बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव लेकर हंसा प्रहरी से मिली रेखा आर्य

विधायक का चुनाव लड़ चुकी और वर्तमान में हरिद्वार में भीख मांगकर अपना और बच्चे का जीवन यापन करने वाली हंसा प्रहरी की सुध अब सरकार की ओर से राज्यमंत्री रेखा आर्य ने ली। उन्होंने हंसा प्रहरी के मीडिया में छाने के बाद उनके समक्ष हरिद्वार बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव रखा।

कौन है हंसा प्रहरी
हंसा प्रहरी अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित ग्राम रणखिला गांव की निवासी है। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हंसी की इंटर तक की शिक्षा गांव में ही हुई और फिर उसने कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में प्रवेश ले लिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहकर कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी निर्वाचित हुई। अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में एमए डिग्रीधारी हंसा वर्तमान में हरिद्वार में अपने बेटे के साथ भीख मांगती है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। उनकी एक बेटी नानी के पास रहती है।

खाली पदों को भरने के लिए सिडकुल के उद्यामियों और राज्य सरकार एमओयू करेंः हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री व पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत बेरोजगारी के खिलाफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने हरिद्वार पहुंचे है। यहां वह सिडकुल पर पैदल पदयात्रा निकालेंगे। हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि बढ़ती बेरोजगारी को लेकर हरिद्वार और रुद्रपुर सिडकुल में नौ लोगों के साथ परिक्रमा करूंगा। इसका उद्देश्य सिडकुल में खाली पड़े पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार और जो कार्यरत लोगों को उनकी मेहनत का उचित मेहनताना मिलना है।

पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह बेरोजगारी मुद्दे पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि खाली पदों को भरने को लेकर सिडकुल क्षेत्र के उद्यमियों के साथ राज्य सरकार एक एमओयू हस्ताक्षर करंे। इसको लेकर पहले हुए समझौतों को सख्ती से लागू किया जाए।

सोशल मीडिया का हुआ सही इस्तेमाल, 14 माह बाद बिछड़ा लड़का परिजनों से मिला

14 माह पूर्व लापता हुए बेटे की जिंदा होने की खबर लगते ही परिवार में खुशी का माहौल है। यह खुशी का माहौल सोशल मीडिया की वजह से संभव हो पाया। जी हां, यह हकीकत है, घटना उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के ग्राम शफीपुर की है। यहां 13 वर्षीय मिथिलेश पुत्र कमलेश को 14 महीने पूर्व मेले में देर होने पर घरवालों ने फोन पर डांट लगा दी। डांट से घबराया मिथिलेश ट्रेन पकड़कर नानी के यहां जाने की बात कहने लगा। मगर, गलत ट्रेन में सवार हो गया और उन्नाव से ढंढेरा रूड़की पहुंच गया। यहां ढंडेरा निवासी राव इमरान नामक मुस्लिम नागरिक ने मिथिलेश को अपने पास रखा और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।

राव इमरान को इसमें सफलता भी हाथ लग गई। बेटे के जिंदा होने की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली तो वह खुशी से झूम उठे। बृहस्पतिवार को मिथिलेश की माता फूल दुलारी, पिता कमलेश और दादा रामपाल ढंढ़ेरा पहुंचे और बेटे को लेकर उन्नाव के लिए निकले।

कुंभ मेला में दिखेगा स्वच्छ भारत मिशन का का असर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार सांय सीएम आवास में कुम्भ मेला 2021 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।

मेलाधिकारी को कोविड-19 के मानकों के अनुरूप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर हरिद्वार की क्षमता का आंकलन करने के निर्देश दिये गये। यह भी देखा जाए कि स्नान घाटों की कितनी क्षमता है। अखाड़ों के संत महात्माओं से लगातार समन्वय बनाए रखें। कुम्भ मेला दिव्य और भव्य होगा। इसके आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ध्यान रखना है। कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। कुम्भ मेले के सुरक्षित आयोजन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। कुम्भ मेले के लिए कोविड के दृष्टिगत बङी संख्या में मास्क और सेनेटाईजर की व्यवस्था की जाए। मेले में जो भी श्रद्धालु बिना मास्क के दिखे, उन्हें निशुल्क मास्क दिये जाएं। इसमें सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जा सकता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, सचिव नितेश झा, अमित नेगी, शैलेश बगोली, पंकज पाण्डेय, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी संजय गुन्ज्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर उपस्थित थे।

सीएम ने की कुंभ मेला की समीक्षा, हरिद्वार-ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण करने का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला 2021 की समीक्षा करते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार व ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कुम्भ का आयोजन दिव्य और भव्य होगा। मेला क्षेत्र का सौंदर्यीकरण समय पर पूरा कर लिया जाए। कुम्भ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बरकरार रखते हुए कोविड के दृष्टिगत सुरक्षित आयोजन किया जाना है। इस संबंध में अखाड़ों के संत महात्माओं का मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कुम्भ के सभी स्थायी प्रकृति के काम दिसम्बर माह तक पूरे कर लिये जाएं। अस्थायी कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। मुख्य सचिव हर सप्ताह कुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करें। स्वास्थ्य विभाग सामान्य रूप से होने वाली तैयारियों के साथ ही कोविड के दृष्टिगत भी योजना बनाकर काम करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मशालाओं, आश्रमों व होटलों को कोविड के दृष्टिगत क्या करें और क्या न करें, की मार्गदर्शिका उपलब्ध कराने के साथ ही वहां काम करने वालों को यथासम्भव प्रशिक्षित किया जाए। सभी काम समय पर पूरे हो, इसके लिए दो शिफ्ट में भी काम किया जा सकता है। व्यापार मंडल के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाए। हरिद्वार में सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी काम कराए जाएं।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले के विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बताया कि हरिद्वार के कूड़ा निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 35 करोड़ रूपए का व्यय अनुमानित है। हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। लगभग 493 चिकित्सकों की व्यवस्था की जा रही है। एम्बुलेंस की भी आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जा रही है। बाईक एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे कुम्भ मेला क्षेत्र को 23 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए अतिरिक्त टीमें रिजर्व में रहेंगी। अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।

बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, शैलेश बगोली, सौजन्या, पंकज पाण्डेय, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुन्ज्याल आदि उपस्थित रहे।

अब आवारा पशुओं से मुक्त होगा ऋषिकेश नगर निगम

नगर निगम ऋषिकेश ने क्षेत्र के मुख्य मार्गों सहित संकरी गलियों में परेशानी का सबब बन रहे आवारा पशुओं पर अब लगाम लग सकेगी। इस आवारा पशुओं को लेकर मेयर अनिता ममगाईं ने गैंडीखाता खाता (हरिद्वार) स्थित कृष्णायन आश्रम में पहुंचकर महंत ईश्वर दास से मुलाकात की। मेयर ने महंत से ऋषिकेश के निराश्रित पशुओं को आश्रम में पनाह देने का आग्रह किया। बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद अभी ऋषिकेश नगर निगम में निराश्रित पशुओं के लिए कांजी हाऊस की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। मेयर के आग्रह पर महंत ने हामी भरते हुए कहा कि आश्रम उनकी हर संभव सहायता करेगा। इस पर मेयर ने उनके सहयोग का उनका आभार व्यक्त किया।

मेयर अनिता ने बताया कि अब जल्द ही नगर में लोगों के लिए परेशानी बने आवारा पशुओं की धरपकड़ के लिए नगर निगम प्रशासन अभियान शुरू करेगा। कैटल कैचर वाहन के साथ सड़क पर निगम कर्मियों की विभिन्न टीमों को उतारकर आवारा और निराश्रित पशुओं को पकड़कर गैंडीखाता आश्रम पहुंचाया जाएगा। महापौर ने बताया कि पूर्व में भी ऋषिकेश नगर निगम द्वारा 200 निराश्रित पशुओं को गैंडीखाता आश्रम भिजवाया गया था लेकिन शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती तादाद और कांजी हाऊस की व्यवस्था न होने की वजह समस्या का स्थाई समाधान ना हो सका। उन्होंने बताया चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थ नगरी मैं बाहर से कोई आवारा पशुओं को नहीं छोड़े, इसके लिए निगम की निगरानी टीम गठित की गई है, जो सीधे मुख्य नगर आयुक्त को रिपोर्ट करेगी।

संतो ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को किया स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार के प्रमुख संतों ने भेंट की। भेंट करने वाले संतों में निर्मल आश्रम के महंत जसजीत, गरीबदास, महंत आनंद, वाल्मीकि समाज के संत महंत मान दास महाराज, वैष्णव अखाड़े से महंत दुर्गा दास महाराज एवं नगर के प्रसिद्ध एडवोकेट श्रेयस अग्रवाल थे। संतो ने हरिद्वार नगर में संतों के आश्रम का पंजीकरण कमर्शियल किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज की। बिजली के बिल भी कमर्शियल आने पर मुख्यमंत्री से अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संतो को आश्वासन दिया और तुरंत कार्रवाई का निर्देश भी दिया। संतों ने कहा आगामी कुंभ में जिस प्रकार की भी व्यवस्था और परिस्थिति होगी, सन्त सरकार का भरपूर सहयोग करेंगे। कुंभ हमारी प्राचीन परंपरा है किंतु कोरोना महामारी के चलते हुए जैसी भी स्थिति होगी उसी प्रकार से सभी संत और अखाड़े सरकार का सहयोग करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी ने केदारनाथ मॉडल पर ही बद्रीनाथ गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के विकास हेतु प्रयासरत मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के तहत स्थानीय पुरोहित समाज के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी संतो ने मुख्यमंत्री को स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।

दादी के साथ घास काट रही थी पोती, मगरमच्छ ने तालाब में खींचा और मार डाला

हरिद्वार जिले के लक्सर से एक दुखद घटना प्रकाश में आई हैं यहां सात साल की एक पोती अपनी दादी के साथ खेत में घास काट रही थी। तभी खेत के समीप तालाब से मगरमच्छ निकल आया और पोती को उठाकर तालाब लेकर गया। सूचना पाकर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला।

रायसी चैकी क्षेत्र के पंडितपुरी गांव निवासी जयेंद्र की मां रेलवे लाइन से सटे खेत में घास काटने गई थीं। जयेंद्र की सात साल की बेटी राधिका और पड़ोस की एक अन्य लड़की भी उनके साथ थी। तभी तालाब में कमल के फूल को देखकर बच्ची ललचा गई और फूल तोड़ने के लिए पानी के भीतर चली गई। इस दौरान मगरमच्छ ने बच्ची को दबोच लिया। बच्ची चिल्लाई तो उसकी दादी के साथ मौजूद दूसरी लड़की ने उसे देख लिया। दोनों ने शोर मचाया लेकिन मगरमच्छ बच्ची को खींचकर तालाब के गहरे पानी में चला गया।

चैकी प्रभारी ब्रजपाल सिंह के अनुसार वन विभाग की टीम के साथ मगरमच्छ को पकड़ने तथा बच्ची को उसके चंगुल से निकालने के लिए तालाब में जाल डाला गया। काफी खोजबीन के बाद करीब पांच घंटे बाद बच्ची का शव तालाब से बरामद हो गया।

हरिद्वार की अस्थाई जेल से फरार आठ कैदी, पुलिस ने शुरू की काॅबिंग

देहरादून की अस्थाई जेल से फरार कैदी वाली घटना अब हरिद्वार में दोहराई गई है। हरिद्वार की अस्थाई जेल से खंूखार बदमाश कलीम और नरेंद्र वाल्मीकी गैंग के पांच गुर्गे सहित आठ कैदी फरार हो गए है। यह कैदी अस्थाई जेल की दो मंजिला छत से कूद कर भाग निकले। अब, पुलिस फरार कैदियों की तलाश के लिए काॅबिंग में लग गई है। वहीं, एसएसपी ने सीमाओं पर चैकसी बढ़ा दी है।

बता दें कि रोशनाबाद स्थित भिक्षुक गृह में बनी इस अस्थाई जेल का मंगलवार की सुबह कैदियों ने बैरिक में लगा ताला तोड़ा और दो मंजिला छत से कूदकर अस्थाई जेल से फरार हो गए। इसका पता तब चला जब सुरक्षाकर्मी बैरिक पर पहुंचा। देखा की दो बैरिक खाली है। सूचना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

यह कैदी हुए फरार
फरार कैदियों में नरेंद्र वाल्मीकि गैंग के शूटर सागर चैहान पुत्र अमर राज चैहान निवासी सैनिक कॉलोनी चाऊ मंउी रुड़की, निशांत वर्मा पुत्र धीरज वर्मा निवासी सैनिक कॉलोनी चाऊ मंडी रुड़की के साथ ही कलीम गैंग के गुर्गे रजत सती पुत्र राजेंद्र सती निवासी खड़खड़ी हरिद्वार, नीशु शर्मा उर्फ बिजली पुत्र देवेंद्र शर्मा निवासी मोहल्ला रामगढ़ खड़खड़ी हरिद्वार, शुभम पंवार पुत्र विक्रम पंवार निवासी सेलाकुंई देहरादून के अलावा अन्य तीन कैदी विपुल उर्फ छोटा पुत्र मांगेराम निवासी ब्रह्मपुर मंगलौर, बिट्टू पुत्र मोहर सिंह उर्फ कल्लू निवासी देवबंद सहारनपुर, वाजिद पुत्र नाजिर निवासी गढ़मीरपुर रानीपुर।

हरिद्वार गंगा में युगल ने लगाई छलांग, पुलिस तलाश में जुटी

हरिद्वार में चंडी घाट पुल पर लोगों के साथ एक युगल ने गंगा में छलांग लगा दी। मौके पर जमा भीड़ के अनुसार छलांग युवक और युवती ने लगाई। मौके से पुलिस को पुल के ऊपर एक बैग भी मिला है। इसमें एक युवती की आईडी पुलिस को मिली है। हालांकि अभी यह कहना कि यह उसकी युवती की आईडी है। पुलिस ने गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल सका।

जानकारी के मुताबिक, गंगा में छलांग लगाते वक्त लोगों ने उन्हें देखा है। लोगों की ही सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि एक युवक और युवती ने चंडी पुल से छलांग लगाई है।