मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

टिहरी में मेले का शुभारंभ कर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलेथा टिहरी गढ़वाल में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित 5 दिवसीय राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा निकाली गई मार्च पास्ट रैली को सलामी दी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मलेथा में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के स्मारक में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा निर्मित ऐतिहासिक गूल का अवलोकन कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मलेथा चौराहे का नाम वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के नाम पर किए जाने, वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी मेला स्थल का विस्तारीकरण किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिल्काखाल के भवन निर्माण, सूर्य देवी मन्दिर पलेठी बनगढ का सौन्दर्यकरण किए जाने, रैतासी सड़क का निर्माण तथा ललूडीखाल-फरस्वाणगांव मोटर मार्ग एवं भैंसकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह सामान्य मेला नहीं अपितु एक विशेष त्यौहार है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का काम कर रहा है तथा भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शौर्य शक्ति में नहीं अपितु सेवा ओर समर्पण में निहित होता है, जिसकी बानगी वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के कार्यों से मिलती है। उनके द्वारा क्षेत्र की खुशहाली के लिए कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों में जो सिंचाई गूल बनाई गई वह आज भी लोगों को लाभान्वित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, हर क्षेत्र में काम कर रही है। जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत 170 किमी. में क्रेश बैरियर निर्माण किया जा रहा है। मुयालगांव में आपदा में बहे पुल के स्थान पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाया गया। टिहरी झील रिंग रोड़ निर्माण किया जा रहा है। पलायन रोकने, पर्यटन, रोजगार और व्यापार बढ़ाने हेतु नौकरी सृजन के साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने हेतु किसानों को एक 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ ही अन्य को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं। हाउस ऑफ़ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया, जिससे प्रतिभावान नौजवानों का विश्वास बढ़ा है और वे अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पा रहे हैं। 19 हजार से अधिक नौकरी देने का काम राज्य सरकार ने किया है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून बनाने का काम किया जा रहा है। शीघ्र ही राज्य में सख्त भू कानून बनाने का काम भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपना उत्तराखंड बहुत जल्द अग्रणीय राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।

इस अवसर पर उद्यान, पशुपालन, राजस्व, बाल विकास, चिकित्सा, उद्योग, कृषि, समाज कल्याण, पर्यटन, ग्राम्य विकास, पंचायत राज आदि विभागों द्वारा विभागीय स्टालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार करने के साथ ही जन शिकायतों का निस्तारण किया गया। विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।

विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

इस अवसर पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक सोना साजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद देवप्रयाग ममता देवी, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एएसपी जे.आर. जोशी, डीजीएम आरवीएनएल राजेश अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

सीएम धामी ने टिहरी वॉटर स्पोर्ट्स कप के समापन पर पहुंच की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटी कॉलोनी, टिहरी गढ़वाल में 35वीं सीनियर राष्ट्रीय कैनो-स्प्रिंट चौंपियनशिप के तहत टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप 2024 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज नई टिहरी की सड़कों का हॉट मिक्सिंग का काम करने, नई टिहरी में मल्टी पार्किंग निर्माण कार्य करने, जिला मुख्यालय में खेल मैदान का निर्माण करने एवं टिहरी-चंबा क्षेत्र हेतु 50 साल के दृष्टिकोण से जायका से पेयजल पंपिंग योजना का निर्माण कार्य करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने केनोइंग प्रतियोगिता के ओवर ऑल चौंपियनशिप में प्रथम तथा पुरुष व महिला वर्ग में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को ट्रॉफी एवं मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि टिहरी बांध जलाशय में तीसरे टिहरी वॉटर स्पोर्ट्स कप का सफल आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा टिहरी झील ऊर्जा उत्पादन, जल प्रबंधन के साथ पर्यटन एवं साहसिक खेलों की दृष्टि से भी हमारे प्रदेश की आर्थिकी एवं रोजगार को बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार का यह प्रयास है कि समय-समय पर यहां पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते रहे, ताकि साहसिक खेलों के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सके। इस तरह के आयोजनों से हमारी रोजगार और आर्थिकी को भी मजबूती मिलती है। आने वाले समय में 12 महीने इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित होने से टिहरी क्षेत्र विकास के क्षेत्र में नए कीर्तिमान हासिल करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, शारीरिक और मानसिक विकास के साथ खिलाड़ियों के अंदर अनुशासन की भावना का भी विकास करता है, खेल से संघर्ष शीलता जैसे गुण विकसित होते हैं। देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया, खेलो इंडिया जैसे अनेकों कार्यक्रम शुरू किए गए जिसके माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। एवं राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश के अंदर युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी भी दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास नीति, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल किट योजना आदि योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं। उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार एवं हिमालय खेल रत्न पुरस्कार के माध्यम से खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। राज्य में राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत का खेल कोटे को पुनः शुरू किया गया है, ताकि खिलाड़ियों के परिश्रम को उचित अवसर मिले और उनकी प्रतिभा के साथ न्याय हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है। इससे हमारे खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त हुआ है। जिसके लिए बुनियादी ढांचों का विकास किया जा रहा है। निश्चित ही देवभूमि अब खेल भूमि के रूप में भी जानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा 38वें राष्ट्रीय खेल ग्रीन गेम्स थीम पर आधारित होंगे। राज्य में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल ऐतिहासिक होने के साथ विश्व स्तर पर राज्य को नई पहचान भी दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में जी-20 की तीन बैठके सफलतापूर्वक संपन्न हुई है, जिसमें से दो बैठके टिहरी में संपन्न हुई है।

इस अवसर पर विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, जिला अध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, सीएमडी टीएचडीसी आर.के. विश्नोई, अध्यक्ष ओबीसी आयोग संजय नेगी, जिला पंचायत प्रशासक सोना सजवाण, सचिव ओलम्पिक एसोसिएसन ऑफ उत्तराखण्ड डी.के.सिंह, आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, निदेशक तकनीकी टीएचडीसी भूपेन्द्र गुप्ता, अधिशासी निदेशक टीएचडीसी एल.पी. जोशी, डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के प्रति भी तेजी से बढ़ रही लोगों की रुचि

सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया है कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की गाइडलाइन में संशोधन के बाद इस योजना के प्रति लोगों की तेजी से रूचि बढ़ी। अभी इस योजना के तहत 174 मेगावाट की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान हैं। इस योजना के तहत टिहरी, उत्तरकाशी और चम्पावत जिला में काफी अच्छा कार्य हो रहा है। मोरी तहसील के कुकरेड़ा गांव में सोलर के साथ अदरक की खेती का कार्य भी हो रहा है। एक ही भूमि का दो तरीके से सदुपयोग किया जा रहा है।

सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य में आवेदनों के डिस्पोजल रेट के हिसाब से उत्तराखण्ड देश में पहले नम्बर पर है। इस योजना में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा भी इस योजना के तहत सब्सिडी दी जा रही है। आगामी दो-तीन साल में राज्य के सभी शासकीय भवनों में सोलर रूफ टॉप लगाये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में स्मॉल हाइड्रो पावर पॉलिसी भी संशोधित की गई है, इसके तहत छह प्रोजेक्ट में निविदा की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त कुल 19 प्रोजेक्ट और पाइपलाइन में हैं। उन्होंने बताया कि इन्वेस्टर समिट के दौरान भी स्मॉल हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर कंपनियों ने रुचि दिखाई गई है।

राज्य में पंप्ड स्टोरेज प्लांट पॉलिसी भी बनाई गई है। इसमें इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत दिल्ली में हुए रोड शो में जेएसडब्लू ग्रुप ने अपनी रूचि दिखाई थी। कंपनी ने उस समय 15 हजार करोड़ का एमओयू हस्ताक्षरित किया था जिसमें से 8 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोजल की फ़ाइल स्वीकृति हो चुकी है और बहुत ही जल्द उसके अलॉटमेंट आर्डर एक समारोह में प्रदान किए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट अल्मोड़ा में प्रस्तावित है। इसके अलावा अन्य कंपनियों ने भी पंपड स्टोरेज प्लांट में अपनी रुचि दर्शायी है।
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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, राज्य में ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि युवाओं और ग्रामीणों को अपने गांवों में रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने टिहरी में आपदा राहत शिविर में प्रभावितों से बातचीत कर जाना उनका हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी के अस्थाई राहत शिविर राजकीय इण्टर कॉलेज विनक खाल में प्रभावितों हेतु की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांगों के लिए भी उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा राहत शिविर में आपदा प्रभावितों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना तथा उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा आपदा के दिन से ही लगातार स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आपदा में हुई जनहानि पर गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा पीड़ित परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्राकृतिक आपदाएं हमेशा चुनौतियां बनकर आती हैं। इससे पूर्व तैयारी के साथ-साथ आपदा के समय सजगता और सतर्कता से कम से कम समय में आपदा पर काबू पाना जरूरी होता है, जिसका परिचय जिला प्रशासन ने दिखाया है। उन्होंने पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के जिला प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में भारत सरकार, राज्य सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। तिनगढ़ गांव के विस्थापन की कार्रवाई शुरू हो गई है। अन्य गांव का सर्वे कर योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सुरक्षा दीवार, स्कूल, पुल, तटबंध आदि कार्यों को शीघ्रता से किया जाएगा। आपदा सुरक्षा कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने आपदा के इस कठिन समय में धैर्य से एक दूसरे का सहयोग करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खतरे की जद में आने वाले मकानों को लेकर सजग रहने के निर्देश दिए। आपदा की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों को भी हर संभव मदद करने को कहा। आपदा प्रभावितों को कोई दिक्कत न हो तथा उनके जन जीवन को पूर्व की भांति पटरी पर लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि तिनगढ़ गांव के पुनर्वास/विस्थापन के लिए भूगर्भीय सर्वे कर लिया गया है, तथा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिल चुकी है। भूमि चिन्हीकरण की कार्यवाही की जा रही है। जमीन उपलब्धता के आधार पर धीरे धीरे लोगों का पुनर्वास किया जायेगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम कोट के 28 परिवारों के विस्थापन की कार्यवाही गतिमान है। तिनगढ़ के लगभग 100 पशुओं हेतु एक अस्थाई गौशाला का चिन्हीकरण कर लिया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहेला, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख भिलंगना वासुमति घणाता, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, एडीएम के.के. मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण मौजूद रहे।

टिहरी आपदा को लेकर मुख्यमंत्री ने दिये आपदा पीड़ितों को हर समय सहायता के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने सोमवार को आपदाग्रस्त तिनगढ गॉव एवं बूढाकेदार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होने अस्थाई राहत शिविर राजकीय इण्टर कॉलेज विनक खाल में आपदा प्रभावितों और अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीणों की समस्यायें सुनी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा पीडितों के प्रति संवेदनशील है तथा निरन्तर राहत कार्यों की जानकारी ले रहे है। आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद के निर्देश मुख्यमंत्री जी ने दिए है आपदा पीडितों की मदद में पैसों की कमी आड़े न आने दी जाए इसके भी सख्त निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये है।

आयुक्त गढवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बूढ़ाकेदार में बालगंगा एवं धर्म गंगा के किनारे क्षतिग्रस्त हुई सड़क सुरक्षा के प्रारम्भिक कार्यों के लिए 08 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। अधीक्षण अभियंता सिंचाई को कल तक इस्टीमेट जिलाधिकारी टिहरी को उपलब्ध कराने तथा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी उन्होने दिए।

आयुक्त गढवाल ने अस्थाई राहत शिविर में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए शिविर में पॉवर बैकअप की व्यवस्था करने, टीवी की व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई, आजीविका आदि को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कहा कि आपदा प्रभावितों को कोई दिक्कत न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को आपदा पीडित के आवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने, 5 स्थानों पर जगह चिन्हित कर पशुओं हेतु शेल्टर बनाने, क्षमतानुसार पशुओं को शिफ्ट करने तथा पशुओं हेतु चारा पानी की उचित व्यवस्था करने तथा तिनगढ़ गांव को प्राथमिकता पर पुनर्वास/विस्थापन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि तिनगढ़ गांव के पुनर्वास/विस्थापन के लिए भूगर्भीय सर्वे कर लिया गया है तथा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने जिलाधिकारी को तिनगढ़ गांव पुनर्वास के लिए ग्रामीणों और अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर भूमि चिन्हीकरण हेतु निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए। जमीन उपलब्धता के अनुसार लोगों का पुनर्वास करने को कहा। तोली गांव के पुनर्वास के लिये सर्वे रिपोर्ट के आधार पर द्वितीय चरण में कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में आपदा से हुई क्षति एवं राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम कोट के 28 परिवारों के विस्थापन की कार्यवाही गतिमान है तथा उन्हे आज प्रथम किश्त जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्र के समस्त गांवों का जूलॉजिकल सर्वे कर कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, ब्लॉक प्रमुख भिलंगना वासुमति घणाता, एडीएम के.के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई आर.के. गुप्ता, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बालगंगा और बूढ़ाकेदार में भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर सीएम ने ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भिलंगना विकासखंड के बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार क्षेत्र में हुई भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तिनगढ़ गांव के अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के अन्य संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ स्थानीय निवासियों के मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करने तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बालगंगा क्षेत्र तोली गांव में 02 जनहानि हुई, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक कल ही तत्काल उपलब्ध कराए गए। 2 पशु हानि होने पर संबंधित पशुपालकों को 57 हजार 500 रुपए की मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तिनगढ गांव को कल ही खाली कराकर प्रभावित परिवारों को अस्थाई राहत शिविर रा.ई.का. बिनकखाल में शिफ्ट किया गया। शिविर में प्रभावितों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

आपदाग्रस्त ग्राम तोली, जखाणा, कोट, विशन, थाती बूढाकेदार, पिंसवाड़ उरणी, अगुण्डा, कोटी आदि ग्रामों में सार्वजनिक रास्ते, कृषि भूमि, सड़क, पेयजल लाईन, विद्युत आदि परिसम्पत्तियों के क्षति आंकलन/सर्वे कार्य हेतु कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, उद्यान, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 27 जुलाई को अतिवृष्टि/बादल फटने से पिन्सवाड़ में तोली, कोटी, जखाणा, पिन्सवाड़, अगुण्डा में ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

घनसाली के अंतर्गत ग्राम थाती बुढाकेदार, झाला पेयजल योजना, कोट विशन पेयजल योजना, विशन विद्यालय पेयजल, सेन्दुल सिन्सरगाड पेयजल योजना, चमियाला पदोका पेयजल योजना, पिन्सवाड पेयजल योजना, कोट बुढाकेदार पेयजल योजना, अगुण्डा पेयजल, खवाड़ा पेयजल, डालगांव पेयजल, कुण्डयाली पेयजल, कुण्डयाली-सौला पेयजल, गेवाली पेयजल, तोली पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त होने से बाधित है. जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम तोली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की 01 पेयजल योजना तथा ग्राम जखाणा की 01 पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है।

विकासखण्ड भिलंगना में स्योरा तोक तोली, चौरी तोक, सेरा से खंजर, दुगई तोक, घटतोक विशन, फकोरा, केमरियासौड, कोठियाडा, कोठियाडा कीडर, चमियाला, अन्द्रिया मण्टगांव, सिरस, जखाली पिलखी, बौर, सिलासेरा में नहर क्षतिग्रस्त हुई है।

दैवीय आपदा से न्याय पंचायत थाती बुढाकेदार के ग्राम भिगुन में लगभग 0.15 है। तिनगढ़ लगभग 0.20 है. तथा तोली लगभग 0.25 है. कृषि क्षति हुई है।

सीएम ने दिए टिहरी में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकासखंड के बाल गंगा एवं बूढ़ा केदार में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से हुई क्षति पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने घटना के प्रति दुख व्यक्त करते हुए टिहरी के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को घटना स्थल पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने टिहरी जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि स्थानीय निवासियों के साथ ही मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राहत कैंप में बिजली, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ितों को अनुमन्य राहत राशि भी तुरंत प्रदान की जाए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकास खण्ड के बालगंगा क्षेत्र में रात को भारी बारिश और भूस्खलन से तोली गांव में एक मकान में मलवे से दो महिलाएं दबने की सूचना प्राप्त हुई थी। एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुई तथा खोज एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मकान के उपर सीसी मार्ग का मलवा आने से क्षतिग्रस्त हुआ। एक अति संवेदनशील श्रीमती पूर्णिमा देवी के घर के समान को शिफ्ट किया गया है।

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम ने मलवे से सरिता देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह तथा अंकिता पुत्री वीरेंद्र सिंह के शवों को निकाला गया है जबकि एक घायल वीरेंद्र सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद पीएचसी बेलेश्वर में भर्ती किया गया है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक दिये गये है तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक तत्काल उपलब्ध कराया गया। इसके साथ 2 पशु हानि की जांचोपरांत मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इसके अतारिक्त थाती बुढ़ाकेदार नाथ में पूल के पास एक घर बहा है । धाम के गेट के नीचे बाजार में नदी के जलस्तर से खोखली हो रही सड़क के पास स्थित घर और दुकानों को खाली कराया जा चुका है।

टिहरी डीएम ने ली पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति की बैठक


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में ‘‘जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति‘‘ की बैठक आहूत की गई, जिसमें प्रशासन एवं प्रेस के संबंधों को अधिक सशक्त बनाने, शासन-प्रशासन की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित-प्रसारित करने एवं पत्रकार उत्पीड़न/समस्याओं के निराकरण पर चर्चा की गई।

जिला कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में आयोजित बैठक में समिति के सदस्यों ने बताया कि जनपद में पत्रकार उत्पीड़न का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। सदस्यों ने जनहित एवं पत्रकारों से संबंधित मुद्दों को उठाते हुए उत्तराखण्ड संकटाग्रस्त वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन योजना में शिथिलीकरण करने, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की तर्ज पर टीजीएमओ की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा मुहैया कराने, पर्वतीय जनपदों से प्रकाशित समाचार पत्रों को सजावटी विज्ञापन का अतिरिक्ति रूप से लाभ दिये जाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को सदस्यों द्वारा उठाये गये मुद्दों पर आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु उच्च स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिये।

इस मौके पर समिति के सदस्यों द्वारा नशामुक्त ग्रामीण बाजार बनाये जाने तथा जामणीखाल बाजार में संबंधित विभाग के माध्यम से सड़क पर नाली निर्माण करवाये जाने का अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने नशामुक्त ग्रामीण बाजार को लेकर एएसपी को जामणीखाल में रेण्डमली चेंकिंग कर चालान की कार्यवाही करने को कहा गया। सभी कार्य व्यवस्थित रूप से हो सके और मीडिया की स्वतंत्रता भी बरकरार रहे तथा समाज को सही दिशा मिल सके, इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रेस प्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा की गई।

बैठक मंे समिति के सदस्य एएसपी जे.आर. जोशी, दया शंकर पाण्डेय (संपादक साप्ताहिक तरूण हिन्द), सूर्य चन्द्र सिंह चौहान, (संपादक साप्ताहिक अन्तरिक्ष टाइम्स), शीशपाल सिंह रावत (संपादक साप्ताहिक नदी, घाटी एवं पहाड़), अरविन्द नौटियाल, संवाददाता सहारा समय टी.वी., सदस्य सचिव/प्रभारी डीआईओ भजनी भण्डारी, कनिष्ठ सहायक सूचना कार्यालय धीरेश सकलानी उपस्थित रहे।

सीएम ने निवेश के तहत टिहरी में हुए 3900 करोड़ के एमओयू में से 2400 करोड़ की ग्राउंडिंग का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई टिहरी स्थित प्रताप इंटर कॉलेज बौराड़ी में आयोजित “बेटी-ब्वारयूं कु कौथिग“ में बतौर मुख्यअतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 415 करोड़ की 160 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिनमें 201 करोड़ की 44 योजनाओं का लोकार्पण तथा 214 करोड़ की 116 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों हस्तशिल्प और हस्तकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं जॉन्दरा चलाकर महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान टिहरी में हुए 3900 करोड़ के एमओयू में से 2400 करोड़ की ग्राउंडिंग का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित कर स्कूली छात्र-छात्राओं को 2025 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि बनाने की भी शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने बेटी ब्वारयूँ कु कौथिग की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृशक्ति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं है, उत्तराखंड राज्य निर्माण में मातृशक्ति का योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के कार्य उत्तराखंड में विकास के रूप में स्पष्ट नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का विकास करना है उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की महिला उद्यमियों ने पारंपरिक उत्पादों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी तथा स्टॉल लगाकर ये बता दिया है कि प्रदेश के विकास में महिलाओं का योगदान किसी से भी कम नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश महिला विकास से आगे बढ़कर महिला नेतृत्व की बात कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो काम देशभर में हो रहे हैं वे नए भारत की शानदार तस्वीर को प्रस्तुत करते हैं। आज गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री नें कहा कि आज देश में लगभग 70 लाख स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे लगभग 8 करोड़ बहनें जुड़ी है। उत्तराखंड में भी महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है, जिसका जीता जागता उदाहरण आज के कार्यक्रम में उनके द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की प्रदर्शनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृशक्ति के सम्मान में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रभारी मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कई विकास योजनाएं चल रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने हेतु 5 लाख तक ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। देवभूमि को वैडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी को “बेटी-ब्वारयूं कु कौथिग“ की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

इस मौके पर विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, धनोल्टी प्रीतम सिंह, घनसाली शक्तिलाल शाह, देवप्रयाग विनोद कण्डारी, ज़िला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान, उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति ज्योति प्रसाद गैरोला, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ मनीष कुमार सहित जनप्रतिनिधि विनोद सुयाल, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनता मौजूद रही।