केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

*तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय*
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

*नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता*
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

*केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया*
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

*उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी*
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गीता भवन में कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का किया विमोचन

ऋषिकेश, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दो दिनी उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे हुए हैं। उन्होंने आज स्वर्गाश्रम के गीताभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन भी किया।

गीताभवन में गीताप्रेस गोरखपुर की प्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव में पहुंचे। हेलीपैड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद शाह गीताभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन किया। अब तक कल्याण पत्रिका की 17 करोड़ पचास लाख प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोग्य अंक का भी विमोचन किया गया। आरोग्य अंक की दो लाख 22 हजार प्रतियां छप चुकी हो चुकी हैं। गीता भवन में करीब दो घंटे रहने के बाद गृह मंत्री हरिद्वार में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए थे। गृह मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। रूट भी डायवर्ट किया गया है।

गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भाग लिया। सीएम धामी ने कहा कि गीता प्रेस पिछले सौ वर्षों से हमारी सनातन संस्कृति, धर्मग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में अतुलनीय योगदान देती आ रही है। कहा कि प्राचीन भारत में जब विदेशी शक्तियां वैचारिक भ्रम उत्पन्न कर रही थी, समाज को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही थी, तब गीता प्रेस परिवार ने श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीरामचरितमानस, उपनिषदों, पुराणों आदि का हमारे महान सनातनी ग्रंथों का जो सूक्ष्म मूल्य में शुद्ध और प्रमाणिक प्रकाशन कर भारतीय जनमानस को जागृत करने का ऐतिहासिक काम है।

गृह मंत्रालय ने बढ़ाई एसडीआरएफ की रिकवरी व पुनर्निर्माण की दरें

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की निर्धारित दरों को संशोधित कर बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी से आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे ज्यादा लाभ होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से पैरवी की जा रही थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस संबंध में लगातार पत्र लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर रिकवरी और पुनर्निर्माण की इन दरों को बढ़ाने का अनुरोध किया था।
बता दें कि इससे पूर्व एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी और पुनर्निर्माण के मानक तय नहीं थे। साथ ही दरें भी काफी कम थी। इस प्रकार धनराशि कम होने से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से कई बार गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एसडीआरएफ के मानक की धनराशि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए इस मामले में विचार करने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त को एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरों के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे अधिक लाभ होगा। आपदा में क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में सुविधा होगी और जनसामान्य को होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सकेगा।

’धामी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का जताया आभार’
उत्तराखंड कैबिनेट ने एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरें बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के लिए उनका भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कहा गया कि मानकों में संशोधन का सबसे ज्यादा लाभ उत्तराखंड को मिलेगा।

’पहाड़ में घर की पूर्ण क्षति पर मिलेंगे ₹2 लाख’
पूर्व में मैदानी इलाकों में पक्के घरों के लिए निर्धारित मानक ₹01.20 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹90 हजार प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹1.80 लाख कर दिया गया है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्व में निर्धारित मानक ₹01.30 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹01 लाख प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹02 लाख प्रति घर कर दिया गया है।

’प्राइमरी स्कूल भवन के लिए मिलेंगे ₹15 लाख’
प्राथमिक स्कूलों के लिए पूर्व में निर्धारित मानक प्रति विद्यालय ₹02 लाख की सीमा के अध्यधीन रहते हुए वास्तविक व्यय के अनुसार परिवर्तित करते हुए अब प्राथमिक स्कूलों के लिए 30 से 70 फीसदी की क्षति होने पर ₹07.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹15 लाख अनुमन्य किया गया है।
माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के नाम से पूर्व में मानक निर्धारित नहीं थे, किन्तु अब माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 30 से 70 प्रतिशत क्षतिग्रस्त होने की दशा में ₹12.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹25 लाख अनुमन्य किया गया है।

’सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी धनराशि बढ़ी’
प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये पूर्व में ₹02.50 लाख प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अध्यधीन वास्तविक व्यय के अनुसार अनुमन्य था, जिसको अब बढ़ाकर उपकेन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 30 से 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹ 09.20 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹18.40 लाख अनुमन्य किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह राशि कमशः ₹07.91 लाख तथा ₹15.81 लाख अनुमन्य किया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹20.99 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹41.97 लाख अनुमन्य है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹24. 72 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक ₹49.45 लाख अनुमन्य है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹79.06 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹158.12 लाख। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹92.86 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 185.72 लाख।

’पुल की क्षति पर मिलेंगे 35 करोड़’
पुल प्रति संख्या में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹1750 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹3500 लाख अनुमन्य किया गया है।

’अन्य क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के लिए निर्धारित दरें एक नजर में’
-तटबन्ध प्रति किमी- 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹50.00 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹ 01 करोड़ प्रति किमी।
-प्रमुख सड़कों के लिए मैदानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹32 लाख प्रति किमी और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹64 लाख प्रति किमी। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹93.75 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹187.75 लाख प्रति किमी।
-अन्य जिला सड़कों के लिए भी मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹26.75 लाख प्रति किमी तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹54.50 लाख। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹80 लाख तथा 70 फीसदी से अधिक होने पर ₹159.88 लाख।

अमित शाह ने सीएम धामी को दिए 100/100 मार्क्स

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी सरकार की जमकर तारीफ की है। वह उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि देहरादून पहुंचे थे। शाह ने कहा कि सिलक्यारा मिशन की सफलता के श्रेय भले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केन्द्र सरकार को दे रहे हों लेकिन धामी के कुशल नेतृत्व के कारण की यह बचाव अभियान सफल हो पाया। धामी ने रेस्क्यू के दौरान सभी का मनोबल बढ़ाया और धैर्य व शांति के साथ इस मुश्किल मिशन को अंजाम तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने अब तक अपनी सबसे अधिक प्रगति की है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब सिलक्यारा टनल में 41 श्रमिकों के फंसे हाने की सूचना मिली तो पूरा देश चिंतत हो उठा। सभी की नजर बचाव अभियान पर लगी हुई थी। अभियान के दौरान कई उतार चढ़ाव देखने को मिले। रास्ते नहीं मिल रहे थे। जैसे ही लगता कि अब श्रमिकों को बाहर निकाल लिया जाएगा फिर कोई न कोई बाधा सामने आ जाती। मुख्यमंत्री धामी ने इन परिस्थितियों में धैर्य से काम लिया। चेहरे पर शांति और मन में आत्म विश्वास के साथ वह खुद अभियान में जुटे रहे। यही एक अच्छे राजनेता की विशेषता होती है। शाह ने कहा कि धामी टनल में फंसे मजदूरों के साथ ही उनके परिजनों के सम्पर्क में रहे। उन्होंने ‘मॉरल बूस्टिंग’ का काम शानदार तरीके से किया और केन्द्र सरकार के साथ बेहतरीन समन्वय भी बनाए रखा। इसके लिए मैं राज्य सरकार खासतौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देता हूं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड निरन्तर प्रगति कर रहा है। धामी सरकार ने पिछले छह माह में 30 से ज्यादा पॉलिसी में परिवर्तन कर उन्हें सुधार और शिथिलता के साथ लागू किया है। उत्तराखण्ड ‘पॉलिसी ड्रिवन स्टेट’ बनने के साथ ही अब ‘पॉलिसी मेकिंग स्टेट’ के रूप में भी अहम भूमिका निभाने वाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने राज्य को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया है। निवेश के लिए यही उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत है। धामी सरकार ने कई नए इनिशिएटिव लिये, सीमांत गांवों के लिए काम किया, शानदार चारधाम यात्रा मैनेजमेंट किया और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाया। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान कई बार मुख्यमंत्री धामी का नाम लिया और परफार्मेंस के आधार पर उन्हें 100 में से 100 मार्क्स दिए। समिट के उद्घाटन मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री धामी की जमकर तारीफ की थी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न विभागों की की थी समीक्षा बैठक, अब सीएम धामी ने जताया आभार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अपने उत्तराखंड दौरे के व्यस्ततम कार्यक्रम में जिस तरह से राज्य के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की और राज्य हित में इस दौरान जो निर्णय लिए उसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से इन बैठकों में जो भी सुझाव दिए हैं राज्य सरकार उनको तेजी से अमल में लाने के लिए जुट गई है।
विदित हो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बीते शनिवार को टिहरी के नरेन्द्रनगर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक एवं 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस में प्रतिभाग करने का कार्यक्रम तय था। केंद्रीय गृह मंत्री ने इतना व्यस्त कार्यक्रम होने के बावजूद इस दिन शाम को सहकारिता विभाग के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग, गृह विभाग, वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा बैठक की और इस दौरान न केवल कई महत्वपूर्ण निर्णय राज्य हित में लिए गए अपितु कई अहम सुझाव भी शाह के द्वारा राज्य सरकार को प्रदान किये गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद विभागों की समीक्षा बैठक के लिए अतिरिक्त समय निकालने पर केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिये गए महत्वपूर्ण सुझावों पर तेजी से क्रियान्वयन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री का समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार को मार्गदर्शन मिलता रहता है, जिसके लिए हम केंद्रीय गृह मंत्री के आभारी हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री हरिद्वार से करेंगे 670 एमपैक्सों के कम्प्युटरीकरण का शुभारम्भ

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 31 मार्च को उत्तराखंड में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं का शुभारम्भ करेंगे। इसके लिये राज्य का सहकारिता विभाग सभी कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। केन्द्रीय मंत्री के उत्तराखंड दौरे को देखते हुये कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यक्रम एवं विभिन्न योजनाओं के शुभारम्भ से संबंधी तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि आगामी 31 मार्च को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। इस दौरान वह ऋषिकुल मैदान हरिद्वार से सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं का शुभारम्भ करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर की 670 न्यायपंचायतों में बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। जिनका शुभारम्भ केन्द्रीय सहाकरिता मंत्री ऑनलाइन करेंगे। इस योजना के शुरू होने से प्रदेशभर के किसानों को समितियों के माध्यम से एक ही छत के नीचे विभिन्न सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के 95 एमपैक्सों में जन सुविधा केन्द्र एवं जन औषधी केन्द्रों की स्थापना का शुभारम्भ भी मुख्य अतिथि के कर कमलों से सम्पन्न होगा। कार्यक्रम में कृषि और औद्यानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के साथ ही दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के अंतर्गत शून्य ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को चौक वितरण भी किया जायेगा।
मंत्री ने बताया कि मुख्य अतिथि द्वारा सभी 95 विकासखंडों में राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत संयुक्त सहकारी खेती के संचालन का भी शुभारम्भ किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरन सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतिकरण भी केन्द्रीय गृह मंत्री के समक्ष दिया जायेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक व अन्य कैबिनेट मंत्री एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

केन्द्रीय गृहमंत्री ने राज्य सरकार के द्वारा किये जा रहे राहत कार्यो को सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी दी तथा आपदा राहत हेतु केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, श्री बद्रीनाथ का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ पुराने भू-स्खलन के मोटी परत के मलबे के ऊपर बसा है। यद्यपि भू-स्खलन, भवनों में दरारों का इतिहास पुराना है परन्तु 02.01.2023 की रात से भवनों में मोटी दरारें दृष्टिगोचर हुई तथा जे0पी0 प्लान्ट के नीचे 500 एल0पी0एम0 की नई धारा फूटने की शिकायत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है जिसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 25000 है, पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 है, उस में से 849 भवनों में चौड़ी दरारें परिलक्षित हो चुकी है, अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं, सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरन्तर बढ़ रहे हैं। जबकि पुनर्वास हेतु पांच स्थल चिन्हित किये गये है, जिनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल 09 वार्ड में से 04 वार्ड पूर्णरूपेण प्रभावित हैं जबकि 08 केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि 16 से 22 अगस्त 2022 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) ने क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण किया था एवं भू-धंसाव के कारण एवं उपाय इंगित किये गये थे साथ ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा 05 से 07 जनवरी 2023 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण किया था एवं कतिपय Concrete recommendation किये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जनवरी 2023 पी0एम0ओ0, भारत सरकार के द्वारा कैबिनेट सचिव, NDMA तथा USDMA के अन्य केन्द्रीय विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक आहूत की गई। तथा 09 जनवरी 2023 को MHA, GOI की High Powered Team एवं NDMA के समस्त सदस्यों द्वारा देहरादून में वस्तुस्थिति की समीक्षा एवं जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी तथा गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जोशीमठ क्षेत्र में कैम्प किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न केंद्रीय तकनीकी संस्थानों से विचार विमर्शोंपरान्त प्रारंभिक रूप से अवगत कराया गया है कि क्षेत्र में वृहद् पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी जिसका FINAL ESTIMATION तकनीकी परीक्षण समाप्त होने के उपरान्त प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के लिये तात्कालिक राहत शिविरों की व्यवस्था, Prefabricated Transit Shelter, स्थायी पुनर्वास, नवीन स्थल विकास, आवास निर्माण, मूलभूत सुविधायें यथाः स्कूल, कालेज, drainage, sewerage आदि, जोशीमठ का पुर्ननिर्माण, विस्तृत तकनीकी जांच, भू-स्खलन की रोकथाम, सम्पूर्ण जल निकासी व्यवस्था, शहर में सीवर लाईन की व्यवस्था, समस्त घरों का सीवर लाईन से जुड़ाव आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से केंद्रीय सहायता के लिये अनुरोध किया।
केंद्रीय गृहमंत्री ने जोशीमठ के भू-धंसाव क्षेत्र के प्रभावितों की आवश्यक मदद का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बेहतर ढंग से चलाया-अमित शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उनके साथ राज्यपाल उत्तराखण्ड ले.ज. (से.नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी थे।
इसके बाद राज्य अतिथि गृह, जौलीग्रांट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और संचालित राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देवभूमि की हर सम्भव सहायता करेगी। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, राज्य सरकार इस संबंध में अपने सुझाव भेजे। आपदाग्रस्त व जलभराव वाले क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजी जाएं ताकि किसी तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। क्षतिग्रस्त बिजली लाईनों को पूरी तरह जल्द से जल्द ठीक की जाए। केंद्रीय व राज्य की एजेंसियों में बेहतर समन्वय देखने को मिला, इसे इसी प्रकार बनाए रखा जाए। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया गया कि भारी बारिश का अलर्ट मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा की गई। तुरंत इन्सीडेंस रेस्पोंस सिस्टम को राज्य व जिला स्तर पर सक्रिय कर दिया गया। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। विभिन्न माध्यमों से यात्रियों और जनसाधारण को भी अलर्ट किया गया। ट्रैकर्स को भी अलर्ट किया गया। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाए गए। आईएमडी के अनुसार सामान्य रूप से 1.1 मिमि बारिश होती है जबकि अभी 122.4 मिमि बारिश हुई। इन दो दिनों में सभी जगह रिकार्ड बारिश हुई। परंतु सही समय पर अलर्ट और तदनुसार एहतियात कदम उठाने से हानि को कम किया जा सका। प्रदेश में इस समय एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ के साथ मिलकर राज्य सरकार आपदा की तीव्रता को कम कर सकी। लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चारों धाम की यात्रा शुरू की जा चुकी है।
बैठक में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस ए मुरूगेशन, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस संकट की स्थिति में भारत सरकार हर तरीके से देवभूमि के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छे से काम किया है। इस कारण से कम नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार का समन्वय रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि दो घंटे के हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक में स्थिति का जायजा लिया। यह बात स्पष्ट है कि भारत सरकार द्वारा सही समय पर अलर्ट करने से नुकसान को कम किया जा सका। 24 घंटे पहले चेतावनी मिलने से मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को एक्टिवेट किया। लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया। चारधाम यात्रियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। इसी का परिणाम है कि अभी तक चारधाम यात्रियों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रा अब शुरू भी कर दी गई है। सभी एजेंसियां समय पर सक्रिय हो गई थी। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री से बात कर समय पर राज्य को हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए। भारत सरकार से हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। सेंटर वाटर कमीशन और सिंचाई विभाग में अच्छा समन्वय रहा। अभी तक 64 दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई हैं। कुछ लोग लापता हैं। ज्यादातर सड़कें खुल गई हैं। पेयजल, बिजली, टेलीफोन नेटवर्क की आपूर्ति भी काफी बहाल कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बहुत अच्छे से चलाया। इससे बहुत सी जानों को बचाया जा सका। 3500 लोगो को रेस्क्यू किया गया जबकि 16 हजार लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एनडीआरएफ की 17 टीमें, एसडीआरएफ की 60 टीमें, पीएसी की 15 कम्पनियां और पुलिस के 5 हजार जवान आज भी बचाव व राहत में लगे हैं। जल्द ही सामान्य स्थिति हो जाएगी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। वास्तविक नुकसान का आंकलन पूरे सर्वे के बाद हो पाएगा। वैसे डिजास्टर फंड में उत्तराखण्ड को पहले से ही 250 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इससे काम किया जा रहा है।

पंजाब की सियासत का देश के कई राज्यो में पड़ने वाला है असर

आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब राजघराने के कैप्टन अमरिन्दर सिंह को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय दिया गया हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आज रात या कल प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात हो सकती है। ऐसे में उनके केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।
इस मुलाकात से पहले पंजाब के कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बात हुई। बताया जा रहा है कि शाह ने उनसे बातचीत के बाद प्रधानमंत्री से बात की है, जिसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकात का समय निकाला गया है। आपको बता दें कि कैप्टन दो दिवसीय दौरे पर कल दिल्ली पहुंचे है। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

अपमान का बदला लेने के मूड में में कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अपमान की बात कहकर सीएम पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि भविष्य के लिए उनके पास सभी विकल्प खुले हैं। हालांकि उन्होंने अपने सहयोगियों से चर्चा करने के बाद फैसला लेने की बात कही थी। पंजाब से लेकर दिल्ली के सियासी गलियारों में कैप्टन के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जब अपने पद से इस्तीफा दिया था तो उन्होंने अपमान करने का आरोप लगाया था। अब कैप्टन बदला लेने के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने आज यानी बुधवार को सबसे पहले दिल्ली में गृह मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेताओं के साथ मुलाकात की। इसके बाद अब खबर आ रही है कि वह जी-23 के नेताओं से मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि ये शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे नेताओं का ग्रुप है।
गौरतलब है कि कैप्टन अमिरेंदर सिंह ने यूं तो दिल्ली पहुंचने पर मंगलवार को कहा था कि वह यहां किसी भी राजनीतिक लोगों से मुलाकात नहीं करेंगे, लेकिन अमित शाह के घर पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस को चौंका दिया। आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मंगलवार को पंजाब कांग्रेस कमेटी से भी इस्तीफा दे दिया। कहा जा रहा है कि वह सीएम नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे थे।

टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन की धामी ने मांगी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय के स्तर से संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना किये जाने और सामरिक महत्ता को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन के लिये उनके स्तर से रेल मंत्रालय को संस्तुति करने का भी आग्रह किया।

कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश होने के पश्चात भी राज्य के पर्वतीय दूरदराज कुमाऊं मंडल के इलाके, भौगोलिक दूरी होने के कारण सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। राज्य के कुमाऊ मंडल में एम्स की स्थापना करने से कुमाऊं के नागरिकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती जनपदों के लोगों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। एम्स के लिए भूमि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व में भी एक राज्य में दो एम्स जैसे विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित किए गए हैं।

देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार से भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति का अनुरोध किया गया है। इसके लिये जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते भी उपस्थित थे।