सीएम धामी निर्देश पर पुलिस ने चलाया ऑपरेशन प्रहार, कई गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत देहरादून पुलिस द्वारा अंतर्गत विभिन्न आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
▪️*राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग एवं हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई* करते हुए *03 अन्य अभियुक्तों—आदेश गिरी पुत्र ओमप्रकाश गिरी निवासी शिवपुरी गडीपुता, थाना गडीपुता जनपद शामली (उ0प्र0), समीर चौधरी पुत्र चरमेनदर सिंह निवासी ग्राम गदर जुड्डा, थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा मोहित अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी बी-43 रामा पार्क रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली*—को गिरफ्तार किया है। उक्त घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेंज करते हुए पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। *प्रकरण में पूर्व में भी 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,* जबकि अन्य की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।
▪️इसके अतिरिक्त, *महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार* चल रहे अभियुक्त योगेश रमेश लहारे पुत्र रमेश लहारे निवासी पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) उम्र 31 वर्ष को दून पुलिस एवं महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे *सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।* आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत अभियुक्त को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द किया गया।
▪️इसी क्रम में, उड़ीसा के कटक जनपद से जेल तोड़कर फरार हुए 01 लाख रुपये के इनामी अपराधी राजा साहनी पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), उम्र 34 वर्ष को भी ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उड़ीसा पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप *अभियुक्त को टिहरी एवं देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वाहन सहित घेराबंदी कर पकड़ा गया।* अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न प्रांतों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है।

जनपद देहरादून पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस एवं कैंटोनमेंट बोर्ड के सहयोग से *डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान* चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए *06 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट एवं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट* के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की गई।
इसके अतिरिक्त, नो पार्किंग जोन एवं फुटपाथ पर खड़े 08 वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कोतवाली कैंट लाया गया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।

*डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत पूरे प्रदेश में* पुलिस टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर *सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान* चलाया जा रहा है। विभिन्न *बैरियर एवं संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच* की जा रही है, साथ ही *जनसुरक्षा के दृष्टिगत पीजी, हॉस्टल, होटल, आश्रम एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का सत्यापन* किया जा रहा है। *यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध निरंतर चालान एवं वैधानिक कार्यवाही* की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, *नियमों का उल्लंघन करने वाले पब एवं बार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है,* जबकि शहरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर सीएम ने परिजनों से व्यक्त की संवेदनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य हुआ समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताज़े फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताज़े फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा” देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग की 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद नरेन्द्र कुमार यादव एवं आईटीबीपी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

दून में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग

देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना शामिल है। इस कानून के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास सरकार पर मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के जेंडर बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही, 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे राज्य में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भी अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बना है और यदि अन्य राज्य भी इसे अपनाते हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि “यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में प्रवाहित होनी चाहिए”, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिलेगा।

कानून व्यवस्था और पारदर्शिता के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल प्रकरणों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, चर्चित अंकित भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और अन्य संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर कई योजनाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें पारदर्शी भर्ती प्रणाली, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां, पर्यटन को सशक्त बनाने के प्रयास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास, सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम शामिल हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने नई परियोजनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के विभिन्न विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा राज्य में नई परियोजनाओं के निर्माण से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल के इस निर्णय से निश्चित रूप से इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही जनपद देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से ही स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसी के टौंस नदी पर जनपद देहरादून में प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डी.पी.आर. की स्वीकृति हेतु भी दिशानिर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता के साथ ही यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।

हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।

पुलिस मुख्यालय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर उच्च स्तरीय बैठक, डीजीपी ने दिए अधिकारियों को कड़े निर्देश

देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा आज पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल तथा एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह उपस्थित रहे।

बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए निम्न निर्देश दिए गए—

▪️ *आईजी गढ़वाल* को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

▪️ *एसएसपी देहरादून* को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया, साथ ही क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए ।

▪️ *क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी* स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाएं तथा बैरियर्स पर सघन चेकिंग सुनिश्चित करें। *विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में क्षेत्राधिकारी पुलिसबल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाएं।*

▪️ *आईजी एसटीएफ एवं एसएसपी एसटीएफ* को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

▪️ *सत्यापन अभियान* के अंतर्गत पीजी एवं किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

▪️ *निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार एवं पब्स पर सख्त कार्रवाई* करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट कहा कि राजधानी देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण मुस्तैदी, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

काशीपुर से सड़क मार्ग से खटीमा पहुंचे सीएम धामी, हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सड़क मार्ग से काशीपुर से खटीमा पहुंचे। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कई स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से भी स्वागत कर जनता ने अपना उत्साह और समर्थन प्रदर्शित किया।

यात्रा के दौरान काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, दिनेशपुर, किच्छा, सितारगंज सहित कई स्थानों पर भारी संख्या में लोग अपने लोकप्रिय नेता के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े रहे। युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर जगह जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई।

जगह-जगह आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता राज्य सरकार की विकास नीतियों और जनहितकारी निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास यात्रा की सक्रिय सहभागी बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र और संतुलित विकास के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।

काशीपुर में सीएम ने मां बाल सुंदरी मंदिर के किए दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर के विकास की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने चैती मेले में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मां बाल सुंदरी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मेले का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का जीवंत महोत्सव है। इस मेले में हमारे पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस मेले को और भी अधिक आकर्षक बनाती हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि चैती मेले का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में सरकार काशीपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए भी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा काशीपुर में 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इसी प्रकार, काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को चार लेन में उन्नत करने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही यहां 3 किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ रुपये की लागत से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का निर्माण भी किया गया है और 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना तथा 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना पर भी कार्य चल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहर में बहुमंजिला पार्किंग और नए तहसील कार्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। क्योंकि हमारा लक्ष्य है कि काशीपुर औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा करना भी है और इस दिशा में हम लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। आज उत्तराखंड को यह गौरव प्राप्त है कि यह देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि कड़े “एक्शन” भी लेती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमने “देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून” लागू किया और इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जो पिछली सरकारों के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार काशीपुर में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ओवरब्रिज बना रही है, सड़कों का चौड़ीकरण कर रही है और उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार कर रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट/जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, बलराज पासी, विनय रुहेला, फरजाना बेगम, शंकर कोरंगा, मंजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, राजेश कुमार, ऊषा चौधरी, सतीश भट्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनता मौजूद थे।

राज्य में स्थापित होंगे दो आधुनिक साहित्य ग्राम: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया।

इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।

अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं तथा समाज को दिशा देने का कार्य निरंतर करते रहेंगें।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।