मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश पर अलर्ट मोड़ पर अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन अब गैर-पंजीकृत एवं मानकों से नीचे चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एकजुट हो चुके हैं।

प्रदेश भर में ऐसे कई नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं जो न तो निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं और न ही पंजीकरण की वैध प्रक्रिया का पालन करते हैं। परिणामस्वरूप इनमें भर्ती मरीजों की देखरेख, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास की प्रक्रिया सवालों के घेरे में रही है। अब यह सब नहीं चलेगा। राज्य सरकार की मंशा साफ है या तो मानक पूरे करो, या बंद हो जाओ। इसी क्रम में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऐसे अपंजीकृत और अवैध नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान, जांच और बंदी की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।

सहयोग में एसटीएफ, हर जनपद में होगी निगरानी तेज

राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और जनपद स्तरीय निरीक्षण टीमों को अब एसटीएफ की टीमें सक्रिय सहयोग देंगी। आने वाले दिनों में सभी जनपदों में औचक निरीक्षण की गति और सघन की जाएगी।

मानकहीन केंद्रों को नहीं मिलेगी छूट

राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिना वैध पंजीकरण के चल रहे सभी केंद्रों की पहचान की जाए, ऐसे केंद्रों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई हो, तत्काल बंद करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। यह पूरी प्रक्रिया मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम के तहत संचालित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से संयुक्त निदेशक डॉ. एस. डी. बर्मन एवं सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह उपस्थित रहे। सभी संबंधित एजेंसियों के बीच सामंजस्य के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की निरंतर निगरानी की जाए। जो भी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानकों को पूरा नहीं कर रहे, उन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा साफ है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास केंद्रों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नशा मुक्ति केंद्र “शेल्टर होम” मात्र न बनें, बल्कि पूर्ण पुनर्वास की दिशा में कार्य करें।

धामी सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश को नशे के चंगुल से बाहर निकालने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग मिलकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रहे हैं। सरकार की मंशा स्पष्ट है उत्तराखंड को नशामुक्त बनाना है तो नशा मुक्ति केंद्रों को मानकों के अनुसार सशक्त और जवाबदेह बनाना होगा। यह अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें जनहित में कठोर प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे, ताकि नशा मुक्ति की आड़ में चल रही अनियमितताओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

सीएस ने दिए सहस्त्रधारा एवं सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल शीघ्र स्थापित करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में केदार वैली में हेली सेवाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने युकाडा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों को सहस्त्रधारा एवं सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि सितंबर माह के प्रथम सप्ताह तक एटीसी स्थापित कर लिया जाए। इसके लिए राज्य सरकार से जो भी आवश्यकताएं होंगी, पूरी की जाएंगी। उन्होंने युकाडा को प्रत्येक हेलीपैड पर हेलीपैड-इन-चार्ज तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शटल सेवाओं की समयबद्धता सुनिश्चित किया जाना हेलीपैड-इन-चार्ज की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने युकाडा से कहा कि प्रत्येक हेलीपैड में प्रशिक्षित मैन पावर लगायी जाए। हेलीपैड के संचालन के लिए एसओपी को 100 प्रतिशत प्रवर्तन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर हेली का टाइम टेबल के साथ ही उड़ान संख्या निर्धारित कर बोर्डिंग पास पर अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि युकाडा प्रदेश में हेली सेवाओं के लिए नियामक संस्था है। हेली कंपनियां नियमों का अनुसरण करें, इसकी जिम्मेदारी युकाडा की है। उन्होंने कहा कि मौसम सम्बन्धी जानकारी मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाए, जिसके लिए मौसम विभाग द्वारा मौसम अधिकारी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपकरणों एवं सैलरी का व्यय भार युकाडा द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने ऑटोमेटेड वैदर ऑब्जर्वेशन सिस्टम चिन्हित स्थानों पर शीघ्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने युकाडा को भी अपने स्तर से चिन्हित स्थानों पर AWOS एवं Ceilometer शीघ्र स्थापित किए जाने हेतु निर्देशित किया।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली एवं सचिन कुर्वे सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग के मध्यान नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में कीर्तिनगर के लोग, पहाड़ों में वेस्ट मैनेजमेंट की नई मिसाल कायम कर रहेः मोदी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का 124 वां संस्करण सुना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखंड के कीर्ति नगर के लोगों द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को लेकर हमारे शहर और कस्बे अपनी जरूरतों और माहौल के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से काम कर रहे हैं। इनका असर सिर्फ इन शहरों तक नहीं है, पूरा देश इन तरीकों को अपना रहा है। उत्तराखंड में कीर्तिनगर के लोग, पहाड़ों में वेस्ट मैनेजमेंट की नई मिसाल कायम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन जन तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने के साथ लोगों को जागरूक भी करता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के कीर्ति नगर के लोगों द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। जिससे राज्य के अन्य लोगों को भी स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने आज के मन की बात में विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल, संस्कृति, स्वच्छता और आत्मनिर्भर भारत जैसे विविध विषयों की ओर देशवासियों का ध्यान खींचा है।

इस अवसर पर आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, विधायक सुरेश गड़िया, विधायक रेणु बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एम्स और हरिद्वार अस्पताल पहुंचकर सीएम ने जाना घायलों का हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के जिला चिकित्सालय एवं एम्स ऋषिकेश पहुंचकर मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हादसे में घायल श्रद्धालुओं का हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःखद घटना से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और शोकाकुल परिजनों के साथ साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों के इलाज एवं परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

सीएम अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की गोल्ड एपरेसल की कार्यशाला एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सम्मिलित हुए

सीएम धामी ने प्रदेश के सभी स्वर्णकारो से आग्रह किया है कि वे उत्तराखंड की पारंपरिक आभूषणों को भी वैश्विक मंचों पर भी प्रस्तुत करने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज संपूर्ण विश्व भारतीय कला, संस्कृति और डिज़ाइन की ओर आकर्षित हो रहा है इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने पारंपरिक डिज़ाइन को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप ढालें, जिससे भविष्य में ‘लोकल टू ग्लोबल’ का सपना साकार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्णकारों का यह प्रयास हमारी युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा, जो आज आधुनिकता की दौड़ में अपने पारंपरिक आभूषणों और लोकशिल्प से विमुख होती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वर्णकारों को आश्वस्त किया है कि यदि उनके संगठन के माध्यम से कोई ठोस प्रस्ताव लेकर आते हैं, जो हमारे राज्य में स्वर्णकार समाज के कौशल विकास, पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण और उनके वैश्वीकरण को बढ़ावा देने में सहायक हो तो राज्य सरकार उसे पूरा सहयोग प्रदान करेगी। सरकार राज्य में स्वर्णकार बोर्ड बनाने के विषय पर विचार करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सन इन पार्क होटल, देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की गोल्ड एपरेसल की कार्यशाला एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में स्वर्णकारों की महत्वपूर्ण भूमिका

अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर से आए स्वर्णकारो, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वर्णकार केवल आभूषणों का निर्माण नहीं करते, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा उसे अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं। हमारे इतिहास में स्वर्णकारों ने न केवल आभूषणों के माध्यम से भारतीय नारी की सुंदरता को सजाया है, बल्कि राजाओं- महाराजाओं के समय में मुद्रा निर्माण से लेकर मंदिरों की शिल्पकला तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश के कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को नई पहचान मिली

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से ’आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज देश के कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को न केवल नई पहचान मिल रही है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उनका गौरव बढ़ रहा है।

भारत बनेगा वैश्विक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में भारत को वैश्विक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का हब बनाने हेतु प्रयासरत हैं। इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा आधारभूत संरचना के विकास, कौशल प्रशिक्षण, निर्यात संवर्धन और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने हेतु बहुआयामी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष मुंबई में ’भारत रत्न मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ की आधारशिला रखी थी, जो देश में जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर को विश्वस्तरीय तकनीक, अत्याधुनिक डिजाइनिंग सुविधाएं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

उत्तराखंड में पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार भी प्रदेश में पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने और हस्तशिल्प से जुड़े समुदायों को सशक्त करने हेतु अनेक योजनाएं चला रही है। हम विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रही है।
आर्थिक सहायता योजनाओं के अंतर्गत लघु एवं कुटीर उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण और सब्सिडी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अनेक विभिन्न योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे आज राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है। यही कारण है कि हमारा राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में आया है। आज हमारा राज्य युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, हमने एक वर्ष में बेरोजारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य हित में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। हमने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। साथ ही, हमने प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके परिणाम स्वरूप उत्तराखंड में पिछले 3 वर्ष में लगभग 23 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

ऑपरेशन कालनेमि“ का विस्तार किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। इसी संकल्प के साथ, हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है, साथ ही, हमने प्रदेश में एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है।वर्तमान में पूरे प्रदेश भर में चल रहा “ऑपरेशन कालनेमि“ सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों का पर्दाफाश कर रहा है। इस ऑपरेशन को आने वाले दिनों में और अधिक विस्तार प्रदान करने की हमारी मंशा है।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, प्रीतम पंवार, उत्तराखंड स्वर्णकार संघ सहित विभिन्न राज्यों के स्वर्णकार संघो सदस्य, बड़ी संख्या में देशभर और राज्य से आए स्वर्णकार, उद्यमी कारीगर और हस्तशिल्पी उपस्थित थे।

मनसा देवी मंदिर पैदल मार्ग पर हुई भगदड़ में 6 की मौत 22 घायल, सीएम ने जांच के आदेश दिए

हरिद्वार जनपद स्थित मंशा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना में 6 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही जिलाधिकारी हरिद्वार को इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जाए।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि घटना में 5 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त 23 अन्य घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय हरिद्वार में किया जा रहा है, जहां सभी को समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सचिव ने बताया कि इस दुखद घटना की जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार:
📞 01334-223999
📞 9068197350
📞 9528250926

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून:
📞 0135-2710334, 2710335
📞 8218867005
📞 9058441404

जनता से अपील की गई है कि घटना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए इन हेल्पलाइन नम्बरों पर संपर्क करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत कार्य जारी हैं।
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मृतकों की सूची

1. श्री आरुष पुत्र श्री पंकज उर्फ प्रवेश, उम्र 12 वर्ष, निवासी-सौदा बरेली उत्तर प्रदेश।

2. श्री विशाल पुत्र श्री नंदन सिंह, उम्र-19 वर्ष, निवासी धनौरी स्वार रामपुर उत्तर प्रदेश।

3. श्री विक्की पुत्र श्री रिक्का राम सैनी, उम्र 18 वर्ष ग्राम विलासपुर थाना -विलासपुर कैमरी रोड़ नगलिया कला मजरा रामपुर उत्तर प्रदेश।

4. श्री विपिन सैनी पुत्र श्री रघुवीर सिंह सैनी, उम्र 18 वर्ष, निवासी वसुवाखेरी काशीपुर उत्तराखण्ड।

5. श्री वकील पुत्र भरत सिंह निवासी मीहतलवाद, जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश।

6. श्रीमती शान्ति श्री रामभरोसे बदायू उत्तर प्रदेश।

घायलों का विवरण-

1. श्री इन्द्र पुत्र महादेव निवासी रिसालू रोड़ पानीपत ।

2. श्रमती दुर्गा देवी पत्नी श्री निर्मल, उम्र 60 वर्ष, निवासी दिल्ली।

3. श्री शीतल पुत्र, उम्र-17 वर्ष, तेजपाल निवासी रामपुर उत्तरप्रदेश।

4. श्री भूपेन्द्र पुत्र श्री मुन्ना लाल, उम्र 16 वर्ष, जिला बदायूं।

5. श्री अर्जुन पुत्र सूरज, उम्र 25 वर्ष, निवासी सिविल लाईन मुरादाबाद।

6. कुमारी कृति पुत्री श्री उमेश शाह, उम्र 6 वर्ष, मोतीहारी विहार।

7. श्री राज कुमार पुत्र निदेश शाह, उम्र 14 वर्ष, मोतीहारी विहार।

8. श्री अजय पुत्र श्री संजय, उम्र 19 वर्ष, बडियारपुर विहार।

9. श्री रोहित शर्मा, पुत्र कमलेश शर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी जिला मेनपुरी। 10. श्री विकास पुत्र प्रेमपाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी बरेली कैण्ट उत्तर प्रदेश।

11. काजल पुत्री अर्जुन, उम्र 24 वर्ष, निवासी सिविल लाईन मुरादबाद।

12. अराधना कुमारी पुत्री श्री विनोद शाह, 5 1/2 वर्ष निवासी भागलपुर विहार।

13 श्री विनोद शाह पुत्र रोहित शाह, उम्र 35 वर्ष, भागलपुर विहार।

14. श्रीमती निर्मला पत्नी श्री पंकज कुमार, उम्र 30 वर्ष शीशगढ़ बरेली।

15. श्री विशाल पुत्र छेदा लाल, उम्र 21 वर्ष रामपुर ।

16. श्री अनुज पुत्र अर्जुन, उम्र 20 वर्ष, निवासी मुरादाबाद उत्तर प्रदेश।

17. एकांक्षी पुत्री संजीव कुमार, उम्र-4 वर्ष, धामपुर उत्तर प्रदेश।

18 श्री संदीप पुत्र श्री रमेश कुमार, उम्र-25. मुरादाबाद उत्तर प्रदेश।

19. श्री रोशन लाल पुत्र एवं पता अज्ञात

20. श्रीमती दीक्षा पत्नी निवासी रामपुर।

21. श्री अजय कुमार पुत्र सहदेव कुमार, उम्र 18 वर्ष, निवासी मुंगेर विहार

22. श्री मनोज सना पुत्र भूरिया, उम्र-30 वर्ष, जिला बरेली उत्तर प्रदेश।

उपरोक्त 05 घायलों को एम्स हास्पिटल ऋषिकेश भेज दिया गया है। शेष 23 घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय हरिद्वार में चल रहा है।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के तहत विवाह पंजीकरण ने पकड़ा जोर

इसी वर्ष 27 जनवरी से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद, विवाह का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। तब से यूसीसी एक्ट के तहत प्रतिदिन औसत 1634 शादियों का पंजीकरण हो रहा है। जबकि, इससे पहले 2010 के एक्ट में होने वाले विवाह पंजीकरण का प्रतिदिन औसत मात्र 67 ही था।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने से पहले, उत्तराखंड विवाह पंजीकरण अधिनियम- 2010, के तहत शादियों का पंजीकरण होता था। लेकिन तब बहुत कम लोग विवाह पंजीकरण कराते थे, 2010 से लागू इस एक्ट के तहत, 26 जनवरी 2025 तक कुल 3,30,064 विवाह पंजीकरण हुए, इस तरह पुराने एक्ट के अनुसार प्रतिदिन औसत विवाह पंजीकरण की संख्या 67 तक ही पहुंच पाई थी।

लेकिन अब 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद, विवाह पंजीकरण में जबरदस्त उछाल आया है। ठोस कानून और आसान प्रक्रिया के चलते लोग अब विवाह पंजीकरण के लिए खूब उत्साह दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि 27 जनवरी 2025 से अब तक यूसीसी के तहत होने वाले विवाह पंजीकरण की संख्या 3,01,526 पहुंच गई है। इस तरह यूसीसी के बाद होने वाले प्रतिदिन विवाह पंजीकरण का औसत 1634 बैठ रहा है। जो पिछले कानून के मुकाबले कई गुना अधिक है। इधर, सरकार ने यूसीसी के तहत विवाह पंजीकरण कराने की वर्तमान समय सीमा, छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी है। इस संबंध में विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इससे उन लोगों को सुविधा रहेगी जो किसी कारण से अब तक यूसीसी के तहत विवाह पंजीकरण नहीं करा पाए थे।

समान नागरिक संहिता के तहत होने वाले पंजीकरण की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ रही है। इससे कानून की व्यापकता और सार्थकता का पता चलता है। समान नागरिक संहिता के तहत होने वाला प्रत्येक पंजीकरण, एक मजबूत समाज की दिशा में ठोस कदम है। इससे महिलाओं के हित खासकर सुरक्षित हो रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान को उच्च शिक्षण संस्थानों को कारगर प्रयास करने होंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में ‘सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के मनोविज्ञान का ध्यान रखते हुए विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान की दिशा में विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं को कारगर प्रयास करना होगा। इस दिशा में पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने पुस्तक का हिन्दी संस्करण भी तैयार किए जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य में सबसे पहले नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने तथा उनके कौशल विकास के साथ ही छात्रों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को ज्ञान के केन्द्र के साथ ही छात्रों के कल्याण के केन्द्र के रूप में भी विकसित करना होगा।

निदेशक उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड प्रो. कमल किशोर पांडे, कुमाऊं विश्वविद्यालय की डीएसबी परिसर की गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. लता पांडे तथा सेंटर फॉर पालिसी रिसर्च नई दिल्ली के निदेशक डा. रामानंद द्वारा संयुक्त रूप संपादित सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं और इससे जुड़े हितधारकों की भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, डॉ. के डी पुरोहित मौजूद थे।

परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर की गई डेढ़ करोड़ः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान चमोली जिले के कालेश्वर में ई.सी.एच.एस एवं सैनिक विश्राम गृह का निर्माण किए जाने एवं नैनीताल में सैनिक विश्राम गृह बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा। जिसमें 50 प्रतिशत सिविलियन भी होंगे। उपनल के माध्यम से राज्य के 22500 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। जिनकी विनियमितीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कारगिल की घाटियों, पहाड़ों और हवाओं में भारत के जवानों का दुश्मन के खिलाफ किया गया युद्ध, आज भी उसी वेग से गूंज रहा है। कारगिल युद्ध के दौरान भारत के शूरवीरों ने अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीति, अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कारगिल युद्ध में वीर भूमि उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से मात्र चार दिनों में पाकिस्तान को घुटनों के बल पर लाकर खड़ा कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मनों को साफ संदेश दिया कि भारत की बहन-बेटियों के सिंदूर उजाड़ने वालों का नामो निशान मिटा दिए जाते हैं। हमारी सेना दुश्मन की गोली का जवाब गोलों से देती है। उन्होंने कहा यह नया भारत है जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वन रैंक-वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि एवं बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने से संबंधित कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए, परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की है। परमवीर चक्र की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीदों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है और इसके लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए परिवहन निगम की बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए तक की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाएं बहुत मजबूत हुई हैं। कारगिल युद्ध में सैकड़ों जवान शहीद हुए, जिसमें हमारे राज्य के 75 जवान शहीद हुए थे, जिसमें से 31 शहीद जवान देहरादून क्षेत्र के थे। उन्होंने कहा उत्तराखंड प्रदेश के अब तक 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1528 जवानों को वीरता पुरस्कार मिला है। 344 विशिष्ट सेवा पदक हमारे उत्तराखंड के वीर जवानों को मिले हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा शहीद जवानों के परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है। जिसके माध्यम से अब तक 37 लोगों को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जे.एस.बिष्ट, (से.नि), ब्रिगेडियर के.जी बहल, (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह अन्य सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिवारजन उपस्थित थे।

उत्तराखंडः कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर सीएम ने दिया सैनिकों को तोहफा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिकों को बड़ा तोहफा दिया है। परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि अब डेढ़ करोड़ दी जायेगी। अभी तक यह राशि 50 लाख रूपये थी। इसके अलावा उन्हें वार्षिक अनुदान राशि के रूप में तीन लाख रूपये मिलते रहेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाने की घोषणा की थी। सीएम के पिता स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की पुण्यतिथि के मौके पर यह समारोह आयोजित किया गया था। सैनिक कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने अनुमोदन दे दिया है।

परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि में सीधे एक करोड़ रूपये की वृद्धि मुख्यमंत्री की सैनिकों के कल्याण से जुड़े विषयों पर गंभीरता को दर्शाता है। जून 2022 से पहले परमवीर चक्र विजेता को मिलने वाली अनुग्रह राशि 30 लाख रूपये थी। कैबिनेट ने 10 जून 2022 को इस राशि को बढ़ाकर 50 लाख करने का निर्णय लिया। इसके बाद, 14 जुलाई 2022 को इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो गया। अब सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एकमुश्त धनराशि को 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रूपये कर दिया है।

“हमारे देश की सीमाएं हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और बलिदान के कारण सुरक्षित हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह सैनिकों की वीरता, समर्पण और बलिदान का सम्मान करे। उत्तराखंड न केवल देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं। एक सैनिक और उसके परिवार का जीवन अनुशासन, त्याग और सेवा की मिसाल होता है। राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर ठोस और प्रभावी निर्णय ले रही है।“
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।