सीएम ने कम समय में जो काम किये है निःसंदेह उनकी कल्पना भी नही की जा सकती थी-राजनाथ सिंह

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से उत्तरकाशी स्थित जोशियाड़ा ग्राउण्ड में गढ़वाल मण्डल की विजय संकल्प यात्रा के समापन समारोह में जनपद की कुल रूपये 111 करोड़ 14 लाख की धनराशि की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एंव शिलान्यास किया। जिसमें रूपये 47 करोड़ 5 लाख की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं रूपये 64 करोड़ 9 लाख की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खराब मौसम होने के बावजूद भी विशाल जनसमूह की उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त करते हुए जनता का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विजय संकल्प यात्रा तभी सफल होगी जब हम सब कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि विजय संकल्प यात्रा कोई निजी यात्रा नहीं है अपितु उत्तराखण्ड की सामूहिक यात्रा है। इस यात्रा का आयोजन राज्य के विकास की गति को ज्यादा तेज बढ़ाने के लिए किया गया है ताकि जनता का आर्शीवाद एवं समर्थन हमारी सरकार को मिल सके और हम राज्य के विकास के लिए आगे भी कार्य कर सके। उन्होने कहा कि हम काम करना चाहते हैं। उत्तराखण्ड राज्य को आगे ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सेवा करने के लिए जितना भी समय मिला है। मैंने अपने समय को जनता के लिए समर्पित किया है। मेरे द्वारा जनहित में लगातार कई फैसले लिए गए। मेरे द्वारा मात्र फैसले ही नहीं लिए गये बल्कि अधिकांश फैसलों एवं घोषणाओं के शासनादेश भी किए गये व वित्त की स्वीकृति दी गयी। उन्होने कहा कि मेरे द्वारा चाहे आशा कार्यकत्री हों, चाहे भोजन माता हों, चाहे पीआरडी हों, चाहे उपनल कर्मचारी हों, चाहे राज्य आन्दोलनकारी हों या खिलाड़ियों से सम्बन्धित नई खेल नीति का मामला हो हमने सभी के लिए शासनादेश निकाले हैं। उन्होनें कहा कि हमारे द्वारा रिक्त 24 हजार सरकारी पदों को भरने का भी फैसला लिया गया जिसके तहत अधिकांश रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही गतिमान है। हमारे द्वारा जन शिकायतों एवं समस्याओं के तेजी से निदान को प्राथमिकता दी गयी व कार्य शीघ्रता से हों इसके लिए सरलीकरण की प्रक्रिया को अपनाया गया, जिसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गयी । उन्होंने कहा कि हमने छात्र-छात्राओं के हित में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए। प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन वर्तमान में निःशुल्क किए गए हैं। मैंने अपनी पूर्व घोषणा के तहत 10वीं, 12वी, व उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट देने की प्रक्रिया के तहत रूपये 12 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में डालने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम इस लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे है कि जब हमारा राज्य 25 वर्ष का होगा तब हमारा राज्य देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं की जिनमें पौराणिक एंव ऐतिहासिक रामलीला मैदान को मिनी स्टेडियम बनाये जाने, मुख्य बाजार काली कमली धर्मशाला से गंगोत्री तक गंगा किनारे सुन्दर आस्था पथ का निर्माण किये जाने, तांबाखाणी सुरंग का सौन्दर्यीकरण किये जाने, गाजणा क्षेत्र में मोबाईल नेटवर्क की समस्या को दूर किये जाने व सीमान्त क्षेत्र कमद तक रोडवेज की बस चलाये जाने, मां गंगा के मायके मुखवा-जांगला एवं मुखवा मारकण्डेय तक सड़क निर्माण किये जाने, नेताला स्थित जीएनएम/एएनएम सेन्टर को महिला विकास व महिला उद्यमिता के लिए विकसित किये जाने, बौन गांव स्थित इंजीनियरिंग कालेज के भवन को क्षेत्रवासियों से वार्ता कर सदुपयोग में लाये जाने, धनारी में दिगथौल-पंचाणगांव मोटर मार्ग से राइका भटवाड़ी तक मोटर मार्ग निर्माण किये जाने तथा प्राचीन आस्था केन्द्र श्री शक्ति एवं विष्वनाथ मन्दिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने की घोषणा शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राज्य में आगमन पर आभार भी व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री धामी ने अपनी 6 महीने की कार्यावधि में करिश्माई काम किया है। उन्होंने कहा कि मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि कोई मुख्यमंत्री 6 महीने में इतने कार्य कर सकता है। मुख्यमंत्री ने केवल घोषणाएं ही नहीं की हैं बल्कि उन पर अमल भी किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्रति हम लोगों के दिल में सम्मान है क्योंकि इस राज्य के सैनिकों ने देश की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार की साढ़े सात वर्ष की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर देश का सम्मान बढ़ा है। वर्तमान समय में अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर हमारे देश को केवल गम्भीरता पूर्वक सुना ही नहीं जाता अपितु विश्व द्वारा उस पर अमल भी किया जाता है । उन्होंने कहा कि विजय संकल्प यात्रा इस उद्देश्य के साथ आयोजित की गयी है कि हम आगे उत्तराखण्ड राज्य के लिए क्या करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखण्ड राज्य को एक आदर्श राज्य बनाना चाहते हैं। यह तभी सम्भव है जब उत्तराखण्ड की जनता का समर्थन एवं आशीर्वाद उत्तराखण्ड राज्य की सरकार को मिलेगा।
इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

उत्तरकाशी जिले के दौरे के दौरान सीएम ने किया करोड़ों रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जिले के समेकित विकास के लिए 67 करोड़ 86 लाख की लागत से बनने वाली विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। कुल 85 करोड़ से अधिक योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

1- ओडाटा (खुनीगाड़) से सरास मोटर मार्ग निर्माण स्टेज II लागत 1724.94 लाख।
2- कोटगांव नैटवाड़ से कलाप मोटर मार्ग स्टेज II लागत 895.67 लाख।
3- मोरी से सालरा मोटर मार्ग स्टेज II लागत 1001.39 लाख।
4- सुनकुंडी में हेलीपैड निर्माण लागत 115.32 लाख।
5- महरगांव हल्का वाहन मोटर मार्ग का उच्चीकरण व डामरीकरण लागत 71.90 लाख।
6- राजकीय इंटर कालेज जखोल में भवन निर्माण लागत 330.08 लाख।
7- सोलर पम्पिंग योजना गैच्चाण गांव तोक लागत 16.20 लाख।
8- सोलर पम्पिंग योजना नैटवाड़ बाजार लागत 3.80 लाख।
9- सोलर पम्पिंग योजना सुनकुंडी तोक लागत 12.00 लाख।
10- सोलर पम्पिंग योजना पुजेली 14.00 लाख।
11-पोरा में फल संग्रह केंद्र का निर्माण लागत 56.84 लाख।
12- नौगांव में मंडी का नव निर्माण 934.05 लाख।
13- आराकोट में सेब के भंडारण हेतु नियंत्रित वातावरण भंडार गृह (सीए कोल्ड स्टोर) का निर्माण लागत 12.95.01 लाख।
14- विकास खंड कार्यालय मोरी हेतु अनावासीय भवन निर्माण लागत 157.94 लाख।
15-विकास खंड कार्यालय पुरोला हेतु अनावासीय भवन निर्माण लागत 157.39 लाख।
मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ 37 लाख की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया।
1- मैन्द्रथ से भंकवाड़ मोटर मार्ग स्टेज II लागत 562.70 लाख।
2- मुसई सटटा के किमी 7 से मसरी मोटर मार्ग स्टेज II लागत 112.42 लाख।
3-मैन्द्रथ-भंकवाड़ मोटर के किमी 2.50 से बेग़ल मोटर मार्ग स्टेज II लागत 299.98 लाख।
4- त्यूणी-पुरोला-नौगाँव राज्य मार्ग संख्या 17 मोटर मार्ग पर बीसी द्वारा सतह सुधार का कार्य लागत 460.00 लाख।
5- मोरी नैटवाड़ सांकरी जखोल मार्ग के किमी 1 से 4.5 एवं आराकोट नकोट मोटर मार्ग के किमी 1 से 7 तक बीसी द्वारा सतह सुधार का कार्य लागत 230.00 लाख।
6- सोलर पम्पिंग योजना बगरका तोक लागत 10.00 लाख।
7-सोलर पम्पिंग योजना धौना तोक लागत 10.00 लाख।
8- कोटगांव में जलाशय झील निर्माण 53.00 लाख।
9- राजकीय इंटर कॉलेज मोरी में समेकित प्रयोगशाला निर्माण लागत 23.34 लाख।

मुख्यमंत्री ने की अहम घोषणाएं

1- बद्रासू – नानेई किमी 5 व 6 में आरसीसी मोटर निर्माण व सुरक्षात्मक कार्य।
2- नुणागाड़ से लूना तक 3 किमी क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग कार्य।
3-गुराड़ी से पासा तक पैदल मार्ग व आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य।
4-मियागाड़ से धाति गुराड़ी खड़ में आरसीसी पुलिया का निर्माण किया जाएगा।
5-खिला खड्ड पर आरसीसी पुलिया का निर्माण किया जाएगा।
6-स्विपली खड्ड से पितरी तोक तक पैदल मार्ग व आरसीसी पुलिया निर्माण किया जाएगा।
7-मोरी-बागी से मौताड़ किमी 3 पर पुलिया का निर्माण किया जाएगा।
8- बदरासु मोटर मार्ग किमी 3 में क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण किया जाएगा।
9-मोरी-नैटवाड़, सांकरी सड़क मार्ग किमी 12 आरसीसी मोटर सेतु व सुरक्षात्मक कार्य किया जाएगा।
10- बैराना फेतड़ी मोटर मार्ग किमी 2 व 3 में आरसीसी कलवट निर्माण कार्य किया जाएगा।
11-खाबली -गोडियाट सड़क के किमी 7 व 11 में 6 मीटर आरसीसी पुलिया विस्तार निर्माण कार्य।
12-मोरी नैटवाड़ सांकरी समतलीकरण वर्णावत मोटर मार्ग से 65 गांव को जोड़ने हेतु किमी 1 से 4 तक क्षतिग्रस्त भाग का मरम्मत व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा।
13- मोरी नैटवाड़ सांकरी मोटर मार्ग किमी 4 से परिवर्तन समतलीकरण वर्णावत मोटर मार्ग के किमी 10 से 12 क्षतिग्रस्त भाग का निर्माण कार्य किया जाएगा।
14- पाव तल्ला के खड्ड पर पैदल हेतु आरसीसी 15 मीटर पुलिया के निर्माण किया जाएगा।
15-फिताड़ी से ढांचा तक पैदल गस्ती मार्ग का पुनः निर्माण कार्य किया जाएगा।
16- रूपिन रेंज के अंर्तगत हड़वाडी में भूस्खलन रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य किया जाएगा।
17-सुनकुंडी के उपला कनोला में आरसीसी पुलिया के निर्माण किया जाएगा।
18- रूपिन रेंज के अन्तर्गत धौला से इस्लागाड़ चांगशील पर्यटन मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
19-पाव तल्ला से कलाव सम्पर्क मार्ग खेसडी खड्ड तक व पैदल असरसीसी पुलिया का निर्माण।
20 -पाव तल्ला के नई नागर खड्ड तक पैदल आरसीसी कार्य का निर्माण।
21 नगर पंचायत नौगाँव के मुगरा घाटी में हॉस्पिटल तक बाईपास कार्य का निर्माण किया जाएगा।
22 विकास खंड नौगाँव के अंर्तगत भाटिया से कराड़ी मोटर मार्ग व मसाल गांव से गंगराड़ी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
23 नगाणगांव,गंगटाड़ी उद्यान केंद्र की स्वीकृति
24- कोल्ड स्टोर आराकोट का कार्य किया जाएगा।
25 रंवाई जौनपुर जनकल्याण समिति को देहरादून नगर निगम निःशुल्क भूमि आवंटित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री बोले उत्तराखंड आने वाले समय में पूरी दुनिया की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी बनेगी।

आंगबाड़ी बहनों को दीवाली से पहले मिलेगा शानदार तोहफा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तरकाशी के विकास खंड नौगाँव पहुँचे। यमुनावैली को कृषि मंडी की बड़ी सौगात देते हुए 85 करोड़ से अधिक की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जनपद के समेकित विकास के लिए कई अहम घोषणा की। राजकीय इंटर कॉलेज नौगाँव में आयोजित कार्यक्रम में जनता को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड को विकास के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता, साधु संतों के सहयोग और सरकार के समन्वय से उत्तराखंड आने वाले समय में पूरी दुनिया की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी बनेगी। उत्तराखंड को विकास के क्षेत्र में नंबर वन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है नए कृषि कानून लागू कर केंद्र व राज्य सरकार लगातार देश के किसानों के हित में कार्य कर रही है। नई कृषि नीति के तहत विभिन्न फसलों का उत्पादन करने के वाले किसानों को जहां आधुनिक तकनीकी मिलेगी वहीं किसानों की आय भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड 2025 तक विकास के क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य होगा। प्रधानमंत्री जी के उत्तराखंड के प्रति बेहद लगाव है। रेल सेवा, चारधाम, हवाई सेवाओं समेत कई ऐतिहासिक कार्य हुए है तथा गरीबों के जीवन मे परिवर्तन आया है। देश के अंदर हर क्षेत्र में कई कार्य हुए है। प्रधानमंत्री ने देश के किसानों व जवानों का मनोबल बढ़ाया है। होली, दीवाली, जन्मदिन को जवानों के बीच मनाया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत मजबूत, शक्तिशाली और गौरवशाली भारत बन रहा है। जिसकी हम सबने कल्पना की उस दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भरोसा दिया कि दीवाली से पहले आंगनबाड़ी बहनों को शानदार तोहफा दिया जाएगा। सरकार ने आशा,ग्राम प्रधान, उपनल कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया है। कर्मचारियों को भत्ता व गोल्डन की सुविधा दी है।कोविडकाल में जिन बच्चों ने अपने माता पिता को खोया है उनके लिए वात्सल्य योजना लागू की है। शीघ्र ही आंगबाड़ी बहनों को एक तोहफा दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट व जिला प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, कृषि व उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, निवर्तमान विधायक पुरोला राजकुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, पूर्व राज्यमंत्री जगबीर भंडारी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी, ब्लाक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत सहित स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।

चमोली और उत्तरकाशी के लिये आधुनिक एम्बुलेंस रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (एन.एच.आई.डी.सी.एल.) द्वारा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित दो एम्बुलेंसों को जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के लिये फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंसों में आकस्मिक उपचार की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए एन.एच.आई.डी.सी.एल. के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी की जनता को समर्पित ये एम्बुलेंस इन क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित उपचार प्रदान करने में मददगार होगी।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक एन.एच.आई.डी.सी.एल., कर्नल (से.नि.) सन्दीप सुधेरा, महाप्रबन्धक ले. कर्नल वरुण वाजपेई, विनोद पैन्यूली, वी.एस. खेरा, सीएमओ चमोली उमा रावत आदि उपस्थित थे।

बिना बेहोश किए सफल अवेक कार्डियो थोरेसिक सर्जरी में मिली सफलता

अ​खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने छाती में ट्यूमर की समस्या से जूझ रहे एक मरीज को बिना बेहोश किए उसकी सफल अवेक कार्डियो थोरेसिक सर्जरी करने में विशेष सफलता प्राप्त की है। चिकित्सा क्षेत्र में उत्तर भारत का यह पहला मामला है, जिसमें मरीज को बिना बेहोश किए यह बेहद जटिल सर्जरी की गई। इस मरीज का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया। इलाज के बाद मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद स्थित चिन्यालीसौड़ निवासी 30 एक वर्षीय व्यक्ति पिछले लंबे अरसे से छाती में भारीपन और असहनीय दर्द की समस्या से जूझ रहा था। लगभग 3 महीने पहले परीक्षण कराने पर पता चला कि उसकी छाती में हृदय के ऊपर एक ट्यूमर बन चुका है। इलाज के लिए वह पहले राज्य के विभिन्न अस्पतालों में गया, लेकिन मामला जटिल होने के कारण अधिकांश अस्पतालों ने उसका इलाज करने में असमर्थता जाहिर कर दी। इसके बाद अपने उपचार के लिए मरीज एम्स ऋषिकेश पहुंचा। यहां विभिन्न जांचों के बाद एम्स के कार्डियो थोरेसिक व वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अंशुमन दरबारी जी ने पाया कि मरीज की छाती के भीतर व हार्ट के ऊपर थाइमिक ग्रंथी में संभवतः एक थायमोमा में एक ट्यूमर बन चुका है और उसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
इस बाबत सीटीवीएस विभागाध्यक्ष व वरिष्ठ सर्जन डा. अंशुमन दरबारी ने बताया कि यदि मरीज का समय रहते इलाज नहीं किया जाता तो हार्ट के ऊपर बना ट्यूमर बाद में कैंसर का गंभीर रूप ले सकता था। उन्होंने बताया कि आसपास के महत्वपूर्ण अंगों के कारण छाती के भीतर ट्यूमर में सामान्यतरू बायोप्सी करना संभव नहीं होता है इसलिए मरीज की बीमारी के निराकरण के लिए रोगी की सहमति के बाद उसकी ’अवेक कार्डियो थोरेसिक सर्जरी’ करने का निर्णय लिया गया।
अत्याधुनिक तकनीक की बेहद जोखिम वाली इस सर्जरी में मरीज की छाती की हड्डी को काटकर मरीज को बिना बेहोश किए उसके हार्ट के ऊपर बना 10 गुना 7 सेंटीमीटर आकार का ट्यूमर पूर्णरूप से निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में लगभग 2 घंटे का समय लगा और 4 दिन तक मरीज को अस्पताल में रखने के बाद अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सर्जरी करने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम में डॉ. अंशुमन दरबारी के अलावा सीटीवीएस विभाग के डॉ. राहुल शर्मा जी और एनेस्थेसिया विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय कुमार जी शामिल थे।
एम्स निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले चिकित्सकों के कार्य की सराहना की है। उन्होंने बताया कि मरीजों के बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे तत्परता से कार्य कर रही है।

क्या है ’अवेक कार्डियो सर्जरी’
सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. दरबारी ने बताया कि अवेक कार्डियो थोरेसिक सर्जरी की शुरुआत वर्ष-2010 में अमेरिका में हुई थी। भारत में यह सुविधा अभी केवल चुनिंदा बड़े अस्पतालों में ही उपलब्ध है। इस तकनीक द्वारा मरीज की रीढ़ की हड्डी में विशेष तकनीक से इंजेक्शन लगाया जाता है। इससे उसकी गर्दन और छाती का भाग सुन्न हो जाता है। पूरी तरह से दर्द रहित होने के बाद छाती की सर्जरी की जाती है। खासबात यह है कि सर्जरी की संपूर्ण प्रक्रिया तक मरीज पूरी तरह होश में रहता है। यहां तक कि सर्जरी के दौरान मरीज से बातचीत भी की जा सकती है। सामान्यतौर पर सर्जरी प्रक्रिया के दौरान मरीज को बेहोशी दवाओं का दुष्प्रभाव हो सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह बेहोशी दवाओं के दुष्प्रभाव से भी बच जाता है। इस तकनीक से मरीज को वेन्टिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता भी नहीं होती है। साथ ही तकनीक में मरीज की रिकवरी बहुत ही सहज और तेज हो जाती है।

राजकुमार को शामिल कर भाजपा ने कांग्रेस पर फिर बनाई बढ़त

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है। बड़े नेताओं को पार्टी से जोड़ने की कवायद की कड़ी में रविवार दोपहर उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक राजकुमार भाजपा में शामिल हो गए। नई दिल्ली पार्टी मुख्यालय में उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि उत्तराखंड में लगभग चार-पांच माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियां लगातार कद्दावर नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद में जुटी हुई है। फिलहाल भाजपा इसमें सबसे आगे है। हाल ही में धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कुछ और विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कहा गया कि एक अन्य निर्दलीय और एक कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच रविवार दोपहर पुरोला विधायक राजकुमार ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
राजकुमार बीते तीन दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। पहले उनके शनिवार को भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। इसके पीछे कारण यह बताया गया कि कुछ बिंदुओं को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी।
शनिवार देर रात तक विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। रविवार सुबह सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई। इसके बाद दोपहर में पुरोला विधायक विधिवत रूप से भाजपा में शामिल हो गए। उनके भाजपा में आने से अब भाजपा में विधायकों की कुल संख्या 57 पहुंच गई है। हालांकि, भाजपा के गंगोत्री विधानसभा सीट के विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन से भाजपा की एक सीट कम हो गई है। इस सीट पर उप चुनाव नहीं हुआ है।
आपको बता दें कि पुरोला से विधायक राजकुमार पहले भारतीय जनता पार्टी में ही थे। वे भाजपा से विधायक रह चुके हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनाए जाने पर वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

गरतांग गली को नुकसान पहुंचाने पर गंगोत्री थाने में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

असामाजिक तत्व खूबसूरत चीजों को बदरंग करने से बाज नहीं आते। उत्तरकाशी में भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह रही ऐतिहासिक गरतांग गली (Gartang gali disfigured) पर भी ऐसे ही असामाजिक तत्वों की नजर पड़ी है। 300 साल पुराने लकड़ी से बने इस खूबसूरत पुल को हाल में पर्यटकों के लिए खोला गया है। लेकिन अराजक तत्वों ने इस लकड़ी पर भी अपने नाम गोद डाले हैं। जिससे इसकी खूबसूरती पर दाग लग रहा है। ऐसे अराजक तत्वो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

गंगोत्री थाने में इन अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद सिंह की तहरीर पर धारा 427 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग ने आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द उचित कारवाई के आदेश दिए हैं।

ऐतिहासिक गरतांगगली भारत-तिब्बत व्यापार का प्रमुख मार्ग रहा है। करीब 300 साल पहले पेशावर सेआए पठानों ने इसका निर्माण किया था। लेकिन भारत चीन युद्ध के बाद इस मार्ग को बंद कर दिया गया था। इस मार्ग पर करीब 500 मीटर लंबाई की लकड़ी की सीढ़ियां आकर्षण का केंद्र हैं।

राज्य सरकार के प्रयासों के बाद हाल ही में इस गली का जीर्णोद्धार कराया गया है। देवदार की लकड़ी से दोबारा सीढ़ीदार रास्ता तैयार किया गया है। इस ऐतिहासिक जगह को देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।

11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है इंजीनियरिंग का नायाब नमूना गरतांग गली की सीढ़ियां

भारत-तिब्बत व्यापार की गवाह रही उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का देश-विदेश के पर्यटक दीदार करने लगे हैं। गरतांग गली की सीढ़ियों का पुनर्निर्माण कार्य जुलाई माह में पूरा किया जा चुका है। इसके बाद से ही ऐसे में रोमांचकारी जगहों पर जाने के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह एक शानदार विकल्प है।

गरतांग गली की करीब 150 मीटर लंबी सीढ़ियां अब नए रंग में नजर आने लगी हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी गरतांग गली की सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है। इंसान की ऐसी कारीगरी और हिम्मत की मिसाल देश के किसी भी अन्य हिस्से में देखने के लिए नहीं मिलेगी।

1962 भारत-चीन युद्ध के बाद इस लकड़ी की सीढ़ीनुमा पुल को बंद कर दिया गया था, अब करीब 59 सालों बाद वह दोबारा पर्यटकों के लिए खोला गया है। कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस ही लोगों को पुल में भेजा जा रहा है। पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था। यह ट्रैक भैरोंघाटी के नजदीक खड़ी चट्टान वाले हिस्से में लोहे की रॉड गाड़कर और उसके ऊपर लकड़ी बिछाकर रास्ता तैयार किया था। इसके जरिए ऊन, चमड़े से बने कपड़े और नमक लेकर तिब्बत से उत्तरकाशी के बाड़ाहाट पहुंचाया जाता था। इस पुल से नेलांग घाटी का रोमांचक दृश्य दिखाई देता है। यह क्षेत्र वनस्पति और वन्यजीवों के लिहाज से काफी समृद्ध है और यहां दुर्लभ पशु जैसे हिम तेंदुआ और ब्लू शीप यानी भरल रहते हैं।

सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है नेलांग घाटी
नेलांग घाटी सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। गरतांग गली भैरव घाटी से नेलांग को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर जाड़ गंगा घाटी में मौजूद है। उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी चीन सीमा से लगी है। सीमा पर भारत की सुमला, मंडी, नीला पानी, त्रिपानी, पीडीए और जादूंग अंतिम चौकियां हैं।

वहीं, सतपाल महाराज पर्यटन मंत्री उत्तराखंड कहा ने भारत सरकार ने पर्यटकों की आवाजाही पर लगाई थी रोक। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद बने हालात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उत्तरकाशी के इनर लाइन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यहां के ग्रामीणों को एक निश्चित प्रक्रिया पूरी करने के बाद साल में एक ही बार पूजा अर्चना के लिए इजाजत दी जाती रही है। इसके बाद देश भर के पर्यटकों के लिए साल 2015 से नेलांग घाटी तक जाने के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से इजाजत दी गई।

पर्यटन सचिव ने बताया कि दिलीप जावलकर उत्तराखंड धरोहर संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का 64 लाख रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गरतांग गली के खुलने के बाद स्थानीय लोगों और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों को फायदा मिल रहा है। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह एक मुख्य केंद्र बन रहा है।

वहीं, मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी ने कहा के पुनर्निर्माण कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुरानी शैली में पुननिर्माण कार्यों को जुलाई माह में पूरा कर लिया गया था। कोरोना नियमों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस पर्यटकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

नेलांग घाटी के आसपास-हर्षिल
हर्षिल, हिमालय की तराई में बसा एक गांव, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां से गंगोत्री की दूरी मात्र 21 किलो मीटर ही बचती है, जो कि हिन्दुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। गंगोत्री तक रास्ता अपने आप में इतना मनमोहक है कि एक बार से आपका मन नहीं भरेगा।

केदारताल
केदारताल उत्तराखंड में सबसे खूबसूरत झीलों में से एक ताल है। यह गंगोत्री से 18 किमी की दूरी पर स्थित, गढ़वाल हिमालय में दूर केदार ताल निश्चित रूप से साहसिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है। केदारताल से केदारगंगा निकलती है जो भागीरथी की एक सहायक नदी है।

साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए निम का प्रशिक्षण शिविर शुरु

उत्तराखंड में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए देश-दुनिया को दर्जनों नामचीन पर्वतारोही देने वाले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) प्रदेश के युवाओं को कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग, पहाड़ पर चढ़ने और राहत व बचाव की बारीकियां सिखाएंगे। सात दिन तक चलने वाले कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यूटीडीबी व निम के संयुक्त तत्वावधान में चलने वाले सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे अभ्यर्थियों को शुभकामनाऐं दी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाऐं हैं। साहसिक पर्यटन उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण के लिए रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह राज्य के साहसिक पर्यटन क्षेत्र मंू एक नवीनतम कदम है, जो राज्य में साहसिक पर्यटन को नई ऊचाईयां देगा। इससे उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश भर के युवाओं को इससे जोड़कर उन्हें साहसिक खेलों में भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।

यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विन पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बताया कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना को लागू किया गया था। योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों में 13 ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर में 73 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इन अधिसूचित गांवों से इच्छुक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से निम के साथ मिलकर सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पहले चरण में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के 49 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए निम और यूटीडीबी के बीच जुलाई माह में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण के लिए 4 बैच संचालित किए जाने प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 260 युवा व युवतियों को स्वरोजगार से जोड़े जाने की योजना है। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद युवाओं को निम और यूटीडीबी द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मयूर दीक्षित जिलाधिकारी उत्तरकाशी, ले. कर्नल योगेश धूमल, वाइस प्रिंसिपल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, रनवीर सिंह नेगी थल क्रीड़ा विशेषज्ञ, जगमोहन सिंह रावत मुख्य प्रशिक्षक नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, प्रकाश खत्री जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी, निम क्यूरेटर विशाल रंजन मौजूद रहे।

जिलाधिकारियों को सीएम का निर्देश, जिलों में ही जन समस्याओं का करें निराकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के बाद मीडियाकर्मियों से वार्ता की। कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ हैं। प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। यह सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जन समस्याओं का समाधान जिलों में ही करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिलों की समस्यायें यदि शासन स्तर पर प्राप्त होगी तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी उतरदायी माना जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित समाधान करना हमारे लिये जरूरी है इसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं। विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायरत व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपए प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टुअर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टुअर ऑपरेटरों को 10,000 रूपए की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। कुल पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत कुल 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालक, परिचालक व क्लीनर को 2000 रूपए की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000.00 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का 2000 रूपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड अधिनियम 15 जून, 2020 के गैजेट में अधिसूचित होने पर अस्तित्व में आया है। अधिनियम के अंतर्गत रावल, पंडे, पुजारी, हक-हकूकधारी, स्थानीय हितधारकों के पारंपरिक, धार्मिक एवं आर्थिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात रहने के बावजूद भी इन पवित्र धामों के कतिपय हितधारकों के मन में संशय एवं अनिश्चितता प्रतीत होती है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है एवं उससे राज्य के सभी वर्गों का हित व विकास जुड़ा है। उनका मानना है कि इस आर्थिक गतिविधि को नए आयाम देते हुए स्थानीय उद्देश्य व्यवसायियों एवं हक-हकूकधारियों के हकों को प्रतिकूल प्रभाव ना पढ़ने देने के उद्देश्य से कोई भी नई व्यवस्था को खरा उतरना होगा। अतः सर्व हितधारकों से प्रभावी विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य सरकार सकारात्मक परिवर्तन-संशोधन करने के पक्ष में है। अतः इस अधिनियम से हुई व्यवस्था परिवर्तन से हितधारकों पर हुए परिणामों का आंकलन करने और व्यवस्था विचलन के विधिक परिणामों के आकलन हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। समिति की संस्तुति के आधार पर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की व्यवस्था के संदर्भ में अग्रिम निर्णय लिया जायेगा।

सीएम ने किया उत्तरकाशी के आपदा ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण, गदेरे के दोनों और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित मांडो व कंकराडी गांव का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मांडो गांव पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की और आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने आपदा में मृतक लोगों के परिजनों से मिलकल शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी तथा ढांढस बंधाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीणों की मांग पर माण्डो गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश डीएम को दिए हैं। वहीं जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने के बाद विस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मृतक के पति देवानन्द भट्ट सर्प जोगत गांव में बेसिक स्कूल में अध्यापक है उनकी माता अनपूर्णा देवी द्वारा उनका स्थानान्तरण जिला मुख्यालय की नजदीकी स्कूल में करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में करने के निर्देश डीएम को दिए। मांडो गांव के बाद मुख्यमंत्री कंकराड़ी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक सुमन के परिजनों से मुलाकात की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। और हर सम्भव मदद का भरोसा दिया।


मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को आपदा राहत की मद से रूपये 04 लाख के अतिरिक्त 01 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिये जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित गांवों के विस्थापन, क्षतिग्रस्त पुलों व आन्तरिक मार्गों के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिये।

इस दौरान काबीना व जिला प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, प्रभारी सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र कोहली, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ गौरव कुमार आदि मौजूद थे।