उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशिल सर्विसेज में ऋषिकेश की महिला का चयन

दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र के हर पड़ाव पर सफलता हासिल की जा सकती है। तीर्थनगरी की 39 वर्षीय कल्पना पांडेय ने इस बात को साकार कर दिखाया है। उन्होंने शादीशुदा जीवन व्यतीत करते हुए न सिर्फ वकालत की पढ़ाई की बल्कि उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशिल सर्विसेज (यूपीएचजेएस) की परीक्षा पास की है। फैजाबाद की मूल निवासी कल्पना पांडेय की शादी 1998 में ऋषिकेश आईडीपीएल निवासी आशीष पांडेय के साथ हुई थी। शादी के वक्त कल्पना सिर्फ 12वीं पास थी।
शादी के बाद कल्पना ने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई ऋषिकेश पीजी कॉलेज से की। उनके दो बच्चे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हुए उन्होंने डीएवी कॉलेज देहरादून से एलएलबी और एलएलएम की परीक्षा हरिद्वार से पास की। वर्ष 2012 में वह सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) के पद पर तैनात हुईं। इतना हासिल करने के बाद भी उनके पैर यहीं नहीं थमे और उन्होंने जज बनने की ठानी। मेहनत और लगन रंग लाई। उन्होंने यूपीएचजेएस की परीक्षा में दो बार के प्रयास से सफलता हासिल की।

अधिकत्तर केसों में मिली सफलता
बतौर सरकारी अधिवक्ता कल्पना पांडेय की पहली ज्वाइनिंग देहरादून कोर्ट में हुई। वर्तमान में वह हरिद्वार कोर्ट में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक उनका 92 प्रतिशत केसों में सफलता प्राप्त करने का रिकॉर्ड है। एलएलबी और एलएलएम के बाद जज बनने का ख्वाब रखने वाले अधिवक्ताओं के लिए कल्पना पांडेय कहती हैं कि पढ़ाई के दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। यदि धैर्य का अभाव है तो आपके अंदर कितनी भी प्रतिभा हो, व्यर्थ रह जाएगी। किसी भी परीक्षा में सफलता अर्जित करने के लिए निरंतर पढ़ाई करें, सदैव अपडेट रहें।

लंबित मुकदमों निस्तारण प्राथमिकता
एडीजे कल्पना पांडेय ने बताया कि उनकी हमेशा से प्राथमिकता रही है कि सही और न्याय समय पर मिल सके। एडीजे के पद पर नियुक्त होते ही उनका यह उद्देश्य रहेगा कि लंबित पड़े वादों को जल्द निपटाऊं। उन्होंने कहा कि लोगों में न्यायालय के प्रति विश्वास बना रहे, इस बात को ध्यान में रखकर काम में तीव्रता लाते हुए काम करूंगी।

टूटते तारें देखने हैं तो आज रात मिल रहा मौका, जानिए कैसे

अगर आज मौसम साफ रहा तो आप पूरी रात टूटते तारों को देख सकेंगे। रविवार की रात डेल्टा एक्वेरिड उल्कापात का शानदार नजारा देखने को मिल सकता है। खगोल वैज्ञानिकों की मानें तो आज की रात उल्कापात चरम पर रहेगा जो रात 12 बजे से सुबह तक नजर आएगा।
खगोल वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि इन दिनों अमावस्या निकट होने के कारण चांद की रोशनी बहुत कम हो रही है। ऐसे में यह उल्कापात अधिक साफ और चमकदार नजर आएगा। उल्कापात एक्वेरिड नक्षत्र की दिशा से आता नजर आएगा। इसमें मार्सडेन और क्रैच धूमकेतुओं के कण वायुमंडल में प्रवेश के बाद घर्षण से प्रज्ज्वलित होकर उल्कापात का नजारा प्रस्तुत करेंगे।
आर्यभट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) के पूर्व निदेशक और खगोल वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि यह उल्कापात 12 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 23 अगस्त तक चलेगा। लेकिन 28 जुलाई की रात यह अपने चरम पर होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार इन दिनों परसीड उल्कापात भी चल रहा है जिसकी अवधि 17 जुलाई से 24 अगस्त तक है। यह 12 अगस्त को चरम पर रहेगा, लेकिन उन दिनों पूर्णिमा का समय होने के कारण साफ नजर नहीं आ सकेगा।

बौखलाएं नेता, कहा-जम्मू कश्मीर सियासी मसला, मिलिट्री सोल्यूशन नहीं

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती के आदेश की सूचना फैलने के बाद राजनीति गरमा गई है। क्षेत्रीय राजनीतिक दल केंद्र को गलत ठहरा रहे हैं। वहीं भाजपा का कहना है कि क्षेत्रीय दलों के नेता अफवाह फैला कर लोगों में खौफ पैदा कर रहे हैं। अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को जनता 370 और 35-ए हटाने की प्रक्रिया से जोड़कर असमंजस में है।
पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह कदम ठीक नहीं है। इससे लोगों के दिलों में शक पैदा हो रहा है। जम्मू कश्मीर सियासी मसला है। इसका सियासी तौर पर हल निकाला जाना चाहिए। इसका मिलिट्री सोल्यूशन नहीं है। जब तक जम्मू-कश्मीर के लोगों और पाकिस्तान को बातचीत में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक इसका हल संभव नहीं है। कुलगाम में दिए इस बयान से पूर्व महबूबा ने अपने ट्विटर पर लिखा कि घाटी में अतिरिक्त 10 हजार सैनिकों को तैनात करने के केंद्र के फैसले ने लोगों में भय पैदा की है। केंद्र सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार और सुधार करना होगा।

इस बीच पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन ने कहा कि जब से 100 अतिरिक्त कंपनियों का आदेश वायरल हुआ है, तब से लोगों में खौफ सा पैदा हो गया है। अटकलें लगाई जा रहे हैं कि कहीं जो विशेष दर्जा उन्हें प्राप्त है, कहीं उसके साथ छेड़छाड़ की कोई साजिश तो नहीं है। लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। हिंदुस्तान के जो दुश्मन हैं, उनको तो फायदा होगा, लेकिन जिन लोगों ने संविधान के तहत शपथ ली है और जो मुख्यधारा के राजनीतिक दल हैं, उनकी साख को नष्ट करेगा। सज्जाद ने कहा कि ऐसा माहौल बन गया है कि सारे हिंदुस्तान के लोग कश्मीरियों पर हावी होना चाहते हैं। लेकिन जो ग्रेट नेशन होते हैं, वहां ऐसा तरीका नहीं होता है।
अवामी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष मुजफ्फर अहमद शाह ने कहा कि अतिरिक्त जवानों की तैनाती एक चिंता का विषय जरूर है, लेकिन 1953 से हम तैनाती देखते आए हैं। उनसे कुछ नहीं हुआ। शाह ने कश्मीर घाटी में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती को अनुच्छेद 370 और 35-ए के हटाये जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे हटाने का प्रयास गुंडागर्दी होगा। अगर केंद्र इस राज्य की विशेष पहचान को कानूनी तौर पर हटाने की कोशिश करेगी तो वह असफल रहेगी।

माल्या को सुप्रीम कोर्ट से चाहिए राहत, अर्जी दाखिल की

भारतीय बैंकों का कर्जदार और देश छोड़कर भागे कारोबारी विजय माल्या ने अपने और अपने रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली संपत्तियों को कुर्क किए जाने पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। माल्या ने अपनी याचिका में कहा कि सिर्फ किंगफिशर कंपनी से संबंधित संपत्ति ही कुर्क की जाए। सुप्रीम कोर्ट 29 जुलाई यानी कि सोमवार को इस मामले की सुनवाई करेगा। अपनी दलील में माल्या ने कहा है कि उसकी निजी संपत्ति और परिवार के अन्य सदस्यों क संपत्ति जब्त नहीं की जाए।

माल्या पर भारतीय बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये लोन लेने और बिना चुकाए फरार होने का आरोप है। शराब कारोबारी विजय माल्या को 11 जुलाई को झटका लगा था। बंबई हाई कोर्ट ने इससे पहले विजय माल्या की इसी याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका के जरिए माल्या ने सरकारी एजेंसियों द्वारा उसकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।

वायरल वीडियो के पीछे की कहानी, क्या इसमें सच्चाई है!

सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री का एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में मुख्यमंत्री यह कहते दिख रहे हैं कि पीपल का पेड़ प्राणवायु छोड़ता है। ऐसे ही पशुओं में गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन छोड़ता है। यह भी कहा जाता है कि यदि किसी को सांस की तकलीफ है तो गाय की मालिश करने से यह तकलीफ दूर हो जाती है। वीडियों में कहा गया कि टीबी जैसी बीमारी भी गाय के संपर्क में आने से दूर हो जाती है। गाय के गोबर और गौमूत्र में काफी ताकत है। शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे स्किन, हार्ट व किडनी आदि के लिए ये काफी फायदेमंद हैं।
सोशल मीडिया में इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि वीडियो को एडिटिंग करके वायरल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित हो रहे एक कार्यक्रम को देखकर और पर्वतीय क्षेत्रों में चलने वाली मान्यताओं के आधार पर कहा था, जिस पर विवाद जैसी कोई बात नही है।

चलिए हम मुख्यमंत्री के की बातों की पड़ताल करते है कि क्या ऐसा होता है या नही…

पीपल का पेड़ प्राणवायु छोड़ता है …
पीपल का पेड़ शुष्क वातावरण में पनपता है और इसके लिए उसकी देह में पर्याप्त तैयारियां हैं. पेड़-पौधों की सतह पर स्टोमेटा नामक नन्हे छिद्र होते हैं जिनसे गैसों और जल-वाष्प का लेन-देन होता है. सूखे गर्म माहौल में पेड़ का पानी न निचुड़ जाए, इसलिए पीपल दिन में अपेक्षाकृत अपने स्टोमेटा बन्द करके रखता है। इससे दिन में पानी की कमी से वह लड़ पाता है। बिल्कुल. लेकिन इसका नुकसान यह है कि फिर दिन में प्रकाश-संश्लेषण के लिए कार्बन डाई ऑक्साइड उसकी पत्तियों में कैसे प्रवेश करे? स्टोमेटा तो बन्द हैं. तो फिर प्रकाश-संश्लेषण कैसे हो? ग्लूकोज कैसे बने? तो पीपल व उसके जैसे कई पेड़-पौधे रात को अपने स्टोमेटा खोलते हैं और हवा से कार्बन-डायऑक्साइड बटोरते हैं. उससे मैलेट नामक एक रसायन बनाकर रख लेते हैं. ताकि फिर आगे दिन में जब सूरज चमके और प्रकाश मिले, तो प्रकाश-संश्लेषण में सीधे वायुमण्डलीय कार्बन डाई ऑक्साइड की जगह इस मैलेट का प्रयोग कर सकें। यानी पीपल का पेड़ रात को भी कार्बन डाई ऑक्साइड-शोषक है। इस लिए इसे अधिक आक्सीजन देने वाला पेड़ कहा जाता है।


इस लिंक को पढ़िए …http://dahd.nic.in/related-links/chapter-v-part-2
इस लिंक को पढ़िए …https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4566776/

गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन छोड़ता है और गाय से जुड़े अन्य तथ्य…
वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि गाय में जितनी सकारात्मक ऊर्जा होती है उतनी किसी अन्य प्राणी में नहीं। गाय की पीठ पर रीढ़ की हड्डी में स्थित सूर्यकेतु स्नायु हानिकारक विकिरण को रोककर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। यह पर्यावरण के लिए लाभदायक है। इसी लिए वैज्ञानिक कहते हैं कि गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है, जबकि मनुष्य सहित सभी प्राणी ऑक्सीजन लेते और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं। पेड़-पौधे इसका ठीक उल्टा करते हैं।

हमारे देश में धार्मिक मान्यताओं का विशेष महत्व हैं। जिसकी समय-समय पर वैज्ञानिकों और डाॅक्टरों ने भी पड़ताल की है। इस लिए शायद मुख्यमंत्री ने पीपल और गाय के मुद्दें पर सकारात्मक टिप्पणी की। मुख्यमंत्री कार्यालय की मानें तो मुख्यमंत्री की सकारात्मक टिप्पणी का कुछ लोगों ने जानबूझकर मजाक बनाने का कार्य किया है। उनका कहना है कि एक तरफ तो मीडिया उत्तराखंड को देवभूमि कहता है लेकिन जब हिन्दु संस्कृति और सभ्यता की बात की जाती है तो उसका मजाक बनाना शुरु कर दिया जाता है। बरहाल हमारी पड़ताल में मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक और धार्मिक मान्यताओं की ओर से मिले संकेतों पर ही बात कही है। अब आप लोगों को निर्धारण करना है कि धर्म और वैज्ञानिक सोच में किस तरह तालमेल बिठाया जाएं।

आर्कषण का केन्द्र बनेगा कांच का झूला पुल

ऋषिकेश में आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए पुराने लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में प्रदेश सरकार जो नया झूला पुल तैयार करने जा रही है, वो कांच का दिखेगा।
अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश ने विभाग को झूला पुल को मजबूती के साथ आकर्षक बनाने के लिए ग्लास के आकार में डिजाइन करने को कहा है।
झूला पुल का डिजाइन व डीपीआर तैयार करने को पहले ही 50 लाख रुपये का प्रावधान किया जा चुका है। लोनिवि के मुख्य अभियंता अयाज अहमद के नेतृत्व में इंजीनियरों की एक टीम नया पुल बनाने के स्थान का चयन करने की प्रक्रिया में जुटी है।
यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी नए झूला पुल के निर्माण की मांग को लेकर अपर मुख्य सचिव से मिली थी। उन्होंने एसीएस को एक पत्र भी सौंपा। इस पर एसीएस ने उन्हें अवगत कराया किया कि सरकार नया झूला पुल बनाने का पहले ही फैसला कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि ये प्रयास हो रहा है कि नया झूला पुल कांच का बनाया जाए ताकि वो आवागमन की सुविधा देने के साथ दर्शनीय भी हो। इस बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह जानकारी भी दी कि इस पुल को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि उस पर पैदल चलने वालों और दुपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग लाइन होगी। उस पर टेंपू या अन्य तिपहिया वाहन पुल में दाखिल भी नहीं हो पाएंगे।

किसी भी सूरत में नहीं खुलेगा पुराना झूला पुल
अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश से साफ कर दिया कि लक्ष्मण झूला पुल को किसी भी सूरत में नहीं खोला जाएगा। उन्होंने विधायक खंडूड़ी को कहा कि सुरक्षा को देखते हुए ही सरकार ने पुल से आवागमन पर रोक लगाई है।

खुशखबरीः संविदा शिक्षकों को मिलेगें 35 हजार रुपये

उत्तराखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गरीबी रेखा से नीचे और ऊपर सभी 23 लाख 80 हजार राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत मिली है। त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने इन सभी उपभोक्ताओं को प्रति कार्ड दो किलो दाल रियायती मूल्य पर देने का निर्णय लिया। राशन की दुकानों से हर परिवार को एक-एक किलो अलग-अलग दाल मिलेगी। वहीं सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी अथवा संविदा शिक्षकों को अलग-अलग मानदेय की व्यवस्था खत्म कर समान मानदेय देने के फैसले को मंजूरी दी गई। संविदा पर कार्यरत सांध्यकालीन और प्रातःकालीन सभी शिक्षकों को 35 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। एक अन्य फैसले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुत्री के पुत्र या पुत्री को भी सरकारी नौकरी में आरक्षण देने पर सहमति दी गई।
सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 12 बिंदुओं पर फैसले लिए गए। अन्य दो बिंदुओं को स्थगित कर दिया गया। सरकार के प्रवक्ता और काबीना मंत्री मदन कौशिक ने मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री दालपोषित योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में सभी राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चना, मसूर व तुअर में से एक-एक किलो दो दालें मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए केंद्र की ओर से दी जाने वाली 15 रुपये की सब्सिडी राज्य के उपभोक्ताओं को मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को प्रति किलो 40 से 42 रुपये की दर से दाल उपलब्ध होगी।
केंद्र सरकार नेफेड के माध्यम से राज्य को दालें मुहैया कराएगी। राज्य में 9000 से अधिक राशन की दुकानें हैं। इन दुकानों के माध्यम से सस्ती दालें वितरित की जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य को 4600 कुंतल दाल की दरकार होगी। इस योजना से राज्य सरकार पर कोई भी वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत 357 गेस्ट फैकल्टी को समान मासिक मानदेय 35 हजार रुपये देने का निर्णय किया गया है। वर्तमान में इन कॉलेजों में 59 सांध्यकालीन गेस्ट फैकल्टी को 15 हजार रुपये मासिक, 263 प्रातःकालीन गेस्ट फैकल्टी को 25 हजार रुपये और गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद वहां से सरकारी कॉलेजों में भेजी गई 35 गेस्ट फैकल्टी को 35 हजार रुपये मानदेय मिल रहा है। मंत्रिमंडल के फैसले से 322 गेस्ट फैकल्टी के मानदेय में इजाफा भी हो गया है। उक्त फैकल्टी को प्रतिमाह 40 पीरियड अनिवार्य रूप से पढ़ाने होंगे। यह टाइम टेबल बनाने की जिम्मेदारी कॉलेज की होगी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले
-मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना को मंजूरी, 23 लाख 80 हजार राशन कार्डधारकों को सस्ती दरों पर मिलेगी दो किलो दाल
-सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत सांध्यकालीन, प्रातःकालीन गेस्ट फैकल्टी को अब एक समान 35 हजार रुपये मानदेय
-स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पुत्रियों के पुत्र-पुत्री को भी मिलेगा सरकारी नौकरी में आरक्षण
-आरक्षण व्यवस्था रोस्टर के पुनर्निर्धारण को काबीना मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी गठित

डायरेक्ट सेलिंग के लिए प्रदेश में निर्धारित की जायेगी गाईड लाइनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्पादकों एवं उपभोक्ताओं के मध्य बेहतर तालमेल पर बल दिया है। उन्होंने उपभोक्ता एवं उत्पादकों को और अधिक नजदीक लाने के प्रयास किये जाने तथा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व्यापार में किस प्रकार बिचैलियों की भूमिका को कम किया जाय इस पर भी चिन्तन करने की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के दृष्टिगत समिति का गठन किया जायेगा। उन्होंने बदलते दौर में विकसित हो रही नई सोच के साथ इसके लिये प्रभावी तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में पी.एच.डी चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री से सम्बन्धित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ता एवं उत्पादकों को और अधिक नजदीक लाने के प्रयास किये जाने तथा व्यापार में किस प्रकार बिचैलियों की भूमिका को कम किया जाय इस पर भी चिन्तन की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादकों द्वारा व्यापार में नई-नई विद्याओं के साथ अवस्थापना सुविधाओं के विकास में किये जा रहे व्यय के दृष्टिगत भी इसे नियमित करने के लिये तंत्र विकसित करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग की दिशा में उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो, उन्हें धोखाधड़ी जैसी घटनाओं का सामना न करना पड़े, उत्पादक के प्रति उपभोक्ता का विश्वास बना रहे, इसके कारगर प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी उपभोक्ताओं को फायदा होगा तथा इससे किसानों को भी अच्छा मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रोसेसिंग की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बतायी, उनका कहना था कि पश्चिम के तौर-तरीकों को आज का युवा अपनाने लगा है अतः जरूरी है कि इसकी व्यवस्था में सुधार लाया जाय। बाजार की गुणवत्ता, उपभोक्ता की सन्तुष्टि व विश्वास के लिये जरूरी है कि इस दिशा में समग्र सोच के साथ हम आगे बढ़ें। उन्होंने पी.एच.डी चेम्बर से इस सम्बन्ध में सुझाव भी देने को कहा। सभी के सुझावों के आधार पर तैयार की गई नीति इस दिशा में सुधार लाने के साथ ही व्यापक व्यवस्था बनाने में मददगार रहेगी।
सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता मामले सुशील कुमार ने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं के व्यापक हित में राज्य सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं पर भी ध्यान दिये जाने एवं इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की बात कही।
इंटरनेशनल कंज्यूमर पॉलिसी एक्सपर्ट विजोन मिश्रा ने कहा कि डाइरेक्ट सेलिंग क्या है, इसकी जानकारी आम आदमी को होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिये राज्य सरकार व पी.एच.डी चेम्बर को संयुक्त रूप से आगे आने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मोस्ट कन्ज्यूमर फ्रेंडली स्टेट है। उपभोक्ताओं के व्यापक हित में राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। इस अवसर पर चेयरमैन उत्तराखण्ड पी.एच.डी चेम्बर वीरेन्द्र कालरा आदि ने भी अपने विचार रखे।

नेगी दा ने कहा, हिलटाॅप से किसानों को मिलेगा रोजगार

सरकार के लिए राहत की खबर है। हिलटाॅप शराब पर राज्य सरकार को अब लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी का साथ मिल गया है। नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा है कि जब राज्य में शराब की बिक्री और खपत बहुत ज्यादा है तो शराब की फैक्ट्री पर बैन क्यों लगना चाहिए? इस बयान के बाद राजनीतिक अर्थ निकाले जाने लगे है। सरकार के समर्थन में बयान देने के बाद सरकार के फैसले और बुलंद होने का अनुमान लगाए जाने लगे है।
दरअसल, आज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी के आवास पर पहंुचे। उन्होंने श्री नेगी को साहित्य अकादमी के द्वारा सर्वोच्च सम्मान दिये जाने के लिए नामित होने पर बधाई दी। इसके बाद कुछ पत्रकारों ने श्री नेगी से सवाल किए। जिसमें उन्होंने हिलटाॅप शराब की फैक्ट्री पर उनकी राय जानी। जिस पर लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्या आपको पता है कि हमारे यहां शराब की खपत और बिक्री कितनी बढ़ गई है। ऐसे में हम बाहरी राज्यों से शराब मगांकर पी रहे है। या तो सरकार शराब पर पूर्ण पांबदी लगा दे। नही तो शराब फैक्ट्री लगाने का विरोध नही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में शराब बनेगी तो किसानों और काश्तकारों को भी फायदा पहुंचेगा। माल्टा और अन्य पहाड़ी उत्पादों को अच्छा दाम मिलेगा। सरकार राजस्व भी कमायेगी और राज्य की शराब राज्य में ही बिकेगी। उन्होंने अप्रत्यक्ष कहा कि ऐसे में शराब का गुण कम से कम रोजगार देने के काम तो आयेगा। वरना सभी जानते है कि शराब स्वास्थ के लिए हानिकारक है।
इस बयान के बाद नेगी दा के लिए आम लोगों की सोच कितनी बदलती है। यह तो समय ही बतायेगा। लेकिन अपनी स्पष्ट बात रखकर श्री नेगी ने सरकार को अप्रत्यक्ष रुप से बड़ी राहत दे दी है। कुछ लोग श्री नेगी के बयान को सही भी ठहरा रहे है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड केवल शराब का कंज्यूमर ही बन गया है। ऐसे में शराब से रोजगार और राजस्व बढ़ता है तो दिक्कत कहां है। या तो सरकार शराब राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगा दे। नही तो शराब पर राजनीति नही होनी चाहिए।

आप भी सुनिए श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने क्या कहा…

सीधी बस सेवा पर बोले मुख्यमंत्री, भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर

हरियाणा परिवहन निगम ने फरीदाबाद से कोटद्वार के लिए नई बस सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर को बधाई दी है। और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्या अनिल बलूनी के प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारिक टिवटर पर इसकी बधाई देते हुए इसे सार्थक प्रयास बताया है। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर है। और श्री बलूनी सरकार की ओर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं जिसका राज्य सरकार समर्थन कर रही है। इसके सार्थक प्रयास भी दिखने लगे है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से फरीदाबाद-कोटद्वार और फरीदाबाद-रामनगर के लिए बस सेवा की मांग की जा रही थी। सांसद अनिल बलूनी ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इस ओर प्रयास किए। सरकार ने भी इस मांग का समर्थन किया और सांसद की पहल पर राज्य सरकार ने दो बसों को की सेवा शुरु की।
आपको बता दें कि गुरुवार को फरीदाबाद से कोटद्वार के बीच बस सेवा शुरू की गई। हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य बलूनी ने इस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।