कोविड स्थिति को लेकर सीएम की बैठक, लिये गये निर्णयों की तुरंत अनुपालन करने के निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि कालाबाजारी की शिकायतों पर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठकों में जो निर्णय एक बार ले लिया जाता है, उसकी अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए। मई से राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान संचालित किया जाना है। इसकी पुख्ता तैयारियों कर ली जाएं। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कैम्प एप्रोच पर टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। औद्योगिक संस्थानों, कालेजों, सहित ग्राम स्तर तक करना है। नगर निकायों की भांति ही पंचायतों में भी सेनेटाइजेशन कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बोर्डर पर बाहर से आने वालों की सख्त चैकिंग हो। बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के न आने दिया जाए। राज्य के प्रवासी लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी हो। उन्हें सीधे उनके घर भेजकर होम आइसोलेशन में रखा जाए। ये लोग होम आइसोलेशन का पालन करें इसके लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को समुचित धनराशि उपलब्ध करानी होगी। पुलिस का प्रधानों को सहयोग दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों को उपलब्ध कराई गई रेमडेसिवर की मात्रा और तय दर सार्वजनिक करने के निर्देश दिये। आगे के 15 दिनों के अनुसार कोविड को लेकर प्लान हो। उसी के अनुरूप आक्सीजन, आईसीयू, जरूरी दवाएं आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। आक्सीजन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर सर्वाधिक ध्यान देना होगे। जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। होम आइसोलेशन में किन किन बातों का ध्यान रखा जाना है, लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। एक प्रभावी सेंट्रल कंट्रोल रूम हो, जहां लोगों को विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बेड की जानकारी मिल सके और जरूरी होने पर व्यक्ति को किस अस्पताल जाना चाहिए, इसके बारे में बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून अस्पताल की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाए। टेस्ट के लिये सेम्पल लेते ही दवाई भी उपलब्ध करा दी जाए। अस्पतालों में पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाए।

वीडियो कांफ्रेंसिग में आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।

रेमडिसिविर दवा के 3 हजार इंजेक्शन केंद्र ने उत्तराखंड को सौंपे

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कुछ हद तक राहत पहुंचाने वाली खबर है। उत्तराखंड को केंद्र से रेमडिसिविर दवा के 3 हजार इंजेक्शन मिल गए हैं। जिन्हें कल देर रात ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देहरादून के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को बांटा गया है। कुछ अस्पतालों की मांग को देखते हुए दून अस्पताल ने अपना कोटा कम कर उनको अतिरिक्त दिए हैं।

ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार जल्द ही इंजेक्शन की नई खेप भी आने वाली है। सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। अगर अब भी कोई अस्पताल आपको रेमडिसिविर इंजेक्शन को लेकर परेशान करे तो उसकी शिकायत करें। कालाबाजारी करने वालों को बढ़ावा न दें। कोई भी मेडिकल स्टोर प्रिंट रेट से ज्यादा पर दवाई देता है तो उसकी शिकायत करें।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुईं उत्तराखंड की 10 पंचायतें

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रदेश की 10 पंचायतों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पूरे देश भर से कुल अलग-अलग श्रेणियों में 224 पंचायतों को “दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार” से पुरस्कृत किया गया। इसमें उत्तराखंड की देहरादून जिले की 4, उत्तरकाशी की 3 और रुद्रप्रयाग, पौड़ी और पिथोरागढ़ एक-एक पंचायत शामिल है।

इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से प्रधानमंत्री द्वारा इन पुरस्कारों को वर्चुअल तरीके से वितरित किए गए। इतना ही नहीं पुरस्कार पाने वाले इन पंचायतों को 5 लाख से 50 लाख तक की पुरस्कार राशि भी हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पुरस्कार पाने वाले सभी पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामना दी है, मुख्यमंत्री के कहा कि पंचायतों के विकास लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

सचिव पंचायती राज हरीश सेमवाल ने बताया कि “दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार” के तहत जिला पंचायत पिथौरागढ़, क्षेत्र पंचायत जखोली-रुद्रप्रयाग, क्षेत्र पंचायत द्वारीखाल-पौड़ी, ग्राम पंचायत सिमलास ग्रांट -डोईवाला देहरादून, ग्राम पंचायत मथ, पुरोला उत्तरकाशी, ग्राम पंचायत देवजनि मोरी उत्तरकाशी एवं ग्राम पंचायत पुरोहित वाला सहसपुर देहरादून को पुरस्कृत किया गया। जबकि नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा का पुरस्कार ग्राम पंचायत दिवाडी नौगांव उत्तरकाशी, ग्राम पंचायत विकास योजना का पुरस्कार ग्राम पंचायत अटक फॉर्म सहसपुर देहरादून एवं बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार बादाम वाला सहसपुर देहरादून को दिया गया है।

224 पंचायतों को दिया गया ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार’
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 प्रदान किए। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 कई श्रेणियों के अंतर्गत दिए गए। 224 पंचायतों को ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया। 30 ग्राम पंचायतों को ‘नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार’ दिया गया। 29 ग्राम पंचायतों को ‘ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार’ दिया गया। 30 ग्राम पंचायतों को ‘बच्चों के अनुकूल ग्राम पंचायत’ पुरस्कार मिला। ग्रामों के अलावा 12 राज्यों को ‘ई-पंचायत पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री अनुदान सहायता के रूप में 5 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक की पुरस्कार धनराशि हस्तांतरित की गई। यह राशि रियल टाइम आधार पर पंचायतों के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की गई। देश में ऐसा पहली बार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया सुमना हादसा इलाके का हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ के सुमना में ग्लेशियर टूटने वाले क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण व सेना के अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चमोली में मीडियाकर्मियों से बातचीत भी की।

बताया कि सुमना में जहां पर ग्लेशियर टूटा वहां पर बीआरओ के लगभग 400 मजदूर काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से कुल 391 लोग सेना व आईटीबीपी के कैम्पों तक पहुँच गए हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हादसे में छह मजदूरों के मारे जाने की जानकारी मिली है जबकि 4 लोग घायल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौके पर सेना, आईटीबीपी की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। एसडीआरएफ वहां पर आगे बढ़ी है और एनडीआरएफ की कुछ टीमें भी आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन भी शुक्रवार से ही पूरी मुस्तैदी से राहत-बचाव में जुट है। गाजियाबाद में भी एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

जरूरतमंदों को स्पीकर ने बांटे तीन लाख 50 हजार रूपए की चेक


कोरोना संक्रमण के बीच स्पीकर उत्तराखंड प्रेमचंद अग्रवाल ने जरूरतमंदों की मदद को कदम बढ़ाया। उन्होंने आज करीब 60 जरूरतमंदों की आर्थिक मदद की। उन्होंने विवेकाधीन कोष से 3 लाख 50 हजार रुपये के चेक वितरित किए। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए जागरूक भी किया।

स्पीकर ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विधवा, विकलांग आदि जरूरतमंद लाभार्थियों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से राहत राशि का वितरण किया जाता है। कहा कि न केवल ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र बल्कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष के माध्यम से गरीब, जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कहा कि यह सरकार द्वारा संचालित योजना का हिस्सा नहीं है, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष विवेक के आधार पर इस धनराशि का वितरण करते हैं। कोरोना महामारी के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। इसलिए त्वरित सहयोग के रूप में यह राशि उनके कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वह राज्य छोड़कर पलायन ना करें। उन्होंने विशेष तौर पर युवाओं से आह्वान किया है कि घर से बाहर निकलने पर दिशा निर्देशों का पालन करें खुद को सुरक्षित रखें एवं घर पर बच्चों एवं बुजुर्गों को भी सुरक्षित रखें।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, खैरी कला के प्रधान चमन पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमला नेगी, शोभा चैहान, वीरभद्र ओबीसी मोर्चा की महामंत्री माया घले, ऋषिकेश मंडल के युवा मोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, विकास तोमर, मस्तु बडोनी, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

निजी परिवहन व्यवसाईयों की हुई बैठक, बोले यात्रा नहीं चली तो भुखमरी की स्थिति

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की एक आवश्यक बैठक ऋषिकेश में आयोजित हुई। जिसमें आगामी चार धाम यात्रा के संबंध में सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। व्यवसाईयों ने कहा कि गत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी कोरोना के कारण यात्रा प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। यदि इस वर्ष भी यात्रा का संचालन नहीं हो सका, तो परिवहन व्यवसाईयों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा होने वाली है। इसलिए जरूरी है कि सरकार को यात्रा के संबंध में ऐसी कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए जिससे प्रदेश का परिवहन व्यवसाय पटरी पर आ सके।

महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण परिवहन व्यवसायी पिछले वर्ष ही टूट चुका है यदि इस वर्ष भी यात्रा संचालित नहीं हो पाती है। तो परिवहन व्यवसाई आत्महत्या के कगार पर आ जाएगा। सरकार परिवहन व्यवसाई को जिंदगी पटरी पर लाने के लिए आर्थिक मदद करनी चाहिए। वाहन स्वामियों को कम से कम 2 वर्ष का टैक्स, परमिट फीस आदि को माफ कर देना चाहिए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और यातायात के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र मौला ने कहा कि हमारी वाहनों के चालक व परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा देना चाहिए।

गत वर्ष भी हमारे चालक भाइयों को कोरोना वारियर नहीं माना। जो करोना काल में यात्रियों को लाने ले जाने में लगे थे सरकार ने परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को तो कोरोना वारियर माना परंतु निजी परिवहन व्यवसायियों को चालक परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा नहीं दिया। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत द्वारा यह कहा गया कि अब समय आ गया है सरकार तक अपनी बातों को मजबूती से पंहुचाया जाए। इसके लिए संगठित तौर पर एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाए और भविष्य में यदि आंदोलन की जरूरत पड़ती है, तो संगठित तौर पर एक वृहद आंदोलन भी चलाया जाएगा।

बैठक में रूपकुंड परिवहन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, जीप कमांडर यूनियन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, बलबीर सिंह रोतेला, इनोवा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हेमंत डंग, यातायात के संचालक दाताराम रतूड़ी, खिलानंद बेलवाल, दयाल सिंह भंडारी, परशुराम गौड़, हरीश नौटियाल, देवभूमि ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा, प्रेमपाल सिंह बिष्ट, इनोवा टैक्सी मैक्सी के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, पंकज वर्मा, योगेश उनियाल, जितेंद्र चैधरी, बेचान गुप्ता, मुकेश नेगी आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने किया छावनी परिषद अस्पताल का निरीक्षण, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कैंट स्थित छावनी परिषद जनरल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने छावनी परिषद की सी.ई.ओ. सुश्री तनु जैन को अस्पताल में कोविड-19 के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष श्रीवास्तव को भी इस संबंध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने को कहा, मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व शौचालय आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

छावनी परिषद की सीईओ तनु जैन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर इस अस्पताल परिसर में 130 बेड की व्यवस्था कोविड-19 के दृष्टिगत कर दी जाएगी। इससे यहां पर भी पीड़ितों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

राज्य में स्वास्थ्य विभाग को मिले 345 चिकित्साधिकारी

कोविड महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग को राज्य लोक सेवा आयोग से 345 नए चिकित्साधिकारी मिले हैं। जल्द ही इन चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड के बीच इन चिकित्सकों के मिलने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं और भी सुदृढ़ होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार विस्तार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन चिकित्सकों के आने से कोविड महामारी से निपटने में सरकार को मदद मिलेगी।

कोविड और उसके बचाव को माने एम्स के सुझाव, क्या करें, क्या न करें…

तेजी से फैल रही कोविड महामारी अब खतरनाक गति से बढ़ने लगी है। कारण है कि आम जनमानस कोविड नियमों का पालन करने में अभी भी लापरवाही बरत रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स, ऋषिकेश की ओर से इस मामले में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लापरवाह लोगों को सचेत किया है कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने यदि नियमों के पालन में गंभीरता नहीं बरती तो स्थिति भयावह हो सकती है।

एम्स में कोविड के नोडल ऑफिसर डाॅक्टर पीके पण्डा ने कोविड से बचाव पर सुझाव दिया कि बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। हम सभी को समझना होगा कि कोरोना महामारी का वायरस हमारे नाक और मुहं द्वारा शरीर में प्रवेश करने में सक्षम है और सबसे पहले हमारे फेफड़ों को संक्रमित करता है। इसलिए इस महामारी से बचाव का पहला मंत्र है कि घर से बाहर निकलने पर प्रत्येक व्यक्ति अनिवार्यरूप से दोहरा मास्क पहने, यह मास्क घर पर बनाया हुआ भी हो सकता है साथ ही नियमिततौर पर बार-बार अपने हाथों को सेनेटाइज करता रहे। यदि प्रत्येक व्यक्ति मास्क का सही ढंग से इस्तेमाल करेगा तो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में वायरस के संक्रमण का खतरा स्वतः ही कम हो जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से आपस में न्यूनतम 2 मीटर की दूरी बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। डाॅ. पण्डा ने बताया कि इसके अलावा 45 वर्ष से अ​धिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कोविड वैक्सीन लगाए और स्वयं को और समाज को सुरक्षित रखने में सहयोग करे। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति कोविड संक्रमित हो जाता है तो उसे निम्न बातों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

1- अगले 15 दिनों के लिए प्रतिदिन टेबलेट विटामिन-सी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लेना शुरू करें।

2- बुखार की शिकायत होने पर टेबलेट पैरासिटामोल-650 एमजी का दिन में 4 से 6 बार 2 से 3 दिनों तक सेवन करें।

3- कोल्ड संबंधी दिक्कत होने पर टेबलेट मॉन्टेलुकास्ट-लेवो-सिट्रीजिन का दैनिक उपयोग करें।

4- संक्रमित होने की स्थिति में पूरी तरह बेड रेस्ट आवश्यक है।

5- मानसिक तनाव और भय से पूरी तरह मुक्त रहें।

6- ज्यादा पानी पिएं और आसानी से पचने वाले तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

डाॅक्टर पण्डा ने सलाह दी है कि प्रोन (पेट के बल लेटना) या अर्ध प्रोन उन्मुख स्थिति में पेट के बल प्रतिदिन 4 से 6 बार ( हरबार 30 से 60 मिनट ) सोएं। कोविड संक्रमण के दौरान वायरल फीवर प्रबंधन के शुरुआती चरण में सबसे महत्वपूर्ण है शरीर को आराम देना (यह शारीरिक आराम, मानसिक आराम, मन की शांति और वैराग्य पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के दौरान एकबार प्रारंभिक चरण बीत जाने के बाद अगला इम्युनोलॉजिकल चरण आता है। जहां हमारे शरीर को बुखार, खांसी आदि के समान लक्षणों के साथ सांस की तकलीफ और ऑक्सीजन की आवश्यकता भी पड़ सकती है। इस चरण के दौरान सर्वोत्तम उपलब्ध उपचार प्राइमिंग वेंटिलेशन, ऑक्सीजन, डेक्सामेथासोन व स्टेरॉयड, हेपरिन व एंटीकोआग्यूलेशन, या वेंटिलेशन सहायक उपचार की जरुरत है।

आवश्यक निगरानी-

ए- लक्षण
बी- श्वसन दर
सी- नाड़ी दर
डी- रक्तचाप
ई- तापमान
एफ-ऑक्सीजन सेच्युरेशन
इनमें से कोई भी नॉर्मल से अलग होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि पहले चरण में उक्त उपचार कर लिए गए तो दूसरे चरण में गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।

सीएम तीरथ सिंह ने गंगोत्री विधायक के निधन पर जताश शोक, व्यक्त की संवेदना


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं गंगोत्री विधायक गोपाल रावत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी हित और गंगोत्री वैली के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं अन्य मंत्रीगणों ने कैम्प कार्यालय में 02 मिनट का मौन रखकर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।