मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एलपीजी गैस वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक को लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने के लिए आपूर्ति बढ़ाये आने पर भी जोर दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बढ़ाये जाने हेतु केंद्र सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नैनीताल एवं कुछ और मैदानी जनपदों को अंश निर्धारण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी जिलाधिकारियों को तेजी लाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुंभ – 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी आवश्यक जीओ शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की टीएसी एवं ईएफसी होनी हैं, शीघ्र करवा ली जाए। उन्होंने कह कि कार्यों में डुप्लीकेसी ना हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन एवं श्री आनन्द स्वरूप, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, मंडलायुक्त कुमाऊं दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के टिहरी में केंद्रीय विद्यालय की होगी स्थापना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा मदन नेगी, टिहरी गढ़वाल में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा।साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदान नेगी, टिहरी गढ़वाल स्थित यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

पुत्र की मृत्यु उपरान्त 2023 से न्याय को भटकती मां को मिला डीएम का सहारा, नियोक्ता फर्म पर मुकदमा व लेबर कोर्ट में वाद दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित: अग्रवाल

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर रायवाला में आयोजित कार्यक्रम में ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल का पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह एवं उल्लास के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

डॉ अग्रवाल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्व अटल बिहारी बाजपेई एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर व भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एंव वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर कार्यक्रम के शुरुआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक विशाल परिवार है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है, जो अपने कार्यकर्ताओं के समर्पण और सेवा भाव के कारण संभव हुआ है।

डॉ. अग्रवाल ने पार्टी के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1980 में स्थापना के बाद 1984 में एक समय ऐसा भी आया जब भाजपा के मात्र दो सांसद थे, लेकिन कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और संगठन की मजबूती के बल पर आज देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के साथ उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की साख को और सशक्त किया है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अग्रवाल ने संगठन को मजबूत बनाने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

इस अवसर पर दर्जाधारी श्यामवीर सैनी जी, भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सतपाल सैनी, रायवाला मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, प्रतीत नगर ग्राम प्रधान राजेश जुगलान, पंचायत सदस्य गीता थापा, लक्ष्मी गुरुंग, गणेश रावत, चित्रवीर छेत्री, अजय साहू,शिवकुमार पाल, नीतू सैनी, अनु सैनी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय जनता मौजूद रही

महामंडलेश्वर अभिरामदास महाराज का आशीर्वाद लेने उनके आश्रम पहुंचे पूर्व मंत्री

ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश के मायाकुंड स्थित रामानंद आश्रम के पीठाधीश्वर एंव महामंडलेश्वर अभिरामदास जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने शंकराचार्य जी से प्रदेश एवं क्षेत्र की समृद्धि, शांति और जनकल्याण के विषय में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत समाज का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा प्रदान करता है तथा उनके आशीर्वाद से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

महामंडलेश्वर अभिरामदास ने भी डॉ. अग्रवाल को आशीर्वाद देते हुए डॉ अग्रवाल व प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल 2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।

चारधाम यात्रा मार्ग होगा और सुरक्षित, NH-134 पर व्यापक कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत कार्यों के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं केंद्र सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस स्वीकृति के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थलों के उपचार के लिए ₹233 करोड़ तथा पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए ₹228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह पहल न केवल आपदा जोखिम को कम करने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, उत्तराखंड में धरासू एवं कुठनोरी से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। यह मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रहा है, जिसके कारण कई बार यातायात बाधित होता है और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने से इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी, जिससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर तवाघाट-घटियाबागड़ खंड में भूस्खलन संभावित स्थलों के उपचार से सीमांत क्षेत्रों तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह स्वीकृति प्रदेश के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*……

*“उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय राज्य में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, चारधाम यात्रा को सुगम बनाने तथा सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं नागरिकों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है।”

सीएम ने केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार शहर में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र से संबंधित लगभग ₹325 करोड़ की परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृति का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 के दृष्टिगत इस परियोजना के अंतर्गत विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण एवं प्रणाली के स्वचालन हेतु भी प्रथम चरण में ₹325 करोड़ की धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया, साथ ही द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष लगभग ₹425 करोड़ की धनराशि भी अनुमोदित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऋषिकेश में आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों के संदर्भ में हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शहरी अवसंरचना के विकास हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय यातायात को सुदृढ़ करने के हेतु रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक विस्तारित करने के साथ ही देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास का भी अनुरोध किया, ताकि इन शहरों के मध्य आवागमन को सुगम बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी तथा पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन एवं समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी।

केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

सीएम धामी ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम देहरादून में निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत 02 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनालों के निर्माण एवं नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 06 स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। आज हमारा देहरादून अपनी समृद्ध पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। तेज विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को सहेजने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के शहरों, कस्बों और नगरों में स्वच्छता की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।

अमृत योजना के माध्यम से शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देशभर के शहरों को आधुनिक, सुविधायुक्त और भविष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का स्वयं का घर होने का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, ओडीएफ अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की गई है। हरित और स्वस्थ देहरादून के निर्माण के लिए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है। केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इससे आवागमन और तेज होगा। इन संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।

पिछले एक वर्ष में नगर निगम देहरादून द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को लगभग 52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां लगभग 190 से 200 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे थे, आज उनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, यह राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है। सरकारी और निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पर सक्रिय कार्रवाई की अपेक्षा की। उन्होंने जनता से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रामसिंह कैड़ा, खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।