उत्तराखण्ड में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने की तैयारी में सरकार, दिए आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उत्तराखण्ड में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने त्रियुगी नारायण में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ ही वहां हेलीपैड के निर्माण का आदेश दिया।

राज्य में नई वेडिंग डेस्टिनेशन की होगी पहचान

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए नए स्थानों की पहचान की जाए और उनके विकास पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देशवासियों से उत्तराखण्ड को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

राज्य की आर्थिकी को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाएं इसे एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने में सहायक होंगी। उन्होंने पर्यटन विभाग को “डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड“ के लिए शीघ्र गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरूगेशन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप उपस्थित रहे।

पीएम मोदी ने सीएम धामी से हाथ मिलाकर, पीठ थपथपाकर दी शाबाशी

शीतकालीन यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शानदार बॉन्डिंग गुरुवार को भी दिखी। प्रधानमंत्री को जब जहां मौका मिला, वह मुख्यमंत्री को शाबासी देते, प्रोत्साहित करते हुए दिखाई दिए। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी।

एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लेने और उन्हें अमल में लाने के मुख्यमंत्री के अंदाज को शीर्ष स्तर पर पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता हो या राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, प्रधानमंत्री के स्तर पर मुख्यमंत्री को भरपूर शाबासी मिली है। अब शीतकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार के प्रयास पर प्रधानमंत्री संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इसका बार-बार जिक्र भी किया। उन्होंने शीतकालीन यात्रा के उत्तराखंड से जुड़े आर्थिक पहलू को रेखांकित करते हुए इसे अभिनव पहल बताया। साथ ही, इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को धन्यवाद भी दिया।

अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह गौर करने वाले रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को छोटा भाई और ऊर्जावान मुख्यमंत्री कहते हुए संबोधित किया। उन्होंने अपनी केदारनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बढ़िया काम कर रही है।

कभी मुस्कराए, कभी विनम्रता से जोड़े हाथ

हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

शीतकालीन चारधाम यात्राः पीएम का मिला साथ, दौड़ेगी यात्रा, बनेगी बात

मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खूबसूरत हर्षिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक-एक संदेश के गहरे मायने हैं। देश-दुनिया तक इन शब्दों की अनुगूूंज पहुंचना तय है। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा को प्रधानमंत्री का जैसा साथ मिला, वह खास है। उन्होंने जिस अंदाज में उत्तराखंड की यात्रा का प्रमोशन किया है, वह अभूतपूर्व है। इसके बाद, उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन के सरपट दौड़ने की पूरी उम्मीद की जा रही है।

प्रधानमंत्री का यह प्रवास उस वक्त हुआ है, जबकि करीब दो महीने की शीतकालीन यात्रा शेष है। इसके बाद 30 अप्रैल से चार धाम यात्रा का श्रीगणेश होना है। ऐसे में प्रधानमंत्री के एक प्रवास ने उत्तराखंड की दोनों यात्राओं के लिए बेहतर आधार तैयार कर दिया है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड का हर तरह से प्रमोशन किया। प्रमोशन के लिए घाम तापो पर्यटन की बात हो, धर्माचार्यों और योगाचार्यों से शीतकाल में योग शिविर आयोजित करने की बात हो, कॉरपोरेट को सेमिनार का सुझाव हो, फिल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के लिए आह्वान हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से अपील हो, सबने अपना अलग प्रभाव छोड़ा है।

रजत जयंती वर्ष में सबसे गंभीर प्रयास

उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।

फिर साबित हुए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर

प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड के लिए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकॉर्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए।

मुखवा हर्षिल निहाल, पीएम-सीएम का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखवा आगमन से पूरा क्षेत्र निहाल है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जबकि कोई प्रधानमंत्री मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचा हो। गंगोत्री मंदिर के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है-यह अवसर गौरवान्वित करने वाला है। तीर्थ पुरोहित व लोक कलाकार रजनीकांत सेमवाल कहते हैं-मुखवा का चयन करने के लिए पीएम व सीएम के प्रति हम आभारी हैं।

सीएम ने चार धाम यात्रा को और बेहतर सुगम बनाने को सभी तीर्थ पुरोहितों से लिये सुझाव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखण्ड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत एवं चारों धामों के पुरोहितों ने भेंट की। इस अवसर पर चार धामों से आए तीर्थ पुरोहितों ने शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिए जाने पर मंत्र उच्चारण के साथ मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा को और बेहतर बनाए जाने हेतु सभी तीर्थ पुरोहितों के सुझाव भी लिए।

मुख्यमंत्री ने सभी तीर्थ पुरोहितों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राज्य सरकार तीर्थ पुरोहितों की सहयोगी बनकर चार धामों की यात्रा को और अधिक सफल और बेहतर बनाने पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा चार धामों के कपाट खुलने से पहले ही राज्य सरकार सभी तैयारियां पूर्ण करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार चार धामों के साथ ही शीतकालीन चार धाम यात्रा को भी बढ़ावा दे रही है, जिसके लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा को लेकर राज्य सरकार व्यापक प्रचार प्रसार कर रही है। बीते वर्ष की यात्रा में जो कमियां रही थी उन्हें इस वर्ष सुधारा जा रहा है। उन्होंने कहा प्रशासन यात्रा से पहले सभी तीर्थ पुरोहितों के साथ बैठक करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम के साथ हमें अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक एंव पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार कर उन्हें विकसित करना है ताकि वहां भी अधिक से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने कहा चार धाम यात्रा उत्तराखंड को समृद्ध बनाने का भी मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बाबा केदार के प्रांगण का भव्य निर्माण कार्य हो रहा है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने हमेशा चार धामों को बढ़ावा दिया है। आगे भी प्रधानमंत्री जी ने शीत कालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

उत्तराखण्ड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के सदस्यों ने सरकार द्वारा चार धाम यात्रा को बढ़ावा दिए जाने, शीतकालीन यात्रा के प्रचार प्रसार के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। महासचिव उत्तराखंड तीर्थ पुरोहित महापंचायत डॉ बृजेश सती ने कहा कि मुख्यमंत्री निरंतर चार धाम के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को भी मां गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल मुखवा (मुखीमठ) का निमंत्रण दिया है, जो मुख्यमंत्री की चार धामों और पुरोहित समाज के प्रति सवेदना को दर्शाता है।

इस अवसर पर गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, पंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, डॉ बृजेश सती महासचिव उत्तराखंड तीर्थ पुरोहित महापंचायत, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, महा पंचायत उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील प्रसाद उनियाल, मंदिर समिति के संरक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति बदरीनाथ के अध्यक्ष उमेश सती, बद्रीश पंडा पंचायत बदरीनाथ के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, महासचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी, युवा पुरोहित संगठन बदरीनाथ के सचिव गौरव पंचभैया, व्यापार सभा केदारनाथ अध्यक्ष चंडी प्रसाद तिवारी, व्यापार सभा महामंत्री तेज प्रकाश त्रिवेदी, मनोज तिगसोला आदि उपस्थित रहे।

शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिये पंडा पुजारियों ने जताया सीएम का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में उत्तराखण्ड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के सदस्यों और पंडा पुजारियों ने भेंट की। उन्होने चारधामों में शीतकालीन दर्शन यात्रा के लिये मुख्यमंत्री द्वारा की गई अभिनव पहल के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होने 16 दिसम्बर से आरम्भ होने वाली शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन चार धाम यात्रा के सफल संचालन में चार धाम तीर्थ पुरोहित महा पंचायत के साथ अन्य सभी सम्बन्धित संस्थानो एवं संगठनो आदि को भी सहयोगी बनना होगा। उन्होने कहा कि शीतकालीन चार धाम यात्रा सफलता पूर्वक संचालन हो, इसके लिये सभी सम्बधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। शीतकालीन यात्रा से राज्य की आर्थिकी को भी बढावा देने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होगें। पंच बद्री व पंच केदार के साथ ही चारों धामों के शीतकालीन यात्रा प्रवास के आसपास के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों को विकसित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये गये है। चारधाम यात्रा मार्गों के आबादी वाले क्षेत्रों में सुगम यातायात एवं पार्किंग की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश सभी सम्बधित विभागीय अधिकारियों को दिये गये है।

महा पंचायत के सदस्यों और पंडा पुजारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड के चार धामों, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद इन धामों की शीतकालीन पूजा, मां यमुना की खरसाली (खुशी मठ) मां गंगा की मुखवा (मुखीमठ), केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ एवं उद्धव व कुबेर की पूजा पांडुकेश्वर तथा शंकराचार्य के गद्दी स्थल ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में की जाती है। चारों धामों के तीर्थ पुरोहित एवं पुजारी समाज द्वारा मुख्यमंत्री से चारों धामों के शीतकालीन पूजा स्थलों का व्यापक प्रचार प्रसार के साथ ही इन पूजा स्थलों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर चारधाम महा पंचायत के अध्यक्ष एवं गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव श्री सुरेश सेमवाल, महापंचायत के महासचिव बृजेश सती, मीडिया प्रभारी रजनीकांत सेमवाल, गंगा पुरोहित सभा अध्यक्ष संजीव सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, अनिरूध उनियाल, जगमोहन उनियाल, उमेश सती, प्रशांत डिमरी आदि अन्य उपस्थित थे।

ऊखीमठ से सीएम ने किया चारधाम यात्रा का शुभारंभ, दर्शन कर प्रदेश की उन्नति की कामना भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल, ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने उखीमठ में शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ करते हुए, प्रशासन द्वारा यात्रा के लिए की गई विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को शीतकालीन यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ से देवभूमि का तीर्थाटन व पर्यटन और भी सशक्त होगा। इससे न केवल वर्षभर पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, बल्कि यहां के अनेक पर्यटन स्थल भी प्रचलित होंगे। साथ ही स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगे।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, भरत चौधरी, श्री बदरी- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के भ्रमण के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित पाण्डव नृत्य में हुए शामिल होकर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विकास के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समेकित प्रयासों पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को उप चुनाव में विजय बनाने पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र के लिए की कई घोषणाएं भी की गई हैं, जिन्हें जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। केदार घाटी में आई आपदा के बाद अनेक निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे सभी लोगों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्दी शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूद्रप्रयाग जनपद को आदर्श जनपद के रूप में पहचान मीलेे, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा केदार घाटी में महिलाएं निरंतर नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। हमारी बहनों द्वारा एक से बढ़कर एक गुणवत्तापूर्ण और अच्छी पैकिंग के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज हमारे स्थानीय उत्पादों की मांग पूरे देश और दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा स्वयं सहायता समूह, विभिन्न संगठनों एवं आमजन के साथ मिलकर हम इस क्षेत्र में विकास एवं समृद्धि का नया अध्याय स्थापित करने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के मकसद से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। आगामी दिनों में चार धाम यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी की जानी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार यात्रा समाप्त होते ही आगामी यात्रा की तैयारी में जुट गई है। शीतकालीन यात्रा में भी लोगों को काम मिले इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। अब राज्य सरकार उनके संकल्पों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम स्थान में आया। राज्य में बेरोजगारी दर घटी है। जीएसटी संग्रह में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जीएसडीपी में भी राज्य 1.3 गुणा की वृद्धि की है। राज्य में बीते तीन सालों में अब तक लगभग 19 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा जल्द ही राज्य सरकार भू कानून लाने वाली है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के सभी मंदिरों के सौर्दयीकरण कार्य को शीघ्र ही आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी रविवार को हम केदार की इस भूमि से शीतकालीन चार धाम यात्रा की भी शुरुआत करने जा रही है।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, आशा नौटियाल, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, दायित्वधारी चण्डी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर पंवार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

चार धाम शीतकालीन प्रवासः आने वाले श्रद्धालुओं को जीएमवीएन के होटलों में मिलेगी 10 प्रतिशत छूट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए यात्रा शुरू की जाए और इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इन शीतकालीन प्रवास स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के होटलों में रूकने पर किराये में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री अगले सप्ताह शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड के रजत उत्सव वर्ष में सशक्त उत्तराखण्ड की कार्ययोजना के लिए सभी विभागों को अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिये थे। इसकी समीक्षा भी मुख्यमंत्री अगले सप्ताह करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों की अपेक्षाओं और आशाओं के अनुरूप राज्य को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की देवतुल्य जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने कि लिए राज्य सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क दुर्घटना सुरक्षा नियमावली जल्द बनाई जाए। पुलिस महानिदेशक को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़कों में पुलिस बल भी बढ़ाया जाए। देवभूमि उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग्स फ्री राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को गहन अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। नशीले पदार्थों को बेचने वालों पर नियमित निगरानी रखने और इसमें संलिप्त पाये जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। किराये पर रह रहे बाहरी लोगों का नियमित सत्यापन करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही जनपदों का भ्रमण और रात्रि प्रवास करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जनसुनवाई के साथ की विकास कार्यों का निरीक्षण और नगर निकायों और सरकारी कार्यालयों में विभिन्न व्यवस्थाओं और स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे। इसके लिए उन्होंने रोस्टर जारी करने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमान एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किए बद्री विशाल के दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम, में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा अब अंतिम चरणों में है। अभी भी बड़ी संख्या में देश भर से श्रद्धालु बाबा बद्री विशाल के दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा पिछले दो तीन सालों से श्रद्धलुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यहां पर मास्टर प्लान का काम तेजी से पूरा हो रहा है। आने वाले समय में यहां का भव्य स्वरूप बनेगा। सरकार का प्रयास है कि हर साल यात्रा और बेहतर हो उन्होंने कहा कि राज्य में यात्रा प्राधिकरण बनाया जा रहा है। फिर सभी धामों की यात्रा व्यवस्थाओं के हिसाब से सिस्टम विकसित किया जायेगा और संख्या सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी से बीकेटीसी कार्यालय में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निदान का आश्वासन दिया। तीर्थ पुरोहितों, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन ने यात्रा को लेकर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत कर, यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

इस अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम चमोली राजकुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

हेमकुंड साहिब यात्रा के सफल संचालन होने पर सीएम का हुआ थैंक्यू

इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा निर्विघ्न एवं सफलतापूर्वक संपन्न होने पर हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में मुख्यमंत्री धामी द्वारा समय समय पर दिए निर्देशों के प्रति भी उनका आभार व्यक्त किया है।

बिन्द्रा ने इसके लिए बरसात के दौरान यात्रा मार्गों को त्वरित रूप से आवाजाही के लिए खोले जाने के प्रति राज्य सरकार एवं चमोली जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि चारधाम सहित हेमकुंड यात्रा प्रदेश के पर्यटन की रीढ़ है। यहां आने वाले यात्रियों को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध होने से सुखद यात्रा का संदेश भी देश दुनिया में गया है। इसके लिए भी मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट तहेदिल से आभार व्यक्त करता है।

बिन्द्रा ने बताया कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब यात्रा 25 मई को प्रारंभ हुई थी और 10 अक्टूबर को यात्रा का समापन हुआ था।