सीएम ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं, सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा आयोजन समिति से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार तथा मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। उन्होंने कहा कि धर्म और सदाचार ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है तथा नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रदेश की विकास यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान तथा हमारी शक्ति हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

सेलाकुई में स्थित चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर एवं नक्षत्र वाटिका का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 20.21 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का शिलान्यास तथा 34 लाख रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर एवं नक्षत्र वाटिका का शिलान्यास तथा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार एवं दंत चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के बीच आकर उन्हें हमेशा नई ऊर्जा मिलती है। हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विकास और युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में नई सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाला प्रत्येक विद्यार्थी एक कुशल चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी अथवा अन्य स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में अपनी सेवाएं दे सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां के विद्यार्थी भविष्य में अपनी योग्यता, मेहनत और सेवाभाव से विश्वविद्यालय के साथ ही उत्तराखण्ड का नाम भी रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर समाज की बड़ी जिम्मेदारी होती है। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लोगों का जीवन बचाने के साथ ही उन्हें नया जीवन देने का कार्य करते हैं। इसलिए चिकित्सा पेशे में सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का विशेष महत्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। नए एम्स और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उत्तराखण्ड सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में वर्तमान में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं पैरामेडिकल कार्मिकों की नियुक्तियों के साथ ही प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान तथा वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी में रोजगार पाने वाली उत्तराखण्ड की सपना राणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने सपना राणा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आज उत्तराखण्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एम्स, पीजीआई, रेलवे तथा मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व में भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत हैं और राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा मिनी स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट सहित विभिन्न विकास कार्यों का किया शुभारंभ एवं शिलान्यास

अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा स्थित मिनी स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट सहित विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को खेल किट एवं पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करना उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान है। खेल किट खिलाड़ियों को अभ्यास एवं प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, नशे से दूर रहने और अनुशासनपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं ऊर्जावान युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की नींव हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चम्पावत के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ‘आदर्श चम्पावत’ का लक्ष्य हासिल करना ‘आदर्श उत्तराखण्ड’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी उद्देश्य से खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

खेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट में लगभग 256.97 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की महिला खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और खेल के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, जनपद में 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 50 शैय्यायुक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र की परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेगा। वहीं, मां पूर्णागिरि धाम और शारदा कॉरिडोर से संबंधित विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बनबसा के चूना भट्ठा स्थित स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन करम चन्द स्टेडियम में चार विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। इनमें 28 लाख रुपये की लागत से दर्शकदीर्घा स्टैंड, 20 लाख रुपये की लागत से पहुंच मार्ग और 20 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत 150.20 लाख रुपये की लागत से बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों से स्टेडियम में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा तथा खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली साधना और बालक वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जतिन चंद को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार के उपक्रम एनएचपीसी लिमिटेड के टनकपुर पावर स्टेशन द्वारा कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत वन प्रभाग हल्द्वानी और वन प्रभाग चम्पावत को उपलब्ध कराए गए तीन टाटा योद्धा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों से वन विभाग के कार्यों को सुगम बनाने के साथ वन एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मकता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सकता है और चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

सीएम धामी ने बनबसा में 11 फीट ऊंची श्री हनुमान प्रतिमा का किया अनावरण, ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जनपद चम्पावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी हेलीपैड पहुंचे, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ और सूत की माला भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने नशामुक्त देवभूमि उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ में प्रतिभाग किया। उन्होंने युवा बालक-बालिकाओं की दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने बनबसा के पाटनी तिराहे पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर लगभग 11 फीट ऊंची भगवान श्री हनुमान जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ में उन्होंने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। साथ ही, ‘जय श्री राम कीर्तन मंडल’ की ओर से प्रस्तुत भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मुख्यमंत्री ने पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ’‘हनुमान चौक’’ किए जाने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मां भगवती, भगवान श्रीराम और हनुमान जी से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी राज्य की उन्नति और प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के साथ ही युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने और प्रदेश के समग्र विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि और सैन्यभूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देश की रक्षा में समर्पित वीर सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान, उनके परिवारों के हितों की रक्षा और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सैकड़ों एकड़ भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। वहीं, देश के सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके परिणामस्वरूप अब तक प्रदेश के 33,000 से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विकास, सुशासन और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए संकल्पबद्ध है तथा विकास की यह गति निरंतर जारी रहेगी।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं जनसमुदाय के बीच पहुंचकर प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से आत्मीय संवाद किया, उनका हालचाल जाना और बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, किरण देवी, भाजपा जिला प्रभारी गुंजन सुखीजा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि प्रमोद कुमार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने चंपावत में किया सर्किट हाउस एवं देवभूमि रजत जयंती पार्क का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ नवनिर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जनपद में लगभग 96 करोड़ रुपये की लागत की 16 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।

मुख्यमंत्री ने कुल 95 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की लागत की 16 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ 24 लाख 36 हजार रुपये की लागत की 11 योजनाओं का लोकार्पण तथा 28 करोड़ 75 लाख 62 हजार रुपये की लागत की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से जनपद में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करना राज्य सरकार का संकल्प है। इसके लिए आगामी 25 से 50 वर्षों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में सड़क, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग सहित विभिन्न सड़कों को सुगम बनाया जा रहा है। जनपद में बाईपास, बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। टनकपुर में निर्माणाधीन आईएसबीटी से परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 66 करोड़ रुपये की लागत का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। इसके साथ ही विद्युत लाइनों को भूमिगत करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। राज्य सरकार जनपद में पर्यटन, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं, पीआरडी जवानों, मिनिस्टीरियल संवर्ग एवं रोडवेज कर्मचारियों, पशुपालकों, राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व सैनिकों तथा सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। उन्होंने सप्तेश्वर/सप्तकोशी परिक्रमा प्रस्तावक समिति तथा मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला बार एसोसिएशन, चम्पावत के शपथ ग्रहण समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आम नागरिकों को न्याय दिलाने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार आमजन को सरल, सुलभ एवं समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद की न्याय पंचायतों में सामुदायिक उपयोग के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने जिला बार एसोसिएशन, चम्पावत में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चौम्बर निर्माण, वाहन पार्किंग तथा आधुनिक ई-लाइब्रेरी की स्थापना की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस धनराशि से ग्राम सभाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पुस्तकालय, सड़क, आजीविका संवर्धन, आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन सहित अन्य जनहितकारी कार्य कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने 1.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित देवभूमि रजत जयंती पार्क का भी लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में खेल रहे बच्चों को चॉकलेट वितरित कीं तथा स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री के चम्पावत आगमन पर सर्किट हाउस हेलीपैड में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इस अवसर पर दर्जा प्राप्त मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय एवं मुकेश महाराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सतीश चन्द्र पाण्डेय, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय, शंकर दत्त पाण्डेय, निदेशक केएमवीएन रोहित बिष्ट, नामित सदस्य नगर पालिका गौरव पाण्डेय, सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश संगीत समूह ‘द बीटल्स’ पर आधारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना की शूटिंग ऋषिकेश में प्रस्तावित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश संगीत समूह ‘द बीटल्स’ पर आधारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना की शूटिंग उत्तराखण्ड में किए जाने के संबंध में चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि ‘क्लोवर’ नाम से प्रस्तावित फिल्म परियोजना की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) में की जानी प्रस्तावित है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना का निर्देशन ऑस्कर पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सर सैम मेंडेस कर रहे हैं। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के लिए नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस द्वारा एप्पल कॉर्प्स के सहयोग से बनाई जा रही इस परियोजना के अंतर्गत ‘द बीटल्स’ के चारों सदस्यों के जीवन और संगीत यात्रा पर आधारित चार अलग-अलग फिल्में बनाई जा रही हैं। इस फिल्म श्रृंखला का नाम ‘द बीटल्स दृ ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ है। इन फिल्मों को अप्रैल 2028 में विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना प्रस्तावित है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ऋषिकेश में प्रस्तावित शूटिंग के दौरान 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय एवं लगभग 150 भारतीय क्रू सदस्यों के अतिरिक्त स्थानीय तकनीशियनों एवं अन्य सहयोगियों की सेवाएं भी ली जाएंगी। भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े कार्यों का समन्वय ‘ऑन द रोड इंडिया’ द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही होटल, परिवहन एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत तथा विविध शूटिंग लोकेशन के कारण देश के प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो चुका है। राज्य सरकार की फिल्म नीति-2024 के अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को अनुकूल वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखण्ड में देश-विदेश की अधिक से अधिक फिल्म परियोजनाओं को आकर्षित करना है, ताकि स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश की विश्वभर में योग एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में विशिष्ट पहचान है। ‘द बीटल्स’ का भी ऋषिकेश से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। यहां इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना की शूटिंग से उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी। साथ ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बाफ्टा पुरस्कार के लिए नामित ब्रिटिश फिल्म निर्माता एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय फिल्म निर्माता दिलीप सिंह राठौर तथा सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर एम्मा पिल शामिल थीं।

सीएम धामी और अभिनेता अक्षय कुमार ने की उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखण्ड की फिल्म नीति, प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के संबंध में चर्चा हुई।

अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों मसूरी और लंढौर क्षेत्र में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध भौगोलिक परिस्थितियां और फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण लगातार फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में प्रदेश की पहचान और मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग की अनुमति सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखण्ड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है। प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम ने ‘विकसित उत्तराखण्ड, यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्डदृयात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों एवं स्वरोजगार से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों, उपलब्धियों और सुझावों को सुना तथा उनके कार्यों की सराहना की।

नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखण्ड निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ ही प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रतिभा और नवाचार की भावना राज्य के विकास को नई गति दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की अभी भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। जलविद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में राज्य में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आज प्रदेश के युवा कृषि, तकनीक, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में नए प्रयोग कर अपनी पहचान बना रहे हैं। साथ ही दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

संवाद कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में चम्पावत के राहुल नरियाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार की है। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से अपना व्यवसाय शुरू किया था। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाया है। वर्तमान में उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।

पौड़ी जनपद के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में उनके प्रयासों से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। ऊधमसिंह नगर के श्री विकास कुमार शाह ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।

चमोली जनपद के राजेश ने बताया कि उन्होंने अपने गांव लौटकर रिवर्स पलायन की मिसाल प्रस्तुत की है। वे रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं तथा स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। नैनीताल की कमला देवी ने बताया कि वे वाहनों के टायरों की मरम्मत का कार्य कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

चमोली जनपद के डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि उन्होंने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों के उत्पादन के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया है। वर्तमान में 300 से अधिक लोग इस कार्य से जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।

सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े चम्पावत जनपद के टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने बताया कि वे सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चम्पावत में एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की। सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे कार्यों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयासों की जानकारी दी।

वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी जनपद की सुश्री सपना राणा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत एवं सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में कार्य कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे ऐसे कार्य अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा के माध्यम से आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलें, जिससे वे स्वयं आगे बढ़ने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड की सीएमएसएसवाई योजना का अध्ययन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं, अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में आई टीम ने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर CMSSY के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच सुविधाओं तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं को समझा। उत्तर प्रदेश से आई टीम ने योजना की रूपरेखा, तकनीकी व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया एवं प्रमुख विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की।

बैठक में श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का (उत्तराखंड सरकार) ने उत्तर प्रदेश से आए अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि CMSSY का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना तथा आवश्यकता के अनुसार उपचार हेतु उचित चिकित्सा परामर्श एवं रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

श्रमायुक्त ने बताया कि योजना को राज्य में उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बिना किसी पूंजीगत निवेश के अब तक लगभग 60,000 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच की सुविधा से आच्छादित किया जा चुका है। यह उपलब्धि सीमित अतिरिक्त संसाधनों में तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से श्रमिक कल्याण सेवाओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का उदाहरण है।

श्रमायुक्त ने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित CMSSY योजना श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित न रहकर श्रमिकों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना, संभावित गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) की प्रभावी कार्यप्रणाली एवं नवाचारपूर्ण क्रियान्वयन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है।

भ्रमण के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने CMSSY की तकनीकी संरचना, पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी प्राप्त की। टीम ने योजना के व्यावहारिक क्रियान्वयन मॉडल का अध्ययन करते हुए उत्तर प्रदेश में इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

उत्तराखण्ड का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है। उत्तर प्रदेश की टीम का यह भ्रमण दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं में अनुभवों के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग एवं बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर विपिन कुमार, उप श्रम आयुक्त, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड एवं दुर्गा चमोली वरिष्ठ तकनिकी विशेषज्ञ एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः धामी सरकार के कार्यकाल में खुले 03 राजकीय नर्सिंग कॉलेज, 321 सीटों की हुई बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा की मजबूती और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जुलाई 2021 से प्रदेश में तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है, जिससे प्रदेश को नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें मिली है। इसी के साथ राजकीय नर्सिंग कॉलेजों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो चुकी हैं, इसके अलावा प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवाओं की मजबूती के लिए प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर खास फोकस किया गया है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें यानी कुल 321 सीटें बढ़ चुकी हैं। यहां एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

विदेशों में भी मिल रहा रोजगार
विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं में भी दक्ष बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रशिक्षित युवा विदेशों में रोजगार पा रहे हैं। वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला है। जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला है।

निजी संस्थानों में 10 हजार से अधिक सीटें
प्रदेश में जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और विभिन्न पाठ्यक्रमों में 5138 सीटों की मंजूरी दी गई। इसी के साथ नर्सिंग शिक्षा के सभी पाठ्यक्रमों में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 10,616 हो चुकी है। उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वाेत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी उत्तराखंड के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ निजी अस्पतालों और नर्सिंग संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

कुशल फैकल्टी और शैक्षिक गुणवत्ता पर जोर
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर भी खास फोकस किया है। दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटरों की नियुक्ति की गई। जून 2025 तक 26 और ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे कुल नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई है। इसी प्रकार अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित कुल नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पदों का सृजन किया गया। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई।

जल्द होगी 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय द्वारा 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बीते सितंबर माह में 30 ट्यूटरों का अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है।

प्रवेश के लिए युवाओं में बढ़ रहा रुझान
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विवि की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रतिवर्ष लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखण्ड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड