उत्तराखंड में आपदा में मृतकों के आश्रितों को प्रधानमंत्री ने दी 2-2 लाख की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई भीषण आपदा के तुरन्त बाद आपदा स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। घटना स्थल से लौटने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में ग्लेशियर फटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्यों के लिए घटना स्थल पर पहुंची। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वे गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन एवं डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली से पूरी जानकारी ली। मुख्य सचिव ओम प्रकाश एवं सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए.मुरूगेशन ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र सचिवालय में मौजूद रहकर लगातार स्थिति पर नजर रखी तथा आवश्यक दिशा निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से रैणी के समीप स्थित ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना को भारी नुकसान के साथ ही तपोवन स्थित एनटीपीसी की विद्युत परियोजना का भी कुछ नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इस आपदा में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 125 लोग लापता है। रैणी क्षेत्र के 5 लोगो की भी इसमें अपनी जान गवानी पडी है। अब तक सात लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मृतको के आश्रितों को तात्कालिक रूप में 4-4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला उदेद्श्य जान माल की सुरक्षा का है। ऋषिगंगा व एनटीपीसी द्वारा उन्हे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में एक बड़ा तथा 4 छोटे पुलों को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित लगभग 11 गांवों को आवश्यक सहायता आदि उपलब्ध कराने के लिये आर्मी हेलीपैड एवं एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही आर्मी एवं राज्य सरकार के हेलीकाप्टरों की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिये डाक्टरो की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रैणी के निकट नीति घाटी को जोडने वाले जिन सड़कों एवं पुलों को हुए नुकसान से जिन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया है उनमें गहर, भंग्यूल, रैणी पल्ली, पैंग, लाता, सुराईथोटा, तोलमा, फगरासु आदि गांव शामिल है, तथा पुलों में रैणी मे जुगजू का झूला पुल, जुवाग्वाड-सतधार झूलापुल, भग्यूल-तपोवन झूलापुल तथा पैंग मुरण्डा पुल बह गया है। रैणी मे शिवजी व जुगजू मे मां भगवती मंदिर भी आपदा मे बह गए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है, खतरे वाली बात नहीं है। विद्युत परियोजना की सुरंग में मलबा अंदर तक जमा है और सुरंग तक पहुंचना अत्यंत कठिन था। मशीन का सुरंग में जाना मुश्किल था, इसलिए आईटीबीपी के जवान रोप के सहारे वहां पहुंचे। सुरंग में 35-40 फीट गाद जमा है। 250 मीटर लंबी इस सुरंग में अपने हौसले के जरिये जवान 150 मीटर तक पहुंच चुके हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एनडीआरएपफ की टीम दिल्ली से आई है और कल और जवान आएंगे। आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स और हमारे डाॅक्टर आपदा स्थल पर तैनात किए गए हैं। ऐरियल सर्वे कर उन्होंने स्वयं स्थिति का जायजा लिया। किसी भी प्रकार की जरूरत पड़ने पर वहां आर्मी, वायुसेना और राज्य के हेलीकाॅप्टर तैनात कर दिए हैं। हमारी मेडिकल टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार है और 90 जवानों को भी वहां पहुंचा दिया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब खबर लगी तो उन्होंने उनसे फोन पर बात कर चिंता व्यक्त की और कहा कि मदद की जरूरत पड़ने पर वे मदद के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मृतक आश्रितो को 02-02 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, सीडीएस जनरल विपिन रावत आदि ने भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आचार्य बालकृष्ण ने सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार हैं और हर स्थिति में सरकार के साथ हैं। शान्तिकुंज एवं विवेकानन्द अस्पताल पीपलकोटी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने इस भीषण आपदा से उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में अफवाह फैलने से बचाने में योगदान देने के लिए मीडिया को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर जरूरत की पूर्ति करने की पूरी व्यवस्था हमारे पास है। हमारे पास रेस्क्यू टीम, मेडिकल, हेलीकाॅप्टर, एक्सपर्ट पर्याप्त मात्रा में है। सरकार का पूरा ध्यान जिनका जीवन बचा सकते हैं, उनकी ओर है। उन्होंने बताया कि रूद्रप्रयाग के करीब पानी स्वच्छ है। उन्होंने कहा कि आपदा की सूचना मिलते ही श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के बांध से पानी खाली कर दिया गया था। साथ ही गंगा व अलकनंदा के किनारे तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र का भी निरीक्षण किया तथा शासन के उच्चाधिकारियों के साथ आपदा से उत्पन्न स्थिति पर विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित क्षेत्र मंे राहत एवं बचाव कार्यो की निरन्तर निगरानी की जाय। उन्होंने कहा कि इसके लिये वांछित धनराशि की अविलम्ब व्यवस्था सुनिश्यित की जाय। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, एस.ए मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, डीआइजी रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में आई इस भीषण आपदा में बचाव व राहत कार्यो के सम्बन्ध में आईटीबीपी के कमांडेंट शेंदिल कुमार ने बताया कि आईटीबी के 250 जवान रेस्क्यू स्थल पर पहुंच कर रेस्क्यू आॅपरेशन कर रहे हैं। जिसमें मेडिकल आॅफिसर सहित आठ आॅफिसर भी शामिल है। एनटीपीसी पाॅवर हाऊस के आस पास के ईलाके में कार्य कर रहे हैं। 10 से 15 लोग टनल में कहीं फंसे हैं, अभी अनुमान है कि ये लोग जिंदा है। इनको निकालने के प्रयास किये जा रहे हैं। गौचर में आईटीबीपी की आठवीं बटालियन की दो टीमें जिसमें 90 जवान हैं, घटना स्थल के लिए निकल चुके हैं। इसके अलावा गौचर एवं देहरादून में एक-एक कम्पनी आदेश की प्रतीक्षा कर रही है। उत्तरकाशी में मातली एवं महिडाण्डा में भी एक-एक कम्पनी इस टास्क के लिए तैयार है। इसके अलावा स्पेशलिस्ट माउंटयरिंग एवं स्कीइंग इंस्ट्टीयूट औली की दो टीमे तपोवन एरिया में पहुंच चुकी है।

सेना के कर्नल एस. शंकर ने बताया कि जोशीमठ से सेना के 40 जवानों का एक दल तपोवन पहुंच गया है। एक दल जोशीमठ में है। दो सैन्य दल औली से जोशीमठ के लिए रिलीफ आॅपरेशन के लिए आ चुके हैं। रूद्रप्रयाग में दो सैन्य दल तैयार रखे गये है। एक इंजिनियरिंग टास्क फोर्स जोशीमठ से तपोवन पहुंच गया है। 02 मेडिकल आॅफिसर एवं दो एम्बुलेंस तपोवन पहुंच चुके हैं। आर्मी का हैलीपैड सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए चालू है। कम्यूनिकेशन के लिए सिविल लाईन चालू है। बरेली से दो हैलीकाॅप्टर भी जोशीमठ पहुंच गये हैं।

त्रिवेन्द्र है तो मुमकिन हैः मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर संभाला मोर्चा तो सरकारी मशीनरी में हुआ ऊर्जा कां संचार

राजेंद्र जोशी (वरिष्ठ पत्रकार)
प्राकृतिक आपदाओं से लड़ा नहीं जा सकता है, लेकिन अगर समय रहते रेसक्यू आॅपरेशन चलाया जाये और जनहानि रोकने की दिशा में कार्य किया जाये तो बड़ी जनहानि को रोका जा सकता है। यह आज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने साबित किया है। जैसे ही सुबह न्युज फ्लैश हुई कि चमोली जिले में प्राकृतिक आपदा के चलते अलकनन्दा नदी विकराल रुप धारण कर चुकी है, तुरन्त मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत हरकत में आ गये। उन्होंने तुरन्त अलकनन्दा नदी के पड़ाव के नदी किनारों को खाली कराने के आदेश दे दिये। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आया और नदी किनारों को खाली कराने का कार्य शुरु हुआ।

मुख्यमंत्री केवल यहीं नहीं रुके। उन्होंने तुरन्त हैलीकाॅपटर से घटना स्थल का जायजा लेने की बात कही। जैसे ही यह न्युज फ्लैश हुई शासन से लेकर प्रशासन में हड़कप मच गया। सरकारी मशीनरी समझ गई कि आपदा के समय मुख्यमंत्री कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को स्वयं राज्य आपदा परिचालन केन्द्र में बैठकर माॅनीटिरिंग करने के निर्देश दिये और स्वयं घटना स्थल के लिए रवाना हुए। हैलीकाॅप्टर में ही मुख्यमंत्री ने श्रीनगर बांध को खाली कराने और टिहरी बांध का पानी रोकने के निर्देश दिये। जिससे मैदानी इलाकों में पानी का प्रवाह कम हो जाये। मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्यों को अजंाम देने के लिए अधिकारियों को अधिकर देते हुए जनहानि रोकने के लिए हर संभव उपाय करने को कहा। जिसके फलस्वरुप आज उत्तराखंड में बड़ी जनहानि रोकने में मदद मिली।

दूरदर्शी और प्रशासनिक सोच से मिली मदद
अलकनन्दा नदी के प्रवाह को समेटने के लिए टिहरी बांध में पानी रोकना और श्रीनगर बांध के पानी को छोड़ना एक दूरदर्शी सोच औश्र प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री लगातार पानी के प्रवाह पर नजर रख रहे थे। ऐसे में उन्होंने यह निर्णय लेकर प्रशासनिक क्षमता को दर्शाया है। जिसकी आज पूरा देश का मीडिया प्रशंसा कर रहा है।

अफवाहों को रोकने में कामयाब रही सरकार
लोगों को पैनिक होने से बचाने के लिए सरकार एक तरफ राहत कार्य में जुटी रही। वहीं, मुख्यमंत्री सोशल मीडिया में लगातार अपने अकाउंट से लोगों को सही जानकारी देते रहे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की। लगातार उनके द्वारा संपर्क स्थापित किया जाता रहा। जिससे लोगों को भी पल-पल की सही और सटीक जानकारी मिलती रही।

लगातार 24 से 48 घंटे चलेगा राहत कार्य
मुख्यमंत्री जैसे ही आपदा स्थल का जायजा लेकर देहरादून पहंुचे। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का दौरा किया। वहां उन्होंने राहत कार्यों की जानकारी ली। लगातार अधिकारियों से बात कर रहे मुख्यमंत्री ने अपने अगले आदेशों तक राहत कार्य 24 से 48 घंटे चलाने के निर्देश दिये है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने रात को भी सेना और एनडीआरफ की मदद से एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन को राहत कार्य करने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमें अंतिम व्यक्ति तक को राहत देने की दिशा में कार्य करना है। ऐसे में हमें रेसक्यू आॅपरेशन में और तेजी लानी होगी।

संसाधनों की कमी नहीं
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों को लेकर साफ निर्देश दिये है कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में संासाधनों की कमी का हवाला देकर राहत कार्य बाधित नही होने चाहिए। उन्होंने बताया कि जरुरत महसूस हुई तो हैली सेवाओं के माध्यम से भी राहत कार्य किये जायेगे। रेसक्यू आॅपरेशन के दौरान मिल रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए डाॅक्टरों के टीम भी मौके पर तैनात की गई है। गंभीर लोगों को हायर सेन्टर भेजा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार नजर बनाये हुए है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से लड़ा नही जा सकता है। लेकिन हम राहत कार्य में और तेजी लाकर लोगों की जान बचा सकते है। प्रधानमंत्री भी मुख्यमंत्री से लगातार अपडेट ले रहे है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

आम आदमी पार्टी ने बढ़ाया अपना कुनबा

तीर्थनगरी में आज दो दर्जन लोगों ने आम आदमी पार्टी का दामन थाना। इसमें ग्रामीणों के साथ युवा, महिलाएं भी शामिल रहीं।

नेपाली फार्म स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष ओपी मिश्रा, सेक्टर इंचार्ज नवीन मार्या एवं संगठन मंत्री दिनेश असवाल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। मौके पर ओपी मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता राष्ट्रीय दलों के भ्रष्ट कार्यकालों से तंग आ चुकी है। वर्तमान सरकार के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए कोई विजन नहीं है। इसलिए अब जनता नए विकल्प के रूप में ईमानदार सरकार के रूप में आप पार्टी की और निगाहे लगाए बैठी है।

आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेने में यह पहुंचे

योगाचार्य भारती, पूजा नेगी, योगाचार्य महेश नोटियाल, लोकेश तायल, पंकज गुसाईं, राजेश नोटियाल, हिमांशु बिजल्वाण, राहुल चैरासिया, प्रदीप पोखरियाल, अर्नव कोटियाल, गंगा प्रसाद सेमल्टी, सत्येंद्र नेगी, उषा देवी, सुरेंद्र नोडियाल, संतोष कुमार, अरविंद यादव, विजय जायसवाल, अभिषेक कुमार, केदार सिंह बिष्ट, महादेव बर्थवाल, हरीश ममगाई, रविन्द्र कुमार, केशवदत्त शर्मा।

सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर मेयर से मिले ग्रामीण

ऋषिकेश हरिद्वार बाईपास मार्ग के चौड़ीकरण किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज दोपहर मेयर अनिता ममगाईं के कैंप कार्यालय में उनसे मुलाकात की।

ग्रामीण क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल कैंप कार्यालय में उनसे मिला। एक ज्ञापन सौंपकर मेयर से श्यामपुर पुलिस चैकी से लेकर इन्द्रमणि बडोनी चैक तक तकरीबन 7 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण कराए जाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मेयर को बताया कि इस जिला मार्ग की चैड़ाई कम होने की वजह से आयेदिन सड़क हादसे घटित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल की तमाम बातें गौर से सुनने के पश्चात मेयर अनिता ममगाईं ने तुरंत संबधित अधिकारी को फोन कर उनसे तत्काल समस्या का संज्ञान लेने की बात कही।

मेयर ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि इस संदर्भ में वह लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भी सौंपेगी। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी इस समस्या को लाया जाए। प्रतिनिधि मंडल में जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान, ग्राम प्रधान गुमानीवाला राकेश व्यास, पार्षद वीरेंद्र रमोला, विपिन पंत, धर्म सिंह, सत्यप्रकाश ममगाई, मनोज, रामकुमार, रणजीत थापा, जगमोहन रावत, गौतम रावत, गौतम राणा, राजेश दिवाकर, विजय बडोनी, कमलेश जैन, विजेंद्र मोगा, अजीत गोल्डी आदि शामिल थे।

सीएम ने दिए 25 हजार लोगों को कृषि के विभिन्न प्रयोजनों हेतु 03-03 लाख तक के ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बन्नू स्कूल रेस कोर्स देहरादून में दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण कृषि ऋण योजनान्तर्गत 03 लाख रूपये तक के वृहद ऋण वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। यह कार्यक्रम आज प्रदेश के सभी 95 विकासखण्डों एवं अन्य पांच स्थानों पर भी आयोजित किया गया। इस योजना के तहत 25 हजार लोगों को कृषि एवं कृषि यंत्रों, मत्स्य पालन, जड़ी-बूटी उत्पादन, मुर्गी पालन कुक्कुट पालन, मौन पालन आदि प्रयोजनों हेतु ऋण वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने मुख्य कार्यक्रम में शुभारम्भ के अवसर पर 11 लाभार्थियों को 03-03 लाख का चेक वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती और बागवानी के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए पद्मश्री प्राप्तकर्ता प्रेमचन्द्र शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, राज्य मंत्री रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश एवं संबधित क्षेत्रों के विधायकगण उपस्थित रहे।

किसानों की आर्थिकी में सुधार के लिए राज्य सरकार कर रही है अनेक प्रयास
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिकी में सुधार के लिए अनेक प्रयास कर रही है। सरकार की किसानों के प्रति आत्मीय भाव एवं सेवा करने के लिए हमेशा तत्पर रही है। देश और प्रदेश के विकास के लिए जवानों और किसानों का सम्मान बहुत जरूरी है। केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में जो 03 कृषि सुधार कानून लाये गये हैं। इससे किसानों को आने वाले समय में बहुत फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एम.एस. स्वामीनाथन की सिफारिशों को धरातल पर लाने का कार्य किया है। किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी दी जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि रूड़की से दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के अच्छे परिणाम मिले इसलिये इस योजना को आगे विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान ईमानदारी की रोटी खाता है, किसानों को जो ऋण दिया गया था, उसका 60 प्रतिशत वापस लौटा चुके हैं।

ग्रामीण आर्थिकी को सुधारने के लिए बनाये जा रहे हैं ग्रोथ सेंटर
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जब तक किसान एवं गांवों में लोगों को आय का अर्जन नहीं होगा, तब तक बाजार की स्थिति नहीं सुधर सकती। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए अलग-अलग थीम पर ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अभी तक 107 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत हो चुके हैं। आज ये ग्रोथ सेंटर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ाने में कारगर साबित हो रहे हैं। प्रदेश की सभी न्यया पंचायतों तक इन ग्रोथ सेंटर को विस्तारित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना- राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना में लगभग 150 प्रकृति के कार्य शामिल हैं। इस योजना के तहत 25 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। चीड़ की पत्तियों से बिजली एवं ब्रेकेट बनाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना- मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 25-25 किलोवाट के सोलर के प्रोजक्ट लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया है। इससे बिजली खरीदने का कार्य राज्य सरकार करेगी। इसका मूल्य भी 4.50 प्रति यूनिट रूपये निर्धारित किया गया है।

देहरादून में बनाया जा रहा है पंचम धाम सैन्यधाम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में पंचमधाम के रूप में सैन्यधाम बनाया जा रहा है। हमारे शहीद सैनिकों के घरों की मिट्टी और शिला इस सैन्यधाम में लायी जायेगी। हमारा प्रयास होगा कि सैन्यधाम में लोगों को प्रेरित करने वाली अनेक स्मृतियां हों। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों व अर्द्ध सैनिक बलों की विधवाओंध्आश्रितों को एकमुश्त 10 लाख रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 15 लाख रूपये किया गया है। सेना और अर्द्धसैन्य बलों के शहीद जवानों के आश्रित को उनकी योग्यता के अनुसार राज्य सरकार की सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था की गई है।

राज्य में पिछले पौने चार साल में रिकॉर्ड सड़के बनाई गई-
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जितनी सड़के राज्य में शुरूआती 17 साल में बनी लगभग उतनी सड़के पिछले 03 साल एवं 10 माह में बनाये हैं। निर्धारित समय से पूर्व फ्लाई ओवर और सड़के बनाने का कार्य राज्य में पूरा किया गया। उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर ले जाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है।

केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से देश प्रगति के पथ पर अग्रसर-
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहार वाजपेयी ने सर्वशिक्षा अभियान से देश में शिक्षा के अधिकार की अलख जगाई। हर गांव सड़क से जुड़े इसके लिए उन्होंने पीएमजीएसवाई की शुरूआत की। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन खातों, उज्जवला योजना, हर घर नल एवं शुद्ध जल, हर घर शौचालय तथा अटल आयुष्मान भारत जैसी अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को प्रगति के पथ पर ले जा रहे हैं।

इस अवसर पर सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, हरवंश कपूर, गणेश जोशी, खजानदास, मुन्ना सिंह चैहान, सहदेव पुण्डीर, उमेश शर्मा काऊ, एंग्लो इण्डियन विधायक जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव सहकारिता आर मीनाक्षी सुंदरम आदि उपस्थित थे।

हरीश रावत के बयान का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया पलवार, अधिक पढ़ें…

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने हरीश रावत के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने भाजपा पर विधायकों को चुराने का आरोप लगाया।
भाजपा अध्यक्ष भगत ने कहा कि जनता के द्वारा नकारे जाने के बाद हरीश रावत कुछ समय तो पश्चाताप के घड़ियाली आंसू बहाते रहे और हार की जिम्मेदारी लेते रहे, लेकिन चुनाव का समय आ रहा है तो अब सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिलों के गठन के लिए हरीश रावत का दावा उसी तरह है जैसे गैरसैण में राजधानी घोषित करने का फैसला। गैरसैण में आम जनता की मांग भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत द्वारा गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर पूरी की गई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत निरंकुश रहे और वह किसी की नहीं सुनते थे जिस कारण उनके विधायकों ने उनकी सुनना बंद कर दिया और अलग रास्ता चुन लिया।
कांग्रेस के कई मंत्री विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने रावत की निरंकुशता से तंग आकर कांग्रेस पार्टी को ही बाय कर दिया। उन्होंने हरीश रावत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल को याद करना चाहिए और अपनी असफलता को छिपाने के लिए दूसरों पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए।

भगत ने कहा कि आज हरीश रावत जनता के लिए संघर्ष नहीं बल्कि चेहरे की लड़ाई लड़ रहे हैं

मुनिकीरेती पुलिस ने अवैध स्मैक के साथ युवक किया अरेस्ट

मुनिकीरेती पुलिस ने 4.5 ग्राम अवैध स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक शीशमझाड़ी का निवासी है, जिसे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुमन पार्क के पीछे से अरेस्ट किया है।

एसएसपी टिहरी के निर्देश पर मुनिकीरेती अवैध नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी क्रम में ढालवाला सुमन पार्क के पीछे से मुखबिर की सूचना पर ढालवाला चैकी प्रभारी आशीष कुमार ने मारकंडे जयसवाल पुत्र उमेश जयसवाल निवासी ग्राम मोतीपुर भुवाल थाना भटनी जिला देवरिया उत्तर प्रदेश, हाल पता नैथानी का मकान गली नंबर 27 शीशम झाड़ी थाना मुनिकीरेती को अरेस्ट किया है।

चैकी प्रभारी के अनुसार 4.5 ग्राम अवैध स्मैक की अनुमानित कीमत करीब तीस हजार रूपए है। पुलिस टीम में रामपाल तोमर, अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।

राम मंदिर के निर्माण के लिए एक माह का वेतन देकर एम्स निदेशक ने पत्नी सहित पेश की मिशाल

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स ऋषिकेश में कार्यरत चिकित्सक व अन्य कर्मचारी भी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। मंदिर निर्माण के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जुटी विभिन्न संगठनों के प्रति​निधियों का कहना है कि ​संस्थान में कार्यरत कर्मचारी उन्हें अपनी सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस अभियान के तहत एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व उनकी धर्मपत्नी वरिष्ठ सर्जन प्रोफेसर बीना रवि ने अपनी एक-एक महीने की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट की है।
गौरतलब है कि इन दिनों विभिन्न संस्थाएं भव्य मंदिर निर्माण को लेकर जनसहयोग की अपील कर रही हैं,जिसके तहत विभिन्न इलाकों में लोगों से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया जा रहा है। नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन एम्स शाखा इसके लिए आगे आई है।

नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन की शाखा अध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर व आरडीए के अध्यक्ष डा. विनोद ने बताया कि संस्थान के फैकल्टी, चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों से सहयोग राशि एकत्रित की जा रही है।

डा. विनोद के अनुसार लोग इस कार्य में अपने स्तर पर भी बढ़चढ़कर प्रतिभाग कर रहे हैं। बताया कि कई लोग अभियान से जुड़े सदस्यों से संपर्क कर अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक काफी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एमबीबीएस व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ ही संस्थान के सुरक्षाकर्मी व अन्य स्टाफ के लोग उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान कर रशीद प्राप्त कर चुके हैं।

इसी क्रम में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व वरिष्ठ शल्य चिकित्सक प्रो.बीना रवि ने अपनी एक- एक माह की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट कर सहभागिता की है।
इस अभियान में डा.रविराज, डा.जितेंद्र, डा.आनंद, डा.अजय, डा.शिशिरा,कौशल, संकेत, रवेंद्र,बलराज, नवीन, दिव्यांश आदि सक्रिय रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।

सीएम त्रिवेंद्र के समक्ष उन्नत प्रजाति की आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च के पौधों की खेती की हुई प्रस्तुति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समक्ष सचिवालय में राज्य में उन्नत प्रजाति के आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च के पौधों की खेती के प्रोत्साहन हेतु प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने में आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। राज्य में इसको बढ़ावा देने के लिए और क्या प्रयास हो सकते हैं, इस ओर ध्यान दिया जाय। इसका बहुआयामी उपयोग किस तरह किया जा सकता है, इसकी भी जानकारी दी जाय।

आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च खेती को बढ़ावा देने के लिये इस क्षेत्र में कार्य कर रहे छत्तीसगढ़ के विशेषज्ञ कृषक डॉ. राजाराम त्रिपाठी एवं ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान रूद्रपुर के अधिशासी निदेशक हरीश चन्द्र काण्डपाल ने प्रस्तुतीकरण दिया। राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च खेती उत्तराखण्ड में गेम चेंजर हो सकती है। इस खेती में मेहनत भी कम है और अधिक आमदनी अर्जित की जा सकती है। राज्य में इस क्षेत्र में कार्य करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। रूद्रपुर में ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान द्वारा आस्ट्रेलियन टीक एवं काली मिर्च की खेती की शुरूआत की गई है, इसके अच्छे परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव हरबंस सिंह चुघ, अपर सचिव वन्दना, निदेशक सगंध पौध केन्द्र डॉ. नृपेन्द्र चैहान एवं सबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

हरिद्वार के 32 स्कूलों के अवस्थापना सुविधाओं एवं रुपांतरण के लिए हुए एमओयू हस्ताक्षरित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद हरिद्वार में राजकीय विद्यालय अंगीकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आनन्द भारद्वाज एवं रिलेक्सो फाउण्डेशन के गंभीर अग्रवाल के मध्य जनपद हरिद्वार के 32 स्कूलों के अवस्थापना सुविधाओं एवं रुपांतरण के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढ़ांचे और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से जनपद हरिद्वार में कॉर्पोरेट सेक्टर गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से राजकीय विद्यालय अंगीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा हरिद्वार जनपद को आकांक्षी जिला घोषित किया गया है। प्रमुख संकेतकों द्वारा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिला प्रशासन हरिद्वार द्वारा स्कूलों में शिक्षा और बुनियादी ढ़ाचे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस पहल से शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में केपीआई में लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं इसके लिए उठाये जा रहे कदमों पर ध्यान दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंगीकरण कार्यक्रम से स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से प्रारम्भ हो रहा यह अभियान सबको गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में निश्चित रूप से मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की बेहतरी के लिये कार्ययोजना बनायी गयी है। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिये राज्य के प्रत्येक ब्लाक में 2-2 अटल आदर्श विद्यालय स्थापित किये जाने की योजना है।

जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर ने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रथम चरण में जनपद के 939 सरकारी स्कूलों को विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों द्वारा अपनाया जाना है। जिसमें जिसमें 666 प्राथमिक, 170 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 68 माध्यमिक और 35 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में बदलने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर के तहत कॉरपोरेट समूहों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर सचिव नीरज खेरवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आनन्द भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एच.पी. विश्वकर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक वी.एस. चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।