नीति आयोग ने जारी की निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 की रिपोर्ट, उत्तराखण्ड को मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड ने निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नीति आयोग द्वारा जारी निवेश अनुकूलता सूचकांक-2026 में पर्वतीय एवं पूर्वाेत्तर राज्यों की श्रेणी में समग्र रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, देश के सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में 47.5 अंकों के साथ 11वां स्थान प्राप्त कर उत्तराखण्ड ने ‘‘फ्रंट रनर’’ श्रेणी में अपना स्थान बनाया है।

इस सूचकांक में राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन व्यावसायिक वातावरण, आधारभूत संरचना, संसाधनों की उपलब्धता तथा वित्तीय स्वास्थ्य जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया है। इसमें पर्वतीय एवं पूर्वाेत्तर राज्यों में उत्तराखण्ड द्वारा समग्र निवेश अनुकूलता सूचकांक में प्रथम, वित्तीय स्वास्थ्य में प्रथम, व्यावसायिक वातावरण में द्वितीय, संसाधन में द्वितीय तथा आधारभूत संरचना में तृतीय रैंकिंग प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य को नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों में प्राप्त रैंकिंग को बताया प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘नीति आयोग’ के निवेश अनुकूलता सूचकांक-2026 में उत्तराखण्ड का पर्वतीय एवं पूर्वाेत्तर राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की निवेशक हितैषी नीतियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और बेहतर औद्योगिक वातावरण का प्रतिफल है। राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने, आधारभूत संरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि उत्तराखण्ड में निवेश, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करने में मददगार रहेगी।

भगत दा को पद्म भूषण से सम्मानित करना उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के प्रति समर्पित योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सम्मान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी ने अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में सदैव जनसेवा, सादगी और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास और राष्ट्र निर्माण की विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री, सांसद, राज्यपाल और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में श्री कोश्यारी ने जो आदर्श स्थापित किए हैं, वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और विकास के विभिन्न आयामों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले, गंगा मैया के आशीर्वाद से धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में 2027 में तीसरी बार बनेगी सरकार

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दृष्टिगत उनका यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने प्रदेश कोर कमेटी, सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौरों, नगर पालिका अध्यक्षों, युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं एवं संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों के साथ व्यापक संवाद किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी ने विभिन्न बैठकों एवं संवाद कार्यक्रमों में संगठन को आगामी चुनावों के लिए अभी से पूरी मजबूती के साथ जुटने का संदेश दिया। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठनात्मक सक्रियता, जनसंपर्क और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने पर विशेष जोर दिया।

दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व एवं राज्य सरकार के कार्यों से काफी प्रभावित और संतुष्ट नजर आए। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण गोष्ठी में उन्होंने खुले मंच से धामी सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (न्ब्ब्) लागू करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के सम्मान, महिला अधिकारों और सामाजिक समानता की दिशा में उत्तराखंड ने पूरे देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने साहसिक नेतृत्व का परिचय देते हुए ऐसे निर्णय लिए हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए मॉडल साबित होंगे। उनके नेतृत्व में गंगा मैया के आशीर्वाद से 2027 में उत्तराखंड में तीसरी बार सरकार बनेगी।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन, आधारभूत संरचना विकास, पर्यटन विस्तार और जनहित से जुड़े कार्यों की भी सराहना की। साथ ही कहा कि उत्तराखंड में विकास और सुशासन का जो मॉडल तैयार हो रहा है, वह जनता के बीच भाजपा के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

राजनीतिक गलियारों में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी के इस दौरे को संगठन और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके वक्तव्यों से यह स्पष्ट संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व और कार्यशैली पर पूर्ण भरोसा है तथा आगामी चुनावों में संगठन सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगा।

दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। भाजपा संगठन अब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को और तेज करने की दिशा में सक्रिय होता दिखाई दे रहा है।

कैबिनेट फैसले: धामी की अध्यक्षता में हुआ निर्णय, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द प्रभावी ईवी पॉलिसी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

*वर्क फ्रॉम होम*
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

*नो व्हीकल डे*
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

*एक अधिकारी, एक वाहन*
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

*ईवी पॉलिसी*
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

*सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी*
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*”मेरा भारत, मेरा योगदान”*
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

*खाद्य तेल की खपत घटाना*
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा*
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

*स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा*
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से आवाहन, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम्रपाली विश्वविद्यालय परिसर से आयोजित श्रीअन्न आधारित “शेफ संवाद” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े युवा शेफ, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों, श्रीअन्न आधारित खानपान और इससे जुड़े रोजगार व पर्यटन अवसरों पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से युवा शेफों ने उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन के प्रचार–प्रसार, गुणवत्ता मानकों, सरकारी प्रयासों और इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर अनेक प्रश्न किए। शेफ शक्ति प्रसाद के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी होटलों के मेन्यू में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में मेहमानों को उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन प्राथमिकता से परोसा जाता है, जिससे स्थानीय व्यंजनों को सम्मान और पहचान मिल सके।

शेफ संजीव जुयाल द्वारा उत्तराखंड के सभी शेफों को एक साझा मंच पर लाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में पर्यटन विभाग को एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि राज्य के शेफ समुदाय को एक अंब्रेला प्लेटफॉर्म के तहत जोड़ा जा सके और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें।

वहीं, शेफ सुनील उपाध्याय द्वारा पारंपरिक उत्तराखंडी भोजन की शुद्धता, प्रमाणिकता और मानक तय करने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है। पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी पहचान संरक्षित करने और मानकीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उत्तराखंड के स्वाद की मौलिकता बनी रहे।

उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग और कौशल विकास विभाग मिलकर इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि युवा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर अग्रसर हों।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह संवाद केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी शेफ साथियों, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए आम्रपाली विश्वविद्यालय और उसकी पूरी टीम को इस विचारशील और सार्थक “शेफ संवाद” कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संस्कारों, संस्कृति और विविध व्यंजनों की भूमि है। यहां के व्यंजन पहाड़ों की जीवनशैली, परंपराओं और आत्मा की कहानी कहते हैं। आज का पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव भी करना चाहता है। ऐसे में शेफों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे स्थानीय स्वाद के माध्यम से राज्य की पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी कहा कि आज का शेफ केवल रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संस्कृति का संवाहक, पर्यटन का ब्रांड एम्बेसडर और रोजगार सृजन का माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में स्थानीय व्यंजनों, आतिथ्य परंपरा और शेफ समुदाय का योगदान अतुलनीय है।

श्रीअन्न पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल भोजन या फसल नहीं, बल्कि उत्तराखंड के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बन रहा है। श्रीअन्न के माध्यम से गांव, किसान और समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मंडुवा, झंगोरा, कोदा और रामदाना जैसी फसलें कम पानी में उगने वाली, पोषक तत्वों से भरपूर और किसानों की आय बढ़ाने वाली हैं, जो उत्तराखंड की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज श्रीअन्न के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर मोटे अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक है और कुल वैश्विक उत्पादन में लगभग 38.4 प्रतिशत योगदान देता है। बदलती वैश्विक खाद्य प्राथमिकताओं के बीच फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ फूड, होटल, कैफे, होम-स्टे और फूड स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।

राज्य सरकार की सोच को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत युवा देश के विभिन्न हिस्सों से उत्तराखंड वापस लौटे हैं, जो राज्य में बढ़ते अवसरों का प्रमाण है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने शेफ समुदाय से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि सभी मिलकर उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को “लोकल से ग्लोबल” बनाने की दिशा में कार्य करें। उनकी रचनात्मकता और प्रस्तुति उत्तराखंड के स्वाद को दुनिया की थाली तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “शेफ संवाद” से निकले विचार उत्तराखंड को पर्यटन, रोजगार और संस्कृति के क्षेत्र में एक नए विजन के साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे और उत्तराखंड को सशक्त, आत्मनिर्भर व गौरवशाली राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, आम्रपाली विश्वविद्यालय से संजय मिश्रा सहित देश भर से आए अनेक प्रतिष्ठित शेफ उपस्थित रहे।

उद्योग समागम दिल्ली में उत्तराखंड को मिले पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों के टॉप अचीवर्स पुरस्कार

उत्तराखण्ड को व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो देश में किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सर्वोच्च संख्या है।

नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए इस पुरस्कार की घोषणा की गई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा उत्तराखंड सरकार के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे और महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने वाला राज्य माना गया है। जो उत्तराखंड की व्यवसाय सुगमता (ईओडीबी) यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा में 2015 में 23वें स्थान से लेकर BRAP 2024 के तहत सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने की यह महत्वपूर्ण यात्रा हैं।

पुरस्कार प्राप्त करते हुए उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत पर्यवेक्षण में पांच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के रूप में मान्यता प्राप्त होना और राष्ट्रीय स्तर पर सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। जो 2015 में 23वें स्थान से लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक केंद्रितता में हमारी प्रगति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने आवेदन जमा करने और ऑनलाइन भुगतान से लेकर रीयल टाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक, संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र को कवर करने वाली प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से अपने व्यवसाय सुविधा पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। राज्य में वर्तमान में 20 से अधिक विभागों में 200 से अधिक सेवाएं एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाती हैं, जिससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में उल्लेखनीय कमी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग इस प्रणाली में एकीकृत है।

सचिव उद्योग ने कहा कि निवेशकों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य ने उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूके-एसपीआईएसई) की स्थापना की है, जो निवेशकों की सुविधा और संपूर्ण परियोजना सहायता के लिए एक समर्पित टीम है। राज्य में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया रहा है। उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।
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हमारा लक्ष्य राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनाना है। BRAP 2024 में सर्वोच्च पुरस्कार मिलना हमारी नीतिगत पारदर्शिता, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। BRAP 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक ग्रोथ को नई गति देगा।
पुष्कर सिंह धामी- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं को एआई से जोड़ने को भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल का हुआ शुभारंभ

देवभूमि उत्तराखंड की लोकभाषाओं — गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी — को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। इस अवसर पर “भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल (Bhasha AI Portal)” का भव्य शुभारंभ अमेरिका के सिएटल और कनाडा के सरे-वैंकूवर में किया गया।

इस ऐतिहासिक लॉन्च का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वीडियो संदेश के माध्यम से हुआ। मुख्यमंत्री ने इस पहल को “उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता को डिजिटल युग से जोड़ने वाला युगांतकारी प्रयास” बताया और अमेरिका व कनाडा में रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री जी ने अपने संदेश में कहा —
“जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति जीवित है। उत्तराखंड सरकार सदैव अपनी मातृभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए तत्पर है और इस ऐतिहासिक पहल में पूर्ण सहयोग करेगी।”

इस पोर्टल के माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं के लगभग 10 लाख (1 मिलियन) शब्द, वाक्य, कहावतें, और कहानियाँ एकत्र की जाएँगी, ताकि AI प्लेटफ़ॉर्म इनसे सीखकर भविष्य में हमारी भाषाओं में संवाद कर सकें।

यह ऐतिहासिक लॉन्च Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में हुआ, जिसमें लगभग 4000 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी भाई-बहन उपस्थित रहे।

इस लॉन्चिंग में विशेष रूप से सम्मिलित रहे:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (वीडियो संदेश), पद्मश्री प्रीतम भारतवाण (लोकगायक, जागर एवं ढोल सागर अकादमी), सचिदानंद सेमवाल (AI आर्किटेक्ट, अमेरिका), अमित कुमार, सोसाइटी के अध्यक्ष बिशन खंडूरी, टोरंटो से मुरारीलाल थपलियाल, एवं भारत दूतावास के प्रतिनिधिगण।

पद्मश्री प्रीतम भारतवाण ने कर्णप्रयाग (बद्रीनाथ क्षेत्र) से ऑनलाइन जुड़कर अपने संदेश में कहा —
“जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान जीवित है। भाषा बचेगी तो संस्कार भी बचेंगे।”

उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए अपनी जागर एवं ढोल सागर अकादमी की ओर से निरंतर सहयोग देने की घोषणा की।

सचिदानंद सेमवाल (AI आर्किटेक्ट, अमेरिका) ने कहा —
“यह केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखने का एक जन-आंदोलन है।

मेरे 20 वर्षों से अधिक के इंजीनियरिंग अनुभव और 4 वर्षों से अधिक के AI अनुभव का उपयोग यदि अपनी मातृभाषा के संरक्षण में हो रहा है, तो इससे बड़ा सौभाग्य मेरे जीवन के लिए और क्या होगा।

इस पहल को हम एक सामाजिक आंदोलन के रूप में चलाएँगे और जो भी इसमें जुड़ना चाहेगा उसका स्वागत है — चाहे वह इंजीनियर हो, भाषा विशेषज्ञ, लोक कलाकार, समाजसेवी या व्यवसायी।”

Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada के अध्यक्ष बिशन खंडूरी ने कहा —
“यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस ऐतिहासिक लॉन्च की मेजबानी का अवसर हमारी संस्था को मिला। यह पहल विदेशों में रह रहे सभी उत्तराखंडियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा।”

कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी ने यह भी घोषणा की कि —
कनाडा और अमेरिका में “AI सक्षम भाषा शिक्षण केंद्र” (AI-enabled Learning Centers) स्थापित किए जाएँगे, जहाँ प्रवासी बच्चे आधुनिक तकनीक की सहायता से गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाएँ सीख सकेंगे। ये केंद्र पद्मश्री प्रीतम भारतवाण की जागर अकादमी से संबद्ध रहेंगे।

इस अवसर पर सोसाइटी के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे —
शिव सिंह ठाकुर (उपाध्यक्ष), विपिन कुकरेती (महामंत्री), उमेद कठैत, जगदीश सेमवाल, गिरीश रतूड़ी, रमेश नेगी, जीत राम रतूड़ी, विनोद रौंतेला, तथा Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada के सभी सदस्यगण।

इस अवसर पर भारत से ऑनलाइन जुड़े —
मस्तू दास, शक्ति प्रसाद भट्ट, के. एस. चौहान, तथा प्रोजेक्ट की कोर टीम, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कनाडा के स्थानीय मीडिया, भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि, AI विशेषज्ञों, सांस्कृतिक संगठनों और बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

“यह पहल केवल तकनीकी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और लोक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक जन आंदोलन है।”
जय उत्तराखंड, जय भारत।

प्रतिबंधित कफ सिरप के खिलाफ शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण

केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन हेतु उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों में खाद्य सरंक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की टीमें प्रदेशभर में औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया, जहां से पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए हैं। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशों में यह सघन अभियान लगातार सभी जनपदों में जारी है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में प्रतिबंधित, असुरक्षित या बिना अनुमति वाली औषधियाँ न बेची जाएं और बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाया जाए।

देहरादून क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार से प्राप्त आदेशों तथा अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के दिशा-निर्देशों के अनुसार औषधि विभाग की टीम ने आज देहरादून क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों एवं शिशु रोग (Paediatric) अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate एवं Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सीरप्स का भंडारण पाया गया। इन औषधियों को नियमानुसार सीज़ (जब्त) करने की कार्यवाही की गई। साथ ही, कुल 06 पेडियाट्रिक कफ सीरप्स के नमूने फॉर्म-17 में परीक्षण हेतु एकत्रित किए गए हैं। नमूने अब राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे, जहाँ उनकी गुणवत्ता और वैधता का परीक्षण किया जाएगा।

नियमों के पालन को लेकर विभाग सख्त
अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर Coldrif, Respifresh TR, Relife कफ सिरप उपलब्ध नहीं थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में केवल अनुमोदित, सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत औषधियाँ ही उपलब्ध हों। विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियां पाई जाती हैं, तो उनके विरुद्ध खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की प्रतिबद्धता, जनस्वास्थ्य सर्वोपरि- पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि औषधि विक्रेताओं और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज किया जाए।

लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि औषधि विभाग का यह अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की जानकारी निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षण टीम और नेतृत्व
इस निरीक्षण अभियान का नेतृत्व उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने किया। उनके साथ
सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्रीमती निधि रतूड़ी, तथा औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी टीम में सम्मिलित रहे। टीम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि आमजन तक केवल सुरक्षित और मानक औषधियां ही पहुँच सकें।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”

अब एयरफोर्स करेगा चिन्यालीसौड़, गौचर हवाई पट्टियों का संचालन

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) ओर गौचर (चमोली) हवाई पट्टियों का संचालन इंडियन एयरफोर्स करेगी। जबकि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

प्रदेश सरकार सीमांत जनपदों में हवाई सेवाओं को विस्तार करने पर जोर दे रही है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) और गौचर (चमोली) में स्थित हवाई पट्टियों का संचालन भारतीय एयरफोर्स के हवाले करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इसी तरह प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर बढ़ती हवाई सेवाओं को देखते हुए, इसका संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जरिए करने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इँडिया के बीच एमओयू पर सहमति बन गई है। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही सरकार गुंजी से आदि कैलाश क्षेत्र में हवाई सेवा शुरू करने के लिए यहां एक किमी लंबी हवाई पट्टी बनाने की तैयार कर रही है, इस हवाई पट्टी के निर्माण में भी एयरफोर्स द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

सीमांत प्रदेश में हवाई नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों की भी पूर्ति संभव होगी। इसके लिए एयरफोर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का शीघ्र विस्तार किया जाएगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड