डालनवाला पुलिस स्टेशन में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार, अव्यवस्था और गंदगी पर मुख्यमंत्री सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री धामी अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख़्त शब्दों में कहा कि “ *कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”*

सीएम धामी ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग तथा खेल विभाग द्वारा प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय, रायपुर (देहरादून) में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। भविष्य में मुख्यमंत्री श्री धामी प्रत्येक जिले में भ्रमण के दौरान अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं से यह भी पूछा कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान किन-किन सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध शारीरिक प्रशिक्षण, दौड़ अभ्यास, खेल गतिविधियों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को दी जा रही सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, ताकि वे पूरी आत्मविश्वास के साथ देश की सेवा के लिए चयनित हो सकें।

युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित खेल गतिविधियों में भाग लिया और युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर अपडेट किया जाए तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सहायता से युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीर योजना देश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा इस योजना के माध्यम से देश सेवा के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बनें। युवाओं को हर संभव सुविधा और मार्गदर्शन देना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं को देश की तीनों सेनाओं में सेवा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करती है। कम आयु में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल देश की सुरक्षा में योगदान देते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल भी अर्जित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मानना है कि अग्निवीर प्रशिक्षण युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और टीम भावना के माध्यम से युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से प्रशिक्षित युवा सेवा अवधि के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनते हैं। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल जैसे अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व और तकनीकी दक्षता उन्हें निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करती है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक युवा अग्निवीर योजना का लाभ उठा सकें। इसके लिए राज्य में निःशुल्क प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन, अनुभवी प्रशिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा प्रांतीय रक्षक दल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने किया डॉक्यूमेंट्री ‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ उत्तराखंड का पोस्टर विमोचित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देशक ऋषभ कोहली और प्रशांत उपाध्याय के निर्देशन में परिवर्तन पिक्चर के बैनर तले बनी डॉक्यूमेंट्री ‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ उत्तराखंड के टीजर और पोस्टर का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ डॉक्यूमेंट्री में सामूहिक प्रयास और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन उत्तराखंड के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय बन चुका है, जहाँ सभी एजेंसियों, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने अभूतपूर्व समन्वय के साथ कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से लोग इस अभियान में तकनीकी दक्षता राज्य के जज़्बे की झलक देखेगें। उन्होंने कहा कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की ‘संकल्प और सेवा’ की भावना का प्रतीक है तथा युवा पीढ़ी को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और कर्मनिष्ठा का संदेश देगी।

निर्देशक ऋषभ कोहली ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री, सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन पर आधारित है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस ऐतिहासिक बचाव अभियान की कहानी को विस्तार से सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ तकनीकी चुनौती और मानव जुझारूपन को दर्शाती है, बल्कि उत्तराखंड की जड़ों, भावनाओं और नेतृत्व की सच्ची तस्वीर भी पेश करती है, फ़िल्म की शूटिंग उत्तराखंड में हुई है। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री शीघ्र ही ओटीटी के बड़े प्लेटफार्म पर रिलीज़ होगी।

इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के सीईओ बंशीधर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स, फिल्म के निर्देशक, ऋषभ के पिता एवं वरिष्ठ पत्रकार नीरज कोहली मौजूद रहे।

नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी लाएं: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के नयी एवं गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

मुख्य सचिव ने 2022-23 में स्वीकृत पिथौरागढ़ – बागेश्वर एनएच 309 ए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का प्रस्ताव अभी तक भारत सरकार को ना भेजे जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम – नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण हेतु वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों के लिए डेटा अपलोड में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी जाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली पेंडिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठकों को नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा अपनी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न सड़कों की 3(जी) और 3(डी) की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न सड़कों के निर्माण में पेड़ कटिंग के लिए छपान और कटान की कार्यवाही में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 दिसम्बर तक कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी लगातार सम्पर्क कर नियमित प्रोजेक्ट्स का फॉला अप किया जाए।

मुख्य सचिव ने गतिमान प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एनएचएआई के कोटद्वार बाईपास, झाझरा – आशारोड़ी, हरिद्वार – नजीबाबाद एवं देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रवि शंकर, अपर सचिव विनीत कुमार एवं पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कर रही है ठोस प्रयास: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पाँच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लेने पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएँ।
मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

*रिवर्स पलायन की दिशा में उत्साहजनक परिणाम*

ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ॰ एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गाँवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ॰ श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, संतोष बडोनी, सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत उपस्थित रहे।

उत्तराखंड: अब खंड शिक्षा अधिकारी 20 हजार की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार

आज खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद बृजपाल सिंह राठौड़ को पुलिस मॉडर्न स्कूल 40वीं वाहिनी पीएसी के नवीनीकरण/मान्यता प्राप्त आदि कार्यों के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस देहरादून द्वारा रंगे हाथ विकास भवन रोशनाबाद से हिरासत में लेकर वैधानिक कार्यवाही हेतु देहरादून ले जाया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट प्रदान की हुई है। इसका असर, साल दर साल बढ़ते विजिलेंस ट्रैप और गिरफ्तारियों की संख्या के रूप में नजर आ रहा है। यही नहीं मजबूत साक्ष्य के आधार पर सतर्कता विभाग आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में कामयाब रही है। मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस के स्पष्ट निर्देशों का असर विजिलेंस की कार्यवाही में निरंतर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सतर्कता विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी किया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अंतिम फैसला आने तक आरोपियों को पूर्व के दायित्व या अहम जिम्मेदारी नहीं देने के साथ ही ट्रैप के मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं।

*देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करते हुए, सुशासन की कार्य संस्कृति विकसित करने का हमारा प्रयास है। भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के लिये विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने के निर्देश दिए गये हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उत्तराखण्ड में ईमानदार शासन व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए प्रदेश में राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हुए तय लक्ष्य समय पर पूरे किये जाएं। संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी कार्यों का डिजिटाइजेशन किया जाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारियों एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। रजिस्ट्री के दौरान संपति का उचित मूल्य दर्ज हो इसकी जाँच के लिए संपतियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा जाए।

प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए राज्य के हित में वन संपदा का सही उपयोग किया जाए। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन तथा जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व में बढोतरी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को ₹200 करोड़ की केंद्रीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के सही दिशा में बढ़ने का परिचायक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹24,015 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 62 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आगामी अवधि में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समन्वित और सक्रिय प्रयास किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता के लिए पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दे रही है। पूंजीगत व्यय में 34 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और उत्तरदायी बनाने के लिए नीति सुधार, नवाचार तथा नई तकनीकों पर निरंतर ध्यान दिया जाना जरूरी है। पारदर्शिता, जवाबदेह और जनहित में ठोस परिणाम देने वाला प्रशासन हमारा उद्देश्य है। जिसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य में जुटे रहना होगा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. रंजन कुमार मिश्रा अपर सचिव अहमद इकबाल, सोनिका, हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मनमोहन मैनाली, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाए: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आईटीडीए को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

मुख्य सचिव ने सेवा का अधिकार के तहत् विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस: सीएम ने अल्पसंख्यक मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, देहरादून में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सम्मानित एवं विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया।

बड़ी संख्या में आई मुस्लिम महिलाओं ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी एक भाई के रूप में प्रदेश और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत की एकता और अखंडता के संरक्षण के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। भारतीय संस्कृति में सदियों से समानता और सभी धर्मों तथा समुदायों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। भारत में अनेकों संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं और खान-पान की विविधता के बावजूद एकता की भावना रही हैं। उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम के महान सिद्धांत को आत्मसात करते हुए भारत ने हमेशा समूची दुनिया को एक परिवार के रूप में माना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सभी समुदायों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज जन-धन योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, मुफ्त राशन योजना जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर से सभी प्रकार के करों को हटाना, जियो पारसी योजना, बौद्ध सर्किट का विकास, जैन अध्ययन केंद्र की स्थापना, हज यात्रा की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने एवं तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत जैसे निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आईटीआई, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नए वक़्फ़ कानूनों में सुधार के माध्यम से वक़्फ़ संपत्तियों के पारदर्शी, उत्तरदायी की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि इन संपत्तियों का वास्तविक लाभ समाज के गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दे रही है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को वार्षिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा जनता से किए वादे के अनुसार हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का काम किया है। हमने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुरूप आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना भी की गई है। जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 4 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मौलाना आज़ाद एजुकेशन ऋण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त शिक्षा ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पिछले 4 वर्षों में 169 लाभार्थियों को 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। ये कानून किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के सभी अल्पसंख्यक समुदायों सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और संवैधानिक अधिकार प्रदान करेगा। जिसके अंतर्गत सभी मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी धर्मों की स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है। ताकि किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या छल से होने वाले धर्मांतरण को रोका जा सके और सामाजिक सौहार्द बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा विश्व के कई अन्य देशों में अल्पसंख्यक समुदायों को भेदभाव, उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने विश्व अल्पसंख्यक दिवस के अवसर पर सभी अल्पसंख्यको से आह्वान करते हुए कहा कि सभी सोशल मीडिया के माध्यम से उन देशों में हो रहे अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम, पद्मश्री डॉ. आर.के जैन, श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड शादाब शम्स एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की पहल पर राज्यभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का बुधवार को शुभारंभ हो गया है। न्याय पंचायतों में कैम्प आयोजित कर आम लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के लाभ प्रदान करने के लिए यह महत्वाकांक्षी अभियान पैंतालीस दिनों तक संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। अभियान के पहले दिन राज्य के सभी जिलों में तय कार्यक्रम के अनुसार चयनित न्याय पंचायतों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी पहल से शुरूआती दिन राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविरों में हजारों ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया।

*पिथौरागढ*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत पिथौरागढ़ जिले के विकास खंड बिण की न्याय पंचायत दौला में आयोजित शिविर का शुभारंभ कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त श्री दीपक रावत द्वारा किया गया। इस शिविर में 800 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया तथा अपनी समस्याएँ आयुक्त के समक्ष रखीं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस अवसर पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप इस अभियान के दौरान जनसमस्याओं का स्थायी, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान का प्रभावी माध्यम सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले की सभी 64 न्याय पंचायतों में शिविरों के आयोजन की व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर दायित्वधारी गणेश भंडारी, अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, मेयर नगर निगम श्रीमती कल्पना देवलाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित इस योजना को जनता के हित में प्रभावी एवं दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इससे शासन की योजनाएँ सीधे आमजन तक पहुँचेंगी और नागरिकों को त्वरित लाभ प्राप्त होगा।

*चम्पावत*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की अंतर्गत चम्पावत जिले के सिमल्टा में आयोजित शिविर में 500 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविर में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं व शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही 100 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा बाल विकास विभाग की बालिका जन्मोत्सव मनाने की पहल को आगे बढाते हुए नन्हीं बालिकाओं के साथ केक काटा गया।
इस शिविर में श्रम विभाग से 13, चिकित्सा विभाग से 100 से अधिक, महिला एवं बाल विकास से 30, ऊर्जा विभाग से 3, सहकारिता से 6, पशुपालन से 56, समाज कल्याण से 4, डेयरी विभाग से 70, वन विभाग से 19, राजस्व विभाग से 3, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से 6, ग्राम विकास विभाग से 10, पंचायती राज से 6, कृषि विभाग से 25, आयुष विभाग से 80, होम्योपैथी से 57, मत्स्य विभाग से 4, सेवायोजन विभाग से 11 तथा आपदा प्रबंधन विभाग से 17 लाभार्थियों को सेवाएँ प्रदान की गईं। शिविर में 6 आधार कार्ड भी बनाए गए और से कृषि यंत्र भी बांटे गए। शिविर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान सिंग्देव नौले में व्यापक स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान भी चलाया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा सहित अनेक जन-प्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्ण नाथ गोस्वामी भी उपस्थित रहे।

*अल्मोड़ा*
अभियान के पहले दिन अल्मोड़ा जिले में 11 विकासखंडों की 13 न्याय पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया गया। न्याय पंचायत सल्लाभाटकोट के अंतर्गत रा.इ.का. भल्यूटा में आयोजित शिविर में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप कुमार धौलाखंडी , पुलिस उपाधीक्षक जीडी जोशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में दिव्यांगों को एक व्हीलचेयर एवं दो छड़ियाँ वितरित की गईं तथा 77 लोगों को चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 15 भूमि प्रमाणपत्र निर्गत करने के साथ ही नाम संशोधन का कार्य भी संपादित करने के साथ ही विभन्न विभागों द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

*बागेश्वर*
बागेश्वर में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में न्याय पंचायत गढ़सेर के अंतर्गत ब्लॉक सभागार गरूड़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवेदन, शिकायत निस्तारण एवं लाभ स्वीकृति की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर विभागीय सेवाओं एवं योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा, एसडीएम वैभव कांडपाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*ऊधमसिंहनगर*
ऊधमसिंहनगर जिले में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी के नेतृत्व में खटीमा में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारियां दी गयी व पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर 73 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमे से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में एनआरएलएम योजनान्तर्गत 09 महिला स्वयं सहायता समूहों को रू. 36 लाख 15 हजार की धनराशि के चैक विततरित किए गए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अभियान के दौरान रूद्रपुर में उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में भूमि जांच से सम्बन्धित 03 शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही खतौनी-वितरण के 46, स्थायी निवास के 21, जाति प्रमाण पत्र के 07, आय प्रमाण पत्र के 08, उत्तरजीवी प्रमाण पत्र के 02 तथा 01 हैसियत प्रमाण पत्र बनाकर शिविर में उपलब्ध कराये गये।

*देहरादून*
देहरादून जिले में अभियान का शुभारंभ विकास खंड चकाराता की सूदूरवर्ती न्याय पंचायत क्वांसी से हुआ। शिविर में 109 समस्याएं प्रस्तुत की गई। डीएम सबिन बंसल ने शिविर में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं व शिकायतों को सुना और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प के अनुरूप सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। शिविर में 658 से अधिक लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दिव्यांग एवं अन्य प्रमाण पत्र निर्गत करने के सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर में जिलाधिकारी ने तीन लाभार्थियों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर पावर वीडर प्रदान किए। वयोश्री योजना के अंतर्गत पीएम दिव्यांग केंद्र की तरफ से 50 बुजुर्गो को निःशुल्क 250 सहायक उपकरण वितरित किए। साध ही 15 लाभार्थियों को किशोरी व वेबी किट प्रदान किए। शिविर में पहुंची असहाय 90 वर्षीय दिव्यांग महिला रामू देवी का आधार कार्ड न बनने की समस्या पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को बुजुर्ग महिला को आधार केन्द्र तक ले जाकर आधार कार्ड बनवाने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें दिव्यांग पेंशन सुविधा से भी लाभान्वित किया जाय।
शिविर में दायित्वधारी गीता राम गौड़ सहित अन्य जन प्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।

*रुद्रप्रयाग*
जनपद रुद्रप्रयाग में राजकीय इंटर कॉलेज, तैला में जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा लगभग 100 से अधिक समस्याएं प्रस्तुत की गई जिनमें से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शिविर में क्षेत्र पंचायत प्रमुख विनीता चमोली, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*उत्तरकाशी*
उत्तरकाशी जिले में इस अभियान की शुरूआत दूरस्थ विकासखण्ड मोरी के न्याय पंचायत नानई से की गई। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित नानई में आयोजित शिविर में 42 शिकायतें प्रस्तुत की गई, जिनमें से मौके पर ही निस्तारण करने के बाद शेष मामलों पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 59 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा राजस्व विभाग द्वारा 20 लोगों के जाति व आय प्रमाण पत्र निर्गत किए गए है। इस अवसर पर कृषि और उद्यान विभाग द्वारा कृषि उपकरण और रसायनों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रणदेव सिंह राणा, उपजिलाधिकारी मुकेश चन्द रमोला, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*टिहरी गढ़वाल*
टिहरी गढ़वाल जिले में अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में न्याय पंचायत दिखोलगांव के श्रीदेव सुमन राजकीय इंटर कॉलेज चम्बा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकासखंड देवप्रयाग की पलेटी न्याय पंचायत अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, हिण्डोलाखाल में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसी क्रम में जिला विकास अधिकारी मो. असलम की अध्यक्षता में विकासखंड कीर्तिनगर के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, मलेथा में तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए पी.एस. चौहान की अध्यक्षता में विकासखंड कार्यालय थत्यूड़ में और मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी की अध्यक्षता में विकासखंड नरेंद्रनगर के मुख्यालय फकोट में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग दो दर्जन विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही विभागीय सुविधओं एवं सेवाओं को उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख चंबा सुमन सजवान सहित भारी संख्या में जनता उपस्थित रही।

*हरिद्वार*
जनपद हरिद्वार में विकास खंड बहादराबाद, नारसन, खानपुर के अंतर्गत बहुउद्वेशीय शिविरों का आयोजन कर विभागों योजनाओं एवं सेवाओं से सैकड़ों लोगों को लाभान्वित किया गया। बहादराबाद में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 40 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिलाधिकारी द्वारा 18 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर शेष समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान, दायित्वधारी देशराज कर्णवाल भी उपस्थित रहे।
विकासखण्ड नारसन के जूनियर हाई स्कूल मूण्डलाना में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 28 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिसमें से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। विकासखण्ड खानपुर में उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन किया गया।

*चमोली*

अभियान के तहत चमोली जिले में न्याय पंचायत बैरांगना में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन कर 23 विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकार की जनोपयोगी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ इस दौरान दर्ज 181 शिकयातें एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए। अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में विभागीय सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के लिए आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

पौड़ी जनपद में अभियान की शुरूआत गुरूवार को यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर मल्ला न्याय पंचायत से होगी।