बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंड धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरु नानक देव जयंती पर 553 साला महान प्रकाश उत्सव मनाया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल शबद कीर्तन, गुरुवाणी और लंगर के कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंगलवार को रेलवे रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे में कैबिनेट मंत्री डॉ अग्रवाल पहुंचे। सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेका। इस मौके पर सिख समाज की ओर से मंत्री डॉ अग्रवाल को सरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद मंत्री डॉ अग्रवाल रागी जत्थों द्वारा गुरुवाणी और शबद कीर्तन के पाठ में शामिल हुए।
इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि 553 साल पहले भारत में गुरु नानक देव जी नामक एक महान संत हुए। गुरु नानक देव ने बगदाद तक आध्यात्मिकता, परमेश्वर के साथ एकता, और भक्ति के महत्व को फैलाया था। आज, सिख समुदाय गुरु नानक देव का जन्मदिन मनाता है और सिख समुदाय के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है।
गुरु नानक देव ने सांसारिक मामलों में उलझने पर लोगों को अपने अंदर की ओर जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों को हमेशा परमेश्वर के नाम को न भूलने का आवाहन किया। गुरु नानक का जीवन प्रेम, ज्ञान और वीरता से भरा हुआ था।
डॉ अग्रवाल ने गुरु नानक देव की जयंती पर माया में न उलझने की अपील की। साथ ही सदैव धर्म की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
इस मौके पर गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार गोविंद सिंह, उपाध्यक्ष प्रेम सिंह, बूटा सिंह, परमजीत डंग, इंद्रपाल सिंह, भारत भूषण रावल, पार्षद अजीत गोल्डी, शिव कुमार गौतम, तनु तेवतिया, संजीव पाल, कपिल गुप्ता, पंकज गुप्ता, शैलेन्द्र बिष्ट, राजेश धींगरा, गुरु वचन सिंह, इंद्र कुमार गोदवानी, मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती, मोहन सिंह जस्सल, हिम्मत सिंह, गुरमेल सिंह आदि उपस्थित रहे।

छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ ली

श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ ने गंगा उत्सव मनाया। छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ के साथ ही गंगा आरती की।
शुक्रवार को त्रिवेणीघाट पर श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पार्षद चेतन चौहान ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेरा संकल्प के अंतर्गत गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने क्षेत्र के गंगा तटों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी भी प्रकार से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने विचार रखे। इस दौरान छात्राओं द्वारा महागंगा आरती, दीपोत्सव, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। छात्रों ने गंगा आरती कर 251 दीपों की श्रृंखला त्रिवेणी घाट पर बनाई।
इस दौरान हिमांशु कुमार, अमित रतूड़ी, अमित चौहान, तुषार, सुधांशु, तन्मय, रितेश, सलोनी बिष्ट, रितिका, सृष्टि आर्य, प्रीति, मनीषा, माधुरी, शालू, सलोनी, अंबालिका, प्रियंका, अक्षिता, दीक्षा, अभिलाषा, रिया, वर्षा, प्राची, अंकिता, मितिक्षा, सुहानी, साक्षी, ज्योति, खुशी, वैष्णवी, दीक्षा सिंह, किरन, कशिश, शालिनी, मानसी आदि उपस्थित रहे प्

कैबिनेट मंत्री ने डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर देश और प्रदेश की उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

सार्वजनिक छठ पूजन समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मंत्री डॉ अग्रवाल ने डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर देश और प्रदेश की उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर आस्था पथ पर भी पूर्वांचल समाज के लोगों को मंत्री डॉ अग्रवाल ने बधाई दी। साथ ही गंगा में दूध विसर्जित किया।
रविवार को त्रिवेणी घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि छठ पूजा को सूर्य छठ या डाला छठ के नाम से भी संबोधित किया जाता है। इसकी शुरुआत डूबते हुए सूर्य की अराधना से होती है।

डॉ अग्रवाल ने छठ शब्द का महत्व बताया। कहा कि शब्द छठ संक्षेप शब्द षष्ठी से आता है, जिसका अर्थ छः है, इसलिए यह त्यौहार चंद्रमा के आरोही चरण के छठे दिन, कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष पर मनाया जाता है। कार्तिक महीने की चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तक मनाया जाने वाला ये त्यौहार चार दिनों तक चलता है। मुख्य पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के छठे दिन की जाती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि सूर्य भगवान की पूजा कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को भी समाप्त करती है और परिवार की दीर्घायु और समृद्धि सुनिश्चित करती है। यह सख्त अनुशासन, शुद्धता और उच्चतम सम्मान के साथ की जाती है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि छठ व्रत करने वालों के घर में हमेशा सुख-समृद्धि और आरोग्यता बनी रहती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि छठ पर्व के दौरान हवा का नियमित प्राणिक प्रवाह गुस्सा, ईर्ष्या और अन्य नकारात्मक भावनाओं को कम करने में मदद करता है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि सूर्य को शक्ति का देवता माना जाता है और इसकी आराधना पूजा हिन्दू धर्म में काफी महत्व रखती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि देश विविधताओं से भरा हुआ है और हमें उन विविधताओं का आदर-सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने छठ व्रतियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष राम कृपाल गौतम, प्रवक्ता लल्लन राजभर, कार्यक्रम अध्यक्ष शम्भू पासवान, संयोजक प्रदीप दुबे, उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा, महामंत्री परमेश्वर राजभर, कोषाध्यक्ष वीर बहादुर राजभर, जय प्रकाश नारायण, नागेंद्र सिंह, राजू गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

छठ् पूजा कार्यक्रम का शुभारंभ, 100 दीपों को किया प्रज्जवलन

सार्वजनिक छठ पूजा समिति की ओर से छठ पूजा की पूर्व संध्या पर 1100 दीपों का गंगा में दान किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शनिवार को छठ पूजा की पूर्व संध्या पर त्रिवेणी घाट पर 1100 दीपों का दान किया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने छठ पूजा की बधाई दी। साथ ही छठ पूजन आरती में प्रतिभाग कर देश प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान गंगा आरती पर भी शामिल हुए।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जब कोई पर्व सूर्य उदय के साथ-साथ जीवन के उदय का प्रतीक हो जाय तो वह हमारे जीवन में महोत्सव बन जाता है। उन्होंने कहा की अस्त और उदय होते सूर्य की आराधना यानि छठ पूजा व्रत की परम्परा भारत में विहार पूर्वांचल से प्रारम्भ होकर सम्पूर्ण हिंदुस्तान और विश्व में विस्तारित हो चुकी है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि सूर्य को शक्ति का देवता माना जाता है और इसकी आराधना पूजा हिन्दू धर्म में काफी महत्व रखती है। कहा कि देश विविधताओं से भरा हुआ है और हमें उन विविधताओं का आदर-सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने छठ व्रतियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की।
इस अवसर पर शशिप्रभा अग्रवाल, समिति अध्यक्ष राम कृपाल गौतम, लल्लन राजभर, शम्भू पासवान, सीओ डीसी ढौंडियाल, प्रदीप दुबे, कविता शाह, पार्षद शिव कुमार गौतम, बृजेश शर्मा, जयंत शर्मा आदि उपस्थित रहे।

भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदारनाथ के कपाट

भैया दूज के पावन अवसर पर प्रात: 8.30 बजे 11वें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा के कपाट बंद हुए और सेना के बैंड की मधुर धुन के बीच बाबा केदार की चल विग्रह डोली को मंदिर से बाहर लाकर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कराया गया। इस अवसर पर 2500 से ज्यादा श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। (portal of shri kedarnath dham closed for winter season)

प्रांत 3.30 बजे ही केदारनाथ मंदिर खुल गया था। चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया।इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आव्हान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। इसके साथ ही पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नयी केदार पुरी अस्तित्व में आ चुकी है जहां तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं मुहैया हो रही है। गौरीकुंड- केदारनाथ रोप वे के बनने से केदारनाथ यात्रा अधिक सुगम हो जायेगी।

इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इ़फ्रंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि सामूहिक सहयोग समन्वय से यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हुआ है।

कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। आज पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाल राम पुर पहुंचेगी। कल 28 अक्टूबर शुक्रवार को देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास करेगी तथा 29 अक्टूबर शनिवारको श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसी के साथ इस वर्ष श्री केदारनाथ यात्रा का समापन हो जायेगा तथा पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।

इस यात्रा वर्ष चार धाम यात्रा में 43 लाख से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे। हेमकुंट साहिब को मिला कर यह संख्या पौने छयालीस लाख पहुंच गयी। 26 अक्टूबर गौवर्धन पूजा के अवसर पर श्री गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। आज दोपहर में श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे बाबा केदार और यमुनोत्री के कपाट, आज गंगोत्री के हुए बंद

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर आज दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर बंद हो गए। इस अवसर पर तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ी। साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी पहुंचे हैं।

इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के जवान सेना के बैंड के साथ मौजूद हैं। अब कपाट बंद होने के बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में कर सकेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट
वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर 27 अक्टूबर को दोपहर 12रू 09 बजे बंद होंगे। यमुना की डोली लेने के लिए खरशाली गांव से शनि महाराज की डोली 27 अक्टूबर की सुबह यमुनोत्री पहुंचेगी। शीतकाल में यमुना के दर्शन खरशाली स्थित यमुना मंदिर में होंगे।

उधर, द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ के कपाट 27 अक्टूबर यानी भैयादूज पर्व पर सुबह साढ़े आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं पौराणिक परंपराओं के साथ विधिविधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद भगवान की पंचमुखी उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए प्रथम पड़ाव फाटा, 28 अक्टूबर को भोले बाबा की उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी तथा 29 अक्टूबर को पंचगद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल के छह माह तक यहीं पर भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं व भक्त दर्शन कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने मंदाकिनी आस्था पथ व सरस्वती पथ पर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक कर सबकी सुख एवं समृद्धि की कामना की। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद 6वीं बार बाबा केदार के धाम पहुंचे। उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रोपवे का शिलान्यास किया। 1267 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 9.7 किमी. के इस रोपवे के बनने से श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए सुगमता होगी। गौरीकुंड से श्री केदारनाथ पहुंचने में अभी श्रद्धालुओं को 6 से 7 घंटे लगते हैं, इस रोपवे के बन जाने से यह यात्रा सिर्फ आधा घंटे में पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद मंदाकिनी आस्था पथ एवं सरस्वती आस्था पथ पर जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में लगे श्रमजीवियों के साथ बैठकर उनसे मुलाकात की और उनका हौंसला बढ़ाया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक शैला रानी रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधू, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, एसपी आयुष अग्रवाल, तीर्थ पुरोहित विनोद शुक्ला, लक्ष्मी नारायण, कुबेर नाथ एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम धामी ने बदरीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान का निरीक्षण किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित बदरीनाथ दौरे को लेकर बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी कार्यक्रमों की तैयारियों को देखने के साथ ही सीएम ने बदरीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बदरीनाथ मास्टर प्लान का कार्य जोर शोर पर चल रहा है।

बदरीनाथ पहुंच कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बहुआयामी निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के भ्रमण से पूर्व बुधवार को बदरीनाथ में संचालित मास्टर प्लान के विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बदरीनाथ पहुंचने पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने स्वागत किया। आज सुबह बदरीनाथ दर्शनार्थ और यहां चल रहे बदरीनाथ मास्टर प्लान कार्यों का निरीक्षण करने आये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बीकेटीसी अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने स्वागत किया। समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार भी मौके पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी से भी भेंट की। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को बदरीनाथ केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं और इस यात्रा सीजन ने अब तक रिकार्ड संख्या में आते यात्रियों की संख्या और अन्य जानकारियां दीं।

आर्यन कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ जाते वक्त दुर्घटनाग्रस्त, सात यात्रियों की मौत

केदारनाथ धाम में हेली सर्विस में शामिल आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर आज अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 7 लोगों की मौत की सूचना है। मारे गए लोगों में चॉपर के पायलट औऱ यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण ये हादसा हुआ। 7 people died as chopper crash in kedarnath route

मिली जानकारी के अनुसार आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर-VTRPN गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए 6 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहा था। लेकिन बीच में बेहद खराब मौसम औऱ घने कोहरे के कारण पायलट का आगे जा पाना संभव नहीं था। इसी दौरान करीब 12 बजे पायलट ने वापस गुप्तकाशी में लैंडिंग की सोची। लेकिन गरुड़चट्टी के पास जैसे ही पायलट टर्न लेने की कोशिश कर रहा था, चॉपर का नियंत्रण बिगड़ गया और पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में चॉपर के पायलट कैप्टन अनिल समेत 6 अन्य यात्रियों की मौत हो गई है।

हादसे की सूचना के बाद रेस्‍क्‍यू के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। क्रैश होने से हेलीकॉप्टर कई हिस्सों में टूट गया है और बीच का हिस्सा जलकर राख हो गया। मृतकों की पहचान अनिल कुमार (हेलीकॉप्टर के पायलट) उर्वी बरार (25), कुर्ती बरार (30), पूर्वा रामानुज (26), प्रेम कुमार वी (63), सुजाता (56) कला (60) के तौर पर हुई है।

2019 में भी केदारनाथ में हेलीकॉप्‍टर क्रैश हुआ था। केदारनाथ से यात्रियों को लेकर फाटा के लिए उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और इस दौरान हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था। इससे पहले 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू करते हुए वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर समेत तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इन दुर्घटनाओं में 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।