विधानसभा पहुंचे सीएम धामी, विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा देहरादून में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा सचिवालय, मंत्रीगणों के कक्षों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यालयों का अवलोकन करते हुए कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पारदर्शिता, त्वरित कार्य निष्पादन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवा भाव से कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण की स्थिति तथा आमजन व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में विधानसभा के कार्यकलापों को भी तकनीकी दृष्टि से और अधिक सक्षम तथा आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य किए गए हैं।

निरीक्षण के अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने को मुख्यमंत्री ने दी वित्तीय स्वीकृतियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित अनेक योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने का अनुमोदन प्रदान किया है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए धनराशि अवमुक्त करने से संबंधित शासनादेश भी तत्काल जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन हेतु जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अंतर्गत भराड़ीसैंण के सारकोट में पौराणिक क्वाठा का जीर्णाेद्धार/पुनर्निर्माण हेतु रू. 47.40 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसी तरह मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अंतर्गत जमराडी से मेल्टीनाथ होते हुए थलकेदार सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य हेतु रू. 25.00 लाख की धनराशि जारी करने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा पाभें में खेल मैदान का विस्तारीकरण हेतु रू. 68.59 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 41.15 लाख की धनराशि अवमुक्त करने हेतु शासनादेश जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रम में जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बनबसा में सैनिक स्मारक का निर्माण हेतु रू. 1.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 60.00 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी है। चम्पावत की 10 सहकारी समितियों के आधार/सी.एस.सी. केन्द्रों की स्थापना के लिए भी रू. 60.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र रानीखेत में मानिला देवी मंदिर कमराड विकासखण्ड भिकियासैंण का सौन्दर्यीकरण एवं जीर्णोंद्धार हेतु रू. 1.00 करोड़ की धनराशि जारी की गयी है। विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में पाताल देवी मंदिर, ग्राम शैली का जीर्णाेद्धार के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए रू.87.95 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 52.77 लाख की धनराशि अवमुक्त करने हेतु शासनादेश जारी किया गया है।

जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अंतर्गत हैस्को ग्राम के समीप वन क्षेत्र को नेचर पार्क के रूप में विकसित करने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन हेतु रू. 1.00 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही इस योजना के लिए रू. 60.00 लाख की धनराशि की पहली किश्त जारी की गयी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर में नगर निगम रूद्रपुर के आन्तरिक सड़क मार्गों के सुधारीकरण हेतु रू. 1.00 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 60.00 लाख की धनराशि अवमुक्त करने का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

कुमायूं समाचारः पिथौरागढ़ मुनस्यारी हेलीसेवा 30 सितंबर तक शुरु होगी

पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच उडान योजना के तहत हेली सेवा का संचालन 30 सितंबर तक होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस रूट पर सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से राज्य में हेली सेवाओं के विस्तार में सहयोग मांगा था। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूचित किया है कि उड़ान योजना के तहत पिथौरागढ – मुनस्यारी – पिथौरागढ हेली सेवा के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन कर लिया गया है। यह सेवा 30 सितंबर तक शुरु होने की उम्मीद है। इसी तरह पिथौरागढ़- धारचूला- पिथौरागढ़ मार्ग पर भी उड़ान योजना के तहत हेली सेवा की तैयारी की जा रही है, इसके लिए धारचूला में हेलीपैड बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता है। इस रूट पर भी सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन को प्रारंभिक सहमति प्रदान की गई है। इसी तरह पिथौरागढ़- दिल्ली के बीच उड़ान योजना के तहत सेवा संचालन का प्रस्ताव एयरलाइंस की तरफ से आने पर इस पर सकारात्मक होकर विचार किया जाएगा।

टनकपुर – अछनेरा रेल सेवा का अध्ययन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि मंत्रालय, राज्य सरकार की मांग के अनुरुप अछनेरा- टनकपुर विशेष रेलगाड़ी परिचालन के लिए फिजिबिलिटी अध्ययन करवा रहा है, इसी क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली ओर रेल नेटवर्क में विस्तार के लिए दोनों केंद्रीय मंत्रियों का आभार व्यक्त किया है।

ऑपरेशन कालनेमिः सनातन की आड़ में ठगी पर सीएम धामी का प्रहार

देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा ऑपरेशन कालनेमि प्रदेशभर में बड़ी सफलता हासिल कर रहा है। यह व्यापक अभियान उन असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कस रहा है, जो अपनी पहचान छिपाकर सनातन संस्कृति की आड़ में ठगी और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने अब तक प्रदेश में 4000 से अधिक लोगों का सत्यापन किया है, जिनमें से 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई साबित करती है कि धामी सरकार देवभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप से कोई समझौता नहीं करेगी।

इस अभियान का असर सबसे अधिक उन जिलों में देखा जा रहा है, जहां बाहरी तत्वों की सक्रियता की सूचना मिली थी। हरिद्वार जिले में 2301 लोगों का सत्यापन और 162 गिरफ्तारियां, देहरादून में 865 सत्यापन और 113 गिरफ्तारियां, जबकि उधम सिंह नगर में 167 सत्यापन और 17 गिरफ्तारियां की गई हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री धामी की इस सख्त कार्यशैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, पहचान छिपाकर ठगी या धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। देहरादून में इस अभियान के तहत एक बांग्लादेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है, जो यहां पर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

ऑपरेशन कालनेमि को लेकर धामी सरकार की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखने का भी एक ठोस संदेश है। सीएम धामी का यह निर्णयात्मक नेतृत्व राज्यवासियों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत कर रहा है।

थराली में हाल की आपदाओं से प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाकर पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण को प्रभावी बनाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि थराली क्षेत्र को भी धराली की तर्ज़ पर विशेष राहत और पुनर्वास पैकेज प्रदान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थराली में हाल की आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुँचाई जाए और पुनर्वास कार्यों को युद्धस्तर पर प्रारंभ किया जाए।

इसी क्रम में, जोशीमठ में भी राहत और पुनर्निर्माण के कार्यों को शीघ्रता से आरंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की पीड़ा को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

विधानसभा की रजत जयंती के अवसर पर आगामी नवंबर माह में दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

प्रशासनिक सुगमता के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी और बीडीओ के कार्यालय एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से स्थापित किए जाएँगे, जिससे जनता को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुँच मिल सके।

इसके साथ ही, ग्राम सभा स्तर पर सप्ताह में एक दिन पंचायत भवन में पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी, आशा और आँगनबाड़ी कार्यकर्त्री की उपस्थिति रोस्टर के अनुसार अनिवार्य की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सभी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इन सभी निर्णयों पर तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जनहित में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएस निर्देश, प्रदेश में पर्यावरण विभाग होगा कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कार्बन क्रेडिट के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट आय के नए स्रोत के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी विभागों द्वारा कार्बन क्रेडिट की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पर्यावरण विभाग कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य, जिसका अधिकतम भूभाग वन से आच्छादित है, के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के भी नए अवसर पैदा करता है। उत्तराखण्ड के किसान और स्थानीय समुदाय कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन, कृषि और सहकारिता विभाग विभाग में कार्बन क्रेडिट की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग को अपने अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इसमें शामिल कर कार्बन क्रेडिट्स की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को कार्बन क्रेडिट और ग्रीन क्रेडिट की दिशा में शीघ्र तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कृषि विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग को भी कार्बन क्रेडिट पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय समुदायों की सहभागिता से जैव विविधता की रक्षा होगी एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के नए अवसर के साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों का हाल जान, मदद का हर संभव दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्याे की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

सीएम धामी ने थराली में तोड़ा प्रोटोकॉल, काफिला रूकवाकर सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे।

विदित है कि मुख्यमंत्री इसी तरह धराली आपदा के समय लगातार तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे और हर राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग की।

मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

आपदा प्रभावित मृतकों को पांच लाख रूपये का मुआवजा तत्काल देने के निर्देश

सीएम धामी ने शनिवार रात्रि आपदा परिचालन केंद्र देहरादून में थराली (चमोली) आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि क्षतिग्रस्त मकानों हेतु ₹ 5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रभावितों को जारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को भी ₹5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्याना चट्टी से पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि थराली में जो लोग बेघर हुए हैं तात्कालिक रूप से उनके लिए बेहतरीन व्यवस्था की जाए तथा इसके साथ ही पुनर्वास का काम भी तेजी से आरंभ किया जाए। प्रभावितों को राहत सामग्री तत्परता से मिल जाए और सभी आवश्यक सामान एक साथ दिया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क सहित सभी मूलभूत जरूरत को जल्द से जल्द बाहर किया जाए द्य प्रभावितों को बांटी जाने वाली राशन सहित सभी प्रकार की राहत सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
थराली आपदा के दौरान जिलाधिकारी चमोली की तत्काल मौके पर पहुंचने, प्रभावितों को तत्परता से राहत पहुंचाने एवं बेहतरीन प्रबंधन हेतु सराहना करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भी इसी प्रकार प्रभावी समन्वय के साथ तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने थराली आपदा में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की भी प्रशंसा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को तैयारी पूरी रखने व आपदा प्रबंधन सामग्री उपकरण आदि संवेदनशील स्थानों पर रखने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में धराली, सैजी (पौड़ी) एवं धराली में आई आपदाओं की पैटर्न के अध्ययन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित एजेंसियों के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली सहित सभी संबंधित अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चमोली तथा उत्तरकाशी सहित सभी डीएम मौजूद थे।

सीएम के निर्देश पर थराली में आपदा राहत कार्य तेज गति से चल रहा

बीती रात तहसील थराली के अन्तर्गत टुनरी गदेरे में पानी बढ़ने के कारण तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कुछ घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया और कुछ वाहन भी मलबे में दबे है। रा.उ.नि. थराली द्वारा बताया गया कि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान में मलबा आने के कारण एक लड़की मलबे में दब गयी थी जिसके शव को डीडीआरएफ थराली के जवानों के द्वारा रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति लापता है जिसकी खोजबीन प्रशासन द्वारा की जा रही है।

जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं।शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग, डीडीआरएफ के 07 जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 12 जवान, एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है ।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 04 चिकित्साधिकारी, 06 स्टॉफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधि सहित एलर्ट मोड पर है, इसके अतिरिक्त दो 108 एम्बुलेंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग में तैनात कर दी गयी है। अतिरिक्त 02 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से भी तैनाती की गयी है।उन्होंने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है।साथ ही लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गयी है।

जिलाधिकारी ने बताया मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं आपदा स्थल पर भेज दी गयीं हैं।भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।