मकर संक्रांति पर्व पर हरकीपौड़ी हुई सील

मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुवार रात से हर की पौड़ी को सील कर दिया गया। जिस कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को हर की पौड़ी में न जा सके। रात को हर की पौड़ी जाने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेडिंग लगा दी गई थी। हर की पौड़ी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हर की की पौड़ी व साथ लगते घाटों पर स्थानीय लोग भी स्नान नहीं कर सकेंगे।
गुरुवार को जिले की सीमाओं में चिड़ियापुर, लाहड़पुर, नारसन, गोकलपुर व वीरपुर के रास्ते हरिद्वार स्नान को आ रहे श्रद्धालुओं को वापिस भेज दिया गया। सीमा पर पुलिस बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों में सवार यात्रियों को आने का कारण पूछ रहे थे। जिन लोगों ने स्नान की बात कही उन्हें सीमा से ही लौटा दिया गया। हालांकि मकर संक्रांति की पूर्व संध्या में हर की पौड़ी पर गंगा आरती में हजारों लोग शामिल हुए।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन
जगजीतपुर फूटबॉल ग्राउंड के निकट स्थित श्री बालाजी धाम, श्री सिद्धबलि हनुमान मंदिर एवं श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महंत दिगंबर आलोक गिरी के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। महंत आलोक गिरी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है। मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्याेदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है।

सीएम ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह टपकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की एवं भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान भोलेनाथ हमारे आराध्य देव हैं। आज भगवान की शरण में आया हूं। भगवान भोलेनाथ से कामना करता हूं प्रदेश नई ऊंचाइयों को छुए। प्रदेश के विकास एवं जनता की कुशलता की कामना की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देश में एक बार फिर कोरोना महामारी का प्रसार तेजी से हो रहा है। हम सबको सतर्क रहने के साथ कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर अपनी जांच करवाएं और आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सावधानी ही कोरोना से सबसे बड़ा बचाव है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में समुचित प्रबंध किए गए हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर दवाएं वह अन्य उपकरण अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में हैं। आम जनता को जागरूक करने को लेकर एक बार फिर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने 5 साल में राज्य में अभूतपूर्व विकास कार्य किये है। जनहित से जुड़ी तमाम योजनाओं को शुरू किया है। जनता विकास के नाम पर भाजपा को वोट देगी और हम 60 पर का जो नारा है उसको साकार करेंगे।

लक्ष्मण झूला में नए पुल के टेंडर प्रक्रिया मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

लोक निर्माण विभाग की ओर से लक्ष्मण झूला में पुराने झूला पुल के समीप टू-लेन मोटर पुल का निर्माण के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया का मामला हाईकोर्ट पहंुच गया है। आरोप है कि अर्हता पूरी न करने वाली कंपनी को टेंडर दे दिया गया है। जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाये रखने का आदेश जारी किया है। अब इस मामले में 20 फरवरी को सुनवाई होगी।
आपको बता दें कि इस पुल के निर्माण के लिए विभाग की ओर से 20 नवंबर, 2021 को टेंडर आमंत्रित किए गए थे। 23 नवंबर को टेंडर खोले गए। जिनमें हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी, कैलाश हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी और पीएंडआर इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के टेंडर को विभाग की ओर से सही पाया गया और पीएंडआर इंफ्रा प्रोजेक्ट के टेंडर को मंजूरी दे दी गई।
इस पर ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी हाईकोर्ट पहुंच गयी। उच्च न्यायालय नैनीताल में विभाग की इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को काम दिया गया है वह टेंडर की अर्हता को पूरा नहीं करती है। कंपनी के निदेशक अजय शर्मा के अनुसार इस पूरे मामले में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर कंपनी की ओर से आपत्ति दर्ज करानेे के बावजूद उनकी बात को नहीं सुना गया। जिस पर वे न्यायालय की शरण में गए। उनका कहना है कि न्यायालय में सुनवाई की तिथि तक जिस कंपनी को काम दिया गया उसके साथ एग्रीमेंट नहीं हुआ था। उन्हें अंदेशा है कि बैक डेट पर एग्रीमेंट किया जा सकता है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग नई टिहरी के अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह का कहना है कि 5 जनवरी, 2022 को संबंधित कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर दिया गया था।

गुरु का जीवन और संदेश लाखों लोगों को शक्ति का देता है-धामी

गुरु गोबिंद सिंह की आज 355वीं जयंती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई दी और कहा कि गुरु का जीवन और संदेश लाखों लोगों को शक्ति का देता है। गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाशोत्सव राज्य में हर्षाेल्लास व श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार भव्‍य पांडाल नहीं सजाए गए। गुरुद्वारों में सूक्ष्‍म आयोजन कर श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे में माथा टेक राज्य की खुशहाली के लिए अरदास कराई। गुरूद्वारे परिवार की और से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि जब भी धर्म पर संकट आया महापुरुषों ने जन्म लेकर उसकी रक्षा की। गुरु गोविंद सिंह का सिख धर्म में अमूल्य योगदान है। वे सत्य और धर्म की रक्षा के मार्ग पर चलने वाले सच्चे दिव्यात्मा थे। त्याग और बलिदान के साथ ही दृढ़ संकल्प का अद्भुत रूप गुरू गोविंद सिंह में था। गुरू गोविंद सिंह में गुरू नानक देव की दसवीं ज्योति प्रकाशमय हुई। जिस वजह से इन्हें दसवीं ज्योति भी कहा जाता है। वह साहस, करुणा और उदारता के प्रतीक थे। दलितों की सेवा करने के उनके प्रयासों को दुनिया भर में व्यापक रूप से सम्मानित किया जाता है। हमारा समाज उनकी शिक्षाओं और बलिदानों का ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शासन-प्रशासन ने अपनी तरफ से आमजन की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए हुए हैं। कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन करें। आम जनमानस की जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि मास्क पहनकर ही घर से निकले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान भी हमें इन बातों का ध्यान रखना होगा।

गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर प्रकाश पर्व का उल्लास
हर वर्ष गुरु गोविंद सिंह की जयंती 9 जनवरी को मनाई जा जाती है। प्रकाश पर्व के इस अवसर पर देश में खुशी और उल्लास का माहौल है। सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँष् का उद्घोष करने वाले गुरु गोबिंद सिंह जी मानव रूप में सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। बिहार के पटना साहिब में जन्मे गुरु गोविंद सिंह का बचपन का नाम गोबिंद राय था, उनके पिता, नौवें गुरु थे। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद, नौ साल की उम्र में उन्हें श्गुरु गद्दीश् में विराजमान किया गया था। गुरु गोविंद सिंह की जयंती के अवसर पर प्रभात फेरी निकाली जाती है गुरुद्वारों में सबद, कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन होता है।

हरिद्वार संवाद में बोले सीएम, आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रेक्षागृह में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित ’’हरिद्वार संवाद’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आगामी मार्च 2022 तक अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों के आयोजनों की योजना बनाई गयी है, जिसमें लगातार नये-नये विचारों की श्रृंखला सामने आ रही है। ऐसे आयोजनों से अमृत निकलेगा, गति मिलेगी तथा रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी संस्कृति के उत्थान के लिये जो प्रयास किये हैं, वे अतुलनीय हैं। केदारपुरी का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि केदारपुरी में 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ है। केदारपुरी में आस्था पथ बन चुका है तथा चिकित्सालय व अतिथि गृह आदि बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं तथा तीसरे चरण के कार्यों का प्रारम्भ आगामी अप्रैल, 2022 तक हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ का मास्टर प्लान बन गया है, जिसके लिये 250 करोड़ रूपये की स्वीकृत हो चुके हैं तथा वहां भी जल्दी ही कार्य प्रारम्भ होगा।
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ का उल्लेख करते हुये कहा कि काशी में काफी अंतर आया है। पहले गंगा घाट से रास्ता नहीं मिलता था, आज वह संकरा रास्ता, हाईवे का रूप धारण कर चुका है। आज काशी दिव्य व भव्य बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मैं 1998 के बाद विगत दिनों अयोध्या गया था, अयोध्या दुनिया के नक्शे का प्रमुख स्थान होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम राज्य स्थापना का 25वां वर्ष मनायेंगे, उस समय हमारा उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि रोज हम उत्तराखण्ड व उत्तराखण्ड की जनता के लिये फैसले ले रहे हैं तथा साथ ही उनका शासनादेश भी निकाल रहे हैं, उन योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। यह हम सबकी सामूहिक यात्रा है।
इस अवसर पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज ने कहा कि कुछ पल ऐतिहासिक होते हैं। यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। केदारनाथ, बद्रीनाथ तथा काशी का कायाकल्प हुआ है। जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेतृत्व कर रहे हैं, उससे सभी उत्साहित हैं।
इस मौके पर महंत देवानंद सरस्वती, पदम, स्वामी चिदानन्द मुनि, महानिर्वाणी के महंत रविन्द्रपुरी आदि ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

तीर्थनगरी पहुंचने पर अंतर्राष्ट्रीय संत जगतगुरू डॉ रामकमल वेदांती महाराज‌ का स्वागत

वृंदावन से अंतर्राष्ट्रीय संत जगतगुरू डॉ रामकमल वेदांती महाराज‌ आज श्री भरत मंदिर हृषिकेश नारायण पहुंचे। जहां ऋषि कुमारों द्वारा उनका वेद मंत्रों के द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने भरत मंदिर पहुंचकर संत शिरोमणि जगद्गुरु डॉ राम कमल दास वेदांती महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने उन्हें गोमुख से लाया हुआ पवित्र जल भेंट स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर वेदांती महाराज ने कहा कि महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज के द्वारा उत्तराखंड में युवाओं संतो के द्वारा नई ऊर्जा नई उमंग के साथ सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, भरत मंदिर सोसायटी के प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, ललित मोहन मिश्रा, अभिषेक शर्मा, जितेंद्र प्रसाद, विवेक गोस्वामी, दीपक दरगन, दिनेश रावत आदि लोग उपस्थित रहे।

पंडित रवि शास्त्री को चादर पहनाकर सौंपी महंताई, संतों की मौजूदगी में हुआ पट्टाभिषेक

आज मुनिकीरेती स्थित श्री दर्शन महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव के दौरान सभी संत महात्माओं की अगुवाई में पंडित रवि शास्त्री जी महाराज का पट्टाभिषेक किया गया। इस अवसर पर पंडित रवि शास्त्री जी को तुलसी मानस मंदिर का महंत घोषित किया गया।

आज दर्शन महाविद्यालय के समापन समारोह के शुभ अवसर पर बैकुंठ वासी राघवाचार्य जी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर सभी महामंडलेश्वर महंतों के द्वारा एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के संयुक्त तत्वाधान में आज पंडित रवि शास्त्री जी को महंताई चादर पाकर उन्हें महंत घोषित किया। महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज ने कहा कि आज से पंडित रवि शास्त्री जी का नया नाम महंत रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज के नाम से कहलाया जाएगा। उन्हें आज संत समाज के द्वारा उनका रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज के नाम से संबोधित किया जाएगा।

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल जी ने नए वर्तमान बने महंत रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज को बधाई देते हुए कहा कि आज जहां हम अपनी संस्कृति विरासत को होते जा रहे हैं वहीं इस समय युवा संतो के द्वारा हमारी संस्कृति विरासत को यह युवा संत आगे निकली।

इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास जी महाराज, महामंडलेश्वर गुरुचरण मिश्र, महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज, महंत अखंडानंद जी महाराज, महंत मनोज प्रपन्नाचार्य जी महाराज, महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज, महंत कृष्णानंद जी महाराज, रामानुजाचार्य, गोपालाचार्य, महंत लोकेश दास, दर्शन महाविद्यालय के अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल, सचिव संजय शास्त्री, कोषाध्यक्ष राजीव लोचन, माधव मैथानी, शांति प्रसाद मैणानी, कमल डिमरी, कुमार अरोड़ा, इंद्र कुमार गोदवानी, गुरु प्रसाद बिजल्वाण आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री परिषद में पीएम मोदी को धामी ने दिलाया विश्वास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्य की ओर से बेस्ट प्रैक्टिस के तहत उत्तराखण्ड होम स्टे पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने, नये पर्यटन स्थलों को विकसित करने, पर्यटकों को राज्य की संस्कृति से परिचित कराने एवं पलायन को रोकने के उद्देश्य से राज्य में होम स्टे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। होम स्टे के तहत राज्य में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रूपये तक पूंजी सहायता एवं ब्याज सहायता 1.50 लाख तक दी गई है। 5 वर्षों हेतु राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
राज्य में 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। 14.53 करोड़ की पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। इस योजना से 8 हजार से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। राज्य सरकार द्वारा होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेब-साईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निःशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निःशुल्क भागीदारी एवं गुणवत्ता निर्धारण हेतु सरकार द्वारा ग्रेडिंग की सुविधाएं दी जा रही हैं।
राज्य में सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने एवं एवं पर्वतारोहण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना हेतु वित्तीय अनुदान की व्यवस्था है। इस योजना के तहत अक्टूबर 2021 तक 120 लाभार्थियों को 3.20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।
सुशासन सम्मेलन के दौरान उत्तराखण्ड की ओर से अटल आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पी.एम.स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना एवं स्वामित्व योजना पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि अटल आयुष्मान योजना के तहत राज्य में 45.22 लाख आयुष्मान कार्ड निर्गत किये जा चुके हैं। कार्डों का वितरण निःशुल्क किया जा रहा है। चिकित्सालयों को एक सप्ताह के अन्दर भुगतान किया जा रहा है। शिकायतों के निवारण हेतु 155368 टोल फ्री कॉल सेंटर की सुविधा एवं पर्वतीय अंचल के चिकित्सालयों हेतु पैकेज दरों के अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के तहत फेज-1 में 12662 लाभार्थियों को चयनित किया गया जिसके सापेक्ष 12427 आवास पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 में भारत सरकार से 16472 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है, जिस पर कार्यवाही गतिमान है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को बर्तन खरीद हेतु प्रति लाभार्थी 5 हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को राज्य सरकार द्वारा भूमि पट्टा आवंटित किया जा रहा है। आवासीय कालोनियों के विकास के लिए बिजली, पानी, सड़क, नाली की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बी.एल.सी. के तहत 3802, सी.एल.एस.एस के तहत 13287 एवं ए.एच.पी के तहत 464 आवासों की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को धनराशि का वितरण किया जा रहा है। आवासों की जियो टैगिंग की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बी.एल.सी. के तहत 50 हजार रूपये एवं ए.एच.पी के तहत 1 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। निशुल्क भू-उपयोग परिवर्तन की व्यवस्था की गई है। पीएमएवाई के लाभार्थियों हेतु 50 वर्ग मीटर नजूल भूमि के निःशुल्क आवंटन की व्यवस्था की गई है।
पी.एम. स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 11543 स्वीकृत आवेदनों में से 10101 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को 02 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जा रहा है एवं स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
स्वामित्व योजना के तहत राज्य में 2409 ग्रामों के 102291 अभिलेख तैयार किये गये हैं। जिसमें से 98236 अभिलेख वितरित किये गये हैं। इस योजना के तहत चार जनपदों पौड़ी गढ़वाल, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार एवं देहरादून में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष जनपदों में सर्वेक्षण कार्य की प्रक्रिया गतिमान है।

काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता देखते ही बन रही-मोदी

भारत की सभ्यागत धरोहर की जीवटता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि औरंगजेब जैसे आततायियों ने इस धरोहर को ध्वस्त करने के प्रयास किए, लेकिन आतंक के वे पर्याय इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गए, जबकि पवित्र नगरी काशी अपने गौरव को फिर से नई भव्यता दे रही है। काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि भारत सदियों की गुलामी से उत्पन्न हीनभावना से बाहर निकल रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि नया गलियारा देश को एक निर्णायक दिशा देगा तथा इसे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। देश के एक नए इतिहास के रचनाकाल से गुजरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। और अंग्रेजों के दौर में भी, (ब्रिटिश गर्वनर जनरल) वारेन हेस्टिंग्स का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। आततायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए!
उन्होंने काशी की धरोहर के वैभव का जिक्र करते हुए कहा, कितनी ही सल्तनतें उठी और मिट्टी में मिल गई लेकिन बनारस बना हुआ है। मोदी ने कहा, औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है… जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की! लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घघोष करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, देखिए, कैसे समय बदल गया। आज, आंतक के पर्याय रहे लोग इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गये, जबकि काशी आगे बढ़ रही है और वह अपने गौरव को फिर से नयी भव्यता दे रही है।

कई इतिहासकारों का मानना है कि औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर एक मस्जिद बनाने का आदेश दिया था। मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए रानी अहिल्याबाई होल्कर और मंदिर के गुंबद पर स्वर्ण आवरण (प्लेटिंग) चढ़ाने को लेकर सिख शासक रणजीत सिंह की सराहना की। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का पूरा परिसर महज एक भव्य भवन नहीं है बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, इसकी आध्यात्यिमक आत्मा और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि भारत राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम बना रहा है तो वह समुद्र में हजारों किमी लंबी ऑप्टिकल फाइबर भी बिछा रहा है, गरीबों के लिए लाखों मकान बना रहा है और लोगों को अंतरिक्ष में भेज रहा है।
उन्होंने बौद्ध और सिख तीर्थ यात्रा केंद्रों के लिए किये गये कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन और नवीनता का समन्वय है। यह हमारी ताकत का और इस बात का भी गवाह है कि यदि एक दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लिए निरंतर प्रयास करने की भी अपील की। मोदी ने गुलामी की लंबी अवधि का उल्लेख करते हुए कहा, इसने हमारे विश्वास को इस कदर तोड़ दिया कि हमने अपनी सृजन क्षमता में विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा, आज इस हजारों साल पुरानी काशी से मैं हर देशवासी से पूरे विश्वास के साथ सृजन और नवोन्मेष करने की अपील करता हूं।
उन्होंने काशी के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगर अविनाशी है और यह भगवान शिव के संरक्षण में है। मोदी ने भव्य मंदिर परिसर के निर्माण कार्य में शामिल श्रमिकों का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने उनसे मुलाकात की और उन पर फूल बरसाए। बाद में उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने भाषण के बीच में स्थानीय बोली का भी उपयोग किया।

देश ने एक रक्षा रणनीतिकार और सच्चे देशभक्त को खोया-विस अध्यक्ष

देश के पहले सीडीएस रहे जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में वीआईपी घाट पर गंगा में विसर्जित की गई। इस दौरान विस अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने अस्थियों पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर जनरल रावत की दोनों बेटियां कृतिका एवं तारिणी ने अपने पिता एवं मां की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया। रावत परिवार के हरिद्वार पहुंचने पर पंडितों ने गंगा घाट पर पारंपरिक पूजन किया, इसके बाद अस्थियां गंगा में प्रवाहित हुईं। विधानसभा अध्यक्ष ने जनरल बिपिन रावत की दोनों पुत्रियों से एवं परिजनों से मिलकर अपनी सांत्वना व्यक्त की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश ने एक रक्षा रणनीतिकार और सच्चे देशभक्त को खो दिया है। मैं जनरल रावत को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सलाम करता हूं।