केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान से सीएम ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास में अमूल्य सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की शैक्षिक उपलब्धियों से अवगत कराते हुए बताया कि राज्य को शिक्षा से सम्बन्धित सतत् विकास लक्ष्य रिपोर्ट 2020-21 में चतुर्थ स्थान प्राप्त हुआ है तथा राज्य को फ्रण्ट रनर ( Front Runner) राज्यों में सम्मिलित किया गया है। भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य को यथा अपेक्षित सहयोग एवं निर्देशन दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा कुछ महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजनाओं को समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 के बजट में सम्मिलित किया गया है। जिसमें केन्द्र का महत्वपूर्ण सहयोग अपेक्षित है। इनमें विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम ( Virtual Classroom) की स्थापना, विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम (Smart Classroom) की स्थापना, आकांक्षी जनपदों के बच्चों के लिए ई-टेबलेट ( e-tablet), शिक्षकों की रियल टाइम उपस्थिति अनुश्रवण प्रणाली (Teachers:Real Time Attendance Monitoring System), छात्र-छात्राओं हेतु स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम (Spoken English Programme), वर्चुअल रियलिटी लैब (Virtual Reality Lab), डिजिटल साक्षरता ( Digital Literacy), डिजिटल माइक्रोस्कोप (Digital Microscope) और प्रारम्भिक स्तर पर विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित के विकास के लिए कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केन्द्र से सहयोग का अनुरोध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्याहन भोजना योजना के अन्तर्गत आच्छादित कक्षा 1 से 8 तक के छात्र छात्राओं की प्रोटीन/आयरन/कैलोरी की आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटा अनाज ( Millet) सब्सिडी के आधार पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि छात्र छात्राओं के पोषण स्तर सुधार के साथ ही स्थानीय कास्तकारों को भी इसका लाभ मिल सके। इस संदर्भ में सब्सिडी को सम्मिलित करते हुये आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार के अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य में पूर्ण रूप से केन्द्रपोषित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) खोले जाने के सम्बन्ध में स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उक्त संस्थान हेतु जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य को उपलब्ध कराये गये भौतिक संसाधनों जिसमें निर्माण कार्य आदि सम्मिलित हैं के साथ ही डिजिटल लर्निंग हेतु 1100 विद्यालयों के लिए वर्चुअल कक्षायें एवं 920 विद्यालयों में स्मार्ट कक्षायें, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु 200 विद्यालयों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम आदि में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया जिससे राज्य को उक्त उपलब्धि प्राप्त हो सकी है। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा समय-समय पर दिये गये सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए राज्य की ओर से आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

सीएम आवास घेराने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस दल ने रोका

भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, लचर कानून व्यवस्था व महिलाओं के उत्पीडन के मामले में विधायकों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास का घेराव की कोशिश की। जिसमें हजारों की संख्या में कांग्रेस जन व आम जन शामिल हुऐ। प्रदर्शनकारियों को पुलिस के द्वारा हाथीबडकला के पास बैरिकैटिंग लगा कर रोका गया। वहाँ से गिरफ्तार कर पुलिस लाइन लाया गया। प्रदर्शन करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह चोटिल भी हो गये।

प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने कहा कि आज इस जन सैलाब को देखकर प्रदेश की भाजपा सरकार को अहसास हो गया होगा कि प्रदेश में उनके द्वारा की गई प्रदेश की दुर्दशा के लिये अब जनता माफ नहीं करेगी। 2022 के चुनाव में प्रदेश से व 2024 के चुनाव में देश की सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि ये चार साल में तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने वाली सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं किया। कुम्भ में आरटीपीसीआर घोटाले की जाँच में लीपापोती करने का काम किया। उनके विधायक महिलाओं के साथ उत्पीडन करते हैं परन्तु ये उनको बचाने का काम करते हैं, तो इससे साबित होता है ये सरकार सिर्फ और सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिये झूठे वादे झूठे जुमले कहने के साथ साथ झूठा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने का काम करते हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज के प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ से ये आगाज हो गया कि प्रदेश से जल्द ही भाजपा की विदाई हो जायेगी और उनके द्वारा किये गये घोटालों और महिलाओं के साथ अत्याचारों को जनता माफ नहीं करेगी, इन्होंने प्रदेश को प्रयोगशाला बना डाला है। प्रदेश की जनता 2022 का इंतजार कर रही है और भाजपा को सबक सिखाने की तैयारी कर रही है।

तीसरी लहर को देखते हुए सीएम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दी राज्य सरकार की तैयारियों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कोविड पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया गया है। अभी भी राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सारी तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड से लड़ाई में इसकी बड़ी भूमिका रही है। राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इसके लिए अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

शुगर बढ़ने पर दोबारा हो सकता है म्यूकर माइकोसिसः एम्स ऋषिकेश

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद यदि म्यूकर मरीजों ने अपने शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में लापरवाही बरती तो उन्हें फिर से म्यूकर माइकोसिस हो सकता है। जिससे उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति आ सकती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश ने ऐसे मरीजों को शुगर लेवल के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
म्यूकर ग्रसित मरीजों की संख्या में अब भले ही कमी आने लगी हो, लेकिन शुगर पर नियंत्रण नहीं रखने से ऐसे मरीजों की दिक्कतें फिर से बढ़ सकती हैं। इस बाबत एम्स ऋषिकेश ने सलाह दी है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी म्यूकर रोगियों को अपने शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान मई माह में म्यूकर माइकोसिस के मामले एकाएक बढ़ गए थे। तब से अभी तक एम्स ऋषिकेश में म्यूकर माइकोसिस के 348 रोगी आ चुके हैं। वर्तमान में यहां कुल 170 म्यूकर रोगियों का उपचार चल रहा है। इनमें से 108 म्यूकर मरीज एम्स अस्पताल में और 62 मरीज आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह रावत कोविड केयर सेंटर में उपचाराधीन हैं।
एम्स निदेशक रविकांत ने बताया कि जिन लोगों को शुगर की समस्या है, उन्हें म्यूकर माइकोसिस का ज्यादा खतरा है। खासतौर से उन मरीजों को जिन्हें कोविड हुआ है, उन्हें अपने शुगर के प्रति बहुत गंभीरता बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि न केवल म्यूकर माइकोसिस, कई अन्य गंभीर बीमारियां भी ब्लड शुगर बढ़ने से होती हैं। बताया कि यह कोई जरूरी नहीं कि जो लोग म्यूकर का उपचार करवाकर डिस्चार्ज हो रहे हैं, उनमें दोबारा म्यूकर नहीं हो सकता। यदि शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ गई तो म्यूकर फंगस फिर से उन्हीं अंगों अथवा शरीर के अन्य अंगों को चपेट में ले सकता है और मरीज को फिर से अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ सकती है। लिहाजा ऐसे मरीजों के लिए अपना ब्लड शुगर नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है।
म्यूकर ट्रीटमेंट टीम के हेड और ईएनटी सर्जन डॉ. अमित त्यागी ने इस बाबत बताया कि म्यूकर माइकोसिस के रोगी को एम्फोटेरिसिन इंजेक्शन से इलाज के लिए सामान्यतौर पर न्यूनतम 3 से 6 सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एम्स में अब तक म्यूकर के 126 रोगियों की एंडोस्कोपिक सर्जरी, 92 रोगियों की तालुका तथा जबड़े से संबंधित मैक्सिलेक्टॉमी सर्जरी और 64 रोगियों की आंख की सर्जरी की जा चुकी है।
डा. त्यागी ने बताया कि जो मरीज आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह कोविड केयर सेंटर में भर्ती किए जा रहे हैं, उन्हें भोजन एवं उपचार आदि की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान हम सभी को कई प्रकार के अनुभव प्राप्त हुए हैं। इन अनुभवों ने हमें सिखाया है कि म्यूकर माइकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी से बचने के लिए शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है अन्यथा इस खतरनाक बीमारी से बचाव होना बहुत मुश्किल है।

मुख्यमंत्री धामी ने की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से मुलाकात


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य में किसानों की आय में वृद्धि के लिये राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के CSISAC (Componant-I) में अनुमन्य अनुदान को 20 प्रतिशत के स्थान पर 40 प्रतिशत करवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य की सहकारी संस्थाये ऋण धनराशि वहन करने में समर्थ हो सकेंगी। इससे सहकारी समितियों को व्यावसायिक इकाई के रूप में स्थापित किया जाने मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री, भारी उद्योग मंत्रालय, डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अंतर्गत हरिद्वार से हैलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सेवाएं प्रदान किये जाने हेतु हैलीपोर्ट बनाये जाने के लिए भारत हैवी इलैक्ट्रिकल लिमिटेड की भूमि राज्य सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक आस्था का केन्द्र बिन्दु होने के दृष्टिगत यहां वर्ष पर्यन्त तीर्थयात्रियों एवं देश विदेश से सैलानियों का आवागमन होता रहता है। क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अंतर्गत हरिद्वार से हैलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सेवाएं प्रदान किये जाने हेतु हैलीपोर्ट बनाये जाने के लिए भारत हैवी इलैक्ट्रिकल लिमिटेड की भूमि की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त चयनित भूमि राज्य सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलोंध्पर्वों पर तैनात होने वाले केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनातीध्व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्योंध्विशेष श्रेणी के राज्य की भाँति (केन्द्रांश रू राज्यांश) 90 रू 10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लम्बित देय धनराशि रूपये 47.29 करोड़ को अद्यतन विलम्ब शुल्क सहित छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में इनर लाईन प्रतिबंध हटाये जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढने से वहां से पलायन रूकेगा। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबन्धन में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलोंग घाटी (जाडूंग गांव) को इनर लाईन प्रतिबन्ध से हटाये जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दु राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिये 02 एयर एंबुलेन्स, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एसडीआरएफ निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा जोखिम प्रबन्धन कोष घटकों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करते समय विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों की वस्तुस्थिति पर ध्यान दिये जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत केन्द्रांश की द्वितीय किस्त अवमुक्त किये जाने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट की

उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। मौके पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं के लिए उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड़ रूपये करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट व पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण और निस्तारण योजनाओं के लिये अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपये करने का अनुरोध किया ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अंतर्गत उक्त योजनाओं का शीघ्र कियान्वयन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० कुल योजना लागत रू० 126.53 करोड़, एस०एच०पी०सी० (स्टेट हाई पॉवर कमेटी) से अनुमोदित कराकर स्वीकृति के लिये भारत सरकार को प्रेषित की गई है। उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्टध्पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० हेतु रू0 48.78 लाख की धनराशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की गयी है।
स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को 89 करोङ रूपए का बजट आवंटन किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट एवं अन्य नगर निकायों के प्रसंस्करण एवं निस्तारण हेतु लगभग रू० 126 करोड तथा अन्य निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन योजनाओं हेतु लगभग रू0 24 करोड़ की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण योजनाओं हेतु अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करते हुए स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपए से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपए किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से की शिष्टाचार भेंट


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड के सीएम पद की शपथ के बाद प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने आए मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में केन्द्र सरकार के सहयोग पर प्रधानमन्त्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तीव्र गति से विकास पथ पर आगे बढ रहा है।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनने पर पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि युवा नेतृत्व में राज्य का तेजी से चहुँमुखी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य से संबंधित ज्वलंत मुद्दों के बारे मे बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों के बारै में अवगत कराया। साथ ही चारधाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की वार्ता निर्धारित 15 मिनट से अधिक 1 घंटा 15 मिनट तक चली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में कुल 108 करोङ 78 लाख रूपये की लागत से द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्य आरम्भ किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से श्री केदारनाथ धाम में द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्यों के शिलान्यास-वर्चुअल शिलान्यास के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ सेक्टर में सुधार के लिये अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड महामारी से लङाई में इसकी बङी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय महत्व की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की स्वीकृति प्रदान करवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना से यमुना नदी में जल उपलब्धता बढ़ेगी एवं छः राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश लाभान्वित होंगे। इस परियोजना को समस्त स्वीकृतियाँ प्राप्त है एवं भारत सरकार के आर्थिक मामलों की कैबीनेट समिति की स्वीकृति प्राप्त होना शेष है, जिसके उपरान्त परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बना रहा है। निर्धारित समय से एक घंटा अधिक समय दिये जाने पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की जनता के प्रति प्रधानमन्त्री के लगाव एवं चिंतन का परिचायक है।

उत्तराखंडः चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से शीघ्र होगी पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती

देहरादून। राज्य के मेडिकल कालेजों में स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जायेगा। फैकल्टी की भर्ती में आ रही दिक्कतों के मध्यनजर सेवा नियमावली में संशोधन किया जायेगा। जिसमें भर्ती की अधिकतम आयु सीमा एवं अन्य बिन्दुओं पर संशोधन प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मध्यनजर प्रत्येक मेडिकल कालेज में बच्चों के लिए 100-100 बेड आरक्षित रखे जायेंगे। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सभी मेडिकल कालेजों में शीघ्र पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की जायेगी।

यह बात सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य के मेडिकल कालेजों में फैकल्टी की भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होने के कारण अनुभवी चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इस समस्या को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को मेडिकल कालेजों की सेवा नियमावली संबंधी सभी समस्याओं को हल निकालते हुए संशोधित सेवा नियमावली शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से पैरा मेडिकल स्टाफ की जल्द से जल्द भर्ती कराने को कहा गया है। देहरादून, हल्द्वानी एवं श्रीनगर मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मध्यनजर बच्चों के लिए 100-100 बेड तैयार रखने को कहा गया है साथ ही कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

विभागीय मंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेजों में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए साथ ही आउट सोर्स के माध्यम से तैनात सफाईकर्मियों की उपस्थित भी सुनिश्चित की जाय। सभी मेडिकल कालेजों को प्रत्येक दिन अपना मेडिकल बुलेटिन जारी करने के भी निर्देश दिये गये। इस कार्य के लिए जनसंपर्क अधिकारी अथवा किसी सक्षम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने को कहा गया। बैठक में मेडिकल कालेजों में संचालित छात्रावासों के रख रखाव एवं भोजन व्यवस्था को भी दुरूस्त बनाने के निर्देश दिये गये। डा. रावत ने 15 अगस्त से पहले पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार में स्वीकृत मेडिकल कालेजों के भूमि पूजन व शिलान्यास तथा नवम्बर माह से अल्मोड़ा एवं रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को संचालित करने के लिए कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। बैठक में महाधिवक्ता एस. एन. बाबुलकर ने भी शिरकत की उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के संचालन में आ रही कानूनी अडचनों पर विभागीय अधिकारियों को विधिक राय दी।

बैठक में महाधिवक्ता उत्तराखंड सरकार एस. एन. बाबुलकर, सचिव स्वास्थ्य एवं निदेशक चिकित्सा शिक्षा पंकज कुमार पाण्डेय, कुलपति एच.एन.बी. मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेम चंद्र, चेयरमैन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड डा. डी.एस. रावत, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग डा. आशुतोष सयाना, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी डा. चन्द्र प्रकाश भैसोड़ा, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर डा. सी.एम.एस. रावत, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज हरिद्वार डा. प्रदीप भारती गुप्ता, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कालेज अल्मोड़ा डा. ए.के. आर्य, उप निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. एम. के. पंत, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।