राज्य सरकार गैरसैंण के विकास के लिए संकल्पबद्ध-धामी

75वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, रूद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, विधायक महेश नेगी, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर गैरसैण की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस एवं आजादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना अमूल्य बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य आज युवा अवस्था में है। सरकार विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढाते हुए उत्तराखंड राज्य को पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विकास कार्याे को लेकर सरकार ने जो घोषणाएं की है उनको पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम के लिए भी मास्टर प्लान लगभग तैयार हो चुका है। मास्टर प्लान के तहत बद्रीनाथ के विकास कार्याे के लिए लोक निर्माण विभाग का अलग से एक डिवीजन यहां पर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार देने वाले बने इसके लिए स्वरोजगार योजनाएं शुरू की गई है और स्वरोजगार के लिए एक ही छतरी के नीचे सभी सुविधाएं युवाओं को मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा सरकार द्वारा विभागों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का काम भी किया जा रहा है। कोविड के चलते सरकारी नौकरी के लिए युवाओं को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पयर्टन, परिवहन, राफ्टिंग व्यवसाय को उभारने के लिए इन व्यवसायों से जुड़े लगभग 1.64 लाख लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में डीबीटी के माध्यम से 200 करोड़ जारी किए गए है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने 205 करोड़ का पैकेज दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों के आश्रितों को भी रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले चार महीनों में पूरे राज्य में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन करना है। इसके अलावा तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना वारियर्स को प्रशस्ति पत्र तथा विगत स्वतंत्रता दिवस में विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देने स्कूली बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आन-बान और शान से देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले शहीदों को नमन किया। विधानसभा परिसर में स्वतंत्रता दिवस पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक छात्रा को दो-दो हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एसडीएम कौशतुभ मिश्रा आदि सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

लखेड़ा, गौचर और गैरसैण में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की मांग को लेकर सीएम से मिले

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंटकर गौचर और गैरसैण (जनपद चमोली) के अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती के संबंध में मुलाकात की। मुख्यमंत्री धामी ने चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु सचिव स्वास्थ्य को निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैण एवं उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर अस्पतालों पर बहुत बड़ी आबादी के उपचार की जिम्मेदारी है उसके अनुरूप अस्पतालों की उपचार क्षमता नहीं है। गौचर अस्पताल में तो मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। गैरसैण और कर्णप्रयाग विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों के यह निकटतम केंद्र हैं। चिकित्सक न होने से नागरिकों को उपचार के लिए अन्यत्र शहरों में जाना पड़ता है जो कि बहुत खर्चीला और असुविधाजनक है।अस्पतालों के मानकों के अनुसार दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन दोनों केंद्रों में शीघ्र ही चिकित्सकों की तैनाती की जायेगी ताकि नगर क्षेत्र के अतिरिक्त आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत सुविधा होगी विशेषकर गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। लखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली और अनुभव उनके कामकाज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वह प्रमाणिक रुप से कार्य करने वाले मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश के हर क्षेत्र में उनके द्वारा विकास कार्यों की निगरानी और समयबद्धता प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।

विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के खुले कपाट, अखंड ज्योति के हुए दर्शन


श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को वैदिक मंत्रोचार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से आज मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिये गये है। ग्रीष्म काल में निरंतर भगवान बदरीविशाल की पूजा- अर्चना होगी।

मंदिर तथा मंदिर मार्ग को श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति द्वारा लगभग 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था‌। प्रातः तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से अंदर पहुंचे। ठीक प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले इस अवसर पर कुछ ही लोग अखंड ज्योति के गवाह बने। रावल द्वारा गर्भगृह में प्रवेशकर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया तत्पश्चात भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गये। डिमरी पंचायत प्रतिधियों द्वारा भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु राजमहल नरेन्द्र नगर से लाये गये तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह में समर्पित किया।

इसके साथ ही भगवान को माणा गांव के महिला मंडल द्वारा शीतकाल में कपाट बंद करते समय औढाया गया घृतरू कंबल उतारा गया तथा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। भगवान के निर्वाण दर्शन के बाद अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी भीतरी वडुवा, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा सभी के आरोग्यता की कामना की। कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई कहा कि कोरोना की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुनः शुरू होगी।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर बधाई दी है कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने हेतु शासन के स्तर पर प्रयास जारी है। कई संस्थाये इसके लिए आगे आ रही है।

गढ़वाल आयुक्त व उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि श्री बदरीनाध धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई। कहा अभी यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं है लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, डिमरी पंचायत पदाधिकारी आशुतोष डिमरी, विनोद डिमरी, तहसील दार चंद्रशेखर वरिष्ठ पुलिस जिला प्रशासन आईटीबीपी, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा मंदिर परिसर,बस टर्मिनल तथा स्वागत कार्यालय, आवासों में पर्याप्त सेनिटाईजेशन किया है, कपाट खुलने के दौरान कोविड बचाव मानकों का पालन हुआ मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग हो रहा है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर, माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गये है जबकि चारधामों में से श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई, श्री गंगोत्री धाम के 15 मई, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को खुल चुके है। तृतीय केदार तुंगनाथ जी एवं चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट भी 17 मई को खुल गये है। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं जबकि श्री हेमकुंड गुरूद्वारा साहिब तथा लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी तय नहीं है।

कल खुलने जा रहे बदरी विशाल के कपाट, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनायें

आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव, कुबेर रावल ईश्वरीय प्रसाद नंबूदरी एवं श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश गाडू घड़ा सहित श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।

कल ब्रह्म मुहुर्त 4 बजकर 15 मिनट में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस अवसर हेतु श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ने श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें देते हुए घर से ही पूजा अर्चना करने का आग्रह किया है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तैयारिया पूर्ण कर दी गयी है। आदिगुरू शंकराचार्य की जयंती पर आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में सादगी पूर्वक आदि गुरू शंकराचार्य का स्मरण किया गया। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने आदि गुरू शंकराचार्य महाराज की वैदिक परंपराओं को अक्षुण बनाये रखने का आवह्वान किया।
इस अवसर पर उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, डिम्मर उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया सुमना हादसा इलाके का हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ के सुमना में ग्लेशियर टूटने वाले क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण व सेना के अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चमोली में मीडियाकर्मियों से बातचीत भी की।

बताया कि सुमना में जहां पर ग्लेशियर टूटा वहां पर बीआरओ के लगभग 400 मजदूर काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से कुल 391 लोग सेना व आईटीबीपी के कैम्पों तक पहुँच गए हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हादसे में छह मजदूरों के मारे जाने की जानकारी मिली है जबकि 4 लोग घायल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौके पर सेना, आईटीबीपी की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। एसडीआरएफ वहां पर आगे बढ़ी है और एनडीआरएफ की कुछ टीमें भी आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन भी शुक्रवार से ही पूरी मुस्तैदी से राहत-बचाव में जुट है। गाजियाबाद में भी एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

19 निरीक्षकों के हुए तबादले, 10 पहाड़ चढ़े तो 09 उतरे मैदान

पुलिस विभाग से बड़ी खबर है, 19 निरीक्षकों के तबादले किए गए है, जिनमें 10 को पहाड़ चढ़ाया गया है तो 09 को मैदान उतारा गया है। आज डीआइजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग ने तबादलों की सूची जारी की है।

शहर कोतवाल शिशुपाल नेगी का ट्रांसफर टिहरी गढ़वाल, डोईवाला कोतवाली में तैनात निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी को टिहरी गढ़वाल, डालनवाला कोतवाली के निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव को पौड़ी गढ़वाल, एसएसपी आफिस में तैनात निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी को चमोली, नेहरू कॉलोनी में तैनात राकेश गुसांई को चमोली, विकासनगर में तैनात निरीक्षक राजीव रौथाण को उत्तरकाशी, एसएसपी कार्यालय में तैनात निरीक्षक भावना कैंथोला व नदीम अतहर को टिहरी गढ़वाल व हरिद्वार जिले में कनखल थाने में तैनात निरीक्षक कमल कुमार लुंठी को उत्तरकाशी और रानीपुर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव का ट्रांसफर पौड़ी गढ़वाल किया गया है।

वहीं, उत्तरकाशी में तैनात निरीक्षक दिग्पाल सिंह कोहली, टिहरी गढ़वाल में तैनात रविंदर कुमार, चमोली थाने में तैनात गिरीश चंद्र शर्मा व महेश कुमार लखेड़ा, रुद्रप्रयाग थाने में तैनात निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली, पौड़ी गढ़वाल में तैनात संर्पूणानंद गैरोला को जिला देहरादून और टिहरी गढ़वाल में तैनात निरीक्षक रामकिशोर सकलानी व मनीष उपाध्याय, पौड़ी गढ़वाल में तैनात प्रमोद कुमार उनियाल को हरिद्वार जिले में भेजा गया है।

सीमा सड़क संगठन ने रिकाॅर्ड समय में रैणी गांव में तैयार किया सेतु

सात फरवरी को ऋषिकेश गंगा में बर्फीली झील के फटने से आई बाढ़ के क्षतिग्रस्त हुए सेतु के स्थान पर सीमा सड़क संगठन द्वारा मात्र 8 दिनों में 5 मार्च 2020 को पुनः एक नया सेतु बना कर यातायात बहाल कर दिया है।

जोशीमठ मलारी राजमार्ग पर रैणी गांव में नीति सीमा को जोड़ने वाला 90 मीटर लंबा एकमात्र स्थाई सेतु तेज बहाव में बह गया था और यह रास्ता यातायात हेतु बंद कर दिया गया था। सेतू बन जाने से ग्राम वासियों ने खूशी का इजहार किया।

इसी स्थान पर गंगा नदी पर बिजली प्लांट पूर्ण रूप से ध्वस्त होने के साथ-साथ 200 से भी अधिक जान माल का नुकसान हुआ था। सीमा सड़क संगठन अपने सिद्धांत-‘श्रमेण सर्वम् साध्यम’ पर खरा उतरते हुए तुरंत हरकत में आया और इस आपदा से निपटने के लिए आशु सिंह राठौर एवीएसएम-वीएसएम, चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू किए।

सीमा सड़क संगठन ने तुरंत 100 से अधिक संयंत्र उपकरणों/ वाहनों को कार्य पर लगा दिया। जिसमें 15 भारी उपकरण मशीनें जैसे की हाइड्रोलिकएक्सकैवेटर, डोजर, जेसीबी, लोडर, कंप्रेसर, शामिल थे। नदी के किनारे पर स्थित ठोस चट्टानों को काटने हेतु एक चट्टान काटने वाली मशीन को भी हेलीकाप्टर के द्वारा पहुंचाया गया।

क्षेत्र के पूर्ण रूप से 20 से 30 मीटर ऊंचे मलबे में जाने और नदी के किनारों के लुप्त हो जाने के कारण नए सेतु के एबेटमेंट निर्माण हेतु स्थान और उस तक पहुंचने वाली सड़क का स्थान ढूंढना एक भीमकाय कार्य था।

एक आस्था प्रारंभिक रेकी एवं मलबे को हटाने के उपरांत दिनांक 10 फरवरी को वैली सेतु के निर्माण हेतु उचित स्थान ढूंढ लिया और दिनांक 20 मार्च तक ट्रैफिक को सुचारू करने के लक्ष्य के साथ 200 फुट लंबे सेतु के लिए एबेटमेंट का निर्माण प्रारंभ किया।

वैली सेतु की स्थापना हेतु एबेटमेंट के निर्माण एवं सड़क की कटिंग के उपरांत सेतु की स्थापना का कार्य दिनांक 25 फरवरी 2021 को आरंभ किया गया।

सीमा सड़क संगठन ने संपर्क को पुनः स्थापित करने हेतु जाड़े के मौसम एवं अन्य सभी विपरीत परिस्थितियों की परवाह न करते हुए बिना विश्राम किए अथक कार्य किया और निर्धारित तिथि से बहुत पहले दिनांक 5 मार्च को ही इस सेतु का निर्माण पूर्ण करके यातायात को बहाल कर दिया।

सीमा सड़क संगठन सदैव चुनौतियों पर खरा उतरा है, एवं देश को दक्ष एवं उपयुक्त सेवा प्रदान करता आया है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चैधरी, बीएसएम, सड़क संगठन के महानिदेशक एवं आशु सिंह राठौड़ एवीएसएम-वीएसएम, चीफ इंजीनियर ने इस महत्वपूर्ण एवं अत्यंत आवश्यक संपर्कता को पुनः स्थापित करने हेतु इस कार्य में लगे सभी अधिकारियों एवं श्रमिकों की सराहना की है।

सीएम त्रिवेंद्र ने भराड़ीसैण में पुलिस की लाठी चार्ज की घटना पर दिए मजिस्ट्री जांच के आदेश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि जनपद चमोली में गैरसैंण के समीप दिवालीखाल में घाट विकासखण्ड के लोगों द्वारा सड़क चैड़ीकरण को लेकर किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों व पुलिस प्रशासन के बीच घटित घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिये गये हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी है उसका भी संज्ञान लिया जायेगा और यदि कोई निर्दोष है, तो उस पर कोई कारवाई नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ब्लाक मुख्यालयों पर जिन पर ट्रैफिक कम है, उनको डेढ़ लेन से जोड़ने एवं अधिक ट्रैफिक वाले जनपदों को डबल लेन से जोड़ने की घोषणा पिछले माह अल्मोड़ा में की गई थी। चमोली जनपद भ्रमण के दौरान भी यह बात कही गई थी। लेकिन कुछ लोग अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं एवं भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं।

रणनीति बनाकर आपदा की रिपोर्ट देगी संयुक्त कमेटी

जोशीमठ, चमोली के ऋषिगंगा और धौलीगंगा में आयी आकस्मिक बाढ़ एवं आपदा के सम्बन्ध में सदस्य राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (एन.डी.एम.ए.) सैय्यद अता हसनेन व राजेन्द्र सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में देशभर के महत्वपूर्ण तकनीकी और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त बैठक आयोजित की गयी।

सभी वैज्ञानिकों ने जनपद चमोली में आई प्राकृतिक आपदा तथा उत्तराखण्ड में आने वाली अन्य आपदाओं से बेहतर तरीके से निपटने की रणनीति और विभिन्न संस्थानों के बेहतर समन्वय से विकास और पर्यावरण के मध्य संतुलन स्थापित करने के सम्बन्ध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया तथा महत्वपूर्ण सुझाव आदान-प्रदान किये गये।

विचार-विमर्श में तय किया गया कि विभिन्न संस्थानों की एक संयुक्त कमेटी बनायी जाय जो हिमालय में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम और पर्यावरण के संरक्षण के सम्बन्ध में गहन अध्ययन करते हुए उत्तराखण्ड सरकार को अपनी रिपोट प्रस्तुत करेंगे साथ ही प्राकृतिक आपदा के निपटने के लिए उत्तराखण्ड सरकार को हर तरह की तकनीकि व अन्य प्रकार की मदद प्रदान की जायेगी।

इस दौरान मुख्य सचिव उत्तराखण्ड ओम प्रकाश ने राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण और बैठक से जुड़े संस्थानों को अवगत कराया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में बनी प्राकृतिक झील को तुड़वाने के लिए लगातार संतुलित तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र (यूसैक) के निदेशक डॉ. एम.पी. बिष्ट की रिपोर्ट का हवाला दते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व प्राकृतिक झील से केवल एक ओर से पानी की निकासी हो रही थी किन्तु सैटेलाइट के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तीन ओर से झील से पानी के निकासी हो रही है जिससे किसी भी प्रकार के संकट की कोई संभावना नहीं है।

मुख्य सचिव ने इस दौरान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, राज्य आपदा मोचन बल (एस.डी.आर.एफ.), आई.टी.बी.पी. और युसैक के निदेशक को संयुक्त रूप से झील वाले क्षेत्र की रेकी करते हुए उनको रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अतिरिक्त सचिव भारत सरकार डॉ. वी. त्रिपुगा, संयुक्त सचिव रमेश कुमार दन्ता सहित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आई.एम.डी), वाडिया भूविज्ञान संस्थान, आई.आई.टी. रूड़की, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एन.आई.एच.), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान, रक्षा भू-भाग अनुसंधान प्रयोगशाला (डी.टी.आर.एल.), एन.टी.पी.सी. आदि विभाग और संस्थान बैठक से जुड़े हुए थे।

टनल से 12 शव बरामद, जारी है रेस्क्यू अभियान

जनपद के तपोवन आपदा प्रभावित क्षेत्र में आज भी राहत एवं रेस्क्यू कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। रविवार को अलग अलग स्थानों से 12 लोगों के शव बरामद किए गए। तपोवन टनल में 5 शव तथा रैणी क्षेत्र में 7 शव बरामद किए गए। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया निरंतर स्थलीय निरीक्षण कर सर्च आप्रेशन का जायजा ले रही है।

उन्होंने रैणी एवं तपोवन टनल में युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में लापता लोगों के शव बरामद होने पर टीम को इसी तरह कार्य में तेजी लाने को कहा।

प्रात काल के समय टनल में शव बरामद होने की सूचना पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान ने संबंधित अधिकारी के साथ टनल के भीतर रेस्क्यू कार्य का जायजा लिया तथा बरामद शवो को पहचान एवं पोस्टमार्टम के लिए भेजने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी रैणी पहुंचे जहां उन्होंने रेस्क्यू कार्य का जायजा लिया।

तपोवन बैराज परिसर में दोनों और पोकलैंड, जेसीबी मशीनें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं।

जबकि बाढ़ प्रभावित नदी किनारे में जिला प्रशासन के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम द्वारा खोजबीन कार्य गतिमान है।

जिलाधिकारी ने कहा रैणी क्षेत्र में जिला प्रशासन नेतृत्व मे एनडीआरएफ की टीम लगाकर मलवे में लापता लोगों की तलाश करायी जा रही है।

रविवार को मिले शवों की शिनाख्त इस प्रकार है। आलम सिंह पुत्र सुन्दर सिह, निवासी टिहरी गढवाल, अनिल पुत्र भगत निवासी कालसी देहरादून, जीतेंद्र कुमार पुत्र देशराज निवासी जम्बू कश्मीर, शेष नाथ पुत्र जय राम निवासी फरीदाबाद, जितेंद्र धनाई पुत्र मतवार सिंह निवासी टिहरी, सूरज ठाकुर पुत्र श्रीनिवास रामपुर कुशीनगर, जुगल किशोर पुत्र राम कुमार निवासी पंजाब, राकेश कपूर पुत्र रोहन राम निवासी हिमाचल प्रदेश, हरपाल सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चमोली, वेद प्रकाश पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गोरखपुर, धनुर्धारी पुत्र राम ललित सिंह निवासी गोरखपुर के रहने वाले थे।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि आपदा मे लापता 206 लोगों मे से अभी तक 50 लोगों के शव विभिन्न स्थानों से बरामद हुए है। साथ ही दो लोग पहले जिन्दा मिले थे। अब 154 लोग लापता चल रहे है जिनकी तलाश जारी है।

रविवार को जिले में 2 पूर्ण शव और 4 मानव अंगों का नियमानुसार 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया गया।

वही दूसरी ओर जिला प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राशन किट, मेडिकल एंव अन्य रोजमर्रा की जरूरतों की आपूर्ति करने में दिनरात जुटा है। प्रभावित गांवों में हालात सामान्य होने लगे है।

तपोवन में ट्राली से आवाजाही सुचारू ढंग से चल रही है। जुगजू में भी लोनिवि द्वारा ट्राली लगाने का काम जारी है।

रैणी पल्ली मे भी ब्रिज निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।
यहां पर क्षत्रिग्रस्त पेयजल लाईन को अस्थायी तौर पर ठीक किया गया है।

मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
अब तक 998 मरीजों का उपचार किया गया।

हैली से इधर उधर फंसे 445 लोगों को उनके गतंव्य तक भेजा गया।

प्रभावित परिवारों में अब तक 515 राशन किट बांटे जा चुके हैं। जबकि 36 सोलर लाइट उपलब्ध कराई गई। पशुपालन विभाग द्वारा रैणी में 25 फीड ब्लाक बांटे गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में 8 मृतकों के परिजनों तथा चार घायलों को सहायता राशि और एक परिवार को गृह अनुदान राशि दी गई।
वहीं जिला प्रशासन के अधिकारीध् कर्मचारी द्वारा प्रभावित गाव में पहुंच कर उनकी कुशलक्षेम पूछी गई।

तपोवन घटना स्थल पर गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, डीआईजी आईटीबीपी अपर्णा सिंह, डीआईजी पुलिस नीरू गर्ग, एनडीआरएफ के कमांडर पी के. तिवारी, एसडीआरएफ के कमांडर नवनीत भुल्लर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।