गैरसैंण में सीएम ने दी कार्मिक आवास निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में कर्मचारी-अधिकारियों के आवासीय व्यवस्थाओं को विकसित करने के लिए 4.59 करोड़ की स्वीकृति दे दी है। इसके लिए ब्रिडकुल को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। पहले साल में स्वीकृत राशि के सापेक्ष करीब 40 फीसदी यानि 1.83 करोड़ की राशि जारी करने पर सहमति दे दी है।

गैरसैंण विकास परिषद के लिए 1.50 करोड़ जारीः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आवास विभाग के तहत गैरसैंण विकास परिषद के तहत विभिन्न विकास कार्यों के निर्माण के लिए 3 करोड़ के प्राविधान के सापेक्ष 1.50 करोड़ अवमुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

मुनिकीरेती स्कूल का नाम परिवर्तनः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिहरी गढ़वाल जिले के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक स्कूल मुनि की रेती का नाम परिवर्तित कर स्वामी शिवानंद मेमोरियल राजकीय प्राथमिक स्कूल करने की सहमति दी है।

एडुसैट प्रोजेक्ट के लिए 6 पदों के सृजन पर सहमतिः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर वित्त मंत्री एडुसैट परियोजना के लिए 10 पदों के प्रस्ताव में से 6 पदों के सृजन करने पर सहमति दे दी है।

धरासू थाने में आवासीय भवनों के निर्माण पर सहमतिः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी में पुलिस थाना धरासू में टाइप दो के 4 और टाईप तीन के दो आवासीय भवनों के निर्माण पर सहमति दे दी है।

इंडिया रिजर्व वाहिनी का प्रशासकीय भवन बनेगाः मुख्यमंत्री ने इंडिया रिजर्व वाहिनी द्वतीय के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत धनराशि में से अवशेष धनराशि 2.73 करोड़ जारी करने की मंजूरी दे दी है।

जिला योजना में स्वीकृतिः जिला योजना के लिए प्राविधानित धनराशि 665.50 करोड़ के सापेक्ष 550 करोड़ जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के प्रस्ताव पर 50 करोड़ की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर रखे जाने पर सहमति दी है।

स्वतंत्रता सेनानी की पौत्री को विवाह के लिए मिलेगा अनुदानः स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पौत्री-नातिन को विवाह के लिए अनुदान दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है। रुद्रप्रयाग, पौड़ी और यूएसनगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पौत्री-नातिन के विवाह के लिए प्रत्येक को 50 हजार रुपए (कुल 1.50 लाख रुपए) निर्गत की जाएगी।

आर्या और गैरोला को राष्ट्रपति सुधार सेवा पदकः गणतंत्र दिवस के सुअवसर पर कारागार कर्मियों को दिए जाने वाले राष्ट्रपति सुधार सेवा पदक के लिए मुख्यमंत्री ने कारागार अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार आर्या और चीफ फार्मासिस्ट कारागार हरिद्वार राकेश चंद्र गैरोला को नामांकित किए जाने पर सहमति दी है।

देहरादून नगर निगम वार्ड 99 व 68 में पाइप लाइन बिछेगीः मुख्यमंत्री ने डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत सीएम घोषणा के क्रम में देहरादून नगर निगम के वार्ड संख्या 99 व 68 के विभिन्न मोहल्लों में पाईप लाइन बिछाने का कार्य करने के लिए वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार 1.98 करोड़ की स्वीकृति के सापेक्ष 1 करोड़ की राशि जारी करने पर सहमति दी है।

घनसाली नगर पंचायत का भवन बनेगाः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार घनसाली नगर पंचायत भवन के निर्माण के लिए 1.19 करोड़ की स्वीकृति दी है।

नगर पंचायत लोहाघाट में शिव मंदिर पार्क का निर्माण होगाः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नगर पंचायत लोहाघाट के तहत शिव मंदिर पार्क के निर्माण के लिए 44.60 लाख की स्वीकृति के सापेक्ष 40 फीसदी राशि यानि 17.84 लाख की राशि अवमुक्त करने पर सहमति दी है।

चार नगर पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की स्वीकृतिः मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत द्वाराहाट में परियोजना के लिए 84.12 लाख की प्रशासकीय व वित्तीय सवीकृति के साथ ही केंद्रांश की पहली किश्त 16.23 लाख अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री के रूप में स्वीकृत दे दी है। लंबगांव नगर पंचायत की परियोजना के लिए 92.46 लाख की वित्तीय व प्रशासकीय स्वीकृति के साथ केंद्रांश की पहली किश्त 16.18 लाख जारी करने की सहमति दी है। नंदप्रयाग नगर पंचायत के लिए 94.14 लाख की स्वीकृति के साथ 16.47 लाख की राशि जारी करने पर सहमति दी है। नगर पंचायत गजा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए 85.31 लाख की स्वीकृति के साथ केंद्रांश की पहली किश्त 14.92 लाख की राशि जारी करने का अनुमोदन किया गया है।

श्री बदरीधाम में जियोटैगिंगः मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर श्री बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान को जियोटैगिंग व टापोग्राफिकल सर्वेक्षण कार्य के लिए 24.46 लाख की स्वीकृति दी है। साथ ही इतनी ही राशि जारी करने पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है।

चाय विकास बोर्ड का मुख्यालय ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बनेगा, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री आवास में चाय विकास बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिए कि चाय विकास बोर्ड का मुख्यालय ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्थापित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को इसके लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसानों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु राज्य में 04 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित की जाएं। साथ ही, चाय बागानों से उत्पादित हरी पत्तियों के न्यूनतम विक्रय मूल्य को निर्धारित करने हेतु एक समिति भी गठित की जाए। यह समिति प्रत्येक वर्ष हेतु न्यूनतम विक्रय मूल्य निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम विक्रय मूल्य फार्मगेट मूल्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टी-गार्डन विकसित करने में चाय विशेषज्ञ अवश्य रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय विकास बोर्ड द्वारा टी-गार्डन विकसित कर काश्तकारों को सौंप दिया जाए। इसके लिए अगले एक माह में एक व्यवहारिक मॉडल तैयार करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। इस मॉडल को तैयार करने में काश्तकारों के सुझावों को भी शामिल किया जाना चाहिए। टी-गार्डन विकसित कर काश्तकारों को दिए जाने के बाद उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता भी उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जो निजी चाय फैक्ट्रियाँ किसी भी कारण से बंद हैं, उन्हें चलाने हेतु प्रयास किए जाएं। यदि निजी फैक्ट्रियों के मालिक इन्हें चलाने में सक्षम नहीं हैं तो, बोर्ड द्वारा इन्हें चलाए जाने हेतु प्रयास किए जा जाएं। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उन्हें आजीविका का साधन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय विकास बोर्ड की बैठक, वर्ष में 04 बार आयोजित की जाए। इससे बोर्ड और किसानों की समस्याओं से अवगत होने के अधिक अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में टी-गार्डन, पर्यटन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टी-टूरिज्म पर भी फोकस करने के निर्देश दिए।

बोर्ड बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड द्वारा वर्तमान तक विभिन्न स्थानों कुल 1387 हैक्टेयर क्षेत्रफल पर चाय प्लान्टेशन किया जा चुका है। उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड द्वारा वर्तमान में उत्तराखण्ड के 09 पर्वतीय जनपदों (बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी) के 28 विकास खण्डों में स्वयं संचालित योजना, स्पेशल कम्पोनन्ट प्लान, मनरेगा के अन्तर्गत चाय विकास कार्यक्रम संचालित कर 1387 हैक्टेयर भूमि में 3,882 काश्तकारध्राजकीयध्गैर राजकीय भूमि को लीज पर लेकर सफलतापूर्वक चाय प्लान्टेशन किया जा चुका है। जिसमें अनुमानित 4,000 श्रमिक कार्यनियोजित किये गये हैं जिसमें 70 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी हैं।

वर्तमान में बोर्ड द्वारा निर्मित की जा रही चाय को उत्तराखण्ड टी ब्राण्ड नेम से रजिस्स्ट करते हुए बिक्री किया जा रहा है। वर्तमान में बोर्ड द्वारा जैविक-अजैविक आर्थोडोक्स ब्लैक व ग्रीन टी तैयार कर, स्थानीय स्तर पर स्वयं के शो-रूम, दुकानदारों य पोस्टल सेवा एवं कोलकाता ऑक्सन हाउस के माध्यम से बिक्री की जा रही है, चाय की बिक्री बढ़ाने व अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हेतु शासन स्तर से शासकीय कैन्टीनों, व अन्य संस्थानों को चाय की मांग बोर्ड को उपलब्ध कराने हेतु आदेश निर्गत किये जा चुके है।

इस अवसर पर उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष चाय विकास बोर्ड गोविन्द सिंह पिल्खवाल, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन एवं सचिव उद्यान हरबंस सिंह चुघ आदि उपस्थित थे।

30 वर्षीय व्यक्ति की एम्स ऋषिकेश में सफल आरएसओवी सर्जरी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने दिल में छेद, आरएसओवी एवं काॅर्डियक वाॅल्व में रिसाव के कारण सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई का सामना कर रहे एक 30 वर्षीय व्यक्ति की सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया गया है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है,जिसे जल्दी ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने मरीज की सफलतापूर्वक जटिल सर्जरी करने वाली टीम की प्रशंसा की है।

चमोली जनपद के जोशीमठ निवासी एक 30 वर्षीय व्यक्ति पिछले कई वर्षों से दिल में छेद की समस्या से ग्रसित था। दिल में छेद होने के कारण उसके काॅर्डियक वाॅल्व में रिसाव भी शुरू हो गया, जिससे उसका हार्ट सही ढंग से कार्य नहीं कर पा रहा था। इस पैदायशी समस्या के कारण उम्र बढ़ने के साथ साथ उक्त व्यक्ति की परेशानी भी लगातार बढ़ने लगी थी। जन्मजात दिल में छेद की वजह से उसे सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई होने लगी थी,लिहाजा उसने समस्या से निजात पाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न छोटे-बड़े अस्पतालों में अपना उपचार कराया, मगर मरीज स्वस्थ होने के बजाए और अधिक गंभीर स्थिति में आ गया। थकहारकर उक्त मरीज ने इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश की ओर रुख किया। जहां सघन परीक्षण के बाद एम्स के काॅर्डियोलाॅजी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पाया कि उसके दिल में छेद है, जिससे उस स्थान पर दिल के वाॅल्व से रिसाव हो रहा है। इस छेद के कारण मरीज के दिल की बड़ी धमनी का एक हिस्सा भी फट गया था, जिसे रप्चर्ड साइनस ऑफ वॉलसाल्वा (आरएसओवी) कहते हैं। यह स्थिति मरीज के जीवन के लिए बड़ा गंभीर स्तर का था। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार हालांकि उक्त व्यक्ति के दिल में छेद की समस्या जन्मजात थी, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिले के कारण मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच गया था। जिसके चलते सांस लेने में कठिनाई और धड़कन तेज चलने के कारण वह कोई भी काम नहीं कर पा रहा था।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने इस व्यक्ति के दिल का ऑपरेशन कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि एम्स में मरीजों को अत्याधुनिक तकनीक से युक्त विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। बताया कि हृदय संबंधी विकारों से जुड़े विभिन्न रोगों के समुचित इलाज व प्रबंधन के लिए ऋषिकेश एम्स में काॅर्डियोलॉजिस्ट, काॅर्डियक सर्जन, काॅर्डियक एने​स्थिटिक्स व रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की पूरी टीम उपलब्ध है।

एम्स के काॅर्डियक थोरेसिक सर्जन डाॅ. अनीश गुप्ता के नेतृत्व में काॅर्डियोथोरेसिक विभाग की टीम ने इस जटिल हृदय शल्यक्रिया में सफलता हासिल की। इस बाबत डाॅ. गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन का सबसे कठिन हिस्सा मरीज के हृदय वाॅल्व की मरम्मत करना था। लिहाजा वाॅल्व की मरम्मत में बेहतद गंभीरता बरती गई। उन्होंने बताया कि उक्त मरीज का यह ऑपरेशन अटल आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किया गया है। बहरहाल रोगी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है व वह पूरी तरह से स्वस्थ है। बताया कि इस सर्जरी को आरएसओवी सर्जरी के नाम से जाना जाता है। जिसमें दिल के वाॅल्व एवं एन्यूरिज्म के टूटे हुए हिस्से को शल्य क्रिया विधि द्वारा ठीक किया जाता है।

डाॅ. अजय मिश्रा ने बताया कि यह संपूर्ण उपचार प्रक्रिया काॅर्डियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों द्वारा टीम वर्क के आधार पर की गई। टीम में एंजियोग्राफी, रेडियोलॉजिस्ट, काॅर्डियक एनेस्थेटिस्ट आदि शामिल हैं। टीम नियमिततौर से मरीज की मॉनिटरिंग व देखभाल कर रही है। कॉर्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. भानु दुग्गल और डाॅ. यश श्रीवास्तव के अनुसार ऐसे रोगियों के दिल में यदि कोई छेद अथवा वाॅल्व लीक नहीं है, तो एंजियोग्राफी द्वारा इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है। लेकिन इस तरह के मामलों में अक्सर ओपन हार्ट सर्जरी ही की जाती है। यह एक असामान्य समस्या है, जो शल्य क्रिया के रूप में एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।

दोस्त के शव को ठिकाने लगाने जा रहे तीन दोस्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आपसी झगड़े में नेपाली मूल के युवक की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास करने का सनसनीखेज एक मामला प्रकाश में आया हैं। इस मामले में थराली थाना पुलिस ने तीन नेपाली मूल के ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जबकि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, नारायणबगड़ विकासखंड के अंतर्गत पंती में थाना थराली पुलिस के द्वारा गुरुवार की देर रात गश्त के दौरान तीन नेपाली युवक एक अन्य नेपाली युवक को अपने कंधों पर ले जाते मिले। पुलिस ने पूछताछ पर बताया कि उन के साथी की अचानक तबियत खराब हो गई है, जिसे उपचार के लिए ले जा रहे हैं। जब पुलिस ने उसे देखा तो वह नेपाली युवक मृत था। इस पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तीनों से पूछताछ की तो उन्होंने उसकी हत्या का जुर्म कबूल लिया।
थराली थानाध्यक्ष ध्वजवीर सिंह पंवार ने बताया कि गत सायं चारों नेपालियों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। जिसमें एक नेपाली की हाथापाई के दौरान मौत हो गई। जिससे घबराए तीनों नेपाली शव को ठिकाने लगाने की फिराक में शव को पंती के पास ही पिंडर नदी में ले जा रहे थे कि पुलिस ने हत्थे चढ़ गये। बताया कि मृतक 21 वर्षीय शरण निवासी नेपाल बताया जा रहा है।
मौके पर से ही तीनों नेपाली युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ धारा 302, 201 एवं आईपीसी की धारा 34 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। आरोपियों का नाम नवीन योगी उम्र 28 वर्ष, लोकराज पुरी उम्र 22 वर्ष और मनोज गिरी उम्र 32 वर्ष बताया जा रहा है। मृतक और तीनों हत्यारोपी नेपाल के रहने वाले हैं। जो नारायणबगड़ में ही मजदूरी का काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के प्रयास हुए सफल, चमोली जनपद के सीमांत क्षेत्र में पहुंची मोबाईल कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के प्रयासों से चमोली जनपद के सीमांत गांवों में मोबाईल कनेक्टिविटी पहुंच गई है। आज मुख्यमंत्री ने नीति घाटी के जुमा में लगे जियो टावर का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ किया। जियो द्वारा सुकी में भी टावर स्थापित किया गया है। इससे लोगों को 4-जी इन्टरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चमोली के सीमांत गांवों के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस सेवा से प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में व्यापार, उत्पाद एवं आॅनलाईन मैपिंग में भी लोगों को सुविधा होगी। इस सेवा से सीमांत क्षेत्रों में लोगों को आॅनलाईन आवेदन और विभिन्न कार्यों के लिए सुविधा होगी। सरकार द्वारा ई-गर्वनेंस की दिशा में किये जा रहे कार्यों का भी सीमांत क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर समिट के दौरान मुम्बई में मुकेश अंबानी से जियो की सेवा के लिए बात हुई थी। अम्बानी ने कहा था कि उत्तराखण्ड में जो भी जियो की सेवा दी जायेगी, उसमें लाभ या कमर्शियल के हिसाब से नहीं सोचा जायेगा, देश के सीमांत क्षेत्रों तक सेवा पहुंचे, इसको ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों में जियो की कनेक्टिविटी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने मुकेश अम्बानी का भी आभार व्यक्त किया।

नीति घाटी में लगे जियो के इन मोबाईल टावरों से जुमा, जेलम, काजा, गरपत, लौंग, टमक, बकरांसु, फागती, तोलमा, सुरई, सूकी मल्लागांव एवं लाटा गांव के लोगों को मोबाईल कनेक्टिविटी मिलेगी। 15 दिसम्बर 2020 तक 10 एवं मार्च 2021 तक सीमांत क्षेत्रों में जियो के 25 मोबाईल टावर लगाये जायेंगे। मार्च 2021 तक चमोली जनपद के अधकांश सीमांत गांव जियो की 4-जी कनेक्टिविटी से जुड़ जायेंगे। इस 4-जी कनेक्टिविटी से बातचीत के लिए बेहतर आॅडियो सिग्नल और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से सांसद तीरथ सिंह रावत, बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, चमोली के भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, मुख्यमंत्री आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, जियो के स्टेट हैड विशाल अग्रवाल, अमरनाथ ठाकुर, योगेन्द्र सिंह एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

गैरसैंण के विकास की प्लानिंग को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी गठितः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि गैरसैंण राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी है। अतः ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप गैरसैंण में हमें समानान्तर व्यवस्थायें करनी होती है, इस दृष्टि से आगामी 10 वर्षों में गैरसैंण में विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं के विकास की प्लानिंग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले निवेश के अतिरिक्त इसमें प्राईवेट इन्वेस्टर भी आयेंगे। गैरसैंण क्षेत्र की तमाम अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, सीवरेज आदि की तमाम व्यवस्थायें की जानी होगी। गैरसैंण में अच्छे विद्यालय, खेल मैदान मनोरंजन के तमाम संसाधनों के विकास आदि के लिये 25 हजार करोड़ रूपए की घोषणा उनके द्वारा की गई है। इस दिशा में पहला कार्य इस क्षेत्र में पर्याप्त भूमि की व्यवस्था तथा बेहतर कनेक्टिविटी पर ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक डबललेन सड़क निर्माण के लिए 09 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गई है। चार हेलीकाप्टरों के उतरने लायक हेलीपैड के निर्माण हेतु भी धनराशि उपलब्ध करायी गई है। गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी को समानान्तर व्यवस्थाओं के लिये बड़े इन्वेस्टमेंट की भी मुख्यमंत्री ने जरूरत बतायी।

आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करने तथा पटाखों का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हमारा पर्यावरण स्वस्थ रहेगा तो हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। त्यौहारों के अवसर पर अधिक भीड़-भाड़ से भी बचने की उन्होंने सभी से अपील की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव में निर्णायक मतदान के लिये बिहार की जनता को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन एवं मोटिवेशन हमें ताकत देता है। देश की जनता का उनपर पूरा विश्वास है।

गैरसैंण में हुआ 240 करोड़ 16 लाख रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में उत्तराखण्ड सचिवालय गैरसैंण का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 110 करोड़ रूपए है। गैरसैंण भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन के बाद अब सचिवालय भी जल्द ही बनेगा। ’

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 240 करोड़ 16 लाख 18 हजार रूपए के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया। कुल 81 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें 207 करोड़ 24 लाख 75 हजार रूपए लागत के 46 कार्यों का शिलान्यास किया गया जबकि 32 करोड़ 91 लाख 43 हजार रूपए के 35 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

लोकार्पित किए गए विकास कायों में मलारी में खेल को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण लागत 35 लाख, मलारी नीति मोटर मार्ग के मेहरगांव तक 1.5 किलोमीटर का डामरीकरण लागत 20 लाख, कर्णप्रयाग में आई.टी. आई से सुभाषनगर तक पैदल पुल का निर्माण लागत 588.36 लाख, उज्ज्वलपुर- बैनोली मोटर मार्ग से ऐरोली तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 96.70 लाख, किमधार-स्यान-किशनपुर मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 92.12 लाख, महावीर चक्र विजेता सिपाही स्व0 अनुसूया प्रसाद के पैतृक गांव नौना को जोड़ने हेतु मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 60.20 लाख, अनुसूया माता मन्दिर में यात्री शैड का निर्माण लागत 51.76 लाख, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में आक्सीजन पाइप लाईन का निर्माण लागत 30.29 लाख, लंगासू में पंचकर्मा हॉल का निर्माण लागत 11.51 लाख, बैरासकुण्ड मन्दिर का सौन्दर्यीकरण कार्य लागत 49.80 लाख, रा0इ0का0 नारायणबगड में कक्षा कक्षों का निर्माण लागत 20 लाख, जनपद चमोली के अन्तर्गत विभिन्न आंगनवाड़ी केन्द्रों का सुदृढीकरण व मरम्मत कार्य लागत 15.30 लाख, जनपद चमोली के अन्तर्गत विभिन्न चिकित्सालयों में लेवर रूम का सुदृढीकरण कार्य लागत 30 लाख, बद्रीनाथ में सीवर सफाई हेतु सैक्शन कम जैटिंग मशीन क्रय 35 लाख, ऐरवाडी सिरपा, सिमतोली पेयजल योजना निर्माण लागत 85.62 लाख, गैरोली मल्ली, कनोठ, कोली मल्ली पेयजल योजना निर्माण लागत 154.77 लाख, बेरफाला, नाकोट लगा डिम्मर, नाकोट पेयजल योजना निर्माण लागत 19.20 लाख, वार्ड न0 6 गांवली पेयजल योजना निर्माण लागत 82.91 लाख, उतरों पेयजल योजना निर्माण लागत 44.93 लाख, लामबगड़ पेयजल योजना निर्माण लागत 58.19 लाख, सुनाली पेयजल योजना निर्माण लागत 38.54 लाख, थिरपाक पेयजल योजना निर्माण लागत 39.97 लाख, पिण्डवाली पेयजल योजना निर्माण लागत 16.85 लाख, ग्राम बैरों व क्वीराली पेयजल योजना निर्माण लागत 92.85 लाख, चिरखून पेयजल योजना का निर्माण 67.53 लाख, कौब पेयजल योजना का निर्माण 75.88 लाख, कुलसारी से आलकोट मोटर मार्ग स्टेज -1 लागत 356.91 लाख, थराली डुग्री रूईसाण मोटर मार्ग के किमी 7 से मैन मोटर मार्ग लागत 230.07 लाख, सैंजी बाढ़ सुरक्षा कार्य 107.60 लाख, देवाल में बुस्तरातोक में पिंडर नदी के दायीं तरफ बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 244.98 लाख, थराली में कोलपुडी टेंक नहर निर्माण कार्य लागत 123.85 लाख, राजकीय इंटर कालेज पीपलकोटी में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 73.24 लाख रूपए, कलैक्ट्रेट परिसर में पहाड़ी संग्रहालय का निर्माणध् जीर्णोद्धार लागत 6.5 लाख, हापला लघुजल विद्युत परियोजना लागत 220 लाख, रिंगालध्वुडन ग्रोथ सेन्टर पीपलकोटी लागत 15 लाख रूपए शामिल हैं।

जिन विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया उनमें गैरसैंण शहर एव एडजवांइनिंग आबादी में पेयजल आपूर्ति हेतु रामगंगा नदी पर बांध निर्माण कार्य लागत 6535.64 लाख, विकास खण्ड दशोली में बछेरधार से बछेर गांव तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 204.17 लाख, कुण्ड कॉलोनी गोपेश्वर में राजस्व विभाग के टाईप 1 के चार आवासों का निर्माण लागत 52 लाख, श्री बद्रीनाथ में चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य विभागीय स्टाफ हेतु हॉस्टल का निर्माण लागत 100 लाख, श्री बद्रीनाथ में यात्रियों की सुविधा हेतु चार कक्षों का निर्माण लागत 50 लाख, सिरोपाणी गंजेड मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 117.43 लाख, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चमोली के विधान सभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के विकास खण्ड गैरसैंण में बूंगीधार-मेहलचोरी-बछुवाबाण मोटर मार्ग के किमी-51 में डामरीकरण एवं सुधारीकरण(द्वितीय चरण) कार्य लागत 60 लाख, जनपद चमोली के अन्तर्गत विधान सभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के विकासखण्ड गैरसैंण में पुनगांव-विषौणा मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य लागत 312.93 लाख, पंयाताल-त्युखर-चिरबटिया मोटर मार्ग का निर्माण लागत 133.63 लाख, मरघट- बाराकोट से सिंगोण गांव सिल्ला तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 215.71 लाख, चैमासी निवत्तर तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 134.51 लाख, मुख्यालय गोपेश्वर में वन स्टाप सेन्टर का निर्माण लागत 48.06 लाख, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में तीरमदारों हेतु भवन निर्माण लागत 31.76 लाख, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में आक्सीजन जनरेशन प्लान्ट का निर्माण लागत 45.90, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नन्दप्रयाग का निर्माण लागत 418.44 लाख, गोपेश्वर(नैग्वाड)में बैडमिन्टन हॉल का निर्माण लागत 47.87 लाख, प्रा0स्वास्थ्य केन्द्र गैरसैंण में 50 बैड के सब-जिला चिकित्सालय भवन एवं आवासीय भवन निर्माण लागत 1150 लाख, पुलिस चैकी ग्वालदम में टाईप 2 के दो आवासीय भवन निर्माण लागत 31.80 लाख, ग्राम हरनी में ग्रामीण मोटर मार्ग का निर्माण लागत 523.60 लाख, देवर खडोरा पेयजल योजना निर्माण लागत 93.71 लाख, बमोथ पेयजल योजना निर्माण लागत 119.64 लाख, सलना पेयजल योजना निर्माण लागत 52.03 लाख, ग्वाड जसपुर डुंग्री पेयजल योजना निर्माण लागत 52.61 लाख, पैणी से कुजासू मोटर मार्ग का अपग्रेडेशन लागत 186.23 लाख, सेमी पनाई से उत्तरों मोटर मार्ग स्टेज 2 और स्टेज 1 का अवशेष कार्य लागत 909.12 लाख, सैंजी लगा मैकोट-बेमरु मोटर मार्ग स्टेज 2 कार्य लागत 1714.89 लाख, देवलधार से कलचुना मोटर मार्ग स्टेज 2 कार्य लागत 314.31 लाख, जंगलचट्टी सिराणा मोटर मार्ग स्टेज 2 कार्य लागत 435.14 लाख, बूंगीधार मैहलचोरी बछुवाबाण मोटर मार्ग से देवपुरी मोटर मार्ग स्टेज 1 कार्य लागत 627.50 लाख, बूंगीधार मैहलचोरी बछुवावाण मोटर मार्ग किमी0 25 से स्यूणी तल्ली मोटर मार्ग स्टेज 2 से देवपुरी मोटर मार्ग स्टेज 1 कार्य लागत 198.67 लाख, पाण्डुवाखाल से गोगना मल्ला मोटर मोटर मार्ग स्टेज 2 लागत 311.10 लाख, लंगासू से मैखुरा मोटर मार्ग स्टेज 1 लागत 725.95 लाख, हाटकल्याणी से सवाड़ मोटर मार्ग अपग्रेडेशन लागत 680.39 लाख, थराली से घाट(डुंग्री) मोटर मार्ग अपग्रेडेशन लागत 678.96 लाख, नारायणबगड से चोपता मोटर मार्ग अपग्रेडेशन लागत 1672.73 लाख,सांसद आदर्श ग्राम लामबगड का बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 170.29 लाख, रा.इ.का. गैरसैंण में प्रेक्षागृह का निर्माण लागत 437.86 लाख, रा0उ0मा0वि0 गोगना में दो अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का निर्माण लागत 21.58 लाख, रा0बा0इ0का0 गैरसैंण में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का निर्माण लागत 79.36 लाख, राजकीय महाविद्यालय गैरसैंण में चारदीवारी फेंसिंग तथा गैट निर्माण कार्य लागत 59.01 लाख, राजकीय महाविद्यालय गैरसैंण में खेल मैदान का निर्माण लागत 76.03 लाख, वी0सी स्व0 दरवान सिंह नेगी खेल मैदान सैंज खैतोली का विस्तारीकरण लागत 66.22 लाख, दुर्मीताल में पर्यटन की दृष्टि से अवस्थापना सुविधाओं का विकास लागत 20.00 लाख, द्रोणगिरी में संजीवनी गार्डन की स्थापना लागत 15 लाख, भराड़ीसैंण से परवाड़ी मोटर मार्ग निर्माणध्मरम्मत कार्य स्टेज 1 लागत 504.95 लाख रूपए शामिल हैं।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने सदैव पहाड़ की पीड़ा को समझाः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दूधातोली में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली एक महान देशभक्त के साथ दूरदृष्टा भी थे। उन्होंने पहाड़ की पीड़ा को समझा था। वे दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की बात उठाते रहे। दृढ़ निश्चय के धनी थे। वे हम सभी को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

राज्य निर्माण आंदोलन के शुरूआती दौर से ही गैरसैण को राजधानी बनाने की संकल्पना हर आंदोलनकारी के मन में रही। गैरसैंण भराड़ीसैंण विधानसभा भवन का नाम भी चंद्र सिंह गढ़वाली जी के नाम पर ही है। हमने प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया है। केवल घोषणा ही नहीं की बल्कि अगले 10 वर्षों में 25 हजार करोङ रूपए से गैरसैंण परिक्षेत्र में प्रदेश की राजधानी के अनुरूप अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने जा रहे हैं। गैरसैंण राजधानी परिक्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। अल्पकालीन और दीर्घकालिक विकास योजनाएं तैयार की गई है। सचिवालय भी बनाने जा रहे हैं। बड़ी पेयजल योजना पर भी काम कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को क्षेत्र का हाईड्रोलोजिकल सर्वे करवाकर वाटर रिचार्जिंग के लिये वृहद पौधारोपण करवाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक महेन्द्र भट्ट, सुरेन्द्र सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।

त्रिवेन्द्र की घोषणा 25 हजार करोड़ रुपये से होगा ग्रीष्मकालीन राजधानी का विकास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि गैरसैण परिक्षेत्र का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास के लिए अगले दस वर्षों में 25 हजार करोड़ रूपए खर्च किये जाएंगे। यहां के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है। राजधानी के लिये जो जरूरी अवस्थापनात्मक विकास जरूरी होता है, उसके लिये मैं घोषणा करता हूँ कि हम आने वाले 10 वर्षों में 25 हजार करोङ रूपए खर्च करेंगे। 25 हजार करोङ रूपए से ग्रीष्मकालीन राजधानी के पूरे परिक्षेत्र का विकास होगा।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराडीसैंण) मे 21 वां राज्य स्थापना दिवस (20वीं वर्षगांठ) बडे हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। भराडीसैंण विधानसभा परिसर में आईटीबीपी और पुलिस के जवानो की भव्य रैतिक सेरेमोनियल परेड के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराडीसैंण) विधानसभा परिसर से पूरे प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। यह पहला मौका है जब प्रदेश के किसी मुखिया ने ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बाद गैरसैंण मे राज्य स्थापना दिवस की सालगिरह मनायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड 21 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण के भराङीसैण स्थित विधानसभा परिसर में हम संकल्प लेते हैं कि हम अपनी एक-एक बहन के सिर से घास का बोझ हटा देंगे। इसके लिये व्यापक स्तर काम चल रहा है। हमारी माताएं और बहनें बहुत मेहनती हैं। हमारी कोशिश है कि इनका स्किल डेवलपमेंट कर आर्थिक तौर पर सशक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने ही यहां की भावनाओं को समझते हुए उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से किया गया था। मैं बहुत से दूरस्थ और सीमांत गांवों में गया हूँ। जनभावनाओ का सम्मान करते हुए गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन बनाया है।
गैरसैंण प्रतीक है पहाङवासियों की पीड़ा का, दर्द का।
हमारी प्राथमिकता शुरू से ही दूरस्थ क्षेत्रों का विकास रहा है। इसी क्रम में हमने रूरल ग्रोथ सेंटर प्रारंभ किये। 104 को स्वीकृति दी जा चुकी है। 40 से अधिक शुरू भी हो गये हैं। बहनों को सशक्त करने के लिये हम महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के दे रहे हैं।
राज्य में प्रकृति ने जो भी हमें दिया है, उनमें रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं। हम स्वरोजगार को अभियान के तौर पर ले रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में ऋण और अनुदान की व्यवस्था है। जिलों में स्वरोजगार पर जिला योजना का 40 प्रतिशत खर्च करने के निर्देश दिये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 रुपये में पानी का कनेक्शन दे रहे हैं। कैम्पा में 10 हजार लोंगो को रोजगार देने पर काम कर रहे हैं। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में 5 लाख रूपये तक निशुल्क ईलाज की सुविधा दी गई है। महाविद्यालयों में 94 प्रतिशत फैकल्टी है। 500 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज हैं। 700 और स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज शुरू की जाएंगीं। कालेजों में वाई फाई कनेक्टीवीटी दी जा रही है। हमने आशा कार्यकत्रियों के मानदेय और वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन में बढोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य के उत्पादों में स्वयं सहायता समूह को रू. 5.00 लाख तक प्रोक्योरमेंट में वरीयता दी जायेगी। लगभग 500 सर्वाधिक पलायन वाले ग्रामों में स्थित स्वयं सहायता समूह को ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा।
आम जनमानस की कठिनाइयों के निराकरण हेतु जनपद स्तरीय विकास प्राधिकरणों द्वारा भवन निर्माण का मानचित्र पास करने की व्यवस्था की प्रक्रिया का सरलीकरण एवं शिथिलीकरण किया जायेगा।

शहरी इलाको में गरीब व्यक्तियों हेतु पेयजल कनेक्शन रू. 100 पर उपलब्ध कराया जायेगा। भ्रष्टाचार से लड़ने हेतु एक टोल फ्री हैल्प लाईन की स्थापना की जायेगी।
महिला एवं बच्चों हेतु मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना प्रारम्भ की जायेगी। इसके अन्तर्गत को सौभाग्यवती किट दी जायेगी। राज्य की निर्यात नीति बनायी जायेगी। राज्य के सीमांत इलाकों में पुलिस आउटपोस्ट बनायी जायेगी।
अराजपत्रित श्रेणी के राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों कें कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं व स्थानीय निकायों, निगमों/उपक्रमों के कर्मचारियों तथा कैजुअल-दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बोनस दिया जायेगा।
राज्य के सभी जनपदों में वन विभाग द्वारा ‘‘स्वच्छ वन, स्वस्थ जीवन’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर वन/ईको पार्क/बायोडाईवर्सिटी पार्क की स्थापना की जायेगी। देहरादून में साइंस कॉलेज की स्थापना की जाएगी। सरकारी भवनों के निर्माण में स्थानीय वास्तु शैली के उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण क्षेत्र के लिये भी अनेक घोषणाएं कीं। गैरसैंण में कौशल विकास योजना के अंतर्गत सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। नगर पंचायत गैरसैंण में आंतरिक मार्गों, नालों आदि के निर्माण को स्वीकृति। नगर पंचायत गैरसैंण के लिए 3500 लीटर क्षमता के ट्रैक्टर ट्राली और टैंकर क्रय करने की स्वीकृति। विकासखण्ड गैरसैंण में मशरूम कम्पोस्ट उत्पादन यूनिट की स्थापना की जाएगी।

राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 2 मॉडर्न आदर्श लैब को स्वीकृति। बचपन प्रोजेक्ट में जिले के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में मिनी सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली, शौचालय, पानी, फर्नीचर, झूले, अलमारी, शिक्षाप्रद खिलौने, फ्लोर टाईलें, वॉल पेंटिंग, गैस कनेक्शन, यूनिफार्म की व्यवस्था की जाएगी।
ग्राम बड़ागांव के हनुमानशिला के समीप से औली पहुंचने के लिए वैकल्पिक मोटर मार्ग का नवनिर्माण किया जाएगा। पहले चरण में 15 किलोमीटर की स्वीकृति दी जाती है। सर्वे के बाद फिजीबिलीटी के आधार पर दुरमी में मत्स्य पालन, नौकायन, विद्युत उत्पादन आदि के लिए मल्टी परपज तालाब का निर्माण किया जाएगा।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गोपेश्वर में भूस्खलन के ट्रीटमेंट और पानी की निकासी की व्यवस्था के साथ ही 2 अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण को स्वीकृति। क्लोनल रूट स्टाक पर आधारित उच्च तकनीक युक्त आदर्श सेब बागान की स्थापना की जाएगी। कर्णप्रयाग मण्डी, विकास खण्ड जोशीमठ के बड़ागांव और विकासखण्ड घाट के सलबगढ में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जाएगी।
नाबार्ड के अंतर्गत विकासखण्ड घाट के मुख्य बाजार का बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जाएगा। पुरसाड़ी में विजयनगर ग्राम की बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जाएगा।

कर्णप्रयाग-नौटी पैठाणी मोटर मार्ग से ग्राम गैरोली तक मोटर मार्ग नव निर्माण के दूसरे चरण के 3 किलोमीटर को स्वीकृति। इससे ग्राम गैरोली संयोजित होगा।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण के कांसुवा ग्रामसभा पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण के रामड़ामल्ला ग्रामसभा पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरसैंण में गोल पेयजल योजना के लिए धनराशि की स्वीकृति। गैरसैंण एवं निकटवर्ती क्षेत्र की पम्पिंग पेयजल योजना को स्वीकृति।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, महेंद्र भट्ट, मुन्नी देवी शाह, भरत सिंह चैधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने भराडीसैंण स्थित मां भाराडी के मंदिर पहुंच कर विधिवत पूजा अर्चना भी की।

वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत तीन लोगों को मिले डिजिटल राशनकार्ड

राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक और बड़ी पहल की। भराड़ीसैंण गैरसैंण में आयोजित राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत डिजिटल राशनकार्ड वितरित किये। मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के तीन लोगों को प्रतीकात्मक तौर पर ये राशन कार्ड प्रदान किये। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में किसी भी क्षेत्र के नागरिक राशन कार्ड के माध्यम से देश के किसी भी राज्य से पीडीएस राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत देश के लोग किसी भी राज्य की पीडीएस की दुकान से अपने हिस्से का राशन लेने में पूर्ण रूप से स्वतंत्र रहेंगे।