एफआरआई देहरादून में 9 नवम्बर को होगा उत्तराखण्ड रजत जयंती उत्सव का मुख्य कार्यक्रम, पीएम रहेंगे मौजूद

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 नवम्बर को प्रदेशभर में भव्य रजत जयंती उत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रतिभाग करने के उपरांत सीधे एफआरआई पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, यातायात प्रबंधन, सांस्कृतिक मंच और स्वागत तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्थापना दिवस का यह ऐतिहासिक अवसर गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से मनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सानिध्य में यह रजत जयंती समारोह प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर होगा।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरुप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं शासन – प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीएम धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर दी प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में 01 नवम्बर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।

स्थापना दिवस पर पीएम दौरे को लेकर सीएस ने ली तैयारियों की जानकारी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने एफआरआई देहरादून जाकर उत्तराखण्ड रजत जयंती समारोह के दौरान 09 नवम्बर को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर सभी संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नौ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि 9 नवम्बर को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में लगभग 60 से 70 हज़ार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कि जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन को प्रवेश और निकासी में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए यातायात और पार्किंग प्लान को वृहद स्तर पर बनाया जाए ताकि आमजन के कार्यक्रम में पहुंचने के साथ ही, शहर के यातायात में किसी प्रकार की समस्या ना हो।

इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज़िलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

——————
उत्तराखंड पुस्तक मेला का सीएस बर्द्धन ने किया शुभारंभ

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून के दून पुस्तकालय एवं शोध संस्थान में उत्तराखण्ड पुस्तक मेला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशन संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमें किताबों पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। आज के युवा वर्ग को और हम सभी को किताबों से दोस्ती करनी चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव एन. एस. नपलच्याल, एन. रविशंकर, राधा रतूड़ी एवं पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी भी उपस्थित थे।

प्रदेश का रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाए। बैठक के दौरान 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं पर्यटन के साथ ही सड़कों एवं नेटवर्क की कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 25 साल की उपलब्धियों के साथ ही अगले 25 सालों का रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ आयोजित करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने की धामी सरकार की जमकर सराहना, कहा उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए बन रही उदाहरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंडवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के युग में उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है। उन्होंने प्रदेश की धामी सरकार की प्रशंसा करते हुए, राज्य के सर्वागीण विकास के लिए प्रदेशवासियों और यहां आने वाले पयर्टकों से नौ आग्रह भी किए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड का संकल्प
पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस रैतिक परेड को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से उत्तराखंड का रजत जयंती वर्ष शुरु हो रहा है, अब हमें उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए अगले 25 वर्ष की यात्रा शुरू करनी है। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि देश भी 25 वर्षों के लिए अमृत काल में है, विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड के संकल्प को इसी कालखंड में पूरा होते देखेगा।

यह दशक उत्तराखंड का दशक, बाबा केदार के चरणों में बैठकर किए गए इस विश्वास को उत्तराखंड ने सही साबित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का भी सफल आयोजन हुआ है, उन्हें पूरा विश्वास है कि हमारे प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य के विकास यात्रा में ऐसी ही बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को अपनी आशाओं, आकांक्षाओं के अनुरूप अलग राज्य प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक प्रयास करना पड़े, यह प्रयास तब पूरे हुए, जब केंद्र में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सरकार बनी। बेहद खुशी की बात है कि अब हम सब उत्तराखंड को अपने सपनों को साकार करते हुए देख पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने खूब सारा प्यार और अपनत्व दिया है, हम भी इसी भावना के साथ देवभूमि की सेवा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार के चरणों में बैठकर विश्वास व्यक्त किया था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक साबित होने जा रहा है, और उत्तराखंड ने उनके विश्वास को सही साबित किया है। आज उत्तराखंड विकास के नए रिकॉर्ड बना रहा है, पिछले साल एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर कैटेगरी हासिल हुई है। बीते डेढ़ दो वर्षों में उत्तराखंड की विकास दर में सवा गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल जीएसटी कलेक्शन में 14 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई है। 2014 में राज्य की प्रतिवर्ष आय सवा लाख रुपए सालाना थी, जो आज बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है, 2014 में उत्तराखंड राज्य का सकल घरेलू उत्पादन यानि स्टेट जीडीपी एक लाख 50 हजार करोड़ के आस- पास थी। जो अब बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो गई है। यह आंकडे बता रहे हैं कि उत्तराखंड में कैसे युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं, कैसे औद्योगिक तरक्की हो रही है।

डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में 2014 से पहले पांच प्रतिशत से कम घरों में नल से जल आता था, आज यह बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गया है। 2014 से पहले उत्तराखंड में सिर्फ छह हजार किमी की पीएमजीएसवाई सड़क बनी थी, आज इन सड़कों की लंबाई 20 हजार किमी से अधिक हो गई है। उत्तराखंड ने लाखों शौचालयों का निर्माण करने के साथ ही हर घर बिजली और उज्जवला गैस योजना के तहत लाखों गैस कनेक्शन देकर हर वर्ग का ध्यान रखा है। डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को केंद्र से मिलने वाला अनुदान अब दोगुना हो गया है। डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड को एम्स का सेटेलाइट सेंटर, देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर की सौगात दी है, साथ ही यूएसनगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की भी योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड में केंद्र सरकार के दो लाख करोड के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, कनेक्टिविटी योजनाओं को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को 2026 तक पूरा किए जाने की तैयारी है। राज्य के 11 स्टेशन को अमृत के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस वे बनने से देहरादून से दिल्ली का सफर ढाई घंटे में हो जाएगा।

उत्तराखंड में चल रहा विकास का महायज्ञ
पीएम ने जोर देकर कहा कि इस समय एक तरह से उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है, इससे पलायन पर रोक लग रही है। सरकार विकास के साथ विरासत को भी संजोने में जुटी हुई है। केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया जा रहा है, बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्य तेजी के साथ चल रहे हैं। इसी तरह मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 पौराणरिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है। ऑल वेदर रोड से चारधाम यात्रा को सुगम किया जा रहा है, पर्वत माला के तहत धार्मिक और पयर्टन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है।

सीमाओं पर स्थित गांव हमारे लिए देश के पहले गांव
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत के गांवों को पहला गांव मानते हुए, कार्य कर रही है, इसी क्रम में माणा गांव की यात्रा के दौरान उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना की शुरुआत की। इसके तहत उत्तराखंड में करीब 50 गावों का विकास किया जा रहा है।

पर्यटन और श्रद्धालु की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में इस साल छह करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आए हैं, 2014 से पहले चारधाम यात्रियों की संख्या 24 लाख तक ही पहुंच पा रही थी, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 54 लाख को छू गया है। इससे होटल से लेकर होम स्टे वालों को, टैक्सी से टैक्सटाइल वालों को लाभ मिला है। बीते वर्षों में पांच हजार से अधिक होम स्टे का रजिस्ट्रेशन हुआ है।

उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए उदाहरण बन रही
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि सैकुलर सिविल कोड
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड ऐसे निर्णय ले रहा है, जो देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड ने गहन अध्ययन के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड लागू किया, जिसे वो सही मायने में सैकुलर सिविल कोड मानते हैं। आज पूरा देश यूसीसी पर चर्चा करते हुए, इसकी जरूरत महसूस कर रहा है। इसी तरह उत्तराखंड ने युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू करते हुए, माफिया पर सख्त कार्रवाई की है। उत्तराखंड के ऐसे कई कार्य दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री के नौ आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज 9 नवंबर है, 9 का अंक शुभ माना जाता है, यह शक्ति का प्रतीक होता है। इसलिए आज वो उत्तराखंड के लोगों से 5 और यहां आने वाले पयर्टकों के सामने 4 यानि कुल 9 आग्रह करना चाहते हैं।

01 – बोली भाषा का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी सहित सभी बोलियां बेहद समृद्ध हैं, इनका संरक्षण बेहद जरूरी है। इसलिए उत्तराखंड के लोग आने वाली पीढ़ियों को अपनी बोली भाषा जरूर सिखाएं, उत्तराखंड की पहचान के लिए भी यह जरूरी है।

02 – एक पेड़ मां के नाम
पूरा देश जानता है कि उत्तराखंड के लोग प्रकृति और पर्यावरण के प्रेमी होते हैं। उत्तराखंड तो गौरा देवी की भूमि है, यहां हर महिला मां नंदा का रूप है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि हम प्रकृति की रक्षा करें। इसके लिए एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण करें, क्लामेंट चेंज से लड़ने के लिए भी यह बेहद जरूरी है।

03 – स्वच्छ जल
उत्तराखंड में नौलों -धारों की पूजा किए जाने की परंपरा है। इसलिए आप सभी अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के सभी अभियानों को गति देने का प्रयास करेंगे।

04 – गांव से जुड़ाव
उत्तराखंड के लोग अपने गांव में आना जाना बनाते हुए, जड़ों से जुड़े रहें। खासकर रिटायरमेंट के बाद गांव में समय जरूर बिताएं, इससे गांवों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे।

05 – तिबारी वाले घरों को संवारें
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने गांव में पुराने तिबारी वाले घरों को बचाने और संरक्षित करने के लिए भी आगे आएं। पुराने घरों को होम स्टे में बदलकर, आय का साधन बना सकते हैं।

पयर्टकों से अपील
06 – सिंगल यूज प्लास्टिक से बचें
पर्यटक के रूप में आप जब भी आप हिमालय की गोद में जांए, स्वच्छता को सबसे उपर रखें इस सोच के साथ जाएं कि पहाड़ में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना है।

07 – वोकल फॉर लोकल
पहाड़ों में घूमने फिरने के दौरान वोकल फॉर लोकल याद रखें, अपनी यात्रा का कम से कम पांच प्रतिशत खर्च स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें।

08 – यातायात के नियम अपनाएं
आप जब भी पहाड़ों पर जाएं, वहां के ट्रैफिक नियमों का पालन करें, सावधान रहें, हर किसी का जीवन अमूल्य है।

09 – तीर्थों की मर्यादा का पालन करें
धार्मिक स्थलों पर स्थानीय रीति -रिवाजों और नियम कायदों का पालन करते हुए, वहां की मर्यादा का ध्यान रखें। इस बारे में उत्तराखंड के लोगों की मदद ले सकते हैं।

उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 24 वर्ष पूरे होने पर होगी देवभूमि रजतोत्सव की शुरूआत

उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 24 वर्ष पूरे होने तथा 25वीं रजत जयन्ती के शुभारम्भ के रूप में इस वर्ष मनाया जाना वाले राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से आयोजित किए जाने के मुख्यमंत्री ण्के निर्देशो के क्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सभी अधिकारियों के साथ राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का विशेषरूप से भव्य आयोजन किया जाना हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य के स्थापना के 24 वर्ष पूरे हो जाएंगे तथा 25वीं रजत जयन्ती की शुरूआत हो जाएगी, इसलिए प्रदेशवासियों के लिए इसका विशेष महत्व है। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर 2024 से अगले वर्ष 9 नवम्बर 2025 तक पूरे वर्ष मनाये जाने वाले ‘‘देवभूमि रजतोत्सव’’ की शुरूआत भी हो जाएगी। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का आयोजन लगभग 6 नवम्बर से आरम्भ होकर सप्ताह भर तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिसकी शुरूआत नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सदन के शुभारम्भ, दिल्ली में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उत्तराखण्ड मूल के अधिकारियों, कार्मिकों व प्रवासियों की भागीदारी से आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अगले क्रम में प्रवासी उत्तराखण्ड सम्मेलन के आयोजन, भव्य खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिला सशक्तीकरण की थीम पर विशेष उत्सव का आयोजन, जरूरतमंदों के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन, मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का अयोजन, दिव्यांगों के लिए विशेष कार्यक्रम, विभिन्न सम्मान व पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का आयोजन, राज्य आन्दोलनकारियों व शहीदों की गौरवगाथा जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 24 वर्षों में राज्य की उपलब्धियों एवं विकास की सम्भावनाओं पर स्कूल व कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसमें युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साल भर आयोजित होने वाले देवभूमि रजतोत्सव प्रदेश के सभी वर्गों, विशेषरूप से महिलाओं, स्कूली बच्चों व युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मण्डल स्तर तथा जिला स्तर पर भी राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से आयोजित किए जाने हेतु विशेष तैयारियों के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी के विजन पर देशवासियों की मुहर, देशभर में टॉप ट्रेंड पर रहा डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन देश भर में सोशल मीडिया पर *“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* *#Destination Uttarakhand* टॉप ट्रेंड पर रहा। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राष्ट्रीय फलक पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट परिणाम है। खास बात यह है कि आज 9 नवंबर के हुए इस टॉप ट्रेंड में देश भर के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स से लेकर बड़े-बड़े राजनेता और दिग्गज हस्तियां शामिल रही।
*“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* शब्द के पीछे मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट मंतव्य है कि देश दुनिया में उत्तराखंड को निवेश हेतु नई डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी के *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* मिशन के तहत अब तक सवा लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर करार हो चुका है। जबकि आगामी 8 और 9 दिसंबर को देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3 लाख करोड़ के पास पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि उत्तराखंड की देश दुनिया में एक नई छवि बनकर उभर रही है। सोशल मीडिया की सबसे प्रचलित साइट एक्स यानी ट्विटर पर देश भर में टॉप ट्रेंड में रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इन्वेस्टर समिट से पहले सोशल मीडिया पर *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* का यह ट्रेंड प्रदेश में निवेश की अन्य संभावनाओं को भी बल देगा।

सीएम ने विभिन्न विभागों के पोर्टल और एप लांच की, कहा-लोगों को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गढ़ीकैंट स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में राज्य स्थापना की 22वीं वर्षगांठ के अवसर पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘संकल्प नये उत्तराखण्ड का’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नियोजन विभाग की पुस्तिका अग्रगामी उत्तराखण्ड का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी आईटीडीए द्वारा विकसित नागरिक केंद्रित परियोजना अपणि सरकार पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन मोबाइल एप्प डार्क लेक, सीएम हेल्पलाइन मोबाईल एप, आई टीडीसी-केलक, स्वान, परिवहन विभाग की स्टेज कैरेज वाहनों का ऑनलाइन टैक्स, ई चालान, सॉफ्टवेयर, आनलाइन, अस्थाई परमिट, रूट परमिट आवेदन निर्गत किये जाने, व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण ट्रेड सर्टिफिकेट, ऑनलाइन आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन फीस भुगतान, फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम, हमसफर एप्प के साथ ही पंचायती राज विभाग की न्याय पंचायत स्तर पर भारत मनी स्टोर, पंचायत फेसिलिटेशन सेंटर तथा पंचायती राज्य निदेशालय में ई ऑफिस प्रणाली का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विभागों द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए जो भी ऑनलाइन व्यवस्थायें, पोर्टल एप्प आदि तैयार किये गये हैं वे मात्र औपचारिक बन कर न रहे बल्कि इनका व्यापक लाभ आम जनता को सुलभता से उपलब्ध हो। यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। सभी विभाग इस पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया जहा एक ओर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता के मध्य ले जाने का कार्य करती है, वहीं दूसरी ओर जनहित के मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। मीडिया द्वारा प्रदेश के विकास में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाये जाने की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 22 वर्षों की यात्रा के बाद उत्तराखण्ड राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की है, लेकिन अभी हमारे समक्ष बहुत सी चुनौतियां हैं जिनका सफलतापूर्वक सामना करते हुए हमें देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। हमें अपनी चुनौतियां का पता है, तथा अपनी शक्तियों पर भी हमें पूरा विश्वास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिये मंथन एवं चिंतन शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें आने वाले विचार एवं सुझाव राज्य की ग्रोथ रेट राजस्व वृद्धि आदि के साथ राज्य हित में हम क्या बेहतर कर सकते हैं, इसकी राह प्रशस्त भी होगी तथा हमारी बेस्ट प्रेक्टिस हमें देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में सधे एवं सीधे रास्ते पर चलकर विकास की मंजिल तक पहुंचने का हमारा निरंतर प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार तथा राज्य के दुर्गम व सीमान्त क्षेत्रों का सतुंलित विकास जहां हमारी चुनौतियां हैं वहीं हमारी मेहनती मातृ शक्ति, युवा शक्ति, प्राकृतिक सौन्दर्य, वन सम्पदा, समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य के समग्र विकास की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए देवभूमि को देश का अग्रणी राज्य बनाने का दृढ़ संकल्प लिया है और हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक हम इस संकल्प को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश व दुनिया में भारत का मान व सम्मान बढ़ा है। पिछले आठ सालों में देश व प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित हुए। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमेप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को त्वरित रूप से मिले इसके लिये जिन योजनाओं का हम शिलान्यास करेंगे उनके लोकार्पण की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यकलापों की जानकारी दी तथा महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सभी महानुभावों का आभार व्यक्त किया तथा पंचायती राज विभाग की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी एवं निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा द्वारा अपने विभागों से संबंधित लोकार्पित की गई योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, चंदन रामदास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद कल्पना सैनी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, राम सिंह कैड़ा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, नियोजन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली के साथ ही अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को तोहफा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड स्थापन दिवस-09 नवंबर से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को तोहफा दिया है। धामी सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ा दिया है। बढ़े हुए डीए से तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उत्तराखंड में अब महंगाई भत्ता बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है।
महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों की वेतन में हर महीने एक हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक का इजाफा होगा। वित्त विभाग के सचिव दिलीप जावलकर ने इसके आदेश किए हैं। कैबिनेट ने डीए पर फैसले के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया था। दो दिन पूर्व कर्मचारी संगठनों और मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक के दौरान भी डीए को लेकर चर्चा हुई थी।
इसके बाद मंगलवार को इसके आदेश कर दिए गए हैं। सचिव वित्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को एक जुलाई 2022 से 31 अक्तूबर तक का पुनरीक्षित महंगाई भत्ता एरियर के रूप में दिया जाएगा। जबकि एक नवम्बर से महंगाई भत्ते का भुगतान वेतन के साथ किया जाएगा। हालांकि सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारियों का डीए अभी नहीं बढ़ाया गया है और इनके संदर्भ में अलग से आदेश किए जाएंगे।

शहीदों को श्रद्धाजंलि के साथ शुरू होंगे राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम
सीएम पुष्कर सिंह धमी राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रमों की शुरूआत बुधवार सुबह नौ बजकर दस मिनट पर कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धाजंलि के साथ करेंगे। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इसके बाद भाजपा प्रदेश मुख्यालय में स्थापना दिवस पर आयोजित प्रदर्शन का उदघाटन करेंगे।
दस बजे पुलिस लाइन स्थित रैतिक परेड में भाग लेने के बाद सीएम भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अपराह्न तीन बजे सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में प्रगति से प्रकृति के पथ तक विषय पर आयोजित सेमीनार में भाग लेंगे। राजभवन और दून विश्वविद्यालय में भी कार्यक्रमों का आयेाजन किया जा रहा है।

राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने प्रदेशवासियों से मांगा सहयोग, बताई प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से आत्मिक लगाव है, आज केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में विकास कार्य संचालित किये जा रहे हैं। हमारे चारधाम, न सिर्फ हमारी आस्था और श्रद्धा के केन्द्र हैं बल्कि हमारी आर्थिकी की बुनियाद भी है। इस वर्ष लगभग 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन के लिए आए। कोरोना काल से पूर्व की तुलना में यह संख्या 35 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है। इसका प्रभाव आने वाले समय में प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के रूप में दिखेगा। प्रदेश में सड़कों के निर्माण में तेजी से कार्य हो रहा है, इसके लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का पूरा सहयोग मिल रहा है। रूद्रपुर एवं रामपुर मुरादाबाद बायपास के निर्माण से प्रदेश के कुमांऊ क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे पर केन्द्र सरकार द्वारा सहमति दी जा चुकी है। आज एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में भी हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 अक्टूबर को प्रदेश के सीमान्त गांव माणा में राज्य के स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा स्थलों के भ्रमण पर जितना व्यय करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत व्यय वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय करने पर व्यय करें। हमारे प्रदेश में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग पर्यटन एवं तीर्थाटन पर आते हैं। उनके द्वारा क्रय किये जाने वाले स्थानीय उत्पादों से हमारे लोगों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही देश व दुनिया में इसकी पहचान भी बनेगी। उन्होंने कहा कि रानीबाग (नैनीताल) स्थित एच.एम.टी. की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखण्ड को प्राप्त होना प्रदेश के लिये डबल इंजन सरकार की एक और बड़ी सौगात है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति मिलेगी तथा हमारे युवा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे
उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं। इसीलिए हमने युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। भर्तियों में घोटाला करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कारवाई की जा रही है। पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं के आयोजन के लिये हमने उत्तराखण्ड अधीनस्थ आयोग से भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित किया है। वर्तमान में जारी भर्ती कैलेण्डर के अनुसार 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। हमारी सरकार द्वारा राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन देने के लिए नई खेल नीति लाई गई है। साथ ही “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ में 8 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रुपये वार्षिक तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, संवेदनशीलता और गरीब कल्याण के मंत्र पर चल रही है। ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर जन समस्याओं की सुनवाई हो रही है। समस्याओं के त्वरित निवारण पर बल दिया जा रहा है। लोगों को योजनाओं का सही लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का निराकरण हो, इसके लिए हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के आधार पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 लांच किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है और सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। इसको ध्यान में रखते हुए देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में भी वृद्धि की गई है। हम हिम प्रहरी योजना पर भी काम कर रहे हैं। इसके अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह वाक्य कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा“। प्रधानमंत्री का हम पर यह विश्वास हर उत्तराखण्डवासी का सम्मान है। जहां इस बात से एक ओर हमें अपने राज्य पर गर्व होता है, तो दूसरी ओर बड़ी जिम्मेदारियों का भी अहसास होता है। हमारी सरकार ने राज्य को 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूलमंत्र अपनाया है।