सीएम त्रिवेंद्र ने शहीद कोष के लिए 75 लाख रूपए की राशि की स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति परेड में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के शहीद पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज के दिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मियों अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। विगत एक वर्ष में भारतवर्ष में 265 अर्द्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 6 वीर शहीद हुए हैं। ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिस कर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिस कर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। हमें इन चुनौतियों का डटकर सामना करना है। इनसे निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद कोष हेतु रुपए 75 लाख की राशि स्वीकृत करने और सहायक उपनिरीक्षक व निरीक्षक के वर्दी भत्ता में रु0 1000 की वृद्धि की घोषणा की।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, मुन्ना सिंह चैहान, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, गणेश जोशी, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, राधा रतूड़ी ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस कभी भी चुनाव के लिए राजनीति नहीं करतीः प्रीतम सिंह

कांग्रेस पार्टी की ओर से ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर में जन सहायता कार्यालय का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया।

कार्यालय का उद्धाटन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जन समस्याओं के निराकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जन सहायता कार्यालय का शुभारम्भ किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में पार्टी कार्यालय की नितांत आवश्यकता थी जो पूरी हो गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी चुनाव के लिए राजनीति नहीं करती पार्टी केवल जन समस्याओं के निराकरण के राजनीती करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रहीं है आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंककर भारी बहुमत से सत्ता में आएगी।

क्षेत्र में कांग्रेसजनों व आमजनों की सुविधा और सहायता के लिए ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस जन सहायता कार्यालय का शुभारम्भ हुआ है। मौके पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, प्रकाश जोशी, शूरवीर सिंह सजवाण, राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, विनय सारस्वत, केएस राणा, जयसिंह रावत, मधु सेमवाल, मधु जोशी, गौरव चैधरी, माधव अग्रवाल, विवेक तिवाड़ी, अजय धीमान, दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।

सीएम ने नाबार्ड से सौंग बांध निर्माण, ग्रोथ सेंटरों के विकास के लिए मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक हुई। बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव ओम प्रकाश उपस्थित थे। मौके पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाड़ी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500 से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है। आत्म निर्भर भारत के तहत कृषि आधारभूत सुविधा निधि के तहत कृषकों के लिए फसल कटाई उपरांत के प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। यदि पैक्स नाबार्ड की स्कीम पैक्स- बहु उद्देशीय सेवा केंद्र तथा कृषि आधारभूत सुविधा निधि का लाभ मिलकर लेते हैं तो उन्हें केवल 01 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो पायेगी। उन्होंने नाबार्ड की एलईडीपी तथा एमईडीपी योजनाओं के माध्यम से सुविधा देने पर अपनी सहमति जताई। कृषक उत्पादक संगठन के लिए प्रोहत्सन करने के साथ-साथ ओएफपीओं के गठन पर भी जोर दिया ताकि जिन लोगो के पास जमीन नहीं है उन्हें भी फायदा मिल सके।

कृषि मंत्री की तारीफ में बोले सीएम, सुबोध उनियाल ने मंत्री रहकर नए-नए काॅसेप्ट पर किया काम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को बधाई देकर कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने नये-नये कॉन्सेप्ट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्य लगन से किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है। एकीकृत आदर्श ग्राम योजना एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो मील का पत्थर साबित होगा। एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जब सभी किसान भाई जागरूक होंगे तो कृषि उत्पादन में सुधार के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही मशीनीकरण पर फोकस करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती उत्तराखण्ड की विशेषता है, जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडीशन एवं ब्रांड की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए एक अम्ब्रेला ब्राण्ड शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यधार झील निर्माण के बाद 29 गावों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए गुरूत्व आधारित पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए जमरानी एवं सौंग बाँध की बाधाओं को शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संभरण एवं संरक्षण, मानव वन्यजीव संघर्ष आदि को रोकने के लिए 10 हजार लोगों को काम पर लगाया जाएगा। इससे एक ओर लोगों को रोजगार प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में चार बंदर बाडों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पहले 2 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा था जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रूपए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एक स्वस्थ उत्तराखण्ड की परिकल्पना तभी की जा सकती है जब एक माँ और उसका बच्चा स्वस्थ हो। माँ और बच्चा स्वस्थ रह सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सौभाग्यवती किट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड के किसानों से कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें मशीनीकरण को अपनाना होगा ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।

राज्य और केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सुधारने का कर रही प्रयास
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना काल में जहां सभी क्षेत्रों में मंदी आयी है, कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार कृषि के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य को कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. चिंतला से उत्तराखण्ड में मैकेनाईजेशन को बढ़ावा दिये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेड़ पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सरी एक्ट बनाया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के पेड़ पौधे मिल सकें। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जहां ऑर्गेनिक के पीछे पड़ी है, हमारा राज्य उत्तराखण्ड बाय डिफॉल्ट ऑर्गेनिक है।

सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 04 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। 12 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी 5-5 लाख रूप्ए का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

चेयरमैन नाबार्ड डॉ जीआर चिंतला ने देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी कृषि क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुयी है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण कृषि के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ ही उत्तराखण्ड को जैविक खेती पर फोकस करना चाहिए।

शहीदों की याद में बना स्थल को तोड़ने से सरकार का असल चेहरा आया सामनेः कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी प्रदेश स्तर पर शहीद स्मारक स्थल तोड़े जाने का विरोध करेगी। बृहस्पतिवार को 12 बजे सभी जिला मुख्यालयों पर ऋषिकेश में शहीद स्मारक स्थल तोड़े जाने को लेकर कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। यह बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ऋषिकेश में कही।

उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाया गया है, हम इसके खिलाफ नहीं है, मगर वर्षों से यहां व्यापार कर रहे हैं स्थानीय व्यक्तियों के बारे में सरकार व स्थानीय प्रशासन को सोचना चाहिए था। कहा कि हैरानी वाली बात यह है कि हरिद्वार रोड पर जहां शहीदी स्मारक स्थल है वहीं पर अतिक्रमण के नाम पर तोड़फोड़ हुई शेष जगह छेड़छाड़ नहीं हुई। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पवित्र स्थान को तोड़ना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

सरकारी विभागों का अतिक्रमण क्यों नहीं टूटता
प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को पहले शहीद स्मारक स्थल के लिए कहीं और भूमि और भवन की व्यवस्था करनी चाहिए थी फिर इसे हटाया जाना चाहिए था। मगर, दुर्भाग्यपूर्ण है कि मातृशक्ति और युवा शक्ति के बलिदान पर निर्मित इस उत्तराखंड राज्य में भाजपा शासित सरकार में उत्तराखंडियों के पावन स्थलों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले सरकारी विभागों के अतिक्रमण को क्यों नहीं तोड़ता।

देश रक्षा में शहीद पुलिसकर्मियों को पीएम ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस 2020 के अवसर पर देश की रक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि वर्ष 1959 में चीन से सटी भारतीय सीमा की रक्षा में बलिदान देने वाले दस पुलिसकर्मियों की याद में प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

ट्वीट के जरिए पीएम मोदी ने कहा कि हम कर्तव्य की पंक्ति में शहीद हुए सभी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनके बलिदान और सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा कि भयावह अपराधों को सुलझाने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने, आपदा प्रबंधन में सहायता से लेकर कोरोना महामारी से लड़ने तक हमारे पुलिस कर्मी हमेशा बिना किसी हिचक के अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। हमें नागरिकों की सहायता के लिए उनके परिश्रम और तत्परता पर गर्व है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अब तक 35,398 कर्मियों ने शहादत दी है, मैं सभी शहीदों के परिवार जनों को कहना चाहता हूं कि ये स्मारक (राष्ट्रीय पुलिस स्मारक) सिर्फ ईंट, पत्थर और सीमेंट से बना स्मारक नहीं है।

उत्तराखंड सरकार ने तीन महिलाओं को दिया राज्यमंत्री का दर्जा

तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में प्रथम याचिका करने वाली ऊधमसिंह नगर की शायराबानो को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यमंत्री के पद से नवाजा है। कुछ दिनों पूर्व ही शायरा बानो ने भाजपा का दामन थामा था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दो अन्य महिला कार्यकर्ताओं को भी राज्यमंत्री बनाया है। काशीपुर की शायरा को महिला आयोग में प्रथम उपाध्यक्ष, रानीखेत की ज्योति शाह को द्वितीय उपाध्यक्ष और चमोली की पुष्पा पासवान को तृतीय उपाध्यक्ष बनाया है।

कौन है शायदा बानो…

बीते साल दो बच्चों की मां 35 वर्षीय मुस्लिम महिला शायरा बानो जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचती है तो तीन तलाक के खिलाफ अभियान एक बार फिर जिंदा हो उठता है।

शायरा बानो ने साल 2016 की फरवरी में अपनी याचिका दायर की। वे कहती हैं कि जब वह अपना इलाज कराने के लिए उत्तराखंड में अपनी मां के घर गईं तो उन्हें तलाकनामा मिला।

शायरा बानो ने इलाहाबाद में रहने वाले अपने पति और दो बच्चों से मिलने की कई बार गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार दरकिनार कर दिया गया और उन्हें अपने बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। शायरा बानो ने अपनी याचिका में इस प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठाई। उन्होंने ये भी कहा है कि हलाला और कई पत्नियां रखने की प्रथा को भी गैर कानूनी ठहराया जाए।

वे कहती हैं, ये सारी प्रथाएं गैरकानूनी, असंवैधानिक, लैंगिक न्याय के खिलाफ और भेदभाव करने वाली हैं। कुुरान और शरिया में एक बार में तीन बार तलाक बोलने की प्रथा का जिक्र नहीं है, बीते कई सालों में कई महिलाएं अलग-अलग अदालतों में तीन तलाक को चुनौती देती आई हैं।

पति की बीमारी का फायदा उठा प्रेमी के साथ भागी पत्नी


शादी के वक्त सात वचन में पति की हर सूरत में देखभाल और सेवा करने का प्रण लेकर भी एक पत्नी ने पति को धोखा दे दिया। जी हां, ऋषिकेश में एक पति बीमार होने के चलते एम्स में भर्ती हुआ तो पत्नी ने मौका पाकर प्रेमी के साथ जाने का मन बनाया और वह फुर्र हो गई। मामला ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर चैकी का है।

यहां श्यामपुर अमित ग्राम निवासी संतोष कुमार के पुलिस को तहरीर दी। बताया कि लॉकडाउन के दौरान पत्नी को अपने पास बुलाया था। इसके बाद पीड़ित पति को कोरोना हो गया। इसके चलते उसे एम्स में भर्ती होना पड़ा। कोरोना की जंग जीतकर वह 12 दिन बाद घर आए तो इसके बाद पैर में दिक्कत होने लगी। तहरीर में उसने बताया कि वह चलने-फिरने में दिक्कत है। उसकी पत्नी का पड़ोस के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। बाजार कपड़े लेने जाने की बात कहकर वह घर से निकली और फिर वापस ही नहीं आई। पीड़ित संतोष कुमार ने मामले में तहरीर देकर पत्नी और बच्चों को वापसी गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस भी मामले में जुट गई है।

बदरीनाथ महानिर्माण योजना पीएम की दूरदर्शी योजना में शामिलः पर्यटन सचिव

पर्यटन-धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने स्थानीय ब्यापारियों एवं तीर्थ पुरोहितों तथा हक-हकूकधारियों से बदरीनाथ महानिर्माण योजना के विषय में बैठक की तथा मास्टर प्लान के संबंध में लोगों की आपत्तियों एवं शंकाओं का निवारण भी किया। पर्यटन सचिव ने कहा कि बदरीनाथ महानिर्माण योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू हो रही दूरदर्शी योजना है। महानिर्माण योजना पर 424 करोड़ का बजट प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचेगा तथा बदरीनाथ धाम में यात्री सुविधाओं में वृद्दि होगी। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मास्टर प्लान को केंद्र के सहयोग से लागू हो रही महत्त्वपूर्ण परियोजना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बदरीनाथ धाम को अधिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में सुविधा-संपन्न बनाने हेतु

उल्लेखनीय है कि यात्री सुविधाओं हेतु मास्टर प्लान तीन चरणों में प्रस्तावित है पहले चरण में शेष नेत्र एवं बदरीश झील का सौंदर्यीकरण शामिल है। दूसरे चरण में बदरीनाथ धाम परिसर तथा आसपास के स्थलों का सोंदर्यीकरण तथा विस्तारीकरण होना है तत्पश्चात तीसरे चरण में शेष नेत्र से बदरीनाथ मंदिर तक आस्थापथ निर्माण प्रस्तावित है।
पर्यटन सचिव ने बदरीनाथ मास्टर प्लान को आध्यात्मिक क्षेत्र बदरीनाथ धाम के विकास हेतु महत्त्वपूर्ण महायोजना बताया है। इससे पहले पर्यटन सचिव ने बदरीनाथ मंदिर में दर्शन किये तथा ब्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

बैठक के पश्चात पर्यटन सचिव ने मंदिर के निकटवर्ती स्थानों नारायण पर्वत, मातामूर्ति मार्ग, ब्रह्मकपाल, तप्तकुंड क्षेत्र, बामणी गांव मार्ग आदि स्थानों का पैदल चलकर अवलोकन किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, बदरीनाथ नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित, नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, व्यापार सभा के विनोद नवानी आदि मौजूद रहे।

ऋषिकेश के लिए अभिशाप बना कूड़े का ढेर होगा खत्मः मेयर अनिता

अब ऋषिकेश के लिए अभिशाप बन चुका गोविंद नगर स्थित कूड़े का ढेर खत्म होगा। साथ ही ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए भारत सरकार से नगर निगम ऋषिकेश को 10 हेक्टेअर भूमि देने पर सहमति बन गई है। मेयर अनिता ममगाईं की यह मुहिम आज रंग लाई।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि तमाम ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर जाने के बाद अब लाल पानी बीट में कूड़ा निस्तारण की योजना का रास्ता साफ हो गया है। अपर मुख्य सचिव देहरादून के अंतर्गत ऋषिकेश के लाल पानी के कक्ष संख्या एक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट हेतु 10 हेक्टेयर वन भूमि कार्यों हेतु नगर निगम को सैधांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। बताया कि लगभग 50 करोड़ रूपये से इस जगह पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगेगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी विगत 29 सितंबर को प्राप्त हो गई थी।
मेयर ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी ने नगर आयुक्त को प्रेषित किए गए पत्र में एक करोड़ 18 लाख 7448 रपये डिमांड ड्राफ्ट के रूप में जमा करने को कहा गया है। उन्होंने बताया नगर निगम ने शहरी विकास निदेशक को चयनित भूमि हस्तांतरित करने के लिए पत्र प्रेषित किया है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा म्यूटेशन की कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात तुरंत प्रोजेक्ट पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट हेतु लाल पानी बीट में मिलने वाली भूमि ऋषिकेश में ही कूड़े की समस्या का स्थाई समाधान तो करेगी ही साथ ही इसका लाभ स्वर्ग आश्रम, मुनिकीरेती, नरेंद्र नगर , डोईवाला को भी मिलेगा।