उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कियाः धामी

प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के लिए डीबीटी के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की किस्त का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने पर प्रदेश के सभी अन्नदाता भाई-बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर में लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं। यह किसानों के डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सीमाओं पर तैनात जवानों से सुनिश्चित होती है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के परिश्रम से मजबूत होती है। किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई में सहायता दी जा रही है, वहीं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक वर्षा पर निर्भर रहती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है, जिससे बदलते मौसम के बीच भी खेती को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सगंध खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए “महक क्रांति” नीति लागू की गई है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक किसान भाई-बहन के परिश्रम और योगदान का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। किसान राष्ट्र के गौरव हैं और सरकार उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनें।

हेमकुंड यात्रा से जुड़े प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाईः बगोली

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में सामने आए एक विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है। प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव गृह शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत सद्भाव, शांति और परस्पर सम्मान की रही है। सरकार किसी भी कीमत पर इस सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित नहीं होने देगी।

सचिव गृह ने बताया कि आईजी गढ़वाल को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी पूरे प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।

श्रद्धालुओं एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि तक यह व्यवस्था 24×7 कार्य करेगी।

शैलेश बगोली ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को भ्रामक एवं सांप्रदायिक रंग देकर देवभूमि उत्तराखण्ड का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश आईजी गढ़वाल को दिए गए हैं। अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार एवं पुलिस प्रशासन सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी अप्रिय घटना या विवाद का निस्तारण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

सचिव गृह ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का सहारा लेने की अपील की है।

राज्य के 4400 श्रमिको ंके खाते में सीएम ने श्रम बोर्ड की योजनाओं के तहत वितरित की 11 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

चारधाम यात्रा को मिलने जा रही नई मजबूती, रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने जा रहा आधुनिक राज्य अतिथि गृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद रुद्रप्रयाग के रतूड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अतिथि गृह की कार्ययोजना, डिजाइन और निर्माण संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए रतूड़ा में 0.375 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल है, जिसके चलते इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके।

आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला का होगा समावेश
बैठक के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवन को आधुनिक पहाड़ी शैली में विकसित किया जाए। भवन के निर्माण में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए, जिससे यह संरचना उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रतिबिंबित कर सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले उपयोग को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कक्ष, बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। इससे राज्य अतिथि गृह केवल सरकारी उपयोग तक सीमित न रहकर राज्य की प्रतिष्ठित आवासीय परिसंपत्तियों में शामिल हो सकेगा।

एनजीटी और पर्वतीय मानकों का रखा जाएगा ध्यान
बैठक में पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने निर्देश दिए कि भवन की नदी से दूरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्धारित की जाए। इसके अलावा भवन की ऊंचाई तथा निर्माण संबंधी सभी मानदंड पर्वतीय क्षेत्रों के निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किए जाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। शासन स्तर पर इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।

चारधाम यात्रा और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार रुद्रप्रयाग जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं, वीआईपी आगंतुकों तथा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही को देखते हुए राज्य अतिथि गृह का निर्माण अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक बैठकों तथा राज्य अतिथियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस और सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य की परिसंपत्तियों को आधुनिक और उपयोगी स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह चारधाम यात्रा तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि इसे आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला, उच्च गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। अधिकारियों को विस्तृत डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू होकर निर्धारित अवधि में पूरा किया जा सके।
– डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव राज्य संपत्ति विभाग

प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 15 लाख से अधिक युवाओं को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि की वितरितः धामी

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए योजना के लाभार्थी नियोक्ताओं एवं लाभार्थी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

देशभर के विभिन्न राज्यों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रधानमंत्री द्वारा लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को प्रदान की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर राष्ट्र निर्माण के उस संकल्प का हिस्सा बनने का है जिसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रखी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के करोड़ों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का शुभारंभ किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस महत्वाकांक्षी योजना की दूसरी किस्त जारी किए जाने का गौरवपूर्ण अवसर है। इसके अंतर्गत देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिक साथियों को ₹2400 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। उत्तराखंड में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। वहीं, युवाओं को रोजगार देने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार वर्षों तक प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर प्रतिमाह ₹3 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सकता है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और अवसर मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने केवल योजनाएं घोषित नहीं की हैं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। साथ ही रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में डैडम् उद्यमियों के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर फ्लैटेड फैक्ट्रियां स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि किच्छा फार्म में एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की ळैक्च् में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा रिवर्स पलायन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नवाचार की शक्ति को पहचानते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपने परिश्रम और समर्पण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काउ, विधायक सविता कपूर, आयुक्त भविष्य निधि उत्तराखंड देहरादून सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएस ने दिए विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण न्त्म्क्। को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और न्त्म्क्। के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ . वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, गतिमान रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा विशेषकर श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा डीपीआर तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार पर उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लाइन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चौयरमैन सतीश कुमार कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किये जाएंगे।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।

योग को आमजन तक पहुंचाने को रन फॉर योगा कार्यक्रम में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ज़िलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान की कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने ऐसे जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं, जिनका मरीजों का सामान्य जाँच आंकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम रहा है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए उच्च संवेदनशील और जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने डीजी हेल्थ स्तर पर इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा और निगरानी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कम स्क्रीनिंग वाले जनपदों पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किए जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मातृ स्वास्थ्य के तहत् प्रसवपूर्व देखभाल में सुधार लाने के लिए गर्भावस्था की प्रथम तिमाही पर पंजीकरण बढ़ाए जाने पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और उनका बेहतर प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जनपदों में एएनसी जांच बढ़ाए जाने की बात भी कही। कहा कि सभी जनपदों में जन्म प्रतीक्षा गृहों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर्स को भी इस हेतु प्रयोग किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून सीजन के दृष्टिगत दूरस्थ क्षेत्रों में चिन्हित हाई-रिस्क महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम्स में शिफ्ट किया जाए। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी और प्रसव के बाद हाई-रिस्क माताओं की पहचान और मैनेजमेंट को मज़बूत किया जाए, ताकि रोकी जा सकने वाली मातृ-मृत्यु दर को कम किया जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ . एस. एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त दीपक रावत एवं आनन्द स्वरूप सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।