चार धाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए सभी विभाग बनाए समन्वयः गढ़वाल कमिश्नर

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्हांनें यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूर्ण करने, यात्रा रूट की सड़कों को 30 अप्रैल से पूर्व चाक चौबन्ध करने, पार्किंग क्षमता बढाने, पैदल मार्ग का सुधारीकरण, स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाएं, हेली सर्विस आरटीसी के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की पहली बैठक में बीते यात्रा वर्ष की कार्ययोजना के परिणामों की समीक्षा आगामी बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम और हेमकुंट साहिब यात्रा की तैयारियों के विषय में मंथन हआ। बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा से संबंधित सभी विभाग 15 अप्रैल तक यात्रा तैयारियां पूर्ण करें और कार्यप्रगति से अवगत करायें।

आयुक्त गढ़वाल मंडल ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा रूट की सड़के, पैदल मार्ग अच्छे रहें, आपदा के दृष्टिगत आपदा संभावित क्षेत्र के आस पास आपदा बचाव के साधन एवं आधुनिक उपकरण की व्यवस्था रहे। यात्रा रूट एवं पैदल मार्ग पर शौचालय, गर्म पेयजल, आदि की बेहतर सुविधा रहे।

उन्होने संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस दुर्घटना संभावित क्षेत्र का चिन्हीकरण के जिलाधिकारियों को 1 सप्ताह की भीतर सूचना देंगे, तथा जिलाधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों पर सुधारीकरण के निर्देश दिए। बीमार घोड़े, खच्चर का रजिस्ट्रेशन न हो तथा जानवरों के लिए चिकित्सा सुविधा एवं शेल्टर रहे।

आयुक्त गढवाल मण्डल ने निर्देश दिए कि यात्रा रूट पर मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन ना चलाए इसकी जांच की जाए ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। टैक्सी, होटल, भोजन की निर्धारित दर चस्पा रहें। शटल सेवा के लिए आउटसोर्स पर कार्मिक रखे, यात्रा मार्गों परिवहन विभाग द्वारा मोटर साइकिल ग्रुप भी रखे जा रहे हैं।

आयुक्त गढ़वाल ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में जिन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा रही है, उनका रोस्टर तय करें। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से सम्बन्धित जनपदों के सीएचसी, पीएचसी चिकित्सालयों के चिकित्सकों की ड्यूटी चारधाम यात्रा में न लगाई जाए, वे अपने चिकित्सालयों में ही बने रहेंगे। यात्रा सीजन में प्रत्येक रूट पर सफाई व्यवस्था रहे, प्रत्येक शौचालय में पानी रहे तथा 24 घंटे सफाई हेतु कार्मिक तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई हेतु एक शौचालय में 3 व्यक्तियों की ड्यूटी रहे जो 8-8 घंटे की ड्यूटी पर रहेंगे। पेट्रोल पंप पर शौचालय, पानी की सुविधा के साथ साफ रहें, जिलाधिकारी निर्देशित करें।

यात्रा रूट पर उरेडा के पावर हाउस एक्टिवेट रहें। यूपीसीएल के पावर कट के दौरान प्रभावी बैकअप रहे। पावर कट के दौरान त्वरित रिस्पॉन्स रहे। पूर्ति विभाग यात्रा के दौरान पेट्रोल, डीजल, गैस की आपूर्ति पर फर्क न पड़े। पूर्ति विभाग योजना पर काम करें। बीएसएनएल कॉनेक्टिविटी प्रभावी रखें। यूकाडा हैली टिकेट ब्लैक पर रोक लगाने हेतु सम्बन्धित कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य योजना बनाएं, टिकेट बुकिंग वेबसाइट का प्रचार प्रसार कराएं। यूटीडीबी यात्रा रजिस्ट्रेशन के दौरान चारधाम यात्रा खुलने की तिथि, विभिन्न सुविधाओं हेतु की बुकिंग के लिए दी गई, वेबसाइट, का विवरण, यात्रा हेतु बनाए गए विभिन्न कंट्रोल रूम के नंबर, एवं आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सेवाओं सहित सम्बन्धित अधिकारियों के नंबर चस्पा रहें। बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वीआईपी दर्शन के स्लॉट दिए जाएं, समय वर्णित रहे।आईजी गढ़वाल के एस नग्याल ने आपदा के दृष्टिगत बेहतर तैयारी रखने, चारधाम यात्रा मार्गों पर सुगम यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

आदि कैलाश की यात्रा के दौरान पर्यटकों को मिले उचित सुविधाः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश अथवा छोटा कैलाश, ओम पर्वत, पार्वती सरोवर पवित्र धार्मिक स्थलां के दर्शनों के लिए हैली सेवाएं प्रारम्भ की जा रही हैं। आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन पर्यटकों द्वारा जौलिंगकौंग एवं नाबीढांग से कराये जाने की योजना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विषम मौसम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अत्यधिक ठण्ड व विषम मौसम के कारण सर्दियों के दौरान छः माह में यहां के नागरिकां के पास कोई व्यवसायिक गतिविधियां न होने के कारण उन्हें मजबूर होकर निचले क्षेत्रों में आजीविका हेतु पलायन करना पड़ता है, जबकि सामरिक दृष्टिकोण, धार्मिक पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के कारण इस क्षेत्र में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देकर एक ओर जहां इस क्षेत्र में वर्ष पर्यन्त नागरिकां की उपस्थिति से न केवल सामरिक दृष्टिकोण अपितु वहीं दूसरी ओर एक नया शीतकालीन पर्यटन गन्तव्य व उत्पाद केन्द्र तैयार कर स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने तथा राजस्व अर्जित का प्रमुख स्रोत विकसित हो सकता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि हैली सेवाएं प्रारम्भिक रूप से छः माह के लिए संचालित किये जाने का प्रस्ताव है एवं छः माह के उपरान्त यात्रा संचालन का व्यापक परीक्षण कर भविष्य में इस योजना को नियमित रूप से यात्रियां/पर्यटकों के लिए संचालित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की कार्ययोजना पर गम्भीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल तथा पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अच्छी खबरः चंपावत के आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ की बड़ी उपलब्धि, उत्तराखंड को पहली बार मिला एनक्यूएएस नेशनल सर्टिफिकेशन पुरस्कार

देहरादून। राज्य के चंपावत जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ को स्वास्थ्य सेवा में बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आष्वासन मानक (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन दिया गया है। उत्तराखंड के किसी स्वास्थ्य केंद्र को पहली बार यह पुरस्कार मिला है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए गैरीगोठ टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेष के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनके मुताबिक प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।

हर मानकों पर फिट रहा केंद्र
राष्ट्रीय गुणवत्ता आष्वासन मानक के तहत गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात की देखभाल, किशोर अवस्था के दौरान स्वास्थ की देखभाल गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएँ और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ, संचारी रोगों का प्रबंधनः राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन और गंभीर साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाहा रोगी देखभाल, गैर-संचारी रोगों और टीबी और कुष्ठ रोग जैसी पुरानी संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, सामान्य नेत्र एवं ईएनटी समस्याओं की देखभाल आदि मानक तय किये जाते हैं। इनके आधार पर ही एनक्यूएएस सर्टिफिकेषन किया जाता है।

02 लाख 16 हजार की मिलेगी धनराशि
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया ने कहा राष्ट्रीय गुणवत्ता अस्वाशन मानकों को प्राप्त करने के लिए विगत 01 वर्ष से प्रयास किया जा रहा था। औषधियों की कमी, उपकरणों, लैब जाँच की सुविधा न होना, प्रषिक्षण, बजट की आपूर्ति इत्यादि। जिसके लिए समय-समय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया ने कहा इसके साथ ही प्रषिक्षण हेतु राज्य स्तर एवं रीजनल कुमांऊ मंडल रुपेश मंमगाईं द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। आयुष्मान आरोग्य मन्दिर गदिगोठ से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संजय सामंत एवं उनकी पूरी टीम ए०एन०एम०, आशाओं के भरकस प्रयत्नों के उपरान्त ही राष्ट्रीय गुणवत्ता अस्वाशन मानकों का प्रमाणीकरण की अहर्ता प्राप्त की गयी है। जिसका उद्देश्य आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना जिससे जन समुदाय को निम्नांकित प्रकार की गुणवत्ता युक्त सेवाओं का लाभ मिल सके। स्टेट क़्वालिटी नोडल ऑफिसर- Quality Assurance Program डॉक्टर मुकेश राय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीकोठ को दो लाख सौलह हजार की धनराशि से सम्मानित किया जायेगा। जनमानस को गुणवत्तापूर्व इलाज देने के लिये राज्य निरंतर प्रयारत है।

गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर पर फोकस
स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेष कुमार ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। राज्य के सभी अस्पतालों में बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता में वृद्धि तथा गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर की बढ़ती मांग के चलते हमें निरंतर बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र का भी सहयोग ले रहे हैं। सरकार व निजी क्षेत्र के सम्मिलित प्रयासों से हम हर क्षेत्र तक स्तरीय हेल्थकेयर सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जन-समुदाय के जीवन की गुणवत्ता को भी सुधार करने को प्रयासरत हैं। राज्य सरकार ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज, हर्रावाला देहरादून स्थित 300 बेड के सुपर स्पेशलिटी कैंसर अस्पताल, मोतीनगर हल्द्वानी स्थित 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, हरिद्वार स्थित 200 बेड के एमसीएच सेंटर को लीज-ऑन एंड ट्रांसफर मॉडल पर निजी क्षेत्र के सहयोग से संचालित करने का निश्चय किया है।

गौरतलब है कि क्यालिटी एश्योरेंस मानकों के तहत चिकित्सा इकाइयों को गुणवत्ता एवं उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य स्तर से निरंतर सहयोग प्रदान किया जाता है। जिला क्वालिटी एश्योरेंस टीम एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ की टीम के फैसीलिटीइंचार्ज, नर्सिंग टीम एवं हाउसकीपिंग टीम ने यह सर्टिफिकेषन प्राप्त करने में अहम योगदान दिया है।

सीएम ने हरिद्वार से अयोध्या आस्था स्पेशल ट्रेन का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन से 1504 श्रद्धालु प्रथम रवानगी में अयोध्या पहुँचेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरिद्वार से अयोध्या के मध्य आस्था स्पेशल ट्रेन के संचालन की शुभकामनाएं देते हुए ट्रेन के संचालन पर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ट्रेन के संचालन से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून सहित गढ़वाल व कुमाउं क्षेत्र के रामभक्तों को सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हम सभी ने कितना संघर्ष किया, अब हमें उस संघर्ष का प्रतिफल प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार में मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के लिए चलाए गए आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। उन्होंने कहा कि जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से वर्षों पुराना ये स्वप्न साकार हुआ, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की भांति जुड़ी हुई है, मैं उन सभी लोगों को नमन करता हूँ, उनका वंदन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने भगवान भास्कर के सानिध्य में सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचा है। अब सदियों का इंतजार समाप्त हो गया है और हर कोई अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन करने को लालायित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं स्टेशन में प्रवेश कर रहा था तो राम भक्तों के चेहरों पर जो भाव देख रहा था, उन्हें शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। सभी रामभक्त वर्षों पुराने स्वप्न को सच होते देखने के लिए अयोध्या जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आस्था, श्रद्धा, और संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के मंत्र को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और इस लक्ष्य में हमें आप सभी का सहयोग व समर्थन चाहिए।

इस अवसर पर महानिर्वाणी के सचिव रविन्द्र पुरी, महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश, पदम जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री व नगर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, जिला महामंत्री विकास तिवारी, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, एडीएम (प्रशासन) पीएल शाह, डीआरएम राजकुमार, एसडीएम अजय वीर सिंह, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी रेलवे सरिता डोबाल, नितिन गौतम, उज्ज्वल पंडित, जगदीश लाल पाहवा सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम के शासनादेश के बाद अब पवलगढ़ कहलाएगा सीतावनी कंजर्वेशन

उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार ने श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के पवलगढ़ कंजर्वेशन रिज़र्व का नाम बदल कर सीतावनी कंजर्वेशन रिज़र्व रख दिया है। सीतावनी कंजर्वेशन रिज़र्व में माँ सीता का पौराणिक मंदिर और महा ऋषि वाल्मीकि आश्रम है जिसकी देखरेख भारतीय पुरातत्व विभाग करता है और यहां जाने की अनुमति वन विभाग देता है।

उत्तराखंड की धामी सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जिसने एक संरक्षित क्षेत्र का नाम माँ सीता के नाम पर रखा है। ये जंगल 5824.76 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है जो टाईगर, हाथी, पक्षी व तितलियों के लिए प्रसिद्ध हैं । यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थ यात्री भी जाते है।

इस जंगल को सीतावनी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने की मांग, राम नगर और आसपास के कई छोटे बच्चो ने पत्र लिख कर मुख्यमंत्री धामी से की थी, जिस पर वन विभाग के अधिकारियों को सीएम धामी ने निर्देशित किया था, जिस पर आज शासनादेश जारी कर दिया गया।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रभु राम का उत्तराखंड की देव भूमि से संबंध रहा है इसी क्रम में पवल गढ़ कंजर्वेशन रिज़र्व का नाम बदल कर अब सीतावनी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बच्चों ने व स्थानीय लोगों द्वारा पत्र लिख कर अनुरोध भी किया था उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है।

मानसखण्ड मंदिर माला मिशन, अप्रोच सड़क के चौड़ीकरण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले मंदिरों से़ अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जोड़ने के लिए 15 अप्रैल से एक रेल सेवा मानसखण्ड एक्सप्रेस प्रारम्भ किये जाने पर कार्य चल रहा है। यह रेल सेवा कोलकाता से टनकपुर तक संचालित की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए टनकपुर से पूर्णागिरी, हाटकालिका, पाताल भुवनेश्वर, जागेश्वरधाम, गोल्ज्यू देवता मंदिर, नन्दा देवी, कैंची धाम आदि मानसखण्ड मंदिर माला के अन्य मंदिरों तक स्थानीय बस व अन्य परिवहन सेवाओं को संचालित किया जाएगा। केएमवीएन के अतिथि गृह, होम स्टे, स्थानीय होटल आदि तथा हुनर योजना के तहत प्रशिक्षित स्थानीय गाइड्स पर्यटकों के आतिथ्य में सहयोग करेंगे। पर्यटकों की वापसी के लिए काठगोदाम से कलकता के लिए रेल सेवा उपलब्ध रहेगी। सचिवालय में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत मंदिरों को जोड़ने वाली अप्रोच रोड्स के चौड़ीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी को पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत चिहिन्त कुमाऊँ मण्डल के सभी 16 मंदिरों के अलग-अलग मास्टर प्लान अनुमोदित हो चुके हैं। इनमें से 9 मंदिरों की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इनमें से अधिकांश मंदिरों का शिलान्यास जल्द हो जाएगा। मंदिरों के सौन्दर्यीकरण एवं विकास का कार्य कलस्टर अप्रोच के साथ किया जा रहा है। एसीएस रतूड़ी ने मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले सभी मंदिरों सौन्दर्यीकरण के साथ ही इनसे जोड़ने वाली अप्रोच रोड के चौड़ीकरण के कार्याे को भी साथ-साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को सिंगल लाइन सड़कों को डबल लाइन में बदलने के कार्याे को जल्द समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने संस्कृति विभाग को राज्य की ऐतिहासिक विरासतों, मंदिरों आदि के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु हेरीटेज एक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे सहित संस्कृति, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने हरिद्वार के सौंदर्यकरण के लिए की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान हर की पैड़ी पर गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की प्राचीन व पौराणिक शक्ति पीठां से सीधा सम्बन्ध रखने वाले सतीकुण्ड को शीध्र ही विश्व स्तरीय संरचना देकर भव्य स्वरुप में विकसित किये जाने, हर की पैड़ी में गंगा आरती के दौरान लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से गंगा के अवतरण का तीर्थ यात्रियों के बीच प्रदर्शन की व्यवस्था किये जाने, हरकी पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों पर फसाड़ लाईटिग की व्यवस्था किये जाने की घोषणएं की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर क्षेत्रांतर्गत हर की पैड़ी पर गंगा आरती में प्रतिभाग के दौरान तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु कई सौगाते दी। उन्होने कहा कि प्राचीन शक्ति पीठो से सीधा सम्बन्ध रखने व हिन्दु धर्म के प्रसार के पुरातन केन्द्र के रुप में प्रसिद्व स्थाल सतीकुण्ड को शीघ्र ही विश्वस्तरीय संरचना के तहत भव्य रुप दिया जायेगा। उन्होने गंगा आरती के दौरान हर की पैड़ी पर एकत्र होने वाले तीर्थ यात्रियों की यात्रा को स्मरणीय बनाने के लिए गंगा अवतरण के दृश्य को लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से गंगा आरती को और अधिक भव्य रुप दिये जाने की बात कही। उन्होने कहा कि हरकी पैड़ी पर गंगा आरती के दौरान प्रत्येक दिन गंगा अवतरण के दृश्य का लाईट, साउंड व लेजर शो के माध्यम से प्रदर्शन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों पर फसाड़ लाईटिगं की व्यवस्था किये जाने की बात कही। कहा कि हरकी पैड़ी के आसपास के पुल केवल कुम्भ के दौरान ही प्रकाशमान होते हैं। जबकि यहां तीर्थ यात्रियों का वर्ष-भर आना-जाना लगा रहता है, इसलिए हर की पैड़ी के आस-पास के सभी पुलों को प्रतिदिन शाम होते ही रंग बिरंगी रोशनी फसाड़ से प्रकाशमान किये जायेंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी परमेन्द्र डोभाल, वीसी एचआरडीए अंशुल सिंह, सीडीओ प्रतीक जैन, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, अध्यक्ष बीजेपी संदीप गोयल सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि व तीर्थ यात्री उपस्थित रहे।

आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए 1658.17 करोड़ की योजना मंजूर

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए ₹1658.17 करोड़ की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री का आभार प्रकट किया है।
योजना के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन विंडो से ₹1079.96 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार राहत के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹126.41 करोड़ और राज्य के बजट से ₹451.80 करोड़ देगी। इसमें पुनर्वास के लिए ₹91.82 करोड़ भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल है।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए स्थानीय उत्पाद खरीदे

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीपावली के पावन पर्व पर नगर के मुख्य बाजारों में पहुंच कर स्थानीय व्यापारियों, खरीददारी करने आए लोगों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी।
शनिवार को दीपावली के पावन अवसर पर मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नगर क्षेत्रों के बाजारों में स्थानीय व्यापारियों, फूल विक्रेताओं, पटाखा व्यापारियों एवं खरीदारी को पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी।
इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल हैं दीपावली, गोवर्धन, भैया दूज की शुभकामनाएं दी। मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए स्थानीय लोगों द्वारा हाथ से निर्मित दीप भी खरीदे।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने दीपावली पर्व पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली, सुख-समृद्धि और उन्नति की भी कामना की। उन्होंने बधाई संदेश देने के दौरान लोगों से स्थानीय उत्पादों को खरीदने की भी अपील की।
इस मौके पर मंत्री अग्रवाल की धर्मपत्नी शशि प्रभा अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष सुमित पवार, पार्षद शिव कुमार गौतम, अरुण बडोनी आदि लोग उपस्थित रहे।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।