व्यक्तिगत एवं सामुहिक श्रेणी में सीएम त्रिवेंद्र ने दिए पुरस्कार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2019-20 से पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने 17 अधिकारियों को पुरस्कृत किया। व्यक्ति गत श्रेणी में 03 अधिकारियों एवं सामुहिक श्रेणी के 03 पुरस्कार प्रदान किये गये। इसमें नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने भी सीएम के हाथों सम्मान पाकर तीर्थनगरी व नगर निगम का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार का उद्देश्य अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित करना है। अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। इससे अन्य लोग भी प्रेरणा लेते हैं। राज्य में लगातार तीसरे वर्ष यह पुरस्कार दिया जा रहा है। आज जिन अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया है, उन्होंने राज्य के विकास के लिए नई पहलों से योगदान करने का सराहनीय प्रयास किया है।

व्यक्तिगत श्रेणी में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से 2019-20 प्रभागीय वन अधिकारी, वन प्रभाग कोट बंगला, उत्तरकाशी संदीप कुमार को भू-क्षरण एवं भू-स्खलन पर नियंत्रण के लिए, प्रधानाचार्य राजकीय इण्टर कॉलेज, पत्थरपानी पिथौरागढ़ कोस्तुभ चन्द्र जोशी को नई किरण वेबसाइट निर्माण कार्य, डिजिटल लैब द्वारा विद्यालयी शिक्षा में कार्य एवं डिप्टी कलेक्टर भनोली, अल्मोड़ा मोनिका को जागेश्वर महोत्सव, व्यापक प्रचार प्रसार से पर्यटकों की वृद्धि के फलस्वरूप रोजगार के वृद्धि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।

सामूहिक श्रेणी में जो तीन पुरस्कार दिये गये उनमें सचिव परिवहन शैलेश बगोली के साथ अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह, उप परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चन्द्र पठोई, अरविन्द पाण्डेय एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नरेश संगल को ओटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट, वाहन चालन कुशलता परीक्षण की नवीन तकनीक, कुशल वाहन चालक का चयन मात्र 15-20 मिनट में कर ड्राईविंग लाइसेंस निर्गत करने में किये गये सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।

सामूहिक श्रेणी में अध्यक्ष उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण, उरेडा, राधिका झा के साथ निदेशक उरेडा कै. आलोक शेखर तिवारी एवं अनुभाग अधिकारी,ऊर्जा अनुभाग जेपी मैखुरी को वन क्षेत्रों में चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण संतुलन में हो रहे बदलाव को रोकने हेतु पिरूल नीति प्रख्यापित करने, पिरूल आधारित विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की आवश्यकताओं हेतु स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, वन पंचायतों एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं के सदस्यों द्वारा पिरूल एकत्रीकरण कर उद्यमियों को विक्रय करने से रोजगार के अवसर सृजित करने में सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।

सामूहिक श्रेणी में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के साथ मुख्य विकास अधिकारी देहरादून नितिका खण्डेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून राजीव धीमान, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल एवं अधशासी अभियन्ता, उत्तराखण्ड पेयजल निगम ऋषिकेश ए.के. चतुर्वेदी को माँ गंगा की आध्यात्मिकता को कायम रखते हुए इसके आस्था के फलस्वरूप एकत्र होने वाले फूलों का सदुपयोग अगरबत्ती एवं इसके अन्य 22 अन्य सह उत्पाद का निर्माण करने की प्रेरणा लघु एवं कुटीर उद्योगों को देकर रोजगार सुलभ करवाने के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मतदाता दिवस पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिलाई शपथ

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शपथ दिलायी। मुख्य सचिव ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक है कि देश का प्रत्येक नागरिक अपने मत का प्रयोग करे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने यह एक अच्छी परम्परा शुरू की है। इस शपथ का हर नागरिक को पालन करना चाहिए। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग की थीम एवं वार्षिक कैलेण्डर का भी विमोचन किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता दिवस के अवसर पर इलैक्ट्रॉनिक इलैक्टोरल फोटो पहचान पत्र ( Electronic Electoral Photo Voter Identity Card ) शुरू किया गया है। बताया कि इस इलैक्ट्रॉनिक इलैक्टोरल फोटो पहचान पत्र को डाउनलोड कर डिजिटल लॉकर जैसे माध्यमों में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन भी उपस्थित थे।

सल्ट के पूर्व विधायक स्व. जीना की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभी में शामिल होंगे सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 27 जनवरी से अल्मोड़ा व पौड़ी के तीन दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रमों में शिरकत करने के साथ ही विकास योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

27 जनवरी को मुख्यमंत्री अल्मोड़ा के सल्ट में पूर्व विधायक स्व सुरेंद्र सिंह जीना की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उसके बाद अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसी दिन सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद मुख्यमंत्री जी पत्रकारों से रूबरू होंगे। उसके बाद अल्मोड़ा में प्राचीन वस्तु शिल्प के आधार पर निर्मित हिमालयन बंगलो, होली एन्जिल पब्लिक स्कूल के होम स्टे का अवलोकन करेंगे।

28 जनवरी को माननीय मुख्यमंत्री अल्मोड़ा के विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेंगे। इसके बाद नवसृजित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम है, वह उसमें शिरकत करेंगे। 28 जनवरी को ही दोपहर बाद मुख्यमंत्री पौड़ी जनपद के संयुक्त चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। उसके बाद जनपद मुख्यालय पौड़ी में कंडोलिया पार्क का लोकार्पण करेंगे। साथ ही पौड़ी में माल रोड का शिलान्यास, शहर के अपर बाजार को हैरिटेज स्टीट के रूप में विकसित किए जाने की योजना का शिलान्यास, कलेक्टेट भवन का रेस्टोरेशन एवं कलेक्टेट परिसर के लैंडस्केपिंग कार्य, बासा होम स्टे द्वितीय, पटेलिया नर्सरी में कॉटेज निमार्ण योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

29 जनवरी को मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में पहले कार्यक्रर्ताओं से मिलेंगे और उसके बाद टेका रोड को चेरी ब्लोजम लेन के रूप में विकसित करने के लिए यहां चेरी ब्लोजम के पेड़ों का रोपण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और उसके बाद विकास भवन के सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

पूर्णानंद से रामझूला घाट तक चलाया स्वच्छता अभियान

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला और क्रेजी फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में पूर्णानंद से रामझूला गंगा घाट तक स्वच्छता अभियान चलाया गया। साथ ही मौके पर उपस्थित लोगों को पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने स्वच्छता और मतदाता दिवस की शपथ दिलाई।

स्वच्छता अभियान में ओंकारानंद इंस्टीयूट मैनेजमेंट आॅफ टैक्नोलोजी के अध्यापक और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर शिरकत की। इस दौरान पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने मौके पर उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता एवं मतदान के प्रति जागरुक किया और शपथ भी दिलाई। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में क्षेत्र के लोगों से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। मौके पर अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, ओआईएमटी प्रबंधक प्रमोद उनियाल, सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, बीएलओ कल्याण सिंह, प्रकाश अवस्थी, शंकर नौटियाल, युगल ध्यानी, सफाई नायक राजू, मायाराम आदि उपस्थित थे।

हरिपुरकलां में टूटा संपर्क मार्ग, कांग्रेस के साथ ग्रामीणों ने दिया सांकेतिक धरना


हरिपुरकलां में राष्ट्रीय राजमार्ग से सम्पर्क टूटने पर हरिपुरकलां वासियों ने मोतीचूर में कांग्रेस नेता व समाजसेवी प्रेमकिशोर जुगलान के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया। इसमें पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने भी सम्मिलित होकर समर्थन दिया। वहीं शाम को पूर्व मंत्री की फोन पर वार्ता हुई, इसके बाद एनएच अधिकारी एके मित्तल, रजनीश, रमेश चन्द्र उप्रेती ने मौके पर पहुँच कर समस्या का समाधान जल्द करने की बात कही।

पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि क्षेत्र का विकास होना चाहिये परन्तु विकास के नाम पर आमजन के हितों का भी ध्यान रखना चाहिये। आज ये फ्लाइओवर पूर्ण हो गया लेकिन हरिपुरकलां के लोगों के घरों का सम्पर्क पूर्ण रूप से काट दिया गया जोकि सही नहीं है, अधिकारियों ने मौक़े पर समाधान बताया जिसकी समीक्षा ग्रामसभा के लोगों के साथ बैठकर की जायेगी।

एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि बड़े ही शर्म की बात है जहॉं प्रधानमंत्री से लेकर प्रधान तक बीजेपी के हैं वहाँ आज अपने अधिकारों के लिये लोगों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है जहॉं एक ओर विकास के नाम पर रोड़ों को सुचारू बनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर बड़ी आबादी के गाँव को अलग थलग किया जा रहा है जो कि निंदनीय है हम इसका विरोध करते हैं और सरकार से माँग करते हैं कि हरिपुरकलां के लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाय अन्यथा बड़ा आंदोलन होगा ।

प्रेम किशोर जुगलान ने कहा कि लगातार ग्रामीण माँग करते आ रहे हैं कि गाँव का ध्यान रखते हुऐ राष्ट्रीय राजमार्ग के फ्लाइओवर का निर्माण होना चाहिये और जनप्रतिनिधि भी आश्वासन देते रहे कि हरिपुरकलां को राजमार्ग से अलग नहीं किया जायेगा परन्तु आज काम पूरा हो चुका है और हरिपुरकलां के लिये लोगों को पहले हरिद्वार जाना होगा फिर हरिपुरकलां आना पड़ेगा जोकि न्यायोचित नहीं है जल्द ही हरिपुरकलां के लोगों को लेकर कर एक संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन किया जायेगा।

मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बर्फ सिंह पोखरियाल, महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, जितेन्द्र त्यागी, राजेश दास, राजेश कुमार, राम स्वरूप, सोहनलाल बैलवाल, तुषार कपिल प्रदेश प्रवक्ता उत्तराखंड युवा कांग्रेस, प्रेम किशोर जुगलान, अनिल शर्मा, विक्रांत राणा, आशा सिंह चैहान, दीप चन्द्र कुकरेती, गुजराल असवाल, मुन्ना असवाल, श्याम कश्यप, गोलू शर्मा, मेहुल शर्मा, दिलप्रीत, गोपाल गिरी, शानू आदि मौजूद थे।

किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 63 मकान मालिकों के कटे चालान

सावधान! यदि आप मकान मालिक है, और आपने किरायदारों का सत्यापन अभी तक नहीं कराया है, तो पुलिस जल्द ही आपके घर पहुंचकर चालान कर सकती है। समय रहते किरायदारों का सत्यापन करवा लें। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने आज 63 मकान मालिकों का सत्यापन न कराने पर छह लाख, तीस हजार रुपये का जुर्माना किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने व अपराधियों की धरपकड़ के लिए किरायेदारों के सत्यापन कराने व सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आज श्यामपुर चैकी क्षेत्र के गुमानीवाला, मनसा देवी, रुषा फार्म, अमित ग्राम में सत्यापन किया गया। पुलिस की चार टीमों ने 326 सत्यापन किए। 63 ऐसे भी थे जो सत्यापन नहीं करवाना चाहते थे। उनका चालान कर छह लाख तीस हजार रूपये वसूल किए गए।

एम्स ऋषिकेशः में अब ’स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ की सुविधा भी उपलब्ध

उत्तराखंड के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के लिए अच्छी खबर है। स्पोर्टस इंजरी के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों व युवाओं के उपचार की सुविधा के लिए अब एम्स ऋषिकेश में स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक की सुविधा शुरू कर दी गई है। संस्थान में उपलब्ध इस सुविधा का खासतौर से उन खिलाड़ियों को मिल सकेगा जो खेल के दौरान चोटिल अथवा गंभीर घायल हो जाते हैं।

राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, मगर अभी तक खेल आयोजनों में खिलाड़ियों द्वारा अपने प्रदर्शन के दौरान कईमर्तबा उनके घुटने, कंधे और कूल्हे के लीगामेंट्स, साकेट से संबंधित चोट लगने पर उन्हें उत्तराखंड में बेहतर इलाज नहीं मिल पाता था। वजह उत्तराखंड में अभी तक स्पोर्ट्स इंजरी के समुचित उपचार के लिए कोई विशेष अस्पताल अथवा क्लीनिक नहीं था और न ही अभी तक यहां स्पोर्ट्स इंजरी के समुचित इलाज की ही सुविधा थी। मगर अब एम्स ऋषिकेश में यह सुविधा शुरू हो गई है। जिसके तहत प्रथम चरण में संस्थान में ’विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ का संचालन शुरू किया गया है। यहां स्पष्ट कर दें कि विभिन्न खेलों में प्रदर्शन के दौरान या किसी वाहन दुर्घटना में घायल लोगों के घुटने, कंधे और कूल्हे के लीगामेंट्स अथवा साकेट का इलाज एम्स ऋषिकेश में पहले से उपलब्ध है। जबकि इसी कड़ी में अब संस्थान द्वारा खिलाड़ियों से जुड़े ऐसे मामलों के मद्देनजर एक स्पेशल ’स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ की शुरुआत की गई है।

निदेशक एम्स प्रो. रविकांत ने इस बाबत बताया कि खिलाड़ियों और युवाओं में इस तरह की समस्याएं आम होती जा रही हैं। लिहाजा इस दिक्कतों को देखते हुए एम्स में शीघ्र ही ’स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर’ खोला जाना प्रस्तावित है। जिसके अंतर्गत पहले चरण में स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक की सुविधा शुरू की गई है। कि स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक में मरीजों के उपचार के लिए ट्रामा सर्जरी विभाग, ऑर्थोपेडिक्स विभाग और फिजिकल मेडिकल विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम उपलब्ध कराई गई है। जिससे स्पोर्ट्स इंजरी से ग्रसित राज्य के खिलाड़ियों और युवाओं का एम्स ऋषिकेश में ही समुचित इलाज किया जा सके।

निदेशक प्रो. रवि कांत जी के अनुसार उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों के आर्मी ट्रेनिंग सेंटर और स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से सेना के जवानों, खिलाड़ियों तथा अन्य लोगों को इस केंद्र में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बाबत विस्तृत जानकारी देते हुए ट्रामा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद कमर आजम ने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी को लिगामेन्ट्स इंजरी भी कहा जाता है। लिगामेन्ट्स इंजरी के दौरान व्यक्ति का घुटना टूट जाना अथवा उसके घुटनों के जोड़ों का संतुलन बिगड़ जाने की समस्या प्रमुख है। इसके अलावा कई बार घुटनों के ज्वाइन्ट्स भी अपनी जगह से खिसक जाते हैं। यह जोड़ एक हड्डी को दूसरी हड्डी से आपस में जोड़ने का काम करते हैं। मगर एक्सरे या सीटी स्कैन में इसका पता नहीं चल पाता है।

प्रो. आजम ने बताया कि जब मरीज की हड्डी घिस जाती है तो बाद में उसे उस जगह दर्द होने लगता है। स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक में ऐसे ही लोगों का इलाज किया जाएगा। संबंधित रोगी स्पोर्ट्स इंजरी की ओपीडी में अपनी जांच करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस स्पेशल क्लिनिक में पंजीकरण की सुविधा के लिए शीघ्र ही एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी के मरीजों का इलाज संस्थान में पूर्व से ही किया जा रहा है। लेकिन सेवाओं के विस्तारीकरण के तहत अब विभाग द्वारा विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक शुरू किया गया है। यह क्लीनिक दैनिकतौर पर ओपीडी के समय संचालित होगा। उन्होंने बताया कि साईकिलिंग, स्केटिंग, क्रिकेट, फुटबॉल, वाॅलीबॉल, बास्केटबॉल आदि खेलों में जिन खिलाड़ियों का घुटना अथवा कोहनी टूट जाती है, उन्हें इस सुविधा से विशेष लाभ होगा। खिलाड़ियों के लिए गेट ट्रेनिंग लैब अथवा रोबोटिक रिहैब मशीन भी एम्स में उपलब्ध है। प्रो. आजम ने बताया कि बीते वर्ष 2020 में एम्स के ट्रामा विभाग में 438 लोगों की लिगामेन्ट्स सर्जरी की जा चुकी है। जबकि पिछले ढाई साल के दौरान लिगामेन्ट्स इंजरी वाले लगभग 2000 लोगों का उपचार किया गया है। जिनमें ज्यादातर मामले बाइक से गिरकर अथवा फिसलकर घुटना टूट जाने की शिकायत वाले लोगों के रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए यह उपचार योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध है।

स्पोर्ट्स लिगामेन्ट्स इंजरी के लक्षण-
लिगामेन्ट्स इंजरी होने पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ने वाले घुटने का जोड़ टूट जाता है। जिससे चलते समय पैरों का बेलेंस बिगड़ना, व्यक्ति का संतुलित होकर न चल पाना, कंधा दर्द करना, सीढ़ी चढ़ने-उतरने में दिक्कत होना, पैरों से लचक कर चलना, हाथ का ठीक तरह से ऊपर न उठना और काम करते हुए हड्डी में दर्द रहना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

बाल सदन के जरिए एक दिन की सीएम सृष्टि गोस्वामी ने चलाई सरकार


राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज दिखी। बाल सदन के जरिये सरकार भी चलायी और कई विभागों की समीक्षा की। वाकपटु व हाजिरजवाब सीएम सृष्टि ने अपनी बौद्धिकता से भी दिल जीता।

उत्त्तराखण्ड की विधानसभा में रविवार को सीएम सृष्टि ने हनक और बेलौस अंदाज में एक दिन पूरी सरकार चलाई। दोपहर 12 बजे से सीएम ने अपने एजेंडे को मूर्त रूप देते हुए शाम को पत्रकारों को ब्रीफ भी किया।
बतौर ‘मुख्यमन्त्री’ सृष्टि ने कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के बाबत डीजीपी को ‘निर्देश” दिए। इसके अलावा नशे की बढ़ती प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में किसी भी नशायुक्त सामग्री के बेचने पर पाबंदी भी लगाई।

सीएम की भूमिका निभाने के बाद सृष्टि ने पत्रकारों के सवालों के सधे जवाब दिये। कहा कि उन्हें आज नायक फिल्म की याद आयी। लेकिन वो फिल्म थी जबकि यह हकीकत है। विभागीय समीक्षा के बाबत पूछे गये सवाल के जवाब में मनोनीत सीएम सृष्टि ने कहा कि कुछ काम ठीक हो रहे हैं।
सीएम की अध्यक्षता में विधान सभा में बाल विधायक सदन का आयोजन किया गया। बाल सदन में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी और 13 विभागों ने अपना विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।

विभागीय समीक्षा और प्रस्तुतिकरण से पूर्व मनोनीत मुख्यमंत्री की अनुमति से बाल सदन का आयोजन किया गया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन ने सदन में सरकार के समक्ष प्रश्न उठाये। जिनका मनोनित मुख्यमंत्री तथा उनकी अनुमति से अन्य मंत्री और बाल विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के सवालों का क्रमवार उत्तर दिया गया ।

इसके पश्चात बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करते हुए महिला, बच्चों, दिव्यंगजनों, निराश्रितों आदि के हित में सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनओं तथा उनके कल्याण के लिए उठाये गये कदम की जानकारी दी। इस दौरान महिला व बच्चों से सबन्धित अपराध तथा उनका उन्मूलन तथा महिला एवं बच्चों के समुचित विकास के लिए उठाये गये कदमों की बात कही।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में किये जा रहे पुल, सडक, तथा अन्य सम्पर्क निर्माण कार्यो से अवगत कराया। सिंचाई विभाग द्वारा सूर्याधार झील तथा अन्य संचालित व निर्मित्त की जा रही परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। पुलिस विभाग द्वारा अपराधों की प्रकृति तथा उनके उन्मूलन हेतु उठाये गये प्रयासों तथा अभिनव स्टेप्स से अवगत कराया। उन्होने बाल अपराध की रोकथाम, साईब्रर क्राईम रोकथाम, नशा मुक्ति अभियान, आपरेशन सत्य, तथा बाल तस्करी मुक्ति हेतु आपरेशन स्माईल के उदाहरण प्रस्तुत किये।

इसके अतिरिक्त उद्योग, उरेडा, स्मार्ट सिटी, शिक्षा, आदि विभागो ने भी विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।
इस दौरान मा. उच्च शिक्षा मंत्री (आज के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि) ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन से बालिकाओं के आत्म विश्वास में वृद्धि होती है साथ ही सरकार की कार्यशैली तथा उनकी विशिष्ट प्रक्रियाओं से व्यवहारिक रूप मे अवगत होने का भी अवसर प्राप्त होता है।

मनोनीत मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी द्वारा इस दौरान सदन में महिला एवं बाल संरक्षण तथा विभिन्न विकास कार्यो के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। उन्होने बालिकाओं को विद्यालय आने जाने के लिए वाहनों में सुरक्षित माहौल बनाने, धरेलू हिंसा, नशाखोरी और बाल अपराधों पर लगाम लगाने तथा महिलाओं को सूरक्षित, सहज और सर्व स्वीकार्य वतावरण बनने के सुझाव दिये।

बाल विधायकों में मनोनीत मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष के अलावा मनोनीत गृह मंत्री कुमकुम पन्त, जान्हवी, हरेन्द्र, चिराग, मानसी, ऋतिका आदि ने समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमंती उषा नेगी ने भी अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालिकाओं व बच्चों को इस तरह के बाल सदन में अवसर देने पर उनको जीवन में और आगे बढने और कुछ करने की प्रेरणा मिलती है साथ ही शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी ज्ञान होता है।

बाल विकास में अपर सचिव झरना कमठान ने बाल सदन का विधिवत समापन किया।

बाल मुख्यमंत्री का बनना बालिकाओं का सम्मान- त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राज्य विधानसभा में बाल विधायक सदन में बालिका सुश्री सृष्टि गोस्वामी को एक दिन की बाल मुख्यमंत्री मनोनीत कर बाल सदन की कार्यवाही का आयोजन किया जाना प्रदेश की बालिकाओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने में भी मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के बालक कल के नागरिक हैं। हमारे ये भावी कर्णधार देश को बेहतर दिशा की ओर ले जायें इसके लिये आवश्यक है कि इन्हें सम-सामयिक विषयों के साथ ही विधायिका के स्तर पर होने वाले कार्यों की जानकारी रहे। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन की भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां आगे बढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी कामयाबी का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बाल सदन द्वारा एक दिन के लिये मनोनीत मुख्यमंत्री सुश्री सृष्टि गोस्वामी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया है।

महाकुंभ को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन, अधिक पढ़ें…

केंद्र सरकार ने महाकुंभ को लेकर अपनी गाइडलाइंस जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेले में ऐसे हेल्थ केयर वर्कर को ही ड्यूटी पर तैनात करें, जिन्हें वैक्सीन दे दी गई हो। साथ ही कुंभ मेले में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक महाकुंभ में आने वाले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके साथ ही कोरोना नेगेटिव मेडिकल सर्टिफिकेट लाना भी जरूरी होगा। गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को महाकुंभ में नहीं आने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, धर्मनगरी हरिद्वार को महाकुंभ के लिए खूब सजाया और संवारा जा रहा है। जगह-जगह दीवारों पर पेंटिंग्स की जा रही हैं, सड़कों का निर्माण हो रहा है। संत-महात्माओं के लिए टेंटों की व्यवस्था की जा रही है और अब ये भी माना जा रहा है कि 27 फरवरी से कुंभ की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में प्रशासन के पास महीने भर का वक्त बचा है और कई काम अधूरे भी पड़े हैं।