दून व कुमाऊं विश्वविद्यालय के लैंग्वेज स्कूल को मजबूत और प्रभावी बनाएं: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दून विश्वविद्यालय एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के लैंग्वेज स्कूल को मजबूत और प्रभावी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भीतर सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विदेशी भाषा को अनिवार्य किया जा सकता है, या इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को इच्छित भाषा का भी प्रशिक्षण देने पर विचार किया जा सकता है। इस दिशा में अन्वेषण कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में बनाए जा रहे पुस्तकालयों में भाषा लैब को भी जोड़े जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पुस्तकालयों में जाने वाले इच्छुक छात्र भाषा लैब में ऑडियो-विजुअल्स के माध्यम से विदेशी भाषाओं को सीख सकते हैं, साथ ही अन्य ऑनलाईन प्लेटफॉर्म का भी प्रयोग किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण पा रहे अभ्यर्थियों को भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विदेश रोजगार प्रकोष्ठ एवं तकनीकी शिक्षा को क्रेडिट आधारित विदेशी भाषा लर्निंग कार्यक्रम संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इससे विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण ले रहे युवा विदेशी भाषा सीखने के प्रति प्रेरित होंगे।

मुख्य सचिव ने जापान, जर्मनी और यूके के दूतावासों से सम्पर्क कर उनके सुझाव लिए जा सकते हैं। और अच्छी भाषा सिखाने वाली एजेन्सी को हायर किया जा सकता है। उन्होंने विदेशों में रोजगार के अवसर के लिए दूतावासों के माध्यम से सीधे विदेशी नियोक्ताओं से भी सम्पर्क किए जाने की बात कही। कहा कि इससे विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार विदेशों में जॉब सूची और रिक्तियों के अनुरूप प्रशिक्षण पा चुके छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी उपलब्ध करायी जा सकती है। इस सूची का प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को विदेशों में रोजगार से जोड़ा जा सकता है।

मुख्य सचिव ने विदेश में रोजगार के साथ ही आंतरिक रोजगार की दिशा में निरन्तर प्रयास किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा स्किल्ड हो इसके लिए भी लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान की परिस्थितियों के अनुरूप नए नए कोर्स संचालित किए जाने पर फोकस किया जाए।

सचिव सी. रविशंकर ने बताया कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ में अभी तक कुल 206 लोगों ने पंजीकरण किया है। जिसमें से नवम्बर, 2025 तक कुल 76 लोगों को विदेश में रोजगार प्राप्त हुआ है। नवाचार योजना के तहत स्टेट नर्सिंग कॉलेजों में 248 अभ्यर्थियों को जर्मन में, 35 को जापानी भाषा का, 62 को फ्रेंच भाषा का, 11 को स्पेनिश और 185 अभ्यर्थियों को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव रोहित मीणा एवं मनुज गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हर न्याय पंचायत में बहुद्देशीय शिविर, कोई पात्र लाभार्थी ना छूटे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएँ और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए तथा बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँ। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के उपरान्त निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएँ तथा योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर कमियों को दूर किया जाए। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3–4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठनात्मक नेतृत्व और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट सहित अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण हमारा संकल्प: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का मुख्यमंत्री आवास से ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए ₹25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए ₹10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी उपादान (सब्सिडी) के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक ₹1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इसे छोटे व्यापारियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश के लिए एक “गेम चेंजर योजना” बताया। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए वर्ष 2025 से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 (MSY 2.0) प्रारंभ की गई है, जिसमें MSY और नैनो योजना का एकीकरण किया गया है। नई व्यवस्था में सब्सिडी की सीमा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक कर दी गई है। साथ ही भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद बूस्टर की अवधारणा के अंतर्गत अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे योजना आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी सशक्त बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लाभार्थियों से संवाद भी किया। लोहाघाट, चंपावत के कमल सिंह पार्थोली ने कहा कि उन्होंने स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए इस योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया। अभी यहां 130 बच्चे पढ़ रहे हैं, वे अब ई-लाइब्रेरी भी बनाएंगे। उधम सिंह नगर के प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने गाड़ी सर्विस के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया; वे पहले साइकिल रिपेयरिंग का कार्य करते थे। उत्तरकाशी के जसपाल ने बताया कि उन्होंने फिटनेस क्लब की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, अब वे इसका और विस्तार कर रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल के अयान मंसूरी ने बताया कि उन्होंने रजाई और गद्दा निर्माण के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, उनके साथ इस रोजगार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग जुड़े हैं। इस साल उनका कारोबार तीन करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बागेश्वर की चंपा देवी ने कहा कि उन्होंने मोबाइल सेल एंड सर्विस के लिए सात लाख रुपये का लोन लिया था। इस कार्य से उनकी आजीविका बढ़ी है।

इस अवसर पर सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग एवं एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, उप सचिव शिव शंकर मिश्रा, उद्योग विभाग से अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह, संयुक्त निदेशक अनुपम द्विवेदी, दीपक मुरारी, उप निदेशक महावीर सजवान, राजेंद्र कुमार, उद्योग मित्र अभिषेक नैनवाल एवं अनुराग गुप्ता मौजूद थे।

इंडोर खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना ने प्रदान किये पुरस्कार

उत्तराखण्ड सूचना कर्मचारी संघ (मुख्यालय), देहरादून द्वारा प्रथम इंडोर खेल प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया गया। आज प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी द्वारा पुरस्कार प्रदान किये गये।

महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं मेडल प्रदान करते हुए कहा कि हम सभी को अपनी जीवनशैली में योग और खेल को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बढ़ते तनाव को कम करने के लिये नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। खेल की भावना जीवन को अनुशासित बनाने के साथ शारीरिक व मानसिक विकास में भी मददगार रहती है। उन्होंने कहा कि सूचना संघ द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। सभी कर्मचारी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसर में एक बैडमिंटन कोर्ट तैयार कराया जाय। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाय।

इस अवसर पर अपर निदेशक आशिष कुमार त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता भविष्य में भी आयोजित की जाय। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनिया द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये।

कार्यक्रम में संघ के महामंत्री अंकित चौहान द्वारा स्वागत भाषण किया गया। चौहान ने कहा कि महानिदेशक सूचना की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई है। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष कैलाश रावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये।

कार्यक्रम में में महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा शतरंज प्रतियोगिता में विजयी रहे कैलाश रावत एवं उप विजेता राजेन्द्र सिंह कलूड़ा को पुरस्कृत किया गया। महिला वर्ग में कैरम सिंगल्स की विजेता आरती बिष्ट एवं उप विजेता विदिशा नेगी को पुरस्कार प्रदान किये गये। कैरम प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग के सिंगल्स श्रेणी के विजेता अतुल डिमरी एवं उप विजेता गजेन्द्र सिंह को पुरस्कृत किया गया। कैरम प्रतियोगिता के डबल्स श्रेणी में विजेता अतुल डिमरी एवं गजेन्द्र सिंह, उप विजेता चेतन कुमार पाण्डेय एवं राम सिंह परजोली को पुरस्कृत किया गया। यह खेल प्रतियोगिता विगत 12 एवं 14 दिसम्बर, 2025 को सूचना भवन सभागार में आयोजित की गई थी।

इस अवसर पर संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

अगले 45 दिनों तक प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत के प्रत्येक पात्र नागरिक को 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। बैठक के दौरान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान के तहत प्रदेशभर की विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाकर जन सामान्य को राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाए जाने के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

मुख्य सचिव ने कहा कि 17 दिसम्बर से अगले 45 दिनों तक प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत के प्रत्येक पात्र नागरिक को 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं से संतृप्त किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए प्रत्येक जनपद को रोस्टर तैयार कर कैम्प लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक को मिले इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद अपने अंतर्गत न्याय पंचायतों की संख्या के आधार पर रोस्टर निर्धारित कर सकता है। कहा कि ज्यादा न्याय पंचायतों वाले जनपद इस अभियान को तब तक जारी रखेंगे जब तक सभी प्रदेशवासी योजनाओं के लाभ से संतृप्त नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में 2 से 3 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की प्रत्येक न्याय पंचायत को संतृप्त किया जाना है।

मुख्य सचिव ने कहा कि कैम्प लगाए जाने से पहले न्याय पंचायत में इसका प्रचार प्रसार अनिवार्य रूप से कर लिया जाए ताकि कैम्प में पात्र अभ्यर्थी विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें, साथ ही अपने जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रचार प्रसार के लिए सोशल मीडिया टूल का भी इस्तेमाल किया जाए ताकि लोगों को जानकारी रहे कि किस न्याय पंचायत में कौन-कौन से दिन कैम्प लगना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कैम्प लगने से 2-3 दिन पूर्व उस न्याय पंचायत में अनिवार्य रूप से सभी प्रकार के आवेदन पत्र और जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा कैम्प के उपरान्त न्याय पंचायत के आसपास के गांवों का भ्रमण कर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र भरवाए जाएं। प्रयास किए जाएं कि न्याय पंचायत के सभी पात्र निवासीगण सरकारी जनहित की योजनाओं से संतृप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण की विभिन्न पेंशन योजनाओं, प्रमाण पत्रों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लाभार्थियों का पंजीकरण आदि सहित कुल 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं का लाभ इस बहुद्देशीय कैम्प के पात्र लाभार्थियों को दिया जाना है। राज्य एवं जनपद स्तर बैंकर्स समिति को भी विभिन्न योजनाओं के तहत् ऋण लाभ के लिए इस कैम्प में शामिल किया जाए।

मुख्य सचिव ने प्रभारी सचिवों द्वारा अपने अधीन जनपदों में लगने वाले बहुद्देशीय कैम्पों का औचक निरीक्षण किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कैम्प में आमजन की शिकायतों का तत्काल निस्तारण के निर्देश देते हुए लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने की भी बात कही। कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित कैम्पों की प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय एवं सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सभी आयोजित कैम्प का डेटाबेस तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कैम्प का डॉक्यूमेंटेशन के लिए एक ऐप तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्धांकी, डॉ. वी. षणमुगम एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का दिन है विजय दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार, डीएम ने तत्काल एडीओ की तैनाती के दिए आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिकेश तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनी और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया। शेष मामलों पर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से ले और प्राथमिकता पर उनका समाधान सुनिश्चित करें। जन सुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सडक, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता खतौनी, राजस्व संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करना है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई में जनसैलाब उमडा। शाम 7ः30 बजे रात तक नान स्टाप मैराथन जन सुनवाई में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हुआ। ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।

ऋषिकेश में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकान संचालित होने तथा बिना लाइसेंस के पशुओ का बध करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ टीम बनाकर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में जोगीवाला के समस्त ग्रामवासियों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियां डीएम के सामने रखी। इस पर एसडीएम को जांच करते हुए केंद्र के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गणेश विहार निवासी 80 वर्षीय मनीराम ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके बेटे मनमाने ढंग से उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर व विमला देवी को अपनी भूमि संबंधी मामलों पर भी जिलाधिकारी ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक सलाह तथा निशुल्क सरकारी वकील उपलब्ध कराने को प्रेषित किया ।

भटोंवाला निवासी व्यथित विधवा अनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी कि उनके पति द्वारा बैंक से ऋण लिया गया था जिसका बीमा भी कराया था, पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई जिस कारण बैंक वाले अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक उन सभी के नाम नोटिस भेज रहे हैं जिसमें 12 वर्षीय नाबालिक बच्चों के नाम में नोटिस भेजा जा रहा है। इसका बच्चों पर मानसिक दुष्प्रभाव पड रहा हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा का क्लेम दिलाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के पार्षदों ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि यूपीसीएल के आवासों में किराएदार रखें गए है जो खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। इसके अलावा निगम क्षेत्र में विद्युत के कई पल जर्जर स्थिति में है जिनको विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए है।

फरियादी पंकज गुप्ता ने हीरालाल लाल मार्ग पर सीवर लाइन न होने की समस्या पर पेयजल निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रेलवे रोड ऋषिकेश पर कोई भी शौचालय न होने और यहां नगर निगम की खाली भूमि पर महिला शौचालय बनाने की मांग पर निगम को समस्या का समाधान करने को कहा गया। सीमा डेन्टल और गुमानी वाला में खाली भूमि पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला सचालन हेतु सीवीओ को कार्रवाई करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने राइका सत्य मित्रानंद हरीपुर कलां में शिक्षकों की कमी, रायवाला मुख्य बाजार में ट्रैफिक लाइट की समस्या और निराश्रित पशुओं के लिए गौशाला न होने की समस्या पर जिलाधिकारी में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। फरियादी अभिषेक चावला ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी रास्ता बंद कर दिया है जिससे वह अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे।

ऋषिकेश नगर निगम में शामिल किए गए 17 ग्रामीण वार्डों में पानी का बिल ज्यादा आने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। गड़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की निर्देश दिए गए। जन सुनवाई में रजिस्ट्री में गडबडी, निजी भूमि पर अतिक्रमण, जमीन धोखाधडी, सीवर लाईन, यूनीपोल, सामाजिक पेंशन आदि मुद्दे छाए रहे

जन सुनवाई के दौरान ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को बड़ा वित्तीय सहयोग

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड राज्य को विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना 2025-26 के अंतर्गत ₹249.56 करोड़ की दूसरी किस्त जारी कर दी है। यह राशि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गई है। इस सहायता से राज्य में विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “*यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग पूंजीगत परियोजनाओं, जैसे सड़क, पुल, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना, पेयजल, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों में पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण हों और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को कुल ₹847.49 करोड़ की सहायता ऋण स्वरूप प्रदान की जा चुकी है। इस वित्तीय सहयोग से राज्य में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं को नई गति मिली है, जिससे उत्तराखंड के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी।

युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत: सुबोध उनियाल

देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आज भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।

*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल*

समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।

*सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’*

अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

*इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर* प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए* देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।

*वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने* सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।

लालपानी में अनुबंध शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, डीएम ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट, पेनल्टी, कार्रवाई तय

जिलाधिकारी ने आज ऋषिकेश के लालपानी क्षेत्र में निर्माणाधीन एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की समीक्षा की।

ऋषिकेश अमित ग्राम में नगर निगम के माध्यम से 23.15 करोड़ की लागत से 240 मेट्रिक टन पर डे ठोस अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदाई संस्था निकाफ कंपनी को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2025 में कार्य पूर्ण किया जाना था, परंतु कंपनी द्वारा अभी तक मौके पर 60 प्रतिशत कार्य किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। डीएम ने अनुबंध की निर्धारित शर्तो और टाइम लाइन का पूरा ब्यौरा और प्लांट निर्माण के कार्यों में परिलक्षित समस्याओ की रिपोर्ट तलब की है। प्लांट में अभी तक एलटीपी मशीनें सेटअप न होने पर भी डीएम ने नगर आयुक्त को फोलोअप करने और मशीन इंस्टालेशन कार्यो को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्लांट में स्थापित की जा रही मशीनरी, कचरा पृथक्करण व्यवस्था, लीचेट ट्रीटमेंट और भविष्य की संचालन योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर प्लांट को शीघ्र संचालित किया जाए।

इस अवसर पर महापौर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य कर्मचारी मौजूद थे।