सीएम निर्देश, स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले निकायों को प्रोत्साहित करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शहरी विकास विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए इस काम में जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नगर निकायों को प्रोत्साहित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ ही स्ट्रीट लाईट, सीवर लाईन, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, ई वेस्ट के निस्तारण सहित नागरिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जांय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगर निकायों के राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नए पार्कों के निर्माण के साथ ही पुराने पार्कों के सौंदर्यीकरण व बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। शहरी विकास विभाग के अधीन संचालित 90 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता वाली योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य किया जाय।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त देवभूमि रजत जयंती पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन पार्कों में योग, वॉक और ओपन जिम की सुविधा भी होगी। 9 नवंबर 2026 तक सभी पार्क बनकर तैयार हो जाएंगे। नगर क्षेत्रों में प्रतिवर्ष पचास लाख लीटर वर्षा जल संचय करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य के सभी 11 नगर निगमों में केन्द्रीयकृत नित्रंण व प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से स्ट्रीट लाईट प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल उत्तराखंड के एकीकृत प्लेटफॉर्म से तय रोड़मेप पर कार्यवाही करें: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘डिजिटल उत्तराखंड‘ के एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक सेवाओं की सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तय रोडमैप के अनुसार प्रभावी व समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण गेमचेंजर डिजिटल पहल को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित करें।

गेमचेंजर योजनाओं को लेकर सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को डिजिटल युग की मुख्यधारा में लाने की दिशा में इस पहल से शासन प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी और नागरिकों तक संवाद और सेवाओं के वितरण के तरीके में भी क्रांतिकारी बदलाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।

बैठक में सचिव सूचना प्रोद्यौगिकी नितेश झा ने जानकारी दी कि डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म को राज्य सरकार की सभी योजनाओं के त्वरित एक्सेस लिंक तथा सेवाओं के लिए डिजीटल एकल एक्सेस प्वांइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे डेटा आधारित प्रशासन और कार्यक्षमता व दक्षता में अपेक्षित सुधार कर नागरिक सेवाओं के वितरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इस अवर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखें: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत कर जनपदों में बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, चारधाम और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं तथा विद्युत, पेयजल एवं मूलभूत आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में सभी अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें। किसी भी जान-माल के नुकसान से बचाव के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश के पूर्वानुमान का अपडेट लोगों को तुरंत मिल जाए। इसके लिए जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा जाए। वर्षा के कारण जो सड़कें बाधित हो रही हैं, उन्हें शीघ्रता से सुचारु किया जाए। भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत राज्य के पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। संपर्क मार्ग बाधित होने पर आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन सुरक्षा की दृष्टि से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसी जनपद से करंट लगने की शिकायतें न आएं। पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश मुख्यमंत्री पहले ही अधिकारियों को दे चुके हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्याएं न हों, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए हैं। नदियों के बढ़ते जल स्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को मौसम का नियमित अपडेट दिया जाए। वर्षा के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को ठहराव स्थलों पर भोजन, पानी एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनन्द स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया, मतदान तिथियों को लेकर भ्रम में न रहे मतदाता

देहरादून। राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखंड ने स्पष्ट किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान की तिथियों में किसी तरह का कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पंचायत के चुनाव दो चरणों में 24 और 28 जुलाई 2025 को ही होंगे। आयोग ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी आपातकालीन स्थितियों की वजह से किसी पोलिंग स्टेशन या बूथ पर मतदान नहीं हो पाता है, तो ऐसी स्थिति के लिए ही पुनर्मतदान की तिथियां घोषित की गई हैं। 20 जुलाई 2025 को जारी आयोग का पत्र भी इसी से संबंधित है, जिसका मतदान की तिथियों में परिवर्तन से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान की तिथियों को लेकर किसी तरह के भ्रम में न रहें।

आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में 24 जुलाई 2025 को किसी पोलिंग स्टेशन या बूथ पर मतदान न होने की स्थिति में पुनर्मतदान 28 जुलाई 2025 को होगा। इसी तरह, ये स्थिति यदि 28 जुलाई 2025 के मतदान के दिन उत्पन्न होती है, तो संबंधित पोलिंग स्टेशन या बूथ पर 30 जुलाई 2025 को पुनर्मतदान कराया जाएगा। पुनर्मतदान यदि आवश्यक हुआ, तो सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक कराया जाएगा। मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2025 को ही होगी। सचिव के अनुसार-चुनाव के दौरान पुनर्मतदान की तिथियों हर बार घोषित किया जाता रहा है।

कुमायूँ व गढवाल के पर्वतीय क्षेत्रों में एक-एक आईवीएफ फैसिलिटी एवं ट्रॉमा सेंटर बनाने के निर्देश: सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में जिला एवं उप जिला अस्पतालों की स्थिति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों में रेफरल सिस्टम पर नाराजगी जतायी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो सुविधाएं जिला एवं उप जिला अस्पतालों में उपलब्ध हैं उनका इलाज उन्हीं अस्पतालों में किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गंभीर मरीजों और घायलों का इलाज जिला अस्पतालों और उप जिला अस्पतालों में नहीं हो पाएगा, सिर्फ उन्हीं मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जिला अस्पतालों में सभी प्रकार की सामान्य एवं महत्त्वपूर्ण जांचों को अनिवार्य रूप से शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों में माईक्रोबायोलॉजिस्ट की तैनाती भी शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि यूरिन कल्चर जैसी महत्त्वपूर्ण जांचों को भी सरकारी अस्पतालों में शुरू कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ उन्हीं जांचों को आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से कराया जाए जो जांचें जिला अस्पतालों में नहीं हो सकती। इसके लिए उन्होंने जिला अस्पतालों के मजबूतीकरण के साथ ही कैपेसिटी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से प्रदेश के सभी जिला एवं उपजिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकों, पैरामेडिकल की स्थिति एवं उपकरणों की उपलब्धता की रिपोर्ट तलब की।

मुख्य सचिव ने पुराने हो चुकी 108 एम्बुलेंस एवं विभागीय एम्बुलेंसों को तत्काल बदले जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में संचालित हो रही सभी 108 एम्बुलेंस एवं विभागीय एम्बुलेंसों का विश्लेषण कर लिया जाए एवं पुराने एवं खराब वाहनों को शीघ्र बदला जाए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस बदले जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।

मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को कुमायूँ एवं गढवाल के पर्वतीय क्षेत्रों में एक-एक आईवीएफ फैसिलिटी एवं ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों सुविधाएं शीघ्र पर्वतीय क्षेत्रों में शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश में जिला अस्पतालों एवं उप जिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फ़ैनयी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त कुमायूँ दीपक कुमार, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगा महिला ने कराया मुकदमा

एक यू-ट्यूब चैनल पर पवन सेमवाल नाम के व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से एक गीत प्रसारित/ प्रचारित किया गया था, जिसमें उसके द्वारा उत्तराखंड में महिलाओं व बेटियों की लज्जा का अनादर का प्रयास करते हुए उनके विरुद्ध अभद्र टिप्पणी की गई। अभियुक्त द्वारा पूर्व में उक्त वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया गया था, परंतु दिनांक 19/07/2025 को उक्त व्यक्ति पवन सेमवाल द्वारा पुन: उसी यूट्यूब चैनल पर अपनी फेसबुक आईडी से उक्त गाने को पुनः प्रचारित/ प्रसारित करते हुए आम जन के बीच उत्तराखंड की महिलाओं के प्रति हीनभावना को फैलाने का प्रयास किया गया, उक्त गीत से आहत होकर एक महिला द्वारा कोतवाली पटेल नगर में उक्त संबंध में दी गई तहरीर के आधार पर पवन सेमवाल के विरुद्ध मु०अ०सं०- 369/25 धारा- 196/353(1)(b)/79 भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमें पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त पवन सेमवाल को दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में नियमानुसार बुलाकर उससे आवश्यक पूछताछ हेतु देहरादून लाया गया, जहां अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ के उपरांत उसे विवेचना के अंतर्गत धारा 35(a) BNSS का नोटिस तामील कराकर थाने से सकुशल रवाना किया गया। अभियुक्त को भविष्य में विवेचना में सहयोग करने के लिए अंतर्गत धारा 35(a) BNSS कानूनी हिदायत दी गई।

उत्तराखंड: ऑपरेशन कालनेमि और धर्मांतरण कानून से पाखंडियों पर प्रहार

उत्तराखंड की पहचान संस्कृति, परंपरा, और आध्यात्मिकता से है। ‘देवभूमि’ कहलाने वाले इस पावन राज्य में हर कण में आस्था है और हर नागरिक के जीवन में शांति, सहिष्णुता और सद्भाव बसता है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में कुछ असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने इसकी मर्यादा को भंग करने में कोई कमी नहीं छोड़ी, जिसे सीएम धामी के धाकड़ प्रहार ने ध्वस्त कर दिया।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों पर अब सरकार ने सीधा वार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुए सख्त अभियानों का असर अब साफ दिख रहा है। असामाजिक तत्वों में कानून का डर और खौफ दोनों है।

पहले प्रदेश में लालच, भय या धोखे से धर्मांतरण की घटनाएं प्रकाश में आती रहती थी लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सीएम धामी ने ये स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड की धार्मिक स्वतंत्रता की मर्यादा को किसी भी कीमत पर लांघने नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2022 में पारित उत्तराखंड धर्म‑स्वतंत्रता अधिनियम, 2022 के तहत जबरन धर्मांतरण को गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध घोषित किया गया। दोषियों को 2 से 10 वर्ष की सज़ा और ₹25,000 से ₹10 लाख तक जुर्माना का प्रावधान किया गया है। हाल ही में छांगुर बाबा गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी इसी संकल्प का परिचायक है।

प्रदेश में भगवा चोले और धार्मिक पहचान की आड़ में लोगों को ठगी का शिकार बनने वाले और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों की तेजी से पहचान हो रही है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चलाया गया “ऑपरेशन कालनेमि” एक ऐसा सशक्त अभियान है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा करना है।

प्रदेश के 13 जिलों में चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 2448 लोगों की पहचान की गई, 377 संदिग्धों को चिह्नित किया गया और भगवा चोले की आड़ में पहचान छिपा कर लोगों को ठगने पर 222 अभियुक्तों पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है जबकि 140 गिरफ्तारियां सुनिश्चित की गईं।

इस अभियान के तहत संवेदनशील इलाकों में पहचान पत्र, निवास प्रमाण, और दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि कोई ढोंगी बच न पाए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह प्रमाणित किया है कि जब नेतृत्व संकल्पित हो, तो अस्मिता पर उठे हर हाथ को रोका जा सकता है।धर्म की रक्षा, अस्मिता की सुरक्षा, और प्रदेश की आत्मा – उत्तराखंडीयत की पहचान बनाए रखना ही धामी सरकार का मूल मंत्र है।

सोमवार को भारी बारिश के चलते बंद रहेंगे देहरादून जिले के स्कूल

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के पत्र तथा भारत मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 20 जुलाई को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक जिले में 21 जुलाई को भारी बारिश, वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के दृष्टि गत 21 जुलाई सोमवार को जनपद में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केदो में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।

देहरादून जिले में सोमवार को 12वीं कक्षा तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह आदेश मौसम विज्ञान विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई है। इससे पहले बीते गुरुवार को भी मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर शिक्षण संस्थान बंद कराए गए थे।

जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश के मुताबिक मौसम विभाग ने भारी वर्षा के साथ ही गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ ही कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए 10 जुलाई गुरुवार को अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी मुख्य शिक्षा अधिकारी के साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई है।

अतः जनपद के समस्त शासकीय/गैर शासकीय एवं निजी स्कूलों के साथ सभी आंगनबाडी केन्द्र दिनांक 21.07.2025 को बन्द रहेंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून एवं जिला कार्यकम अधिकारी देहरादून को निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त समस्त शैक्षणिक संस्थाओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में उक्त आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करायेंगे।

लाइलाज राजू का बिना समय गंवाए डीएम ने भिजवाया निजी बर्न स्पेशिलिस्ट हॉस्पिटल

जिला प्रशासन के सहयोग से हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय में असहाय व्यथित राजू का सफल आपरेशन कर लिया तथा राजू पूरी तरह से स्वस्थ है। जिलाधिकारी सविंन बसंल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम प्रतिदिन राजू का हालचाल जानने चिकित्सालय जाती है तथा जिला प्रशासन की टीम चिकित्सालय के सम्पर्क में है। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय प्रबन्धन का राजू के उपचार में सहयोग हेतु अभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन तथा हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय के सहयोग से राजू के उपचार चल रहा है। जिला प्रशासन राजू के पुनर्वास की भी तैयारी कर रहा है इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

विगत दिवस कलेक्टेट परिसर में असहाय राजू पंहुचा जिसका एक हाथ बुरी तरह से जला हुआ था। राजू ने जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि वह होटल में मजदूरी कराता है तथा चमोली में उसका गर्म पानी से जल गया, दून अस्पताल ने हायर सेंटर को रेफर कर दिया है, उसके पास उपचार के लिए पैसे नही है। जिस पर जिलाधिकारी संविन बसंल ने बर्न स्पेशलिस्ट निजी चिकित्सालय से दूरभाष पर वार्ता करते हुए राजू के उपचार का अनुरोध किया जिस हेल्पिंग हेंड हॉस्पिटल के डॉ कुश ने राजू को तत्काल हास्पिटल भेजने को कहा। जिला प्रशासन ने सारथी वाहन से राजू को चिकित्सालय में भर्ती कराया।

दरअसल असहनीय पीड़ा से छटपटाते हुए अचानक राजू नाम का एक व्यक्ति डीएम दफ्तर पहुंचा। कहा ‘‘साहिब मेरा नाम राजू है। मेरे कोई भी अपना नही है, लावारिस हूॅ। गढ़वाल से आया हूॅ। मेरे हाथ पर गरम पानी गिरने से हाथ जल गया है। इलाज की जरूरत है। बहुत दर्द हो रहा है। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं सुन रहा, बहुत परेशान हूॅ, हाथ की सर्जरी होनी है। पैसा नही है, मदद करों। अपने रुंधे कंठ से ये कहते कहते राजू की आंखें दर्द के आंसुओं से छलक उठी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरी संवेदना के साथ असहाय, अनाथ राजू की मार्मिक व्यथा सुनी। राजू के अधजले हाथ के असीमित और असहनीय पीड़ा को महसूस किया और बिना वक्त जाया करते राजू के उपचार हेतु फोन पर चिकित्सकों से परामर्श किया। दून अस्पताल ने राजू के हाथ की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। जिलाधिकारी ने सहस्रधारा आईटी पार्क स्थित एक निजी अस्पताल में स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉ कुश से वार्ता की और राजू को तत्काल प्रशासन के सारथी वाहन से चिकित्सक के पास पहुंचाया। जहां अब राजू के अधजले हाथ का मुफ्त इलाज हो रहा है।

एक्स पर नंबर-1 पर ट्रेंड हुआ उत्तराखंड निवेश उत्सव

प्रदेश में ₹01 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग पूरी होने पर रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में उत्तराखंड निवेश उत्सव मनाया गया तो सोशल मीडिया पर इसकी धूम मच उठी। सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर #UttarakhandNiveshUtsav दिनभर देशभर में नंबर-1 पर ट्रेंड करता रहा।

आम नागरिकों के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने सीएम धामी को “कुशल प्रशासक” बताते हुए लिखा कि उत्तराखंड में इतने बड़े पैमाने पर निवेश की ग्राउंडिंग संभव हो सकी है, तो इसका श्रेय उनके निर्णायक नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और विकास के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को जाता है। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी के विजन के चलते ही आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और नौकरियों का केंद्र बनता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान ₹3 लाख करोड़ से अधिक के निवेश करार किए गए थे। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से देश और विदेश के निवेशकों से संवाद किया, रोड शो किए और उत्तराखंड को निवेश के अनुकूल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

इस निवेश से प्रदेश में 81,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। यह पहली बार है जब प्रदेश में किए गए निवेश करारों का 33% से अधिक हिस्सा धरातल पर उतरने में सफल हुआ है। इससे उत्तराखंड देश के निवेश मानचित्र पर एक भरोसेमंद और सक्रिय राज्य के रूप में उभरा है।