रूद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करने पर सीएम का आभार जताने पहुंचे पुरोला के नागरिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्य सेवक सदन में विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने भेंट की। उन्होंने विल्ला नौगांव, विधानसभा पुरोला के अंतर्गत 65 गांवों के आराध्य देवता श्री रुद्रेश्वर महादेव के डांडा देवराणा मंदिर, के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के तहत ₹1.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ही स्थानीय स्तर पर आस्था और परम्परा से जुड़े मंदिरों एवं मेलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परम्परायें उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि डांडा देवराणा स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के 65 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास के साथ-साथ स्थानीय आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत धनराशि से मंदिर परिसर में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों एवं श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा डांडा देवराणा रुद्रेश्वर महादेव मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के लिए भी उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राजकीय मेले का दर्जा मिलने से इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले को व्यापक पहचान मिलेगी और क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर रुद्रेश्वर मंदिर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर समिति के सदस्य तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा नेता जगनमोहन चंद, सरदार सिंह राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष बचन चौहान एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता के मंदिर का पुनः निर्माण किया जाएगाः सीएम

सीएम धामी ने जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सचिवों को धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए निजी और सार्वजनिक संपत्ति के आकलन को 7 दिन की टाइमलाइन में तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आठ संबंधित विभागों द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह आकलन तैयार होते ही भारत सरकार को भेजने की निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने धराली सहित राज्य के सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों हेतु सरकार की ओर से दी जा रही तात्कालिक सहायता वितरण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यह सहायता राशि तात्कालिक रूप से प्रभावितों को प्रदान की जा रही है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की नकारात्मकता ना फैलाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता के मंदिर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के लोग हमारे अपने लोग हैं, उनका बेहतरीन विस्थापन किया जाएगा, इस सम्बन्ध में कोई कमी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राहत – बचाव कार्यों में लगी सरकारी मशीनरी का उत्साहवर्धन करने की अपील की, उन्होंने इसमें जन सहयोग की भी अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी को भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार से बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को आपदा कंट्रोल रूम, आई०टी० पार्क, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली- हर्षिल आपदाग्रस्त क्षेत्र में हर्षिल तक सड़क मार्ग को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मंगलवार तक सुचारु करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित एजेंसियो ने जानकारी दी है कि आज शाम लिमचीगाड़ ब्रिज संचालित होते ही, हर्षिल तक की रोड कनेक्टिविटी 2 दिन के भीतर आरंभ कर दी जाएगी। सड़क के जल्द से जल्द निर्माण हेतु सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को धराली आपदा में 108 बेघर हुए परिवारों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद बनाते हुए तात्कालिक रूप से उनके रहने, भोजन दवाइयों एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बेहतरीन व्यवस्थाए करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि धराली आपदा ग्रस्त क्षेत्र के चौनेलाइजेशन के लिए सोमवार की सुबह ही आईआईटी रुड़की, सी एस आर ई एवं अन्य विशेषज्ञ एजेंसीयों के जियोलॉजिस्ट की एक टीम तत्काल रवाना की जाए।

आज की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से ग्राम प्रधान सहित धराली के आपदा प्रभावितों से बात की। धराली ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वयं तीन दिन तक धराली में उनके साथ बने रहने, उनका हौसला बनाए रखने, आपदा आकलन हेतु तत्काल त्रिस्तरीय समिति बनाने, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत आरंभ करने एवं प्रशासन द्वारा प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

धराली व पौड़ी आपदा के राहत एवं बचाव कार्यों में निरंतर लगे सभी सरकारी अधिकारियों एवं कार्मिकों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षाबंधन पर्व के दौरान भी अपने घरों से दूर रहते हुए धराली एवं अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में निरंतर पूरे मनोयोग से कार्य करते हुए सभी अधिकारियों एवं कार्मिक, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, विभिन्न एजेंसियों एवं सेना के जवानों ने जो हिम्मत दिखाई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी पौड़ी से भी आपदा रावत बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। डीएम पौड़ी स्वाति भदौरिया ने बताया कि पौड़ी के 338 गांव आपदा प्रभावित है। आपदा प्रभावित सैंजी गांव के क्षतिग्रस्त घरों का आकलन कर दिया गया है। अभी तक प्रभावितों को 50.86 लाख रुपए का मुआवजा वितरण कर दिया गया है। जनपद में राहत कार्य मिशन मोड पर संचालित किया जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा पौड़ी तथा धराली के ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

धराली आपदा राहत कार्यों के लिये बैंक आफ बड़ौदा ने उठाया हाथ, दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, ऑफ बड़ौदा के जी.एम प्रतीक अग्निहोत्री, डीजीएम एस.पी.एस तोमर, रीजनल हेड अरविंद जोशी मौजूद रहे।

सीएम ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा भेजी गई आपदा राहत सामग्री को किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा धराली में राहत एवं पुनर्वास के लिए भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री को रवाना किया।

कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा सी.एस.आर के अंतर्गत 10 से 12 दिनों तक के लिए पर्याप्त कच्चा राशन-आटा, चावल, दालें, मसाले, खाद्य तेल-सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ जैसे टूथपेस्ट, नहाने एवं कपड़े धोने का साबुन, आदि सम्मिलित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा इस दुख की घड़ी में पूरा राज्य आपदा प्रभावितों के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, महिंद्रा बैंक के सर्किल हेड शोभित अग्रवाल, एरिया हेड अनुज कपूर, रजत जैन कोटक, महिंद्रा बैंक के इंप्लीमेंट पार्टनर सेवा इंटरनेशनल के पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पौड़ी के सैंजी और बांकुड़ा गांव में क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी दिए जाएगी सहायता राशिः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने की थी। खराब मौसम के बावजूद अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। जिसमें स्थानीय लोगों के साथ देश भर से आए तीर्थ यात्री भी शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल, एम्स में भर्ती किया गया है। सभी को अच्छा इलाज मिले इसकी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया हर्षिल व धराली क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, दूध, राशन, कपड़े पहुंचाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया हर्षिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए उरेडा का पावर हाउस चालू किया गया है। यूपीसीएल द्वारा बिजली तारों की मरम्मत की जा रही है। मोबाइल कनेक्टिविटी को सुधार लिया गया है साथ ही 125 ज्ञट के दो जनरेटर सेट भी आपदा क्षेत्र में पहुंच गए हैं। हर्षिल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविट को ठीक किया जा रहा है। गंगनानी में बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। भूस्खलन की चपेट में आई सड़कों को भी जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया मंगलवार तक हर्षिल तक सड़क मार्ग को पूरी तरह ठीक करने की संभावन है। जिसके बाद अन्य कामों को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया प्रभावित परिवारों को अगले 6 महीने का राशन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा। आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु ₹ 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि जारी की जाएगी। उन्होंने बताया ग्राम वासियों के पुनर्वास के लिए सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जो प्रभावित हुए लोगों के पुनर्वास, विस्थापन एवं हानि का आंकलन करेगी। उन्होंने कहा आपदा से सेब के बगीचों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के साथ ही प्रदेश के अन्य स्थानों में भी आपदा से तबाही हुई है। उन्होंने कहा पौड़ी के सैंजी और बांकुड़ा गांव में भी जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी राज्य सरकार के स्तर से ₹ 5 लाख तक भी सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा राज्य में जहां भी आपदा से हानि हुई है, उन्हें सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उनके ही नेतृत्व में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

उत्तरकाशी के धराली आपदा प्रभावितों को सरकार की त्वरित राहत, सीएम धामी की दो महत्वपूर्ण घोषणाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के धराली गांव में हालिया आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यह कदम राज्य सरकार की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन के प्रति तत्परता को दर्शाता है।

आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि ग्राम धराली, तहसील भटवाड़ी, जनपद उत्तरकाशी में आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु रु. 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, आपदा में मृतकों के परिजनों को भी 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि उन्हें इस कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।

समग्र पुनरुद्धार और आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित ग्राम वासियों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार, एवं स्थायी आजीविका के सुदृढ़ीकरण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी।

यह समिति धराली गांव के भविष्य के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, जिससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। शासन स्तर पर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को त्वरित और प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

सीएम धामी के निर्देशों पर धराली से गंगोत्री तक तैनात हैं स्वास्थ्य के सिपाही, हर गांव तक पहुंचीं चिकित्सा टीमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तरकाशी जिले में आई आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की टीमें तेजी से राहत और चिकित्सा सेवा कार्यों में जुट गई हैं। प्रभावितों को प्राथमिक उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता तक हर संभव सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग की टीमें धराली से लेकर गंगोत्री और चिन्यालीसौड़ तक हर जगह तैनात हैं और बिना रुके राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मातली में 128 यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, 25 को प्राथमिक उपचार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आज शुक्रवार को हेली सेवा के माध्यम से धराली से रेस्क्यू कर 128 यात्रियों को मातली लाया गया। यहां तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों का परीक्षण किया, जिनमें से 25 लोगों को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पाई गई और उन्हें मौके पर ही राहत प्रदान की गई। एक गंभीर मरीज को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है।

चिन्यालीसौड़ में 76 यात्रियों की स्क्रीनिंग, सभी स्वस्थ
वहीं दूसरी ओर, चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचे 76 यात्रियों की भी स्वास्थ्य जांच की गई। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। चिकित्सकों ने सतर्कता से सभी की स्क्रीनिंग की और आवश्यक परामर्श दिए।

जिला चिकित्सालय में 09 मरीजों का उपचार जारी
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उत्तरकाशी जिला अस्पताल में वर्तमान में 09 मरीज भर्ती हैं। इन सभी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

धराली में टीम मुस्तैद
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि धराली में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघना असवाल के नेतृत्व में टीम गई है। इसके अलावा टीम में डॉ मोहन डोगरा, डॉ कुलवीर सिंह राणा, निश्चेतक डा. संजीव कटारिया, जनरल सर्जन डा. परमार्थ जोशी, निश्चेतक डा. एम एस कौशिक, अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. शिवम् पाठक और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोदिवाल शामिल हैं। इसके अलावा गंगोत्री, गंगनानी, भटवाड़ी, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, मातली, चिन्यालीसौड़ में विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम तैनात की गयी है ताकि किसी भी आपदा प्रभावित को जरूरी इलाज समय से मिल सके। धराली क्षेत्र से नेटवर्क बाधा के कारण डेटा नहीं मिल पाया है। फिर भी, स्वास्थ्य विभाग की टीम वहाँ डॉ. मेघना असवाल के नेतृत्व में लगातार सक्रिय है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

सीएम धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर, एम्बुलेंस और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक रेस्क्यू यात्री की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यक उपचार तत्काल दिया जा रहा है।

गंगोत्री से चिन्यालीसौड़ तक, हर क्षेत्र में तैयार स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा राहत कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों की समुचित व्यवस्था की है। गंगोत्री, हर्षिल, भटवाड़ी, मातली और चिन्यालीसौड़ जैसे प्रमुख राहत केंद्रों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाएं और मेडिकल किट्स उपलब्ध कराई गई हैं। हर्षिल में 9 चिकित्साधिकारी और 3 एम्बुलेंस के साथ 20 मेडिकल किट्स की व्यवस्था की गई है, जबकि मातली में 5 चिकित्साधिकारी और 14 चिकित्सा कर्मी 8 एम्बुलेंस व पर्याप्त उपकरणों के साथ कार्यरत हैं। इसी प्रकार चिन्यालीसौड़, गंगोत्री और भटवाड़ी में भी जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य टीमों की तैनाती कर हर स्तर पर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तैनात
राज्य नोडल अधिकारी डॉ बिमलेश जोशी ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैंः-

धराली टीमरू-
डॉ. मेघना असवाल (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. मोहन डोगरा
डॉ. कुलवीर सिंह राणा
डॉ. संजीव कटारिया (निश्चेतक)
डॉ. परमार्थ जोशी (जनरल सर्जन)
डॉ. एम. एस. कौशिक (निश्चेतक)
डॉ. शिवम् पाठक (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. रोहित गोदिवाल (मनोरोग विशेषज्ञ)

अन्य टीमेंः-
मातलीरू डॉ आर.एस. बिष्ट, डॉ. रमेश कुंवर ( डिप्टी सीएमओ हरिद्वार), डॉ. अनमोल सिंह, डॉ. मनीष शर्मा
गंगोत्रीरू डॉ. दीपक रावत, डॉ. पीयूष राणा
गंगनानीरू डॉ. राहुल लाल, डॉ. विशाल सिंह
भटवाड़ीरू डॉ. वेदप्रकाश
चिन्यालीसौड़रू डॉ. विनोद कुकरेती

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशीः-
डॉ. आलोक जैन (ईएनटी)
डॉ. के एस भंडारी (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. एच एस सलूजा (जनरल सर्जन)
डॉ. यशपाल तोमर (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. अरविंद राणा (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. अभिषेक नौटियाल (निश्चेतक)

आपदा राहत में सीएम धामी व पूर्व मंत्री अग्रवाल देंगे अपने एक माह का वेतन

उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा के दौरान राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने एक माह के वेतन को आपदा राहत कार्यों हेतु प्रदान करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दे चुके हैं।

एसईओसी की रेस्क्यू अभियान की समीक्षा में बोले सीएस, सड़क, संचार, विद्युत व्यवस्था बहाल करना प्राथमिकता

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर धराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। शासन तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर रेस्क्यू अभियान को और अधिक तीव्र गति से संचालित किए जाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द बहाल किए जाने को लेकर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन के अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए जो भी संसाधन बीआरओ को चाहिए, वह जल्द से जल्द उपलब्ध कराए जाएं। मुख्य सचिव ने मातली को इस पूरे रेस्क्यू अभियान के लिए स्ट्रेटिजिक एरिया बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिकता तय करते हुए सबसे पहले बुजुर्ग, बीमार, महिलाओं और बुजुर्गों को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन करीब साढ़े नौ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों द्वारा धराली में संचालित किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए सड़क, बिजली तथा संचार सेवाओं को बहाल किया जाना अभी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गंगोत्री, हर्षिल तथा अन्य क्षेत्रों में जो भी यात्री फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, प्ज्ठच्ए छक्त्थ् एवं अन्य सभी एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने हेतु लगातार निर्देशित कर रहे हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि जो भी यात्री गंगोत्री, हर्षिल आदि स्थानों में फंसे हैं, उनके लिए भोजन, पानी, बच्चों के लिए दूध के साथ ही अन्य आवश्यक वस्तुओं उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिन कुर्वे, आईजी फायर श्री मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

चिन्यालीसौंड़ में तैनात रहेंगे चिनूक और एमआई-17

देहरादून। राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारतीय सेना द्वारा उपलब्ध कराए गए चिनूक तथा एमआई-17 को चिन्यालीसौंड़ में ही तैनात किया जाएगा ताकि देहरादून से लग रहे अतिरिक्त समय को कम किया जा सके। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में गुरुवार को बैठक के दौरान निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाए

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि धराली आपदा में घायल हुए लोगों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डॉक्टरों के साथ ही अन्य चिकित्सा स्टाफ तथा दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंगल प्वाइंट आफ कांटेक्ट स्थापित किया जाए ।

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रत्येक स्थल पर सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट नामित किया जाए ताकि रेस्क्यू अभियान में किसी तरह के भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में भी सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून अवधि में सभी अधिकारियों को 24ग7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

24Û7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से जिलाधिकारियों से प्रदेश में हो रही वर्षा से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान में प्रदेश में मानसून की स्थिति, आने वाले दिनों में मौसम का पूर्वानुमान, अब तक हुई बारिश तथा प्रदेश भर में भूस्खलन के चलते बंद सड़कों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक संसाधन तथा उपकरण तैनात किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए की 15 मिनट के भीतर जेसीबी तथा अन्य सभी आवश्यक उपकरण घटनास्थल पर पहुंच जाए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को तत्परता से खोलने के निर्देश दिए।

युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू अभियान-सुमन

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि गुरुवार करीब एक बजे तक 274 लोगों को गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है तथा सभी सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट्र के 123, मध्य प्रदेश के 21, उत्तर प्रदेश के 12, राजस्थान के 6, दिल्ली के 7, असम के 5, कर्नाटक के 5, तेलंगाना के 3 तथा पंजाब के 01 लोग है। सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं तथा इनको उत्तरकाशी/देहरादून लाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान तक 135 लोगों को सुरक्षित हर्षिल से बाहर निकाला गया, जिसमें से 100 लोगों को उत्तरकाशी पहुँचाया गया है तथा 35 लोगों को देहरादून सुरक्षित भेजा गया है।इ इस प्रकार कुल 135 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाया जा चुका है, और 274 लोगों को हर्षिल में सुरक्षित रखते हुए आगे की यात्रा हेतु तैयार किया जा रहा है।