विस अध्यक्ष ने गणपति का किया विसर्जन, सभी के लिए मांगा आर्शीवाद

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गणपति को घर में स्थापित करने के बाद रविवार को परिवार सहित गंगा में विधि विधान से विसर्जन किया। गणपति जी का विसर्जन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि, स्वस्थ जीवन की कामना की।
ऋषिकेश स्थित अपने निजी आवाज से विधानसभा अध्यक्ष ने धर्मपत्नी शशिप्रभा अग्रवाल व सुपुत्र पीयूष अग्रवाल सहित गणपति जी को लेकर आस्था पथ पर पहुंचे, जहां गणपति का गंगा में विसर्जन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गणपति जी प्रदेशवासियों को कोरोना और जीवन में आई हर विपत्ति का सामना करने की शक्ति दें। उन्होंने कहा श्री गणेश की उपासना से जीवन में स्थायित्व आता है और विघ्नों का नाश होता है। उन्होंने कहा कि बुद्धि और समृद्धि के आराध्य देव भगवान गणेश जीवन में श्रेष्ठ और सृजनात्मक कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। हम सभी को उनका स्मरण और वंदन करना चाहिए।

किशोर उपाध्याय ने किया ऐलान, चारधाम यात्रा शुरू न होने पर बदरीनाथ के दर्शन को तोड़ देंगे सारे प्रतिबंध


यदि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा शुरू नहीं की तो एकादशी के दिन सारे प्रतिबंध तोड़कर भगवान बदरीनाथ के दर्शन को जाऊंगा। यह बात आज प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कही। उन्होंने सरकार से तुरंत चार धाम यात्रा शुरू करने की मांग की है।

प्रेसवार्ता में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जब स्कूल, पर्यटक स्थल खुल गये हैं। यात्रियों से भरी बसें चल रही है, तो चारधाम यात्रा से सरकार क्यों परहेज़ कर रही है। चारधाम यात्रा से पहाड़ के लाखों लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। आशंका व्यक्त की कि तीर्थ पुरोहितों के आन्दोलन के मध्यनज़र सरकार की छवि देश-विदेश में और ख़राब न हो, इसलिए भी यात्रा शुरू नहीं की जा रही है। उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें चारधाम यात्रा शुरू न होने से लोगों पर पड़ रहे आर्थिक प्रभावों के सम्बन्ध में सुझाव दिये हैं। लोगों के ऋण, टैक्स के साथ बिजली-पानी के बिल माफ करने की मांग की है। कहा कि सरकार ने अगर चारधाम यात्रा शुरू न की तो वे सारे प्रतिबंधों को तोड़कर आने वाली एकादशी को भगवान बदरी विशाल के दर्शनों को जाएंगे। प्रेस वार्ता में एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला, पूर्व प्रदेश महासचिव डा केएस राणा, पूर्व मंडी अध्यक्ष जय सिंह रावत, प्रदेश सचिव विजयपाल रावत, मनोज गुसांई, दिनेश भट्ट, भगवती सेमवाल, दिनेश सकलानी, देव पोखरियाल, अजय रमोला, विनोद सकलानी आदि मौजूद रहे।

तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात में सीएम ने कहा, नहीं होगा अहित


सीएम आवास में देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और पण्डा समाज का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता श्री मनोहर कांत ध्यानी जी को संबंधित तीर्थ पुरोहितों के पक्ष को जानकर पूरी रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार सभी को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी।

बदरीनाथ मास्टर प्लान को मूर्त रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों की भी बात सुनी जाएगी और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाऐगा। सभी के हित यथासंभव सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से रास्ता निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद साधु-संतों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में स्थापित साधु संतों के आश्रमों व धर्मशालाओं को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। अब इनके बिजली पानी के बिल और सीवरेज टैक्स व्यावसायिक दरों के स्थान पर घरेलू दरों पर वसूलेगी। दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ संतों का आशीर्वाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने यह मांग उठाई। जिस पर मुख्यमंत्री धामी ने यह एलान किया।

हरिद्वार में सबसे ज्यादा आश्रम और धर्मशाला
बता दें कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद तीर्थनगरी हरिद्वार में 950 से अधिक आश्रमों और धर्मशालाओं को कामर्शियल दरों से राहत मिलेगी। इस निर्णय से पूरे प्रदेश में चेरिटेबल ट्रस्ट के तहत संचालित साधु संतों धर्मशालाओं और मंदिर मठों को फायदा होगा। 

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में साधु संतों के आश्रमों, धर्मशालाओं, मंदिरों और मठों के गृह कर, बिजली, पानी के बिल और सीवरेज का टैक्स व्यावसायिक कर दिया गया था। जब वह शहरी विकास मंत्री बनें तो उन्होंने एक्ट में संशोधन के माध्यम से गृह कर को व्यावसायिक से घरेलू कर दिया था। लेकिन बिजली, पानी का बिल और सीवरेज का टैक्स घरेलू नहीं हो पाया था। कौशिक ने राहत के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। 

मुख्यमंत्री घोषणा के बाद कार्यक्रम में उपस्थित साधु संतों के चेहरे पर चमक बिखर गई। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया। साथ ही मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष के सहयोग की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संतों के आश्रमों व धर्मशालाओं में व्यावसायिक तौर पर लिए जाने वाले कर को हम घरेलू दरों में परिवतिर्त करेंगे व आगामी समय में कुंभ के लिहाज से संत समाज का एक सम्मान समारोह भी किया जाएगा।

सीएम का आग्रह-केदारपुरी में फेज-टू के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करे पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने तथा वासुकी ताल क्षेत्र के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को भी नये लोकेशन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये।
प्रधानमंत्री ने स्थानीय जन भावनाओं के अनुरूप ईशानेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण, आस्था चौक पर “ऊँ“ कार की प्रतिमा स्थापित करने, शंकराचार्य समाधि एवं शिव उद्यान के डिजाइन में जन भावनाओं के अनुरूप संशोधन करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरी में फेज-टू के 113.92 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने हेतु प्रधानमंत्री से समय देने का आग्रह किया। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री द्वारा शीघ्र समय निर्धारण हेतु आश्वासन दिया गया।

प्रधानमंत्री के विजन एवं मार्गदर्शन में हो रहा है केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ में 2013 में आयी आपदा के बाद प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी, एक नयी सुरक्षित एवं सुविधा युक्त धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में निर्मित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि स्थानीय स्थापत्य कला, नवीन तकनीकी के इस्तेमाल, ठोस अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था के साथ केदारनाथ धाम सुनियोजित आधुनिक संसाधनों से युक्त इको फ्रेंडली टाउन के रूप में विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि बद्रीनाथ को स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिये प्रथम चरण के 245 करोड़ की योजना के कार्यों को शुरू करने के लिये 22 राजकीय भवनों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय राज्य की कैबिनेट द्वारा लिया जा चुका है। इससे कार्यों में अब तेजी आ सकेगी।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं जिसमें टेम्पल प्लाजा, एराइवल प्लाजा, मन्दाकिनी एवं सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवार निर्माण, 05 घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी रिवर फ्रंट के कार्य 5 गेस्ट हाउसों का निर्माण, 3 ध्यान गुफाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। आदि शंकराचार्य की गुफा का निर्माण कार्य गतिमान है जबकि, द्वितीय चरण में 113.92 करोड़ के 13 कार्यों पर भी कार्यवाही गतिमान है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव युगल किशोर पंत उपस्थित थे।  

प्रसिद्ध बग्वाल मेले का संचालन राज्य सरकार करेगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत की लोहाघाट विधानसभा के देवीधुरा में 21.56 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लोगो की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए देवीधुरा स्थित मॉ वाराही धाम में लगने वाले प्रसिद्ध बग्वाल मेले का संचालन राज्य सरकार द्वारा किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा लोहाघाट विधानसभा हेतु 39.70 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास की विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण से क्षेत्र वासियों को इनका लाभ मिलेगा। उनेंने कहा कि हर क्षेत्र का विकास ही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि हम आगे भी देवीधुरा क्षेत्र के विकास हेतु हमेशा तत्पर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हमारी सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने नव निर्मित राजकीय आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा के भवन का लोकार्पण करते हुए विद्यालय में बीएससी, बीकॉम, कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। लोहाघाट नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने, लोहाघाट पीजी कालेज में स्नातकोत्तर स्तर पर समाज शास्त्र व इतिहास विषय सृजित करने आदि की भी घोषणा की। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी आशाओं एवं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरा प्रयास करेगी। महाविद्यालय के भवन लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के कक्षा-कक्षों आदि का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने जिन 5 योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें भारत सरकार द्वारा पोषित ’रूसा’ परियोजना के अंतर्गत आदर्श महाविद्यालय (मॉडल कॉलेज) के भवनों का निर्माण लागत कुल 10.47 करोड़, नाबार्ड के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी में शाल टांण मोटर मार्ग से माँ शिलादेवी मंदिर तक सड़क मार्ग का सुधारीकरण कार्य लागत रूपये 1.73 करोड़, राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत तिमलागुंठ पीपलढींग मोटर मार्ग का पुनःर्निर्माण व सुधारी करण कार्य लागत रू. 1.91 करोड़ है। राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी में काठगोदाम खुटानी लोहाघाट पंचेश्वर मोटर मार्ग से ग्राम सभा गहतोडा में झाड़सिरतोली तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 1.86 करोड़ खसकांड़े सोलर पंपिंग पेयजल योजना 104.24 लाख शामिल है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जिन 4 योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत पाटी छत्तरदयार गुम मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण व सुधारीकरण का कार्य लागत 1.15 करोड़, विकासखंड पाटी में छिनकाछीना सिमलखेत मोटर मार्ग के जालछीना से ग्राम कजीना के गहत्वाड़ तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 99.47, विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत टाक बैंड से कुंडीमाहरा मोटर मार्ग सुधारीकरण का कार्य लागत 1.12 करोड़ है। लोहाघाट डिग्री कॉलेज से गंगनौला- नसखौला होते हुए पोखरीबोरा मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य लागत रू. 1.29 करोड़ शामिल है ।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के लिये की गई 39.70 करोड़ की घोषणा में लोहाघाट नगर के लिये लिफ्ट पेयजल योजना के लिये 16.92 करोड़, दिगाली चौड के लिये लिफ्ट पंपिंग योजना हेतु 3.87 करोड़, विकासखण्ड पाटी में लधिया नदी के बांये एवं दायें पार्श्व में स्थित ग्राम परेवा गागरी एवं कुल्यालगांव के साथ ही बाराकोट के ग्राम बोतडी में बाड़ सुरक्षा कार्यों हेतु 11.66 करोड तथा विकासखण्ड लोहाघाट, बाराकोट तथा पाटी विभिन्न सड़कों के लिये निर्माण हेतु 7.25 करोड़ की धनराशि शामिल है।
इससे पूर्व देवीधुरा पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वप्रथम विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा पहुंचने पर पौधारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि महाविद्यालय देवीधुरा के रूप में क्षेत्रीय जनता को एक मॉडल कॉलेज मिल रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। लोहाघाट विधायक पूरन फर्त्याल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लोहाघाट विधानसभा विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, जिला पंचायत अध्यक्षा ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी त्रिलोक सिंह मर्ताेलिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

स्वतंत्रता संग्राम में गुरूकुल कांगड़ी का अप्रतिम योगदान रहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देवभूमि विज्ञान समिति द्वारा स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित ‘‘स्वतंत्रता संग्राम में गुरूकुल कांगड़ी का अप्रतिम योगदान’’ कार्यक्रम को अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री ने वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में भी योगदान रहा है। 19वीं सदीं के कालखण्ड में भारत में जिन महानुभावों ने जन जागृति की ज्योत जगायी उनमें ऋषि दयानन्द का प्रमुख स्थान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी दयानन्द ने गुरूकुल शिक्षा प्रणाली की जो नींव डाली, उससे भारत में पुनः सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपनी विशिष्ट योगदान दिया। आर्य समाज की स्थापना जहां उनके द्वारा किया गया महान कार्य था। वहीं गुरूकुल आधारित शिक्षा प्रणाली को पुनः मुख्य धारा से जोड़ने का महान कार्य उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूकुल कांगड़ी एक विश्व विद्यालय ही नहीं बल्कि राष्ट्र आराधना के लिये तत्पर एक तीर्थ के समान भी है।
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानन्द ने सामाजिक जन जागरण की जो दृष्टि दिखाई उसे कार्यरूप में परिणति तक पहुंचाने का कार्य उनके महान शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द जी ने 1901 में गुरूकुल काँगड़ी की स्थापना कर की।
स्वामी श्रद्धानन्द द्वारा अंग्रजों द्वारा लागू की गई शिक्षा पद्धति के स्थान पर वैदिक धर्म तथा भारतीयता की शिक्षा देने के लिये स्थापित गुरूकुल विद्यालय आज गुरूकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के रूप में शिक्षा का प्रमुख केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठित है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देते हुए स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले संस्थान के योगदान पर सेमिनार के आयोजन के लिये आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन देवभूमि विज्ञान समिति के सचिव डॉ हेमवती नन्दन गुरूकुल काँगड़ी सम विश्वविद्यालय ने किया।
इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक आदेश चौहान, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव जयंत सहस्त्रबुद्धे, प्रो. रूप किशोर शास्त्री कुलपति गुरूकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय, प्रो के.डी. पुरोहित अध्यक्ष देवभूमि विज्ञान समिति प्रो. एन.एस भण्डारी, डॉ. नरेन्द्र सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया।

लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट त्रिवेणीघाट से बरामद

टिहरी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गुरूवार को त्रिवेणी घाट गंगा तट से लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि महिला थाना घनसाली क्षेत्र से बीते बुधवार को घर से लापता हो गई थी।
लेकिन महिला का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुसाइड नोट में महिला ने सुसरालियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है और मौत की वजह बताई है। वहीं मामले में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही महिला की तलाश के लिए गंगा में सर्च आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि थाना घनसाली टिहरी गढ़वाल, ग्राम तुंग पोस्ट बाजियाल गांव निवासी मंजू पंवार (24 वर्ष) पत्नी दीपक बुधवार की सुबह करीब छह बजे घर से लापता हो गई थी। महिला के पति ने महिला की काफी तालाश की जब मंजू का कहीं कुछ पता नहीं चल सका उसके पति ने थाना घनसाली में सूचना दी। पुलिस ने मामलें में मंजू का गुमशदी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शूरू कर दी थी।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था। जिसकी मदद से पुलिस जांच में महिला के मोबाइल लोकेशन गुरुवार की सुबह करीब 6रू30 बजे त्रिवेणी घाट चौकी क्षेत्र में गंगा तट स्थित नाव घाट पर मिली। पुलिस ने मंजू के परिजनों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद विवाहिता के स्वजन नाव घाट पहुंचे तो उन्हें वहां मंजू का ट्राली बैग मिला और उसके अंदर एक डायरी और सुसाइड नोट मिला। जिसकी सूचना त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी को दी गई।
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंजू ने डायरी में सुसाइड नोट सहित काफी बातें लिखी हैं। जिसमें लिखा है कि शादी के बाद बच्चा ना होने पर उसकी सास और पति उसे ताना देते थे। मैं सब को छोड़ कर जा रही हूं। वहीं पुलिस ने इस मामले में अनहोनी की आशंका जताई है। जिसके चलते पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की है। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में सर्च आपरेशन चला रही है। मौके पर मंजू की मां, चाचा सहित कई लोग मौजूद है। जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

ऐतिहासिक स्थल पर 101 फीट ऊंचा तिरंगा लहराया

तिरंगा झंडा जिस शान से लहराता है उसे देखकर हर भारतवासी का हृदय भावों से भर जाता है। देश के प्रति समर्पण और प्रेम का संचार मन में होता है। इसी भाव को प्रेरित करने के लिए त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश में एमडीडीए द्वारा स्थापित 101 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अनावरण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया।
देश की आजादी एवं उसकी आन बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा राष्ट्र के प्रति सम्मान और देश भक्ति की भावना को जाग्रत करने के उद्देश्य से त्रिवेणी घाट पर 101 फीट ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। ध्वजारोहण के दौरान ध्वजारोहण स्तंभ के शीर्ष तक राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण कराया गया और तिरंगे को सलामी दी गयी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्विच दबाकर झंडे का आरोहण किया एवं झंडे को सलामी दी। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान से पूरा त्रिवेणी घाट गूंज उठा। मौजूद लोगों की आंखों में तिरंगे को फहरता देख एक अलग सी ही चमक दिखी।
बता दें कि यह तिरंगा झंडा 101 फीट ऊंचा 20 फीट चैड़ा और 30 फीट लंबा बनाया गया है। इसके साथ झंडे के लिए फोकस्ड लाइट्स भी लगाई गयी है। इसका सीधा फोकस तिरंगे पर पड़ेगा। हाइमास्क पोल पर लाइट लगाने के बाद रात की रोशनी में देश का राष्ट्रीय ध्वज खूबसूरत नजर आएगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे गर्व, शक्ति एवं गौरव का प्रतीक हमारा राष्ट्रीय ध्वज शांति, समृद्धि और सदैव विकास के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। आंखों के सामने लहराता राष्ट्रीय तिरंगा और मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने का संकल्प भारत को नया भारत बना रहा है।उन्होंने कहा कि तिरंगा झंडा लग जाने के बाद इसे देख आते-जाते लोग खुद को गौरान्वित महसूस करेंगे।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि हर कोई इस तिरंगे के लिए आहुति देने को तैयार रहता है। तिंरगे को देखकर आम लोगों में राष्ट्रीयता की भावना जगेगी। देश के लिए मरने मिटने की प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, वीर भद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, एमडीडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, सहायक अभियंता पूर्णानंद बहुगुणा, नगर निगम पार्षद रीना शर्मा, डीपी रतूड़ी, कविता शाह, अनीता तिवारी, उषा जोशी, सुमित पवार, कविता शाह, प्रदीप कोहली, संदीप खुराना अनीता रैना, सुंदरी कंडवाल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन के माध्यम से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ड्रोन के माध्यम से श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजक्ट है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि श्री केदारनाथ धाम में पुनर्निमाण कार्यों में और तेजी लाने के लिए मानव संसाधन के साथ पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था भी हो।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में मास्टर प्लान के अनुरूप श्री केदारनाथ को भव्य बनाया जा रहा है।

समयबद्ध, गुणवत्तायुक्त और प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप कार्य पूरा करने के लिए निर्देश
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप भव्य केदारपुरी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री धामी कृतसंकल्प हैं। वे लगातार प्रोजेक्ट की मानिटरिंग कर रहे हैं। खराब मौसम के कारण केदारनाथ न जाने पर उन्होंने ड्रोन के माध्यम से केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट का निरीक्षण और समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में अवशेष आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि स्थल एवं मंदाकिनी नदी पर बन रहे ब्रिज के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन माह में श्री केदारनाथ में कार्य करने के लिए अच्छा समय है, इस दौरान तेजी से कार्य किये जायेंगे।

द्वितीय चरण के कामों में तेजी लाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री केदारनाथ में चल रहे द्वितीय चरण के जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उनमें भी तेजी लाई जाय। सरस्वती नदी पर घाट एवं आस्था पथ के निर्माण के कार्य जल्द पूर्ण किये जाय।

प्रथम चरण के कार्य लगभग पूर्ण
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई की श्री केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों के तहत प्रथम चरण के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। शंकराचार्य सामधि एवं ब्रिज का कार्य भी जल्द पूर्ण हो जायेगा। द्वितीय चरण के कार्यों में 116 करोड़ रूपये के कार्यों की स्वीकृत हो चुकी है। 08 कार्यों पर कार्य शुरू हो गया है। द्वितीय चरण में संगम घाट का नव निर्माण, आस्था पथ में रेन शेटलर, वाटर एटीएम, कमांड एण्ड कंट्रोल रूम, हॉस्पिटल बिल्डिंग एवं अन्य कार्य किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री स्वयं केदारनाथ यात्रा के अनेक बार साथ-साथ ड्रोन के माध्यम से कर चुके हैं विकास कार्यों की समीक्षा
प्रधानमंत्री केदारनाथ आपदा के समय से केदार पुरी के पुनर्निर्माण के लिए चिंतित हैं। प्रधानमंत्री स्वयं केदारनाथ यात्रा के अनेक बार साथ-साथ ड्रोन के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं। 2013 में केदारनाथ आपदा के समय मुख्यमंत्री गुजरात रहते हुए उत्तराखंड सरकार प्रस्ताव दिया था कि केदारनाथ के पुनर्निर्माण में सहयोग करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री बाबा केदार से आध्यात्मिक रूप से जुड़े हैं। स्वयं ध्यान गुफा में बैठकर प्रधानमंत्री जी ने बाबा केदार के प्रति अपनी आस्था सार्वजनिक रूप से प्रकट की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल उपस्थित थे।