सिंचाई और शिक्षा विभाग की सीएम ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सिंचाई विभाग एवं शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम घोषणाओं के तहत कार्य प्रगति की स्पष्ट जानकारी दी जाय। शासनादेश हो चुके कार्यों, जिन कार्यों की डीपीआर बन चुकी है एवं कार्यों की भौतिक प्रगति क्या है, इस सब की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाय। दीर्घावधि के कार्यों के लिए 15 जून तक सारे पेपर वर्क पूर्ण कर लिये जाय, ताकि मानसून सीजन के बाद कार्यों में तेजी लाई जा सके। अधिकारी कार्यों का निरंतर स्थलीय भ्रमण कर निरीक्षण करें।

सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश कि सीएम घोषणाओं के तहत जो भी कार्य किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाए की कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो। कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो घोषणा विभाग द्वारा अन्य विभागों को स्थांतरित की जा रही हैं, वे जल्द स्थांतरित की जाय। कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। ग्रीष्मकाल एवं आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्यों में तेजी लाई जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाय।

शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में अभी पेयजल, शौचालय एवं फर्नीचर की पूर्ण व्यवस्था नहीं है, शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर इन स्कूलों ये व्यवस्थाएं कराई जाय। जिला योजना का 15 प्रतिशत बजट स्कूलों में विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु खर्च किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

बैठक में जानकारी दी गई कि सिंचाई विभाग की 193 सीएम घोषणाओं में से 105 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है। शिक्षा विभाग की 137 सीएम घोषणाओं में से 103 पूर्ण हो चुकी हैं, 34 घोषणाओं पर प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, एस.ए मुरुगेशन, सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, अपर सचिव आर राजेश कुमार, शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय आदि उपस्थित थे।

जानें, कोविड काल में गर्भवती महिलाओं को इन बातों का रखना होगा ध्यान


कोरोना की दूसरी लहर गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक है। कोरोना से संक्रमित होने पर ऐसी महिलाओं की श्वसन प्रणाली प्रभावित हो सकती है और उनका जीवन जोखिम में पड़ सकता है। एम्स ऋषिकेश ने इस मामले में उन्हें विशेष एतिहात बरतने की सलाह दी है।

गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है। वायरस के संक्रमण से उनको और उनके गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। इस बाबत निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कान्त जी ने बताया कि गर्भवती महिला को यदि पहले से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर अथवा हृदय संबंधी बीमारी है तो जोखिम बढ़ने से उन दोनों के जीवन को ज्यादा खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस के कारण इन महिलाओं की श्वास नलियों में संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। साथ ही उसे आईसीयू और वेन्टिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कान्त जी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से विशेष सचेत रहने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही मां और शिशु दोनों के जीवन पर भारी पड़ सकती है।

स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जया चतुर्वेदी जी ने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला कोरोना ग्रसित हो जाए, तो उसे अति शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेकर कोविड उपचार शुरू करना चाहिए। उपचार लेने में देरी होने पर उनका जीवन जोखिम में पड़ सकता है। उन्होंने आगाह किया कि गर्भवती महिलाएं चिकित्सीय परामर्श के बिना दवाओं का सेवन बिल्कुल नहीं करें। गर्भवती महिलाओं की देखभाल और कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना संक्रमण इतना खतरनाक है कि समय पर उपचार शुरू नहीं किए जाने पर पेट में पल रहे शिशु की मृत्यु भी हो सकती है। इसके अलावा महिला की सर्जरी कर जन्म के तुरन्त बाद नवजात शिशु को एनआईसीयू में रखने की स्थिति भी आ सकती है। ऐसे हालातों में प्रसूता को वेन्टिलेटर सपोर्ट में रखने की संभावना दोगुनी बढ़ जाती है। डाॅ. जया चतुर्वेदी जी ने ऐसी महिलाओं के लिए निम्न बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई है।

उपाय और सावधानियां-

1. अधिक उम्र वाली गर्भवती महिलाओं को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस कारण उन्हें सांस लेन में परेशानी बढ़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ज्यादा देखभाल की आवश्यकता होती है।
2- सामाजिक दूरी बनाकर बार-बार हाथ धोना नहीं भूलें।
3- घर पर भी मास्क का अनिवार्य इस्तेमाल करें।
4- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
5- श्वसन संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करें।
6- अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
7- खांसी या छींक आने पर अपनी मुड़ी हुई कोहनी या टिश्यू पेपर से अपने मुंह और नाक को ढकें।
8- सुरक्षित रहें। लगातार खांसी और तेज बुखार होना कोरोना संक्रमण के संकेत हैं। इन लक्षणों वाले व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें।
7- ताजा भोजन खाएं और खूब पानी पिएं।

गर्भस्थ शिशु पर प्रभाव और जोखिम-

1- भ्रूण पर प्रभाव- प्रसव का समय से पहले होना, सर्जरी की आवश्यकता पड़ना और नवजात की देखभाल करने में जोखिम होना।
2- कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला गर्भावस्था या प्रसव के दौरान बच्चे को भी संक्रमित कर सकती है।

चिकित्सक की सलाह-

1- कोविड लक्षणों वाली गर्भवती महिलाओं को परीक्षण के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2- लक्षण नजर आने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
3- चिकित्सक के पास बार-बार जाने के बजाए संभव हो तो फोन द्वारा परामर्श लेें।
4- डिलीवरी का समय नजदीक है, तो तनाव में न रहें। ईमेल, संदेश या वीडियो चैट के माध्यम से अपने प्रियजनों और रिश्तेदारों के संपर्क में रहें। अत्यधिक काम न करें और अधिकाधिक आराम करें।
5- स्तनपान करवाते समय हर बार हाथ धोना नहीं भूलें।

सीएम तीरथ ने निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत देवीखेत-स्यालना हल्का वाहन मार्ग के निर्माण (द्वितीय चरण-लागत 01 करोड़ 13 लाख) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृत को मंजूरी दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र लैन्सडौन के अन्तर्गत विभिन्न 03 विकास कार्य (लागत 02 करोड़ 41 लाख), विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम नकुलिया में (लागत 01 करोड़ 29 लाख) जूनियर हाईस्कूल से उतर की ओर रायसिख बस्ती तक मार्ग का नव निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र कपकोट में गोगिना कीमू मोटर मार्ग नव निर्माण (लागत 01 करोड़ 11 लाख), मा0 मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के विधासभा क्षेत्र गंगोलीहाट के अन्तर्गत लाखातोली-रूंगड़ी मोटर मार्ग के निर्माण कार्य (लागत 51.20 लाख) एवं विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत 02 निर्माण कार्यों के लिये 01 करोड़ 61 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। विधानसभा क्षेत्र चैबटटाखाल के अन्तर्गत पोखड़ा में संगलाकोटी-गुडिण्डा-तिलखोली-जजेड़ी मोटर मार्ग का पठोलगांव तक विस्तार की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति साथ ही चैबट्टाखाल में 11 विभिन्न निर्माण कार्य (लागत 03 करोड़ 66 लाख) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र लालकुंआ के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत 02 कार्यो की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जिनमें मण्डी-हल्द्वानी से तीनपानी मोड तक मार्ग का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य (लागत 01 करोड़ 18 लाख) तथा ग्राम गजेपुर गौलापुर में वन भूमि में मार्ग निर्माण (लागत 2.20 लाख) की मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र खटीमा में सड़ासड़िया से प्रतापपुर न0 4 तक मार्ग का डामरीकरण-पुननिर्माण कार्य (लागत 01 करोड़ 11 लाख) की मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के अन्तर्गत 02 निर्माण कार्यों के लिए 01 करोड़ 27 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र राजपुर के दो निर्माण कार्यों के लिये भी मुख्यमंत्री ने 01 करोड़ 40 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार-पिथौरागढ़-रूद्रपुर में संविदा के माध्यम से तैनात प्राचार्यो को वित्तीय-प्रशासकीय अधिकार एवं प्राचार्य हेतु अनुमन्य सुविधायें प्रदान करने की मंजूरी दी है।

विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के खुले कपाट, अखंड ज्योति के हुए दर्शन


श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को वैदिक मंत्रोचार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से आज मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिये गये है। ग्रीष्म काल में निरंतर भगवान बदरीविशाल की पूजा- अर्चना होगी।

मंदिर तथा मंदिर मार्ग को श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति द्वारा लगभग 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था‌। प्रातः तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से अंदर पहुंचे। ठीक प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले इस अवसर पर कुछ ही लोग अखंड ज्योति के गवाह बने। रावल द्वारा गर्भगृह में प्रवेशकर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया तत्पश्चात भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गये। डिमरी पंचायत प्रतिधियों द्वारा भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु राजमहल नरेन्द्र नगर से लाये गये तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह में समर्पित किया।

इसके साथ ही भगवान को माणा गांव के महिला मंडल द्वारा शीतकाल में कपाट बंद करते समय औढाया गया घृतरू कंबल उतारा गया तथा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। भगवान के निर्वाण दर्शन के बाद अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी भीतरी वडुवा, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा सभी के आरोग्यता की कामना की। कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई कहा कि कोरोना की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुनः शुरू होगी।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर बधाई दी है कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने हेतु शासन के स्तर पर प्रयास जारी है। कई संस्थाये इसके लिए आगे आ रही है।

गढ़वाल आयुक्त व उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि श्री बदरीनाध धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई। कहा अभी यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं है लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, डिमरी पंचायत पदाधिकारी आशुतोष डिमरी, विनोद डिमरी, तहसील दार चंद्रशेखर वरिष्ठ पुलिस जिला प्रशासन आईटीबीपी, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा मंदिर परिसर,बस टर्मिनल तथा स्वागत कार्यालय, आवासों में पर्याप्त सेनिटाईजेशन किया है, कपाट खुलने के दौरान कोविड बचाव मानकों का पालन हुआ मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग हो रहा है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर, माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गये है जबकि चारधामों में से श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई, श्री गंगोत्री धाम के 15 मई, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को खुल चुके है। तृतीय केदार तुंगनाथ जी एवं चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट भी 17 मई को खुल गये है। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं जबकि श्री हेमकुंड गुरूद्वारा साहिब तथा लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी तय नहीं है।

कोविड रोकथाम को लेकर देशभर के डीएम, सीएम की हुई वर्चुअल बैठक, सीएम और दून डीएम भी जुड़े


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में कोविड-19 की रोकथाम के लिए उत्तराखंड समेत 10 राज्यों के 46 जिलाधिकारी एवं आयुक्तगणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फीडबैक लिया। ’इसमें मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वर्चुअल जुड़ते हुए प्रतिभाग किया।’ उत्तराखंड से जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने इस वर्चुअल बैठक में प्रतिभाग करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को राजधानी देहरादून में कोविड की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में अवगत कराया।

बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों से फीडबैक लिया और भविष्य में भी कोविड-19 की रोकथाम हेतु सुझाव माँगे।

इस दौरान जिलाधिकारी देहरादून ने राज्य सरकार द्वारा देहरादून कम्युनिटी सर्विलांस, डिसेंट्रलाइजेशन टेस्टिंग, होम आइसोलेशन किट और टेली मेडिसन जैसी व्यवस्थाओं के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मुख्यसचिव ओम प्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री एवं अधिकारी मौजूद रहे।

’वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में संक्रमण रोकने के लिए और माइक्रो लेवल प्लान तैयार किए जाएं। प्रदेश में टेस्टिंग अधिक से अधिक बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विधानसभा से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नौजवानों के वैक्सीनेशन के साथ ही प्रदेशभर के दिव्यांग जनों के वैक्सीनेशन हेतु अलग से प्लान तैयार किया जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में मानसून की चुनौती को देखते हुए प्रदेश के सभी अस्पताल, कोविड केअर सेंटर में विद्युत आपूर्ति एवं जरूरी सुविधाओं की अभी से तैयारी कर ली जाए, ताकी समय से परेशानियों को दूर किया जा सके।’

सीएम घोषणाओं के दौरान अधिकारियों को निर्देश, कामों में तेजी के साथ गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शहरी विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हों। जन सुविधाओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण प्रकृति के कार्यों को पहले प्राथमिकता दी जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए, ताकि मानसून अवधि के बाद कार्यों में तेजी आ सके। उन्होंने कहा कि कार्यों में तेजी के लिए जिलाधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किए जाय। यदि कार्यों में कोई परेशानी हो रही है, तो शीघ्रता से इस बारे में अवगत कराया जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्चाधिकारी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। समय -समय पर मुख्यमंत्री स्वयं कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

बैठक में जानकारी दी गई कि शहरी विकास विभाग में 195 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 125 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष 70 पर कार्य प्रगति पर है। इन घोषणाओं में से 26 घोषणाएं अप्रैल 2021 की हैं।आवास विभाग में 96 घोषणाओं में से 36 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में 37 स्थानों पर पार्किंग बननी है, जिसमें से 08 स्वीकृत हो चुकी हैं। 16 ऐसी घोषणाएं हैं, जिनके मास्टर प्लान बनने हैं। मास्टर प्लान की प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली, प्रभारी सचिव सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन एवं शहरी विकास तथा आवास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कल खुलने जा रहे बदरी विशाल के कपाट, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनायें

आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव, कुबेर रावल ईश्वरीय प्रसाद नंबूदरी एवं श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश गाडू घड़ा सहित श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।

कल ब्रह्म मुहुर्त 4 बजकर 15 मिनट में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस अवसर हेतु श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ने श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें देते हुए घर से ही पूजा अर्चना करने का आग्रह किया है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तैयारिया पूर्ण कर दी गयी है। आदिगुरू शंकराचार्य की जयंती पर आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में सादगी पूर्वक आदि गुरू शंकराचार्य का स्मरण किया गया। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने आदि गुरू शंकराचार्य महाराज की वैदिक परंपराओं को अक्षुण बनाये रखने का आवह्वान किया।
इस अवसर पर उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, डिम्मर उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी आदि मौजूद रहे।

सांसद नरेश बंसल ने किया आईडीपीएल में आक्सीजन प्लांट और निमार्णाधीन अस्पताल का निरीक्षण


आईडीपीएल में आक्सीजन प्लांट और यहां निर्माणाधीन कोविड अस्पताल का आज राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने निरीक्षण किया। निरीक्षण से संतुष्ट सांसद नरेश बंसल ने कहा कि आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट व निर्माणाधीन कोविड अस्पताल से जनता को मदद मिलेगी।

स्वदेशी जागरण मंच ऋषिकेश के आग्रह पर राज्यसभा सांसद नरेश बसंल ने आईडीपीएल संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट का कार्य कर रहे सेना के इंजीनियर कैप्टन अर्जुन राणा ने बताया कि प्लांट के एक यूनिट को तकनीकी रूप से सही कर दिया गया है। उन्होंने फार्मूलेशन ब्लॉक का पूर्ण निरीक्षण किया।

आईडीपीएल संस्थान के अपर महाप्रबंधक गंगा प्रसाद अग्रहरि से पूर्ण जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आईडीपीएल में डीआरडीओ द्वारा तैयार हो रहे 500 बेड के कोविड हॉस्पिटल का जायजा लिया। मौके पर स्वदेशी जागरण मंच के ऋषिकेश नगर संयोजक सुनील कुमार शर्मा, जिला संपर्क प्रमुख सौरभ मिश्रा, ग्रामीण संयोजक अजय सुयाल, उतराखंड जन विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, घाट रोड व्यापार संघ के अध्यक्ष पवन शर्मा, शिवम टुटेजा आदि उपस्थित थे।

रानीखेत में संयुक्त सिविल मिलिट्री कोविड केयर अस्पताल का वर्चुअल उद्धाटन सीएम ने किया

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देहरादून कैंप कार्यालय से अल्मोड़ा जिले के रानीखेत स्थित संयुक्त सिविल मिलिट्री कोविड केयर अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन किया। महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, रानीखेत विधायक करण माहरा, सचिव अमित नेगी व जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

रानीखेत में 50 बेड क्षमता वाले संयुक्त अस्पताल में 10 बेड ऑक्सीजन युक्त बनाए गए हैं। यह अस्पताल कुमाऊँ रेजीमेंट सेंटर एवं जिला प्रशासन अल्मोड़ा के संयुक्त प्रयास से शुरू किया गया है। अस्पताल के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सेना एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शुरू किए गए इस अस्पताल का लाभ रानीखेत व आसपास के इलाकों के लोगों को मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन अल्मोड़ा को निर्देश दिए कि इस अस्पताल में ऑक्सीजन बैड की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं। ’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेरणा से लगातार कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीआरडीओ के सहयोग से अगले कुछ दिन में हल्द्वानी और ऋषिकेश में बनाए जा रहे अस्थाई कोविड अस्पताल भी तैयार हो जाएंगे जिससे प्रदेशवासियों को उपचार में लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय के लिए हमें अभी से तैयार होना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत से पहले ही हमें सीएचसी, पीएचसी स्तर के अस्पतालों को मजबूत करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को जागरूक करना बेहद जरूरी है। दवाई के साथ- साथ कड़ाई भी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को और बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक लोगों को टेस्टिंग के लिए प्रेरित किया जाए। आशा, आंगनवाड़ी और ग्राम समिति के माध्यम से डोर टू डोर कोविड किट, होम आइसोलेशन में उपचार करवा रहे संक्रमितों तक समय से पहुंचा दी जाए।

महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विधायक निधि का इस्तेमाल जनप्रतिनिधि अपने विवेक अनुसार कोविड के लिए कर रहे हैं जिसका फायदा प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र को मिल रहा है। इस दौरान सांसद अजय टम्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रयास सराहनीय है मुख्यमंत्री द्वारा बेस अस्पताल अल्मोड़ा और मेडिकल कॉलेज को जोड़कर कोविड अस्पताल बनाने से बड़ा लाभ आम जनता को हो रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान ने कहा कि सरकार का सार्थक प्रयास धरातल पर नजर आ रहा है। कार्यक्रम में रानीखेत विधायक श्री करण माहरा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग के बिना यह अस्पताल संभव नहीं था। इस दौरान जिला अधिकारी अल्मोडा नितिन भदौरिया, कुमायूँ रेजिमेंट सेंटर के ब्रिगेडियर आइएस सौमयाल एव जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

श्री केदारनाथ धाम के खुले कपाट, पीएम ने नाम से किया गया रूद्राभिषेक

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान पूर्वक मंत्रोचारण के साथ आज सोमवार मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातरू पांच बजे खुल गये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातरू तीन बजे से शुरू हो गयी थी। रावल भीमाशंकर एवं मुख्य पुजारी बागेश लिंग तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल ने पूरब द्वार से मंदिर मुख्य प्रांगण में प्रवेश किया।

मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना की मंत्रोचार के पश्चात ठीक पांच बजे भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये गये। मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्यंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की गयी। श्री केदारनाथ धाम में भी प्रथम रूद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से की गयी तथा जनकल्याण की कामना की गयी। कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर स्थगित है धामों में केवल पूजापाठ संपन्न हो रही है यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। केदारनाथ के कपाट खुलते समय पूजापाठ से जुड़े चुंनिंदा लोग मौजूद रहे। धाम में मौसम सर्द है मंदिर के कुछ दूरी पर बर्फ मौजूद है। तथा रास्ते में कहीं- कहीं हिमखंड नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता ब्यक्त की है तथा भी के आरोग्यता की कामना की है। कहा है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थाई तौर पर यात्रा स्थगित है सभी लोग वर्चुअली दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें।

पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि कोरोना महामारी समाप्त होगी तथा शीघ्र चारधाम यात्रा शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण की भावना के साथ सभी धामों में प्रथम पूजा संपन्न करवायी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाता सौरभ कालड़ा ग्रुप द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग, केदार लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल बीकेटीसी पूर्व सदस्य शिवसिंह रावत, एसडीएम रवीन्द्र वर्मा, तहसीलदार जयराम बधाड़ी, धर्माधिकारी आचार्य औंकार शुक्ला, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला एवं प्रदीप सेमवाल, पारेश्वर त्रिवेदी, महावीर तिवारी,मृत्युंजय हीरेमठ, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया की श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात केदारनाथ मास्टर प्लान कार्यों में अधिक गति आयेगी।

कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया। मास्क, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कपाट खुलने के लिए एसओपी द्वारा ब्यापक दिशा निर्देश जारी किये हैं। केदारनाथ में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, जल संस्थान की टीम अपना कार्य कर रही हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खुल रहे है। आज श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी के साथ उद्धव, कुबेर तथा तेलकलश (गाडू घड़ा) श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट आज दोपहर में खुल रहे है जबकि चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट भी आज खुल रहे हैं। द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं। जबकि गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब एवं श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी निश्चित नहीं है।