कुंभ ड्यूटी में शानदार प्रदर्शन करने पर डीजीपी ने किया नगद पुरस्कार से सम्मानित

महाकुंभ 2021 के द्वितीय शाही स्नान के उपरांत पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार द्वारा कुंभ ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

जनपद टिहरी गढ़वाल के थाना लमगांव में तैनात उप निरीक्षक विनोद कुमार ने कुंभ मेला ड्यूटी के दौरान आर्च पुल पुराना कांगड़ा पुल से लेकर न्यू कांगड़ा पुल के क्षेत्र तक अपने अनुषांगिक कर्मचारियों के साथ मिलकर ड्यूटी का निर्वहन किया। दिन की तपती गर्मी में सुबह आठ बजे से लेकर रात के आठ बजे तक 12 घंटे की ड्यूटी के दौरान उप निरीक्षक विनोद कुमार द्वारा शाही स्नान के दौरान ब्रह्मकुंड व अन्य घाटों में अखाड़ों से आए साधुओं को स्नान कराने और अन्य अखाड़ों के लिए घाटों को खाली कराने में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। दिनांक 4 अप्रैल 2021 को विनोद कुमार द्वारा न्यू संजय पुल के पास गंगा की धारा में बह कर आ रही महिला लीलावती शर्मा ॅव सुनील कुमार उम्र 35 वर्ष निवासी ब्लॉक सिक्स, राजेंद्र नगर सेक्टर- 2 गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को गंगा की धारा से निकालकर, उच्च अधिकारियों को सूचित कर बेहोश महिला को एंबुलेंस के माध्यम से जीडी हॉस्पिटल हरिद्वार में भर्ती कराया।

महिला के होश आने पर उसके घर का पता तस्दीक करते हुए कानपुर निवासी उनके भाई को इस बारे में सूचना दी। कुंभ ड्यूटी के दौरान इमानदारी, कर्तव्यनिष्ठ भाव से उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों में से उप निरीक्षक विनोद कुमार को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार द्वारा नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

बता दें इससे पहले भी थाना लंबगांव जनपद टिहरी गढ़वाल में तैनात उप निरीक्षक विनोद कुमार पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी द्वारा ऑपरेशन स्माइल -2018 में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए और वर्ष 2019 में नशे की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दो बार सम्मानित हो चुके हैं।

महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न


कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने वर्चुअली प्रेसवार्ता कर दी शाही स्नान को लेकर अपडेट

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपंन हो गया है। सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार।

सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा। सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे। वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में हो रहे कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं। लेकिन हमारी सरकार ने उस चुनौती का स्वीकार किया है और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपंन कराया जा रहा है। कहा कि मेले में संत समाज की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके स्वागत में कोई कमी नहीं है। किसी श्रद्धालू को भी कहीं परेशानी का सामना ना करना पड़े इसका अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय निर्धारित है। और श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में टीका उत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। और टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कहा कि टीकाकरण को लेकर अन्य प्रांतों की अपेक्षा हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने हृदय से आभार जताया।

हरिद्वारः नेपाल के राजा ने की हरिद्वार महाकुंभ में शिरकत

हरिद्वार महाकुंभ में नेपाल के राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह के आगमन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने राजा साहब को संदेश में कहा कि “देवभूमि उत्तराखंड और हरिद्वार कुंभ में आपका स्वागत है। आप साधु-संतों के सान्निध्य में गंगा स्नान कर कुंभ का पुण्य लाभ अर्जित करें।“

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने हरिद्वार जाकर राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह को मुख्यमंत्री की ओर से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राजा साहब ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाली समुदाय के लोगों को संदेश भी दिया।

सीएम ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्प अर्पित कर किया जवानों को नमन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों को नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कालेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से और बारह हजार वर्गफीट में नवनिर्मित भवन एच ब्लॉक (स्मार्ट क्लास रूम) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि संत पूरे समाज को दिशा देने का काम करते हैं। महाकुंभ में अखाड़ा परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आगामी स्नान पर्वों पर भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड से प्रभावित होने के दौरान भी मैं कुंभ के कार्यों की समीक्षा वर्चुअल रूप से लेता रहा। कोविड संक्रमण से स्वस्थ होते ही 06 अप्रैल को गंगा सभा और अखाड़ा परिषद की ओर सै आयोजित गंगा पूजन करके महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ों और साधु संतों की मांग पर आगामी कुंभ के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि साधु संतों के लिए कुंभ से बड़ा कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को शाही स्नान के दिन गंगा तट पर आने और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के लिए साधुवाद दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने धन्यवाद ज्ञापित कर उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद दिया।

महंत रविंद्र पुरी महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महंत लखन गिरि, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आनंद पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ, रूद्राक्ष की माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। संतों ने उनके सुखमय जीवन एवं दीर्घायु की कामना की।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, कालेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, मुख्य छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरस्वती पाठक आदि मौजूद थे।

पुलिस सर्विलांस के कंट्रोल सेंटर को अल्प समय में बनाना सराहनीयः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) में आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के आदर्श बैरक, कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत निर्मित पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का लोकार्पण किया।

मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को अल्प समय में ही जो आधुनिक रूप दिया है, वह सराहनीय है। इसके लिये उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कण्ट्रोल रूम समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसका डिजीटलीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किया गया है। पुलिस स्मार्ट, आधुनिक तथा संवेदनशील होनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के 70 बेड वाले आदर्श बैरक में दी गयी सुविधाओं और व्यवस्थाओं, साफ-सफाई आदि की प्रशंसा करते हुये कहा कि अच्छा वातावरण व अच्छी सुविधायें मिलने से जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण पर कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुये महाकुम्भ को सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे प्रयास करने हैं कि उत्तराखण्ड की पुलिस का नाम देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में गर्व के साथ लिया जायेगा, क्योंकि महाकुम्भ में पूरे विश्व से श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कोविड के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट बनाया है। यह कण्ट्रोल रूम इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम महाकुम्भ में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि स्थानीय लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने देवभूमि रक्षक पत्रिका, दो प्रमुख गीतों-’’ये व्योम कुम्भ, धर्म ध्वजा का एवं गायक कैलाश खेर द्वारा गाया गया ’’ये धर्म कुम्भ, ये कर्म कुम्भ …. ये मानवता का कुम्भ तथा कौन सा स्नान घाट आपके नजदीक है आदि की जानकारी देने वाले एप का विमोचन किया। मेलाधिकारी दीपक रावत ने इस एप के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सहित मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कुंभ में अखाड़ों, महामंडलेश्वर, संत समाज के लिए अगले कुंभ में अभी से होगी भूमि चिन्हित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। उन्होंने साधु संतो का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ उपासना का केंद्र एवं भावना का विषय है। हरिद्वार कुंभ दिव्य, भव्य और सुंदर हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए गए हैं। कुंभ में आने वाले संत समाज, अखाड़ों एवं श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के लिए स्नान पर्वों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ में कोविड गाइडलाइन का भी पूरा पालन हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।

एम्स ऋषिकेश में हुआ बच्चे के दिल का सफल जटिल ऑपरेशन

हरिद्वार निवासी एक सात वर्षीय बच्चे की दिल की तीन जटिल बीमारियों की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के सीटीवीएस विभाग द्वारा सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे केस आमतौर पर दुर्लभ होते हैं। अत्यधिक जटिल ऑपरेशन को सफलता से करने पर एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कॉर्डियक सर्जन डा. अनीश गुप्ता व उनकी टीम की सराहना की व उन्हें प्रोत्साहित किया। बताया कि यह टैट्रालोजी ऑफ फैलोट, सिंगल कोरोनरी, पल्मोनरी एम्बोलिजम नामक दुर्लभ बीमारी थी,जिसमें जटिल ऑपरेशन किया गया जो कि सफल रहा।
गौरतलब है कि हरिद्वार के रुड़की लंढौंरा निवासी एक सात वर्षीय बच्चे को बचपन से ही दिल की गंभीर तकलीफ थी, जिसे पिछले कुछ वर्षों से सांस फूलनी भी शुरू हो गई थी। जिस वजह से गत वर्ष 2020 में बच्चे के परिजनों ने बच्चे का एम्स ऋषिकेश में स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

जांच के दौरान इको व एंजियोग्राफी से पता चला कि उसके दिल में छेद है एवं उसके पल्मोनरी वाल्व में रुकावट (टैट्रालोजी ऑफ फैलो) है। साथ ही हृदय को रक्त पहुंचाने वाली सिंगल कोरोनरी आरटरी (एक ही धमनी) है, जबकि इन धमनियों की संख्या आमतौर पर दो होती है। लिहाजा सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों ने बच्चे की जटिल सर्जरी का परामर्श दिया। मगर बीते साल लॉकडाउन की वजह से बच्चे का ऑपरेशन टल गया।
इसी बीच बच्चे को लगातार बुखार आना शुरू हो गया था। लिहाजा उसकी दोबारा जांच कराई गई,जिसमें पता चला कि उसके फेफड़े की नलियों में पल्मोनरी इंबोलिजम (खून के थक्के) बन गए हैं। लिहाजा बच्चे को इस जानलेवा बीमारी के लिए अत्यंत जटिल ऑपरेशन की जरुरत थी। एम्स के सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जन डा. अनीश गुप्ता ने इस मेजर सर्जरी को सफलतापूर्वक बखूबी अंजाम दिया।

पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जन डा. अनीश ने बच्चे के दिल के छेद को बंद कर उसके फेफड़ों से जमा खून के थक्के निकाले, साथ ही बड़ी सावधानी से उसके पल्मोनरी वाल्व को भी सुरक्षित बचा लिया। अन्यथा इस बच्चे को निकट भविष्य में इस समस्या से निजात पाने के लिए कई अन्य ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती। अत्यधिक जटिल सर्जरी के सफल होने के बाद बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है,जिसे एम्स अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में हृदय की जन्मजात बीमारियां जैसे एएसडी, वीएसडी, पीडीए, टीओएफ, पीएपीवीसी, सिंगल वेंट्रियल आदि का उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों का इलाज भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना और राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम आरबीएसके स्कीम के अंतर्गत मुफ्त भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कुंभनगरी हरिद्वार में 153.73 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मीडिया सेन्टर नीलधारा में कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न विभागों की 153.73 करोड़ की 31 योजनाओं का शुभारम्भ के साथ ही मीडिया सेन्टर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने चंडीघाट, हर की पैड़ी, विभिन्न शिविरों, घाटों, मीडिया सेंटर सहित कुम्भ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि कुम्भ के कार्यों में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का कुम्भ कोरोना के बावजूद, पूरी सर्तकता बरतते हुए दिव्य और भव्य होगा। कुम्भ में आये साधु सन्तो और अखाड़ो को हर सुविधा का ख्याल रखा जायेगा। इसके लिए हमारी सरकार रात-दिन जुटी हुई है। समय अल्प है परंतु व्यवस्थाओं के लिए निरंतर भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। संत समाज के लिए जगह की कोई कमी नहीं है। सरकार संत समाज के साथ है।

मुख्यमंत्री ने नीलधारा स्थित मीडिया सेंटर में महाकुंभ 2021 हेतु एक सौ तिरपन करोड़, तिहत्तर लाख रूपये की जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें विकास कार्यो जैसे लोकनिर्माण विभाग, सिंचाई, गृहविभाग, परिवहन निगम आदि की कुल 31 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के अगले ही दिन महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर हरिद्वार में आकर मां गंगा के पूजन, दर्शन किया और उन्हें संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शाही स्नान में आने वाले साधु संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई। महाकुंभ बारह साल में ही होता है। हरिद्वार का कुंभ ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का है। यह भव्य दिव्य होना ही चाहिए, परंतु साथ ही साथ कोविड की गाइडलाइंस का पालन भी आवश्यक है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के 130 करोड़ से अधिक जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि कुम्भ स्नान करने के लिए जिन लोगों ने बारह वर्ष पूर्व मन्नत मांगी थी, वे हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों पर गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। आज कुंभ क्षेत्र में हर ओर साधु संत दिख रहे हैं। साधु संतों के शिविरों और आश्रमों में पानी, बिजली, शौचालय, घाटों पर सभी प्रबंधन के लिए कुंभ क्षेत्र से संबंधित चार जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में अधिकारियों ने खुद व अपने परिवार की चिंता न कर सबकी सेवा की है। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। हम साधु संतों की सेवा के लिए दिनरात एक कर अधिकारियों के माध्यम से जुटे हैं और जुटे रहेंगे। उन्होंने अनुरोध किया कि अधिकारियों का भी मनोबल न टूटे, ये आशीर्वाद संत समाज से प्रार्थनीय है। उन्होंने सभी को दिव्य,भव्य कुंभ के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों को शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन कराया जा रहा है।

इस अवसर पर संसदीय कार्य व शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि आज मुख्यमंत्री ने गंगा पूजन कर हरिद्वार में कुंभ का शुभारंभ कर दिया है। उनके हाथों से आज होने वाली योजनाओं व कार्यों के लोकार्पण से हरिद्वार और प्रदेश के विकास को बहुत गति मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन व शंखनाद से कुंभ के सकुशल होने की सभी ने कामना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना को मात देने के बाद सीधे कुंभ के आयोजन में शामिल होने आए हैं, इससे उनकी आस्था व गंभीरता खुद झलकती है।

इस अवसर पर ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान, एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी, अपर मेलाधिकारी डा ललित नारायण मिश्र, भाजपा हरिद्वार जिलाध्यक्ष डा जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, शोभाराम प्रजापति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण 1-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में शंकराचार्य चैक से कनखल की ओर देश रक्षक तिराहे तक मार्ग का नवीनीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 290.11 लाख रूपये। 2-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में बंगाली मोड़ से झंडा चैक होते हुए श्रीयंत्र मंदिर तक मार्ग का नवीनीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 139.96 लाख रूपये। 3-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में पुराना दिल्ली नितिपास मार्ग व हरिद्वार शहर में लोकनिर्माण विभाग के अधीन अन्य आंतरिक मार्गों का बीसी द्वारा नवीनीकरण कार्य, लागत 946.28 लाख रूपये । 4-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में हिल बाईपास मोटरमार्ग का पुर्न निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य लागत 170.37 लाख रूपये। 5-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में ज्वालापुर, ललतारौ, चंडीघाट मार्ग का बीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 534.94 लाख रूपये। 6-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत पिरान कलियर मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 97.19 लाख रूपये। 7-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत रूड़की में गणेश पुल से रेलवे स्टेशन मार्ग एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 47.56 लाख रूपये। 8-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत पुहाना-इकबालपुर-झबरेड़ा-गुरूकुल नारसन मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 189.95 लाख रूपये। 9-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत बहादराबाद-धनौरी-ईमलीखेड़ा-भगवानपुर मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 169.69 लाख रूपये। 10-माननीय मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-606ध्2018 जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र के तपोवन की सड़कों का पुर्न निर्माण कार्य लागत 313.96 लाख रूपये। 11-विधानसभा क्षेत्र में बीएचईएल मध्य मार्ग हरिद्वार का बैरियर नंबर 06 तक एसडीबीसी एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 265.39 लाख रूपये। 12-सुल्तानपुर-निहंदपुर से मैहतोली-भोपुर-शेरपुर मार्ग लंबाई 4.90 किलो मीटर के नवीनीकरण कार्य लागत 97.27 लाख रूपये। 13-एक्कड़ कलां गांव (नगर कुमार पुलिया) से पेशवाई मार्ग का निर्माण हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र को श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा से जोड़ने हेतु लंबाई 600 मीटर, लागत 64.31 लाख रूपये। 14-फाउंड्री गेट से बैरियर नंबर 5 गुघाल मंदिर तक सड़क का पुर्न निर्माण लंबाई 800 मीटर, लागत 37.82 लाख रूपये। 15-जनपद हरिद्वार में एनएच-58 आयरिस सेतु से बैरागी कैंप, विश्व कल्याण आश्रम, मात्र सदन होते हुए पुरकाजी, लक्सर, ज्वालापुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334-ए को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण कार्य लागत 1017.31 लाख रूपये। …………………………………………….
योग – 4382.11 लाख रूपये…………………………………………….
सिंचाई विभाग16-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में जटवाड़ा पुल से मोहम्मदपुर पावर हाउस (उत्तराखंड राज्य की सीमा) तक गंगनहर कांवड़ पटरी का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य लागत 5617.46 लाख रूपये। 17-दीनदयाल पार्किंग से चंडीदेवी पुल तक गंगा नदी के दाएं किनारे पर आस्था पथ का निर्माण लागत 2070.60 लाख रूपये। 18-जनपद देहरादून के विकासखंड डोईवाला के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में आस्था पथ का पुनरोद्वार, बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 1157.65 लाख रूपये।19-जनपद देहरादून के विकासखंड डोईवाला के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में त्रिवेणी घाट पर सरस्वती नाले की टेपिंग किए जाने के कारण क्षतिग्रस्त एवं प्लेटफार्म की पुर्ननिर्माण कार्य की योजना लागत 99.45 लाख रूपये। 20-महाकुम्भ 2021 के अंतर्गत गंगा जल धारा को भीमगोड़ा कुंड में लाने तथा भीमगोड़ा कुंड के सौंदर्यीकरण की योजना लागत 18.33 लाख रूपये। ………………………………… योग – 8963.49 लाख रूपये……………………………………. गृह विभाग के कार्य 21-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत मायापुर चैकी हरिद्वार में पुलिस कार्यालय एवं सीएपीएफ के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 405.87 लाख रूपये।22-एटीसी हरिद्वार में 50 व्यक्तियों की क्षमता वाली एनजीओ मैस मय ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 279.12 लाख रूपये। 23-40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार में सीएपीएफ एवं पुलिस के 50 व्यक्तियों हेतु एनजीओ मैस मय ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 271.59 लाख रूपये।24-जनपद हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चैकी अभिसूचना शाखा के प्रशासानिक भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं बैरक मय मैस का निर्माण कार्य लागत 246.68 लाख रूपये।25-मायापुर पुलिस चैकी के निकट स्थित कुम्भ मेला 2010 में निर्मित भवन, जिसमें अधिकारियों के कार्यालय, स्टोर, रिकार्ड रूम व अस्थायी ट्रांजिट स्थापित किए जाते हैं, इसमें सुदृढ़ीकरण, पानी, बिजली, सीवरेज, रंगाई-पुताई तथा साज-सज्जा आदि का कार्य लागत 50.00 लाख रूपये।26-फायर स्टेशन हरिद्वार फायरकर्मियों, अभिसूचना एवं अन्य अनुशांगिक शाखाओं हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 113.97 लाख रूपये।27-जनपद हरिद्वार में पुलिस थाना रानीपुर में जीआरपी के बहुउददेशीय भवन का निर्माण कार्य लागत 207.74 लाख रूपये।28-40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार एवं एटीसी में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने हेतु सम्मेलन कक्ष में एकोस्टीक का कार्य, पैनलिंग, फलोरिंग, वैंटीलेशन कार्य, शौचालय निर्माण, प्रशिक्षण सम्बंधी उपकरणों यथा हीट पंप आदि की स्थापना, वातानुकुलनध्पंखे तथा साज-सज्जा कार्य लागत 48.86 लाख रूपये। 29-पुलिस लाइन हरिद्वार में महिला पुलिसकर्मियों हेतु बैरक का निर्माण कार्य लागत 193.06 लाख रूपये।30-फायर स्टेशन ऋषिकेश में फायरकर्मियों अभिसूचना एवं अन्य अनुशांगिक शाखाओं हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 85.33 लाख रूपये कुल कार्यों की कुल लागत रू 1902.22 लाख रूपये……………………… परिवहन निगम 31- हरिद्वार में रोडवेज वर्कशॉप में कंस्ट्रशन व रिपेयर वर्क लागत 125.58 लाख।…………………. महायोग – 15373.40 लाख रूपये।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हरिद्वार भ्रमण के दौरान कनखल स्थित जगद्गुरू आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद उन्होंने जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम से आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने श्री गंगा सभा की ओर से आयोजित गंगा पूजन में की पूजा-अर्चना


महाकुंभ के इतिहास में पहली बार हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर 151 आचार्यों की ओर से किये गए शंखनाद से चहुं दिशाएं गूंज उठी। श्री गंगा सभा की ओर से महाकुंभ 2021 के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर आयोजित महापूजन में धार्मिक आस्था का माहौल रहा। ब्रह्मकुंड पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ ही श्रीगंगा सभा के पदाधिकारी, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग अपने अपने स्थान पर कलश, शंख, घंटी एवं पूजन सामग्री के साथ बैठकर मां गंगा का ध्यान कर रहे थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव रविन्द्रपूरी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, नगर विकास मंत्री वंशीधर भगत, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव शहरी विकास शैलेश भगोली, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी मेला संजय गुंज्याल, डीएम सी. रविशंकर, एसएसपी हरिद्वार सैंथिल अबुदई कृष्ण राज एस, एसएसपी कुंभ जन्मजेय खंडूरी सहित अन्य अधिकारियों ने मंगलवार को हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर श्रीगंगा सभा की ओर से आयोजित मां गंगा के पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रीगंगा सभा के आचार्य अमित शास्त्री ने मंत्रोउच्चारण के साथ मुख्यमंत्री से मां गंगा की पूजा-अर्चना ओर आरती कराई।

इसके साथ ही 151 आचार्यों ने मंत्रों का जाप किया तो साक्षात् देवों के आगमन जैसा माहौल निर्मित हुआ। मंत्रोउच्चारण के बाद माँ गंगा का पूजन, नैवेद्य अर्पण के साथ महाकुंभ 2021 के सफल आयोजन की कामना की गई।

इसके बाद आरती के बाद 151 आचार्यो ने जब शंखनाद किया तो पूरा हरकी पैड़ी परिसर इस ध्वनि से गूंज उठा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां गंगा से कुम्भ के सफल आयोजन और सभी के कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रीगंगा सभा कार्यालय में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल का श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, उज्ज्वल पंडित सहित अन्य पदाधिकारियों ने गंगाजलि, चुनरी व प्रसाद भेंट किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हर की पैड़ी हरिद्वार में श्री गंगा सभा द्वारा आयोजित गंगा महापूजन कार्यक्रम में भाग लिया। महापूजन का आयोजन कुंभ मेले के सफल आयोजन के उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्य और भव्य के साथ ही सुरक्षित कुंभ का आयोजन करने के लिए सरकार संकल्पित है। हरिद्वार के तीन संस्कृत महाविद्यालयों से आए 151 आचार्यों ने महापूजन के दौरान चारों ओर से मंत्रोच्चारण और शंखनाद किया। विधानसभाध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल, सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, डीएम हरिद्वार सी रविशंकर, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी समेत पुलिसदृप्रशासन के अधिकारी इस मौके पर मौजूद रहे।