कांस्टेबल दीपक सेमवाल को घनसाली मिली पोस्टिंग, मुनिकीरेती में सभी ने किया याद

विगत चार वर्षों से थाना मुनिकीरेती में तैनात कांस्टेबल दीपक सेमवाल की आज थाना घनसाली के लिए रवानगी हो गई। दीपक सेमवाल ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में अनेक उत्कृष्ट कार्य किए। विदाई के दौरान थाना प्रभारी कमल मोहन भंडारी सहित सभी पुलिसकर्मियों ने उनके कार्यों की सराहना की।

वर्ष 2017 से मुनिकीरेती में तैनात कांस्टेबल दीपक सेमवाल ने जनहित में अनेक कार्य किए। कोरोना काल में भी उनके द्वारा पीड़ितों की घर जाकर मदद की गई। मुख्य रूप से 22 सालों से फरार चल रहे एक आरोपी को दीपक ने दिल्ली से गिरफ्तार करवाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। जबकि लापता हुए 2 बुजुर्गों को तलाश कर हरियाणा में परिजनों से मिलाने की कोशिश भी दीपक की रंग लाई थी। इसके अलावा आधी रात को एक महिला की सूचना पर कमरे में घुसे आरोपी को भी पकड़ने में दीपक का मुख्य योगदान रहा। इलाहाबाद से भागकर मुनी की रेती पहुंची एक नाबालिक को भी परिजनों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दीपक ने बखूबी निभाई है। इस प्रकार के कई के ऐसे कार्य है जिनमें दीपक ने अपना योगदान दिया है। इन सभी उत्कृष्ट कार्यों से खुश होकर थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी ने दीपक सेमवाल की पीठ थपथपाई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि दीपक का ट्रांसफर घनसाली थाना में हो गया है।

ऋषिकेशः सेनिटाइजेशन के लिए 10 लाख 50 हजार रूपये की विधायक निधि की घोषणा

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों को लेकर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के संग बैठक की। इस दौरान स्पीकर ने विस क्षेत्र में अपनी विधायक निधि से ट्रॉली ट्रेक्टर एवं टैंकर के लिए 10 लाख 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि उन सभी वंचित क्षेत्रों को भी सैनिटाइज किया जाएगा जहां अभी तक सैनिटाइजेशन नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि ट्रॉली ट्रैक्टर के माध्यम से क्षेत्रों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण की रोकथाम की जा सकेगी। स्पीकर ने कहा कि आज जब प्रदेश और देश कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर से प्रभावित है तो ऐसे संकट के समय में जन प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों को अपनी दुगनी ऊर्जा और सहयोग के माध्यम से इस महामारी के विरुद्ध चल रही लड़ाई में अपना सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जीवन और जीविका दोनों पर असर पड़ रहा है और कोरोना की चेन तोड़ने के उद्देश्य से कोरोना कर्फ्यू जैसी व्यवस्था प्रभावी की गई है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि ऐसी परिस्थिति में सभी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तन-मन-धन से जनसेवा में जुटें।

इस अवसर पर खैरीकला के प्रधान चंद्र मोहन पोखरियाल, जोगीवाला माफी प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, गोहरीमाफी के प्रधान रोहित नौटियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष शमा पवार, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, रोशन कुडियाल आदि उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ में सीएम ने आक्सीजन जसनरेस हाल का शिलान्यास, मरीजों से भी जाना हाल

दो दिवसीय जनपद पिथौरागढ़ के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु किए गए प्रबंधन एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री जनपद मुख्यालय पंहुचते ही सीधे जिला बेस चिकित्सालय गए। जहाँ उन्होंने कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण करने के साथ ही ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भवन एवं एवं आरटीपीसीआर लैब के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। बेस चिकित्सालय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा 26 लाख 92 हजार रुपये की बेस चिकित्सालय में बनने वाले ऑक्सीजन जसनरेस हॉल का भी शिलान्यास किया गया गया।

बेस चिकित्सालय के निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री वहॉ से जिला चिकित्सालय पंहुचे। जहाँ उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण करने के साथ ही चिकित्सालय में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में तथा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में प्रमुख चिकित्साधीक्षक से जानकारी ली गई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिला चिकित्सालय में नव निर्मित ऑक्सीजन जनरेशन भवन का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ ने अवगत कराया कि आगामी 25 मई से ऑक्सीजन जनरेशन यूनिट स्थापित करने का कार्य संबंधित फर्म द्वारा किया जा रहा है। जो अगले सप्ताह तक सुचारू हो जाएगा।

जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री व सांसद अजय टमटा ने पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की तथा उनके स्वास्थ्य का हाल जाना एवं उन्हें साहस दिलाते हुए शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दी ।

मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कार्य कर रहे है वह उल्लेखनीय व महान कार्य हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।

जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री विकास भवन पंहुचे जहां उन्होंने 7 करोड़ 7 लाख 45 हजार रुपये की लागत से निर्मित 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 4 करोड़ 52 लाख 61 हजार रुपये की लागत के कुल 3 कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उसमें 98.02 लाख की गड़वालखोली पेयजल योजना,107.22 लाख से निर्मित डिगरा मुवानी पेयजल योजना,87.92 लाख से निर्मित रई इन्फिल्टरेशन वेल पेयजल योजना,166.95 लाख से निर्मित राजकीय इंटर भवन का निर्माण, 43.38 लाख से निर्मित रॉक क्लाइम्बिंग साईट भाटकोट में एडवेंचर पार्क, 48.69 लाख से विकास खण्ड विण में निर्मित वन स्टॉप सेंटर, 13.11 लाख से जिला महिला चिकित्सालय में निर्मित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरगोविंद पंत की स्थापित मूर्ति, 142.16 लाख से मसमोली से तड़ीगांव तक मोटर मार्ग में डामरीकरण के द्वितीय कार्य का लोकार्पण किया गया। शिलान्यास कार्यों में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 309.04 निर्मित गोगना मोटर मार्ग में द्वितीय चरण का कार्य, 66.71 लाख की लागत से निर्मित होने वाले आपदा प्रबंधन प्राधिकरण केन्द्र तथा 76.86 से अल्मोड़ा-हाट-जाख-धौलेत मोटर मार्ग में सुधारीकरण का कार्य सामिल है।

भ्रमण के दौरान मंत्री पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग विशन सिंह चुफाल, सांसद अल्मोड़ा अजय टमटा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक पिथौरागढ़ चंद्रा पंत,विधायक गंगोलीहाट मीना गंगोला, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सत्याल, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत,आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी,पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आनन्द स्वरूप, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह,मुख्य विकास अधिकारी अनुराधा पाल, प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार भार्गव,अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी एच सी पंत जिलाअध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र वल्दिया आदि उपस्थित रहे।

मुनिकीरेती के लोगों को पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बांटी पैरासिटामोल दवाईंयां

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में कोविड-19 की रोकथाम एवं बचाव हेतु दवाओं एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण जारी है। इसमें सहयोग करने के लिए नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी भी आगे आए हैं। इसके तहत रविवार को उन्होंने एक लाख पैरासिटामोल की दवाइयों का सहयोग दिया है।

देहरादून स्थित आवास में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि नरेंद्रनगर विधानसभा में दवाइयों के वितरण का जिम्मा तहसीलदार को सौंपा गया है। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 से सुरक्षा एवं बचाव हेतु किए जा रहे पालिका के सेनेटाइज एवं साफ-सफाई के कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने प्रदेश की जनता से कोविड-19 के संक्रमण लक्षणों के दिखने पर आरटीपीसीआर टेस्ट अवश्य करवाने की अपील भी की। पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि महामारी में वह लगातार लोगों को मानसिक रूप से मजबूत करने का काम कर रहे हैं। कहा कि मुनिकीरेती के ऋषिलोक कोविड केयर सेंटर में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों का ईलाज के संग हौसला बढ़ाया जा रहा है। इस कारण यहां से अधिकांश संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। कहा कि सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग से ही इस महामारी से जीता जा सकता है।

जरूरतमंदों के आवागमन को एडवोकेट अजय कथूरिया ने दिया अपना निजी वाहन

कोविड संक्रमण को देखते हुए जहां तमाम सामाजिक संगठन आगे आकर लोगों की मदद कर रहे हैं। पुलिस के सिपाही बिना परवान किए हर वक्त लोगों की सेवा में तैनात है। इसी कड़ी में अब एक नाम अधिवक्ता अजय कथूरिया का भी जुड़ गया है।

जी हां, बार एसोसिएशन ऋषिकेश के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कथूरिया ने अपना निजी वाहन को जरूरतमंद, बीमार रोगी और असहाय लोगों को समर्पित किया है। कोरोना काल तक उनकी ओर से यह सेवा जारी रहेगी। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति द्वारा निसंकोच रूप से वाहन की सेवा प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए वह वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कथूरिया को उनके मोबाइल नंबर 9897240442 पर संपर्क कर सकता है।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सरकार तक पहुंचाई व्यापारियों की पीड़ा

कोविड के कारण प्रदेश भर में बाजार बंद होने से होनी वाली व्यापारिक समस्याओं को आज नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के जरिए पहुंचाई। शासकीय प्रवक्ता से मुलाकात के दौरान उन्हें सकारात्मक आश्वासन भी मिला।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल के दिशा निर्देश पर नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र और महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में यह मुलाकात संभव हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि व्यापारियो को इस बाजार बंदी की वजह से आर्थिक समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है, बताया कि अभी तो पिछले वर्ष के लाॅकडाउन से ही व्यापारी उबर नहीं पाया है। ऐसे में इस वर्ष भी बाजार पूरी तरह से बंद होने के चलते भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल को यथा शीघ्र व्यापारियो के लिए राहत प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने 24 मई को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ होने वाली बैठक मे उपरोक्त बात रखने का विश्वास दिलाया और कुछ सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर जिला संयुक्त महामंत्री पवन शर्मा, विनीत शर्मा भी मौजूद रहे।

आपदा के दृष्टिगत जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की फोन लिस्ट अपडेट रखेंः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर लें। यह समय चुनौती का है, बादल फटने की घटनाएं भी हो रही हैं। आपदा के दृष्टिगत सभी आवश्यक उपकरण तैयार रखे जाय। जनपद के साथ ही तहसील एवं ब्लॉक लेवल पर भी आपदा कंट्रोल रूम बनाए जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि किसी क्षेत्र में आपदा आने पर रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। सभी जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की फोन लिस्ट अपडेट रखें, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर त्वरित कार्यवाही की जा सके। आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील स्थानों पर रिलीफ कैंप के लिए जगह चिन्हित की जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न की पूर्ण व्यवस्था रखी जाय। सभी लाइन डिपार्टमेंट से नोडल ऑफिसर की नियुक्ति जल्द की जाय। यह सुनिश्चित हो कि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति होने पर आपदा के मानकों के हिसाब से संबंधित को क्षतिपूर्ति का भुगतान जल्द हो। जिन जनपदों में अभी मॉक ड्रिल नहीं हुई है, कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवियर का ध्यान रखते हुए जल्द की जाय। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील एवं संवेदनशील स्थानों पर हर समय पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था की जाय। आपदा के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी हेलीपैड मेंटिनेंस पर विशेष ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पूर्ण व्यवस्था हो। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति के लिए क्विक रिस्पॉन्स हो। पेयजल गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि संवेदनशील जल विद्युत परियोजनाओं के दृष्टिगत इनके आस-पास अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाये जाय। आपदा की दृष्टि से हेलीपैड मेंटिनेंस के लिए डीएम, एसडीआरएफ एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारी इनका स्थलीय निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि संचार व्यवस्थाएं सुचारू रहे।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, एस.ए.मुरुगेशन, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में की वात्सल्य योजना की घोषणा


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा की है। यह योजना उन अनाथ बच्चों के लिए है, जिन्होंने कोविड -19 के संक्रमण से अपने माता-पिता को खोया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ऐसे अनाथ बच्चों की आयु 21 वर्ष होने तक उनके भरण पोषण, शिक्षा एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। ऐसे बच्चों को प्रतिमाह 3000 रुपए भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। इन अनाथ बच्चों की पैतृक संपत्ति के लिए नियम बनाए जायेंगे कि, उनके वयस्क होने तक उनकी पैतृक संपत्ति को बेचने का अधिकार किसी को नहीं होगा। यह जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिलाधिकारी की होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई है उन बच्चों को राज्य सरकार की सरकारी नौकरियों में 05 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जायेगा।

साथ ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में ऐसे बच्चों को भी प्रतिमाह 3000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिया जायेगा। जिनके परिवार में कमाने वाला एकमात्र मुखिया था और जिनकी मृत्यु कोविड-19 संक्रमण से हुई हो।

कोविड रोकथाम को लेकर सीएम तीरथ सिंह रावत की समीक्षा, तीसरी लहर के लिए तैयारियां करें तेज

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड की रोकथाम और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने ऐसे बच्चों के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिये जिनके माता-पिता या परिवार के मुखिया की मृत्यु कोविड के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों की सहायता की जा सके, इसके लिये जल्द से जल्द इनका चिन्हीकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के लिये तैयारियों को शीघ्रता से धरातल पर लागू किया जाए। वर्तमान में कोविड के मामलों में कमी देखने को मिल रही है, फिर भी हमें पूरी तरह से सावधान रहना है। किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। तीसरी लहर में बच्चों पर फोकस करना है। जिला व ब्लॉक स्तर तक इसकी मैपिंग हो। फील्ड में काम करने वालों को मालूम होना चाहिए कि किसी तरह की परिस्थिति में उन्हें क्या करना है। कोविड की तीसरी लहर से पहले सारी तैयारियां पुख्ता कर ली जाएं। इसमें किसी तरह की कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ग्रामवार इसकी पूरी प्लानिंग रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार जरूरी कार्रवाई की जाएं। ई-संजीवनी का अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। इसे और अधिक सुदृढ़ और प्रचारित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर भी ध्यान दिये जाने की जरूरत है। नगर निकायों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग इसे सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड को लेकर अधिक ध्यान देना है। इसके लिए विकेंद्रीकृत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आशा, एएनएम की सही तरीके से ट्रेनिंग हो। पीएचसी व सीएचसी स्तर तक तैयारियां हों। हर ब्लॉक में कन्ट्रोल रूम हों। ग्राम सभाओं का सहयोग लिया जाए। जहाँ तक सम्भव हो दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाईल टेस्टिंग वैन, मोबाईल लैब, सेम्पलिंग वैन की व्यवस्था हो। गांव-गांव, घर- घर तक जरूरी मेडिकल किट व दवाओं की उपलब्धता हो। गांवों में क्वारेंटाईन सेंटर चिन्हित कर उन्हें जरूरी सुविधाओं से युक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन में धन की कमी नहीं है। इसके लिये हर सम्भव प्रयास कर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लानी है। प्रस्तावित और निर्माणाधीन आक्सीजन जेनरेशन प्लांट को जल्द पूरा किया जाए। आक्सीजन आपूर्ति में बहुत सुधार हुआ है। इसे आगे भी बनाये रखना है। हमारे सभी आईसीयू संचालित होने चाहिए। कोविड से सम्बंधित सूचनाओं की रियल टाईम डाटा एन्ट्री सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू को लेकर भी तैयारियां की जाएं। इसके बचाव के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। यह देख लिया जाए कि हमारे कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर के आस-पास पानी एकत्र न हो।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि टेस्टिंग विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को बढाने की जरूरत है। कोविड की तीसरी लहर की अभी से सारी तैयारी की जानी है। बाहर से आने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनजागरूकता में ग्राम समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आक्सीजन आपूर्ति की तैयारी मानसून को ध्यान में रखते हुए कर ली जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, डीजीपी अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

हरीश रावत सरकार में दायित्वधारी रहे जयपाल जाटव का निधन

हरीश रावत सरकार में दायित्वधारी रहे व दलित समाज के नेता जयपाल जाटव का आज निधन हो गया। जयपाल जाटव कोरोना संक्रमण के चलते एम्स में भर्ती थे। उनके करीबी व एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने बताया कि 25 दिनों से वह एम्स में भर्ती थे। उन्होंने हमेशा निचले वर्ग के लिए संघर्ष किया। कांग्रेस ने अपना सच्चा सिपाही खो दिया। रमोला ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व सीएम हरीश रावत ने उनके बड़े पुत्र जतिन को फोन पर सांत्वना दी और परिवार का ढांढ़स बंधाया।

ऋषिकेश नगर कांग्रेस ने जताया शोक
वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री जयपाल जाटव के निधन पर ऋषिकेश के कॉंग्रेस जनों ने दुख प्रकट किया है। कहा कि स्व. जयपाल जाटव ने अपना पूरा जीवन कॉंग्रेस की सेवा में लगाया। वह कॉंग्रेस के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने सदैव दलितो के उत्थान के लिए कार्य किया। उनके जाने से महानगर कॉंग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है।

शोक प्रकट करने वालोँ में प्रदेश महासचिव बिजय सारस्वत, महानगर अध्यक्ष महंत बिनय सारस्वत, अरविंद जैन, वेद प्रकाश प्रधान, राजकुमार तलवार, प्रदीप जैन, ललित मोहन मिश्र, रुक्म पोखरियाल, विक्रम भंडारी, नंद किशोर जाटव, संजय राजभर आदि मौजूद रहे।