जनता दरबार अभियान से प्रशासनिक व्यवस्था बनी और अधिक सुलभ और पारदर्शी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से आम जन को राहत मिली है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुगम और पारदर्शी हुई है। इस अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री, श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक के रूप में है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल,टैक्सी, मैक्सी स्थानीय लोग है।

मुख्यमंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बढ़ी है। इस दिशा में राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।

मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार,जन जन के द्वार अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनन्द वर्द्धन, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रताप पंवार, गीताराम गौड़, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. स्वराज विद्वान, ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं: धामी

मकर संक्रांति के पर्व पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) आज से शुरू हो गया है। पौराणिक माघ मेले का उद्घाटन बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता तथा बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोली के सानिध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया। जनपद के रामलीला मैदान में सप्ताह भर चलने वाला बाड़ाहाट का थौलू के नाम से प्रचलित यह पौराणिक मेला जनपद की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संवाहक है।

आज माघ मेला में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लोक देवताओं की डोलियों और धार्मिक प्रतीकों के साथ उत्तरकाशी पहॅुंचे। भागीरथी नदी में पर्व स्नान करने के बाद कंडार देवता व हरि महाराज सहित अनेक देवडोलियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने बाड़ाहाट (उत्तरकाशी नगर का पुरातन क्षेत्र) स्थित चमाला की चौंरी पर पहॅुचकर डोलीनृत्य व रासो-तांदी नृत्य कर बाड़ाहाट के थौलू (मेला) की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की छटा बिखेरी।

अपराह्न में रामलीला मैदान में कंडार देवता व हरि महाराज की आगवानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माघ मेला का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मेला पांडाल में घण्डियाल देवता, खंडद्वारी देवी, राज-राजेश्वरी देवी, त्रिपुर सुंदरी,नाग देवता व दक्षिण काली सहित अनेक देवडोलियों व धार्मिक प्रतीकों की भी उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह में त्रृषिराम शिक्षण संस्थान की छात्राओं ने स्वागत गान एवं नृत्य प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मकर संक्रांति और माघ मेले की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज उन्हें बाबा विश्वनाथ की नगरी और मां भागीरथी की पावन धरा पर आयोजित पौराणिक और ऐतिहासिक धार्मिक मेले के शुभारम्भ में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। यह एक लोक आस्था का महाकुंभ है और आज के दिन से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। आज उत्तरकाशी जनपद अपनी एक आध्यात्मिक पहचान बना रहा है। वहीं विकास के पथ पर भी अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार की नीतियां सिर्फ फ़ाइलों तक सीमित नहीं है सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है और विकास भी सुनिश्चित हो रहा है एवं पर्यटन के क्षेत्र में आजीविका के नए अवसर बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तरकाशी जनपद में 1000 करोड़ से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुधारीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी में ही रू. 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला का उच्चीकरण कर रू. 46 करोड़ की लागत से उपजिला अस्पताल बनाया जा रहा है। सिल्क्यारा टनल का ब्रेकथ्रू भी हो चुका है जल्द ही इस टनल का कार्य पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों सहित पर्यटकों को भी सहूलियत मिलेगी। इस टनल के निर्माण से यमुनोत्री और गंगोत्री के मध्य लगभग 25 किमी की दूरी भी कम होगी। यमनोत्री में हैलीपेड निर्माण, सिंचाई योजनाएं, भटवाड़ी में बाढ़ सुरक्षा कार्य सहित विकास के अन्य कार्य किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन कार्यक्रम पर कार्य कर रही है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम से भी पर्यटन को नया आयाम दिया जा रहा है। जादुंग में उत्सव मैदान का निर्माण किया जा रहा है। आज उत्तरकाशी जनपद में 12 हजार लखपति दीदी बन चुकी है। जो आत्मनिर्भर उत्तराखंड की तस्वीर को प्रदर्शित करती है। सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी आज उत्तराखंड प्रथम स्थान हासिल किया है तथा राज्य में भी उत्तरकाशी तीन प्रमुख जिलों में शामिल है। आज राज्य में रिवर्स पलायन भी बढ़ रहा है लोग आज अपने पैतृक निवास की और लौट रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अतिथि देवो भव: की परम्परा है और देवभूमि की मर्यादा तोड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून,लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि कानून लागू किए हैं तथा 1000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई है। राज्य में सख्त भू कानून लागू किया है तथा ऑपरेशन कालनेमी चलाकर सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। उत्तराखंड देश में समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाला प्रथम राज्य बना है, यूसीसी के लागू होने से आज सभी के लिए सबकी सुरक्षा और एक समान कानून लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नौकरी मिली है। युवाओं के भविष्य के लिए सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। अभी 2 हजार पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद परिणाम घोषित किया गया है,जल्द ही इन 2000 युवाओं को नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है भ्रष्टाचार में लिप्त उच्च अधिकारियों सहित सभी पर कड़ी कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी को भी छेड़–छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। देवभूमि में किसी भी प्रकार का जिहाद नहीं चलेगा। अंकिता भंडारी केस पर उन्होंने कहा कि हमने पहले भी जांच करवाकर अपराधियों को जेल पहुंचाने का काम किया है तथा स्वयं अंकिता भंडारी के माता पिता से मिलकर उनकी भावनाओं के अनुरूप सीबीआई जांच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो अंकिता भंडारी को पहले भी न्याय दिलाने के खड़े थे और आगे भी खड़े रहेंगे।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शक्ति मंदिर एवं बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, संतों के आशीर्वचनों के शिलापट्टों किया लोकार्पण*

मुख्यमंत्री ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान पौराणिक भगवान विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में दर्शन के उपरांत महान संतों के आशीर्वचनों और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित संकलन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ के संतों का तप व ज्ञान हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि संतों के दिव्य वचन समाज को सही मार्ग दिखाने के साथ-साथ हमारी युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में सहायक हैं।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेशवर लाल,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. स्वराज विद्वान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिला अध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री राम सुंदर नौटियाल, प्रताप सिंह पंवार, जगत सिंह चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार, ममता पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र राणा, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी, परशुराम जगुडी, नगर पालिकाध्यक्ष भूपेन्द्र चौहान, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरेंद्र राणा, हरीश डंगवाल, शैलेन्द्र कोहली, गिरीश भट्ट, लोकेंद्र बिष्ट, सूरत राम नौटियाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय , मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन, चारधाम के अलावा वेलनेस व एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं: धामी

शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया।

कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 50 तथा स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया तथा उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा एवं मां यमुना का खरसाली तथा सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं,बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी एवं ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों, एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, कल्चर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ट्रेंड बनाना और किसी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाना आप सभी के हाथ में है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को केवल 4 या 6 महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें, होमस्टे सूने न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। जब 12 महीने पर्यटन सक्रिय रहेगा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने टूरिज्म से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद करते हुए कहा कि चाहे परमिशन हो, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर या मार्केटिंग सपोर्ट—सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल और निवेशकों के लिए फास्ट-ट्रैक सपोर्ट को और मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का अर्थ केवल बड़े होटल नहीं,बल्कि जब गांव की महिला का होमस्टे भरे, स्थानीय युवा टैक्सी चलाएं, पहाड़ी युवक ट्रेकिंग गाइड बनें,लोक कलाकारों को मंच मिले और किसान के उत्पाद सीधे पर्यटक तक पहुंचें—तभी पर्यटन सार्थक होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है, लखपति दीदी योजना से महिलाओं को जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार विकास चाहती है, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और गांव के अंतिम व्यक्ति को पर्यटन से जोड़ना ही सरकार का रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मॉडल है।उन्होंने सभी टूर ऑपरेटर्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में उत्तरकाशी, हर्षिल, मुखबा, नेलांग, चमोली, औली, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं सीमांत गांवों को शामिल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पैकेज बनाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं और निवेशकों को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि यहां पर्यटन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का सबसे बड़ा इंजन है। उन्होंने कहा कि होटल मालिक, होमस्टे संचालक, टैक्सी चालक और ट्रैवल एजेंट—सभी को काम मिले और हर गांव को पहचान मिले, यही सरकार का लक्ष्य है।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल,दर्जा राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल,जगत सिंह चौहान,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ.स्वराज विद्वान,प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट,जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान,पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण,डीएम प्रशान्त आर्य,एसपी कमलेश उपाध्याय,सीडीओ जयभारत सिंह,रजिस्ट्रार निम विशाल रंजन,जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।

तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने केदारकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर उन्होंने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक वास्तुकला, लोक संस्कृति और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण, सड़क परियोजनाएं और पुरोला उप जिला चिकित्सालय जैसी अनेक योजनाएं इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक दुर्गेश्वर लाल द्वारा क्षेत्र के विकास को लेकर सौंपे गए मांग पत्र का परीक्षण कर यथासंभव घोषणाओं में शामिल किया जाएगा। टटाउ महाविद्यालय के सड़क मार्ग को भी घोषणाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि हरकीदून, केदारकांठा, भराड़सर, देवक्यारा, चांईशील और सरूताल जैसे अनेक सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के केंद्र बिंदु सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल से क्षेत्र के पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, दायित्वधारी जगत सिंह चौहान, पूर्व विधायक मालचंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सीडीओ जयभारत सिंह, एसडीएम मुकेशचंद रमोला, ब्लॉक प्रमुख रणदेब राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग एवं पर्यटक उपस्थित रहे।

सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने धराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सेब उत्पादकों के लिये की महत्वपूर्ण घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली गांव सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों के सेब की सरकार द्वारा खरीद किए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार धराली व इसके आसपास के क्षेत्र का रॉयल डिलीशियस सेब रू. 51/- प्रति किग्रा. तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब रू. 45/- प्रति किग्रा. की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान विभाग के माध्यम से खरीदा जाएगा। इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था मुख्यमंत्री घोषणा मद से की जाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस संबंध में जारी एक परिपत्र में सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग को तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित कर वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री को उक्त घोषणा के अनुपालन की वस्तुस्थिति से भी अविलंब अवगत कराए जाने की अपेक्षा की गई है।

राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुईः सीएम

उत्तरकाशी और पौड़ी के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा में फंसे लोगों के राहत और बचाव कार्यों की तीन दिनों से स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दिनांक 05 अगस्त को जनपद उत्तरकाशी के ग्राम धराली एवं हर्षिल, तथा 06 अगस्त को जनपद पौड़ी के ग्राम सभा सैंजी और आसपास के क्षेत्रों में बादल फटने और अतिवृष्टि के कारण जनहानि, संपत्ति एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों जैसे सड़क, पुल, विद्युत व जलापूर्ति लाइनों को भारी क्षति पहुंची है। अनेक परिवार विस्थापित हुए हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास एवं आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने देशवासियों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संस्थानों तथा दानदाताओं से अनुरोध किया है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में उत्तराखण्ड के प्रभावित परिवारों के सहयोग हेतु आगे आएं और अपनी सामर्थ्यानुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता प्रदान करें।

उन्होंने राहत कोष में दान देने के लिए निम्न विवरण साझा किए हैं:

मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड
बैंक: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सचिवालय शाखा
खाता संख्या: 30395954328
IFSC Code: SBIN0010164
UPI ID: cmukrf@sbi
ऑनलाइन दान हेतु वेबसाइट: https://cmrf.uk.gov.in → Donate Now विकल्प चुनें
QR Code के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि इस कठिन समय में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से एकजुट होकर कार्य करें।

सीएम की निगरानी में किया जा रहा धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और निर्देशन में आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

मुख्यमंत्री तीन दिन से उत्तरकाशी में ही प्रवास कर स्वयं रेस्क्यू अभियान की कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के निकटवर्ती मातली हेलीपैड में जाकर रेस्क्यू अभियान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री की खेप रवाना करवाई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए मातली हेलीपैड से सुबह सात बजे से हेलिकॉप्टर्स की आवाजाही का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए मातली हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री रेस्क्यू अभियान का जायजा लेने के लिये आज फिर से धराली क्षेत्र के भ्रमण पर रवाना हुए हैं।

आपदाग्रस्त धराली क्षेत्र में प्रभावितों को राहत पहुंचाने और लापता लोगों की खोजबीन का अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

बुनियादी सुविधाओं तथा संचार व्यवस्था की बहाली के लिए विभिन्न एजेंसियां निरंतर जुटी हुई हैं। हर्षिल बगोरी में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है।

उत्तरकाशी में सीएम ने देर शाम की ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की देर शाम को स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी में समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान अन्य जनपदों के जिलाधिकारी एवं शासन के उच्च अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री ने आज हर्षिल एवं धराली क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिले। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने धराली में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तीव्र गति के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर सभी जनपदों की आपदा तैयारियों की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता पर किए जाए तथा प्रभावितों को भोजन,पेयजल,चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने अवरुद्ध सड़क मार्ग को यथाशीघ्र खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत सामग्री और बचाव दलों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए।

जहां तक सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं,वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंच बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं को तत्काल बहाल करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने इस आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय पर दी गई सहायता से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।’

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बीआरओ, सेना स्वास्थ्य,आपदा प्रबंधन,लोक निर्माण,ऊर्जा,जल संस्थान और संचार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धराली गांव में बादल फटा, जन धन के नुकसान की सूचना पर सीएम पीएम और गृहमंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। इस दौरान प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने सीएम से फोन पर घटना की संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होनंे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुँचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।