धामी कैबिनेट में इन 15 विषयों पर हुआ फैसला, आप भी जानें…

दिनांक 24 अगस्त 2022, कैबिनेट के निर्णयः’-
1. ऊधमसिंहनगर जनपद में, तहसील जसपुर से हटाकर 19 राजस्व ग्रामों को काशीपुर तहसील के अंतर्गत सम्मिलित किया गया।
2. परिवहन विभाग के अंतर्गत नई परिवहन कर सेवा नियमावली बनाया गया।
3. केदारनाथ में निर्माण कार्य के अंतर्गत जगह की कमी को देखते हुए 01 मंजिल भवन को दो मंजिल तक बनाने की अनुमति दी गई। इसके लिए वही ठेकेदार अधिकृत होगा जिसने पहली मंजिल का निर्माण किया है।
4. बद्रीनाथ, केदारनाथ में निर्माण कार्य के लिए आई.एन.आई कन्सेंलटेंसी एजेंसी को अधिक मैनपॉवर कार्य में लाने की स्वीकृति दी गई।
5. उद्यान विभाग के अंतर्गत 526 करोड़ लागत के जायका परियोजना के लिए 70 पदों की स्वीकृति दी गई।
6. राजस्व विभाग के अंतर्गत मा0 सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार 07 संग्रह अमीन को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति देने के लिए सेवा नियमावली में शिथलीकरण किया जाएगा।
7. आवास विभाग के अंतर्गत रेरा, उत्तराखण्ड भू-सम्पदा वि-नियमन एवं विकास एवं विक्रय के लिए करार नियम 2022 के अंतर्गत क्रेता के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए केन्द्रीय सरकार के प्रारूप को स्वीकार किया गया।
8. न्याय विभाग के अंतर्गत सिविल जज जूनियर डिवीजन को सिविल जज एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन को सीनियर सिविल जज के रूप में जाना जाएगा।
9. सितारगंज चीनी मिल को पी.पी.पी मोड में चलाने के लिए मांगी गई एक्सप्रेशन ऑफ इन्ट्रेस्ट में सुझाव को देखते हुए कुल निवेश का सुरक्षा धनराशि 05 प्रतिशत से घटाकर 02 प्रतिशत तथा धरोहर धनराशि को 01 प्रतिशत से घटाकर 0.25 प्रतिशत किया जाएगा।
10. शिक्षा विभाग के अतंर्गत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय को कक्षा 01 से 12 तक के पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।
11. परिवहन निगम के अंतर्गत पूर्व में चयनित 24 अभ्यार्थियों को निगम की खराब हालात को देखते हुए नियुक्ति नहीं दी गई थी, अब इनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
12. परिवहन विभाग के अंतर्गत रेलवे मैनुअल के अनुसार रेलवे ट्रैक के आसपास विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले निर्माण कार्य के लिए अब रेलवे विभाग से सहमति लेनी होगी ताकि ट्रैक को किसी प्रकार क्षति न पहुंचे। इसके लिए रेलवे मैनुअल को एडाप्ट किया गया है।
13. उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत छात्र निधि नियमावली के अंतर्गत जो छात्र एक वर्ष तक अपने कासन मनी को नहीं लेते है, उस धनराशि को कॉलेज के विकास पर खर्च करने की अनुमति दी गई है।
14. चिकित्सा विभाग के अंतर्गत कोविड के अंतर्गत भर्ती किये 1662 अस्थायी कार्मिकों की सेवा अवधि समाप्त होने पर इनकी नियुक्ति की तिथि के शर्तों के अनुसार 06 माह का सेवा विस्तार दिया जाएगा।
15. उत्तराखण्ड की आय को 05 वर्ष में दोगुना करने के लिए विभिन्न विभागों से रिपोर्ट लिया जाएगा एवं उत्तराखण्ड की आय को दोगुना करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्संलटेन्सी ऐजेंसी नियुक्त की जाएगी।

सुरक्षा के बीच उत्तराखंड पहुंची राष्ट्रपति निर्वाचन की सामग्री

भारत निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली से मंगलवार को राष्ट्रपति निर्वाचन से संबंधित मतपत्र, मतपेटियां, विशेष कलम और अन्य सीलबंद सामग्री उत्तराखण्ड राज्य विधानसभा सचिवालय के लिए प्रेषित की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय के पर्यवेक्षण में यह निर्वाचन सामग्री सभी राज्यों में प्रेषित की गई।
उत्तराखण्ड राज्य के लिए सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने यह निर्वाचन सामग्री प्राप्त की। सीलबंद निर्वाचन सामग्री अधिकारियों की देखरेख में हवाई मार्ग से देहरादून पहंुची। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बैलेट बॉक्सों की सुरक्षा के लिए विशेष एयर टिकट की व्यवस्था करते हुए निर्वाचन अधिकारी के बगल की सीट आरक्षित की गई थी।
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से उक्त सामग्री निर्वाचन अधिकारी द्वारा विधानसभा सचिवालय में बनाये गए स्ट्रांग रूम में जमा की गई है। आयोग द्वारा प्राप्त मतपेटियों एवं महत्वपूर्ण निर्वाचन सामग्री को विधानसभा सचिवालय भवन स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। उपरोक्त पूर्ण प्रकिया की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी करायी गई है।
इस अवसर पर रिटर्निंग आफिसर/सचिव विधान सभा मुकेश सिंघल, सहायक रिटर्निंग आफिसर/संयुक्त सचिव चन्द्रमोहन गोस्वामी, उप सचिव नरेंद्र रावत, उप सचिव लक्ष्मीकांत उनियाल और निजी सचिव विजयपाल सिंह जरधारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बिजली चोरी रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड, उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लिमिटेड, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड एवं उरेडा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने उद्योग एवं आमजन की समस्याओं को देखते हुए यूपीसीएल को कम से कम विद्युत कटौती करते हुए विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी रोकने के साथ ही लाइन लॉस आदि को लगातार कम करने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने पेड़ों की लॉपिंग के लिए यूपीसीएल और वन विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियों में विद्युत लाइनें न टूटें और विद्युत आपूर्ति बाधित न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सोर्स ऑफ एनर्जी बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यूजेवीएनएल को सोलर एनर्जी के क्षेत्र में भी काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन और भारत सरकार के स्तर पर लंबित सभी मामलों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए।
मुख्य सचिव ने पिटकुल को उनके सभी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में फॉरेस्ट क्लियरेंस आदि के सम्बन्ध में वन विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर प्रकरणों को निस्तारित करते हुए प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उरेडा को भी सोलर एनर्जी का उत्पादन बढ़ाए जाने हेतु अध्ययन कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उन राज्यों, जिन्होंने सोलर एनर्जी के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है, द्वारा किए गए कार्यों और नवोन्मेषी सुझावों का भी अध्ययन कर राज्य में अपनाए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, तीनों निगमों के प्रबन्ध निदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सचिवालय में सीएम के समक्ष विधायकों व अधिकारियों ने ली कोरोना की रोकथाम संबंधी प्रतिज्ञा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु जन जागरूकता अभियान के तहत विधायकगणों एवं अधिकारियों को प्रतिज्ञा-शपथ दिलाई। उन्होंने कोविड-19 से बचाव हेतु कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सावधानियां बरतने, कोविड से जुड़े आचार व्यवहार का अनुसरण करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने की शपथ दिलाई। मास्क, फेस कवर पहनने एवं दूसरों से 02 गज की दूरी बनाकर रखने, नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने, कोविड के लक्षण महसूस होने पर तत्काल चिकित्सा सलाह लेने एवं मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतने की भी शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों एवं कार्मिकों को कोराना से बचाव के लिए जन जागरूकता पर विशेष ध्यान देना होगा। त्योहारों एवं शीतकाल का समय शुरू होने वाला है। इसके दृष्टिगत मास्क की अनिवार्यता, सोशल डिस्टेंसिंग एवं स्वच्छता से सबंधित नियमों के पालन के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता जरूरी है। सर्दी के समय में कोविड से बचाव के लिए और सतर्कता की जरूरत है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जब तक राज्य में कोविड पूर्ण रूप से समाप्त नहीं होता, तब तक जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोविड के कोई लक्षण दिखाई दे,तो शीघ्र इसकी सूचना टोल फ्री नम्बर या स्वास्थ्य विभाग को दी जाय।

उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक उपायों से इस बीमारी से लड़ा जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं स्वास्थ्य विभाग की गाईडलाईन का पूरा पालन जरूरी है। अधिकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल माध्यम से करें। सतर्कता से राज्य में कोविड संक्रमण की दर में कमी आयी है, लेकिन इस समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय।

मौके पर वर्चुअल माध्यम से विधायकगण, सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगोली, डॉ. पंकज पाण्डेय, डॉ. रणजीत सिन्हा, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

समयबद्धता के साथ ही गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सचिवालय में कुम्भ मेला-2021 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक सामग्रियों की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर की पौड़ी में कांगड़ा घाट का कार्य 15 नवम्बर, 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए, इसके लिए आवश्यक उपकरण एवं सामग्री की उपलब्धता पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। सीवरलाईन, पेयजल लाईन, विद्युत लाईन आदि के लिए सम्बन्धित विभागों से समन्वय बनाते हुए, पूर्व नियोजित तरीके से कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आस्था पथ पर बाढ़ सुरक्षा कार्य को नदी में पानी का स्तर कम होते ही शुरू कर लिया जाए। काँवड़ पटरी में पक्कीकरण (ब्लैकटॉपिंग) का कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण कर लिया जाए। इन सभी कार्यां के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि 05 अस्थायी पुलों का निर्माण प्राथमिकता पर लेते हुए, इनका निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक प्रत्येक स्थिति में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कुम्भ मेले के लिए प्रस्तावित बस स्टैंड का कार्य भी तेजी से पूर्ण कर लिया जाए, इसके लिए आवश्यक फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी ले ली जाएं।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कुम्भ मेला-2021 के आयोजन के लिए कम समय रह गया है। सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से किया जाए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डाम कोठी के जीर्णोद्धार के कार्य को भी समय से किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कोविड-19 के दृष्टिगत कुम्भ मेला-2021 में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती ससमय सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए 500 बेड की व्यवस्था रखी जाए, साथ ही पेशेंट केयर एवं टेस्टिंग की भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कुम्भ मेला-2021 के लिए आवश्यक स्टाफ, मेला अधिकारी, उप मेला अधिकारी, सूचना अधिकारी, पुलिस फोर्स एवं होम गार्ड की तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में सड़क, घाट, पार्किंग, शौचालय, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि की जानकारी दी।

पौधों का सर्वाईवल रेट बढ़ाने पर दिया जाए ध्यानः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड कैम्पा की बैठक हुयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वनों के विकास के लिए पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। पौधों का सर्वाईवल रेट बढ़ाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टि गांवों को लौटे प्रदेशवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन सम्पत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश को वापस लौटे लोगों को रोजगार की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को ऊर्जा विभाग के माध्यम से 25 वॉट के सोलर प्लांट्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वन विभाग द्वारा भी कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। इससे हमारे गांव एवं हमारे वन दोनों लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने बुग्यालों के संवर्द्धन के लिए कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग बहुत ही कारगर है परन्तु सोलर फेंसिंग की सुरक्षा के लिए लोगों को भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संवर्धन हेतु वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संवर्धन हेतु चेकडैम, चालखाल एवं ट्रेंच निर्माण के अच्छे परिणाम रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयन दिवस के अवसर पर प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेजों को 10 हजार पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता के लिए 10-10 हजार रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे स्कूल एवं कॉलेज के माध्यम से प्रकृति के प्रति जनजागरूकता फैलायी जा सकेगी।

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को भीमल के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इन प्रशिक्षित लोगों का प्रयोग बुग्यालों के संवर्धन हेतु कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम आदि के निर्माण के लिए किया जा सकता है।

अनुभागों में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक कार्यरत कार्मिकों का किया जाए स्थानान्तरणः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सचिवालय के अनुभागों में पत्रावलियों के निस्तारण में आवश्यक विलम्ब के लिये उत्तरदायी कार्मिक के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के सख्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में मात्र स्थानान्तरण किया जाना ही काफी नहीं है। सचिवालय में पत्रावलियों का निस्तारण समय पर समयबद्धता के साथ हो, इसके लिये उन्होंने लोक निर्माण, सिंचाई, आवास, खनन, आबकारी एवं पेयजल अनुभागों में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक कार्यरत कार्मिकों को एक सप्ताह के अन्दर स्थानान्तरित करने के निर्देश सचिव सचिवालय प्रशासन को दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि अनुभाग स्तर से पत्रावलियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत की जाए किन्तु वापसी में पत्रावली को उच्च स्तर से सीधे सेक्शन को सन्दर्भित कर दिया जाए। इससे समय की बचत तथा आदेशों के क्रियान्वयन में शीघ्रता होगी। एक अनुभाग अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारी को एक ही विभाग का कार्य सौंपा जाए, कार्मिकों को सभी विभागों की कार्य प्रणाली की जानकारी रहे। इसकी व्यवस्था करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को दिये हैं।

कहा कि भविष्य में यह स्थिति कदापि उत्पन्न न हो कि मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव के अनुमोदन के पश्चात सेक्शन स्तर पर पत्रालियों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब हो। इसका पर्यवेक्षण करने के साथ ही पत्रावलियों की समयबद्धता के साथ निस्तारण किये जाने की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। मुख्यमंत्री ई-फाईलिंग को सीएम डैशबोर्ड से लिंक किये जाने, लम्बित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के अन्दर निस्तारण करने के निर्देश देते हुए एक लक्ष्य लेकर पहले लो.नि.वि, सिंचाई, ऊर्जा, कार्मिक एवं गृह विभाग की ई-फाइलिंग तैयार करने को कहा है। कार्मिकों का वार्षिक मूल्यांकन जरूरी किये जाने एवं बेहतर कार्य करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत किये जाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय मैनुअल के पुनर्मूल्यांकन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय मैनुअल परिणामकारी हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में मैनुअल रिफॉर्म हेतु गठित समिति से शीघ्र अपनी अनुशंसा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने सचिवालय अनुभागों के पर्यवेक्षण की कारगर व्यवस्था बनाने तथा सचिव स्तर पर माह में एक दिन अनुभागों का निरीक्षण किये जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कार्मिकों के हित तथा विभागीय कार्यों में गति लाने के लिये विभागों में समय पर डीपीसी करने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने प्रत्येक माह के अन्तिम दिवस को डीपीसी के लिये निर्धारित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अब तक कैबिनेट के जितने भी निर्णय हुए हैं उनका शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विभागीय निदेशालय स्तर के अधिकारियों को अनावश्यक सचिवालय न आना पड़े, इसके लिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था अमल में लायी जाए। कार्मिकों की उपस्थिति की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। इसके लिये सी.सी.टी.वी. की व्यवस्था बनाये जाने तथा उच्चाधिकारियों के स्तर पर इसकी निगरानी किये जाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि जब भी शासन स्तर पर जनहित में कोई नीति बनायी जाती है तो उसकी ड्राफ्ट पॉलिसी को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए। पब्लिक प्लेटफॉर्म में जाने पर इसमें जनता के सुझाव भी प्राप्त हो सकेंगे तथा एक व्यावहारिक नीति बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्य सचिव ने दिये इन शहरों में पाॅलीथिन बंद करने के निर्देश

सचिवालय सभागार में आज मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के समक्ष प्रदेश के पांच शहरों देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल एवं हल्द्वानी को सन् 2020 तक प्लास्टिक मुक्त करने विषयक कार्य योजना का शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान अवगत कराया गया, कि विभाग द्वारा 50 माईक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक थैलों को पूर्णतः प्रतिबन्धित करने का शासनादेश के अनुपालन में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के विषय मेंं व्यापार मण्डल, स्कूली छात्र, समाचार पत्रों आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार लगातार किया जा रहा है। बताया गया, कि उत्तराखण्ड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 दिनांक 30-11-2016 के अंतर्गत अब तक 1560 चालान कर रू0 7.57 लाख का अर्थ दण्ड दोषियों से वसूला गया है। बैठक में बताया गया, कि उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियमावली व प्रतिबंधित प्लास्टिक के प्रकार की सूची बनाई जा रही है। प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि नगर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार के प्लास्टिक व थर्माकोल से बनी थैलियां, पत्तल, ग्लास, कप, पैकिंग सामग्री इत्यादि का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित है।
प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया, कि प्रथम चरण में प्रदेश के पांच शहरों देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल एवं हल्द्वानी में निर्धारित प्राविधान के तहत 4947 लोगों से चालान द्वारा अक्टूबर 2019 तक रू 58.13 लाख की वसूली की गई तथा 11 सितम्बर से 27 अक्टूबर, 2019 तक प्रदेश में चलाये गए ‘‘स्वच्छता ही सेवा‘‘ अभियान के अंतर्गत 35.76 मी0टन प्लास्टिक संग्रहण किया गया तथा 13.88 मी0टन प्लास्टिक रिसाईकिल किया गया। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी में प्लास्टिक काम्पेक्टर के लिए धनराशि जारी कर दी गई है तथा मसूरी में प्लास्टिक काम्पेक्टर उपलब्ध है एवं नैनीताल से संग्रहित प्लास्टिक का रिसाईक्लिंग कार्य हल्द्वानी में किया जायेगा। प्रस्तुतीकरण में यह भी बताया गया कि प्लास्टिक से ईंधन बनाने की योजना हरिद्वार में प्रस्तावित है, जिसके लिए शीघ्र ही आर0एफ0पी0 प्रकाशित की जा रही है।
बैठक में सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव वन अरविन्द सिंह ह्यांकी, अपर सचिव चन्द्रेश यादव सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।