क्षेत्रपं बीना चौहान ने खदरी क्षेत्र में शुरू करवाई फागिंग

न्याय पंचायत श्यामपुर की ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में मच्छरों के प्रकोप इन दिनों काफी बना हुआ है, इसको देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने क्षेत्र में फागिंग का कार्य शुरू करवाया है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला को क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें क्षेत्र में फागिंग कार्य करने की मांग की गई। जिसके बाद जयेंद्र रमोला ने तत्काल ग्रामीण क्षेत्रों में फागिंग मशीन भेजी। फागिंग कार्य क्षेत्र के चोपड़ा फार्म, प्रगति पुरम, भागीरथी पुरम, साईं विहार, गुलजार फार्म व विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने कहा एक तरफ जहां लोग वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहे हैं,वही दूसरी तरफ मच्छरों के प्रकोप से डेंगू, मलेरिया जैसी घातक बीमारियां ग्रामीणों को डर सता रही है, एैसे मे क्षेत्र में फागिंग कार्य करने से बचाव व रोकथाम किया जा सकता है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता नवीन नेगी ने बताया ग्रामीण पिछले कुछ सालों से मच्छरों से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से पीड़ित रहे हैं, जिससे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी फागिंग का कार्य क्षेत्र में किया जा रहा है।

इस अवसर पर पंचायत सदस्य लक्ष्मण राणा, समाजसेवी विनोद चैहान, अनिल रावत, अनूप रावत, नवीन नेगी, राजेंद्र चैहान, रामस्वरूप भट्ट आदि उपस्थित रहे।

टोल प्लाजा के विरोध में प्रधान संगठनों के साथ आई कांग्रेस, बोली मिलकर लड़ेंगे और बनने नहीं देंगे

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि कहा क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल द्वारा दिया गया बयान अत्यंत निंदनीय है उनके द्वारा कहा गया कि उन्हें मालूम चला है के एक टोल प्लाजा रायवाला क्षेत्र में बनाया जा रहा है जिस क्षेत्र के विधायक को 15 सालों में रायवाला और छिददरवाला का ही फर्क नहीं मालूम हुआ वह विधायक क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निवारण कैसे कर पाएगा। यह अपने आप में सोचनीय विषय है।

खरोला, ने विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय विधायक की बगैर जानकारी के केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी पहले हरिपुर के फ्लाईओवर और अब छिद्रवाला के टोल प्लाजा मे की जा रही मनमानी से स्पष्ट हो जाता है। विधायक अपनी ही डबल इंजन की सरकार में कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

प्रधान संगठनों के नेतृत्व में कांग्रेस चलाएगी आंदोलनः जयेंद्र रमोला
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज कांग्रेस जन और विधानसभा क्षेत्र के लोगों द्वारा नेपाली फार्म टोल प्लाजा के विरोध में धरना व प्रदर्शन किया जाना तय किया गया परन्तु टोल प्लाजा की समस्या ग्राम स्तर पर आम जन की समस्या है इसलिए सभी कांग्रेस जनो ने निर्णय लिया कि ग्राम प्रधानों के नेतृत्व ही यह आंदोलन चलाना ठीक रहेगा जिसमे सभी दलों के लोगो को आमंत्रित कर इस जन विरोधी फैसले के विरुद एक जुट होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

जयेन्द्र रमोला ने मंच के माध्यम से कहा यहाँ प्रदेश से लेकर नगर निगम तक भाजपा की सरकार है उसके बावजूद भी भाजपा के साथ साथ अन्य दलों से चुने ज प्रतिनिधि धरना और प्रदर्शनकरने को मजबूर हैं जबकि विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय सांसद को इस समस्या पर कड़ा रूख अपनाते हुए जनता के साथ खड़ा होना चाहिये।

धरने में आप पार्टी से राजे नेगी, कनक धनांई, प्रधान संगठन के अध्यक्ष विजयपाल जेठुरी, जयेन्द्र रावत, गोकुल रमोला, विजयपाल रावत, संजय पोखरियाल, शांति थपलियाल, रोहित नेगी, भगवती सेमवाल, रमन रांगड, ग्रामसभा गौहरी माफी प्रधान रोहित नौटियाल, ग्राम प्रधान साहबनगर ध्यान सिंह असवाल, खदरी ग्रामसभा प्रधान प्रतिनिधि शांति थपलियाल, सागर गिरी प्रधान रायवाला, प्रधान प्रतीत नगर अनिल कुमार, प्रधान हरिपुर गीतांजलि जखमोला, दिनेश पंवार, प्रभाकर पैन्यूली, राजेश व्यास, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, चन्द्रकान्ता बैलवाल, बॉबी रांगड, राकेश कनडियाल, राकेश गोड गोकुल रमोला, दिनेश रावत ,बिट्टू त्यागी,गजेन्द्र विक्रम शाही अमन पोखरियाल, रविन्द्र राणा मनोज पवार, नरेश कुमाई, आशा सिह चैहान, बरफ सिह पोखरियाल, दीपक नेगी, सतीश रावत ,युद्ध बहादुर भण्डारी, लक्की पैनयूली, अल्का क्षेत्री, चन्द्कान्त कलूडा मनोज बिष्ट, अम्बर गुरुंग, कमल रावत प्रवीण बिष्ट, रूकम पवार अजय मोहन रागड, फूल सिह बगियाल गब्बर कैंतुरा आदि मौजूद थे।

गढ़ सेवा संस्थान ने जरूरतमंदों में बांटे मास्ट, सेनिटाइजर और औषधि किट


कोविड महामारी के अवसर पर जरूरतमंदों को औषधि उपलब्ध कराने में गढ़ सेवा संस्थान अहम भूमिका निभा रहा है। संस्थान की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह औषधि किट वितरित की जा रही है, इससे संक्रमित लोगों को काफी मदद मिल पा रही है।

गढ़ सेवा संस्थान के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने बताया कि संस्था की ओर से ऋषिकेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क, सैनिटाइजर का वितरण किया जा रहा है। कहा कि कोरोना काल के दौरान स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के सुरक्षा का भी ध्यान रखना है।

कहा कि गढ़ सेवा संस्थान इस कठिन दौर में प्रत्येक व्यक्ति के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा है कि जरूरतमंद लोगों को औषधि की कीट भी दी जा रही है जिससे लोगों को कुछ राहत अवश्य मिल सलेगी।

इस अवसर पर संस्थान के सचिव रविंद्र राणा ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। ऐसे समय में स्वयं की जागरूकता के साथ-साथ अन्य लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि इस कोरोना काल के संक्रमण से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि गढ़ सेवा संस्थान द्वारा लोक संस्कृति के क्षेत्र के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए विभिन्न प्रकार के वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद लाभान्वित हो सके।

इस अवसर पर ताजेंद्र सिंह नेगी, अरुण बडोनी, सुमित पवार, भगवती रतूड़ी, मनोज ध्यानी आदि सामाजिक लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ ने आईडीपीएल ऋषिकेश में 500 बेड के कोविड सेंटर का किया उद्घाटन

कोविड केयर सेंटर में सभी ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा

100 आईसीयू बेड की भी है व्यवस्था

ब्लैक फंगस के मरीजों और बच्चों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आईडीपीएल ऋषिकेश में डीआरडीओ द्वारा स्थापित 500 बेड के अस्थाई कोविड केयर सेंटर (राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एम.वी.सी) का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कोविड केयर सेंटर की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।

आधुनिक सुविधायुक्त इस कोविड केयर सेंटर में सभी बेड ऑक्सीजन युक्त हैं। 100 बेड में आईसीयू की व्यवस्था भी है। इसमें म्यूकरमायोसिस (ब्लैक फंगस) के मरीजों एवं बच्चों के लिए भी अलग से वार्ड बनाये गये हैं। बच्चों के वार्ड में स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी आईसोलेशन एरिया बनाया गया है। मात्र 02 सप्ताह में डीआडीओ द्वारा इसे तैयार किया गया है। इस कोविड केयर सेंटर का क्लीनिकल मैनेजमेंट एम्स ऋषिकेश द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस कोविड केयर सेंटर की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से वृद्धि की गई है। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर आईसीयू एवं ऑक्सीजन बेड की पर्याप्त उपलब्धता है। जल्द ही हल्द्वानी में भी 500 बेड का कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो जायेगा। आई.डी.पी. एल ऋषिकेश में राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एम. वी.सी के नाम से यह कोविड केयर सेंटर बनाया गया। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राइफलमैन जसवंत सिंह रावत ने 1962 भारत-चीन युद्ध में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। इस युद्ध में वे शहीद हो गए थे। पौड़ी के बीरोखाल के बाड्यू पट्टी में जन्मे जसवंत सिंह रावत की वीरता की कहानी आज भी सबको प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, एम्स निदेशक प्रो. रविकान्त, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डिप्टी मेडिकल सुप्रिटेंट एम्स ऋषिकेश डॉ. मधुर उनियाल एवं डीआडीओ के अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम के सात सालः जेपी नड्डा ने दिया भाजपा सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को टास्क

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सात साल पूरे होने पर 30 मई को भाजपा सांसद, विधायक, सभी मोर्चे व अन्य पदाधिकारी देशभर में एक लाख गांवों का भ्रमण कर सेवा कार्य करेंगे। इस दौरान 50 हजार यूनिट रक्त भी एकत्र किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। इस कड़ी में प्रदेश भाजपा ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि प्रत्येक सांसद को दो गांवों का भ्रमण करना होगा। मंत्री किसी गांव को चिह्नित कर वर्चुअल माध्यम से जनता से जुड़ेंगे। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम स्तर पर भी जिम्मेदारी तय होगी। भ्रमण के दौरान गांवों में मास्क, सैनिटाइजर, राशन किट, दवाई, काढ़ा समेत जरूरी सामग्री वितरित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आक्सीमीटर से ग्रामीणों का आक्सीजन लेबल चेक करने के साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट की व्यवस्था कराई जा सकती है। सभी मोर्चो को रक्तदान शिविरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी जगह गांव चिह्नित कर लिए जाएं, ताकि 30 मई को सहूलियत रहे। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में पार्टी ने तैयारियों में जुट गई है।

बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए राज्य में गठित हुई टास्क फोर्स

देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.हेम चंद्र की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स में सेवानिवृत्त व विभिन्न अस्पतालों में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.तृप्ति बहुगुणा ने टास्क फोर्स गठित करने के आदेश जारी किए। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टास्क फोर्स का गठन किया है। जो सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय बनाने, संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए बेड उपलब्ध कराने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति, मानव संसाधन, उपचार की प्रक्रिया को प्राथमिक से माध्यमिक और माध्यमिक से उच्च स्तर पर व्यवस्था करने का काम करेगी।

टास्क फोर्स में इन्हें किया शामिल
टास्क फोर्स में डॉ.हेम चंद्र को अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ.सरोज नैथानी को सचिव सदस्य बनाया गया है। इनके अलावा स्वास्थ्य निदेशक डॉ.एसके गुप्ता, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.डीएस रावत, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ.आलोक सेमवाल व सचिव डॉ.पीएस रावत, एम्स ऋषिकेश के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ.एनके भट्ट, एचआईएचटी के नवजात विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो.गिरीश गुप्ता, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.अश्वनी सूद, दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.अशोक कुमार, एचआईएमएस बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ.अप्ला गुप्ता, महंत इन्दिरेश हास्पिटल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ.उत्कर्ष शर्मा, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रितु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अमित सुयाल, एफआईएपी रुड़की के एमडी डॉ.सुधीर चैधरी, सहोता मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल काशीपुर से डॉ.रवि सहोता, डॉ.रवि अदलखा, ऐरन हास्पिटल रुड़की के डॉ.अशांक ऐरन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश अग्रवाल और विश्व स्वास्थ्य संगठन उत्तराखंड के एसएमओ डॉ.विकास को सदस्य बनाया गया है।

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी बोले, धीरे धीरे नियत्रंण में हो रहे हैं संक्रमण के हालात


पत्रकारों को संबोधित करते हुए सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण की रफ्तार नीचे की ओर आ रही हैं। संक्रमण पर काफी हद तक रोक लग रही है। उन्होंने बताया कि गत दिवस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 2071 मामले आए थे, और 7051 मरीज स्वस्थ हुए। वर्तमान समय में हमारा रिकवरी रेट 81 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब हम पहले से बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने सप्ताह वार भी संक्रमण और नियंत्रण के आंकड़ों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से 3 मई के सप्ताह में औसत पाजिटिव केस 5887 के थे, 4 मई से 10 मई तक औसत 7375, 11 मई से 17 मई को औसत 5887 तथा 18 मई से 24 मई के सप्ताह में औसतन पाजिटिव 3397 केस आए।

उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष के दौरान प्रदेश में कई तैयारियां की गई हैं। कोविड के खिलाफ स्वास्थ्य इंतजामों को और दुरूस्त किया गया है। खासतौर पर आक्सीजन उत्पादन की दिशा में अभूतपूर्व प्रयास प्रदेश सरकार ने किए हैं। प्रदेश में अभी तक 11 आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। नैनीताल, हल्द्वानी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कालेज श्रीनगर, चंद्र मोहन सिंह नेगी बेस अस्पताल कोटद्वार में प्लांट शुरू किए जा चुके हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल रूद्रप्रयाग, मेला अस्पताल हरिद्वार, जिला अस्पताल हरिद्वार, जिला अस्पताल रूद्रपुर, नरेंद्रनगर, जिला अस्पताल चमोली, उत्तरकाशी में आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। सरकार की कोशिश है कि सभी जिला अस्पतालों व उप जिला अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाए जाएं। ताकि निर्वाध रूप से आक्सीजन की सप्लाई हो सके। चंपावत, पिथोरागढ़ व बागेश्वर में भी जल्द प्लांट फंक्शनल हो जायेगा। एक और खास बात यह है कि मुख्यमंत्री जी के अनुरोध पर भारत सरकार ने प्रदेश में आक्सीजन की आपूर्ति लोकल स्तर पर करने की स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा पूर्व आपूर्ति क्षमता को बढ़ाकर 200 मैट्रिक टन कर दिया है। अब 25 मई से प्रदेश को उत्तराखण्ड के प्लांटों से ही आक्सीजन की आपूर्ति होगी। इंडिया ग्लाइकोस काशीपुर से 40 एमटी, लिंडे सेलाकुई से 100 एमटी, ए लिक्विट से 33 एमटी और इसके अलावा अन्य इकाइयों से 27 एमटी आक्सीजन की आपूर्ति होगी। यह प्रदेश के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक टेस्टिंग हो रही है। यह पूरे देश के आंकड़ा दर से अधिक है।

प्रदेश में ब्लैक फंगस को लेकर सचिव डा पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसका कारण यह भी है कि एम्स ऋषिकेश में पंजाब, हरियाणा आदि बाहरी प्रांतों के मरीज भी ब्लैक फंगस का उपचार करा रहे हैं। यहां 100 से अधिक केस हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों को ब्लैक फंगस के उपचार के लिए अधिकृत किया गया है। ताकि दवा व अन्य व्यवस्थाओं का बेहतर प्रबंधन हो सके। कहा कि इस उपचार में एमफोटरिसम बी का अहम रोल रहा है। प्रदेश को कोटे के हिसाब से 170 लाइफोसोमन मिली थी जिसमें 90 का उपयोग किया जा चुका है, और 430 एमफोटरिसम में से 261 का उपयोग किया जा चुका है। प्रदेश में इन इंजेक्शनों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए अन्य संस्थानों को भी आर्डर किया गया है ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के 118 मामले हैं जिसमें से 9 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। और पांच लोग डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। सरकार की कोशिश है हर हाल में इस तरह के संक्रमित लोगों की जान बचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि जिस तरह कहा जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर सिर्फ बच्चों को प्रभावित करेगी तो ऐसा नहीं है। लेकिन इसमें अहम यह है कि 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों में से अधिकांश वैक्सीनेट हो चुके हैं। 18 साल से उपर के लोग भी वैक्सीनेट हो रहे हैं। और 18 साल से कम आयु वर्ग वाले बच्चे अभी वैक्सीनैशन की प्रक्रिया में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडरिंग के अलावा और भी रास्ते तलाशे जा रहे हैं। कोशिश है कि प्रदेश में जल्दी से जल्दी और ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगे।

मानसिक स्वास्थ्य और पोस्ट कोविड मैनेजमेंट के स्टेट नोडल अफसर डीआईजी डॉ नीलेश भरणे ने बताया कि मानसिक अवसाद से गुजर रहे लोगों की मदद के लिए सरकार ने एक हैल्प लाइन 104 जारी किया है। और एक मनु सारथी कार्यक्रम भी चलाया गया है। इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए 109 काउंसलर नियुक्त किए गए हैं। इसमें रोजाना 25 से 50 कॉल्स रोज आ रही हैं। गंभीर मामलों के उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन वेबिनार व सेमिनार के जरिए भी उपचार व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

स्टाफ नर्स किया मृतक रोगी का मोबाइल चोरी, पुरूष मित्र के साथ अरेस्ट

देहरादून के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स की करतूत ने सभी को चैका दिया। दरअसल एक मृतक रोगी का महंगा मोबाइल स्टाफ नर्स ने अपने मित्र की मदद से चोरी कर लिया। पुलिस जब पीड़ित की तहरीर पर छानबीन शुरू की तो दोनों आरोपी पकड़ में आए।

शिकायतकर्ता अमनदीप गिल पुत्र स्व. अवतार सिंह गिल निवासी 156-फेज-02, बसन्त विहार देहरादून ने बताया कि बीते 21 अप्रैल को उनके पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हे मैक्स अस्पताल, देहरादून में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उनकी आठ मई को मृत्यु हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में ही उनके पिता का महंगा मोबाइल फोन चोरी हो गया। बताया कि उक्त फोन में बहुत ही जरूरी और कान्फिडैशियल डाटा है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर छानबीन शुरू की। मालूम चला की अन्य रोगियों के साथ भी चोरी की वारदातें हुईं है। यही नहीं, कोविड महामारी के दौरान जीवन रक्षक दवायें व रेमीडिसीवर इंजेक्शन भी चोरी करके बाहर भेजे जाने की घटना का उल्लेख भी नर्सिंग स्टाफ द्वारा हुआ। पुलिस ने मोबाइल पर चल रहे दो नंबरों के आधार पर मोबाइल को प्राप्त किया।

सीओ डालनवाला जूही मनराल ने आरोपी की पहचान रूकइया पुत्री मोबिन निवासी संस्कृति लोक काँलोनी, ब्राहमणवाला, थाना पटेलनगर, देहरादून के रूप में कराई। बताया कि आरोपी स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है और उसके साथी पुरूष मित्र सलमान अहमद पुत्र खुशनुद निवासी नगीना, मोहम्मदपुर त्रिलोक, बिजनौर यूपी हाल निवासी चुक्खुवाला मोहल्ला थाना कोतवाली नगर, देहरादून के रूप में कराई।

डीजीपी अशोक कुमार ने सीएम राहत कोष में दिया 85 लाख 95 हजार का चेक

कोविड-19 के दृष्टिगत डीजीपी अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 85 लाख 95 हजार 350 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।

उत्तराखंड पुलिस के कार्मिकों द्वारा स्वेच्छा से अपने 01 दिन के वेतन से दी गई धनराशि का यह चेक सचिवालय में डीजीपी ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को सौंपा। इस अवसर एडीजी, पीएसी पीवीके प्रसाद, एडीजी प्रशासन अभिनव कुमार एवं आईजी कार्मिक पुष्पक ज्योति आदि मौजूद थे।

छिद्दरवाला में टोल प्लाजा बनाने को लेकर उठे विरोध के सुर, अब तक यह जनप्रतिनिधि उठा चुके हैं आवाज


छिद्दरवाला में बनने जा रहे टोल प्लाजा का विरोध अब तेज हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसके विरोध में आवाज उठाई है यहां टोल प्लाजा को सही नहीं बताया है।

आज कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला छिद्दरवाला पहुंचे। यहां प्रदेश महासचिव ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। एनएच के अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि यह केंद्र सरकार के नियमों के तहत कार्य किया जा रहा है। प्रदेश महासचिव ने कहा कि एक तरफ ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के लोग लच्छीवाला में बने टोल प्लाजा से परेशान हैं। अब वही केंद्र सरकार एक और टैक्स ऋषिकेश विधानसभा वासियों के ऊपर लगाने जा रही है। कहा कि लच्छीवाला टोल प्लाजा बनने के बाद श्यामपुर, रायवाला, छिद्दरवाला, हरिपुरकलां में रहने वाले तमाम लोगों को रोजमर्रा के काम से जाने पर भी टोल प्लाजा में पैसे देने पड़ेंगे। कहा यह अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है एक तरफ कोरोना की महामारी से लोगों की कमर टूटी हुई है दूसरी तरफ इस तरह के जजिया कर लगाना शायद इस सरकार की आदत बन गई है।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि छिद्दरवाला टोल प्लाजा को अभिलंब स्थगित न करने पर कांग्रेस पार्टी इसके लिए आंदोलन करने पर बाध्य होगी। इस दौरान साहब नगर प्रधान ध्यान सिंह असवाल सहित सभी पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बर्दाश्त नहीं किया जा जाएगा छिद्दरवाला में टोल प्लाजाः जयेंद्र रमोला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा के अन्तर्गत नेपाली फार्म के नजदीक हाइवे प्राधिकरण द्वारा टोल प्लाजा बनाने की तैयारी चल रही है। जो कि सही नहीं है जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। कहा कि सरकार लगातार जन विरोधी निर्णय लेकर आम जन को हर रूप से तोड़ने का काम कर रही है। पहले ही सरकार द्वारा बिजली, पैट्रोल, डीजल, रसोई तेल, सिलेंडर सहित कई रोजमर्रा की चीजों के दामों में वृद्धि कर दी है और जहां पूर्व में डोइवाला में टोल प्लाजा लगाकर वसूली की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ किलोमीटर में ही फिर से टोल प्लाजा लगवाने की तैयारी सरकार ने कर ली है जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर सरकार इसको रोकने काम नहीं करेगी तो हमें मजबूरन सड़कों पर बैठकर व उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि जल्द ही इसमें रणनीति तय कर आंदोलन शुरू किया जायेगा।

जिपंस संजीव चौहान ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे टोल प्लाजा का प्रस्ताव निवेश करने को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान द्वारा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को एक पत्र लिखा गया। पत्र में केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया है कि हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेपाली फार्म के पास बन रहे टोल प्लाजा से स्थानीय लोगों को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ेगा। साथ ही अवगत कराया कि उक्त स्थान पर टोल प्लाजा बनने से कई ग्राम सभाओं का संपर्क टोल टैक्स देकर साधना पड़ेगा। आबादी भरे क्षेत्र में टोल प्लाजा बनने से स्कूली छात्र – छात्राओं, बीमार व्यक्ति एवं नौकरी के लिए लालतप्पड इंडस्ट्रियल एरिया में जाने वाले लोगों को टोल टैक्स देकर रोजी-रोटी का साधन जुटाना पड़ेगा।

जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान ने पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से निवेदन किया है और उम्मीद जताई है कि टोल प्लाजा उक्त स्थान पर नहीं बनाया जाएगा।