए कई निवेशक आगे आए हैं। योग, वेलनेस टूरिज्म, आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों ने काफी रूचि दिखाई है। राज्य में तीन लाख करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किया जाने वाला निवेश पूरी तरह सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाला साबित होगा। सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देगी। उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किए जाने के आह्वान ने राज्य के आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार दुनिया के सामने खोल कर रख दिए हैं। जिससे जल्द ही सार्थक परिणाम सामने आएंगे और उत्तराखंड दुनिया में डेस्टीनेशन वेडिंग के प्रमुख केन्द्र के रूप में उभरेगा। उन्होनें कहा उद्योग जगत से अपने सीएसआर फंड का उपयोग वनों के संरक्षण में करने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके जरिए मानवता की बड़ी सेवा की जा सकती है।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु ने वन व इसे जुड़े क्षेत्रों में निवेषन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुदरत ने उत्तराखंड को समुद्र के अलावा अन्य तमाम प्राकृतिक संसाधनों से सजाया-संवारा है। इस प्राकृतिक संपदा का राज्य के विकास और राज्यवासियों के कल्याण के लिए बेहतर इस्तेमाल करने के साथ ही देश व दुनिया के पर्यावारणीय सुरक्षा के हित में सदुपयोग करने के लिए उद्योग जगत व निवेशकों के द्वारा की जाने वाली हर एक सार्थक पहल का राज्य सरकार हर पल स्वागत करने को तत्पर है। उद्योग जगत इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ेगा तो सरकार चार कदम आगे बढाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रहना व निवेश करना प्राकृतिक व आर्थिक दृष्टिकोण से निश्चित तौर पर सुकून भरा सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक तथा पीसीसीएफ समीर सिन्हा ने निवेशकों का स्वागत और आभार व्यक्त किया। इस मौके पर उद्योग जगत से श्री श्री तत्व के सीईओ तेज कटपिटिया ने समुदाय के स्वामित्व वाले वनों में औषधीय पादपों के उत्पादन हेतु निवेश के बारे में विचार रखे। पूर्व आईएफएस एवं एफएससी के कंट्री डायरेक्टर सुरेश गैरोला ने फॉरेस्ट सर्टिफिकेशन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में रिन्यू पावर के सीनियर मैनेजर अनूप जकारिया और टेरी के एसोसिएट फैलो वरूण ग्रोवर ने कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर और सेंचुरी पल्प एंड पेपर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डा. ए.पी. पाण्डे ने प्रकाष्ठ आधारित उद्योगों में उत्तराखण्ड के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब के तौर पर स्थिति के बारे में विचार रखे।

लंदन दौरे से लौटे मुख्यमंत्री धामी के स्वागत के लिए पहुंचे मंत्री अग्रवाल, सतपाल, उनियाल आर्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लंदन दौरे के बाद देहरादून पहुंचने पर कैबिनेट मंत्रियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल तथा रेखा आर्या द्वारा उनका स्वागत किया गया। राज्य में निवेश को तेजी से बढ़ावा देने के लिए लंदन और बर्मिंघम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुए रोड शो और बैठकों में 12 हजार 05 सौ करोड़ से अधिक के प्रस्तावों पर सहमति बनने पर सभी ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

कैबिनेट मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के ब्रिटेन दौरे को निवेश की दृष्टि से राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने वाला बताया। मुख्यमंत्री के यू.के. भ्रमण से वहां के उद्यमियों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंड वासियों द्वारा राज्य में निवेश के लिये की गई पहल निश्चित रूप से मुख्यमंत्री की अन्य देशों के प्रस्तावित दौरे तथा देश के प्रमुख शहरों में आयोजित होने वाले रोड शो में भी राज्य के प्रति और अधिक निवेशक आकर्षित होंगे। ये प्रयास माह दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 2.50 लाख करोड़ के निवेश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मददगार होंगे।

उन्होंने प्रवासी उत्तराखंड वासियों और उत्तराखंड सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने तथा उनके निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाये जाने के मुख्यमंत्री के निर्णय की भी सराहना की है। सभी मंत्रीगणों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्यहित में की गई पहल निश्चित रूप से राज्य के पर्यटन तथा उद्योगों को भी गति प्रदान करने वाला होगा। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर तो उपलब्ध होंगे ही साथ ही प्रदेश की आर्थिकी को भी नया संबल प्राप्त होगा।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा फ्रांस के पोमा ग्रुप के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्रों और सुदूर क्षेत्रों को रोपवे द्वारा जोड़ने तथा जन परिवहन की दृष्टि से इस माध्यम को प्रयोग में लाने के लिये 02 हजार करोड़ रुपए का करार किया गया। पोमा ग्रुप द्वारा राज्य में देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जाने के संदर्भ में संभावनाएं तलाशने हेतु कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया गया। उसके बाद इंग्लैंड में स्थित भारतीय दूतावास में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ बैठक में उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों में तेजी लाने हेतु कार्ययोजना पर मंथन किया गया तथा उन्हें प्रदेश की नई पर्यटन नीति के संबंध में जानकारी दी गई।

यही नही उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर केबल कार परिवहन व्यवस्था विकसित करने तथा औली, दयारा बुग्याल और मुनस्यारी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने हेतु विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन विकसित किए जाने हेतु सहमति जताते हुए अमेरिका के के.एन. ग्रुप के साथ 4800 करोड़ रुपए का निवेश करार किया गया। ब्रिटिश पार्लियामेंट के लार्ड मेयर तथा बर्मिंघम विश्वविद्यालय के कुलपति बिली मोरया के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के विषय में चर्चा की गई। तथा उत्तराखंड में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने हेतु सहमति जताई गई। उत्तराखण्ड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 80 डेलिगेशनों के साथ ही सघन बैठक (लंदन रोड शो) में लगभग 1250 करोड़ रूपये के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किये गये।

मुख्यमंत्री द्वारा ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर में आयोजित, उत्तराखंड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 250 डेलिगेशनों के साथ हुई सघन बैठक (बर्मिघम रोड शो) में लगभग 1500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए। तथा ब्रिटेन में कार्यरत विभिन्न उद्योग समूहों के साथ हुई बैठक में पर्यटन एवं विनिर्माण क्षेत्रों में हुए करार के अंर्तगत 3300 करोड़ रुपए के अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए।

हरेला पर्व के उपलक्ष्य में दो कैबिनेट मंत्रियों ने किया पौधरोपण

वन मंत्री सुबोध उनियाल और कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल के सुपुत्र पीयूष अग्रवाल के जन्मदिन पर भी पौधरोपण किया। साथ ही प्रत्येक नागरिक से जन्मदिन पर पौधरोपण करने का आवाहन किया गया।

आज बायपास मार्ग स्थित स्मृति वन में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला सुख, समृद्धि और खुशहाली का पर्व है। हरेला पर्व पर्यावरण संरक्षण का त्यौहार है। ऋग्वेद में भी हरियाली के प्रतीक हरेला का उल्लेख किया गया है। बताया कि इस त्यौहार को मनाने से समाज कल्याण की भावना विकसित होती है। आज का युवा जिस तरह से पुराने त्योहारों को भूलता चला जा रहा है उस बीच हरेला त्यौहार की प्रसिद्धि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी कर रही है।

कहा कि शास्त्रों में लिखा गया है कि एक पेड़ लगाने से एक यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है। कहा कि पीपल का पेड़ लगाने से व्यक्ति को सैंकड़ों यज्ञों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। केवल इतना ही नहीं भारतीय संस्कृति में एक पेड़ लगाना, सौ गायों का दान देने के समान माना गया है। श्री उनियाल जी ने कहा कि ऐसे त्यौहार अगर समय-समय पर मनाते जाएं तो युवा भी अपनी संस्कृति के प्रति रुझान करेंगे और युवा पीढ़ी भविष्य में इसके महत्व को भी समझ सकेगी।

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल जी ने कहा कि पौधारोपण हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है, हमें अपने जीवन में जितना हो सके उतना अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों की कमी से निरंतर पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। हम सभी का फर्ज बनता है कि पृथ्वी की खूबसूरती को बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति समस्त जीवों के जीवन का मूल आधार है। प्रकृति का संरक्षण एवं संवर्धन सभी जीव जगत के लिए बेहद ही अनिवार्य है। प्रकृति पर ही पर्यावरण निर्भर करता है। यदि प्रकृति असन्तुलित होगी तो पर्यावरण भी असन्तुलित होगा। कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ प्रकृति का आधार हैं। पेड़ों के बिना प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

इस अवसर पर पीयूष अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रकृति को ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाए तो कदापि गलत नहीं होगा। पेड़ों पर प्रकृति निर्भर करती है। पेड़ लगाना प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन है और प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन ईश्वर की श्रेष्ठ आराधना है। एक पेड़ लगाने से असंख्य जीव-जन्तुओं के जीवन का उद्धार होता है और उसका अपार पुण्य सहजता से हासिल होता है। एक तरह से पेड़ लगाने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस मौके पर हरेला पर्व व मंत्री डॉ अग्रवाल के सुपुत्र के जन्मदिन पर आम, पीपल, तुलसी, लीची, बेलपत्र, नींबू सहित फलदार व छायादार पौधे रोपे गए। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से अपने जन्मदिन पर पौधरोपण करने का आवाहन किया गया।

इस मौके पर महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, सुरेंद्र मोंगा, संजय शास्त्री, जितेंद्र अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, श्यामपुर गणेश रावत, वीरभद्र अरविंद चौधरी, सुमित पंवार, जयंत शर्मा, प्रदीप दुबे, प्रदेश सह सोशल मीडिया प्रभारी प्रशान्त चमोली, पर्यावरणविद विनोद जुगलान, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष उषा जोशी, पुनिता भंडारी, निर्मला उनियाल, अनिता तिवारी, सतपाल सैनी, आरती गौड़, मानवेन्द्र कण्डारी, सुंदरी कंडवाल, प्रदीप कोहली, जसविंदर राणा, मीना गौड़, पुष्पा ध्यानी, कमला नेगी, मैत्री स्वयं सेवी संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी, राजपाल ठाकुर, रूपेश गुप्ता, देवव्रत शर्मा, विजय जुगलान, समा पंवार, अमित गांधी, हरि शंकर प्रजापति, राकेश पारछा, जितेंद्र भारती सहित अन्य मौजूद रहे।

बेटे के जन्मदिन पर कुष्ठ रोगियों को बांटे

ऋषिकेश। कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने सुपुत्र पीयूष अग्रवाल के जन्मदिन के अवसर पर भजन गढ़ रोड स्थित कुष्ठ रोग कॉलोनी में रोगियों को छाता, फल व शॉल वितरित किए।

हमें राज्य हित के उद्देश्य से कार्य संस्कृति में लाना है सुधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 17वीं बैठक आयोजित हुई। काफी लम्बे समय से बोर्ड की बैठक न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बोर्ड की बैठक नियमित तौर पर समय से आयोजित की जाएं। सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर काम करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में नया वर्क कल्चर लाए हैं। हमें राज्य में जनहित के उद्देश्य से कार्य संस्कृति में सुधार लाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठको में स्वागत संबंधी औपचारिकताओं को न करते हुए सीधे बैठक के एजेंडा पर चर्चा की जाए। इससे चर्चा के लिये अधिक समय मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठको में केवल बातचीत ही नहीं बल्कि समाधान भी निकले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति संरक्षण बहुत जरूरी है, साथ ही राज्य का विकास भी जरूरी है। हमें इकोलोजी और ईकोनोमी मे समन्वय बनाकर चलना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने पर प्राथमिकता से काम करना है। खासतौर पर खेती को बंदरों से बचाने के लिये यथासम्भव तकनीक का उपयोग किया जाए। इसका कोई स्थायी समाधान खोजा जाए। हरेला पर्व पर विशेष तौर पर अधिक से अधिक फलदार पेड़ लगाए जाएं। हरेला पर्व केवल वनविभाग तक सीमित न रहे, इसे जन जन का उत्सव बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर अनुमोदन के बाद जो भी प्रस्ताव केंद्र स्तर पर जाते हैं, उनका लगातार फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। इसके लिये जरूरत होने पर अधिकारी विशेष को नियुक्त किया जा सकता है।

उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में सोनप्रयाग से श्री केदारनाथ धाम के लिये रोपवे, गोविंदघाट से हेमकुण्ट साहिब रोपवे सहित विभिन्न प्रकरणों के वन भूमि हस्तांतरणों पर विचार विमर्श किया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष शमन उत्कृष्टता केंद्र और वन्यजीव स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र की प्रदेश में स्थापना की जाएगी। स्थानीय समुदायों के सहयोग से प्राइमरी रेस्पोंस टीमों का गठन किया जाएगा जो कि वन व वन्य जीव संरक्षण के साथ ही वनाग्नि को रोकने पर भी काम करेंगी। टाईगर रिजर्व, संरक्षित क्षेत्र व अन्य पर्यटन वन क्षेत्रों में पर्यटकों के बरताव के संबंध में गाईडलाईन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स की सलाह लेने के निर्देश दिये।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक रेणु बिष्ट, अनिल नौटियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पीसीसीएफ विनोद कुमार सिंघल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन डॉ पराग मधुकर धकाते सहित उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

नरेन्द्रनगर विधानसभा में 20 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास

दोगी पट्टी स्थित अटल आदर्श विद्यालय परिसर में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने साढ़े 20 करोड़ रूपये की लागत से विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, साथ ही स्थानीय क्षेत्रवासियों को सौर ऊर्जा और कृषि यंत्र बांटे। इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत क्षेत्र की जनता ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया।
दोगी पट्टी में आयोजित विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कहा कि नरेंद्रनगर विधानसभा में विकास कार्य लगातार जारी है। वर्तमान समय में इस विस के अंतर्गत प्रदेश में सबसे अधिक सड़कें, विद्यालय हैं, जो यहां हुए विकास कार्यों को दर्शाता है।
ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र भंडारी ने 20 करोड 62 लाख रूपए की लागत से दर्जन भर से अधिक योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास होने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया। कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के नेतृत्व में नरेंद्रनगर विस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हो रहा है। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत भी किया।
मौके पर नगर पालिका मुनिकीरेती अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, ऋषिकेश मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती, नरेंद्रनगर मंडी उपाध्यक्ष सिद्धार्थ राणा, पूर्व प्रधान हुकम सिंह भंडारी, भाजपा भरपूर मंडल प्रभारी दिनेश भट्ट, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गुणानंद कुलियाल, नरेंद्रनगर ग्रामीण मंडल उपाध्यक्ष राधाकृष्ण रयाल, नरेन्द्रनगर ग्रामीण मंडल सोशल मीडिया प्रभारी गजेंद्र राणा, सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह चौहान, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मोहम्मद आरिफ खान आदि उपस्थित थे।

लोकार्पण एवं शिलान्यास योजनाएं
1. गूलर में विद्युत उपकेंद्र बिजलीघर का लोकार्पण
2. किसानभवन पावकी देवी का लोकार्पण
3. सामुदायिक भवन मैथिसेरा मिंडाथ का लोकार्पण
4. डिग्री कॉलेज पावकीदेवी का शिलान्यास
5. घेराधार, भेडापातल, बग्गाशेरा में सड़कों का शिलान्यास
6. बाँसकाटल और हिंडोला मोटर मार्ग का शिलान्यास
7. मुंडाला भौराणी तक मोटर मार्ग का शिलान्यास
8. बुगाला से गाड़नामे टोंक तक सम्पर्क, किसान मार्ग का शिलान्यास
9. मिंडाथ पालिसेरा सम्पर्क, किसान मार्ग का शिलान्यास
10. कुथ्या सम्पर्क, किसान मार्ग का शिलान्यास
11. बल्याखान, बिलोगी, भिगनी, क्यारखी, जमीणि के सम्पर्क, किसान मार्ग का शिलान्यास
12. पावकीदेवी से पैजाईगांव तक सम्पर्क मार्ग, किसान मार्ग का शिलान्यास
13. कौडियाला-बडीर सम्पर्क, किसान मार्ग का शिलान्यास
14. प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजनाओं का शिलान्यास

नरेन्द्रनगर विधानसभा से पीएम की रैली में 3 हजार कार्यकर्ता जायेंगे

आगामी चार दिसंबर को देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर आयोजित रैली की तैयारियों को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नरेंद्रनगर विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य जनप्रतिनिधियों के संग बैठक की। इसमें उन्होंने बताया कि रैली को भव्य बनाने के लिए नरेंद्रनगर विस से करीब तीन हजार से अधिक भाजपा कार्यकर्ता रैली में शिरकत करेंगे।
मंगलवार को नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आगामी चार दिसंबर को देहरादून परेड ग्राउंड में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मेें रैली आयोजित की गई है। इसको लेकर कार्यकर्ताओं व क्षेत्र की जनता में जबरदस्त उत्साह है। रैली को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दौरान बैठक में रैली हेतु आवागमन सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।
मौके पर नरेंद्रनगर विस प्रभारी रोशन लाल सेमवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, ऋषिकेश मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती, ब्लाक प्रमुख राजेंद्र भंडारी, हुकुम सिंह भंडारी, द्वारिका प्रसाद, भगवती प्रसाद, अनिल भट्ट, भगवती काला, गोपाल चौहान, राकेश कुमार, रेखा राणा, राजेश राणा, शैला खंडूड़ी, अरविंद उनियाल, ओमप्रकाश, धूमन थलवाल, मनोज बिष्ट, बीना जोशी, शशि कंडारी, हर्षपाल कोहली, नरेंद्र चौहान, बांकेलाल पांडे, राकेश भट्ट, त्रिलोक भंडारी, शंकर नौटियाल, जगवीर नेगी, सतीश चमोली आदि उपस्थित थे।