उत्तराखंडः एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्साहित

उत्तराखंड में एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड उत्साहित है। एसोसिएशन की प्रतिक्रिया गर्मजोशी से भरी है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता का मानना है कि निवेशक सम्मेलन के सिर्फ डेढ़ साल बाद कुल निवेश का तीस फीसदी धरातल पर उतरना असाधारण उपलब्धि है। यह पॉजिटिव डेवलपमेंट हैं, जिसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे।

एक बातचीत में गुप्ता ने कहा कि निवेशक सम्मेलन हर राज्य कर रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने की तमाम कोशिशें हो रही हैं। मगर देखने में ये ही आया है कि पांच से दस फीसदी ग्राउंडिंग पर आकर बात ठहर जाती है। इस संदर्भ में उत्तराखंड की तीस फीसदी ग्राउंडिंग की उपलब्धि बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है, जिससे निवेश लायक अनुकूल माहौल बना है। निवेशकों का उत्तराखंड के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में सिर्फ उद्योगों को फोकस करके आर्थिक विकास की तरफ कदम बढ़ाए गए, लेकिन धामी सरकार ने उद्योगों के साथ ही ऊर्जा, पर्यटन, हाउसिंग समेत सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखकर सर्वांगीण आर्थिक विकास की मजबूत बुनियाद रख दी है। बकौल, गुप्ता-राज्य सरकार निवेश लायक माहौल बनाने के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी पर काम कर रही है, तो केंद्र सरकार एक्सटरनल कनेक्टिविटी पर भरपूर सहयोग दे रही है। केंद्र और राज्य का यह बेहतर तालमेल न सिर्फ उत्तराखंड को मजबूत आर्थिक आधार देगा, बल्कि रोजगार की भी नई राह खोलेगा।

सीएम की नजर में निवेशक हैं ब्रांड एंबेसडर

राज्य सरकार निवेशकों को उनके अनुकूल माहौल देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि निवेशक उत्तराखंड को लेकर उत्साहित हैं। आंकड़ों की बाजीगरी से हटकर निवेश की ग्राउंडिंग के जो असल आंकडे़ नजर आ रहे हैं, वह उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के हिस्से आई बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर बताया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य में निवेश करने वाले निवेशकों को उत्तराखंड में जो अच्छे अनुभव प्राप्त हो रहे हैं, उसे वह देश-दुनिया के सामने ला रहे हैं। एक तरह से वे हमारे ब्रांड एंबेसडर बनकर कार्य कर रहे हैं।

रुद्रपुर में आयोजित उत्तराखंड निवेश उत्सव 2025 में केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने, उत्तराखंड में दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद निवेश के रूप में हुए, एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग का उत्सव मनाया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर तारीफ करते हुए, केंद्र सरकार से भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।

टीम धामी ने दिखाया पराक्रम

स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025 को संबोधित करते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो जब भी चार धामों और गंगा यमुना की भूमि उत्तराखंड आते हैं तो नई चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है। यहां की नदियां आधे भारत की पेयजल, सिंचाई की जरूरतों को पूरा करती हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्हांेने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा था कि, राज्य सरकार का असल पराक्रम समिट में हुए तीन लाख 56 हजार करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने का होगा, लेकिन अब उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टीम ने तमाम चुनौतियों के बावजूद, आज एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतार दिया है। इससे 81 हजार नए रोजगार सृजन का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सहायक उद्योगों के जरिए भी ढाई लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जगी है।

पारदर्शिता, तीव्रता और दूरदर्शिता

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, उत्तराखंड के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी उद्योग लग रहे हैं। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और विजन में दूरदर्शिता के साथ विकास का नया खाका खींचने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के रूप में तीन नए राज्य बनाने का काम किया। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। 2014 के बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से उत्तराखंड में तो लगातार डबल इंजन की सरकार चल रही है।

2027 तक दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास का खाका खींचते हुए हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दस साल में 60 प्रतिशत बढ़ी है, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख किमी सड़कें बनी हैं। 333 जिलों में सुविधाजनक वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। दस सालों में 45 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 88 नए हवाई अड्डे बने साथ ही इनलैंड वाटर वे कारगो में 11 गुना बढ़ोत्तरी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ गए थे, मोदी जी इसे चौथे नंबर पर ले आए हैं। अब 2027 में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय में कहा जाता था कि आधारभूत सुविधाएं विकसित करते हुए, देश के गरीबों का कल्याण संभव नहीं है। लेकिन मोदी जी ने इस मिथक को तोड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचा दिया है। मोदी सरकार गरीबों को पांच किलो मुफ्त अनाज देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, साथ ही 55 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। इस दौरान 16 करोड़ घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा, 12 करोड घरों में शौचालय, 13 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई। मोदी सरकार के कार्यकाल में तीन करोड़ घरों में पहली बार बिजली पहुंची, चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए गए।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा मोदी ने 2047 तक विकसित भारत की कल्पना की है, लेकिन विकसित उत्तराखंड के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। देश के समग्र विकास के लिए, छोटे राज्यों सहित उत्तर पूर्व के राज्यों का विकास भी जरूरी है। इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तो वैसे भी ज्योर्तिलिंग, शक्तीपीठ, पर बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग की भूमि है, इस राज्य का विकास कोई नहीं रोक सकता। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ दिन रात काम कर रही है। राज्य में वर्ष भर पर्यटक आएं, इसके लिए 360 डिग्री पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तराखंड के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि जब कुछ लोगों ने ऑलवेदर रोड का विरोध किया तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कर ऑलवेदर रोड को चारधामों तक पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सरकार हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजना पर काम कर रही है। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा किस तरह इस छोटे से राज्य में निवेश का बढ़ावा देने के लिए पयर्टन, एमएसएमई, स्टार्टअप, फिल्म नीति सहित कई प्रयास किए गए, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बना है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगे।

चार गुना अधिक सहायता दी

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में उत्तराखंड को साढ़े तीन गुना से अधिक एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए गए। इसके अलावा 31 हजार करोड़ सड़कों के लिए, चालीस हजार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए, सौ करोड़ एयरपोर्ट के लिए प्रदान किए, इस तरह कुल केंद्रीय सहायता, पिछली सरकार के मुकाबले चार गुना अधिक हो जाती है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि शेष निवेश लक्ष्य को बिना थके जमीन पर उतारने का काम किया जाए, केंद्र सरकार इस काम में पूरा सहयोग देने को तैयार है।

सीएम बोले, निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास की ऊंचाइयों को छू रहा उत्तराखंड

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का उत्सव केवल आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध संभावनाओं, उद्यमिता की भावना और जन भागीदारी पर आधारित समावेशी विकास का प्रतिबिंब है, जो राज्य को आत्मनिर्भरता और औद्योगिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। आज 1342 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त हुई है। आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए देश में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। ’’वोकल फॉर लोकल’’, ’’मेक इन इंडिया’’, ’’स्किल इंडिया’’ और ’’स्टार्टअप इंडिया’’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति, एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियों को लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की स्थापना की गई है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये ’’निवेश मित्र’’ की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। करीब 13 सौ करोड़ रूपए की लागत से खुरपिया में स्थापित होने वाली इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी भी उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड निवेशकों के मध्य, विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धात्मक और भविष्य के लिए तैयार गंतव्य के रूप में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निवेशकों को शांतिप्रिय वातावरण के साथ ही कुशल प्रशासन के जरिए हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस मौके पर पतंजलि समूह के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड राज्य भारत माता का मुकुट है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति और पर्यावरण के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है। उत्तराखंड ने वेलनेस की र्स्वश्रेष्ठ नीति घोषित की है। राज्य सौर ऊर्जा, हाइड्रो पावर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। बाबा रामदेव ने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा की।

यूपीईएस शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डॉ सुनील राय ने कहा कि उत्तराखंड के ज्यादातर शिक्षण संस्थान, किसी ना किसी संस्था से मान्यता प्राप्त हैं, इससे यहां शिक्षण की गुणवत्ता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान, उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब कनेक्टिविटी काफी सुधर गई है, इससे यहां निवेश के अवसर और भी लाभप्रद हो जाते हैं। राज्य में 10 से अधिक रिसर्च संस्थान होने से भी, शिक्षण संस्थानों को इसका फायदा मिलता है।

नैनी पेपर्स के प्रबंध निदेशक पवन अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी अपना नया अत्याधुनिक प्लांट से उत्पादन शुरु कर चुकी है, जिससे 300 नए रोजगारों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि वो गन्ने की खोई से कागज बना रहे हैं, साथ ही प्लांट में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी भी शत प्रतिशत कृषि उपज है। कृषि उपज के रूप में पेड़ उगाने से ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा पहुंच रहा है, बल्कि किसानों की भी आय बढ़ रही है।

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, महेंद्र भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक उपस्थित हुए। इससे पहले सांस्कृतिक टीमों ने मंगलगान के जरिए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर गृह मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास करने के साथ ही प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा कुल 1342.84 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिसमें 1263.5 करोड़ के 16 योजनाओं का शिलान्यास और 79.34 करोड़ की 04 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

लोकार्पण

01. उत्तराखण्ड गृह विभाग जिला कारागार पिथौरागढ़ (लागत रू0 34.49 करोड़)
02. तकनीकी शिक्षा विभाग जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक चम्पावत का भवन (लागत रू0 18.00 करोड़)
03. तकनीकी शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड जनपद चम्पावत के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर का भवन (लागत रू0 16.00 करोड़)
04. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 10.85 करोड़)

शिलान्यास

01. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में प्रशासनिक भवन सहित बस टर्मिनल सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 378.35 करोड़)
02. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में वर्षाजल प्रबन्धन प्रणाली एवं सड़क निर्माण सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 217.82 करोड़)
03. उत्तराखण्ड शहरी विकास विभाग केन्द्रपोषित योजना के अन्तर्गत टनकपुर नगर क्षेत्रान्तर्गत पेयजल आपूर्ति प्रणाली सम्बन्धित विकास कार्य (लागत रू0 171.54 करोड़)
04. महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास निगम उत्तराखण्ड जनपद-ऊधमसिंह नगर में केन्द्र पोषित योजना के अन्तर्गत काम काजी महिला छात्रावास (लागत रू0 126.00 करोड़)
05. उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला देहरादून परिसर में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना (लागत रू0 71.58 करोड़)
06. उत्तराखण्ड गृह विभाग 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 47.79 करोड़)
07. उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड केन्द्र पोषित योजना च्ड-न्ैभ्। (डम्त्न्) के अन्तर्गत कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल में विभिन्न विभागों के आधुनिकीकरण जीर्णाेद्वार, उच्चीकरण एवं अन्य सुविधाओं आदि के निर्माण (लागत रू0 45.68 करोड़)
08. उत्तराखण्ड आवास विभाग जनपद-नैनीताल के अन्तर्गत मेट्रो पोल होटल परिसर (शत्रु सम्पति) में सरफेस पार्किंग (लागत रू0 42.77 करोड़)
09. उत्तराखण्ड गृह विभाग 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के अन्तर्गत टाईप-2 के 108 आवासों (लागत रू0 42.66 करोड़)
10. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के आवासीय भवनों (लागत रू0 35.66 करोड़)
11. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 26.52 करोड़)
12. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के नये कानूनों के क्रियान्वयन हेतु वी०सी० कक्षों (लागत रू0 18.56 करोड़)
13. उत्तराखण्ड गृह विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों (लागत रू0 14.90 करोड़)
14. उत्तराखण्ड आवास विभाग के अन्तर्गत जनपद-चम्पावत के नगर पालिका परिसर चम्पावत में लकड़ी के टाल के पास की भूमि पर मल्टी लेबल कार पार्किंग एवं कॉपलैक्स (लागत रू0 9.99 करोड़)
15. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर शहर के आंतरिक मार्ग के अन्तर्गत एन.एच.-87 में डीडी चौक से इंदिरा चौक तक बांई एवं दायीं ओर सड़क का चौड़ीकरण (लम्बाई 0.900 किमी) कार्य (लागत रू0 8.13 करोड़)
16. जिला विकास प्राधिकरण जनपद-ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत शहर रूद्रपुर में गांधीपार्क का सौन्दर्गीकरण / विकास कार्य (लागत रू0 5.55 करोड़)

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान हुए एमओयू और ग्राउंडिंग
ऊर्जा – कुल 1,03,459 करोड़ के 157 एमओयू (रोजगार 8,472) में ग्राउंडिंग 40341 करोड़ रुपए
उद्योग – कुल 78,448 करोड़ के 658 एमओयू, (रोजगार 44,663) में ग्राउंडिंग 34086 करोड़ रुपए
आवास – कुल 41,947 करोड़ के 125 एमओयू, (रोजगार 5,172) में ग्राउंडिंग 10055 करोड़ रुपए
पर्यटन – कुल 47,646 करोड़ के 437 एमओयू, (रोजगार 4694) में ग्राउंडिंग 8635 करोड़ रुपए
उच्च शिक्षा – कुल 6,675 करोड़ के 28 एमओयू, (रोजगार 4428) में ग्राउंडिंग 5116 करोड़ रुपए
अन्य- कुल 79,518 करोड़ के 374 एमओयू, (रोजगार 13898) में ग्राउंडिंग 3292 करोड़ रुपए।

उत्तराखंड निवेश उत्सव में गृहमंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रपुर में गृह मंत्री अमित शाह के भ्रमण को लेकर दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर जनपद में पहुंचे।

मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रपुर पहुंचकर गृहमंत्री के कार्यक्रम स्थल स्पोर्ट्स स्टेडियम में तैयारियां परखी। निरीक्षण दौरान उन्होंने इवेंट मैनेजर व अधिकारियों को आज ही सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम प्रदेश के लिए अति महत्वपूर्ण है इसलिए सभी इंतजामद पुख्ता हो। उन्होंने कहा कल कार्यक्रम मे माननीय गृह मंत्री भारत सरकार के द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे।

उत्तराखंड सरकार की ओर से दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान उद्योग समूहों के साथ हुए एमओयू अब जमीन पर उतर रहे हैं, इस आयोजन के बाद उत्तराखंड में अब तक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इसी मौके को एतिहासिक बनाने के लिए, राज्य सरकार की ओर से शनिवार को रुद्रपुर में उत्तराखंड निवेश उत्सव आयोजित किया जा रहा है। देश में पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा, निवेश के उपरांत इस तरह के आयोजन के जरिए निवेश की धरातलीय स्थिति जनता के सामने रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे। जिसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में नए स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ ही अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। इस आयोजन मे जरिए राज्य सरकार उत्तराखंड में निवेश के माहौल को प्रोत्साहित करना चाहती है, ताकि अधिक से अधिक निवेशक उत्तराखंड का रुख करें, इससे राज्य में आर्थिक गतिविधि तेज होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ के 1779 एमओयू साइन किए गए थे। जिससे राज्य में 81,327 नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इन एमओयू के आधार पर राज्य में अब तक एक लाख करोड़ रुपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। दिसंबर 2023 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया जबकि समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊर्जा में कुल 1,03,459 करोड़ के 157 एमओयू (रोजगार 8,472) में ग्राउंडिंग 40341 करोड़ रुपए व उद्योग कुल 78,448 करोड़ के 658 एमओयू, (रोजगार 44,663) में ग्राउंडिंग 34086 करोड़ रुपए, आवास क्षेत्र में कुल 41,947 करोड़ के 125 एमओयू, (रोजगार 5,172) में ग्राउंडिंग 10055 करोड़ रुपए, पर्यटन में कुल 47,646 करोड़ के 437 एमओयू, (रोजगार 4694) में ग्राउंडिंग 8635 करोड़ रुपए, उच्च शिक्षा में कुल 6,675 करोड़ के 28 एमओयू, (रोजगार 4428) में ग्राउंडिंग 5116 करोड़ रुपए व अन्य क्षेत्र में कुल 79,518 करोड़ के 374 एमओयू, (रोजगार 13898) में ग्राउंडिंग 3292 करोड़ रुपए हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान उद्योग समूहों के साथ जो भी निवेश संबंधित समझौते किए गए थे वो अब तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं। इससे उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। हम उद्योग स्थापित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। मजबूत आधारभूत सुविधाएं, शांत वातावरण से उत्तराखंड निवेशकों की पसंद बनकर उभरा है।

निरीक्षण दौरान प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, राज्य मंत्री अनिल कपूर, फरजाना बेगम, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, जिला महामंत्री अमित नारंग, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ,प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, मंडलायुक्त दीपक रावत, आई जी रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एम डी सिडकुल सौरभ गहरवार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा पहुंचकर सीएम धामी ने मत्था टेका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान उधमसिंह नगर के पावन नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गुरुद्वारे में दर्शन कर शांत वातावरण में कुछ समय व्यतीत किया एवं सिख परंपराओं और संतों की शिक्षाओं को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में उपस्थित छोटे बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उन्हें स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और शिक्षा व सेवा की भावना को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। बच्चों के चेहरों पर मुख्यमंत्री से मिलने का विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नानकमत्ता साहिब केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक केंद्र है जो सेवा, करुणा और समानता जैसे मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन का अद्वितीय केंद्र बनता जा रहा है, और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को हरेला पर्व की शुभकामनाएं भी दीं और प्रदेश को हरित, स्वच्छ एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री के साथ प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र अभिनंदन किया गया।

उत्तराखंडी संस्कृति पर आधारित बॉलीवुड फिल्म पांच सितंबर का पोस्टर हुआ लांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में हिंदी फ़िल्म “5 सितम्बर“ का पोस्टर लॉन्च किया। यह फ़िल्म पूर्णतः उत्तराखंड में फिल्माई गई है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म निर्माण का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिल्म नीति के तहत हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि अधिक से अधिक निर्माता-निर्देशक उत्तराखंड की धरती पर फिल्म निर्माण करें और राज्य के युवाओं को रोजगार और मंच प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फ़िल्में न केवल उत्तराखंड की प्रतिभा को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि पर्यटन एवं सांस्कृतिक संवर्धन में भी सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने फिल्म निर्माण टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह फ़िल्म दर्शकों के मन को छूने में सफल होगी।

इस अवसर पर फिल्म के डायरेक्टर कुनाल शमशेर मल्ला, कलाकार संजय मिश्रा, ब्रिजेंद्र काला, ऋषभ खन्ना, भुवन खन्ना और दीपराज राणा मौजूद थे।

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सीएम से मिले वेटलिफ्टर मुकेश पाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वेटलिफ्टर मुकेश पाल ने भेंट की। मुकेश पाल ने अमेरिका के बर्मिंघम (अलाबामा) में 27 जून से 07 जुलाई, 2025 तक आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत एवं कांस्य पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया है।

मुकेश पाल वर्तमान में सीआईडी, हल्द्वानी में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्य में हेल्थ और वेलनेस के अच्छे सेंटर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएंः धामी

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए। अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में कार्य किये जाए। यह सुनिश्चत किया जाए कि अस्पताल रेफरल सेंटर न बनें। जन स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओनरशिप लेकर कार्य किये जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों में जन स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की अलग से बैठक करें। स्वास्थ्य विभाग के तहत मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन के माध्यम से सुपर स्पेशलिस्ट को मेडिकल कॉलेज से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।

आयुष विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड में दो स्पिरिचुअल जोन बनाये जाने की सीएम घोषणा के क्रियान्वयन की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि योग, वेलनेस और आयुष हमारी विरासत है, राज्य में हेल्थ और वेलनेस के अच्छे सेंटर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में वेलनेस सेंटर और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक साल का लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाए। पुराने हेल्थ और वेलनेस सेंटरों के उन्नयन की दिशा में भी कार्य किये जाएं। जीएमवीएन, केएमवीएन और वाइब्रेंट विलेज में भी हेल्थ और वेलनेस सेंटरों की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य की योग नीति के तहत योग निदेशालय की स्थापना की जायेगी योग केन्द्रों का पंजीकरण किया जायेगा। नये योग केन्द्रों को प्रोत्साहित किया जायेगा। राज्य में निवेशक सम्मेलन के बाद आयुष के क्षेत्र में 1100 करोड़ रूपये की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को एन.ए.बी.एच के मानकों के अनुरूप उच्चीकृत कराया जा रहा है। 149 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एन.ए.बी.एच प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है।

समीक्षा के दौरान वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जुड़े थे। बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर राजेश कुमार, दीपेन्द्र चौधरी, श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक आयुष विजय कुमार जोगदण्डे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभागीय सचिव समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने मुख्य सचिव को सचिवों के साथ बैठक कर इसके लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को इन्क्यूबेशन और ग्रोथ सेंटरों से जोड़ने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में स्थानीय लोगों को प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, मिस्त्री जैसे कार्यों के लिए बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उद्योगों की मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कोर्स तैयार किए जाएं। प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक मशीनें, प्रयोगशालाएं (लैब्स) और स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जनपद की पारंपरिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लोगों को कौशल विकास और प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी कुशल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल श्रम मुक्ति के लिए लक्षित पुनर्वास से संबंधित कार्रवाई हेतु शीघ्र योजना बनायी जाए। राज्य के बड़े जनपदों में बाल श्रम मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाए तथा प्रदेश के दूरदराज इलाकों में स्किल ऑन व्हील्स वैन की शुरूआत की जाए। मुख्यमंत्री ने हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित देशों में स्थित भारत के दूतावासों से संपर्क किये जाने पर बल देते हुये ऐसे युवाओं को विदेशी भाषाओं के कोर्स कराने हेतु दून विश्वविद्यालय से नियमित समन्वय स्थापित किये जाने के भी निर्देश दिए। जनपदों में बनाए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष कितने युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ा गया इसके विवरण के साथ दीर्घकालिक योजना के बारे में कौशल विकास विभाग 10 दिनों के भीतर स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करे।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 27 आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों को दो वर्षीय कोर्स के अंतर्गत एक वर्ष का प्रशिक्षण आईटीआई में तथा एक वर्ष का प्रशिक्षण उद्योगों में प्रदान करने हेतु भारत सरकार से सहमति प्राप्त हो गई है। पाँच अन्य आईटीआई के लिए शीघ्र ही सहमति प्राप्त किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, सी. रविशंकर एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर की जा रही कार्यवाही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरकारी दायित्वों के निर्वहन में कार्मिकों द्वारा किये जा रहे कदाचार के प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, इसी क्रम में अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम शैलष बगोली द्वारा कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन पर सुजीत कुमार विकास प्रभारी मुख्य अभियंता (कु0) मूल पद अधीक्षण अभियंता उत्तराखण्ड़ पेयजल निगम हल्द्वानी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।

अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि सुजीत कुमार विकास के विरूद्ध संजय कुमार पुत्र चन्द्रपाल सिंह ने अपने शिकायती-पत्र में उल्लेख किया है कि वह पानी की योजनाओं में पेटी पर कार्य करता है। वर्ष 2022 में सुजीत कुमार विकास, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, देहरादून द्वारा संजय कुमार की फर्म मै० हर्ष इंटरप्राइजेज का उत्तराखण्ड पेयजल निगम में पंजीकरण करवाने एवं विभाग में कार्य दिलाने का आश्वासन दिया।

इसके एवज में सुजीत कुमार विकास के कहने पर संजय कुमार ने अपनी प्रोपराईटरशीप फर्म मै० हर्ष इंटरप्राइजेज के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा, फायर स्टेशन के पास बाजपुर रोड, काशीपुर के बैंक खाता सं० 53930200001457 से मै० कुचु-पुचु इंटरप्राइजेज के कोटक महिन्द्रा बैंक खाते में दिनांक 06.07.2022. दिनांक 06.07.2022. दिनांक 07.07.2022, दिनांक 07.07.2022 एवं दिनांक 08.06.2022 को रू0 2.00 लाख की पांच किस्तों में कुल रू0 10.00 लाख, स्थानान्तरित किये गये। विभाग में उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन से ज्ञात होता है कि मै० कुचु-पुचु इन्टरप्राईजेज, वह फर्म है, जिसकी पार्टनर सुजीत कुमार विकास की पत्नी रंजु कुमारी हैं। सुजीत कुमार विकास को स्पष्टीकरण हेतु 15 दिनों का समय दिया गया था, परन्तु सुजीत कुमार विकास द्वारा आतिथि तक कोई प्रत्युत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सुजीत कुमार विकास के विरुद्ध उपरोक्त आरोप बेहद गम्भीर प्रकृति के हैं तथा सुजीत कुमार विकास द्वारा किया गया उपरोक्त कृत्य उत्तराखण्ड पेयजल निगम कर्मचारी आचरण विनियमावली का स्पष्ट उल्लंघन होना दर्शाता है। सुजीत कुमार विकास के प्रभारी मुख्य अभियन्ता (कु०), हल्द्वानी के पद पर बने रहने से विभाग के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

अतः उत्तराखण्ड पेयजल निगम कार्मिक (अनुशासन एवं अपील) विनियमावली में निहित प्राविधानों के तहत सुजीत कुमार विकास, अधीक्षण अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में सुजीत कुमार विकास, कार्यालय महाप्रबंधक (प्रशिक्षण), मानव संसाधन प्रकोष्ठ, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, रुड़की में सम्बद्ध रहेंगे।

हरिद्वार में सीएम धामी ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर बरसाये फूल, किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुॅचकर ओम पुल के निकट गंगा घाट पर आयोजित प्रतिभाग किया तथा देशभर से आए शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर स्वागत किया व उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने आयोजित भजन सन्ध्या में भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि शिव भक्त कांवड़ियों का पैर पखार कर उनका आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सफल आयोजन के लिए हरिद्वार पुलिस सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों, एचआरडीए को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जल अर्पित करने मात्र से ही भगवान शिव अपने सभी भक्तों की मनोकामनायें पूरी कर देते है, और श्रावण मास में तो भगवान शिव की भक्ति का प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है। देशभर से सैकड़ो-हजारों किलोमीटर की यात्रा करके शिव भक्त कांवड़िये धर्म नगरी हरिद्वार से गंगा का जल लेकर जाते है और जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा न केवल श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है बल्कि यह हमें सेवा में पुण्य का भागीदार बनने का भी अवसर देती है। इस वर्ष की अभी तक कांवड यात्रा पर एक करोड़ से अधिक शिव भक्त कांवड़ियों ने अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान कर लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ संस्कृति के संरक्षण के लिए बहुत पुनरोत्थान के कार्य भी चले रहे है, चाहें काशी विश्वनाथ कोरिडोर, अयोध्या में भव्य राम मन्दिर बनने की बात करें या उज्जैन में बनने वाला महाकाल, हमारे देवभूमि उत्तराखण्ड में केदारनाथ का नवनिर्माण या बद्रीविशाल का मास्टर प्लान हो, इन सभी पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमारे राज्य में प्रथम ध्वज वाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम किया है। वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री है जिन्होंने साढे़ 17 हजार फुट की ऊँचाईं पर जाकर सीमांत क्षेत्र में भगवान आदि कैलाश व पार्वती कुण्ड के दर्शन किये। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मां गंगा के तट पर हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हरिद्वार धर्मनगरी का भी काशी, अयोध्या की भाँति अपने भव्य स्वरूप में दर्शन हो जाया करेंगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए हमने पहली बार एक विशिष्ट मोबाइल एप के साथ स्वास्थ्य केन्द्र, शौचालय, पार्किंग, टिन शेड विस्तार, विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था की है। आपकी यात्रा में कोई असुविधा न हो साथ ही प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्रों में होटल एवं ढाबों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये है, धर्मनगरी हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही हैं। लगभग तीन सौ से ज्यादा कैमरे कांवड़ क्षेत्र में लगाये गये है। कांवड़ मेला क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की है, जाम में फंसे गंभीर मरीजों को गंगा नदी और गंगनहर के जरिये जल्द से जल्द निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुँचायें जा सके। कांवड मेंला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नही हमारी आस्था श्रृद्धा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हमारा सौभाग्य है कि हर साल करोंड़ों-करोंडों शिव भक्तों का सेवा करने का सुअवसर प्राप्त होता है। जहां भक्ति है वहां मर्यादा की भी आवश्यकता है, जहां आस्था है वहां अनुशासन भी जरूरी है, और जहां शिव है वहां शान्ति भी स्वाभाविक है। लेकिन हाल ही में कुछ घटनाएं भी सामने आई है, जहां कुछ स्थानों पर कांवड़ यात्रा के दौरान उपद्रव और अनुशासनहीनता भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिव शक्ति कोई प्रदर्शन नहीं बल्कि एक आंतरिक साधना है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव को जलाभिषेक करने, जल अर्पित करने एवं उनकी आराधना करने की पवित्र यात्रा एवं अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि महादेव को प्रसन्न करने के लिए, अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए, अपना शोधन करने लिए इस यात्रा को करते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि आपकी यात्रा के कारण किसी को भी पेरशानी न हो, यात्रा में किसी भी प्रकार का विघ्न एवं बाधा न हो, कावंड़ यात्रा के नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति कावड़ यात्रा के उद्देश्यों को भुलाकर अशान्ति, एवं उपद्रव की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे भी विनम्र अपील की कि वह सच्चे शिव भक्त की भांति विनम्रता पूर्ण आचरण करें, क्योंकि जब भक्त विनम्र और सहनशील होता है तब आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान आशुतोष से प्रार्थना की कि इस बार की कांवड़ यात्रा आपके भीतर शिव तत्व को जागृत करें, इसके लिए आपको प्रसन्न रहकर शान्तिपूर्ण आचरण करना होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पुण्य भूमि केवल आप सभी का स्वागत ही नहीं करती है, बल्कि आपकी सेवा को अपना शौभाग्य मानती है। इसलिए संरकार, शासन एवं प्रशासन, स्वयं सेवी संगठन, डॉक्टर्स, सफाई कर्मी, व्यापार मण्डल, श्री गंगा सभा, जनप्रतिनिधिगण, सन्तगण सभी मिलकर कांवड़ यात्रा का संयोजन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हमने विकल्प रहित संकल्प के साथ हम निरन्तर कार्य कर रहे हैं, उसका परिणाम भी आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दिशा बिल्कुल सही लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, नीति आयोग भारत सरकार ने इण्डेक्स में पूरे देश के अन्दर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में देवभूमि उत्तराखण्ड ने देश के अन्दर पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर राष्ट्रीय स्तर से कम हुई है। उन्होंने कहा कि हमने नकल विरोधी कानून बनाया है, इसके बनने के बाद 24 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना किसी नकल व बिना भ्रष्टाचार के सम्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नकल माफिया जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी काम किया है, सख्त धर्मान्तरण विरोधी कानून लागू किया है, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिकता कानून लागू किया है, वहीं लव जिहाद, लैण्ड जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनानत की आड़ में विधर्मियों द्वारा छद्म वेष बनाकर भोले भाले लोगों को ठगने के खिलाफ भी ऑपरेशन कालनेमि चला रहे हैं। इस ऑपरेशन के माध्यम से छद्म वेशधारियों को पकड़ने का काम कर रहे है, जोकि सनातन धर्म को नुकसान पहुॅचाने एवं हिन्दु धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में श्रीमद् भागवत गीता के पाठ को भी अनिवार्य कर दिया है। पिछले दो दिनों से सभी स्कूलों में विद्यार्थी गीता का पाठ कर रहे हैं, जिससे हमारे प्रदेश के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ जीवन जीने की कला को भी सीख पायें, शिक्षा के साथ-साथ अपने अध्यात्म के प्रति भी उत्सुकता भी जागृत हो। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यात्रा की सफलता एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जो भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं, उनका अनुपालन करें, यात्रा को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।

इस दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी, राज्यसभा सासंद कल्पना सैनी, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मदन कौशिक, जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चौंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी राजीव स्वरूप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई सिंचाई विभाग के जलाशयों में जमा सिल्ट को निकाले जाने के संबंध में बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग के जलाशयों में जमा सिल्ट को निकाले जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन जलाशयों में अधिक मात्रा में सिल्ट जमा हो चुका है तथा जिससे उसकी धारण क्षमता में अत्यधिक कमी आई है उनके सिल्ट को निकालने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करें। जिससे जलाशयों की धारण क्षमता में वृद्धि हो जाए तथा उसके डाउनस्ट्रीम में किसी भी तरह के जलभराव की आशंका न रहे।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सिल्ट निकालने के लिए फॉरेस्ट रिजर्व क्षेत्र के मानक का पालन करते हुए प्रस्ताव तैयार करें तथा इसके लिए राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की जैसे संस्थान से स्टडी करवाना भी सुनिश्चित करें। ताकि सिल्ट निकालने की प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से संपन्न की जा सके।

बैठक में सचिव युगल किशोर पंत, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन रंजन कुमार मिश्रा, सिंचाई विभाग से सुभाष चंद्र पांडेय, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान डी. के. सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।